देहरादून बीते रात पुरोला क्षेत्र के अकरु जंगल में बादल फटने के कारण छाड़ा खड्ड, कमल नदी, माल गाड़ सहित अन्य गदेरे अचानक उफान पर आ गए। इसके चलते खेतों, सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं नगर क्षेत्र में कई घरों पानी और मलबा घुस गया। कई लोगों ने घरों से भाग कर अपनी जान बचाई। नहरें, सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। गाड़ियां व मोटर साइकिल बह गए। प्रदेशभर में बारिश से नुकसान हुआ है। धनारी क्षेत्र में धनपति नदी के उफान पर आने के कारण देवीधार में मोक्ष घाट बह गया। तो वहीं बड़कोट के गंगनानी में भारी मलबा आने के कारण 19 घरों और दुकानों सहित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में घुसा। उधर, टिहरी के घनसाली में भी मलबा आने से बारिश के कारण 14 मकानों को खतरा पैदा हो गया है। थौलधार ब्लाक के चापड़ा गांव में एक आवासीय मकान ढह गया। गनीमत यह रही कि उस वक्त घर में कोई नहीं था। पीड़ित के घर का अधिकतर सामान मलबे में दब गया। यमुनोत्री हाईवे सहित 299 सड़कें बंद प्रदेश में यमुनोत्री हाईवे समेत 299 सड़कें बंद हैं। बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी, पागलनाला, छिनका, नंदप्रयाग में अवरुद्ध हुआ था, जिसे दोपहर एक बजे खोल दिया गया। हाईवे में करीब आठ घंटे तक पांच हजार से अधिक यात्री फंसे रहे। शाम छह बजे नंदप्रयाग के पास बंद हुआ था, जिसे करीब आठ बजे खोल दिया गया। केदारनाथ हाईवे पर भी कई जगह मलबा आया है, लेकिन भूस्खलन क्षेत्रों में तैनात जेसीबी ने मलबा हटाकर हाईवे खोल दिया। यमुनोत्री हाईवे कई जगह अवरुद्ध हुआ है। कुछ स्थानों में तो खोल दिया, लेकिन गंगनानी में भारी मात्रा में मलबा आने के कारण मशीनें अब तक काम कर रही है। ओजरी डाबरकोट में लगातार पत्थर गिरने के कारण हाईवे खोलने का काम भी नहीं शुरू हो पाया है। प्रदेशभर में भारी बारिश का अलर्ट प्रदेश भर में 23 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
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बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा में 20 मीटर ध्वस्त, 1000 तीर्थयात्री फंसे, यमुनोत्री हाईवे तीसरे दिन भी बंद
बीती रात हुई भारी बारिश के बाद बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर बाधित हो गया है। गोचर के कमेड़ा में हाईवे करीब 20 मीटर तक ध्वस्त हो गया है। यहां भारी मात्रा में हाईवे पर मलबा आ गया है। इसके अलावा छिनका में भी पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने से हाईवे बाधित है। हाईवे बंद होने पर जगह-जगह 1000 से अधिक तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डाबरकोट पर लगातार बोल्डर और मलबा आने के कारण पिछले तीन दिनों से बंद है। यमुनोत्री धाम सहित गीठ पट्टी के कई गांव का सम्पर्क कट गया है। हाईवे बंद होने के कारण करीब 300 यात्री स्यानाचट्टी से लेकर जानकीचट्टी के बीच में फंसे हैं। प्रशासन का कहना सबको सुरक्षित स्थानों पर रुकवाया गया है। रविवार रात हुई भारी बारिश से चमोली जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा के पास करीब 200 मीटर से अधिक भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां पर 2011 में बनाई गई लाहे की पुलिया भी बह गई है। वहीं, कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे सिमलसैंण, बैनोलीबैंड, हरमनी, मल्यापौड़ में मलबा आने से बंद है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से उमट्टा के पास बंद हो गया है। उमट्टा में सड़क बंद होने से कर्णप्रयाग, गौचर व सिमली क्षेत्र से आने वाले स्कूली बच्चे एसजीआरआर जयकंडी नहीं जा सके। इन दोनों राजमार्गों पर कई वाहन फंसे हैं। साथ ही बारिश से गौचर में हवाई पट्टी के आसपास के घरों में पानी भर गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश सड़कें बंद हो गई है। कर्णप्रयाग बाजार में मलबा व कीचड़ आने से वाहनों और पैदल आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गैरसैंण के पास कालीमाटी में कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे अभी तक नहीं खुल पाया है। धारचूला (पिथौरागढ़): पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से जीप चालक घायल रविवार देर शाम बूंदी से धारचूला को लौट रहा एक जीप चालक कैलाश खंपा धारचूला तवाघाट मोटर मार्ग में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से घायल हो गया। सूचना मिलने पर धारचूला से पुलिस एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम घायल की मदद के लिए रवाना हुई लेकिन रास्ता बंद होने के कारण समय से मौके पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य दान सिंह और प्रेम सिंह ने घायल को अपने कमरे में रखा। घायल को धारचूला लाया जा रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर है।
View More बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा में 20 मीटर ध्वस्त, 1000 तीर्थयात्री फंसे, यमुनोत्री हाईवे तीसरे दिन भी बंदMumbai के कई हिस्सों में भारी बारिश, आईएमडी ने ‘येलो’ अलर्ट जारी किया
मुंबई। मुंबई में पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर भारी बारिश हुई और मौसम विभाग ने सोमवार को मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताते हुए शहर के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने कहा कि सोमवार सुबह आठ बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में मुंबई और पूर्वी एवं पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: औसतन 58.42 मिलीमीटर, 69.15 मिलीमीटर और 70.41 मिलीमीटर बारिश हुई। सुबह मुंबई में कुछ जगहों पर हल्की वर्षा या रुक-रुककर भारी वर्षा हुई, जबकि कुछ जगहों पर बारिश नहीं हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुंबई केंद्र ने सोमवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और मुंबई में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। बीएमसी के अधिकारियों ने कहा कि आईएमडी मुंबई ने सोमवार सुबह के अपने दैनिक मौसम पूर्वानुमान में अगले 24 घंटे में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई में कहीं भी जलजमाव की सूचना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, मध्य रेलवे एवं पश्चिम रेलवे और बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) उपक्रम की बस सेवाएं सामान्य रहीं।
View More Mumbai के कई हिस्सों में भारी बारिश, आईएमडी ने ‘येलो’ अलर्ट जारी कियाखोज एवं बचाव अभियान चौथे दिन फिर शुरू, 81 लोग अब भी लापता
मुंबई। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों ने महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के इरशालवाड़ी गांव में हुए भूस्खलन के बाद रविवार को चौथे दिन खोज एवं बचाव अभियान फिर से शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि इस भूस्खलन में कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ के एक अधिकारी के अनुसार, रविवार सुबह खोज एवं बचाव अभियान बहाल होने के बाद अभी तक कोई शव बरामद नहीं किया गया है। मुंबई से लगभग 80 किलोमीटर दूर तटीय रायगढ़ जिले की खालापुर तहसील में एक पहाड़ी पर स्थित आदिवासी गांव में बुधवार रात भूस्खलन हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि गांव के 48 में से कम से कम 17 मकान पूरी तरह से या आंशिक रूप से मलबे में दब गए। इससे पहले, अधिकारियों ने कहा था कि शनिवार को भूस्खलन में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 27 हो गई, जबकि 81 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अंधेरे और खराब मौसम के कारण शनिवार रात को खोज एवं बचाव अभियान बंद कर दिया गया था। रविवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। बचाव अभियान में मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, क्योंकि गांव तक जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं होने के कारण वहां मिट्टी की खुदाई करने वाले यंत्रों को ले जाना आसान नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक बरामद हुए 27 शवों में से 12 शव महिलाओं, 10 पुरुषों और चार बच्चों के हैं, जबकि एक व्यक्ति की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे ने शनिवार को इरशालवाड़ी के निवासियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाना चाहिए।
View More खोज एवं बचाव अभियान चौथे दिन फिर शुरू, 81 लोग अब भी लापताजम्मू-श्रीनगर National Highway पर भूस्खलन के बाद यातायात निलंबित
बनिहाल/जम्मू। जम्मू स्थित आधार शिविर से 3,000 से अधिक अमरनाथ यात्रियों का एक जत्था शनिवार सुबह कश्मीर के लिए रवाना हुआ, लेकिन भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अधिकारियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करते हुए उसे रामबन में रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि 270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेहर और दलवास इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन होने की सूचना मिली है। यह कश्मीर को हर मौसम में देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तड़के 3,472 तीर्थयात्रियों का 20वां जत्था 132 वाहनों के जरिये जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर के लिए रवाना हुआ, लेकिन राजमार्ग बंद होने के कारण उसे चंद्रकोट में रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 2,515 तीर्थयात्रियों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग से अमरनाथ गुफा की यात्रा करने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 957 तीर्थयात्री गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से अमरनाथ गुफा पहुंचेंगे। दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए एक जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजमार्ग पर यातायात जल्द बहाल करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सड़क से मलबा हटाने का अभियान जारी है। वहीं, मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की सूचना मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, कठुआ जिले जैसे कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के साथ पूरे दिन पानी बरसने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद रविवार को छिटपुट स्थानों पर रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होगी। अधिकारियों के अनुसार, चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जम्मू के बाहरी इलाके अखनूर सेक्टर के घड़खल स्थित गुज्जरों की एक बस्ती शनिवार सुबह जलमग्न हो गई। अधिकारियों ने बताया कि अखनूर में चिनाब नदी का वर्तमान जलस्तर 29.6 फुट है, जबकि बाढ़ चेतावनी स्तर 32 फुट है।
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शिमला हिमाचल प्रदेश में पहली बार जुलाई में बादल झमाझम बरस रहे हैं। 1 से 21 जुलाई तक प्रदेश में अभी तक सामान्य से 115 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। कुल्लू, किन्नौर, शिमला, सोलन, सिरमौर में भारी बारिश दर्ज हुई है। बीते 19 वर्षों में 16 बार जुलाई में सामान्य से कम बरसात हुई है। सिर्फ तीन बार वर्ष 2005, 2021 और 2022 में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इस दौरान सामान्य से सिर्फ चार से सात फीसदी अधिक बादल बरसे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बीते कई वर्षों के दौरान जुलाई के पूरे माह में इतनी बारिश नहीं हुई है। जितनी इस बार 21 जुलाई तक हो गई है। इस माह के अंत तक बारिश का आंकड़ा और अधिक पहुंचने के आसार हैं। इस माह के दौरान किन्नौर में सामान्य से 274 फीसदी, कुल्लू में 242, शिमला में 222, सिरमौर में 187, सोलन में 179, बिलासपुर में 135, चंबा में 99, हमीरपुर में 82, लाहौल स्पीति में 71, मंडी में 73, ऊना में 66 और कांगड़ा जिला में 41 फीसदी अधिक बादल बरसे हैं। एक से 21 जुलाई तक प्रदेश में 354 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। जबकि इस अवधि के लिए 165 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि इस बार जुलाई के दौरान मानसून सक्रिय रहा है। आने वाले एक सप्ताह तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मानसून सीजन में अभी तक 78 फीसदी अधिक बारिश दर्ज प्रदेश में 24 जून को मानसून ने प्रवेश किया है। 24 जून से 21 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 78 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। प्रदेश में 475 मिलीमीटर बारिश हुई है। सितंबर अंत तक मानसून प्रदेश में सक्रिय रहेगा। ऐसे में बारिश की मात्रा और अधिक बढ़ने का पूर्वानुमान है। पुराने मानसून सीजनों का रिकॉर्ड टूटने का पूर्वानुमान प्रदेश में इस बार पुराने मानसून सीजनों का रिकॉर्ड टूटने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में मानसून को आए सिर्फ एक माह हुआ है। पूरे सीजन की करीब 40 फीसदी बारिश इस दौरान हो चुकी है। आने वाले ढाई माह में और अधिक बारिश होने पर पुराने रिकॉर्ड टूटने की संभावना बन गई है। साल 2011 से 2022 तक हर बार मानसून सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश ही हुई है।
View More जुलाई में पहली बार सामान्य से 115 फीसदी अधिक बारिश, कई रिकॉर्ड टूटेशिमला-कुल्लू में बादल फटा, तीन लापता; चंबा में स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट
(शिमला)/चंबा/कुल्लू हिमाचल प्रदेश में चार दिनों तक भारी बारिश का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 22 जुलाई के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 23 से 25 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट है। उधर, शिमला के रोहड़ू में छौहारा विकास खंड की कलोटी खड्ड में बादल फट गया। चिड़गांव तहसील के लैला में तीन लोगों के मलबे में दबने की खबर है। जगोटी गांव के रोशन लाल और उनकी धर्म पत्नी भागा देवी लैला में ढाबा चलाते थे। बीती रात उनका पोता कार्तिक भी उनके साथ लैला में ही था। लैला खड्ड में आए भारी फ्लड में ढाबा बह गया। जिसके बाद तीनों लापता हैं। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ जेसीबी की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में बादल फटने का समाचार है। भलाण एक पंचायत के खोड़ाआगे में शुक्रवार शाम को बादल फटा है। बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। भूस्खलन के चलते खोड़ाआगे गांव के 30 मकानों को खाली कर दिया गया है। गड़सा-खोड़ाआगे सड़क बाढ़ में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। बादल फटने के बाद गांव के लोगों में दशहत का माहौल है। भलाण एक पंचायत प्रधान कोयला देवी ने कहा कि पालगी से नीचे ओर खोड़ाआगे में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सिरमौर जिले के नाहन में सीजेएम आवास के पास शिमला रोड पर सड़क के किनारे भूस्खलन हुआ है। यहां पार्क की गईं दो गाड़ियां डंगे से नीचे गिर गईं। मुख्य सड़क यातायात के लिए सुचारू है। वहीं, चंबा जिले के भरमौर और भटियात उपमंडल के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र आज बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। जिले में सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते यह फैसला लिया गया है। मौसम केंद्र के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में चल रही वर्षा गतिविधि में आज से अगले 48 घंटों के लिए वृद्धि होने की संभावना है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिले के कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, ऊना, हमीरपुर, किन्नौर और लाहौल जिले में भारी बारिश की संभावना है। इस अवधि के दौरान प्रदेश के निचले और मध्य पर्वतीय जिलों में चार दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है। प्रदेश के कई भागों में 27 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।
View More शिमला-कुल्लू में बादल फटा, तीन लापता; चंबा में स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्टयमुनोत्री हाईवे के पास पहाड़ी से मलबा-पत्थर गिरने का सिलसिला जारी, मौसम ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
देहरादून उत्तरकाशी के बड़कोट में यमुनोत्री घाटी में रातभर मूसलाधार बारिश के चलते यमुना नदी और नाले उफान पर हैं। यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह मलबा, बोल्डर और दलदल होने से आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू बैंड और गंगनानी के पास मलबा और पत्थर आने के कारण मार्ग बाधित है। जिसके बाद उत्तराखंड के उत्तरकाशी में पर्यटकों और स्थानीय लोगों सहित बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। वाहन मलबे में फंसे हुए हैं, जिससे यात्री परेशान हैं। एनएच बड़कोट के द्वारा मार्ग खोलने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, पुरोला इलाके में आधी रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। छाड़ा खड में बादल फटने की आशंका है। धान के रोपे खेतों को भारी भूकटाव हुआ है। इससे आवासीय भवनों को खतरा है। छाडा खंड में उफान से तीन छोटी गाड़ी और बाइक बहने की खबर है। उत्तरकाशी प्रशासन के मुताबिक, छटांगा समेत कई जगहों पर यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया है, स्थिति का जायजा लेने के लिए एक तहसीलदार को भेजा गया है। उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि बड़कोट क्षेत्र में गंगनानी के पास भारी बारिश के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर काफी मलबा और पत्थर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में जलजभराव हो गया। स्कूली बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा है। राहत कार्य के लिए राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन विभाग की एक-एक टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। उधर, लगातार बारिश जारी रहने की वजह से चमोली जिले के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी मलबा गिरने के कारण तीन स्थानों पर अवरुद्ध हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना के कारण बड़ी संख्या में यात्री राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर घंटों तक फंसे रहे। चमोली पुलिस ने शनिवार सुबह एक ट्वीट में कहा कि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदप्रयाग, बेलाकुची और पागलनाला में मलबा आने के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों में देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल में अलग-अलग स्थानों पर आंधी और बिजली के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार जिले के दमकोठी में जलभराव के संबंध में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उच्च अधिकारियों को भी लगातार स्थिति पर नजर रखने को कहा है। गंगनानी के पास यमुनोत्री हाईवे को खोलने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन मौसम खराब होने के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ रही है। उधर ओजरी डाबरकोट में पत्थर मलबा बोल्डर लगातार
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पौड़ी उत्तराखंड में पौड़ी के थलीसैंण में गुरुवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। थलीसैंण-पीठसैंण-बुंगीधार मोटर मार्ग पर बगवाड़ी गांव के समीप पुल के एक हिस्से का पुश्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे चौथान पट्टी के पांच से अधिक गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। जबकि पट्टी के 80 गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई है। पट्टी के ग्रामीणों को भीड़ा-जसपुर-उफरैंखाल मोटर मार्ग से 30 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना होगा। इस आपदा से पट्टी के रौली गांव के एक ग्रामीण की गौशाला बह गई है। जिसमें 10 बकरियां व दो बैल लापता हैं। जबकि एक बकरी का शव बरामद हो गया है। साथ ही रौली और बगवाड़ी गांव के ग्रामीणों के खेत बह गए हैं। थलीसैंण ब्लाक के चौथान पट्टी में लगातार हो रही बारिश के बीच रौली गांव के समीप बीते गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे बादल फटने की घटना हुई। जिसके बाद पास का गदेरा उफान पर आ गया। जिसमें रौली गांव के ग्रामीण चंदन सिंह की गौशाला बह गई। ग्रामीण के अनुसार, गौशाला में दो बैल व 11 बकरियां थी। अभी सिर्फ एक बकरी बरामद हुई है। जबकि अन्य लापता हैं। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व पुलिस, लोनिवि बैजरों के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचकर आपदा में हुई क्षति का आंकलन करने में जुट गए हैं। नायब तहसीलदार थलीसैंण आनंदपाल ने बताया कि पुल पर आवाजाही बंद होने से चौथान पट्टी के बगवाड़ी, व्यासी, रणगांव, सुंदरगांव, पीठसैंण आदि गांवों का यातायात ठप हो गया है। खतरे की जद में आया मकान एनटी आनंदपाल ने कहा कि रौली गांव में एक मकान भू-स्खलन की जद में आ गया है, लेकिन उस मकान में कोई नहीं रहता है। साथ ही रौली गांव में पेयजल लाइन टूटने से जलापूर्ति भी बंद हो गई है। एनटी आनंद पाल ने कहा कि आपदा से हुई क्षति का आंकलन किया जा रहा है। प्रभावितों को जल्द ही मानकानुसार मुकावजा प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर कानूनगो भीम सिंह असवाल, राजस्व उपनिरीक्षक जितेंद्र रावत, सहायक अभियंता लोनिवि सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।
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देहरादून उत्तराखंड में आज भी मौसम बिगड़ा हुआ है। प्रदेशभर में बारिश ने परेशानी खड़ी कर दी है। भूस्खलन और मलबा आने से गंगोत्री-यमुनोत्री और बदरीनाथ हाईवे बंद हो गए हैं। यमुनोत्री हाईवे पर राना चट्टी से आगे झर्झरगाड़ के पास 100 से अधिक भू-धंसाव हो गया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ में भी बंद है। जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई है। उधर, केदारनाथ हाइवे पर भी जगह जगह पत्थर गिर रहे हैं। हाईवे को खोलने का काम जारी है लेकिन बार-बार बारिश होने से मलबा हटाने में दिक्कतें आ रही हैं। वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से धरासू बैंड में पुलिस ने रोक दिया है। गंगोत्री हाईवे बंदरकोट में बंद होने के चलते पुलिस ने वाहनों को ओपन टनल से पहले रोक दिया है। उत्तरकाशी में बंद रहेंगे स्कूल आगामी दो दिन भारी बारिश के अलर्ट को को देखते हुए उत्तरकाशी में कल 12 जुलाई को कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल ओर आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। उफान पर खीरगंगा हर्षिल घाटी के धराली में खीरगंगा उफान पर है। खीरगंगा के उफान पर आने से धराली बाजार को खतरा पैदा हो गया है। वहीं, हर्षिल और गंगोत्री घाटी मे दो दिन से विद्युत आपूर्ति ठप है। फाटा में बाइक सवार की मौत रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ मार्ग पर फाटा में सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। हाईवे पर एक बाइक हादसे का शिकार हो गई। जिसमें एक यात्री की मौत हो गई। गुर्जर डेरे में घुसा पानी लैंसडोन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के अंतर्गत गुर्जर डेरे में तेली श्रोत का पानी घुस गया। वन कर्मियों में रेस्क्यू कर गुर्जरों की सुरक्षित निकाला। रेंज अधिकारी अजय ध्यानी ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं।
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