मनाली (कुल्लू) :मनाली के जगतसुख गांव में रात पौने 12 बजे बादल फट गया। इसके बाद नाले से सड़क पर मलबा आ गया, जो सड़क तक पहुंच गया। इससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। वहीं कुल्लू के सैंज में बादल फटा है। पाशी गांव में ग्रामीणों को घर छोड़कर भागना पड़ा। सैंज बाजार भी प्रशासन ने सुबह चार बजे खाली करवाया दिया है। पाशी गांव में बदल फटने से लोगों में दहशत का माहौल है। उधर मौसम विभाग ने चार दिनों तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इससे लोगों को राहत के आसार नहीं है। प्रदेश में आगामी चार दिनों तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 26 जुलाई तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। आनी, निचार, सांगला में भारी बारिश के चलते 22 जुलाई तक स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं। गुरुवार शाम तक प्रदेश में 676 सड़कें और 1,138 बिजली के ट्रांसफार्मर बंद रहे।
View More मनाली के जगतसुख और कुल्लू के सैंज में फटा बादल, घर छोड़कर भागे ग्रामीणCategory: Natural Disaster
बिजली परियोजनाओं से भी खोखले हो रहे हैं पहाड़, कमजोर होकर दरकने की यह भी एक वजह
कुल्लू उत्तर भारत को रोशन करने वाले जिला कुल्लू के बिजली प्रोजेक्टों के निर्माण से पहाड़ नाजुक होने लगे हैं। इससे पहाड़ कमजोर होकर दरकने लगे हैं। जिला कुल्लू में करीब 20 बिजली प्रोजेक्ट हैं। इसमें अधिकतर का निर्माण पूरा हो गया है। कुछ का निर्माण चल रहा है। जिले में बाह्य सराज आनी-निरमंड से लेकर मनाली तक हर नदी-नालों पर प्रोजेक्ट बने हैं। इसमें 10 के करीब बड़े प्रोजेक्ट हैं, जिसकी उत्पादन क्षमता 100 मेगावाट से अधिक है। इतने ही माइक्रो प्रोजेक्ट हैं। उसमें एक से पांच मेगावाट तक बिजली पैदा हो रही है। इन प्रोजेक्टों में दस से 12 सुरंगों को निर्माण किया गया है। हजारों के हिसाब से हर भरे पेड़ों को काटा गया है। इसकी एवज में कुछ ही पेड़ों को लगाया जाता है। ब्यास में बाढ़ से हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड का लारजी में 126 मेगावाट का प्रोजेक्ट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसमें बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप है। 10 जुलाई को ब्यास, पार्वती, तीर्थन तथा सैंज नदी में आई बाढ़ से प्रोजेक्ट पूरी तरह तहस-नहस हो गया है। पावर हाउस में बाढ़ का पानी और मलबा घुसा है। प्रोजेक्ट को 658 करोड़ का नुकसान आंका गया है।
View More बिजली परियोजनाओं से भी खोखले हो रहे हैं पहाड़, कमजोर होकर दरकने की यह भी एक वजहअल्मोड़ा में तीन सड़कें बंद, 12 गांवों के लोगों की दुश्वारी बढ़ी
अल्मोड़ा। जिले में बंद सड़कों की वजह से 12 गांवों के लोग काफी परेशान हैं। तीन सड़कें बंद होने से यहां की चार हजार से अधिक की आबादी को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और ग्रामीणों का गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जिले में बारिश के बाद से तीन सड़कें बंद हैं। उडालीखाल-भेल्टागांव, हिनोला-कानेखल पाटी, पैसिया-पीपना-टनल सड़कों पर आवाजाही ठप रहने से 12 से अधिक गांवों का संपर्क कटा है और यहां की चार हजार से अधिक की आबादी परेशान है। हालात यह हैं कि दैनिक जरूरत के सामान का प्रबंध करने के लिए भी उन्हें बदहाल रास्तों और मलबा, बोल्डरों के बीच किसी तरह जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही इन्हें खोलकर आवाजाही शुरू करा दी जाएगी।
View More अल्मोड़ा में तीन सड़कें बंद, 12 गांवों के लोगों की दुश्वारी बढ़ीछह सड़कों पर थमे रहे वाहनों के पहिए, आठ हजार की आबादी परेशान
अल्मोड़ा। बारिश के बाद जिले में छह सड़कें बंद हैं। इन सड़कों पर आवाजाही ठप होने से 20 से अधिक गांवों का जिले से संपर्क…
View More छह सड़कों पर थमे रहे वाहनों के पहिए, आठ हजार की आबादी परेशानयूपी में तेज हुआ डेंगू का हमला, मरीजों से भरे अस्पताल, कानपुर में अबतक 17 की मौत
यूपी में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जनवरी 2022 से लेकर अभी तक कुल 11,183 मरीज मिल चुके हैं। सबसे ज्यादा लखनऊ…
View More यूपी में तेज हुआ डेंगू का हमला, मरीजों से भरे अस्पताल, कानपुर में अबतक 17 की मौतचमोली के थराली में भूस्खलन से 4 की मौत, मकानों पर बोल्डर गिरने से परिवार के 5 लोग दबे
देहरादून से दीपावली मनाने गया था परिवार चमोली। प्रदेश में से मॉनसून भले ही चला गया हो लेकिन लेकिन प्राकृतिक आपदा का कहर जारी है।…
View More चमोली के थराली में भूस्खलन से 4 की मौत, मकानों पर बोल्डर गिरने से परिवार के 5 लोग दबे