Category: metro-rail

  • भारत मंडपम में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ की रौनक, बना बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा

    भारत मंडपम में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ की रौनक, बना बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा

    भारत मंडपम में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ की रौनक, बना बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा प्रदर्शित लोकोमोटिव मॉडल
    संतोष कुमार नागवंशी
    दिल्ली, प्रगति मैदान में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ 3 जनवरी से शुरू हुई ये ‘मेगा प्रदर्शनी’ भारत मंडपम में आगामी 10 जनवरी तक लगाई गई है।माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘आत्म निर्भर भारत’ की मुहिम में अन्य मंत्रालयों के साथ ही रेल मंत्रालय की भागीदारी को सुनिश्चित करते इस उत्सव में
    भारतीय रेल के विकास यात्रा को बहुत ही अच्छे ढंग से दिखाया गया है मंडप अयोध्या रेलवे स्टेशन के थीम पर बनाया गया है जो देखने में बेहद ही आकर्षक है। देश के कोने-कोने से आए उद्यमियों से यहां न केवल आप मिल सकते हैं बल्कि उनके उत्पादों को खरीद भी सकते हैं।रेल मंडप में बरेका द्वारा निर्यातित रेल इंजन मॉडल  आकषर्ण का केंद्र बना हुआ है।’बदलते भारत की अवसंरचना’ की विषयवस्तु के साथ रेल मंडप में रेल अपनी प्रगतिशील यात्रा को प्रदर्शित कर रहा है रेलवे
    आगंतुक “नारी शक्ति” को समर्पित विशेष सेल्फी बूथ पर फोटो खींचकर अपनी यात्रा को स्मरणीय बना सकते हैंबदलते भारत की अवसंरचना’ की विषयवस्तु के साथ हॉल नंबर-6 में रेल मंडप स्थापित किया गया है। इस मंडप में बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा निर्मित किए गए रेल इंजनों जिन्हें विभिन्न देशों तंजानिया, वियतनाम, बांग्लादेश,श्रीलंका, मलेशिया, सूडान, म्यांमार, अंगोला, सेनेगल, माली, मोजांबिक में निर्यात किया गया है उन सभी रेल इंजन मॉडलों को एक विशेष बूथ पर आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।जो आगंतुकों विशेष कर बच्चों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इस अवसर पर जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने आगंतुकों को लोकोमोटिव से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी विस्तार पूर्वक दिया।इस मंडप में भारतीय रेलवे के कई पहलुओं को रेखांकित किया गया है, जहां विभिन्न विषयवस्तुओं को चित्रों, ट्रांसलाइट और मॉडल आदि के माध्यम से उनकी तकनीकी व संरचनात्मक प्रगति के साथ प्रदर्शित किया गया है।रेल मंडप में विभिन्न प्रकार के लोकोमोटिव के मॉडल व अयोध्या रेलवे स्टेशन के मॉडल को दिखाया गया है।
     साथ ही आगंतुक कियोस्क के माध्यम से रेल संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते है
  • भारत की 10 लोकप्रिय कारें, जिनमें हो रहा है एक जेनरेशन का अहम बदलाव, जानें डिटेल्स

    भारत की 10 लोकप्रिय कारें, जिनमें हो रहा है एक जेनरेशन का अहम बदलाव, जानें डिटेल्स

    भारत की 10 लोकप्रिय कारें, जिनमें हो रहा है एक जेनरेशन का अहम बदलाव, जानें डिटेल्स
    नई दिल्ली

    भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक परिवर्तनकारी बदलाव के लिए तैयार हो रही है। क्योंकि देश के सबसे लोकप्रिय कार मॉडल एक जेनरेशन के महत्वपूर्ण बदलाव से गुजरने वाले हैं। आगामी लाइनअप में बहुप्रतीक्षित नई मारुति स्विफ्ट हैचबैक और डिजायर कॉम्पैक्ट सेडान शामिल हैं, जो और भी ज्यादा स्टाइल, परफॉर्मेंस और मजबूत हाइब्रिड टेक्नोलॉजी का वादा करती हैं। किआ की कार्निवल एमपीवी पारिवारिक वाहनों के लिए मानक बढ़ाने के लिए तैयार है, जबकि ह्यूंदै की वेन्यू सबकॉम्पैक्ट एसयूवी अर्बन मोबिलिटी को फिर से परिभाषित करने के लिए तैयार है। टोयोटा की फॉर्च्यूनर एसयूवी को अपना दबदबा बरकरार रखने के लिए नया रूप दिया जा रहा है, और होंडा की अमेज कॉम्पैक्ट सेडान से ज्यादा आराम और एफिशिएंसी मिलने की उम्मीद है। महिंद्रा बोलेरो एसयूवी मॉडर्न एडवेंचर पंसद लोगों के लिए विकसित हो रही है। और टाटा मोटर्स नई पीढ़ी की नेक्सन सबकॉम्पैक्ट एसयूवी, टियागो हैचबैक और टिगोर कॉम्पैक्ट सेडान, स्टाइल और सामग्री का मिश्रण पेश कर रही है। यहां हम आपको आने वाली इन कारों के बारे में कुछ अहम डिटेल्स बता रहे हैं।

    आगामी न्यू जेनरेशन के स्विफ्ट और डिजायर मॉडल एक नए स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन की शुरूआत के साथ-साथ डिजाइन और इंटीरियर फीचर्स में महत्वपूर्ण बदलाव करने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों मॉडल 1.2-लीटर 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन से लैस होंगे, जिनमें टोयोटा की एटकिंसन साइकिल टेक्नोलॉजी भी मिलेगी। यह पावरट्रेन नई स्विफ्ट और डिजायर को भारत में सबसे ज्यादा ईंधन-कुशल कार बनाने का वादा करता है, जिसमें 35-40 किमी प्रति लीटर का एआरएआई-रेटेड माइलेज है। हैचबैक के निचले वैरिएंट में 1.2-लीटर डुअलजेट पेट्रोल इंजन की सुविधा जारी रह सकती है, जो 89 bhp का पावर और 113 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। इंटीरियर की बात करें तो, दोनों मॉडलों को वायरलेस स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, सुजुकी वॉयस असिस्ट और ओटीए अपडेट के साथ एक नया स्मार्टप्ले प्रो+ टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, इसमें 360-डिग्री कैमरा, ऑल-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, HUD (हेड-अप डिस्प्ले) और वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर्स हो सकते हैं।

    Kia Carnival
    किआ कार्निवल के न्यू जेनरेशन मॉडल के 2024 की शुरुआत में बाजार में आने की उम्मीद है। इसे ऑटो एक्सपो में पब्लिक डेब्यू के दौरान KA4 के नाम से पेश किया गया। इस पीढ़ी के बदलाव के साथ, प्रीमियम एमपीवी ज्यादा एंगुलर और एसयूवी-प्रेरित स्टांस मिलेगी, जो किआ की नई डिजाइन लैंग्वेज है। इसके इंटीरियर में डुअल-टोन बेज और ब्राउन थीम है, साथ में दो 12.3-इंच स्क्रीन हैं- एक टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम के लिए और एक इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए। 2024 किआ कार्निवल दूसरी पंक्ति में आर्मरेस्ट, एडजस्टेबल बैकरेस्ट और लेगरेस्ट के साथ रिक्लाइनिंग ‘कैप्टन चेयर’ के साथ आएगी। नए मॉडल का आकार भी बड़ा हो गया है। इसमें 199 bhp का पावर और 440 Nm का टॉर्क जेनरेट करने वाला टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन मिलेगा।

    ह्यूंदै वेन्यू 2025 में अपनी दूसरी पीढ़ी की शुरुआत के लिए तैयार हो रही है। खास तौर से, यह 150,000 यूनिट्स की वार्षिक उत्पादन क्षमता के साथ नई तलेगांव प्लांट से निकलने वाला पहला ह्यूंदै उत्पाद होगा। आंतरिक रूप से प्रोजेक्ट का नाम Q2Xi रखा गया है। 2025 ह्यूंदै वेन्यू में अंदर और बाहर दोनों जगह व्यापक बदलाव होने की उम्मीद है। हालांकि, इन बदलावों के बारे में विशिष्ट डिटेल्स फिलहाल सीमित हैं।

    टोयोटा की लोकप्रिय फॉर्च्यूनर एसयूवी को 2024 में जेनरेशनल अपग्रेड मिलने वाला है, जिसमें इसकी अंडरपिनिंग्स, डिजाइन और फीचर्स में खासे बदलाव होंगे। यह निश्चित रूप से 2024 में आने वाली बहुप्रतीक्षित नई कारों में से एक है। नई फॉर्च्यूनर IMV आर्किटेक्चर के बजाय नए TNGA-F प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी। इसके डिजाइन अपडेट नए टैकोमा पिकअप ट्रक से प्रेरणा लेंगे, और इसमें माइल्ड हाइब्रिड टेक्नोलॉजी और एक इंटीग्रेटेड स्टार्टर जनरेटर (आईएसजी) के साथ एक नया 2.8-लीटर डीजल इंजन होने की उम्मीद है। इन अपडेट का उद्देश्य फॉर्च्यूनर के माइलेज को बेहतर बनाना है। फीचर्स की बात करें तो, यह एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) टेक्नोलॉजी, एक हाइड्रोलिक स्टीयरिंग व्हील और व्हीकल स्टैबिलिटी कंट्रोल जैसे फीचर्स के साथ आएगी।

    होंडा कार्स इंडिया आने वाले साल में नई पीढ़ी की अमेज पेश करने की योजना बना रही है। यह सबकॉम्पैक्ट सेडान नई सिटी और ग्लोबल-स्पेक अकॉर्ड से डिजाइन से प्रेरणा लेगी। इसमें एक महत्वपूर्ण अपडेट के रूप में होंडा सेंसिंग सूट, एक एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, 2024 होंडा अमेज में लेटेस्ट स्मार्टफोन कनेक्टिविटी से लैस फ्री-स्टैंडिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ एक बिल्कुल नया इंटीरियर लेआउट हो सकता है। इंजन के मौजूदा मॉडल से आगे बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें 1.2-लीटर 4-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल मोटर होगी।

    महिंद्रा बोलेरो, जो टियर II और टियर III शहरों में अपनी व्यावहारिकता के लिए जानी जाती है, आने वाले वर्षों में अपनी अगली पीढ़ी के अपडेट के लिए तैयार है। हालांकि आधिकारिक लॉन्च समयसीमा की घोषणा अभी नहीं की गई है, बिल्कुल नई बोलेरो स्कॉर्पियो एन के प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी, जिसकी वजह से एक हल्का और सख्त वाहन होगा। फ्रंट-एंड डिजाइन में बदलाव की उम्मीद है, जिसमें महिंद्रा के नए ट्विन-पीक बैज के साथ नए डिजाइन की ग्रिल, संशोधित बम्पर, आयताकार एलईडी हेडलैंप और क्रोम एक्सेंट के साथ रीडिजाइन किए गए फॉग लैंप शामिल हैं। इंटीरियर में सामग्री की गुणवत्ता, फिट और फिनिश और फीचर्स में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिल सकते हैं। नई महिंद्रा बोलेरो में समान 2.2-लीटर mHawk डीजल और 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना है।

    टाटा मोटर्स कथित तौर पर अपने तीन लोकप्रिय मॉडलों- नेक्सन सबकॉम्पैक्ट एसयूवी, टियागो हैचबैक और टिगोर कॉम्पैक्ट सेडान को अपडेट करने की योजना बना रही है। इन तीनों में से नेक्सन का फेसलिफ्ट वर्जन आ गया है। न्यू जेनरेशन नेक्सन का डिजाइन कर्व कॉन्सेप्ट से काफी प्रेरित है। कार निर्माता ने नई पीढ़ी के नेक्सन के साथ नया 1.2-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन पेश किया है, जिसे 2023 ऑटो एक्सपो में प्रदर्शित किया गया था।

  • अमेरिका और भारत मिलकर प्रदूषण को करेंगे कम, देश को मिलेंगी 10 हजार इलेक्ट्रिक बस

    अमेरिका और भारत मिलकर प्रदूषण को करेंगे कम, देश को मिलेंगी 10 हजार इलेक्ट्रिक बस

    अमेरिका और भारत मिलकर प्रदूषण को करेंगे कम, देश को मिलेंगी 10 हजार इलेक्ट्रिक बस
    नई दिल्ली

    अमेरिका और भारत के बीच प्रदूषण कम करने को लेकर कई पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में अमेरिका भारत को 10 हजार इलेक्ट्रिक बसें देगा।

    दुनियाभर में प्रदूषण को कम करने के लिए कई पहल हो रही हैं। इसी क्रम में देश में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ाने के लिए अमेरिका और भारत के बीच क्या बातचीत हुई है। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।

    अमेरिकी राजदूत ने कही यह बात
    भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें दुनिया को बदल सकती हैं और एक ऐसा भविष्य दे सकती हैं जहां धरती रहने योग्य होगी। अमेरिकी राजदूत ने भारत में इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती में तेजी लाने विषय पर एक सत्र में भाग लेने के लिए एक भारतीय इलेक्ट्रिक बस में यात्रा भी की।

    बस में यात्रा के बाद अमेरिकी राजदूत ने कहा कि मेरे लिए भारतीय इलेक्ट्रिक बस में बैठना बहुत रोमांचक था। हम जानते हैं कि इलेक्ट्रिक बसें दुनिया को बदल सकती हैं। वे शांत, स्वच्छ हैं, वे हमारे कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में हमारी मदद करती हैं और हमें एक ऐसा भविष्य देती हैं जहां हमारा ग्रह रहने योग्य होगा।

    देश को मिलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
    अमेरिकी राजदूत ने कहा कि संयुक्त राज्य सरकार भारतीय शहरों की सड़कों पर अधिक इलेक्ट्रिक बसें लाने के लिए भारत सरकार में हमारे दोस्तों के साथ काम कर रही है। इसलिए, हमने भारतीय सड़कों पर 10,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की पहल शुरू की है।”

    संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत ने एक सिस्टम लॉन्च किया है जो देश भर के शहरों में 10,000 भारत में निर्मित इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती की सुविधा प्रदान करेगा, जो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की व्हाइट हाउस की आधिकारिक यात्रा के दौरान पहली बार घोषित संयुक्त दृष्टिकोण को वास्तविकता में लाएगा।

    “हर दिन हम वैश्विक स्तर पर जलवायु संकट का प्रभाव देखते हैं। हमें अभी प्रतिक्रिया देनी चाहिए या अपने ग्रह और अपने लोगों के भविष्य को खतरे में डालना चाहिए। आज घोषित साझेदारी पूरे भारत में 10,000 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े के लिए वित्तपोषण जुटाएगी, जिससे विकल्पों का विस्तार होगा।”

    इस महीने की शुरुआत में जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका भारत में इलेक्ट्रिक गतिशीलता के विस्तार के लिए भुगतान सुरक्षा तंत्र के लिए संयुक्त समर्थन प्रदान करेंगे, जिससे पीएम ई-बस सेवा योजना को बढ़ावा मिलेगा, जिसका लक्ष्य 10,000 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का है। जिन शहरों में पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन का अभाव है।

    भारत ने चरणबद्ध तरीके से 2027 तक देश भर में 50,000 नई ई-बसें तैनात करने के लक्ष्य के साथ पिछले साल जून में राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक बस कार्यक्रम (एनईबीपी) शुरू किया था।

  • खरीदनी है छह एयरबैग वाली कार, तो इन छह विकल्पों पर करें विचार, जानें डिटेल

    खरीदनी है छह एयरबैग वाली कार, तो इन छह विकल्पों पर करें विचार, जानें डिटेल

    खरीदनी है छह एयरबैग वाली कार, तो इन छह विकल्पों पर करें विचार, जानें डिटेल
    नई दिल्ली

    वाहन निर्माताओं की ओर से कारों में कई सेफ्टी फीचर्स को ऑफर किया जाता है। कुछ कंपनियों की कारों में छह एयरबैग जैसे सेफ्टी फीचर को दिया जाता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि 15 लाख रुपये से कम कीमत में किन कारों में छह एयरबैग ऑफर किए जाते हैं।

    ह्यूंदै एक्सटर
    ह्यूंदै की ओर से सब फोर मीटर एसयूवी के तौर पर एक्सटर को ऑफर किया जाता है। जुलाई 2023 में लॉन्च हुई इस एसयूवी में कंपनी की ओर से छह एयरबैग ऑफर किए जाते हैं। इस एसयूवी में यह फीचर स्टैंडर्ड तौर पर दिया जाता है।
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    ह्यूंदै आई-20
    ह्यूंदै की ओर से प्रीमियम हैचबैक के तौर पर आई-20 को ऑफर किया जाता है। देश में बड़ी संख्या में लोग इस कार को पसंद करते हैं। कंपनी की ओर से हाल में ही इसे अपडेट दिया गया है। जिसके बाद इस कार में भी छह एयरबैग मिलते हैं। कंपनी की ओर से इस कार के सभी वैरिएंट्स में छह एयरबैग दिए जाते हैं।

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    ह्यूंदै वर्ना
    ह्यूंदै की ओर से मिड साइज सेडान कार के तौर पर वर्ना को ऑफर किया जाता है। कंपनी की ओर से मार्च 2023 में वर्ना के नए मॉडल को भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया था। इस कार में कंपनी की ओर से छह एयरबैग को स्टैंडर्ड तौर पर दिया जाता है। जिस कारण इस कार के किसी भी वैरिएंट को खरीदने पर छह एयरबैग की सेफ्टी मिलेगी।
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    मारुति फ्रॉन्क्स
    मारुति की ओर से फ्रॉन्क्स को भी सब कॉम्पैक्ट एसयूवी के तौर पर भारतीय बाजार में ऑफर किया जाता है। कंपनी की इस एसयूवी में सेफ्टी के लिए कई फीचर्स को दिया गया है। लेकिन इसमें भी छह एयरबैग की सुरक्षा दी जाती है। इस एसयूवी के टॉप वैरिएंट 1.0 लीटर टर्बो एल्फा ऑटोमैटिक वैरिएंट में यह फीचर दिया जाता है।
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    टोयोटा ग्लैंजा
    आई-20 की तरह ही टोयोटा की ग्लैंजा को भी प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में ऑफर किया जाता है। कंपनी की इस कार में भी छह एयरबैग को दिया जाता है। कार के जी वैरिएंट में यह सुरक्षा मिलती है। साथ में 360 डिग्री कैमरा, हिल होल्ड असिस्ट जैसे सेफ्टी फीचर भी इस कार में ऑफर किए जाते हैं।
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    महिंद्रा एक्सयूवी 300
    महिंद्रा की ओर से सब कॉम्पैक्ट एसयूवी के तौर पर एक्सयूवी 300 को ऑफर किया जाता है। इस एसयूवी में भी कंपनी की ओर से छह एयरबैग की सेफ्टी दी जाती है। एसयूवी के डब्ल्यू8 ऑप्शनल पैक वैरिएंट में यह सेफ्टी फीचर दिया जाता है।
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  • क्या है कनेक्टेड कार फीचर, सामान्य कारों से किस तरह होता है अलग, जानें डिटेल

    क्या है कनेक्टेड कार फीचर, सामान्य कारों से किस तरह होता है अलग, जानें डिटेल

    क्या है कनेक्टेड कार फीचर, सामान्य कारों से किस तरह होता है अलग, जानें डिटेल

    नई दिल्ली

     

    वाहन निर्माताओं की ओर से लगातार नई तकनीक को कारों में ऑफर किया जाता है। इसी क्रम में कंपनियों की ओर से ऐसी कारों को बाजार में ऑफर किया जाता है, जिसमें कनेक्टिड कार फीचर्स होते हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि यह फीचर क्या होता है। यह सामान्य कारों के मुकाबले कैसे अलग होता है।

     

    क्या है तकनीक
    तकनीक के साथ ही मॉर्डन कारें ज्यादा स्मार्ट हो रही हैं। कनेक्टेड कार तकनीक किसी भी कार को एक स्मार्ट डिवाइस में बदल देती है। जिसके बाद तकनीक के कारण कार में उपयोग किए जाने वाले फीचर्स का उपयोग करना काफी ज्यादा आसान हो जाता है।

     

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    क्या हैं फायदे
    कनेक्टेड कार तकनीक के कई बेहतरीन फायदे मिलते हैं। अगर आपके पास इस तकनीक वाली कार है तो आप अपनी कार को दूर से ही स्टार्ट कर सकते हैं। कार का एसी भी पहले ही ऑन किया जा सकता है। इसके साथ ही अगर आप कार की सनरूफ को पहले ही खोलना चाहते हैं तो ऐसे ही कई कामों को आसानी से किया जा सकता है।

     

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    बढ़ रही मांग
    एक रिसर्च के मुताबिक देशभर में कनेक्टेड फीचर्स वाली कार की मांग में बढ़ोतरी हो रही है। साल 2021 तक देश में करीब 35 फीसदी कारों में इस फीचर की मांग थी। जिसके बाद 2022 में यह संख्या बढ़कर 46 फीसदी हुई। अनुमान है कि 2023 में यह संख्या बढ़कर 63 फीसदी हो सकती है।

     

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    कैसे अलग है
    सामान्य कारों में परपंरागत फीचर्स को ही दिया जाता है। लेकिन कनेक्टेड कार में कई बेहतरीन फीचर्स को दिया जा रहा है। यह फीचर्स के साथ ही सेफ्टी में भी काम आते हैं। जिससे कार को चलाना और आसान हो जाता है।

     

  • 400 सीसी सेगमेंट की हैं यह दो मोटरसाइकिल, जानें इंजन पावर और कीमत का अंतर

    400 सीसी सेगमेंट की हैं यह दो मोटरसाइकिल, जानें इंजन पावर और कीमत का अंतर

    400 सीसी सेगमेंट की हैं यह दो मोटरसाइकिल, जानें इंजन पावर और कीमत का अंतर
    नई दिल्ली

    ऑस्ट्रियाई मोटरसाइकिल ब्रांड KTM (केटीएम) ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है। भारतीय वाहन निर्माता Bajaj Auto (बजाज ऑटो) के साथ सहयोग और स्पोर्टी डिजाइन और प्रीमियमनेस उत्पादों, स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग के कारण प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण आदि जैसे अन्य वजहों से केटीएम को फायदा हुआ है। अब, नई अपडेटेड 390 Duke (390 ड्यूक), के साथ ऑस्ट्रियाई स्पोर्ट्सबाइक निर्माता का लक्ष्य 400 सीसी मॉडल की ओर ज्यादा युवा खरीदारों को आकर्षित करना है।

    300-400 सीसी सेगमेंट में KTM 390 Duke (केटीएम 390 ड्यूक) कई मॉडलों के साथ मुकाबला करता है और Bajaj Dominar 400 (बजाज डोमिनार 400) उनमें से एक है। दिलचस्प बात यह है कि बाद वाला मॉडल घरेलू दोपहिया निर्माता का है। और यह वह ब्रांड है जिसने भारत में केटीएम के लिए रास्ता बनाया है। यहां हम 2023 केटीएम 390 ड्यूक और बजाज डोमिनार 400 के बीच कीमत और स्पेसिफिकेशन की तुलना कर रहे हैं।

     

    2023 केटीएम 390 ड्यूक का इंजन और पावर
    2023 केटीएम 390 ड्यूक मोटरसाइकिल में 398 सीसी लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन का रिफाइंड वर्जन मिलता है। क्विक-शिफ्टर के साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स से जुड़ा यह इंजन 8,500 आरपीएम पर 44.25 बीएचपी का अधिकतम पावर और 6,500 आरपीएम पर 39 एनएम का अधिकतम टॉर्क जेनरेट करता है।

    बजाज डोमिनार 400 का इंजन पावर
    बजाज डोमिनार 400 मोटरसाइकिल में 373.3c सिंगल-सिलेंडर लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है। यह इंजन 6-स्पीड गियरबॉक्स से जुड़ा है और 8,800 आरपीएम पर 39.45 बीएचपी का अधिकतम पावर और 6,500 आरपीएम पर 35 एनएम का अधिकतम टॉर्क जेनरेट करता है।

  • कार के सस्पेंशन को होने वाले नुकसान से कैसे बचाएं, जानें 5 जरूरी टिप्स

    कार के सस्पेंशन को होने वाले नुकसान से कैसे बचाएं, जानें 5 जरूरी टिप्स

    कार के सस्पेंशन को होने वाले नुकसान से कैसे बचाएं, जानें 5 जरूरी टिप्स
    नई दिल्ली

    जारों जटिल कंपोनेंट्स शामिल होते हैं। ये कंपोनेंट्स मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कार बेहतर तरीके से चले। कार का सस्पेंशन सिस्टम (निलंबन प्रणाली) एक ऐसा जटिल कंपोनेंट है जो वाहन के साथ-साथ उसमें बैठे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। साथ ही, यह सड़क की सतह से आने वाले झटकों को एब्जॉर्ब करके वाहन में सवार लोगों के लिए एक आरामदायक राइडिंग एक्सपीरियंस सुनिश्चित करता है। हालांकि, इतना महत्वपूर्ण कंपोनेंट होने के बावजूद, सस्पेंशन सिस्टम की अक्सर उपेक्षा की जाती है।

    किसी वाहन की सुरक्षा और परफॉर्मेंस के लिए सस्पेंशन सिस्टम बहुत अहम होता है, और यह ठीक से काम कर रहा है कि नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए इसकी नियमित रखरखाव जरूरी है। इसीलिए यदि आप सस्पेंशन सिस्टम से संबंधित किसी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो भविष्य में किसी भी सुरक्षा खतरे या महंगी मरम्मत से बचने के लिए उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराना जरूरी है। यहां हम आपको कुछ ऐसे संकेत बता रहे हैं जो यह बता सकते हैं कि आपके वाहन का सस्पेंशन सिस्टम खराब है या नहीं। इसके साथ ही कार के सस्पेंशन को होने वाले नुकसान से कैसे बचा जाए, यह समझने के लिए यहां कुछ अहम टिप्स दी गई हैं।

    घिसे-पिटे पार्ट्स को बदलें
    एक सस्पेंशन सिस्टम में स्प्रिंग्स, शॉक एब्जॉर्बर, स्ट्रट्स, कंट्रोल आर्म्स और बॉल जॉइंट्स सहित कई पार्ट्स होते हैं। यदि इनमें से कोई भी खराब हो जाता है, तो पूरे सस्पेंशन सिस्टम में खराबी का खतरा पैदा हो जाता है। सस्पेंशन के घिसे-पिटे पार्ट्स वाहन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं और सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा कर सकते हैं। इसलिए, यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह ठीक से काम करे, सस्पेंशन सिस्टम के घिसे-पिटे पार्ट्स को हमेशा बदलें। हर 80,000-100,000 किलोमीटर पर शॉक एब्जॉर्बर्स और स्ट्रट्स को बदलने की सिफारिश की जाती है। हालांकि, ड्राइविंग के तौर तरीकों और सड़क की स्थिति के आधार पर रिप्लेसमेंट की अवधि अलग-अलग हो सकती है।

    हमेशा हाई-क्वालिटी वाले पार्ट्स का इस्तेमाल करें
    सस्पेंशन पार्ट्स को बदलते समय, हाई-क्वालिटी वाले पार्ट्स का इस्तेमाल करना सुनिश्चित करें जो खास वाहन के लिए डिजाइन किए गए हैं। हमेशा सिर्फ निर्माता द्वारा सुझाए गए पार्ट्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। आफ्टरमार्केट से सस्ते और कम गुणवत्ता वाले पार्ट्स का उपयोग करने से शुरुआत में लागत बचाई जा सकती है, लेकिन बाद में यह ज्यादा समस्याएं पैदा कर सकती है और सुरक्षा से भी समझौता कर सकती है।

    वाहन में ओवरलोडिंग करने से बचें
    वाहन पर ओवरलोडिंग करने से उसके सस्पेंशन सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे वह तेजी से खराब हो सकता है। यह आपके घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डालने जैसा है। ऐसा करने से सस्पेंशन सिस्टम को भारी नुकसान हो सकता है।

    समय-समय पर पहियों को एलाइन करें
    व्हील एलाइनमेंट यह सुनिश्चित करता है कि वाहन के टायर सही ढंग से संरेखित हैं। यह असमान टायर घिसाव, ऊबड़-खाबड़ सवारी और गलत अलाइन सस्पेंशन सिस्टम से जुड़ी अन्य समस्याओं को रोकता है। इसलिए, साल में कम से कम एक बार या 15,000-20,000 किलोमीटर चलने के बाद पहियों को एलाइन कराएं। इसके अलावा, ओईएम के सुझाव के अनुसार टायरों में हवा का दवाब सुनिश्चित करें। टायरों पर हवा का दबाव कम होने से वाहन के सस्पेंशन सिस्टम पर दबाव पड़ता है।

  • सब फोर मीटर इलेक्ट्रिक एसयूवी के तौर पर आती है ये दो गाड़ियां, जानें कितनी है रेंज

    सब फोर मीटर इलेक्ट्रिक एसयूवी के तौर पर आती है ये दो गाड़ियां, जानें कितनी है रेंज

    सब फोर मीटर इलेक्ट्रिक एसयूवी के तौर पर आती है ये दो गाड़ियां, जानें कितनी है रेंज
    नई दिल्ली

    भारतीय बाजार में सब फोर मीटर सेगमेंट में नई इलेक्ट्रिक एसयूवी को लॉन्च किया गया है। इस एसयूवी का बाजार में पहले से मौजूद किस एसयूवी से मुकाबला होगा। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं। साथ ही यह भी बता रहे हैं कि इन दोनों में कितनी रेंज और कैसे फीचर्स मिलते हैं।

    लॉन्च हुई एसयूवी
    भारतीय इलेक्ट्रिक एसयूवी बाजार में टाटा की ओर से नेक्सन फेसलिफ्ट को लॉन्च कर दिया गया है। कंपनी की ओर से इस एसयूवी के फेसलिफ्ट वर्जन में कई खूबियों को दिया गया है। बाजार में इसका सीधा मुकाबला महिंद्रा एक्सयूवी400 इलेक्ट्रिक एसयूवी से होगा।

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    कितनी दमदार बैटरी
    कंपनी की ओर से नेक्सन इलेक्ट्रिक को दो वैरिएंट में लॉन्च किया गया है। इसमें 40.5 किलोवाट आवर की बैटरी के साथ ही 30 किलोवाट आवर की बैटरी मिलती है। जिससे एसयूवी को 325 और 465 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। महिंद्रा एक्सयूवी400 में कंपनी की ओर से इस एसयूवी को भी दो वैरिएंट में ऑफर किया जाता है। इसमें 34.5 और 39.4 किलोवॉट आवर के विकल्प हैं। जिससे एसयूवी को 375 और 456 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। टाटा नेक्सन के लॉन्ग रेंज वैरिएंट को जीरो से 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ने में इसे 8.9 सेकेंड का समय लगता है। मिड रेंज वाले वैरिएंट को जीरो से 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ने में 9.2 सेकेंड लगते हैं।

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    कितनी दमदार मोटर
    टाटा नेक्सन इलेक्ट्रिक के मिड रेंज वैरिएंट में 95 किलोवाट और 215 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। वहीं लॉन्ग रेंज वैरिएंट में 106.4 किलोवाट और 215 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। वहीं महिंद्रा एक्सयूवी400 में जो मोटर दी जाती है, उससे 310 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है।

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    कैसे हैं फीचर्स
    टाटा नेक्सन इलेक्ट्रिक में कंपनी की ओर से एलईडी लाइट्स, डीआरएल, फ्रंट फॉग लैंप के साथ कॉर्नरिंग, सीक्वेंशल इंडीकेटर्स, ड्यूल टोन रूफ, सनरूफ, ऑटो हैडलैंप, रेन सेंसिंग वाइपर्स, फॉलो मी हैडलैंप, ऑटोमैटिक टेंपरेचर के साथ एक्सप्रेस कूलिंग, पीईपीएस, वेंटिलेटिड सीट्स, एयर प्यूरीफायर, क्रूज कंट्रोल, वायरलैस स्मार्टफोन चार्जर जैसे कई फीचर्स मिलते हैं। महिंद्रा एक्सयूवी400 में कंपनी की ओर से क्रूज कंट्रोल, ब्लूसेंस, लैदरेट सीट्स, 17.78 सेमी इंफोटेनमेंट सिस्टम, एंड्राइड ऑटो, एपल कार प्ले, सनरूफ, एलईडी लाइट्स, ड्राइविंग के लिए तीन मोड्स, बड़ा केबिन स्पेस जैसे फीचर्स मिलते हैं।

     

  • इन पांच इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में मिलती है सामान रखने की सबसे ज्यादा जगह, जानें डिटेल

    इन पांच इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में मिलती है सामान रखने की सबसे ज्यादा जगह, जानें डिटेल

    इन पांच इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में मिलती है सामान रखने की सबसे ज्यादा जगह, जानें डिटेल
    , नई दिल्ली

    दो पहिया वाहनों में बाइक के मुकाबले स्कूटर चलाना ज्यादा आरामदायक होता है। साथ ही इनमें सामान रखने के लिए भी ज्यादा जगह मिलती है। हम इस खबर में आपको ऐसे पांच इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की जानकारी दे रहे हैं। जिनमें सामान रखने के लिए सबसे ज्यादा जगह दी जाती है।

    रिवर इंडी
    बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी रिवर की ओर से भारतीय बाजार में इंडी इलेक्ट्रिक स्कूटर को ऑफर किया जाता है। कुछ समय पहले लॉन्च हुए इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में कंपनी की ओर से 43 लीटर का बूट स्पेस दिया जाता है। अन्य सभी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में इस स्कूटर में सबसे ज्यादा सामान रखने की जगह मिलती है।

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    ओला एसवन प्रो
    ओला की ओर से प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर के तौर पर एसवन प्रो को ऑफर किया जाता है। इस स्कूटर में सामान रखने के लिए 36 लीटर की जगह दी जाती है। इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में यह दूसरा सबसे ज्यादा सामान रखने की क्षमता के साथ आने वाला स्कूटर है। हालांकि इसकी दूसरी जनरेशन में 34 लीटर का बूट स्पेस मिलता है।

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    ओला एसवन एयर
    ओला की ओर से कम बजट में एसवन एयर इलेक्ट्रिक स्कूटर को ऑफर किया जाता है। प्रो के मुकाबले एयर इलेक्ट्रिक स्कूटर में सामान रखने की जगह थोड़ी कम मिलती है। एसवन एयर में कंपनी की ओर से 34 लीटर का बूट स्पेस दिया जाता है।

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    टीवीएस आईक्यूब
    टीवीएस की ओर से आईक्यूब इलेक्ट्रिक स्कूटर को दो वैरिएंट में ऑफर किया जाता है। इसके बेस वैरिएंट आईक्यूब और मिड वैरिएंट आईक्यूब एस में कंपनी की ओर से सामान रखने के लिए 32 लीटर का स्टोरेज स्पेस दिया जाता है।

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    सिंपल वन
    बेंगलुरु की एक और स्टार्टअप सिंपल एनर्जी की ओर से वन इलेक्ट्रिक स्कूटर को 30 लीटर के बूट स्पेस के साथ ऑफर किया जाता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में कंपनी की ओर से कई और फीचर्स भी दिए जाते हैं। जिनमें दो बैटरी जैसे फीचर को दिया है। इसमें एक बैटरी फिक्स और दूसरी बैटरी को निकालने की सुविधा दी जाती है।

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  • गाड़ियों में बढ़ रहा है सनरूफ का चलन, जानें इस फीचर के क्या हैं नुकसान

    गाड़ियों में बढ़ रहा है सनरूफ का चलन, जानें इस फीचर के क्या हैं नुकसान

    गाड़ियों में बढ़ रहा है सनरूफ का चलन, जानें इस फीचर के क्या हैं नुकसान
    नई दिल्ली

    देश में गाड़ियों में लगातार नए फीचर्स को जोड़ा जा रहा है। जिसे ग्राहकों की ओर से भी काफी पसंद किया जाता है। ऐसे ही फीचर के साथ आने वाली गाड़ियों को ग्राहक काफी ज्यादा पसंद कर रहे हैं। हम इस खबर में आपको सनरूफ जैसे फीचर के साथ आने वाली गाड़ियों में क्या नुकसान होते हैं। इसकी जानकारी दे रहे हैं।

    सुरक्षा पर खतरा
    सनरूफ वाली गाड़ियों में सफर करने के दौरान आपकी सुरक्षा पर ज्यादा खतरा होता है। सफर के दौरान ही नहीं बल्कि सनरूफ वाली गाड़ियों को पार्क करने पर भी वह ज्यादा सुरक्षित नहीं होती। इस फीचर के साथ आने वाली कार में सफर के दौरान जहां लोग इससे बाहर निकलते हैं जो बिल्कुल सुरक्षित नहीं होता। वहीं खड़ी हुई कार में भी शीशा टूटने का खतरा रहता है।
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    लगती है ज्यादा गर्मी
    सनरूफ वाली गाड़ियों में अन्य गाड़ियों के मुकाबले में ज्यादा गर्मी लगती है। इसका सीधा कारण सनरूफ है। क्योंकि यह शीशे का होता है इसलिए सूरज की तेज रोशनी से कार जल्दी गर्म हो जाती है। जिसे सामान्य करने के लिए ऐसी को तेज चलाना पड़ता है। इसके अलावा ऐसी कारों में बाहर से शोर भी ज्यादा आता है।

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    तेल की ज्यादा खपत
    सनरूफ जैसे फीचर के साथ आने वाली गाड़ियों में तेल की खपत सामान्य कारों के मुकाबले ज्यादा होती है। क्योंकि ऐसी कारों में सीधी धूप पड़ती है, जिससे एसी को तेज चलाना पड़ता है। एसी को तेज चलाने के कारण ईंधन की खपत भी बढ़ जाती है।

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    रखरखाव भी जरूरी
    सनरूफ के साथ आने वाली कारों का रखरखाव सामान्य कारों के मुकाबले में ज्यादा होता है। ऐसी कारों में छत पर ज्यादा सफाई की जरुरत होती है। ऐसा ना करने पर कई जगह मिट्टी जम जाती है और सनरूफ को सही से चलाने में परेशानी भी होती है। कई बार मिट्टी जमने के कारण सनरूफ जाम हो जाता है और उसे ठीक करवाने में समय और खर्च दोनों होते हैं।

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    महंगी होती है कार
    जिन कारों में ज्यादा फीचर होते हैं। उनकी कीमत भी ज्यादा होती है। किसी एक कार के बेस वैरिएंट में कंपनियों की ओर से सनरूफ जैसे कई फीचर्स नहीं दिए जाते। लेकिन उसी कार के टॉप वैरिएंट्स में ऐसे फीचर्स को दिया जाता है। जिससे सनरूफ के साथ कार को खरीदना महंगा हो जाता है।

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