Category: Transport

  • जीप कंपास और मेरिडियन फिर हुईं महंगी

    जीप कंपास और मेरिडियन फिर हुईं महंगी

    Stellantis Group (स्टेलंटिस ग्रुप) का हिस्सा Jeep India (जीप इंडिया) ने अपनी Compass (कम्पास) और Meridian (मेरिडियन) एसयूवी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। दोनों मॉडल की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है। जहां जीप कंपास 43,000 तक महंगी हो गई है, वहीं मेरिडियन की कीमत में 3.14 लाख रुपये तक का इजाफा किया गया है। वैरिएंट के आधार पर कीमतें अलग-अलग हैं। अपडेटेड कीमतें अब कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

    Jeep Compass
    जीप कंपास अब सिर्फ तीन ट्रिम्स – स्पोर्ट, लिमिटेड और मॉडल-एस में उपलब्ध है। इसमें लिमिटेड और मॉडल-एस ट्रिम्स पर 4×2 और 4×4 ड्राइव ऑप्शंस मिलते हैं। एंट्री-लेवल स्पोर्ट 4×2 एमटी की कीमत में सबसे कम 29,333 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। जबकि टॉप-स्पेक कंपास मॉडल-एस (ओ) 4×4 एटी ट्रिम पर 43,000 रुपये तक का इजाफा हुआ है। जीप कंपास की कीमत अब 21.73 लाख रुपये से शुरू होती है जो टॉप मॉडल के लिए 32.07 लाख रुपये तक जाती है। दोनों कीमतें एक्स-शोरूम, भारत है।

  • ट्राले ने रोकी दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार

    ट्राले ने रोकी दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार

    फरीदाबाद

    बल्लभगढ़। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बल्लभगढ़ में शुक्रवार सुबह छह बजे लोहे से लदे ट्राले का टायर फट गया। इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। इससे हाईवे पर करीब सात घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
    वाहनों की लाइन बाटा चौक (चार किलो मीटर) तक पहुंच गई। हालांकि बाद में दिल्ली से मथुरा जाने वाले वाहनों को बाटा फ्लाईओवर से सर्विस रोड पर डायवर्ट कर दिया गया। इससे शहर के अंदर भी यातायात प्रभावित हुआ और इस तरह वाहन चालक दिनभर जाम से जूझते रहे। दोपहर दो बजे यातायात पुलिस ने ट्राले को हटाया। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।

    थाना आदर्श नगर प्रभारी कुलदीप ने बताया कि सुबह 6 बजे अनाज मंडी बल्लभगढ़ के पास बने फुटओवर ब्रिज के पास लोहे के गर्डरों से भरा ट्राला पलवल की ओर जा रहा था, तभी ट्राले का टायर अचानक से हाईवे पर फट गया। इससे अनाज मंडी के पास जेसीबी पुल से पहले जाम लगना शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय सभी लोग ऑफिस जाते हैं इसलिए सुबह 8 बजे से ही जाम लगना शुरू हो गया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम व ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर पहुंच कर सबसे पहले जाम की समस्या को दूर करने के लिए वाहनों को सर्विस रोड के जरिए निकालने की कोशिश की लेकिन वाहनों की संख्या ज्यादा होने की वजह से जाम काफी लंबा हो गया। जिसके चलते बाटा फ्लाईओवर और वाईएमसीए फ्लाईओवर को बंद करवाकर सर्विस रोड के जरिए वाहनों को सेक्टरों व बाईपास से पलवल की और रवाना किया गया। जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
    सेक्टर 58 में काफी संख्या में छोटी-बड़ी कंपनियां हैं, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग काम करने आते हैं। शुक्रवार को भी सभी अपने समय अनुसार ऑफिस के लिए निकले थे लेकिन अनाज मंडी के पास जाम होने की वजह से सुबह की बजाए दोपहर को ड्यूटी पर पहुंचे। जिससे कंपनी में उनकी आधे दिन की छुट्टी लगाई गई। सैकड़ों की संख्या में बच्चे सेक्टर-58 के आसपास बने निजी स्कूलों में पढ़ने जाते हैं, वह भी स्कूल देर से पहुंचे। अनाज मंडी के पास जाम होने की वजह से जेसीबी चौक से आगे के निजी स्कूल व सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी देरी से पहुंचे।

    दिल्ली से पलवल जाने वाले नेशनल हाईवे रास्ते पर अनाज मंडी के पास ट्राले का टायर फटने से बल्लभगढ़ की ओर जाने वाले लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस द्वारा दिल्ली से फ्लाईओवर के रास्ते पलवल को जाने वाले वाहनों को फ्लाईओवर के ऊपर से जाने की बजाए नीचे से सर्विस रोड से डायवर्ट करते हुए बाईपास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर कर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस द्वारा बाटा फ्लाईओवर और वाईएमसीए फ्लाईओवर को सुबह 9 बजे से लेकर दो बजे तक पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया।

  • दिल्ली को मिलेंगी 35 पार्किंग, मिली अनुमति

    दिल्ली को मिलेंगी 35 पार्किंग, मिली अनुमति

    नई दिल्ली

    दिल्ली वालों को जल्द ही नई पार्किंग मिलने वाली हैं। दिल्ली नगर निगम दिल्ली में 35 नई पार्किंग बनाने जा रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नई पार्किंग बनाने के लिए कड़ी शर्तों सहित अनुमति दे दी है। सबसे ज्यादा 16 नई पार्किंग पूर्वी दिल्ली में बनाई जाएंगी।

    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर में पार्किंग की समस्या को हल करने और सड़कों के किनारे अनधिकृत पार्किंग को रोकने के लिए दिल्ली नगर निगम ने सतह पार्किंग के निर्माण के लिए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत 95 स्थलों की पहचान की थी। इससे सड़कों पर राइट ऑफ वे (सही दिशा में) पर अवरोधों की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी और यातायात की भीड़ कम करने और बड़े पैमाने पर जनता के लिए उचित और सुरक्षित पार्किंग सुविधा के निर्माण में सहायता मिलेगी ।दिल्ली नगर निगम ने इन 95 चिन्हित स्थलों की भूतल पार्किंग के सृजन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए दिल्ली यातायात पुलिस से संपर्क किया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण कराया। सर्वे के बाद 95 में से 35 स्थानों के लिए सशर्त अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया।

  • एक की अनुमति, चल रहीं 15 बसें, परिवहन निगम को हर रोज लाखों का नुकसान

    एक की अनुमति, चल रहीं 15 बसें, परिवहन निगम को हर रोज लाखों का नुकसान

    बहराइच

    नेपाल सीमा से सिर्फ एक बस को भारत सरकार ने मैत्री बस के रूप में संचालित करने का परमिट दे रखा है। लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस की मिलीभगत से करीब 15 से अधिक बसें यहां मैत्री बस सेवा के नाम पर चलाई जा रहीं हैं। रोडवेज की बस बिना यात्रियों के खाली फराटा भर रही है और रोज लाखों का नुकसान हो रहा है। एआरएम ने एआरटीओ को बीते सात जुलाई को पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन हुआ कुछ नहीं।

    नेपाल से सटा रूपईडीहा कस्बा डग्गामार वाहनों का गढ़ बनता जा रहा है। नेपाल-भारत मैत्री सेवा के नाम पर अवैध तरीके से 15 बसों का संचालन अधिकारियों के नाक के नीचे किया जा रहा है। वहीं अन्य मांर्गो पर भी गैर प्रांतों की टूरस्टि बस परमिट के नाम पर साठगांठ कर से बसों का खुलेआम संचालन रहा है। रूपईडीहा डिपो अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा घोषित किया गया था।

    मौजूदा समय में डिपो से लखनऊ, कानपुर, हरिद्वार, दिल्ली, वाराणसी, सीतापुर समेत अन्य मार्गो पर निगम की बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन यहीं से ठीक रूपईडीहा थाने के सामने से संचालित टैक्सी स्टैंड से दो दर्जन से अधिक गैर प्रांतों की टूरिस्ट बसें जयपुर, हरिद्वार, दिल्ली, पंजाब आदि प्रांतों के लिए जातीं हैं।

    इसके अलावा नेपाल-भारत मैत्री सेवा के तहत महज एक बस का संचालन नेपाल से होने पर संधि बनीं थी। इसके बावजूद बस संचालक दोनों देशों की संधि को धता बताते हुए अवैध तरीके से खुलेआम 15 बसों का संचालन नेपाल से हरिद्वार व दिल्ली के लिए कर रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री व परिवहन आयुक्त का सख्त निर्देश है कि इस तरह की बसों के संचालन पर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए, लेकिन खाकी की हनक के आगे जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।

    हर फेरे के तय दाम
    पुलिस व परिवहन विभाग से जुड़े सूत्र बताते है कि सीमा से बिना परमिट के जिन बसों का संचालन होता है, उनको हर फेरे के दाम संबंधित विभागों को देना होता है। हाल यह है कि एआरटीओ की टीम से जुड़े लोग सुबह से लेकर शाम तक इन बस स्टैंड के आसपास सक्रिय रहते हैं। यह स्टैंड भी अवैध है। लेकिन माेटी कमाई के चलते इन पर कभी कोई कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाता है।

    कार्रवाई को लेकर है लिखा पत्र
    रूपईडीहा डिपो के प्रभारी एआरएम ठेकन राम का कहना है नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध बसों के संचालन को लेकर बीते 7 जुलाई को एआरटीओ को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। अभी तक कार्रवाई की जानकारी नहीं हैं। पुन: कार्रवाई को लेकर पत्र भेजा जाएगा। बसें बिना यात्रियों के जाती है और राजस्व का नुकसान होता है।

    13 वाहनों का कर चुके हैं चालान
    एआरटीओ प्रवर्तन ओपी सिंह कहते हैं रूपईडीहा के पास नेपाल सीमा व उसके आस-पास के इलाकों में निरंतर अभियान चलाया जाता है। इस दौरान सही पाने पर वाहन को छोड़ दिया जाता है और गलत पाने पर चालान की कार्रवाई की जाती है। एक माह में 13 वाहनों का चालान किया जा चुका है। मैत्री सेवा के नाम पर चल रही बसों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।

  • एक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट,  – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

    एक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट, – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में रविवार को बारिश थमने से राहत तो मिली, लेकिन अगले चार दिन बादल बरसने का दौर जारी रहेगा। 27 जुलाई तक का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 29 तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। इससे दुश्वारियां फिर बढ़ेंगी। उधर, पिछले दिनों खराब रहे मौसम के चलते जिला कुल्लू समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। बिजली और पानी की आपूर्ति कई क्षेत्रों में बाधित है।

    प्रदेश में 696 सड़कें, 1,052 बिजली के ट्रांसफार्मर और 370 पेयजल योजनाएं अभी ठप हैं। मनाली-कुल्लू नेशनल हाईवे क्लाथ तक बहाल हो गया है। अब कुल्लू से मनाली तक सिर्फ आठ किमी में हाईवे की बहाली का कार्य शेष है। हालांकि, शिमला से किन्नौर और डलहौजी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल हो गए हैं। रविवार को शिमला जिला के अलावा मंडी, सुंदरनगर, बल्ह, नाचन, सराज और धर्मपुर में हल्की हुई। कुल्लू में धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। शनिवार रात को भूतनाथ पुल के समीप एक पेट्रोल पंप को भूस्खलन से क्षति पहुंची है।

    दारचा-शिंकुला मार्ग, नेशनल हाईवे-505 ग्रांफू से काजा वाहनों के लिए अभी बंद हैं। कुल्लू में ब्यास नदी में बही पंजाब रोडवेज की बस को दूसरे दिन भी नहीं निकाला जा सका है। आईएमडी के उपनिदेशक ने बताया कि कई इलाकों में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई। रविवार को न्यूनतम तापमान भरमौर में 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया तो अधिकतम तापमान धौलाकुआं में 29.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

    रविवार को भी सुक्खू सक्रियओकओवर बुलाए तीन मंत्री

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को मंत्रियों के साथ राहत कार्यों पर चर्चा की और अपडेट लेते रहे। सीएम ने अपने सरकारी आवास ओकओवर में मंत्री बुलाए। सीएम सुक्खू ने मंत्रियों से कहा कि सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाने में किसी तरह की समस्या न हो। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को भी निर्देश जारी करने को कहा। संपर्क सड़कों की शीघ्र बहाली के आदेश भी दिए।

    इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन मौजूद रहे। मंत्रियों ने अपने-अपने महकमों के कार्यों पर भी सीएम ने चर्चा की। मुख्यमंत्री में फल मंडियों में उपजे विवाद पर भी चर्चा की। कैबिनेट बैठक में अपने महकमों से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडे लाने को कहा सीएम ने मंत्रियों से कैबिनेट बैठक में अपने महकमों से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडे लाने को कहा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक 25 जुलाई को बुलाई गई है।

    5115 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान निरीक्षणकर दिल्ली लौट गई केंद्र से आई टीम

    हिमाचल में नुकसान का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम लौट गई है। प्रारंभिक आकलन में अब तक 5115.83 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, जिलों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट आने का सिलसिला जारी है। इसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह नुकसान का आंकड़ा आठ हजार करोड़ से ऊपर जाएगा।

    सोमवार को टीम केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान के मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। हिमाचल में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। सरकार चाहती है कि जल्द ही आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि की पहली किस्त जारी हो जाए।

    जल प्रलय से सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। अब तक विभाग ने 1666.58 करोड़ रुपये नुकसान का आकलन कर लिया है। वहीं, जल शक्ति विभाग को भी अब तक 1475.69 करोड़ रुपये नुकसान का आकलन कर लिया गया है। इसके अलावा अन्य विभागों को भी भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ से 158 लोगों की मौत हुई है। 606 घर ढह गए जबकि, 5363 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 1648 गोशलाएं भी ढहने से सैकड़ों पशुओं की मौत हुई है।

    आपदा राहत कोष में अंशदान 16.50 करोड़ रुपये के पार

    हिमाचल प्रदेश आपदा राहत कोष-2023 में 16 जुलाई से 22 जुलाई तक प्रदेशवासियों, विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं ने 16.50 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान किया है। यह जानकारी राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने दी है। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी उपायुक्तों को राहत कार्यों के लिए 188.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

    शुरुआती आकलन के अनुसार आपदा के कारण प्रदेश को लगभग 8,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रभावित लोगों को सम्मानजनक राशि प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वित्तीय सहायता राशि में कई गुणा वृद्धि की है। तत्काल सहायता के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की है।

  • भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढों से पटा

    भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढों से पटा

    भतरौंजखान। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढा मुक्त सड़कों के दावों की पोल खोल रहा है। यह सड़क गड्ढों से पटी है और इस पर यात्री और पर्यटक जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।

    भतरौंजखान से चौड़ी घट्टी तक पूरी सड़क गड्ढों से पटी है। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। कई दोपहिया चालक रपटने से चोटिल हो चुके हैं लेकिन इसके सुधारीकरण के अब तक प्रयास नहीं हुए। विभाग की इस लापरवाही के चलते लोगों में खासा आक्रोश है। व्यापार मंडल उपाध्यक्ष हरीश भट्ट सहित अन्य लोगों ने कहा कि कई बार सड़क सुधारीकरण की मांग के बाद भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। वहीं लोनिवि रानीखेत के सहायक अभियन्ता बीसी भट्ट ने कहा कि डामरीकरण के लिए टेंडर हो चुके हैं। बारिश के बाद डामरीकरण होगा।

  • जौरासी सड़क में झाड़ियों से दुर्घटना का खतरा

    जौरासी सड़क में झाड़ियों से दुर्घटना का खतरा

    चौखुटिया (अल्मोड़ा)।गनाई-जौरासी सड़क में दोनों ओर झाडि़यों के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। चालक की थोड़ी से चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता गणेश ढौंडियाल का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद झाड़ियों का कटान नहीं हो पा रहा है।

  • दोपहिया वाहन चालकों पर लगाम लगाने की मांग

    दोपहिया वाहन चालकों पर लगाम लगाने की मांग

    द्वाराहाट। वरिष्ठ नागरिकों ने नगर की यातायात व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे बेहतर करने की मांग की। उन्होंने थानाध्यक्ष राजेश कुमार यादव को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि नगर में बिना हेलमेट के कई लोग दोपहिया वाहन अनियंत्रित गति से दौड़ा रहे हैं जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा अधिक है। सड़क पर निर्माण सामग्री डालने, बगैर दस्तावेजों के बाहरी राज्यों से खरीदे गए वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए बाहरी लोगों का सत्यापन कराया जाना भी बेहद जरूरी है। इस मौके पर केपीएस अधिकारी, पीएस मेहरा, जेएस बिष्ट सहित कई वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।

  • पत्थरों की बरसात…दो दिन से फंसे श्रद्धालु, प्रसव पीड़ित महिला भी फंसी, दो किमी चली पैदल

    पत्थरों की बरसात…दो दिन से फंसे श्रद्धालु, प्रसव पीड़ित महिला भी फंसी, दो किमी चली पैदल

    बड़कोट (उत्तरकाशी)

    यमुनोत्री हाईवे पर दो दिनों से श्रद्धालु जगह-जगह फंसे हुए हैं। अधिकांश श्रद्धालुओं ने खरादी बडकोट से वापस गंगोत्री धाम जाने का निर्णय लिया तो कहीं श्रद्धालुओं के जत्थे जगह-जगह बंद होने से बीच में फंसे हुए हैं। इनमें बिहार, गुजरात महाराष्ट्र आदि राज्यों से आए श्रद्धालु है। वहीं दूसरी तरफ यमुनोत्री हाईवे ओजरी डाबरकोट,खनेडा किसाला स्लीपजोन के पास बंद होने कारण खरशालीगांव गांव की प्रसव पीड़ित महिला बीच में फंसी हुई हैं।

    गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थान सुनगर के पास  यातायात हेतु सुचारू कर दिया गया है, लेकिन यमुनोत्री हाईवे कई जगह अभी भी बंद है। लगातार से पहाड़ी से पत्थरों की बरसात हो रही है। पीड़ित महिला के पति ग्रीस लाल, महिला के जीजा सुरेश लाल ने बताया कि खरशालीगांव से तिर्खली गांव तक तीन वाहन बदलने के बाद दो किमी उतराई-चढ़ाई चढ़ कर ओजरी गांव के पास पहुंचे है। अब यहां  वाहन की व्यवस्था में जुटे हैं।

    कर्णप्रयागऋषिकेशबदरीनाथ हाईवे यातायात शुरू
    ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग में उमा माहेश्वर आश्रम के पास यातायात सुचारू है। शनिवार शाम को हाईवे पर मलबा आ गया था जिसे रात तक हटाया गया, लेकिन फिर से वहीं पर मलबा आने के बाद हाईवे बंद हो गया था। सुबह मलबा हटा दिया गया। हाईवे पर यातायात सुचारू होने के बाद वहां फंसे बड़े वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं।

    वहीं, चमोली जिले के गैरसैंण के पास कालीमाटी में हाईवे पर मरम्मत कार्य जारी है। करीब 5 घंटे बाद हाईवे खुलने की संभावना है। दो दिन पहले कालीमाटी में सड़क टूटने से 30 मीटर लंबा, 7 मीटर चौड़ा और 5 मीटर गहरा खड्ड बन गया था। एनएच के एई अंकित सागवान ने कहा कि उसे भरने को 5 ट्रक मलबा लाने के लिए लगाए गये है। यह मलवा करीब 15 किलोमीटर दूर आगरचट्टी से लाया जा रहा है।

  • ट्रक यूनियनों को माल ढुलाई दरें तय करने का कोई अधिकार नहीं, हाईकोर्ट ने पारित किए आदेश

    ट्रक यूनियनों को माल ढुलाई दरें तय करने का कोई अधिकार नहीं, हाईकोर्ट ने पारित किए आदेश

    ऊना/शिमला

    उद्योग से माल ढुलाई विवाद मामले में हरोली ब्लॉक इंडस्ट्री एसोसिएशन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए डीसी और एसपी ऊना को उद्योगों से निर्बाध माल ढुलाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। पीठ ने पूर्व में सुनाए एक फैसले का इस मामले में जिक्र करते हुए इसे लागू करने को कहा है। अदालत ने बीते 19 जुलाई को आदेश जारी करते हुए दो याचिकाओं का निपटारा किया है।

    अदालत ने पारित आदेश में कहा है कि ट्रक यूनियनों को माल ढुलाई दरें तय करने और उद्योगों के परिवहन में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। परिवहन में हस्तक्षेप करने को अवमानना माना जाएगा। इसी के साथ डीसी, एसपी को निर्देश दिए हैं कि ऐसी गतिविधियां ध्यान में आती हैं तो तुरंत पीठ के ध्यान में लाया जाए। निजी प्रतिवादी (ट्रक यूनियनों) को वाहनों के संचालन या माल ढुलाई शुल्क के निर्धारण के मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

    आदेश में मैसर्ज मेट ट्रेड इंडिया लिमिटेड बनाम राज्य सरकार मामले का जिक्र करते हुए इस मामले सुनाए गए फैसले को लागू करने के लिए कहा गया है। इसके साथ डीसी और एसपी ऊना से इस मामले में दो सप्ताह के भीतर अनुपालना रिपोर्ट तलब की है। बता दें कि हरोली क्षेत्र के तहत आने वाले विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में माल ढुलाई को लेकर विवाद था। ट्रक यूनियन उद्योग पर उनके ट्रकों से माल ढुलाई का दवाब बना रहे थे।

    उद्योगों की तरफ से सस्ते भाड़े पर बाहरी ऑपरेटरों से माल ढुलाई पर स्थानीय यूनियन बाधा पहुंचाती थी। इसी को लेकर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अब यहां एसोसिएशन को राहत मिली है। उधर, जजमेंट आने के बाद एसोसिएशन ने सभी सदस्यों के लिए एक सर्कुलर भी जारी कर दिया है। इसमें पीठ की जजमेंट का उल्लेख करते हुए बिना हस्तक्षेप परिवहन होने की बात कही है।