बिलासपुर बिलासपुर में वीरवार देर रात से हो रही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मंगरोट के पास पहाड़ से बड़ी चट्टान गिरने से शिमला-धर्मशाला हाईवे बंद हो गया है। यातायात को बिलासपुर शहर से डायवर्ट किया गया है। वहीं, पुराने चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर भी बिलासपुर से लेकर घागस तक करीब आधा दर्जन जगहों पर भूस्खलन हुआ है। हालांकि हाईवे पर यातायात चल रहा है। उधर, कुहमझवाड़ सड़क नाले में तबदील हो गई। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए पानी के बीच से गुजरना पड़ा। भूस्खलन से करीब दर्जन भर संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। घुमारवीं-बिलासपुर मार्ग कंदरौर के पास एक तरफ से धंस गया है,…
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दो नेशनल हाईवे समेत 242 सड़कें अवरुद्ध, दलदल में फंसी छात्रा
शिमला हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच शुक्रवार को भारी बारिश हुई है। प्रदेशभर में दो नेशनल हाईवे समेत 242 सड़कें अवरुद्ध हैं। वहीं 989 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप और 19 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। कालका शिमला नेशनल हाईवे-5 चक्कीमोड़ के पास भूस्खलन होने से बाधित हो गया है। चक्कीमोड़ के समीप दत्यार में भी भूस्खलन हुआ है। मंडी कुल्लू नेशनल हाईवे 6 मील और 9 मील के पास अवरुद्ध है। मंडी…
View More दो नेशनल हाईवे समेत 242 सड़कें अवरुद्ध, दलदल में फंसी छात्राकिंक्रेग में तीन मंजिला भवन के नीचे हुआ भूस्खलन, एक झुग्गी तबाह
मसूरी मसूरी शहर में भारी बारिश से तीन मंजिला भवन के नीचे भूस्खलन हो गया। इससे एक झुग्गी तबाह हो गई। वहीं, दूसरी झुग्गी में सो रहा परिवार बाल-बाल बच गया। प्रशासन ने भवन में रह रहे पांच परिवारों को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया है। किंक्रेग में भारी बारिश से तीन मंजिला भवन के नीचे पुश्ता ढह गया। मलबा नीचे बनी झुग्गियों पर गिरा, इससे एक झुग्गी तबाह…
View More किंक्रेग में तीन मंजिला भवन के नीचे हुआ भूस्खलन, एक झुग्गी तबाहनेपाल में जोरदार बारिश, फिर से उफनाएंगी घाघरा-राप्ती
गोरखपुर। गोरखपुर जिले में कम लेकिन नेपाल में हो रही जोरदार बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। श्रावस्ती जिले में राप्ती बैराज पर जलस्तर बढ़ने की वजह से नदी में 41678 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे अगले 24 घंटे में गोरखपुर-बस्ती मंडल में भी राप्ती और घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। नेपाल में होने वाली बारिश से ही राप्ती, रोहन, सरयू सहित अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ता है। बताया जा रहा है कि नेपाल में राप्ती नदी के कैचमेंट एरिया ( वह क्षेत्र जिसमें बरसने वाला जल नदियों में आकर मिलता है) में बारिश हो रही है। इस वजह से नदी का पानी बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार श्रावस्ती जिले में राप्ती बैराज पर खतरे का निशान 127.750 मीटर है। सोमवार…
View More नेपाल में जोरदार बारिश, फिर से उफनाएंगी घाघरा-राप्तीपहाड़ से मैदान तक बरसी आफत, कई लोग बहे, भवन हुए ध्वस्त
देहरादून उत्तराखंड में आज भी मौसम बिगड़ा हुआ है। बारिश पहाड़ से मैदान तक कहर बरपा रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। वहीं, रुद्रप्रयाग और कोटद्वार में भूस्खलन के कारण भवन ध्वस्त हो गए । नैनीताल और ऋषिकेश में दो लोग उफनाए बरसाती नदी नालों में बह गए। वहीं, आज राजधानी दून समेत आठ जिलों में भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग की ओर से देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत,…
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शाहतलाई( बिलासपुर)। जिले में रविवार को जमकर बादल बरसे। काफी दिनों के बाद हुई अच्छी बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।…
View More जमकर बरसे बदरा, किसानाें के चेहरे खिलेरेणुकाजी बांध रोक सकता है दिल्ली में बाढ़ से होने वाली तबाही, 48 घंटे तक पानी रोकने की क्षमता
ददाहू (सिरमौर) इस बरसात से दिल्ली में जो बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। बाढ़ जैसी भयावह स्थिति पर जिला सिरमौर का रेणुकाजी बांध विराम लगा सकता है। राजधानी दिल्ली की प्यास बुझाने के लिए बनाई जाने वाली रेणुकाजी बांध परियोजना दिल्ली में बाढ़ की स्थिति को रोकने में भी सहायक होगी। रेणुकाजी बांध प्रबंधन ने इसका दावा किया है। बीते दिनों दिल्ली में बाढ़ और जलभराव के चलते स्थिति गंभीर हो गई थी। इसके चलते करोड़ों रुपये की संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली की जनता इस त्रासदी से अभी तक उभर नहीं पाई है। यदि रेणुकाजी बांध का निर्माण हुआ होता तो दिल्ली को इस तबाही से बचाया जा सकता था। जिला सिरमौर में स्थित गिरि नदी पर बनने वाले 148 मीटर (नदी के तल) ऊंचे रेणुका बांध से 24 किलोमीटर लंबी झील (परशुराम सागर) के वजूद में आने से 48 घंटे तक बाढ़ को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे दिल्ली सहित आसपास के राज्यों में बाढ़ की स्थिति से बचा जा सकता है। बीते दिनों भारी बारिश के चलते दिल्ली…
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कुल्लू हिमाचल में बारिश से नुकसान का सिलसिला जारी है। कुल्लू जिले में शुक्रवार शाम को खनेरनाला में बादल फटने से खनाग-जुहड़ व टकरासी सड़क का करीब 60 मीटर हिस्सा पूरी तरह से बह गया है। इससे रघुपुर घाटी की आठ पंचायतों का संपर्क उपमंडल व जिला मुख्यालय से कट गया है। वहीं इसी नाले से जोड़ी गई दो पेयजल योजनाएं भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं। सड़क के बहने से यहां कई गाड़ियां भी फंस गई हैं और बस सेवा भी पूरी तरह से ठप हो गई है। कुछ दिनों बाद घाटी में सेब का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बागवानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं मंडी जिला के सराज के छतरी में नाले में बाढ़ आने से दो कारे बह गईं। पेड़ गिरने से चार गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। हिमाचल में शनिवार और रविवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 7 अगस्त से बारिश से थोड़ी राहत मिलने का पूर्वानुमान है। बिलासपुर के बम्म गांव में पशुशाला जमींदोज होने से भैंस की मौत हो गई। उधर, मंडी जिले में बारिश का कहर जारी है। मंडी, सरकाघाट, बल्ह, सराज, नाचन और धर्मपुर में भारी बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है और मकानों को खतरा बन गया है। इससे कई सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई है। जिला कुल्लू के आनी और बंजार क्षेत्र में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। तीर्थन नदी के साथ क्षेत्र के नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने लोगों को बरसात के मौसम में नदी-नालों की तरफ न जाने की हिदायत दी है। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की कई संपर्क सड़कों पर भी यातायात प्रभावित चल रहा है। चंडीगढ़–मनाली एनएच एक बार फिर बंद चंडीगढ़-मनाली एनएच एक बार फिर भारी बारिश के चलते शुक्रवार देर शाम को 7:00 बजे मलबा आने के कारण 6 मील के पास पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क के सुबह तक खुलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। एएसपी मनमोहन ने बताया कि मार्ग 7:00 बजे बंद हो गया है। उल्लेखनीय है कि दिन के समय भी हाईवे मंडी के पास एक घंटा बाधित हो गया था।
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सोलन कालका-शिमला फोरलेन शुक्रवार को तीसरे दिन भी बंद रहा। शनिवार को बारिश नहीं हुई तो शाम तक छोटे वाहनों के लिए फोरलेन बहाल हो जाएगा। शुक्रवार को वैकल्पिक मार्गों पर जाम लमा रहा। इससे आवाजाही करने वाले लोगों का खर्च ज्यादा हो गया है। शुक्रवार को दूध, ब्रेड समेत अन्य जरूरी सामान की सप्लाई सोलन और शिमला नहीं पहुंची। भारी बारिश के चलते चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे मंडी के पास एक घंटा बाधित रहा। बिलासपुर के बम्म गांव में पशुशाला जमींदोज होने से…
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शिमला मौसम का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन से चार नेशनल हाईवे और 468 सड़कों पर यातायात बंद हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं। गुरुवार रात को हमीरपुर की दरब्यार पंचायत में स्टेलपोश मकान गिरने से सो रहे एक ही परिवार के छह सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला। शिमला जिले से सबसे ज्यादा 220 और कुल्लू में 115 सड़कें बंद हैं। वहीं, राज्य में 552 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हैं। 224 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित चल रही हैं। शिमला, कुल्लू व मंडी में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। पौंग बांध से तीसरे दिन भी पानी छोड़ा शुक्रवार को पौंग बांध से तीसरे दिन भी पानी छोड़ा गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई इलाकों के लिए शनिवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 30 जुलाई से मौसम में कुछ सुधार होने से राहत के आसार हैं। किन्नौर के नाथपा गांव की पहाड़ी से पिछले चार दिनों से लगातार चट्टानें गिरना जारी है। इससे गांव को खतरा पैदा हो गया है। शुक्रवार सुबह 5:15 बजे पहाड़ी से भूस्खलन होने पर नाले के साथ मौजूद गांव के पांच मकान खाली करवाए गए। कोटसारी में भूस्खलन से मकानों में दरारें आने से तीन परिवार बेघर हो गए हैं। लोअर कोटी गांव में मकान क्षतिग्रस्त वहीं लोअर कोटी गांव में प्रदीप ठाकुर का मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ है। नाथपा गांव में पहाड़ी दरकने से ग्रामीणों ने खौफ के साये में रात गुजारी। कक्षस्थल में पहाड़ से चट्टानें गिरने से दोमंजिला मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। दंपती, बेटे और 6 मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। नेशनल हाईवे पांच रामपुर के ब्रौनी खड्ड में भूस्खलन से फिर बंद हो गया है। इसके अलावा कुल्लू-मनाली, कुल्लू-आनी और चंबा-भरमौर एनएच भी ठप पड़ा है। उधर, किन्नौर प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए बाढ़ग्रस्त कांधार, खुडणा और शीलाभावी गांव में मकान खाली करवा दिए हैं। चंडीगढ़-मनाली मार्ग दो स्थानों पर मलबा गिरने से बंद सरपारा पंचायत घर और मंदिर में प्रभावितों के रहने का इंतजाम किया गया है। उधर, मंडी जिला में भारी बारिश के चलते चंडीगढ़-मनाली मार्ग दो स्थानों पर मलबा गिरने से बंद है। मंडी-पठानकोट हाईवे की सड़क पर ऐहजू, चौंतड़ा व बीड़ मार्ग पर भारी बारिश से जलभराव से दुकानों में पानी घुस गया। सरकाघाट की सुलपुर जबोठ पंचायत में बारिश में एक पेजयल योजना जबोठी खड्ड में बह गई है। बल्ह क्षेत्र में कलखर से रिवालसर मार्ग आठ घंटे बाधित रहा। मनाली के बाहंग नाले में बाढ़ से पानी सड़क पर आ गया शुक्रवार को मनाली सहित कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मनाली के बाहंग नाले में बाढ़ से पानी सड़क पर आ गया। पार्वती घाटी के छरोड़नाला में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं पार्वती व तीर्थन घाटी में लोगों के घरों के आसपास दरारें पड़ने से खतरा बढ़ गया है। राजधानी शिमला में शुक्रवार को मौसम मिलाजुला रहा। सुबह के समय शहर में बादल बरसे। दोपहर को मौसम साफ हुआ। शाम को फिर बारिश हुई। पुलिस लाइन सोलन के पास चौथी बार धंसा हाईवे का हिस्सा वहीं, कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर सोलन बाईपास में पुलिस लाइन के पास चौथी बार…
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