गोरखपुर-लखनऊ रूट की 80 फीसदी सीटें रहती हैं खाली, वजह किराया या कुछ और?

गोरखपुर-लखनऊ रूट की 80 फीसदी सीटें रहती हैं खाली, वजह किराया या कुछ और?

लखनऊ लखनऊ से गोरखपुर के बीच चलने वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस भले ही सुविधाओं से लैस हो, पर महंगे किराये की वजह से यात्री इस ट्रेन से किनारा कर रहे हैं। यही वजह है कि इसकी 80 प्रतिशत तक सीटें खाली हैं। पूर्वोत्तर रेलवे की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन 9 जुलाई से गोरखपुर से लखनऊ के बीच शुरू हुआ है। ट्रेन नंबर 22549 गोरखपुर से लखनऊ वाया अयोध्या सुबह 6.05 बजे गोरखपुर से चलकर सुबह 10.20 बजे लखनऊ पहुंचती है। वापसी में 22550 लखनऊ-गोरखपुर वंदे भारत शाम को चारबाग से सवा सात बजे रवाना होती है। पहले हफ्ते में ट्रेन को गोरखपुर से लखनऊ आने के दौरान ठीकठाक यात्री मिलते रहे। पर, अब स्थिति बदल रही है। माना…

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मालगाड़ी पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं, 10 घंटे बाद रेल यातायात बहाल

मालगाड़ी पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं, 10 घंटे बाद रेल यातायात बहाल

जबलपुर। मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर और करेली रेलवे स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई, जिससे इस मार्ग पर रेल यातायात बाधित हो गया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पश्चिम-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नरसिंहपुर जिले में शनिवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे हुई इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हादसे के कारण जबलपुर-इटारसी अपलाइन पर रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार सुबह साढ़े नौ बजे तक इस लाइन पर रेल परिचालन पूरी तरह से बहाल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर और करेली रेलवे स्टेशन के बीच मालगाड़ी की ब्रेक वैन (आखिरी डिब्बा) पटरी से उतर गई। इटारसी देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शन में से एक है।

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ट्रेन में चोरी हो गया है सामान, क्या मिल सकता है आपको मुआवजा? जानिए क्या है भारतीय रेलवे के नियम

ट्रेन में चोरी हो गया है सामान, क्या मिल सकता है आपको मुआवजा? जानिए क्या है भारतीय रेलवे के नियम

 नई दिल्ली । ट्रेन में हम में से सभी ने कभी ना कभी सफर तो किया होगा। एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाने का सबसे सस्ता और सुगम साधन में से एक ट्रेन को माना जाता है। ट्रेन में सफर करना भले ही अच्छा लगता हो पर कई बार सामान के चोरी हो जाने का खतरा भी बना रहता है। अगर आपके साथ भी कभी ऐसी कोई घटना घट जाए तो आपको क्या करना चाहिए, आइए इसके बारे में जानते हैं। सामान चोरी होने पर करें ये काम आपको ट्रेन में सफर के दौरान हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। कभी आपके सामने ऐसी कोई दुर्घटना घट जाए तो आपको सबसे पहले उसकी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। आप जैसे ही शिकायत दर्ज करते हैं,लेकिन उसके बाद भी आपको सामान नहीं मिलता है तो भारतीय रेलवे यात्री को मुआवजा देता है। भारतीय रेलवे के मुताबिक व्यक्ति के सामान चोरी हो जाने के बाद सामान की कीमत की गणना के अनुसार ही रेलवे मुआवजा देती है। मुआवजा पाने के लिए आपको कुछ प्रोसेस को फॉलो करना होगा। आइए, जानते हैं कि आपको क्या प्रोसेस फॉलो करना होगा। कैसे मिलेगा मुआवजा अगर सफर के दौरान किसा यात्री का सामान चोरी हो जाता है तो उसे सबसे पहले  ट्रेन कंडक्टर कोच अटेंडेंट, गार्ड या जीआरपी एस्कॉर्ट से संपर्क करना होगा। ये व्यक्ति आपको एक फॉर्म देंगे, आपको वो फॉर्म भरना होगा। आप जैसे ही ये फॉर्म भरते हैं तो उसके बाद कार्रवाई करने के लिए इस फॉर्म को थाने भेज दिया जाता है। अगर आपको अपना ट्रेन का सफर पूरा करना है तो आप किसी भी रेलवे के आरपीएफ सहायता चौकियों पर शिकायत पत्र को जमा करवा सकते हैं।

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खनन सामग्री नहीं मिली तो लटक जाएगा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल का काम, परियोजना की राह में चुनौती

खनन सामग्री नहीं मिली तो लटक जाएगा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल का काम, परियोजना की राह में चुनौती

देहरादून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर्याप्त मात्रा में खनन सामग्री उपलब्ध न होने की वजह से लटक सकती है। अगले चार महीनों में परियोजना के तहत सुरंग खोदने का काम पूरा होने की संभावना है। इसके बाद के कार्य के लिए रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को दो करोड़ मीट्रिक टन से अधिक अच्छी गुणवत्ता वाली खनन सामग्री की आवश्यकता होगी। चिंता की वजह है प्रदेश की नदियों में मशीनों की सहायता से खनन करने पर न्यायालय की रोक लगी होना। निगम प्रबंधन को प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने के लिए भारी मात्रा में लगातार अच्छी गुणवत्ता की आरबीएम की जरूरत है। इसके लिए निगम ने शासन से प्रोजेक्ट के आसपास की कुछ नदी क्षेत्रों में खनन की अनुमति मांगी है। इस मामले में आरवीएनएल के मुख्य परियोजना प्रबंधक ने सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी को पत्र लिखकर प्रकरण में सहयोग की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि बड़ी मात्रा में खनन सामग्री मशीनों के बगैर जुटाना संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में परियोजना को समय पर पूरा करने में मुश्किल हो सकती है। साथ ही प्रोजेक्ट की लागत में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। रास्ता निकालने के लिए संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों की एक बैठक कराने का अनुरोध भी किया है। 2024-25 में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य आरवीएनएल के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना को 2024-25 तक बनाने का लक्ष्य है। लेकिन परियोजना की राह में आ रही चुनौतियों के देखते हुए इसमें देरी होने की संभावना है। परियोजना निर्माण में जरूरी आरबीएम न मिलने से यह दिक्कत और गंभीर हो सकती है।

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भटनी रूट की कई ट्रेनें पांच दिन के लिए निरस्त तो कुछ का रूट बदला

भटनी रूट की कई ट्रेनें पांच दिन के लिए निरस्त तो कुछ का रूट बदला

देवरिया। भटनी रेलवे स्टेशन यार्ड में इंजीनियरिंग कार्य को देखते हुए ब्लॉक लिए जाने के कारण इस रूट की गाड़ियों के संचालन पर असर पड़ा…

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रेल की पटरियों को अवैध रूप से पार किया तो होगी जेल, सेल्फी लेने पर भी कैद, जुर्माना वसूलने का आदेश

रेल की पटरियों को अवैध रूप से पार किया तो होगी जेल, सेल्फी लेने पर भी कैद, जुर्माना वसूलने का आदेश

नई दिल्ली रेल की पटरियों को अगर अवैध रूप से पार किया तो खैर नहीं। पटरियों पर अगर सेल्फी लेते भी दिखे तो जेल की हवा खानी पड़ सकती है। रेलवे ने पटरियों को पार करने के मामलों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। स्पष्ट रूप से अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रेल पटरियों को अवैध रूप से पार करने वाले लोगों को रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पकड़कर जुर्माना वसूला जाए, आवश्यक हो तो उन्हें जेल भी भेजें। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने पांचों रेल मंडल प्रबंधकों व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलपथों के निकट अतिक्रमण के साथ ही पटरियों को पार करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसे लेकर चौधरी ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। कहा कि अधिनियम के तहत उन्हें जेल भेजा जाए। उन्होंने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलपथों के निकट हुए अतिक्रमण को हटाने का परामर्श दिया, ताकि ट्रेनों के संचालन में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं हो। दरअसल अतिक्रमण की वजह से रेलवे फाटकों पर भी व्यवधान होता है और ट्रेनों का संचालन बाधित होता है। इसके अलावा उच्च…

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मोतीचूर क्षेत्र में पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर गुलदार की मौत

मोतीचूर क्षेत्र में पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर गुलदार की मौत

श्यामपुर(ऋषिकेश) ऋषिकेश के मोतीचूर वन क्षेत्र में सौंग नदी की रेल पटरी पर एक गुलदार पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया। इस दौरान मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ट्रेन की स्पीड इतनी तेज थी कि गुलदार का शव टुकड़ों मे तब्दील हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटना की जांच पड़ताल मे जुट गई है। बता दें कि ऋषिकेश से सटे राजाजी टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क के पास मोतीचूर वन रेंज के पास ही रेलवे ट्रैक है। सुबह…

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दिल्ली मेट्रो द्वारा इलेक्ट्रिक ऑटो का परिचालन वह भी ऑटो परमिट ड्रॉ के बिना प्राप्त किए

दिल्ली मेट्रो द्वारा इलेक्ट्रिक ऑटो का परिचालन वह भी ऑटो परमिट ड्रॉ के बिना प्राप्त किए

डी.एम.आर.सी. व दिल्ली सरकार की मिलीभगत से “मेट्रो स्टेशनों” पर इलेक्ट्रिक ऑटो का निजीकरण करके गरीब ऑटो चालकों के पेट पर भारी “मार” के विरुद्ध…

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