Author: News Editor

  • सुबह-सुबह रफ्तार का कहर, नहर में गिरी कार, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

    सुबह-सुबह रफ्तार का कहर, नहर में गिरी कार, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

    एटा कोतवाली देहात क्षेत्र के मरथरा के पास काली नदी से निकलकर तीव्र मोड़ पर अनियंत्रित कार पलट गई, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत होने गई।

    उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सुबह-सुबह बड़ा  हादसा हो गया। एक कार बेबर बैराज नहर में गिर गई, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू के बाद शवों को बाहर निकाला।

    बताया गया है कि कासगंज जिले के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के गांव अंडुआ निवासी कुछ लोग महिला का इलाज कराने के लिए एटा लेकर आ रहे थे, तभी काली नदी का पुल पार करने के बाद तीव्र मोड़ पर कारअनियंत्रित होकर बेबर बैरज नहर में गिर गई। सुचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस व राहगीरों की सहायता से गाड़ी में फंसे लोगों को निकाला गया।  सभी को तत्काल ही एटा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

    मृतकों के नाम विनीता पत्नी नीरज, तेजेंद्र पुत्र जमुना प्रसाद, संतोष पुत्र तेजेंद्र, शिवम पुत्र राकेश और नीरज पुत्र जोधा सिंह बताए गए हैं। पांचों मृतक एक ही परिवार के सदस्य हैं।

  • मालगाड़ी पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं, 10 घंटे बाद रेल यातायात बहाल

    मालगाड़ी पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं, 10 घंटे बाद रेल यातायात बहाल

    जबलपुर। मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर और करेली रेलवे स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई, जिससे इस मार्ग पर रेल यातायात बाधित हो गया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पश्चिम-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नरसिंहपुर जिले में शनिवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे हुई इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हादसे के कारण जबलपुर-इटारसी अपलाइन पर रेल सेवाएं प्रभावित हुईं।

    श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार सुबह साढ़े नौ बजे तक इस लाइन पर रेल परिचालन पूरी तरह से बहाल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर और करेली रेलवे स्टेशन के बीच मालगाड़ी की ब्रेक वैन (आखिरी डिब्बा) पटरी से उतर गई। इटारसी देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शन में से एक है।

  • खोज एवं बचाव अभियान चौथे दिन फिर शुरू, 81 लोग अब भी लापता

    खोज एवं बचाव अभियान चौथे दिन फिर शुरू, 81 लोग अब भी लापता

    मुंबई। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों ने महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के इरशालवाड़ी गांव में हुए भूस्खलन के बाद रविवार को चौथे दिन खोज एवं बचाव अभियान फिर से शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि इस भूस्खलन में कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ के एक अधिकारी के अनुसार, रविवार सुबह खोज एवं बचाव अभियान बहाल होने के बाद अभी तक कोई शव बरामद नहीं किया गया है। मुंबई से लगभग 80 किलोमीटर दूर तटीय रायगढ़ जिले की खालापुर तहसील में एक पहाड़ी पर स्थित आदिवासी गांव में बुधवार रात भूस्खलन हुआ था।

    अधिकारियों ने बताया कि गांव के 48 में से कम से कम 17 मकान पूरी तरह से या आंशिक रूप से मलबे में दब गए। इससे पहले, अधिकारियों ने कहा था कि शनिवार को भूस्खलन में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 27 हो गई, जबकि 81 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अंधेरे और खराब मौसम के कारण शनिवार रात को खोज एवं बचाव अभियान बंद कर दिया गया था। रविवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। बचाव अभियान में मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, क्योंकि गांव तक जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं होने के कारण वहां मिट्टी की खुदाई करने वाले यंत्रों को ले जाना आसान नहीं है।

    अधिकारियों ने बताया कि अभी तक बरामद हुए 27 शवों में से 12 शव महिलाओं, 10 पुरुषों और चार बच्चों के हैं, जबकि एक व्यक्ति की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे ने शनिवार को इरशालवाड़ी के निवासियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाना चाहिए।

  • कब्जे से मुक्त हुई जमीन पर बन सकती है एलिवेटेड रोड और पार्किंग

    कब्जे से मुक्त हुई जमीन पर बन सकती है एलिवेटेड रोड और पार्किंग

    नैनीताल। मेट्रोपोल स्थित शत्रु संपत्ति में वर्षों पुराने और अवैध रूप से बनाए गए मकानों को ध्वस्त करने के बाद यदि शासन-प्रशासन चाहे तो नैनीताल शहर को एलिवेटड रोड और एक पार्किंग स्थल का तोहफा मिल सकता है। इससे यहां आने वाले सैलानियों के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा, साथ ही पर्यटक सीजन में जिला और पुलिस प्रशासन के सामने यातायात संबंधी समस्याएं भी हल हो सकेंगी। दरअसल पूर्व के वर्षों में जिला प्रशासन अतिक्रमण हटाने से पहले इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए होमवर्क कर चुका है जिसे धरातल पर उतारना बाकी है।

    जिला प्रशासन ने शत्रु संपत्ति को अतिक्रमणकारियों से तो मुक्त कर दिया है लेकिन अब इस भूमि का उपयोग किस तरह से किया जाएगा इस पर शासन और प्रशासन स्तर से फैसला होना। अतिक्रमण हटाने के बाद यहां इतनी जमीन उपलब्ध हो जाएगी कि शहर की सबसे प्रमुख यातायात संबंधी समस्या को हल कराया जा सकता है।

    मेट्रोपोल कंपाउंड से अतिक्रमण हटाने का मामला वर्षों पुराना है। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों को उम्मीद थी कि एक न एक दिन जरूर यह अतिक्रमण हटेगा। इसे देखते हुए पिछले वर्षों के दौरान जिला प्रशासन के निर्देश पर लोनिवि के प्रांतीय खंड ने शत्रु संपत्ति में अतिक्रमणकारियों के कब्जे वाली जमीन का सर्वे किया था।

    सर्वे के बाद साफ हुआ कि यदि यह क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त हो जाए तो यहां अंडा मार्केट के पास से चीना बाबा चौराहे तक एलिवेटड रोड बनाई जा सकती है। एलिवेटेड रोड बनने से मस्जिद तिराहे से हाईकोर्ट की ओर आने जाने वाले वाहन इसी डबल रोड से आ जा सकेंगे और इससे बीडी पांडे और मोहन-को चौराहे वाली रोड को वन से मुक्त किया जा सकेगा। इसका सीधा लाभ शहर के कारोबारियों, स्थानीय लोगों और सैलानियों को होगा और वह मोहन-को चौराहे वाली सड़क में आसानी से आवाजाही कर सकेंगे। अब देखना है कि शासन प्रशासन इस योजना को कैसे अंजाम दिलाता है।

    मेट्रोपोल कंपाउंड को संवारने की योजना

    जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय का कहना है कि समूचे मेट्रोपोल कंपाउंड को संवारने की दिशा में जिला प्रशासन कवायद कर रहा है। अतक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन और मेट्रोपोल कंपाउंड क्षेत्र में स्थित वर्षों पुराने होटल के जीर्णोद्धार की भी योजना है। इस योजना पर लगभग सात करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इस प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा ताकि धनराशि उपलब्ध होने के बाद योजना को अमली जामा पहनाया जा सके।

  • निर्माण सामग्री हटने पर पार्किंग का संचालन शुरू

    निर्माण सामग्री हटने पर पार्किंग का संचालन शुरू

    अल्मोड़ा। नगर के जीआईसी के पास चार पहिया पार्किंग दो दिन बाद फिर संचालित हुई। यहां बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण होने से इसका संचालन बंद किया गया था। निर्माण सामग्री रखने से यहां वाहन पार्क नहीं हो रहे थे। अब सामग्री हटने से फिर से 20 वाहन क्षमता की इस पार्किंग को संचालित किया गया है जिससे वाहन चालकों में राहत है।

  • एयरलाइन कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 6.55 लाख रुपये ठगे

    एयरलाइन कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 6.55 लाख रुपये ठगे

    साइबर जालसाजों ने एक छात्रा को एयरलाइन कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 6.55 लाख रुपये ठग लिए। साइबर थाने की जांच के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    एसएचओ डालनवाला राजेश साह ने बताया कि इस संबंध में अरुणाचल प्रदेश के तवांग की रहने वाली पेमा इटोन ने शिकायत की है। इटोन यहां करनपुर में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उसने गत जून में सोशल मीडिया पर एयरलाइन कंपनी में नौकरी का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर जब उन्होंने संपर्क किया तो कॉल उठाने वाले युवक ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया।

    इटोन ने बताया कि कुछ दिनों बाद उनके पास इंटरव्यू के लिए कॉल भी आई। यह इंटरव्यू ग्राउंड स्टाफ के लिए बताया गया था। गत 19 जून को फोन आया कि उनका चयन हो गया है। अगले दिन यूनिफार्म के लिए 5900 रुपये मांगे गए तो इटोन ने जमा कर दिए। इसी तरह कभी किसी औपचारिकता के लिए तो कभी किसी शुल्क के नाम पर 15 जुलाई तक इटोन से 6.55 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा करा लिए गए। जब उन्होंने ज्वाइनिंग के बारे में पूछा तो आरोपियों ने जीएसटी के नाम पर एक लाख रुपये और देने की मांग की। इस पर उसे शक हुआ और उसने पुलिस को शिकायत की।

  • पत्थरों की बरसात…दो दिन से फंसे श्रद्धालु, प्रसव पीड़ित महिला भी फंसी, दो किमी चली पैदल

    पत्थरों की बरसात…दो दिन से फंसे श्रद्धालु, प्रसव पीड़ित महिला भी फंसी, दो किमी चली पैदल

    बड़कोट (उत्तरकाशी)

    यमुनोत्री हाईवे पर दो दिनों से श्रद्धालु जगह-जगह फंसे हुए हैं। अधिकांश श्रद्धालुओं ने खरादी बडकोट से वापस गंगोत्री धाम जाने का निर्णय लिया तो कहीं श्रद्धालुओं के जत्थे जगह-जगह बंद होने से बीच में फंसे हुए हैं। इनमें बिहार, गुजरात महाराष्ट्र आदि राज्यों से आए श्रद्धालु है। वहीं दूसरी तरफ यमुनोत्री हाईवे ओजरी डाबरकोट,खनेडा किसाला स्लीपजोन के पास बंद होने कारण खरशालीगांव गांव की प्रसव पीड़ित महिला बीच में फंसी हुई हैं।

    गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थान सुनगर के पास  यातायात हेतु सुचारू कर दिया गया है, लेकिन यमुनोत्री हाईवे कई जगह अभी भी बंद है। लगातार से पहाड़ी से पत्थरों की बरसात हो रही है। पीड़ित महिला के पति ग्रीस लाल, महिला के जीजा सुरेश लाल ने बताया कि खरशालीगांव से तिर्खली गांव तक तीन वाहन बदलने के बाद दो किमी उतराई-चढ़ाई चढ़ कर ओजरी गांव के पास पहुंचे है। अब यहां  वाहन की व्यवस्था में जुटे हैं।

    कर्णप्रयागऋषिकेशबदरीनाथ हाईवे यातायात शुरू
    ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग में उमा माहेश्वर आश्रम के पास यातायात सुचारू है। शनिवार शाम को हाईवे पर मलबा आ गया था जिसे रात तक हटाया गया, लेकिन फिर से वहीं पर मलबा आने के बाद हाईवे बंद हो गया था। सुबह मलबा हटा दिया गया। हाईवे पर यातायात सुचारू होने के बाद वहां फंसे बड़े वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं।

    वहीं, चमोली जिले के गैरसैंण के पास कालीमाटी में हाईवे पर मरम्मत कार्य जारी है। करीब 5 घंटे बाद हाईवे खुलने की संभावना है। दो दिन पहले कालीमाटी में सड़क टूटने से 30 मीटर लंबा, 7 मीटर चौड़ा और 5 मीटर गहरा खड्ड बन गया था। एनएच के एई अंकित सागवान ने कहा कि उसे भरने को 5 ट्रक मलबा लाने के लिए लगाए गये है। यह मलवा करीब 15 किलोमीटर दूर आगरचट्टी से लाया जा रहा है।

  • ट्रेन में चोरी हो गया है सामान, क्या मिल सकता है आपको मुआवजा? जानिए क्या है भारतीय रेलवे के नियम

    ट्रेन में चोरी हो गया है सामान, क्या मिल सकता है आपको मुआवजा? जानिए क्या है भारतीय रेलवे के नियम

     नई दिल्ली । ट्रेन में हम में से सभी ने कभी ना कभी सफर तो किया होगा। एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाने का सबसे सस्ता और सुगम साधन में से एक ट्रेन को माना जाता है। ट्रेन में सफर करना भले ही अच्छा लगता हो पर कई बार सामान के चोरी हो जाने का खतरा भी बना रहता है। अगर आपके साथ भी कभी ऐसी कोई घटना घट जाए तो आपको क्या करना चाहिए, आइए इसके बारे में जानते हैं।

    सामान चोरी होने पर करें ये काम

    आपको ट्रेन में सफर के दौरान हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। कभी आपके सामने ऐसी कोई दुर्घटना घट जाए तो आपको सबसे पहले उसकी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। आप जैसे ही शिकायत दर्ज करते हैं,लेकिन उसके बाद भी आपको सामान नहीं मिलता है तो भारतीय रेलवे यात्री को मुआवजा देता है।

    भारतीय रेलवे के मुताबिक व्यक्ति के सामान चोरी हो जाने के बाद सामान की कीमत की गणना के अनुसार ही रेलवे मुआवजा देती है। मुआवजा पाने के लिए आपको कुछ प्रोसेस को फॉलो करना होगा। आइए, जानते हैं कि आपको क्या प्रोसेस फॉलो करना होगा।

    कैसे मिलेगा मुआवजा

    अगर सफर के दौरान किसा यात्री का सामान चोरी हो जाता है तो उसे सबसे पहले  ट्रेन कंडक्टर कोच अटेंडेंट, गार्ड या जीआरपी एस्कॉर्ट से संपर्क करना होगा। ये व्यक्ति आपको एक फॉर्म देंगे, आपको वो फॉर्म भरना होगा। आप जैसे ही ये फॉर्म भरते हैं तो उसके बाद कार्रवाई करने के लिए इस फॉर्म को थाने भेज दिया जाता है।

    अगर आपको अपना ट्रेन का सफर पूरा करना है तो आप किसी भी रेलवे के आरपीएफ सहायता चौकियों पर शिकायत पत्र को जमा करवा सकते हैं।

  • जम्मू-श्रीनगर National Highway पर भूस्खलन के बाद यातायात निलंबित

    जम्मू-श्रीनगर National Highway पर भूस्खलन के बाद यातायात निलंबित

    बनिहाल/जम्मू। जम्मू स्थित आधार शिविर से 3,000 से अधिक अमरनाथ यात्रियों का एक जत्था शनिवार सुबह कश्मीर के लिए रवाना हुआ, लेकिन भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अधिकारियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करते हुए उसे रामबन में रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि 270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेहर और दलवास इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन होने की सूचना मिली है। यह कश्मीर को हर मौसम में देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है।

    अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तड़के 3,472 तीर्थयात्रियों का 20वां जत्था 132 वाहनों के जरिये जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर के लिए रवाना हुआ, लेकिन राजमार्ग बंद होने के कारण उसे चंद्रकोट में रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 2,515 तीर्थयात्रियों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग से अमरनाथ गुफा की यात्रा करने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 957 तीर्थयात्री गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से अमरनाथ गुफा पहुंचेंगे। दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए एक जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

    यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजमार्ग पर यातायात जल्द बहाल करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सड़क से मलबा हटाने का अभियान जारी है। वहीं, मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की सूचना मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, कठुआ जिले जैसे कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के साथ पूरे दिन पानी बरसने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद रविवार को छिटपुट स्थानों पर रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होगी। अधिकारियों के अनुसार, चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जम्मू के बाहरी इलाके अखनूर सेक्टर के घड़खल स्थित गुज्जरों की एक बस्ती शनिवार सुबह जलमग्न हो गई। अधिकारियों ने बताया कि अखनूर में चिनाब नदी का वर्तमान जलस्तर 29.6 फुट है, जबकि बाढ़ चेतावनी स्तर 32 फुट है।

  • Manipur में महिलाओं के साथ दरिंदगी मामले में कोर्ट का एक्शन, 4 आरोपियों को 11 दिन की पुलिस कस्टडी

    Manipur में महिलाओं के साथ दरिंदगी मामले में कोर्ट का एक्शन, 4 आरोपियों को 11 दिन की पुलिस कस्टडी

    मणिपुर में महिलाओं की नग्न परेड की घटना मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। 4 मई की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसमें राज्य में दो समुदायों के बीच अशांति के बीच मणिपुर में 2-3 महिलाओं को नग्न घुमाया जा रहा है। उनके साथ छेड़छाड़ की जा रही है और कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया जा रहा है।

    मोदी ने की थी निंदा

    इस घटना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निंदा की है और कहा है कि यह देश के लोगों के लिए शर्म की बात है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि आरोपियों से सख्ती से निपटा जाएगा और वे मौत की सजा पर भी विचार कर रहे हैं। यह वीडियो, जो बुधवार को सामने आया, कथित तौर पर 4 मई को कांगपोकपी इलाके में एक बैठक के दौरान राज्य में हुए हंगामे के एक दिन बाद शूट किया गया था। पुरुषों के एक समूह ने दो कुकी-ज़ोमी महिलाओं का यौन उत्पीड़न जारी रखा, जबकि उन्हें वीडियो में नग्न परेड कराया गया था। थौबल के मैतेई शासित घाटी क्षेत्र में हुई घटना के बाद, सीमावर्ती कांगपोकपी जिले के एक पुलिस मुख्यालय में एक आपत्ति दर्ज की गई और एक शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद मामला थौबल स्थित पुलिस मुख्यालय को भेजा गया।

    आरोपी का घर फूंका

    मणिपुर में भीड़ द्वारा दो महिलाओं को नग्न घुमाए जाने के वीडियो के दो दिन बाद, स्थानीय लोगों ने वायरल वीडियो में देखे गए कथित आरोपियों में से एक ह्यूरिम हेरादास सिंह के घर में आग लगा दी। 20 जुलाई को इंफाल में महिलाओं ने मणिपुर वायरल वीडियो मामले के एक आरोपी का घर जला दिया। मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। यह घटना पूर्वोत्तर राज्य में 3 मई को जातीय हिंसा भड़कने के एक दिन बाद कांगपोकपी जिले के एक गांव में हुई। दूसरी ओर, भयावह फुटेज बुधवार को सामने आया और इंटरनेट प्रतिबंध हटने के बाद वायरल हो गया।