ददाहू (सिरमौर) इस बरसात से दिल्ली में जो बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। बाढ़ जैसी भयावह स्थिति पर जिला सिरमौर का रेणुकाजी बांध विराम लगा सकता है। राजधानी दिल्ली की प्यास बुझाने के लिए बनाई जाने वाली रेणुकाजी बांध परियोजना दिल्ली में बाढ़ की स्थिति को रोकने में भी सहायक होगी। रेणुकाजी बांध प्रबंधन ने इसका दावा किया है। बीते दिनों दिल्ली में बाढ़ और जलभराव के चलते स्थिति गंभीर हो गई थी। इसके चलते करोड़ों रुपये की संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली की जनता इस त्रासदी से अभी तक उभर नहीं पाई है। यदि रेणुकाजी बांध का निर्माण हुआ होता तो दिल्ली को इस तबाही से बचाया जा सकता था। जिला सिरमौर में स्थित गिरि नदी पर बनने वाले 148 मीटर (नदी के तल) ऊंचे रेणुका बांध से 24 किलोमीटर लंबी झील (परशुराम सागर) के वजूद में आने से 48 घंटे तक बाढ़ को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे दिल्ली सहित आसपास के राज्यों में बाढ़ की स्थिति से बचा जा सकता है। बीते दिनों भारी बारिश के चलते दिल्ली…
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बादल फटा, 60 मीटर सड़क बही, गाड़ियां फंसी, बागवान परेशान
कुल्लू हिमाचल में बारिश से नुकसान का सिलसिला जारी है। कुल्लू जिले में शुक्रवार शाम को खनेरनाला में बादल फटने से खनाग-जुहड़ व टकरासी सड़क का करीब 60 मीटर हिस्सा पूरी तरह से बह गया है। इससे रघुपुर घाटी की आठ पंचायतों का संपर्क उपमंडल व जिला मुख्यालय से कट गया है। वहीं इसी नाले से जोड़ी गई दो पेयजल योजनाएं भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं। सड़क के बहने से यहां कई गाड़ियां भी फंस गई हैं और बस सेवा भी पूरी तरह से ठप हो गई है। कुछ दिनों बाद घाटी में सेब का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बागवानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं मंडी जिला के सराज के छतरी में नाले में बाढ़ आने से दो कारे बह गईं। पेड़ गिरने से चार गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। हिमाचल में शनिवार और रविवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 7 अगस्त से बारिश से थोड़ी राहत मिलने का पूर्वानुमान है। बिलासपुर के बम्म गांव में पशुशाला जमींदोज होने से भैंस की मौत हो गई। उधर, मंडी जिले में बारिश का कहर जारी है। मंडी, सरकाघाट, बल्ह, सराज, नाचन और धर्मपुर में भारी बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है और मकानों को खतरा बन गया है। इससे कई सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई है। जिला कुल्लू के आनी और बंजार क्षेत्र में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। तीर्थन नदी के साथ क्षेत्र के नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने लोगों को बरसात के मौसम में नदी-नालों की तरफ न जाने की हिदायत दी है। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की कई संपर्क सड़कों पर भी यातायात प्रभावित चल रहा है। चंडीगढ़–मनाली एनएच एक बार फिर बंद चंडीगढ़-मनाली एनएच एक बार फिर भारी बारिश के चलते शुक्रवार देर शाम को 7:00 बजे मलबा आने के कारण 6 मील के पास पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क के सुबह तक खुलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। एएसपी मनमोहन ने बताया कि मार्ग 7:00 बजे बंद हो गया है। उल्लेखनीय है कि दिन के समय भी हाईवे मंडी के पास एक घंटा बाधित हो गया था।
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सोलन कालका-शिमला फोरलेन शुक्रवार को तीसरे दिन भी बंद रहा। शनिवार को बारिश नहीं हुई तो शाम तक छोटे वाहनों के लिए फोरलेन बहाल हो जाएगा। शुक्रवार को वैकल्पिक मार्गों पर जाम लमा रहा। इससे आवाजाही करने वाले लोगों का खर्च ज्यादा हो गया है। शुक्रवार को दूध, ब्रेड समेत अन्य जरूरी सामान की सप्लाई सोलन और शिमला नहीं पहुंची। भारी बारिश के चलते चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे मंडी के पास एक घंटा बाधित रहा। बिलासपुर के बम्म गांव में पशुशाला जमींदोज होने से…
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शिमला मौसम का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन से चार नेशनल हाईवे और 468 सड़कों पर यातायात बंद हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं। गुरुवार रात को हमीरपुर की दरब्यार पंचायत में स्टेलपोश मकान गिरने से सो रहे एक ही परिवार के छह सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला। शिमला जिले से सबसे ज्यादा 220 और कुल्लू में 115 सड़कें बंद हैं। वहीं, राज्य में 552 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हैं। 224 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित चल रही हैं। शिमला, कुल्लू व मंडी में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। पौंग बांध से तीसरे दिन भी पानी छोड़ा शुक्रवार को पौंग बांध से तीसरे दिन भी पानी छोड़ा गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई इलाकों के लिए शनिवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 30 जुलाई से मौसम में कुछ सुधार होने से राहत के आसार हैं। किन्नौर के नाथपा गांव की पहाड़ी से पिछले चार दिनों से लगातार चट्टानें गिरना जारी है। इससे गांव को खतरा पैदा हो गया है। शुक्रवार सुबह 5:15 बजे पहाड़ी से भूस्खलन होने पर नाले के साथ मौजूद गांव के पांच मकान खाली करवाए गए। कोटसारी में भूस्खलन से मकानों में दरारें आने से तीन परिवार बेघर हो गए हैं। लोअर कोटी गांव में मकान क्षतिग्रस्त वहीं लोअर कोटी गांव में प्रदीप ठाकुर का मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ है। नाथपा गांव में पहाड़ी दरकने से ग्रामीणों ने खौफ के साये में रात गुजारी। कक्षस्थल में पहाड़ से चट्टानें गिरने से दोमंजिला मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। दंपती, बेटे और 6 मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। नेशनल हाईवे पांच रामपुर के ब्रौनी खड्ड में भूस्खलन से फिर बंद हो गया है। इसके अलावा कुल्लू-मनाली, कुल्लू-आनी और चंबा-भरमौर एनएच भी ठप पड़ा है। उधर, किन्नौर प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए बाढ़ग्रस्त कांधार, खुडणा और शीलाभावी गांव में मकान खाली करवा दिए हैं। चंडीगढ़-मनाली मार्ग दो स्थानों पर मलबा गिरने से बंद सरपारा पंचायत घर और मंदिर में प्रभावितों के रहने का इंतजाम किया गया है। उधर, मंडी जिला में भारी बारिश के चलते चंडीगढ़-मनाली मार्ग दो स्थानों पर मलबा गिरने से बंद है। मंडी-पठानकोट हाईवे की सड़क पर ऐहजू, चौंतड़ा व बीड़ मार्ग पर भारी बारिश से जलभराव से दुकानों में पानी घुस गया। सरकाघाट की सुलपुर जबोठ पंचायत में बारिश में एक पेजयल योजना जबोठी खड्ड में बह गई है। बल्ह क्षेत्र में कलखर से रिवालसर मार्ग आठ घंटे बाधित रहा। मनाली के बाहंग नाले में बाढ़ से पानी सड़क पर आ गया शुक्रवार को मनाली सहित कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मनाली के बाहंग नाले में बाढ़ से पानी सड़क पर आ गया। पार्वती घाटी के छरोड़नाला में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं पार्वती व तीर्थन घाटी में लोगों के घरों के आसपास दरारें पड़ने से खतरा बढ़ गया है। राजधानी शिमला में शुक्रवार को मौसम मिलाजुला रहा। सुबह के समय शहर में बादल बरसे। दोपहर को मौसम साफ हुआ। शाम को फिर बारिश हुई। पुलिस लाइन सोलन के पास चौथी बार धंसा हाईवे का हिस्सा वहीं, कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर सोलन बाईपास में पुलिस लाइन के पास चौथी बार…
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तीन दिनों से कमेड़ा में बंद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे खोलने का काम जारी है। यहां सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी कटिंग के लिए दोनों ओर से जेसीबी लगी है। बुधवार को बारिश के बाद भी हाईवे निर्माण का काम जारी रहा। वहीं जखेड़ गदेरे में पानी अधिक होने से एनएच की ओर से यहां पुलिया बनाने की भी तैयारी है। एनएचआईडीसीएल के डीजीएम शैलेंद्र कुमार ने कहा कि हाईवे शुक्रवार सुबह तक बहाल कर दिया जाएगा। गदेरे में ज्यादा पानी होने के कारण अभी यहां अस्थायी पुलिया बनाई जाएगी ताकि पैदल आवाजाही हो सके। देवाल- बुरकोट गदेरे में मलबा आने से लोहाजंग-वाण सड़क बंद हो गई है जिससे वाण गांव तक वाहन नहीं जा सकेंगे। इस गदेरे पर…
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देहरादून उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई। वहीं, मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आज चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। बारिश से होने वाले भूस्खलन से संवेदनशील इलाकों में सड़क मार्ग और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। ऐसे में मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाए। उफान पर बह रही नदियां यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रात से हो रही बारिश से यमुना नदी, हनुमान गंगा, बडियार नदी उफान पर चल रही है। उधर, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे समेत 296 सड़कें बंद प्रदेश में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 296 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए 240 जेशीबी मशीनों को लगाया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 94 बड़कोट में डाबराकोट, खराड़ी और किशाला में तीन जगह बंद है। इसके अलावा 12 स्टेट हाईवे, आठ मुख्य जिला मार्ग, तीन जिला मार्ग, 139 ग्रामीण सड़कें और 133 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं। प्रदेशभर में कुल 277 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। मंगलवार को 91 सड़कें और बंद हुईं। कुल 368 बंद सड़कों में से मंगलवार शाम तक 72 सड़कों को ही खोला जा सका था। लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के लिए प्राथमिकता के तहत कार्यवाही की जा रही है। यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी में कई भवनों को खतरा भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे से लगे गीठ पट्टी के राना गांव, बाडिया गांव में कई आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाडिया गांव में दो परिवारों ने घर छोड दिए। वहीं, राना गांव के मुकेश चौहान ने बताया कि गांव के बीचों-बीच आने वाले गदेरे व निर्माणाधीन राना निषणी सड़क के मलबे ने गांव साथ ही यमुनोत्री हाईवे व राना चट्टी के होटल व्यवसायियों की नींद उड़ा दी है। मलबा होटल, घरों, हाईवे पर पसरा हुआ है। गंगोत्री हाईवे का पांच मीटर हिस्सा धंसा मनेरी-सिलकुरा के समीप गंगोत्री हाईवे पर भू- कटाव शुरू हो गया है। हाईवे का करीब पांच से सात मीटर हिस्सा धंस गया है। वहीं सड़क के अंदर से पानी रिस रहा है। बदरीनाथ हाईवे कई जगह बंद मंगलवार रात भारी बारिश से कर्णप्रयाग सहित पिंडर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कर्णप्रयाग में उमा महेश्वर आश्रम के पास बदरीनाथ हाईवे पर रात नौ बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क बंद है। यहां पर करीब 30 से 40 वाहन फंसे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है। बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा में सड़क खोलने का काम जारी है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे नलगांच, नारायणबगड़ में परखाल तिराहा, हरमनी, मल्यापौड़ व बैनोली बैंड में मलबा आने से बंद है। उधर, नादायणबगड़ में अस्पताल के सामने मलबा भर गया है । साथ ही चार दुकानों के अंदर मलबा व पानी चला गया है।
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रामपुर बुशहर शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। वहीं कई सेब के बगीचों में पानी भर गया है। जानकारी के…
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मौसम ने पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक में कहर बरपाया हुआ है। पहाड़ों पर बादल फट रहे हैं तो मैदानी इलाके बाढ़ में डूब रहे हैं। राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, राजस्थान तक के लोग भारी बारिश या फिर बाढ़ से परेशान हैं। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि मौसम विभाग ने अभी क्या चेतावनी दी है? किस राज्य में कैसे हैं हालात? 1. दिल्ली एनसीआर : हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर ने मचाई तबाही दिल्ली एनसीआर बाढ़ में चपेट में है। यमुना के बाद अब हिंडन नदी में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे नोएडा, गाजियाबाद में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। नोएडा के ईको टेक इलाके की पार्किंग में खड़ी सैकड़ों गाड़ियां डूब गईं। हिंडन नदी के खतरे का निशान 205.8 मिमी है। अधिकारियों के अनुसार, यह फिलहाल 201.8 मिमी है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। पानी लगातार मकानों में घुस रहा है। अब तक 10 हजार से अधिक मकानों को खाली कराया जा चुका है। हजारों लोग प्रशासन के आश्रय स्थलों में हैं। जबकि कई लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। वहीं, सेक्टर-143 के पास पुराना सुथ्याना के डूब क्षेत्र में बने एक अवैध पार्किंग स्थल में खड़ी गाड़ियां भी डूब गई हैं। दिल्ली में भी हालात कुछ ठीक नहीं हैं। एक बार फिर से यमुना किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी आने लगा है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते हथनीकुंड से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते दिल्ली के कई इलाकों में पानी घुस गया है। लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। उत्तरप्रदेश : 21 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट यूपी में भी बारिश ने कई जिलों में बाढ़ के हालात बना दिए हैं। बुधवार सुबह से गाजियाबाद और नोएडा में तेज बारिश हो रही है। हिंडन नदी के जलस्तर बढ़ने से कई रिहायशी कॉलोनियों में पानी घुस गया है। नोएडा में 12वीं तक के स्कूलों को बंद कर दिया गया। वहीं, गाजियाबाद में बारिश में भीगते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। उसके बाद प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया। मंगलवार देर शाम मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, मेरठ में बारिश हुई। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए ढाई लाख क्यूसेक पानी का असर अब यमुना पर दिखने लगा है। मथुरा में यमुना खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पानी वृंदावन में परिक्रमा मार्ग तक आ गया है। कालीदह, चीरघाट, केशीघाट, जगन्नाथ घाट पर यमुना का पानी आ गया है। मुरादाबाद में एक युवक रामगंगा नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना के वक्त वो अपने दोस्त के साथ नदी पार करके अपने खेतों पर जा रहा था। युवक घर से पशुओं के लिए चारा लाने की बात कहकर निकला था। हादसे की सूचना पर पूरा गांव नदी किनारे उमड़ पड़ा। स्थानीय अधिकारियों की डिमांड पर SDRF की टीम ने रामगंगा नदी में बहे युवक की तलाश शुरू कर दी है। हिमाचल–उत्तराखंडमें हालात भयावह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और शिमला में बादल फटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुल्लू की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के चार बजे बादल फटने से पंचानाला और हुरला नाले में भयंकर बाढ़ आ गई। इसमें पांच मकान बह गए और 15 को नुकसान पहुंचा। छोटे-बड़े चार पुल भी बह गए और कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार रोड को नुकसान पहुंचा है। पार्वती घाटी के मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाले में आई बाढ़ में एक कैंपिंग साइट को नुकसान हुआ है। मलाणा प्रोजेक्ट के बांध से ऊपर से पानी बहने का सिलसिला जारी है। पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने से ब्यास का जलस्तर बढ़ गया है। 500 से अधिक सड़कें बंद हैं। इसी तरह शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। उत्तराखंड की बात करें तो यहां नंदप्रयाग में मलबा गिरने से बदरीनाथ मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। भूस्खलन के चलते यमुनोत्री मार्ग मंगलवार को भी बंद रहा। हालांकि, केदारनाथ यात्रा जारी है। राज्य में अभी 50 सड़कें बंद हैं, करीब 40 गांवों को बिजली आपूर्ति बाधित है। 400 छोटी-बड़ी नहरें बह गई हैं। हरिद्वार में गंगा अभी भी खतरे के निशाना (293 मीटर) से कुछ ऊपर 293.45 मीटर पर बह रही है। पंजाबमें क्या हुआ? पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते पंजाब के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सतलुज में उफान से फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों में काफी नुकसान हुआ है। फाजिल्का में भारत-पाक सीमा पर बसे गांव ढाणी नत्था सिंह वाला में पुल जलमग्न हो गया। फिरोजपुर के सीमांत गांव कालू वाला में बाढ़ से कई मकान ढह गए हैं। यहां ग्रामीणों को अपने मकानों की छत पर सामान लेकर बैठना पड़ा। हुसैनीवाला से सटे गांवों की कई सड़कें डूब गई हैं। फिरोजपुर के आठ और फाजिल्का के 10 स्कूल 29 तक बंद कर दिए गए हैं। कर्नाटक,ओडिशा, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात में भी बारिश दक्षिण और तटीय ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। मछुआरों को 27 जुलाई तक समुद्र में न जाने का निर्देश दिया गया है। महाराष्ट्र के राजगढ़ में भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। 26 जुलाई को सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं, कर्नाटक के तटीय इलाकों में बाढ़ की चेतावनी के कारण अधिकारियों ने स्कूलों, कॉलेजों में आज छुट्टी की घोषणा कर दी है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी यही हालात है। मंगलवार शाम को तेलंगाना के महबूबनगर में दो लड़कियां नहर में बह गईं। वहीं, राजस्थान के उदयपुर में मोरवानिया में दो युवक ब्रिज पर भारी पानी के बीच फंस गए। वे मोटरसाइकिल की मदद से ब्रिज पार करने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें क्रेन की मदद से बचाया गया। मौसम विभाग ने आज महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिन क्या होगा? मौसम विभाग ने उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिमी राज्यों तक में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं। वहीं, झारखंड और मेघालय में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। अगले तीन दिनों तक इन राज्यों में ऐसा ही मौसम रहेगा।
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के बाद कुदरत का कहर बरप रहा है। पहाड़ी इलाकों में नदी नाले उफान पर हैं। वहीं,…
View More उफान पर नदियां, मलबा गिरने से खतरे में आए कई घर, पहाड़ों में रास्ते बंदएक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट, – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
शिमला हिमाचल प्रदेश में रविवार को बारिश थमने से राहत तो मिली, लेकिन अगले चार दिन बादल बरसने का दौर जारी रहेगा। 27 जुलाई तक का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 29 तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। इससे दुश्वारियां फिर बढ़ेंगी। उधर, पिछले दिनों खराब रहे मौसम के चलते जिला कुल्लू समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। बिजली और पानी की आपूर्ति कई क्षेत्रों में बाधित है। प्रदेश में 696 सड़कें, 1,052 बिजली के ट्रांसफार्मर और 370 पेयजल योजनाएं अभी ठप हैं। मनाली-कुल्लू नेशनल हाईवे क्लाथ तक बहाल हो गया…
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