…फिर ऊना की पटरी पर दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन

…फिर ऊना की पटरी पर दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन

अंब-अंदौरा एवं ऊना से दिल्ली तक सुपरफास्ट वंदे भारत के माध्यम से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। ऊना और चंडीगढ़ के बीच करीब चार दिन स्थगित रहने के बाद वंदे भारत एक बार फिर ऊना की पटरी पर लौटेगी। सोमवार को इस ट्रेन के ऊना रेलवे स्टेशन पर निर्धारित समय 10:35 बजे पहुंचने की संभावना है। इसके बाद मंगलवार को भी वंदे भारत यहां से दिल्ली जाएगी। फिलहाल इस ट्रेन को नंगल में रेलवे ट्रैक के कंप्यूटरीकरण तथा नंगल और रोपड़ के बीच मरम्मत किए गए ट्रैक पर गति सीमा कम करने के चलते चंडीगढ़ से ही दिल्ली तक दौड़ाया जा रहा है। बीच-बीच में कुछ दिन वंदे भारत ऊना और अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन पहुंची, लेकिन यहां पहुंचने के लिए ट्रेन को रोपड़ और नंगल के बीच 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलना पड़ा। हालांकि अंब-अंदौरा से नंगल के बीच ट्रेन अपनी निर्धारित सीमा 75-100 किलोमीटर के बीच दौड़ रही है। अब रेलवे प्रबंधन की ओर से…

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एक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट,  – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

एक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट, – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

शिमला हिमाचल प्रदेश में रविवार को बारिश थमने से राहत तो मिली, लेकिन अगले चार दिन बादल बरसने का दौर जारी रहेगा। 27 जुलाई तक का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 29 तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। इससे दुश्वारियां फिर बढ़ेंगी। उधर, पिछले दिनों खराब रहे मौसम के चलते जिला कुल्लू समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। बिजली और पानी की आपूर्ति कई क्षेत्रों में बाधित है। प्रदेश में 696 सड़कें, 1,052 बिजली के ट्रांसफार्मर और 370 पेयजल योजनाएं अभी ठप हैं। मनाली-कुल्लू नेशनल हाईवे क्लाथ तक बहाल हो गया…

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पुरोला में बादल फटा, सैलाब में बहीं गाड़ियां, जान बचाने के लिए घरों से भागे लोग, उफानाए नदी-नाले

पुरोला में बादल फटा, सैलाब में बहीं गाड़ियां, जान बचाने के लिए घरों से भागे लोग, उफानाए नदी-नाले

देहरादून बीते रात पुरोला क्षेत्र के अकरु जंगल में बादल फटने के कारण छाड़ा खड्ड, कमल नदी, माल गाड़ सहित अन्य गदेरे अचानक उफान पर आ गए। इसके चलते खेतों, सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं नगर क्षेत्र में कई घरों पानी और मलबा घुस गया। कई लोगों ने घरों से भाग कर अपनी जान बचाई। नहरें, सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। गाड़ियां व मोटर साइकिल बह गए। प्रदेशभर में बारिश से नुकसान हुआ है। धनारी क्षेत्र में धनपति नदी के उफान पर आने के कारण देवीधार में मोक्ष घाट बह गया। तो वहीं बड़कोट के गंगनानी में भारी मलबा आने के कारण 19 घरों और दुकानों सहित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में घुसा। उधर, टिहरी के घनसाली में भी मलबा आने से बारिश के कारण 14 मकानों को खतरा पैदा हो गया है। थौलधार ब्लाक के चापड़ा गांव में एक आवासीय मकान ढह गया। गनीमत यह रही कि उस वक्त घर में कोई नहीं था। पीड़ित के घर का अधिकतर सामान मलबे में दब गया। यमुनोत्री हाईवे सहित 299 सड़कें बंद प्रदेश में यमुनोत्री हाईवे समेत 299 सड़कें बंद हैं। बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी, पागलनाला, छिनका, नंदप्रयाग में अवरुद्ध हुआ था, जिसे दोपहर एक बजे खोल दिया गया। हाईवे में करीब आठ घंटे तक पांच हजार से अधिक यात्री फंसे रहे। शाम छह बजे नंदप्रयाग के पास बंद हुआ था, जिसे करीब आठ बजे खोल दिया गया। केदारनाथ हाईवे पर भी कई जगह मलबा आया है, लेकिन भूस्खलन क्षेत्रों में तैनात जेसीबी ने मलबा हटाकर हाईवे खोल दिया। यमुनोत्री हाईवे कई जगह अवरुद्ध हुआ है। कुछ स्थानों में तो खोल दिया, लेकिन गंगनानी में भारी मात्रा में मलबा आने के कारण मशीनें अब तक काम कर रही है। ओजरी डाबरकोट में लगातार पत्थर गिरने के कारण हाईवे खोलने का काम भी नहीं शुरू हो पाया है। प्रदेशभर में भारी बारिश का अलर्ट प्रदेश भर में 23 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

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भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढों से पटा

भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढों से पटा

भतरौंजखान। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढा मुक्त सड़कों के दावों की पोल खोल रहा है। यह सड़क गड्ढों से पटी है और इस पर यात्री और पर्यटक जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। भतरौंजखान से चौड़ी घट्टी तक पूरी सड़क गड्ढों से पटी है। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। कई दोपहिया चालक रपटने से चोटिल हो चुके हैं लेकिन इसके सुधारीकरण के अब तक प्रयास नहीं हुए। विभाग की इस लापरवाही के चलते लोगों में खासा आक्रोश है। व्यापार मंडल उपाध्यक्ष हरीश भट्ट सहित अन्य लोगों ने कहा कि कई बार सड़क सुधारीकरण की मांग के बाद भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। वहीं लोनिवि रानीखेत के सहायक अभियन्ता बीसी भट्ट ने कहा कि डामरीकरण के लिए टेंडर हो चुके हैं। बारिश के बाद डामरीकरण होगा।

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जौरासी सड़क में झाड़ियों से दुर्घटना का खतरा

जौरासी सड़क में झाड़ियों से दुर्घटना का खतरा

चौखुटिया (अल्मोड़ा)।गनाई-जौरासी सड़क में दोनों ओर झाडि़यों के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। चालक की थोड़ी से चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता गणेश ढौंडियाल का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद झाड़ियों का कटान नहीं हो पा रहा है।

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दोपहिया वाहन चालकों पर लगाम लगाने की मांग

दोपहिया वाहन चालकों पर लगाम लगाने की मांग

द्वाराहाट। वरिष्ठ नागरिकों ने नगर की यातायात व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे बेहतर करने की मांग की। उन्होंने थानाध्यक्ष राजेश कुमार यादव को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि नगर में बिना हेलमेट के कई लोग दोपहिया वाहन अनियंत्रित गति से दौड़ा रहे हैं जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा अधिक है। सड़क पर निर्माण सामग्री डालने, बगैर दस्तावेजों के बाहरी राज्यों से खरीदे गए वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए बाहरी लोगों का सत्यापन कराया जाना भी बेहद जरूरी है। इस मौके पर केपीएस अधिकारी, पीएस मेहरा, जेएस बिष्ट सहित कई वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।

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बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा में 20 मीटर ध्वस्त, 1000 तीर्थयात्री फंसे, यमुनोत्री हाईवे तीसरे दिन भी बंद

बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा में 20 मीटर ध्वस्त, 1000 तीर्थयात्री फंसे, यमुनोत्री हाईवे तीसरे दिन भी बंद

बीती रात हुई भारी बारिश के बाद बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर बाधित हो गया है। गोचर के कमेड़ा में हाईवे करीब 20 मीटर तक ध्वस्त हो गया है। यहां भारी मात्रा में हाईवे पर मलबा आ गया है। इसके अलावा छिनका में भी पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने से हाईवे बाधित है। हाईवे बंद होने पर जगह-जगह 1000 से अधिक तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डाबरकोट पर लगातार बोल्डर और मलबा आने के कारण पिछले तीन दिनों से बंद है। यमुनोत्री धाम सहित गीठ पट्टी के कई गांव का सम्पर्क कट गया है। हाईवे बंद होने के कारण करीब 300 यात्री स्यानाचट्टी से लेकर जानकीचट्टी के बीच में फंसे हैं। प्रशासन का कहना सबको सुरक्षित स्थानों पर रुकवाया गया है। रविवार रात हुई भारी बारिश से चमोली जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा के पास करीब 200 मीटर से अधिक भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां पर 2011 में बनाई गई लाहे की पुलिया भी बह गई है। वहीं, कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे सिमलसैंण, बैनोलीबैंड, हरमनी, मल्यापौड़ में मलबा आने से बंद है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से उमट्टा के पास बंद हो गया है। उमट्टा में सड़क बंद होने से कर्णप्रयाग, गौचर व सिमली क्षेत्र से आने वाले स्कूली बच्चे एसजीआरआर जयकंडी नहीं जा सके। इन दोनों राजमार्गों पर कई वाहन फंसे हैं। साथ ही बारिश से गौचर में हवाई पट्टी के आसपास के घरों में पानी भर गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश सड़कें बंद हो गई है। कर्णप्रयाग बाजार में मलबा व कीचड़ आने से वाहनों और पैदल आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गैरसैंण के पास कालीमाटी में कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे अभी तक नहीं खुल पाया है। धारचूला (पिथौरागढ़): पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से जीप चालक घायल रविवार देर शाम बूंदी से धारचूला को लौट रहा एक जीप चालक कैलाश खंपा धारचूला तवाघाट मोटर मार्ग में  पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से घायल हो गया। सूचना मिलने पर धारचूला से पुलिस एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम घायल की मदद के लिए रवाना हुई लेकिन रास्ता बंद होने के कारण समय से मौके पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य दान सिंह और प्रेम सिंह ने घायल को अपने कमरे में रखा। घायल को धारचूला लाया जा रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर है।

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Mumbai के कई हिस्सों में भारी बारिश, आईएमडी ने ‘येलो’ अलर्ट जारी किया

Mumbai के कई हिस्सों में भारी बारिश, आईएमडी ने ‘येलो’ अलर्ट जारी किया

मुंबई। मुंबई में पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर भारी बारिश हुई और मौसम विभाग ने सोमवार को मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताते हुए शहर के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने कहा कि सोमवार सुबह आठ बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में मुंबई और पूर्वी एवं पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: औसतन 58.42 मिलीमीटर, 69.15 मिलीमीटर और 70.41 मिलीमीटर बारिश हुई। सुबह मुंबई में कुछ जगहों पर हल्की वर्षा या रुक-रुककर भारी वर्षा हुई, जबकि कुछ जगहों पर बारिश नहीं हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुंबई केंद्र ने सोमवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और मुंबई में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। बीएमसी के अधिकारियों ने कहा कि आईएमडी मुंबई ने सोमवार सुबह के अपने दैनिक मौसम पूर्वानुमान में अगले 24 घंटे में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई में कहीं भी जलजमाव की सूचना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, मध्य रेलवे एवं पश्चिम रेलवे और बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) उपक्रम की बस सेवाएं सामान्य रहीं।

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गोरखपुर-लखनऊ रूट की 80 फीसदी सीटें रहती हैं खाली, वजह किराया या कुछ और?

गोरखपुर-लखनऊ रूट की 80 फीसदी सीटें रहती हैं खाली, वजह किराया या कुछ और?

लखनऊ लखनऊ से गोरखपुर के बीच चलने वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस भले ही सुविधाओं से लैस हो, पर महंगे किराये की वजह से यात्री इस ट्रेन से किनारा कर रहे हैं। यही वजह है कि इसकी 80 प्रतिशत तक सीटें खाली हैं। पूर्वोत्तर रेलवे की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन 9 जुलाई से गोरखपुर से लखनऊ के बीच शुरू हुआ है। ट्रेन नंबर 22549 गोरखपुर से लखनऊ वाया अयोध्या सुबह 6.05 बजे गोरखपुर से चलकर सुबह 10.20 बजे लखनऊ पहुंचती है। वापसी में 22550 लखनऊ-गोरखपुर वंदे भारत शाम को चारबाग से सवा सात बजे रवाना होती है। पहले हफ्ते में ट्रेन को गोरखपुर से लखनऊ आने के दौरान ठीकठाक यात्री मिलते रहे। पर, अब स्थिति बदल रही है। माना…

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सुबह-सुबह रफ्तार का कहर, नहर में गिरी कार, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

सुबह-सुबह रफ्तार का कहर, नहर में गिरी कार, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

एटा कोतवाली देहात क्षेत्र के मरथरा के पास काली नदी से निकलकर तीव्र मोड़ पर अनियंत्रित कार पलट गई, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत होने गई। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सुबह-सुबह बड़ा  हादसा हो गया। एक कार बेबर बैराज नहर में गिर गई, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू के बाद शवों को बाहर निकाला। बताया गया है कि कासगंज जिले के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के गांव अंडुआ निवासी कुछ लोग महिला का इलाज कराने के लिए एटा लेकर आ रहे थे, तभी काली नदी का पुल पार करने के बाद तीव्र मोड़ पर कारअनियंत्रित होकर बेबर बैरज नहर में गिर गई। सुचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस व राहगीरों की सहायता से गाड़ी में फंसे लोगों को निकाला गया।  सभी को तत्काल ही एटा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। मृतकों के नाम विनीता पत्नी नीरज, तेजेंद्र पुत्र जमुना प्रसाद, संतोष पुत्र तेजेंद्र, शिवम पुत्र राकेश और नीरज पुत्र जोधा सिंह बताए गए हैं। पांचों मृतक एक ही परिवार के सदस्य हैं।

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