Author: News Editor

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार की टक्कर, दिल्ली के युवक की मौत

    ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार की टक्कर, दिल्ली के युवक की मौत

    हरिद्वार। कनखल थाना क्षेत्र में हाईवे पर दिल्ली के यात्रियों की एक कार ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। जिससे कार में सवार एक युवक की मौत हो गई। पांच यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव बुधवार को शव परिजनों को सौंप दिया।
    पुलिस के अनुसार, मंगलवार की देर रात गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के गेट के सामने हाईवे पर अचानक एक कार आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। पीछे से कार ट्राली में घुसते हुए पलट गई और ट्राली भी घूमकर आगे की पहुंच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार में सवार छह लोगों को बाहर निकलवाया। कार में आगे की तरफ बैठे युवक को गंभीर हालत में तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल में भिजवाया गया।

    जहां चिकित्सकों ने मोहित सोलंकी (28 वर्ष) पुत्र सतपाल सोलंकी निवासी नसीरपुर नई दिल्ली को मृत घोषित कर दिया। कनखल थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि कार में छह लोग सवार थे। जिनमें एक की मौत हो गई जबकि पांच बिल्कुल ठीक हैं। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

  • कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद

    कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद

    देहरादून

    उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई। वहीं, मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के अनुसार आज चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। बारिश से होने वाले भूस्खलन से संवेदनशील इलाकों में सड़क मार्ग और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। ऐसे में मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाए।

    उफान पर बह रही नदियां

    यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रात से हो रही बारिश से यमुना नदी, हनुमान गंगा, बडियार नदी उफान पर चल रही है। उधर, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।

    बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे समेत 296 सड़कें बंद

    प्रदेश में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 296 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए 240 जेशीबी मशीनों को लगाया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 94 बड़कोट में डाबराकोट, खराड़ी और किशाला में तीन जगह बंद है। इसके अलावा 12 स्टेट हाईवे, आठ मुख्य जिला मार्ग, तीन जिला मार्ग, 139 ग्रामीण सड़कें और 133 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं।

    प्रदेशभर में कुल 277 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। मंगलवार को 91 सड़कें और बंद हुईं। कुल 368 बंद सड़कों में से मंगलवार शाम तक 72 सड़कों को ही खोला जा सका था। लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के लिए प्राथमिकता के तहत कार्यवाही की जा रही है।

    यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी में कई भवनों को खतरा

    भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे से लगे गीठ पट्टी के राना गांव, बाडिया गांव में कई आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाडिया गांव में दो परिवारों ने घर छोड दिए। वहीं, राना गांव के मुकेश चौहान ने बताया कि गांव के बीचों-बीच आने वाले गदेरे व निर्माणाधीन राना निषणी सड़क के मलबे ने गांव साथ ही यमुनोत्री हाईवे व राना चट्टी के होटल व्यवसायियों की नींद उड़ा दी है। मलबा होटल, घरों, हाईवे पर पसरा हुआ है।

    गंगोत्री हाईवे का पांच मीटर हिस्सा धंसा

    मनेरी-सिलकुरा के समीप गंगोत्री हाईवे पर भू- कटाव शुरू हो गया है। हाईवे का करीब पांच से सात मीटर हिस्सा धंस गया है। वहीं सड़क के अंदर से पानी रिस रहा है।

    बदरीनाथ हाईवे कई जगह बंद

    मंगलवार रात भारी बारिश से कर्णप्रयाग सहित पिंडर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कर्णप्रयाग में उमा महेश्वर आश्रम के पास बदरीनाथ हाईवे पर रात नौ बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क बंद है। यहां पर करीब 30 से 40 वाहन फंसे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है।

    बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा में सड़क खोलने का काम जारी है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे नलगांच, नारायणबगड़ में परखाल तिराहा, हरमनी, मल्यापौड़ व बैनोली बैंड में मलबा आने से बंद है। उधर, नादायणबगड़ में अस्पताल के सामने मलबा भर गया है । साथ ही चार दुकानों के अंदर मलबा व पानी चला गया है।

  • सड़क की मरम्मत नहीं करने पर कंपनी की 22 लाख की राशि होगी जब्त

    सड़क की मरम्मत नहीं करने पर कंपनी की 22 लाख की राशि होगी जब्त

    हल्द्वानी। सड़क दुरुस्त नहीं करने पर लोक निर्माण विभाग सड़क निर्माणकर्ता कंपनी एएस कंस्ट्रक्शन गाजियाबाद पर बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर कंपनी की 22 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने की संस्तुति की है।

    लोक निर्माण विभाग को एनएचएआई ने 2019 में तीनपानी से लेकर मंडी तक सड़क हस्तांतरित की थी। इस एवज में सड़क बनाने के लिए एकमुश्त 1.90 करोड़ रुपया जारी किए थे। सड़क का ठेका गजियाबाद की कंपनी एएस कंट्रक्शन को मिला था। एसएस कंस्ट्रक्शन ने नवंबर 2021 में सड़क का काम किया। नियम के अनुसार कंपनी को नवंबर 2023 तक सड़क की देखरेख और मरम्मत करनी थी लेकिन कंपनी ने सड़क को लावारिस छोड़ दिया। दोष दायित्व अवधि में सड़क नहीं बनाने पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने कंपनी को कई नोटिस भेजे। इसके बाद भी कंपनी ने सड़क सही करना तो दूर नोटिस तक का जवाब नहीं दिया। अब खराब सड़क की मरम्मत लोनिवि करा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखा है। पत्र में कंपनी की जमानत राशि 22 लाख जब्त करने की संस्तुति की गई है।

  • शिमला के रामपुर में 2 बार फटा बादल, कई मकान बहे, बगीचों को नुकसान, भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    शिमला के रामपुर में 2 बार फटा बादल, कई मकान बहे, बगीचों को नुकसान, भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    रामपुर बुशहर

    शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं।

    इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। वहीं कई सेब के बगीचों में पानी भर गया है। जानकारी के अनुसार, देर रात अचानक 11 बजे बादल फटा और लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई लेकिन मकानों और बगीचों को काफी नुकसान हुआ है।

    इसके बाद फिर तीन बजे बादल फटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा कर रख दी। सरपारा पंचायत के प्रधान मोहन कपाटिया ने बताया कि सरपारा पंचायत के कंधार गांव में बादल फटा है। उन्होंने कहा कि सरपारा गांव का सपंर्क देश-दुनिया से कट गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जाकर स्थिति की जायजा लेने के बाद प्रभावितों को तुरंत राहत दी जाए।

    कुल्लू की गड़सा घाटी में फटा बादल

    इससे पहले, हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के 4:00 बजे बादल फटने से पंचा नाले और हुरला नाले में बाढ़ आ गई। इससे तीन मकान बह गए, जबकि दो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

    17 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। तीन पैदल और एक वाहन योग्य पुल भी बह गए हैं। एक गाड़ी भी गड़सा खड्ड में बह गई। कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है।

    आज और कल भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार और वीरवार के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को येलो अलर्ट है। प्रदेश में 31 जुलाई तक मौसम खराब बने रहने के आसार हैं। मंगलवार को राजधानी शिमला में मौसम साफ रहा।

    वहीं, सोमवार रात को धर्मशाला में 80.2, पालमपुर 50.6 और जोगिंद्रनगर में 26.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अभी भी 500 से अधिक सड़कें ठप पड़ी हैं। सैकड़ों जलापूर्ति योजनाएं व बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। कुल्लू में अभी भी एचआरटीसी की 28 बसें फंसी हैं 200 से अधिक रूट प्रभावित चल रहे हैं।

  • दिल्ली-NCR में बाढ़ के हालात, शिमला में बादल फटा, कई राज्यों में भारी बारिश

    दिल्ली-NCR में बाढ़ के हालात, शिमला में बादल फटा, कई राज्यों में भारी बारिश

    मौसम ने पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक में कहर बरपाया हुआ है। पहाड़ों पर बादल फट रहे हैं तो मैदानी इलाके बाढ़ में डूब रहे हैं। राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, राजस्थान तक के लोग भारी बारिश या फिर बाढ़ से परेशान हैं। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि मौसम विभाग ने अभी क्या चेतावनी दी है?

    किस राज्य में कैसे हैं हालात

    1. दिल्ली एनसीआर : हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर ने मचाई तबाही
    दिल्ली एनसीआर बाढ़ में चपेट में है। यमुना के बाद अब हिंडन नदी में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे नोएडा, गाजियाबाद में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। नोएडा के ईको टेक इलाके की पार्किंग में खड़ी सैकड़ों गाड़ियां डूब गईं। हिंडन नदी के खतरे का निशान 205.8 मिमी है। अधिकारियों के अनुसार, यह फिलहाल 201.8 मिमी है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। पानी लगातार मकानों में घुस रहा है।
    अब तक 10 हजार से अधिक मकानों को खाली कराया जा चुका है। हजारों लोग प्रशासन के आश्रय स्थलों में हैं। जबकि कई लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। वहीं, सेक्टर-143 के पास पुराना सुथ्याना के डूब क्षेत्र में बने एक अवैध पार्किंग स्थल में खड़ी गाड़ियां भी डूब गई हैं।

    दिल्ली में भी हालात कुछ ठीक नहीं हैं। एक बार फिर से यमुना किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी आने लगा है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते हथनीकुंड से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते दिल्ली के कई इलाकों में पानी घुस गया है। लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं।

    1. उत्तरप्रदेश : 21 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट 
      यूपी में भी बारिश ने कई जिलों में बाढ़ के हालात बना दिए हैं। बुधवार सुबह से गाजियाबाद और नोएडा में तेज बारिश हो रही है। हिंडन नदी के जलस्तर बढ़ने से कई रिहायशी कॉलोनियों में पानी घुस गया है। नोएडा में 12वीं तक के स्कूलों को बंद कर दिया गया। वहीं, गाजियाबाद में बारिश में भीगते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। उसके बाद प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया।

      मंगलवार देर शाम मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, मेरठ में बारिश हुई। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए ढाई लाख क्यूसेक पानी का असर अब यमुना पर दिखने लगा है। मथुरा में यमुना खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पानी वृंदावन में परिक्रमा मार्ग तक आ गया है। कालीदह, चीरघाट, केशीघाट, जगन्नाथ घाट पर यमुना का पानी आ गया है।

      मुरादाबाद में एक युवक रामगंगा नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना के वक्त वो अपने दोस्त के साथ नदी पार करके अपने खेतों पर जा रहा था। युवक घर से पशुओं के लिए चारा लाने की बात कहकर निकला था। हादसे की सूचना पर पूरा गांव नदी किनारे उमड़ पड़ा। स्थानीय अधिकारियों की डिमांड पर SDRF की टीम ने रामगंगा नदी में बहे युवक की तलाश शुरू कर दी है।

    2. हिमाचलउत्तराखंडमें हालात भयावह
      हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और शिमला में बादल फटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुल्लू की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के चार बजे बादल फटने से पंचानाला और हुरला नाले में भयंकर बाढ़ आ गई। इसमें पांच मकान बह गए और 15 को नुकसान पहुंचा। छोटे-बड़े चार पुल भी बह गए और कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार रोड को नुकसान पहुंचा है।
      पार्वती घाटी के मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाले में आई बाढ़ में एक कैंपिंग साइट को नुकसान हुआ है। मलाणा प्रोजेक्ट के बांध से ऊपर से पानी बहने का सिलसिला जारी है। पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने से ब्यास का जलस्तर बढ़ गया है। 500 से अधिक सड़कें बंद हैं।

      इसी तरह शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
      जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं।

      उत्तराखंड की बात करें तो यहां नंदप्रयाग में मलबा गिरने से बदरीनाथ मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। भूस्खलन के चलते यमुनोत्री मार्ग मंगलवार को भी बंद रहा। हालांकि, केदारनाथ यात्रा जारी है। राज्य में अभी 50 सड़कें बंद हैं, करीब 40 गांवों को बिजली आपूर्ति बाधित है। 400 छोटी-बड़ी नहरें बह गई हैं। हरिद्वार में गंगा अभी भी खतरे के निशाना (293 मीटर) से कुछ ऊपर 293.45 मीटर पर बह रही है।

    3. पंजाबमें क्या हुआ?
      पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते पंजाब के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सतलुज में उफान से फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों में काफी नुकसान हुआ है। फाजिल्का में भारत-पाक सीमा पर बसे गांव ढाणी नत्था सिंह वाला में पुल जलमग्न हो गया। फिरोजपुर के सीमांत गांव कालू वाला में बाढ़ से कई मकान ढह गए हैं। यहां ग्रामीणों को अपने मकानों की छत पर सामान लेकर बैठना पड़ा। हुसैनीवाला से सटे गांवों की कई सड़कें डूब गई हैं। फिरोजपुर के आठ और फाजिल्का के 10 स्कूल 29 तक बंद कर दिए गए हैं।
    4. कर्नाटक,ओडिशामहाराष्ट्रराजस्थानगुजरात में भी बारिश 
      दक्षिण और तटीय ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। मछुआरों को 27 जुलाई तक समुद्र में न जाने का निर्देश दिया गया है। महाराष्ट्र के राजगढ़ में भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। 26 जुलाई को सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है।
      वहीं, कर्नाटक के तटीय इलाकों में बाढ़ की चेतावनी के कारण अधिकारियों ने स्कूलों, कॉलेजों में आज छुट्टी की घोषणा कर दी है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी यही हालात है। मंगलवार शाम को तेलंगाना के महबूबनगर में दो लड़कियां नहर में बह गईं।

      वहीं, राजस्थान के उदयपुर में मोरवानिया में दो युवक ब्रिज पर भारी पानी के बीच फंस गए। वे मोटरसाइकिल की मदद से ब्रिज पार करने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें क्रेन की मदद से बचाया गया। मौसम विभाग ने आज महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।

    अगले तीन दिन क्या होगा
    मौसम विभाग ने उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिमी राज्यों तक में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं। वहीं, झारखंड और मेघालय में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। अगले तीन दिनों तक इन राज्यों में ऐसा ही मौसम रहेगा।

  • उफान पर नदियां, मलबा गिरने से खतरे में आए कई घर, पहाड़ों में रास्ते बंद

    उफान पर नदियां, मलबा गिरने से खतरे में आए कई घर, पहाड़ों में रास्ते बंद

    उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के बाद कुदरत का कहर बरप रहा है। पहाड़ी इलाकों में नदी नाले उफान पर हैं। वहीं, बारिश के बाद सड़कों पर मलबा फैल गया है। उधर टिहरी और रुद्रप्रयाग में कई घरों में मलबा गिरने से हालत बुरे हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और बदरी नाथ हाईवे भी भूस्खलन से कई जगहों पर बंद है।

    वहीं, मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आज चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं।

    यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रात से हो रही बारिश से यमुना नदी, हनुमान गंगा, बडियार नदी उफान पर चल रही है। उधर, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।

    घनसाली के भिलंगना ब्लॉक के ग्राम कोट में घरों पर पहाड़ी से मलबा गिर गया। इस दौरान लोगों ने भागकर जान बचाई। मलबा गिरने से पांच आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। कई घरों में भी मलबा भर गया है। वहीं, तीन मकान मलबा गिरने से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश में 296 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए 240 जेशीबी मशीनों को लगाया गया है। इसके अलावा 12 स्टेट हाईवे, आठ मुख्य जिला मार्ग, तीन जिला मार्ग, 139 ग्रामीण सड़कें और 133 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं।

    भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे से लगे गीठ पट्टी के राना गांव, बाडिया गांव में कई आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाडिया गांव में दो परिवारों ने घर छोड दिए।

  • बिना रिमूवर के छुड़ानी है नेल पॉलिश तो …

    बिना रिमूवर के छुड़ानी है नेल पॉलिश तो …

    महिलाएं अपनी खूबसूरती बढ़ाने के लिए अक्सर कई चीजों का इस्तेमाल करती हैं। चाहे कपड़ों की बात हो या फिर मेकअप की, महिलाएं हर उम्र में अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल करके स्टाइलिश दिखना चाहती हैं। आजकल तो कपड़ों के साथ मैचिंग की नेल पॉलिश लगाने का भी काफी ज्यादा ट्रेंड है। नेल पॉलिश लगाना तो काफी आसान होता है लेकिन इसे हटाते वक्त काफी मुश्किल होती है।

    कई बार दिक्कत तब सामने आती है जब हम पुरानी नेल पॉलिश हटाना चाहते हैं लेकिन हमारे पास नेल रिमूवर नहीं होता। ऐसे में महिलाएं पुरानी नेल पॉलिश के ऊपर ही नई नेल पॉलिश लगा लेती हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू तरीके बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से आप बिना नेल रिमूवर के भी नेल पॉलिश हटा सकते हैं। इन तरीकों को इस्तेमाल करने के लिए आपको ज्यादा कुछ मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    टूथपेस्ट

    जिस तरह से दातों को चमकाने के लिए टूथपेस्ट का इस्तेमाल होता है, ठीक उसी तरह से इसकी मदद से नाखूनों को भी चमका सकते हैं। इसके लिए नाखूनों पर टूथपेस्ट लगाएं और नाखूनों को हल्के ब्रश की मदद से हल्का सा रगड़े। ऐसा करने से नेल पॉलिश छुट जाएगी।

    टूथपेस्ट और बेकिंग सोडा

    अगर आप टूथपेस्ट में बेकिंग सोडा मिलाकर इसे नाखूनों पर लगाएंगी तो इससे भी पुरानी नेल पॉलिश छुट जाएगी।

    गर्म पानी

    अगर आप गर्म पानी की मदद से नेल पॉलिश हटाना चाहते हैं तो इसके लिए थोड़ा सा पानी गर्म कर लें। इसके बाद नाखूनों को 25-30 मिनट तक गर्म पानी में भिगोकर रखें। धीरे-धीरे नेल पेंट अपने आप छूट जाएगी।

    नींबू

    आप गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर भी नेल पॉलिश को छुड़ा सकती हैं। इसकी मदद से आपके नाखून एक दम साफ हो जाएंगे।

    हाइड्रोजन पेरॉक्साइड

    गर्म पानी में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड को मिलाकर आप पुरानी नेल पॉलिश को हटा सकते हैं। हाइड्रोजन पेरॉक्साइड में नाखूनों में मिलाने के बाद नेल फाइलर से रब करने पर नेल पॉलिश रिमूव हो जाएगी।

    सिरका

    नेल पॉलिश हटाने के लिए आप सिरके का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए सिरके में नींबू का रस मिलाकर हाथों पर लगाएं और फिर 10 मिनट बाद गर्म पानी से धोने पर नेल पॉलिश अपने आप हट जाएगी।

  • एक्सरसाइज के बाद कच्चा पनीर खाना कितना फायदेमंद

    एक्सरसाइज के बाद कच्चा पनीर खाना कितना फायदेमंद

    फिटनेस फ्रीक और एक्सरसाइज करने वाले लोगों के मन में डाइट और फ‍िटनेस से जुड़े कई सवाल घूमते रहते हैं। ऐसा ही एक सवाल है कि क्या एक्सरसाइज के बाद पनीर खाया जा सकता है। लेकिन उससे पहले आपका यह जानना जरूरी है कि एक्‍सरसाइज के बाद लोगों को पनीर खाना क्यों पसंद है। बता दें कि पनीर में अमीनो एसिड पाया जाता है। जिससे मसल्स को ग्रोथ करने और रिपेयर होने में सहायता मिलती है।

    पनीर में प्रोटीन पाया जाता है और प्रोटीन से मसल्स को मजबूत होने में मदद मिलती है। वहीं शरीर को एनर्जी भी मिलती है। बता दें कि पनीर में सेलेन‍ियम, मैंगनीज, कैल्‍श‍ियम, कॉपर, जिंक और फास्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह सभी पोषक तत्व मसल्स के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। लेकिन एक्सरसाइज के बाद पनीर खाना फायदेमंद है या नहीं यह हम आपको आगे आर्टिकल में बताने जा रहे हैं।

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

    अगर आपके दिमाग में भी यह सवाल है कि क्या आप एक्सरसाइज के बाद पनीर का सेवन कर सकते हैं, तो बता दें कि पोस्ट-वर्कआउट मील के तौर पर आप पनीर का सेवन कर सकते हैं। लेकिन एक्सरसाइज के फौरन बाद पनीर खाने से बचना चाहिए। पनीर खाने और एक्सरसाइज के बीच कम से कम 1 घंटे का अंतर होना चाहिए। अगर आप एक्सरसाइज के फौरन बाद पनीर का सेवन करते हैं। तो यह ठीक से पच नहीं पाएगा। क्योंकि एक्सरसाइज के समय ब्लड फ्लो मसल्स की ओर रुख करता है।

    एक्सरसाइज के दौरान मसल्स को ज्यादा ऑक्सीजन और एनर्जी की जरूरत होती है। वहीं एक्सरसाइज करने के बाद मसल्स को रिपेयर करने के लिए ब्लड फ्लो मसल्स पर फोकस करता है। वहीं कम से कम 1 घंटे का समय ब्‍लड सर्कुलेशन को सामान्‍य होने में लगता है। ऐसे में आप अगर एक्सरसाइज के फौरन बाद पनीर का सेवन करते हैं, तो ब्लड फ्लो और पाचन-तंत्र के बीच सही से तालमेल नहीं बैठेगा। इससे आपको अपच व गैस की समस्या भी हो सकती है।

    एक्सरसाइज के बाद पनीर का सेवन

    अगर आप एक्सरसाइज के फौरन बाद पनीर खाने जा रहे हैं और आपके दिमाग में यह सवाल आ रहा है कि इसे आप कच्चा खा सकते हैं, या पकाने के बाद। तो बता दें कि एक्सरसाइज के बाद आप चाहें तो कच्चा पनीर खा सकते हैं और पका हुआ पनीर भी खा सकते हैं। कच्चे और पके हुए पनीर के पोषक तत्वों में ज्यादा फर्क नहीं होता है। हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक्सरसाइज के बाद आपको पकाया हुआ पनीर खाना चाहिए।

    हेल्थ एक्सपर्ट्स ऐसा इसलिए भी कहते हैं, क्योंकि पनीर जल्दी बासी हो जाता है। वहीं दूसरा कारण यह है कि अगर आप बाजार से पनीर खरीदते हैं तो इसके खराब होने की भी आशंका रहती है। लेकिन अगर आप पनीर को पका कर खाते हैं तो यह आपकी सेहत को न के बराबर नुकसान पहुंचाएगा। हालांकि अगर आप घर का बनाया पनीर खा रहे है, तो आप इसे कच्चा भी खा सकते हैं। आपको बता दें कि पके हुए पनीर में मौजूद प्रोटीन आसानी से पच जाता है। इसके लिए आप पनीर को हल्का रोस्ट कर लें। इसके बाद उसपर जीरा पाउडर, नमक और लाल मिर्च डालकर खा सकते हैं।

    ितना पनीर खाएं

    वर्कआउट या एक्सरसाइज के बाद आप कम से कम 100 ग्राम पनीर का सेवन कर सकते हैं। 100 ग्राम पनीर से आपके शरीर को 20 ग्राम प्रोटीन मिलेगा। बता दें कि 100 ग्राम पनीर पूरे दिन की मात्रा है। एक दिन में एक व्यक्ति को 100 ग्राम से अधिक पनीर का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे में अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि क्या एक्सरसाइज से पहले आप पनीर का सेवन कर सकते हैं, तो इसका जवाब है कि एक्सरसाइज करने के 1 घंटे पहले आप पनीर का सेवन कर सकते हैं। क्योंकि अगर आप 1 घंटे का अंतर नहीं रखेंगे तो पनीर जल्दी पच नहीं पाएगा और इससे आपके शरीर को प्रोटीन से मिलने वाली एनर्जी भी नहीं मिल पाएगी।

  • डबल चिन की वजह से कम हो गई है चेहरे की रौनक

    डबल चिन की वजह से कम हो गई है चेहरे की रौनक

    नई दिल्लीइन दिनों तेजी से बदलती जीवनशैली का असर न सिर्फ हमारे जीवन में, बल्कि हमारी सेहत पर भी नजर आ रहा है। इसके अलावा लोग काम के बढ़ते प्रेशर की वजह से खराब जीवनशैली का शिकार होते जा रहे हैं। साथ ही उनके खाने-पीने की आदत भी तेजी से बदलती जा रही है। अक्सर बिजी रहने और समय के अभाव की वजह से ज्यादातर लोग जंक फूड और तला-भुना खाना खा रहे हैं। इसकी वजह से कई तरह की शारीरिक समस्याएं लोगों को अपना शिकार बना रही हैं। तेजी से बढ़ता वजन इन्हीं समस्याओं में से एक है, जिससे आजकल लगभग हर कोई परेशान है।

    इसके अलावा इन दिनों कई लोग डबल चिन की वजह से भी परेशान रहने लगे हैं। गलत खान-पान का असर हमारी सेहत पर साफ नजर आता है। गले और ठुड्डी के बीच अनहेल्दी फैट जमा होने की वजह से अक्सर डबल चिन की शिकायत होने लगती है। अगर आप भी डबल चिन की समस्या से परेशान हैं, तो हम आपको कुछ ऐसी एक्सरसाइज के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें नियमित रूप से करने से आप 15 दिन में ही डबल चिन से छुटकारा पा सकते हैं।

    पाउट करें

    लड़कियां अक्सर फोटो क्लिक करते समय पोज देने के लिए पाउट इस्तेमाल करती हैं, लेकिन अगर हम आपसे कहे कि डबल चिन से छुटकारा पाने के लिए भी आप पाउट का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो क्या आप इस पर यकीन करेंगे। दरअसल, ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि पाउट करने से डबल चिन की समस्या दूर होती है। इसके लिए आपको चेहरे को सीधा रखते हुए फोटो को स्ट्रेच करते हुए बाहर की तरफ निकालना है। 7 से 8 सेकंड की इस पोजिशन को आप दिन में कम से कम 5 से 10 बार कर सकते हैं।

    जबड़े की एक्सरसाइज

    डबल चिन से निजात पाने के लिए आप जबड़े की एक्सरसाइज भी ट्राई कर सकते हैं। इसके लिए सिर को दाएं तरफ मोड़ें और फिर निचले जबड़े को आगे की ओर करते हुए 5 से 10 सेकंड तक इसी पोजिशन में रुकें। इसके बाद बाएं तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएं। दिन में 5 बार ऐसा करने से फायदा मिलेगा।

    टंग स्ट्रेच करें

    अगर आप डबल चिन से जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं, तो उसके लिए टंग स्ट्रेच एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसे करने के लिए अपने चेहरे को सीधा रखते हुए जीभ को बाहर निकालकर नाक की तरफ ऊपर करने की कोशिश करें। ऐसा करने से मांसपेशियों में खिंचाव आएगा, जिससे वेट लॉस होगा। दिन में 7 से 10 बार इस एक्सरसाइज को करने से जल्द ही असर नजर आने लगा।

  • स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से तनाव ही नहीं, वजन और हृदय रोगों का भी रहता है खतरा

    स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से तनाव ही नहीं, वजन और हृदय रोगों का भी रहता है खतरा

    कोर्टिसोल हार्मोंन को स्ट्रेस हार्मोन के रूप में भी जाना जाता है, यह शरीर को तनावपूर्ण स्थितियों में पर्याप्त रूप से प्रतिक्रिया करने में मदद करती है। सामान्यतौर पर माना जाता है कि अगर आपका कोर्टिसोल बढ़ा हुआ रहता है तो आपको चिंता विकार, तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याओं के होने का खतरा भी अधिक हो सकता है। भले ही  कोर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोंन के रूप में जाना जाता है पर शरीर में इसके कई अन्य कार्य भी होते हैं। यानी इसकी अधिकता और कमी दोनों ही स्थितियां शरीर के लिए हानिकारक दुष्प्रभावों वाली हो सकती हैं।

    मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हमारा शरीर अन्य हार्मोंन्स की तरह इसका भी निरंतर उत्पादन करता रहता है। यह शरीर के लगभग हर अंग और ऊतक को प्रभावित करता है।

    तनाव प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने के साथ शरीर में फैट, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के उपयोग, मेटाबॉलिज्म, नमक और पानी के संतुलन, वजन और स्मृति को भी नियंत्रित करने में इसकी भूमिका होती है।

    कोर्टिसोल हार्मोन के बारे में जानिए

    कोर्टिसोल हार्मोन एड्रिनल ग्रंथि द्वारा निर्मित होता है। स्वस्थ व्यक्ति में कोर्टिसोल, दिन के अलग-अलग समय पर बढ़ता और घटता रहता है। लाइफस्टाइल और कुछ शारीरिक स्थितियां कोर्टिसोल के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं, जैसे हाइपोथायरायडिज्म, संक्रमण और व्यायाम में कमी आदि।

    बढ़ा हुआ स्तर हृदय के लिए समस्याकारक 

    जिन लोगों में कोर्टिसोल हार्मोंन का स्तर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें अन्य लोगों की तुलना में हृदय रोगों की समस्या होने का खतरा भी बढ़ जाता है। असल में तनाव की प्रतिक्रिया में कोर्टिसोल हार्मोन स्रावित होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि लंबे समय तक तनाव या कोर्टिसोल का उच्च स्तर ब्लड कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को भी बढ़ा देता है, ये हृदय रोगों के जोखिम कारक हैं।

    इससे वजन बढ़ने का भी रहता है खतरा

    कोर्टिसोल हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर आपके मीठे, वसायुक्त और नमकीन खाद्य पदार्थों के खाने की इच्छा को काफी बढ़ा देता है। यही कारण है कि तनावग्रस्त व्यक्ति को इन चीजों की तीव्र इच्छा होती है। इसका मतलब यह भी है कि आप संतुलित भोजन की तुलना में उन चीजों का अधिक सेवन करने लगते हैं, जिनसे शरीर में फैट बढ़ने का खतरा अधिक होता है। इससे कुछ ही समय में आपका वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

    यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि अधिक वजन की समस्या भी कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाने का कारण बन सकती है।

    हाई कोर्टिसोल के इन लक्षणों के बारे में भी जानिए

    कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने की स्थिति में पूरे शरीर पर इसका असर हो सकता है। ऐसे कई संकेत और लक्षण हैं जो बताते हैं कि आपके शरीर में  कोर्टिसोल स्तर बढ़ा हुआ हो सकता है। चेहरे में सूजन, मूड में बदलाव, थकान और कम नींद आने की दिक्कत, अनियमित मासिक धर्म, हाई ब्लड प्रेशर, अत्यधिक प्यास लगना भी संकेत है कि आपके हार्मोन का स्तर ठीक नहीं है। ऐसी स्थितियों में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।