शिमला मौसम का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन से चार नेशनल हाईवे और 468 सड़कों पर यातायात बंद हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं। गुरुवार रात को हमीरपुर की दरब्यार पंचायत में स्टेलपोश मकान गिरने से सो रहे एक ही परिवार के छह सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला। शिमला जिले से सबसे ज्यादा 220 और कुल्लू में 115 सड़कें बंद हैं। वहीं, राज्य में 552 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हैं। 224 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित चल रही हैं। शिमला, कुल्लू व मंडी में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। पौंग बांध से तीसरे दिन भी पानी छोड़ा शुक्रवार को पौंग बांध से तीसरे दिन भी पानी छोड़ा गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई इलाकों के लिए शनिवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 30 जुलाई से मौसम में कुछ सुधार होने से राहत के आसार हैं। किन्नौर के नाथपा गांव की पहाड़ी से पिछले चार दिनों से लगातार चट्टानें गिरना जारी है। इससे गांव को खतरा पैदा हो गया है। शुक्रवार सुबह 5:15 बजे पहाड़ी से भूस्खलन होने पर नाले के साथ मौजूद गांव के पांच मकान खाली करवाए गए। कोटसारी में भूस्खलन से मकानों में दरारें आने से तीन परिवार बेघर हो गए हैं। लोअर कोटी गांव में मकान क्षतिग्रस्त वहीं लोअर कोटी गांव में प्रदीप ठाकुर का मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ है। नाथपा गांव में पहाड़ी दरकने से ग्रामीणों ने खौफ के साये में रात गुजारी। कक्षस्थल में पहाड़ से चट्टानें गिरने से दोमंजिला मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। दंपती, बेटे और 6 मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। नेशनल हाईवे पांच रामपुर के ब्रौनी खड्ड में भूस्खलन से फिर बंद हो गया है। इसके अलावा कुल्लू-मनाली, कुल्लू-आनी और चंबा-भरमौर एनएच भी ठप पड़ा है। उधर, किन्नौर प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए बाढ़ग्रस्त कांधार, खुडणा और शीलाभावी गांव में मकान खाली करवा दिए हैं। चंडीगढ़-मनाली मार्ग दो स्थानों पर मलबा गिरने से बंद सरपारा पंचायत घर और मंदिर में प्रभावितों के रहने का इंतजाम किया गया है। उधर, मंडी जिला में भारी बारिश के चलते चंडीगढ़-मनाली मार्ग दो स्थानों पर मलबा गिरने से बंद है। मंडी-पठानकोट हाईवे की सड़क पर ऐहजू, चौंतड़ा व बीड़ मार्ग पर भारी बारिश से जलभराव से दुकानों में पानी घुस गया। सरकाघाट की सुलपुर जबोठ पंचायत में बारिश में एक पेजयल योजना जबोठी खड्ड में बह गई है। बल्ह क्षेत्र में कलखर से रिवालसर मार्ग आठ घंटे बाधित रहा। मनाली के बाहंग नाले में बाढ़ से पानी सड़क पर आ गया शुक्रवार को मनाली सहित कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मनाली के बाहंग नाले में बाढ़ से पानी सड़क पर आ गया। पार्वती घाटी के छरोड़नाला में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं पार्वती व तीर्थन घाटी में लोगों के घरों के आसपास दरारें पड़ने से खतरा बढ़ गया है। राजधानी शिमला में शुक्रवार को मौसम मिलाजुला रहा। सुबह के समय शहर में बादल बरसे। दोपहर को मौसम साफ हुआ। शाम को फिर बारिश हुई। पुलिस लाइन सोलन के पास चौथी बार धंसा हाईवे का हिस्सा वहीं, कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर सोलन बाईपास में पुलिस लाइन के पास चौथी बार…
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर दोपहिया वाहनों को देना होगा टोल – न्यूनतम 5 तो अधिकतम 310 रुपये
लखनऊ 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर रफ्तार भरने के लिए दोपहिया वाहनों को भी टोल टैक्स देना पड़ेगा। टोल शुल्क न्यूनतम पांच रुपये और अधिकतम 310 रुपये है। चौबीस घंटे में वापसी पर टोल शुल्क में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। दोपहिया वाहनों पर टोल टैक्स की दरें यूपीडा ने तय कर दी हैं। एक्सप्रेस वे पर पहला प्रमुख और अंतिम टोल के बीच छोटे-बड़े 13 टोल प्लाजा हैं। इसमें न्यूनतम 5 रुपये का टोल तय किया गया है। अधिकतम 310 रुपये अदा करने होंगे। ये दरें 25 रुपये, 40 रुपये, 50 रुपये, 55 रुपये, 90 रुपये 125 रुपये, 175 रुपये, 185 रुपये, 210 रुपये, 260 रुपये, 295 रुपये और 310 रुपये है। दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग प्वाइंट से गुजरने पर टोल की दरें अलग-अलग रहेंगी।
View More बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर दोपहिया वाहनों को देना होगा टोल – न्यूनतम 5 तो अधिकतम 310 रुपये30 के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं कई बदलाव, जानिए क्यों बढ़ने लगता है वेट
आपने अक्सर ऐसा देखा होगा कि 30 साल की उम्र के बाद से महिलाओं का वेट बढ़ने लगता है। बता दें कि वजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक कारण जैसे हार्मोन्स में बदलाव का होना है। दरअसल, महिलाओं में प्यूबर्टी होने से लेकर बुजुर्ग होने तक शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। उम्र के बढ़ने के साथ ही हार्मोनल लेवल भी बदलता रहता है। ऐसे में क्या महिलाओं में 30 की उम्र के बाद हार्मोनल बदलाव के कारण ही मोटापा होता है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन्हीं सवालों के जवाब देने जा रहे हैं। साथ ही यह भी जानेंगे कि 30 की उम्र के बाद किस कारण से महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है। हार्मोनल परिवर्तन बता दें कि यह बात सही है कि महिलाओं के वजन में 30 की उम्र के बाद से तेजी से बदलाव आने लगते हैं। इसका एक मुख्य कारण हार्मोनल परिवर्तन भी होता है। क्योंकि 30 साल की उम्र के बाद से महिलाओं के शरीर में एक्ट्रोजेन के लेवल में गिरावट आने लगती है। एस्ट्रोजेन पीरियड साइकिल को बैलेंस करने का काम करता है। वहीं एस्ट्रोजेन के लेवल में गिरावट होने के कारण महिलाओं में चिंता और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। जिसके कारण मोटापा बढ़ने लगता है। मेटाबॉलिज्म कम होना इसके साथ ही 30 साल की उम्र के बाद से महिलाओं के शरीर में मेटाब़ॉलिज्म भी कम होने लगता है। जिसके कारण उनका वेट बढ़ने लगता है। वहीं न सिर्फ पुरुष बल्कि महिलाओं के खानपान का स्टाइल भी पूरी तरह से बदला है। महिलाएं घर का बना खाना खाने की जगह जंक फूड आदि खाना ज्यादा पसंद करती हैं। जिसके कारण मोटापा बढ़ना सामान्य बात है। वहीं मेटाबॉलिज्म कम होने और फूड हैबिट्स भी खराब होने पर वजन तेजी से बढ़ने लगता है। स्ट्रेस लेवल बढ़ना बता दें कि 30 साल की उम्र तक आते-आते महिलाओं में स्ट्रेस का लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है। स्ट्रेस बढ़ने का कारण उनका करियर और पर्सनल लाइफ भी हो सकती है। इसके साथ ही यदि कोई महिला की लाइफ स्टेबल न हो और वह अपनी लाइफ को सही से कंट्रोल नहीं कर पा रही हो। रिश्ते अच्छे न होने पर या ऑफिस का एनवायरमेंट सही न होने पर भी स्ट्रेस बढ़ने लगता है। कई रिपोर्ट्स में भी यह साबित हो चुका है कि स्ट्रेट बढ़ने पर मोटापा बढ़ता है। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि महिलाएं स्ट्रेस को कम करने के लिए स्मोकिंग करती हैं। वहीं गलत खानपान से भी वजन बढ़ता है। फिजिकली एक्टिविटी वहीं 30 साल की उम्र के बाद महिलाएं फिजिकल एक्टिविटी पर ज्यादा ध्यान नहीं देती है। वहीं वर्गिंक वूमेन एक जगह पर लंबे समय तक बैठकर अपना काम करती रहती हैं। अगर बात हाउस वाइफ की हो तो वह घर के कामों में इतना व्यस्त हो जाती हैं कि एक्सरसाइज के लिए उन्हें समय ही नहीं मिलता है। जिसके कारण 30 साल की उम्र के बाद उनका वेट बढ़ने लगता है।
View More 30 के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं कई बदलाव, जानिए क्यों बढ़ने लगता है वेटतेजी से फैल रहा Eye Flu, बढ़ते खतरे के बीच जानें इसके लक्षण और बचाव के कारण
आंखों में जब इंफेक्शन होता है तो इसे कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। आम भाषा में समझने के लिए इसे आई फ्लू भी कहा जा सकता है। आई फ्लू का खतरा सबसे अधिक बदलते मौसम के दौरान होता है। बारिश के मौसम में जहां आमतौर पर ही इंफेक्शन वाली बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है वहीं इस दौरान आई फ्लू का खतरा भी अधिक हो जाता है। आई फ्लू या कंजंक्टिवाइटिस ऐसी समस्या है जिसमें आंखों में जलन, खुजली होती है। इस बीमारी में आमतौर पर आंखे लाल हो जाती है। आंखों का ये इंफेक्शन अगर जल्दी ठीक नहीं किया जाए तो इसकी चपेट में अन्य लोग भी आ सकते है। ऐसे में इंफेक्शन का इलाज करना काफी जरुरी होता है। वैसे तो आई फ्लू से निपटने के लिए कई तरह के आई ड्रॉप आते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना केमिस्ट की सलाह पर आई ड्रप का उपयोग नहीं करना चाहिए। कई बार बिना जानकारी के आई ड्रप डालने पर परेशानी अधिक हो सकती है। मगर इस बीमारी को ठीक करने के लिए डॉक्टर से ही इलाज करवाना चाहिए। ये हैं लक्षण आई फ्लू में इंफेक्शन होने वाले व्यक्ति की आंखें लाल हो जाती है। इस दौरान आंखों से पानी निकलता है। आंखों में काफी सूजन भी होती है। ऐसे आंखों से गंदगी निकलती है। इन सभी कारणों की वजह से आंखों से साफ दिखाई नहीं देता है। ऐसे फैलता है संक्रमण इस बीमारी में संक्रमण संपर्क में आने से होता है। यानी किसी आईफ्लू पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद ही संक्रमण शिकार बना सकता है। संक्रमण तब भी हो सकता है जब संक्रमित व्यक्ति खास देता है या छिंक देता है। ऐसे में इस बीमारी से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है कि एहतियात बरती जाए। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें और स्वच्छता बनाए रखें। आमतौर पर आई फ्लू को ठीक होने में पांच से 10 दिन लगते है। इन उपायों से होता है बचाव – इस बीमारी से बचने का मुख्य उपाय है कि समय समय पर हाथों को साफ किया जाए। हाथ धोते रहने से गंदे हाथ आंखों पर नहीं पड़ते है। इससे संक्रमण होने से बचाव होता है। – आंखों को बार बार छूने से बचें। आंखों पर जब बार बार हाथ नहीं पड़ेगा तो आंखों में इंफेक्शन होने का खतरा भी कम रहेगा। – इस बीमारी से बचने के लिए आसपास सफाई रखना बेहद महत्वपूर्ण है। – आंखों को नियमित अंतराल पर धोते रहें और इनकी सफाई भी रखें। – घर से बाहर निकलते समय अधिक एहतियात बरतें और आंखों को चश्मे से कवर कर रखें। – अगर कोई पीड़ित व्यक्ति है तो उसके संपर्क में ना आएं। – आई फ्लू से संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग किए गए सामान का इस्तेमाल ना करें। खासतौर से बेड, तौलिया, कपड़े, गद्दा आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। – आई फ्लू होने पर टीवी, मोबाइल या किसी भी प्रकार की डिजिटल स्क्रीन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इन उपायों को अपनाएं – अगर आंखों में अधिक दर्द हो या परेशानी अधिक हो तो आंखों को ठंडे पानी से धोएं। – आंखों को गुलाब जल से भी साफ करें। ये इंफेक्शन कम करने में सहायक होता है। – आंखों में डॉक्टर की सलाह से ही कोई भी ड्रॉप डालें।
View More तेजी से फैल रहा Eye Flu, बढ़ते खतरे के बीच जानें इसके लक्षण और बचाव के कारणखर्राटों की वजह से झेलनी पड़ती है शर्मिंदगी
ऐसे तो सोते समय खर्राटे आना एक आम समस्या है। लेकिन आपके खर्राटे के कारण दूसरों की नींद खराब होती है। इसके साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खर्राटे की समस्या होने पर कई बार शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। कुछ लोग खर्राटों से निजात पाने के लिए कई तरह के उपाय आजमाते हैं। लेकिन इससे कोई बहुत ज्यादा लाभ देखने को नहीं मिलता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए है। खर्राटे की समस्या से निजात पाने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है। इसके साथ ही डेली रूटीन में नीचे बताई गई मुद्रा को शामिल करने से आप खर्राटे की समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं। इस आर्टिकल के जरिए हम आपको खर्राटे को कंट्रोल करने वाली एक असरदार मुद्रा के बारे में बताने जा रहे हैं। लेकिन उससे पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर खर्राटे आने का कारण क्या है। खर्राटे आने के कारण नींद की कमी बढ़ता वजन थकान स्मोकिंग अल्कोहल तनाव खर्राटे से निजात पाने वाली मुद्रा हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, खर्राटों की समस्या को कम करने के लिए आदि मुद्रा एक असरदार तकनीक है। इस मुद्रा को कोई भी व्यक्ति कर सतता है। अगर आप अपनी डेली रुटीन में इस मुद्रा को शामिल करते हैं और 10-15 मिनट कर इस मुद्रा को करने के आपको बेहतर रिजल्ट प्राप्त होंगे। इस मुद्रा को करने से बॉडी में ऑक्सीजन का फ्लो अच्छा रहने के साथ ही लंग्स की कार्यक्षमता भी बढ़ती है। इस मुद्रा को डेली रूटीन में शामिल करने से दिमाग शांत होता है और नर्वस सिस्टम अच्छे से काम करता है। इस मुद्रा को करने से खर्राटे से राहत मिलती है। ऐसे करें आदि मुद्रा सबसे पहले पीठ को सीधा करके बैठ जाएं। अब अपने अंगूठे को छोटी उंगली के किनारे पर रखें। फिर बाकी उंगलियों को अंगूठे से कवर कर मुट्ठी बनाएं। इसके बाद हाथों को घुटनों या फिर अपनी जांघों पर रखें। फिर आंखें बंद रखें, इस मुद्रा को करने के दौरान सांस लेते और छोड़ते रहें। आदि मुद्रा के फायदे यह मुद्रा कोर्टिसोल के लेवल को कम करने के साथ ही मन को शांत करती हैं। पेट को स्वस्थ रखने के साथ ही हड्डियों और मसल्स को मजबूती मिलती है। सांस संबंधी रोगों के निजात मिलने के साथ ही बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है। यह मुद्रा दिल को हेल्दी रहती है। लो ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों को इस मुद्रा से फायदा मिलती है। आदि मुद्रा करने से पैंक्रियाज के काम को बेहतर करती है। इसके साथ ही ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है।
View More खर्राटों की वजह से झेलनी पड़ती है शर्मिंदगीनींबू पानी के सेवन से आपके दांतों में हो सकती है समस्या
सेहत के लिए नींबू पानी कई तरह से लाभकारी माना जाता है। क्योंकि नींबू विटामिन सी का एक बेहतर स्त्रोत होता है। नींबू पानी से इम्यूनिटी को मजबूती मिलती है। वहीं यह भी बताया गया है कि नींबू पानी के सेवन से हमारा शरीर डिटॉक्सिफाई होता है और शरीर के विषाक्तता भी कम होती है। यह हमारे मेटाबॉलिज्म में सुधार करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींबू पानी के सेवन के दौरान अधिकतर लोग एक बड़ी गलती कर बैठते हैं। जिसके कारण उनके दांतो को गंभीर जोखिम भी हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना सुबह या फिर प्रतिदिन नींबू पानी पीते हैं, तो इससे संबंधित एक सावधानी के बारे में जानना जरूरी हो जाता है। क्योंकि बहुत सारे लोगों को नींबू पानी पीने के सही तरीके के बारे में नहीं मालूम होता है। ऐसे में उन लोगों में दांत सबंधी समस्याएं शुरू होने लगती हैं। दांतों को नुकसान नींबू पानी की तरह कोई भी अम्लीय पदार्थ हो, यह दांतों के इनेमल के क्षरण का कारण बन सकता है। बता दें कि यह इनेमल दांतों का पतला बाहरी आवरण होता है। इससे दांतों को मजबूती मिलती है। ऐसे में अगर आप अधिक अमिलीय चीजों को खाते पीते हैं, तो समय के साथ ही इनेमल को नुकसान होने लगता है। जिससे आपके दांतों का पहला सुरक्षात्मक आवऱण हट जाता है और डेंटिन की परत दिखने से दांतों में संवेदनशीलता महसूस होने लगती है। झनझनाहट और संवेदनशीलता दांतों से इनेमल हट जाने से दांत पीले दिख सकते हैं और जीभ में खुरदरापन का एहसास हो सकता है। यही बाद में दांतों में झनझनाहट और संवेदनशीलता की समस्या बढ़ाने का काम करती है। ऐसे में अगर आप कुछ भी ठंडा या गर्म खाते हैं, तो आपके दांतों में तेज झनझनाहट व दर्द का एहसास होने लगता है। यह इसी बात का संकेत है कि आपके दांत कमजोर हो रहे हैं और इनकी विशेष देखभाल किए जाने की जरूरत है। नींबू पानी पीने का सही तरीका अगर आप सही तरीके से नींबू पानी पीते हैं, तो इससे दांतों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है और लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए नींबू पानी पीते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आपके गिलास की जगह स्ट्रॉ के जरिए नींबू पानी का सेवन करना चाहिए। इस तरीके से अम्ल सीधे दांत के संपर्क में नहीं आता है। नींबू पानी या कोई भी अम्लीय पदार्थ पीने के फौरन बाद कुल्ला कर लेना चाहिए। इससे दांत एसिड से बच जाते हैं। नींबू पानी का सेवन करने के बाद शुगर फ्री गम चबाना चाहिए। क्योंकि यह आपके मुंह में अधिक लार उत्पन्न कर अम्लता को कम करता है।
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बहराइच नेपाल सीमा से सिर्फ एक बस को भारत सरकार ने मैत्री बस के रूप में संचालित करने का परमिट दे रखा है। लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस की मिलीभगत से करीब 15 से अधिक बसें यहां मैत्री बस सेवा के नाम पर चलाई जा रहीं हैं। रोडवेज की बस बिना यात्रियों के खाली फराटा भर रही है और रोज लाखों का नुकसान हो रहा है। एआरएम ने एआरटीओ को बीते सात जुलाई को पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। नेपाल से सटा रूपईडीहा कस्बा डग्गामार वाहनों का गढ़ बनता जा रहा है। नेपाल-भारत मैत्री सेवा के नाम पर अवैध तरीके से 15…
View More एक की अनुमति, चल रहीं 15 बसें, परिवहन निगम को हर रोज लाखों का नुकसानकमेड़ा में हाईवे खोलने में जुटी जेसीबी
तीन दिनों से कमेड़ा में बंद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे खोलने का काम जारी है। यहां सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी कटिंग के लिए दोनों ओर से जेसीबी लगी है। बुधवार को बारिश के बाद भी हाईवे निर्माण का काम जारी रहा। वहीं जखेड़ गदेरे में पानी अधिक होने से एनएच की ओर से यहां पुलिया बनाने की भी तैयारी है। एनएचआईडीसीएल के डीजीएम शैलेंद्र कुमार ने कहा कि हाईवे शुक्रवार सुबह तक बहाल कर दिया जाएगा। गदेरे में ज्यादा पानी होने के कारण अभी यहां अस्थायी पुलिया बनाई जाएगी ताकि पैदल आवाजाही हो सके। देवाल- बुरकोट गदेरे में मलबा आने से लोहाजंग-वाण सड़क बंद हो गई है जिससे वाण गांव तक वाहन नहीं जा सकेंगे। इस गदेरे पर…
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हरिद्वार। कनखल थाना क्षेत्र में हाईवे पर दिल्ली के यात्रियों की एक कार ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। जिससे कार में सवार एक युवक की मौत…
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देहरादून उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई। वहीं, मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आज चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। बारिश से होने वाले भूस्खलन से संवेदनशील इलाकों में सड़क मार्ग और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। ऐसे में मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाए। उफान पर बह रही नदियां यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रात से हो रही बारिश से यमुना नदी, हनुमान गंगा, बडियार नदी उफान पर चल रही है। उधर, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे समेत 296 सड़कें बंद प्रदेश में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 296 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए 240 जेशीबी मशीनों को लगाया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 94 बड़कोट में डाबराकोट, खराड़ी और किशाला में तीन जगह बंद है। इसके अलावा 12 स्टेट हाईवे, आठ मुख्य जिला मार्ग, तीन जिला मार्ग, 139 ग्रामीण सड़कें और 133 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं। प्रदेशभर में कुल 277 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। मंगलवार को 91 सड़कें और बंद हुईं। कुल 368 बंद सड़कों में से मंगलवार शाम तक 72 सड़कों को ही खोला जा सका था। लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के लिए प्राथमिकता के तहत कार्यवाही की जा रही है। यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी में कई भवनों को खतरा भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे से लगे गीठ पट्टी के राना गांव, बाडिया गांव में कई आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाडिया गांव में दो परिवारों ने घर छोड दिए। वहीं, राना गांव के मुकेश चौहान ने बताया कि गांव के बीचों-बीच आने वाले गदेरे व निर्माणाधीन राना निषणी सड़क के मलबे ने गांव साथ ही यमुनोत्री हाईवे व राना चट्टी के होटल व्यवसायियों की नींद उड़ा दी है। मलबा होटल, घरों, हाईवे पर पसरा हुआ है। गंगोत्री हाईवे का पांच मीटर हिस्सा धंसा मनेरी-सिलकुरा के समीप गंगोत्री हाईवे पर भू- कटाव शुरू हो गया है। हाईवे का करीब पांच से सात मीटर हिस्सा धंस गया है। वहीं सड़क के अंदर से पानी रिस रहा है। बदरीनाथ हाईवे कई जगह बंद मंगलवार रात भारी बारिश से कर्णप्रयाग सहित पिंडर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कर्णप्रयाग में उमा महेश्वर आश्रम के पास बदरीनाथ हाईवे पर रात नौ बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क बंद है। यहां पर करीब 30 से 40 वाहन फंसे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है। बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा में सड़क खोलने का काम जारी है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे नलगांच, नारायणबगड़ में परखाल तिराहा, हरमनी, मल्यापौड़ व बैनोली बैंड में मलबा आने से बंद है। उधर, नादायणबगड़ में अस्पताल के सामने मलबा भर गया है । साथ ही चार दुकानों के अंदर मलबा व पानी चला गया है।
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