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  • इस इलेक्ट्रिक कार में मिलता है 900 bhp का पावर, 3 सेकंड से कम समय में पकड़ती है 100 Kmph की स्पीड

    इस इलेक्ट्रिक कार में मिलता है 900 bhp का पावर, 3 सेकंड से कम समय में पकड़ती है 100 Kmph की स्पीड

    इस इलेक्ट्रिक कार में मिलता है 900 bhp का पावर, 3 सेकंड से कम समय में पकड़ती है 100 Kmph की स्पीड
    नई दिल्ली

    स्पोर्ट्स और रेसिंग कार बनाने के लिए मशहूर बिट्रिश ब्रांड Lotus (लोटस) ने अपने ऑल-न्यू मॉडल Emeya (एमेया) से पर्दा उठाया है, जो निर्माता की एक नई इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स सेडान है। यह टेस्ला मॉडल एस को सीधे तौर पर टक्कर देती है, जो इस समय टेस्ला के सबसे ज्यादा बिकने वाले इलेक्ट्रिक मॉडल्स में से एक है। एमेया लोटस की लाइनअप में Eletre (एलेट्रे) और Evija (एविजा) इलेक्ट्रिक वाहनों के बाद आती है। सभी इलेक्ट्रिक वाहन चीन के वुहान में बनाए जाएंगे और इसका उत्पादन 2024 में शुरू होने की उम्मीद है।

    Lotus Emeya Electric Sedan – फोटो : Lotus Cars
    बता दें कि Lotus Cars (लोटस कार्स) स्पोर्ट्स और रेसिंग कारों की एक प्रतिष्ठित ब्रिटिश निर्माता है। पहली लोटस कार का जन्म 1948 में हुआ था और जून 2017 में लोटस कार्स का मालिकाना हक चीन की Zhejiang Geely Holding Group (झेजियांग जेली होल्डिंग ग्रुप) के पास आ गया।

     

    इंजन पावर और स्पीड
    लोटस एमेया को पावर देने वाला एक डुअल-मोटर सेटअप है जो 905 बीएचपी का कुल पावर आउटपुट और 984 एनएम का पीक टॉर्क आउटपुट देता है। डुअल मोटरों का इस्तेमाल करने का मतलब यह भी है कि एमेया को एक ऑल-व्हील ड्राइव पावरट्रेन मिलता है। लोटस का दावा है कि एमेया सिर्फ 2.8 सेकंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 250 किमी प्रति घंटे से ज्यादा है।

    बैटरी और चार्जिंग
    इसमें 102 kWh बैटरी पैक मिलता है। हालांकि कंपनी ने इसका खुलासा नहीं किया है कि यह एक बार चार्ज करने पर कितना ड्राइविंग रेंज देती है। हालांकि, उम्मीद है कि रेंज इलेट्रे इलेक्ट्रिक एसयूवी के समान होगी। तो, लोअर वर्जन के लिए 600 किमी और परफॉर्मेंस वर्जन के लिए लगभग 500 किमी की उम्मीद करें। लोटस एमेया 350 किलोवाट तक की डीसी फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसका मतलब है कि 0-80 फीसदी चार्ज सिर्फ 18 मिनट में हो जाता है और ग्राहक सिर्फ 5 मिनट के चार्ज में 150 किमी की रेंज हासिल कर सकते हैं।

     

    फीचर्स
    इलेक्ट्रिक सेडान में एक्टिव फ्रंट ग्रिल, रियर डिफ्यूजर और रियर स्पॉइलर का इस्तेमाल करके एक्टिव एयरोडायनमिक्स की खूबी मिलती है। लोटस एमेया के लिए गुरुत्वाकर्षण का लो सेंटर बनाने में भी कामयाब रहा है। इसके अलावा, यह इलेक्ट्रॉनिक रूप से कंट्रोल एयर सस्पेंशन सिस्टम से लैस है। ऑनबोर्ड सेंसर एक सेकंड में 1,000 बार सड़क को महसूस करते हैं और सबसे आसान सवारी सुनिश्चित करने के लिए वाहन को ऑटोमैटिक रूप से एडजस्ट करते हैं।

     

     

  • ज्यादातर लोग नई कार खरीदने के बाद कर देते हैं ये बड़ी गलतियां, कार को होता है बड़ा नुकसान

    ज्यादातर लोग नई कार खरीदने के बाद कर देते हैं ये बड़ी गलतियां, कार को होता है बड़ा नुकसान

    ज्यादातर लोग नई कार खरीदने के बाद कर देते हैं ये बड़ी गलतियां, कार को होता है बड़ा नुकसान
    नई दिल्ली
    भारत में कार खरीदना काफी बड़ी बात मानी जाती है। लेकिन कुछ लोग नई कार खरीदने के बाद कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं। जिसके बाद उनको बाद में पछताना पड़ता है। हम इस खबर में आपको ऐसी कुछ सामान्य गलतियों की जानकारी दे रहे हैं। जिनको ना करके आप अपनी नई कार की उम्र बढ़ा सकते हैं।

    कार की सर्विस
    नई कार खरीदने के बाद कई लोग कार को खराब सड़कों के साथ ही तेज स्पीड में चलाते हैं। लेकिन पहली सर्विस होने तक कार को आराम से चलाना चाहिए। साथ ही खराब सड़कों पर भी कार को चलाने से बचना चाहिए। साथ ही कार की सर्विस को हमेशा समय पर कंपनी के सर्विस सेंटर से करवानी चाहिए। इससे इंजन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान से बचाया जा सकता है।

    ज्यादा एक्सलरेशन देना
    नई कार चलाने पर कुछ लोग बिना वजह ज्यादा एक्सलरेशन दे देते हैं। जिससे कार तेजी से पिक-अप लेती है। साथ ही इससे स्पीड भी बढ़ जाती है। जिससे दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा ज्यादा एक्सलरेशन के कारण इंजन को ज्यादा क्षमता से काम करना पड़ता है, जिससे ईंधन की खपत भी ज्यादा होती है।
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    कुछ ग्राहक हैं जो नई कार खरीदने के बाद उसको इस्तेमाल करने लग जाते हैं। वो इस बात पर बिलकुल भी ध्यान नहीं देते कि कार के साथ एक यूजर मैनुअल बुक भी आती है जिसमें कई ऐसी जरूरी बातें लिखी होती हैं जो आपकी मदद करेगी कार को लेकर, लेकिन लोग इसे नजरअंदाज कर देने हैं।
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    ओवरलोडिंग करना
    किसी भी वाहन में एक तय सीमा तक ही वजन को रखा जा सकता है। जरूरत से ज्यादा वजन आपकी कार को जल्दी खराब कर सकता है। ओवर लोडिंग से गाड़ी के टायर्स, सस्पेंशन और इंजन पर बुरा असर पड़ता है। इससे गाड़ी की परफॉरमेंस खराब होने चांस बढ़ जाते हैं।
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    दूसरी कार को टो करना
    किसी भी नई कार से किसी दूसरी कार को टोइंग करने से बचना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो इसका सीधा असर आपकी कार के इंजन से कई अहम् पार्ट्स पर पड़ता है। लेकिन अगर कार की दो या तीन सर्विस हो गई हों तो किसी की मदद करने के लिए आप ऐसा करने के बारे में सोच सकते हैं।

  • भारतीय बाजार में लॉन्च हुई एक और प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी, जानें कितनी है रेंज

    भारतीय बाजार में लॉन्च हुई एक और प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी, जानें कितनी है रेंज

    भारतीय बाजार में लॉन्च हुई एक और प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी, जानें कितनी है रेंज
    नई दिल्ली
    भारतीय बाजार में एक और प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी को लॉन्च कर दिया गया है। किस कंपनी की ओर से किस एसयूवी को लॉन्च किया गया है। आइए जानते हैं।

    इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में एक और नई एसयूवी को लॉन्च कर दिया गया है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि किस कंपनी की ओर से किस एसयूवी को इलेक्ट्रिक सेगमेंट में लाया गया है। साथ ही हम एसयूवी की रेंज और फीचर्स की जानकारी भी इस खबर में आपको दे रहे हैं।

     

    लॉन्च हुई एसयूवी
    इलेक्ट्रिक प्रीमियम सेगमेंट में एक और नई एसयूवी को भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया है। वोल्वो की ओर से सी40 रिचार्ज को प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी के तौर पर लाया गया है। इसमें कई बेहतरीन फीचर्स के साथ ही लंबी रेंज को ऑफर किया जा रहा है।

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    कितनी दमदार मोटर और बैटरी
    वोल्वो की ओर से सी40 रिचार्ज में 78 किलोवाट आवर की क्षमता वाली बैटरी को दिया गया है। जिसके साथ ड्यूल इलेक्ट्रिक मोटर को दिया गया है। इस बैटरी से एसयूवी को 530 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। साथ ही इसे चार्ज करने में आठ घंटे का समय लगता है। वहीं फास्ट चार्जर से 10 से 80 फीसदी चार्ज करने में सिर्फ 27 मिनट का समय लगता है। इसमें लगी मोटर से एसयूवी को 408 बीएचपी और 660 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है।

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    कैसे हैं फीचर्स
    कंपनी की ओर से इस एसयूवी में यूनिक बैटरी सेफ्टी केज, पैनोरमिक सनरूफ, गूगल असिस्टेंट, गूगल प्ले, गूगल मैप, वोल्वो कार एप, हरमन कार्डन म्यूजिक सिस्टम, 13 स्पीकर्स, एयर फिल्टर, 360 डिग्री कैमरा, एडीएएस, सात एयरबैग, वायरलैस चार्जर, लैदर फ्री इंटीरियर जैसे फीचर्स को दिया गया है।

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    वारंटी और बुकिंग
    कंपनी की ओर से इस एसयूवी पर तीन साल की काम्प्रिहेंसिव वारंटी, तीन साल वोल्वो सर्विस पैकेज, तीन साल की रोड साइड असिस्टेंस, बैटरी पर आठ साल की वारंटी और डिजिटल सर्विस के लिए पांच साल का सब्सक्रिप्शन को दिया जा रहा है। इसके साथ ही इस एसयूवी के लिए बुकिंग को पांच सितंबर से शाम पांच बजे से शुरु कर दिया जाएगा।

     

     

     

  •  रेलवे स्टेशन से स्प्लेंडर बाइक चोरी 

     रेलवे स्टेशन से स्प्लेंडर बाइक चोरी 

    ऊंचाहार। रायबरेली। भाई को रेल गाड़ी पर बैठाने आए युवक की रेलवे स्टेशन से बाइक चोरी हो गई। खोजबीन के बावजूद भी कहीं अता-पता ना चलने पर पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है। नेवादा, बाबूगंज निवासी अमरेश कुमार ने बताया कि रविवार की शाम वह ऊंचाहार एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहा था। जिसे उसका भाई उमेश कुमार पटेल स्प्लेंडर मोटरसाइकिल लेकर कस्बा स्थित रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी पर बैठाने आया हुआ था। मोटरसाइकिल रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी कर भाई को ट्रेन पर बैठा नहीं चला गया। इसी बीच उसकी मोटरसाइकिल चोरी हो गई। काफी खोजबीन के बावजूद भी कहीं अता-पता ना चलने पर सोमवार की सुबह पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है। कोतवाल आदर्श सिंह ने बताया कि बाइक का पता लगाया जा रहा है।
  • 20 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी ने रखी आधारशिला

    20 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी ने रखी आधारशिला

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह झारखंड में 20 रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। ये स्टेशन 27 राज्य के उन 508 रेलवे स्टेशन में शामिल हैं, जिनके पुनर्विकास की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से रखी है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत झारखंड में जिन 20 स्टेशन को 886.7 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा उनमें हटिया, पिस्का, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, लातेहार, पारसनाथ, कोडरमा, बोकारो स्टील सिटी, कुमारधुबी, साहिबगंज और घाटशिला शामिल हैं। वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्यिक प्रबंधक (रांची) निशांत कुमार ने बताया कि हटिया स्टेशन को 355 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा, जबकि पिस्का स्टेशन के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

  • बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर दोपहिया वाहनों को देना होगा टोल – न्यूनतम 5 तो अधिकतम 310 रुपये

    बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर दोपहिया वाहनों को देना होगा टोल – न्यूनतम 5 तो अधिकतम 310 रुपये

    लखनऊ

    296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर रफ्तार भरने के लिए दोपहिया वाहनों को भी टोल टैक्स देना पड़ेगा। टोल शुल्क न्यूनतम पांच रुपये और अधिकतम 310 रुपये है। चौबीस घंटे में वापसी पर टोल शुल्क में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी।

    दोपहिया वाहनों पर टोल टैक्स की दरें यूपीडा ने तय कर दी हैं। एक्सप्रेस वे पर पहला प्रमुख और अंतिम टोल के बीच छोटे-बड़े 13 टोल प्लाजा हैं। इसमें न्यूनतम 5 रुपये का टोल तय किया गया है। अधिकतम 310 रुपये अदा करने होंगे।

    ये दरें 25 रुपये, 40 रुपये, 50 रुपये, 55 रुपये, 90 रुपये 125 रुपये, 175 रुपये, 185 रुपये, 210 रुपये, 260 रुपये, 295 रुपये और 310 रुपये है। दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग प्वाइंट से गुजरने पर टोल की दरें अलग-अलग रहेंगी।

  • …फिर ऊना की पटरी पर दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन

    …फिर ऊना की पटरी पर दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन

    अंब-अंदौरा एवं ऊना से दिल्ली तक सुपरफास्ट वंदे भारत के माध्यम से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। ऊना और चंडीगढ़ के बीच करीब चार दिन स्थगित रहने के बाद वंदे भारत एक बार फिर ऊना की पटरी पर लौटेगी। सोमवार को इस ट्रेन के ऊना रेलवे स्टेशन पर निर्धारित समय 10:35 बजे पहुंचने की संभावना है।

    इसके बाद मंगलवार को भी वंदे भारत यहां से दिल्ली जाएगी। फिलहाल इस ट्रेन को नंगल में रेलवे ट्रैक के कंप्यूटरीकरण तथा नंगल और रोपड़ के बीच मरम्मत किए गए ट्रैक पर गति सीमा कम करने के चलते चंडीगढ़ से ही दिल्ली तक दौड़ाया जा रहा है। बीच-बीच में कुछ दिन वंदे भारत ऊना और अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन पहुंची, लेकिन यहां पहुंचने के लिए ट्रेन को रोपड़ और नंगल के बीच 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलना पड़ा।

    हालांकि अंब-अंदौरा से नंगल के बीच ट्रेन अपनी निर्धारित सीमा 75-100 किलोमीटर के बीच दौड़ रही है। अब रेलवे प्रबंधन की ओर से ऊना से इस ट्रेन का लाभ लेने वाले यात्रियों के लिए सुखद खबर आई है। ट्रेन फिर से यात्रियों को अंब और ऊना के रेलवे स्टेशनों पर चलते हुए मिलेगी।

    वंदे भारत फिलहाल अगले दो दिन ऊना आएगी। ट्रेन के यहां निरंतर आने को लेकर मौसम साफ रहना भी जरूरी है। अन्यथा कम गति का प्रतिबंध ट्रेन को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ही रूकने को मजबूर कर रहा है। – रोहदाश सिंहअधीक्षकरेलवे स्टेशन ऊना

    ट्रेनों के देरी से आने का क्रम जारी 
    ऊना रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में तीन ट्रेनें आ रही हैं। दिल्ली से चलकर दौलतपुर चौक जाने वाली हिमाचल एक्सप्रेस सुबह करीब एक घंटा देरी से आई। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य की ओर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जबकि साबरमती एक्सप्रेस और दौलतपुर चौक से वाया चंडीगढ़ होकर अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन अपने सही समय से गईं।

  • गोरखपुर-लखनऊ रूट की 80 फीसदी सीटें रहती हैं खाली, वजह किराया या कुछ और?

    गोरखपुर-लखनऊ रूट की 80 फीसदी सीटें रहती हैं खाली, वजह किराया या कुछ और?

    लखनऊ

    लखनऊ से गोरखपुर के बीच चलने वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस भले ही सुविधाओं से लैस हो, पर महंगे किराये की वजह से यात्री इस ट्रेन से किनारा कर रहे हैं। यही वजह है कि इसकी 80 प्रतिशत तक सीटें खाली हैं।

    पूर्वोत्तर रेलवे की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन 9 जुलाई से गोरखपुर से लखनऊ के बीच शुरू हुआ है। ट्रेन नंबर 22549 गोरखपुर से लखनऊ वाया अयोध्या सुबह 6.05 बजे गोरखपुर से चलकर सुबह 10.20 बजे लखनऊ पहुंचती है। वापसी में 22550 लखनऊ-गोरखपुर वंदे भारत शाम को चारबाग से सवा सात बजे रवाना होती है।

    पहले हफ्ते में ट्रेन को गोरखपुर से लखनऊ आने के दौरान ठीकठाक यात्री मिलते रहे। पर, अब स्थिति बदल रही है। माना जा रहा है महंगे किराये के कारण यात्री वंदे भारत में सफर से कतरा रहे हैं। यही वजह है कि गोरखपुर से लखनऊ आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयरकार में सोमवार को 221, मंगलवार को 312, बुधवार को 340, गुरुवार को 364, शुक्रवार को 361 सीटें खाली हैं। एग्जीक्यूटिव क्लास में इन दिनों में क्रमशः 23, 28, 27, 37, 28 सीटें रिक्त हैं। इसी क्रम में लखनऊ से गोरखपुर जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयरकार में इन दिनों में 317, 362, 379, 374, 387 तथा एग्जीक्यूटिव क्लास में नौ, 25, 33, 34, 30 सीटें रिक्त हैं। यह हाल तब है, जब ट्रेन में कुल 530 सीटें हैं।

    इंटरसिटी को बेहतर विकल्प मान रहे हैं लोग 

    गोरखपुर से लखनऊ के बीच चलने वाली इंटरसिटी व वंदे भारत एक्सप्रेस की सुविधाओं के लिहाज से कोई तुलना नहीं है। पर, टाइमिंग एक ऐसी वजह है, जिसकी वजह से यात्री महंगी वंदे भारत में सफर से बच रहे हैं। गोरखपुर से सुबह पौने छह बजे चलने वाली इंटरसिटी का चेयरकार में किराया 475 रुपये है और ट्रेन लखनऊ पहुंचने में 5.25 घंटे लेती है। वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 6.05 बजे चलती है और उसकी चेयरकार का किराया 890 रुपये है तथा समय 4.15 घंटे लगते हैं। ऐसे में यात्री एक-दो घंटा बचाने के लिए वंदे भारत के महंगे सफर की जगह इंटरसिटी पकड़ रहे हैं। वंदे भारत में गोरखपुर से लखनऊ आने पर 890 रुपये व वापसी का 1000 रुपये से अधिक चेयरकार का किराया है, जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया 1700 रुपये से अधिक है। यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि किराया कम होने पर ही वंदे भारत में लोगों की संख्या बढ़ेगी।

  • मालगाड़ी पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं, 10 घंटे बाद रेल यातायात बहाल

    मालगाड़ी पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं, 10 घंटे बाद रेल यातायात बहाल

    जबलपुर। मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर और करेली रेलवे स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई, जिससे इस मार्ग पर रेल यातायात बाधित हो गया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पश्चिम-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नरसिंहपुर जिले में शनिवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे हुई इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हादसे के कारण जबलपुर-इटारसी अपलाइन पर रेल सेवाएं प्रभावित हुईं।

    श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार सुबह साढ़े नौ बजे तक इस लाइन पर रेल परिचालन पूरी तरह से बहाल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर और करेली रेलवे स्टेशन के बीच मालगाड़ी की ब्रेक वैन (आखिरी डिब्बा) पटरी से उतर गई। इटारसी देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शन में से एक है।

  • ट्रेन में चोरी हो गया है सामान, क्या मिल सकता है आपको मुआवजा? जानिए क्या है भारतीय रेलवे के नियम

    ट्रेन में चोरी हो गया है सामान, क्या मिल सकता है आपको मुआवजा? जानिए क्या है भारतीय रेलवे के नियम

     नई दिल्ली । ट्रेन में हम में से सभी ने कभी ना कभी सफर तो किया होगा। एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाने का सबसे सस्ता और सुगम साधन में से एक ट्रेन को माना जाता है। ट्रेन में सफर करना भले ही अच्छा लगता हो पर कई बार सामान के चोरी हो जाने का खतरा भी बना रहता है। अगर आपके साथ भी कभी ऐसी कोई घटना घट जाए तो आपको क्या करना चाहिए, आइए इसके बारे में जानते हैं।

    सामान चोरी होने पर करें ये काम

    आपको ट्रेन में सफर के दौरान हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। कभी आपके सामने ऐसी कोई दुर्घटना घट जाए तो आपको सबसे पहले उसकी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। आप जैसे ही शिकायत दर्ज करते हैं,लेकिन उसके बाद भी आपको सामान नहीं मिलता है तो भारतीय रेलवे यात्री को मुआवजा देता है।

    भारतीय रेलवे के मुताबिक व्यक्ति के सामान चोरी हो जाने के बाद सामान की कीमत की गणना के अनुसार ही रेलवे मुआवजा देती है। मुआवजा पाने के लिए आपको कुछ प्रोसेस को फॉलो करना होगा। आइए, जानते हैं कि आपको क्या प्रोसेस फॉलो करना होगा।

    कैसे मिलेगा मुआवजा

    अगर सफर के दौरान किसा यात्री का सामान चोरी हो जाता है तो उसे सबसे पहले  ट्रेन कंडक्टर कोच अटेंडेंट, गार्ड या जीआरपी एस्कॉर्ट से संपर्क करना होगा। ये व्यक्ति आपको एक फॉर्म देंगे, आपको वो फॉर्म भरना होगा। आप जैसे ही ये फॉर्म भरते हैं तो उसके बाद कार्रवाई करने के लिए इस फॉर्म को थाने भेज दिया जाता है।

    अगर आपको अपना ट्रेन का सफर पूरा करना है तो आप किसी भी रेलवे के आरपीएफ सहायता चौकियों पर शिकायत पत्र को जमा करवा सकते हैं।