Category: Transport

  • क्या दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा वाहनों पर बंदिश लगाने से ही दिल्ली प्रदुषण मुक्त हो जाएगी, जाने*

    क्या दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा वाहनों पर बंदिश लगाने से ही दिल्ली प्रदुषण मुक्त हो जाएगी, जाने*

    दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा बाजारों में मालवाहक वाहनों पर रोक के बाद नया दिशा निर्देश भी हुआ जारी

  • 1 सितम्बर परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए क्यों है यादगार?

    1 सितम्बर परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए क्यों है यादगार?

    *1सितंबर जनता के लिए और खास तौर से परिवहन क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों के लिए क्यों है यादगार ?*

  • प्रदुषण नियंत्रण के लिए क्या वाहनों पर पाबंदी सही विकल्प/ फैसला,

    प्रदुषण नियंत्रण के लिए क्या वाहनों पर पाबंदी सही विकल्प/ फैसला,

    *भारत देश और सबसे ज्यादा दिल्ली राज्य की आबादी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ) की गाइडलाइंस के अनुसार खराब हवा में सांस ले रही हैं।*

  • वाहनों के लिए 1 अक्टूबर 2022 से क्या नए नियम होंगे लागू, जाने ?

    वाहनों के लिए 1 अक्टूबर 2022 से क्या नए नियम होंगे लागू, जाने ?

    सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं पर संज्ञान लेकर और अंकुश लगाने के लिए जांच के लिए विशेष कमेटी का गठन किया था। इस विशेष समिति की रिपोर्ट के आधार पर मॉर्थ (मिनिस्टरी ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज) ने इलेक्ट्रिक दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए ए.आई.एस. 156 सेफ्टी स्टैंडर्ड को अपडेट कर लागू किया है।

    सड़क परिवहन एवम् राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को आग की घटनाओं से बचाव के लिए समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार और लागू किए नए नियम,

    आग के मामलो की जांच करने वाली विशेष समिति ने 29 अगस्त 2022 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी जिसके आधार पर इलैक्ट्रिक पॉवर से चलने वाले वाहनों को इलैक्ट्रिक पावरट्रेन वाली श्रेणी एल, श्रेणी एम और श्रेणी एन. के लिए नए सुरक्षा नियम लागु किए गए।

    श्रेणी एल. में चार पहियो से कम वाले वाहनों और श्रेणी एम. और श्रेणी एन. में (4) चार पहिया वाहनों को शामिल किया गया जो यात्री और फ्रंट लोडेड वाहनों के लिए उपयोग किया गया है।

    नए नियमों में बैटरी सेल, ऑन-बोर्ड चार्जर, बैटरी पैक के डिजाइन और अतिरिक्त सेल शॉर्ट सर्किट से आग के कारण थर्मल ट्रांसफर से संबंधित अतिरिक्त सुरक्षा उपाय शामिल किए और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए नए नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है।

    1. सेल के थर्मल रनवे के मामलो मे थर्मल घटनाओं या गैस का जल्द पता लगाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन ऑडियो-विजुअल अलर्ट से लैस होंगे।
    2. इलेक्ट्रिक वाहनों में सेफ्टी फ्यूज का होना अनिवार्य कर दिया गया जिससे अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होने या उच्च धारा प्रवाह के होने पर बैट्री को पावरट्रेन से तुरन्त काटेगा,
    3. इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयोग होने वाली बैट्री में दो सेल के बीच की दूरी बढ़ाने के आदेश इससे रिचार्जेबल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (आर.ई.एस.एस.) में थर्मल रनवे की स्थिति में गर्मी कम करने और सेल्स को अलग करने में मदद मिलेगी ।
    4. टाइम-बेस्ड चार्ज कट-ऑफ फंक्शन को शामिल करने के लिए फिर से डिजाइन किया जाएगा, आर.ई.एस.एस. को ओवरचार्ज होने से रोकने में मदद होगी।
    5. इलेक्ट्रिक वाहनों में अब चार (4) अतिरिक्त सेंसर होंगे, यह बैट्री सिस्टम के साथ किसी भी समस्या को जल्दी से पहचान करेंगे में और वाहन के कंसोल पर एक त्रुटि दिखाएगा जो सवार को सचेत करेगा कि वाहन अतिरिक्त गर्म हो रहा है।
    6. इलेक्ट्रिक पावरट्रेन से लैस सभी दोपहिया वाहनों को ओवर वोल्टेज, ओवर चार्ज, ओवर डिस्चार्ज, ओवर-टेंप्रेचर, ओवर करंट और शॉर्ट सर्किट प्रोटेक्शन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों में उन्नत बैट्री सिस्टम लगाना होगा।
    7. एक अक्टूबर से इलेक्ट्रिक वाहनों में मौजूदा बैट्री सुरक्षा मानक के साथ लागू कर वाहनों की बिक्री की इजाजत होगी।

    जनहित में जारी,
    संजय बाटला

  • परिवहन क्षेत्र से जुड़ी सभी जानकारियां आज से होगी उपल्ब्ध मात्र एक क्लिक पर,

    परिवहन क्षेत्र से जुड़ी सभी जानकारियां आज से होगी उपल्ब्ध मात्र एक क्लिक पर,

    ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एंड लेबर वेलफेयर एसोसिएशन (पंजीकृत),

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    आपकी राय और विचारो के इन्तजार में,

    संजय बाटला,
    चैयरमैन-टोलवा ट्रस्ट, अध्यक्ष-टोलवा,
    एमडी-ट्रांसपोर्ट विशेष न्यूज़

  • दिल्ली परिवहन विभाग के द्वारा तीन एमएलओ कार्यालय बंद करके खोला गया बेकैंड कार्यालय ,* कितना जनता के लिए हितकारी

    दिल्ली परिवहन विभाग के द्वारा तीन एमएलओ कार्यालय बंद करके खोला गया बेकैंड कार्यालय ,* कितना जनता के लिए हितकारी

    *दिल्ली परिवहन विभाग के द्वारा तीन एमएलओ कार्यालय बंद करके खोला गया बेकैंड कार्यालय ,* कितना जनता के लिए हितकारी

    दिल्ली सरकार द्वारा अपनी प्रशंसा को खुद ही पीठ ठपठपा कर विज्ञापनों द्वारा प्रदर्शित करना आप सभी जानते हैं। अपनी प्रशंसा के दौर को दिखाने और लाइसेंस, बेज और आरसी कार्ड प्रिंट करने वाली कम्पनी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली में तीन एमएलओ कार्यालयों को बंद करके और सभी कार्यालयों में कार्ड प्रिंटिग बंद करके सिर्फ एक जगह शुरु करवाने का श्रेय प्राप्त कर जनहित का नाम दे दिया।

    आप सभी को तो याद ही होगा इसके बाद दिल्ली में जनता कितनी परेशान हुई और दो बार तो बेकैंड आफिस में तोड़ फोड़ भी हुई पर परिवहन विभाग और दिल्ली सरकार के लिए तो यह जनहित है।

    इसके बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने कार्ड प्रिंटिग के कार्यों को एक से दो स्थानों पर शुरु करने के दिशा निर्देश जारी कर दिए जिसके तहत लाइसेंस और बेज बेकैंड कार्यालय में और आरसी द्वारका कार्यालय में ।

    इससे एक तो फायदा पहुंचा की आज व्यवसायिक वाहन मालिको की अतिरिक्त अन्य किसी को ज्यादा आरसी समय पर उपल्ब्ध होने की समस्या से निजात मिल गया पर बेकैंड कार्यालय में बचा काम आज भी राम भरोसे है और वहा जनता किसी से मिल कर शिकायत भी नहीं सुना सकते क्योंकि इस ब्रांच के डीटीओ परिवहन आयुक्त की गुड लिस्ट में है । डीटीओ के कहने के बाद बेकैंड कार्यालय को खोलने का मुख्य उद्देश्य यानी कार्यों को भी वापिस सभी बचे हुए डीटीओ कार्यालयों में करने के दिशा निर्देश जारी करवा दिए और अब यहां बचा है मात्र एक काम लाइसेंस और बेज प्रिंटिंग और वह भी समय सीमा में ना तो अप्रूव हो रहा है और ना प्रिंट ।

    *इन हालातों में अब दिल्ली की जनता स्वयं फैसला करे कि परिवहन विभाग का जनहित के नाम से किया गया यह आदेश जनहित में था या अपने हित में* और दूसरा सोचने का विषय *तीन कार्यालय जो इस जनहित का नाम लेकर दिल्ली परिवहन विभाग ने बंद किए थे उन सभी को होने वाली असुविधाएं जनहित है या अहित?*

    आपके लिए एक लाइसेंस की फीस रसीद और उसके वापिस बेकैंड आफिस में पहुंचने का सबूत इस ब्लॉग के साथ आज भी स्लगन कर रहे हैं जिससे आपकों स्वयं फैसला लेने में दिक्कत नहीं होगी की किस तरह का कार्य कर रहा है बेकैंड कार्यालय और इसकी ज़रुरत जनता को है या किसी और को जिसके शुरु करने पर दुनियां में सर्वश्रेष्ठ बनने के विज्ञापन जारी हुए थे।

    *संजय बाटला*


  • परिवहन क्षेत्र के सभी सवालों का जवाब, सिर्फ एक क्लिक पर, सुने और जाने!

    परिवहन क्षेत्र के सभी सवालों का जवाब, सिर्फ एक क्लिक पर, सुने और जाने!

    परिवहन से जुडे कोई सवाल, कोई परेशानी, कोई तनाव अब सिर्फ एक क्लिक पर

    [embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=SoVOYzsZYb0[/embedyt]

  • ड्राईविंग स्किल टैस्ट नही फिर टैस्ट के नाम की फीस क्यों ?

    ड्राईविंग स्किल टैस्ट नही फिर टैस्ट के नाम की फीस क्यों ?

    माननीय उपराज्यपाल दिल्ली द्वारा भारत की माननीया राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के विचारों और दिशा निर्देश को दिल्ली में लागू करवाने की पहल करते हुए महिलाओं के रोजगार और सशक्तिकरण के लिए लोनी क्षेत्र में फ्री ड्राईविंग स्किल डेवलपमेंट कोर्स की शुरुआत करवाई ।

    एक अच्छी पहल पर क्या माननीय उपराज्यपाल द्वारा की गई पहल के प्रति वह एनजीओ जो परिवहन विभाग की फ्री के दाम पर जमीन पर ड्राइविंग ट्रैनिंग स्किल डेवलपमेंट सैंटर चला रहा है इसके काबिल था एक बड़ा सवाल ?

    माननीय उपराज्यपाल द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार महिलाएं जो दिल्ली में ड्राईविंग स्किल पाकर व्यवसायिक वाहनों को चला कर रोजी रोटी कमाना चाहती हैं उन सभी को बिना पैसा खर्च किए ड्राइविंग स्किल और नौकरी दिल्ली परिवहन विभाग दिलवाएगा और उनकी स्किल डेवलपमेंट कोर्स का खर्चा दिल्ली परिवहन विभाग और कम्पनी 50% 50% के आधार पर करेंगी, महिलाओ को इस स्किल डेवलपमेंट कोर्स के लिए कोई खर्चा नहीं करना होगा।

    जो सबूत सामने आ रहे हैं वह अपने आप में एक बहुत बड़ी जांच का विषय है क्योंकि हम आपको इसी ब्लॉग के साथ इन महिलाओ के लर्निंग लाइसेंस की फीस की रसीद और महिलाओ द्वारा दिए गए पेमेंट का एक प्रिन्ट आपकी जानकारी हेतु स्लगन कर रहे है। जिसके आधार पर यह तो साफ हो गया कि परिवहन विभाग द्वारा इन महिलाओ से लर्निंग ड्राइविंग टैस्ट के नाम पर जो पैसा चार्ज किया है उसमे ड्राईविंग टैस्ट के पैसे चार्ज नहीं होने चाहिए थे जबकि नोटीफिकेशन के अनुसार इन महिलाओ को जो ड्राईविंग स्किल डेवलपमेंट कोर्स करवाया जा रहा है उसके बाद टैस्ट देने की जरूरत ही नहीं है।

    जब टैस्ट देने की जरूरत नहीं तो उसके नाम की फीस महिलाओ द्वारा जमा करवाने का कारण, सोचनीय बात?

    फीस की रसीद रुपए 500 पर महिलाओ द्वारा दिए गए लर्निंग लाइसेंस की फीस के नाम पर 950 रुपए, आख़िर बाकी पैसे किस बात के थे, सोचनीय बात?

    अब मुख्य बात जो जानने योग्य :- दिल्ली में अनगिनत ड्राइविंग ट्रैनिंग स्कूल परिवहन विभाग के ऑपरेशन ब्रांच द्वारा मान्यता प्राप्त है और ड्राइविंग स्किल डेवलपमेंट कोर्स करवा रहें हैं और प्रमाण पत्र भी जारी करते हैं फिर भी इनके द्वारा दी गई स्किल के बाद टैस्ट अनिवार्य पर यहां की दी गई ट्रैनिंग स्किल के बाद नही, आखिर क्यों ?

    जनहित में जारी
    *संजय बाटला*

  • *परिवहन मंत्री और परिवहन विभाग द्वारा प्रतिदिन घोषणा सभी बसे अब लाइन में, जाने सच*

    *परिवहन मंत्री और परिवहन विभाग द्वारा प्रतिदिन घोषणा सभी बसे अब लाइन में, जाने सच*

    दिल्ली में जहा भी परिवहन मंत्री या परिवहन विभाग के आला अधिकारी जांच के लिए पूरा ढिंढोरा पीट कर जाते हैं तो वहा उतने समय के लिए सभी लाईन में चलते नजर आ जाते हैं पर क्या दिल्ली की जनता जो दिल्ली की सड़को पर चलते हैं जरूर जानते ही हैं की कितने प्रतिशत बसे लाईन में चलती है।

    हमने कुछ दिन पहले भी कुछ बसों की विडियो क्लिप प्रस्तुत किए थे कितने कलस्टर कम्पनियों की बसे लाईन में चलती है। हम आज परिवहन मंत्री और परिवहन विभाग के आला अधिकारियों को खुला दावा करते हैं की दिल्ली में किसी भी क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना के सिर्फ एक घंटा खड़े होकर निकलने वाली बसों में से सिर्फ़ 60 प्रतिशत बसे ही लाईन में चलते दिखा दे, दिल्ली में आज भी करोड़ों रुपए खर्च कर दिल्ली सरकार अपने फ़ोटो लगाकर जो विज्ञापन लगा रहें हैं वह सिर्फ ली हुई फोटो के विज्ञापन के अलावा कुछ नहीं।

    यह एक अच्छी बात है कि दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग दिल्ली की सड़को को जाम मुक्त, दुर्घटना मुक्त और प्रदुषण मुक्त बनाने की बात करते हैं पर सिर्फ विज्ञापनों या पूर्व सूचना के आधार पर यह सब करवाना असंभव है।

    इसके लिए बसों में कानून के अनुसार लगे सभी उपकरणों का सुचारू रूप से कार्य करना आवश्यक है जो शायद डीटीसी या क्लस्टर बसों में उपल्ब्ध नही है क्योंकि अगर उपल्ब्ध होते और सुचारू रूप से कार्य में हो तो किसी भी जगह से किसी भी बस की जांच सम्भव है और गलत तरीके से चलने वाली बसों को भी कहीं से भी चेक कर चालान भेजा जा सकता है।

    दिल्ली की सड़को को जाम मुक्त, दुर्घटना मुक्त और प्रदुषण मुक्त करने के लिए विज्ञापनों की नही सही प्रक्रिया अपनाने की जरूरत है, सच को देखना बहुत आसान है लेकिन अगर देखने की इच्छा हो।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • क्या दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग सच में चाहते है महिला सशक्तिकरण या इस दिखावे के पीछे है कोई और छुपा कारण, बड़ा सवाल???

    क्या दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग सच में चाहते है महिला सशक्तिकरण या इस दिखावे के पीछे है कोई और छुपा कारण, बड़ा सवाल???

    दिल्ली के सरकारी विभागों उनकी शाखाओं एवम् निकायों में जहां भी महिलाए कार्यरत हैं सभी जगह महिलाओ को जो मान सम्मान और सरकारी सहयोग मिलना चाहिए वह दिल्ली में मांगने के बाद भी नहीं मिलता यह बात सदा सामने आती रहीं हैं ।

    दिल्ली में
    मेडिकल सेवा में महिलाओ का हाल,
    आंगन वाड़ी में महिलाओ का हाल,
    डीटीसी में कार्यरत महिलाओ का हाल, और अन्य सभी विभागों की महिलाओं द्वारा लगातार सरकार से मांग सामने आती रहीं हैं।

    दिल्ली में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है उस दिन से आज तक तो दिल्ली सरकार और उसके किसी भी विभाग में एक भी नियमित नौकरी दिल्ली में किसी को ना तो दी गई है और ना ही मिलने की उम्मीद नज़र आ रही है।

    ऐसे में दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण के प्रति इतनी जागरूकता दिखाना दिल्ली की महिलाओं के लिए सोच का कारण बनता जा रहा है।

    दिल्ली के व्यवसायिक वाहनों में रोजगार के प्रति महिलाओ को जागरुक करना और उसके लिए मदद के लिए सामने आना एक अच्छा कदम है पर इन महिलाओ जो परिवहन विभाग के विज्ञापनों से प्रभावित होकर आगे आ रही है की सुरक्षा के प्रति अभी तक परिवहन विभाग द्वारा कोई दिशा निर्देश या आदेश पारित नही किया, आख़िर क्यों ?

    आप लोगो को याद होगा दिल्ली परिवहन निगम की एक कंडक्टर की हत्या और कुछ दिन पहले ही बस में कार्यरत सिविल डिफेंस के पद की महिला द्वारा आत्महत्या की कोशिश हो चुकी है।

    ऐसे में परिवहन विभाग को महिलाओ की सुरक्षा, नौकरी और वेतन की गारंटी के प्रति दिशा निर्देश और आदेश जारी करने चाहिए।

    जनहित में जारी :- संजय बाटला