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  • एक्सरसाइज के बाद कच्चा पनीर खाना कितना फायदेमंद

    एक्सरसाइज के बाद कच्चा पनीर खाना कितना फायदेमंद

    फिटनेस फ्रीक और एक्सरसाइज करने वाले लोगों के मन में डाइट और फ‍िटनेस से जुड़े कई सवाल घूमते रहते हैं। ऐसा ही एक सवाल है कि क्या एक्सरसाइज के बाद पनीर खाया जा सकता है। लेकिन उससे पहले आपका यह जानना जरूरी है कि एक्‍सरसाइज के बाद लोगों को पनीर खाना क्यों पसंद है। बता दें कि पनीर में अमीनो एसिड पाया जाता है। जिससे मसल्स को ग्रोथ करने और रिपेयर होने में सहायता मिलती है।

    पनीर में प्रोटीन पाया जाता है और प्रोटीन से मसल्स को मजबूत होने में मदद मिलती है। वहीं शरीर को एनर्जी भी मिलती है। बता दें कि पनीर में सेलेन‍ियम, मैंगनीज, कैल्‍श‍ियम, कॉपर, जिंक और फास्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह सभी पोषक तत्व मसल्स के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। लेकिन एक्सरसाइज के बाद पनीर खाना फायदेमंद है या नहीं यह हम आपको आगे आर्टिकल में बताने जा रहे हैं।

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

    अगर आपके दिमाग में भी यह सवाल है कि क्या आप एक्सरसाइज के बाद पनीर का सेवन कर सकते हैं, तो बता दें कि पोस्ट-वर्कआउट मील के तौर पर आप पनीर का सेवन कर सकते हैं। लेकिन एक्सरसाइज के फौरन बाद पनीर खाने से बचना चाहिए। पनीर खाने और एक्सरसाइज के बीच कम से कम 1 घंटे का अंतर होना चाहिए। अगर आप एक्सरसाइज के फौरन बाद पनीर का सेवन करते हैं। तो यह ठीक से पच नहीं पाएगा। क्योंकि एक्सरसाइज के समय ब्लड फ्लो मसल्स की ओर रुख करता है।

    एक्सरसाइज के दौरान मसल्स को ज्यादा ऑक्सीजन और एनर्जी की जरूरत होती है। वहीं एक्सरसाइज करने के बाद मसल्स को रिपेयर करने के लिए ब्लड फ्लो मसल्स पर फोकस करता है। वहीं कम से कम 1 घंटे का समय ब्‍लड सर्कुलेशन को सामान्‍य होने में लगता है। ऐसे में आप अगर एक्सरसाइज के फौरन बाद पनीर का सेवन करते हैं, तो ब्लड फ्लो और पाचन-तंत्र के बीच सही से तालमेल नहीं बैठेगा। इससे आपको अपच व गैस की समस्या भी हो सकती है।

    एक्सरसाइज के बाद पनीर का सेवन

    अगर आप एक्सरसाइज के फौरन बाद पनीर खाने जा रहे हैं और आपके दिमाग में यह सवाल आ रहा है कि इसे आप कच्चा खा सकते हैं, या पकाने के बाद। तो बता दें कि एक्सरसाइज के बाद आप चाहें तो कच्चा पनीर खा सकते हैं और पका हुआ पनीर भी खा सकते हैं। कच्चे और पके हुए पनीर के पोषक तत्वों में ज्यादा फर्क नहीं होता है। हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक्सरसाइज के बाद आपको पकाया हुआ पनीर खाना चाहिए।

    हेल्थ एक्सपर्ट्स ऐसा इसलिए भी कहते हैं, क्योंकि पनीर जल्दी बासी हो जाता है। वहीं दूसरा कारण यह है कि अगर आप बाजार से पनीर खरीदते हैं तो इसके खराब होने की भी आशंका रहती है। लेकिन अगर आप पनीर को पका कर खाते हैं तो यह आपकी सेहत को न के बराबर नुकसान पहुंचाएगा। हालांकि अगर आप घर का बनाया पनीर खा रहे है, तो आप इसे कच्चा भी खा सकते हैं। आपको बता दें कि पके हुए पनीर में मौजूद प्रोटीन आसानी से पच जाता है। इसके लिए आप पनीर को हल्का रोस्ट कर लें। इसके बाद उसपर जीरा पाउडर, नमक और लाल मिर्च डालकर खा सकते हैं।

    ितना पनीर खाएं

    वर्कआउट या एक्सरसाइज के बाद आप कम से कम 100 ग्राम पनीर का सेवन कर सकते हैं। 100 ग्राम पनीर से आपके शरीर को 20 ग्राम प्रोटीन मिलेगा। बता दें कि 100 ग्राम पनीर पूरे दिन की मात्रा है। एक दिन में एक व्यक्ति को 100 ग्राम से अधिक पनीर का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे में अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि क्या एक्सरसाइज से पहले आप पनीर का सेवन कर सकते हैं, तो इसका जवाब है कि एक्सरसाइज करने के 1 घंटे पहले आप पनीर का सेवन कर सकते हैं। क्योंकि अगर आप 1 घंटे का अंतर नहीं रखेंगे तो पनीर जल्दी पच नहीं पाएगा और इससे आपके शरीर को प्रोटीन से मिलने वाली एनर्जी भी नहीं मिल पाएगी।

  • डबल चिन की वजह से कम हो गई है चेहरे की रौनक

    डबल चिन की वजह से कम हो गई है चेहरे की रौनक

    नई दिल्लीइन दिनों तेजी से बदलती जीवनशैली का असर न सिर्फ हमारे जीवन में, बल्कि हमारी सेहत पर भी नजर आ रहा है। इसके अलावा लोग काम के बढ़ते प्रेशर की वजह से खराब जीवनशैली का शिकार होते जा रहे हैं। साथ ही उनके खाने-पीने की आदत भी तेजी से बदलती जा रही है। अक्सर बिजी रहने और समय के अभाव की वजह से ज्यादातर लोग जंक फूड और तला-भुना खाना खा रहे हैं। इसकी वजह से कई तरह की शारीरिक समस्याएं लोगों को अपना शिकार बना रही हैं। तेजी से बढ़ता वजन इन्हीं समस्याओं में से एक है, जिससे आजकल लगभग हर कोई परेशान है।

    इसके अलावा इन दिनों कई लोग डबल चिन की वजह से भी परेशान रहने लगे हैं। गलत खान-पान का असर हमारी सेहत पर साफ नजर आता है। गले और ठुड्डी के बीच अनहेल्दी फैट जमा होने की वजह से अक्सर डबल चिन की शिकायत होने लगती है। अगर आप भी डबल चिन की समस्या से परेशान हैं, तो हम आपको कुछ ऐसी एक्सरसाइज के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें नियमित रूप से करने से आप 15 दिन में ही डबल चिन से छुटकारा पा सकते हैं।

    पाउट करें

    लड़कियां अक्सर फोटो क्लिक करते समय पोज देने के लिए पाउट इस्तेमाल करती हैं, लेकिन अगर हम आपसे कहे कि डबल चिन से छुटकारा पाने के लिए भी आप पाउट का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो क्या आप इस पर यकीन करेंगे। दरअसल, ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि पाउट करने से डबल चिन की समस्या दूर होती है। इसके लिए आपको चेहरे को सीधा रखते हुए फोटो को स्ट्रेच करते हुए बाहर की तरफ निकालना है। 7 से 8 सेकंड की इस पोजिशन को आप दिन में कम से कम 5 से 10 बार कर सकते हैं।

    जबड़े की एक्सरसाइज

    डबल चिन से निजात पाने के लिए आप जबड़े की एक्सरसाइज भी ट्राई कर सकते हैं। इसके लिए सिर को दाएं तरफ मोड़ें और फिर निचले जबड़े को आगे की ओर करते हुए 5 से 10 सेकंड तक इसी पोजिशन में रुकें। इसके बाद बाएं तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएं। दिन में 5 बार ऐसा करने से फायदा मिलेगा।

    टंग स्ट्रेच करें

    अगर आप डबल चिन से जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं, तो उसके लिए टंग स्ट्रेच एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसे करने के लिए अपने चेहरे को सीधा रखते हुए जीभ को बाहर निकालकर नाक की तरफ ऊपर करने की कोशिश करें। ऐसा करने से मांसपेशियों में खिंचाव आएगा, जिससे वेट लॉस होगा। दिन में 7 से 10 बार इस एक्सरसाइज को करने से जल्द ही असर नजर आने लगा।

  • स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से तनाव ही नहीं, वजन और हृदय रोगों का भी रहता है खतरा

    स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से तनाव ही नहीं, वजन और हृदय रोगों का भी रहता है खतरा

    कोर्टिसोल हार्मोंन को स्ट्रेस हार्मोन के रूप में भी जाना जाता है, यह शरीर को तनावपूर्ण स्थितियों में पर्याप्त रूप से प्रतिक्रिया करने में मदद करती है। सामान्यतौर पर माना जाता है कि अगर आपका कोर्टिसोल बढ़ा हुआ रहता है तो आपको चिंता विकार, तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याओं के होने का खतरा भी अधिक हो सकता है। भले ही  कोर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोंन के रूप में जाना जाता है पर शरीर में इसके कई अन्य कार्य भी होते हैं। यानी इसकी अधिकता और कमी दोनों ही स्थितियां शरीर के लिए हानिकारक दुष्प्रभावों वाली हो सकती हैं।

    मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हमारा शरीर अन्य हार्मोंन्स की तरह इसका भी निरंतर उत्पादन करता रहता है। यह शरीर के लगभग हर अंग और ऊतक को प्रभावित करता है।

    तनाव प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने के साथ शरीर में फैट, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के उपयोग, मेटाबॉलिज्म, नमक और पानी के संतुलन, वजन और स्मृति को भी नियंत्रित करने में इसकी भूमिका होती है।

    कोर्टिसोल हार्मोन के बारे में जानिए

    कोर्टिसोल हार्मोन एड्रिनल ग्रंथि द्वारा निर्मित होता है। स्वस्थ व्यक्ति में कोर्टिसोल, दिन के अलग-अलग समय पर बढ़ता और घटता रहता है। लाइफस्टाइल और कुछ शारीरिक स्थितियां कोर्टिसोल के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं, जैसे हाइपोथायरायडिज्म, संक्रमण और व्यायाम में कमी आदि।

    बढ़ा हुआ स्तर हृदय के लिए समस्याकारक 

    जिन लोगों में कोर्टिसोल हार्मोंन का स्तर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें अन्य लोगों की तुलना में हृदय रोगों की समस्या होने का खतरा भी बढ़ जाता है। असल में तनाव की प्रतिक्रिया में कोर्टिसोल हार्मोन स्रावित होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि लंबे समय तक तनाव या कोर्टिसोल का उच्च स्तर ब्लड कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को भी बढ़ा देता है, ये हृदय रोगों के जोखिम कारक हैं।

    इससे वजन बढ़ने का भी रहता है खतरा

    कोर्टिसोल हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर आपके मीठे, वसायुक्त और नमकीन खाद्य पदार्थों के खाने की इच्छा को काफी बढ़ा देता है। यही कारण है कि तनावग्रस्त व्यक्ति को इन चीजों की तीव्र इच्छा होती है। इसका मतलब यह भी है कि आप संतुलित भोजन की तुलना में उन चीजों का अधिक सेवन करने लगते हैं, जिनसे शरीर में फैट बढ़ने का खतरा अधिक होता है। इससे कुछ ही समय में आपका वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

    यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि अधिक वजन की समस्या भी कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाने का कारण बन सकती है।

    हाई कोर्टिसोल के इन लक्षणों के बारे में भी जानिए

    कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने की स्थिति में पूरे शरीर पर इसका असर हो सकता है। ऐसे कई संकेत और लक्षण हैं जो बताते हैं कि आपके शरीर में  कोर्टिसोल स्तर बढ़ा हुआ हो सकता है। चेहरे में सूजन, मूड में बदलाव, थकान और कम नींद आने की दिक्कत, अनियमित मासिक धर्म, हाई ब्लड प्रेशर, अत्यधिक प्यास लगना भी संकेत है कि आपके हार्मोन का स्तर ठीक नहीं है। ऐसी स्थितियों में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

  • मानसून में बचना है पेट के संक्रमण से, तो इन बातों का रखें याद

    मानसून में बचना है पेट के संक्रमण से, तो इन बातों का रखें याद

    नई दिल्ली: बारिश के दिनों में दूषित जल और खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों का बढ़ना स्वाभाविक है। इस समय पेट दर्द और संक्रमण की शिकायतें बढ़ जाती हैं और यह समस्या देश के ज्यादातर हिस्सों में है। इसे स्टमक फ्लू भी कहा जाता है। दस्त, पेचिस और उल्टी की दिक्कत देखी जा रही है। दस्त के साथ ब्लड आने की भी शिकायत देखी जाती हैं। इन दिनों पीलिया होने पर एक-दो दिन बुखार रहता है और फिर उल्टियां होती हैं। इसके बाद आंखों, त्वचा और यूरिन के पीला होने की दिक्कतें आने लगती हैं। इस मौसम में हेपेटाइटिस-ए और ई के भी मामले सामने आते हैं। पीलिया का मुख्य कारण है-दूषित भोजन और पानी का सेवन।

    दूषित खाद्य से बढ़ती समस्या

    अगर बुखार चार-पांच दिन से ऊपर चला जाता है, तो टायॉइड होने की आशंका बढ़ जाती है। विषाक्त भोजन, दूषित जल, बाहरी पानी-पूरी या गन्ने का जूस पीने से भी पेट का संक्रमण हो सकता है। मौसमी परिवर्तन के चलते कॉलरा (हैजा) की आशंका रहती है। पेट के संक्रमण से बचाव का आसान तरीका यही है कि भोजन से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह से साफ करें। भोजन को ढककर रखें। इन दिनों भोजन चार से पांच घंटे में खराब होने लगता है। इसलिए भोजन को फ्रिज में रखें।

    हवा की नमी से जोखिम

    आर्द्रता अधिक होने से खान-पान और शारीरिक श्रम दोनों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। हवा में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया पनपने की गुंजाइश अधिक रहती है। इससे संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। जो लोग सर्दी-खांसी से पीड़ित हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि छींकते या खांसते समय ड्रॉपलेट इधर-उधर न गिरने दें। उन गंदे हाथों से चेहरे को न छुएं। बचाव के लिए मास्क का प्रयोग कर सकते हैं।

    डायबिटीज और ब्लड प्रेशर में अधिक सतर्कता

    मधुमेह, कैंसर या किडनी आदि बीमारियों से जूझ रहे लोगों की प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) पहले से कम हो चुकी होती है। ऐसे लोगों को नियमित दवाएं लेने के साथ-साथ खानपान का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। कोविड टीकाकरण की ही तरह कई अन्य बीमारियों के लिए भी मरीजों को टीका दिया जाता है।

    टीकाकरण बेहतर उपाय

    मानसून में इन्फ्लूएंजा यानी फ्लू जैसी दिक्कतें सामान्य हैं। इन दिनों निमोनिया और टायफॉइड भी बढ़ता है। इन तीनों बीमारियों के लिए टीकाकरण बेहतर विकल्प है। कम उम्र के मधुमेह रोगियों और खासकर, जो लोग अक्सर बाहर का भोजन करते हैं, उन्हें हेपेटाइटिस-ए का टीकाकरण जरूर कराना चाहिए।

    ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

    अगर सिरदर्द, बुखार या ठंड लग रही है, तो सिर्फ पैरासिटामोल की ही गोली लें। निमूस्लाइड, कांबिफ्लेम जैसी दवाएं जो तुरंत बुखार को कम कर देती हैं, वे कभी-कभी खतरनाक हो सकती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के उनका सेवन न करें। पैरासिटामोल की गोली 24 घंटे में तीन से चार बार ली जा सकती है। अगर एक-दो दिन में बुखार नहीं उतर रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उल्टी और दस्त की ही समस्या है, तो भी खुद से दवा न लें। डॉक्टर से परामर्श करें, क्योंकि ये लक्षण हेपेटाइटिस के भी हो सकते हैं। हेपेटाइटिस अगर गंभीर हो जाता है, तो लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। ध्यान रखें छोटा सा संक्रमण कई बार लापरवाही की वजह से गंभीर रूप ले सकता है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • अगर किसी बीमार व्यक्ति से मिल रहे हैं, तो स्वच्छता का ध्यान रखें।
    • सामान्य वायरल डायरिया एक दिन बाद ठीक हो जाता है। इसमें मरीज को दूध से परहेज कर दही का सेवन करना चाहिए।
    • रक्तचाप से ग्रस्त लोग, जो दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, लूज मोशन या उल्टी होने पर ब्लडप्रेशर माप कर ही दवाएं लें, क्योंकि इन बीमारियों में रक्तचाप नीचे आ जाता है।
    • अगर बीपी 120 और 70 से ऊपर है, तभी दवाई लें, अन्यथा न लें।

    खानपान का रहे ध्यान

    किसी कारण बाहर खाना खा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि वह अच्छी तरह से पका, उबला या गर्म होना चाहिए।

    कटे हुए फल, बाहर की चटनी, सलाद, कटी हुई प्याज, पानी-पूरी आदि के सेवन से बचें।

    दही में कुछ प्राकृतिक तत्व हैं, जो पेट को राहत पहुंचाते हैं।

    शरीर में पानी की कमी न होने दें। नारियल पानी, ओआरएस घोल या शिकंजी भी ले सकते हैं।

  • …फिर ऊना की पटरी पर दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन

    …फिर ऊना की पटरी पर दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन

    अंब-अंदौरा एवं ऊना से दिल्ली तक सुपरफास्ट वंदे भारत के माध्यम से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। ऊना और चंडीगढ़ के बीच करीब चार दिन स्थगित रहने के बाद वंदे भारत एक बार फिर ऊना की पटरी पर लौटेगी। सोमवार को इस ट्रेन के ऊना रेलवे स्टेशन पर निर्धारित समय 10:35 बजे पहुंचने की संभावना है।

    इसके बाद मंगलवार को भी वंदे भारत यहां से दिल्ली जाएगी। फिलहाल इस ट्रेन को नंगल में रेलवे ट्रैक के कंप्यूटरीकरण तथा नंगल और रोपड़ के बीच मरम्मत किए गए ट्रैक पर गति सीमा कम करने के चलते चंडीगढ़ से ही दिल्ली तक दौड़ाया जा रहा है। बीच-बीच में कुछ दिन वंदे भारत ऊना और अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन पहुंची, लेकिन यहां पहुंचने के लिए ट्रेन को रोपड़ और नंगल के बीच 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलना पड़ा।

    हालांकि अंब-अंदौरा से नंगल के बीच ट्रेन अपनी निर्धारित सीमा 75-100 किलोमीटर के बीच दौड़ रही है। अब रेलवे प्रबंधन की ओर से ऊना से इस ट्रेन का लाभ लेने वाले यात्रियों के लिए सुखद खबर आई है। ट्रेन फिर से यात्रियों को अंब और ऊना के रेलवे स्टेशनों पर चलते हुए मिलेगी।

    वंदे भारत फिलहाल अगले दो दिन ऊना आएगी। ट्रेन के यहां निरंतर आने को लेकर मौसम साफ रहना भी जरूरी है। अन्यथा कम गति का प्रतिबंध ट्रेन को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ही रूकने को मजबूर कर रहा है। – रोहदाश सिंहअधीक्षकरेलवे स्टेशन ऊना

    ट्रेनों के देरी से आने का क्रम जारी 
    ऊना रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में तीन ट्रेनें आ रही हैं। दिल्ली से चलकर दौलतपुर चौक जाने वाली हिमाचल एक्सप्रेस सुबह करीब एक घंटा देरी से आई। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य की ओर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जबकि साबरमती एक्सप्रेस और दौलतपुर चौक से वाया चंडीगढ़ होकर अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन अपने सही समय से गईं।

  • एक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट,  – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

    एक दिन राहत, अगले चार दिन फिर येलो अलर्ट, – 696 सड़कें बंद, 1052 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में रविवार को बारिश थमने से राहत तो मिली, लेकिन अगले चार दिन बादल बरसने का दौर जारी रहेगा। 27 जुलाई तक का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 29 तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। इससे दुश्वारियां फिर बढ़ेंगी। उधर, पिछले दिनों खराब रहे मौसम के चलते जिला कुल्लू समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। बिजली और पानी की आपूर्ति कई क्षेत्रों में बाधित है।

    प्रदेश में 696 सड़कें, 1,052 बिजली के ट्रांसफार्मर और 370 पेयजल योजनाएं अभी ठप हैं। मनाली-कुल्लू नेशनल हाईवे क्लाथ तक बहाल हो गया है। अब कुल्लू से मनाली तक सिर्फ आठ किमी में हाईवे की बहाली का कार्य शेष है। हालांकि, शिमला से किन्नौर और डलहौजी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल हो गए हैं। रविवार को शिमला जिला के अलावा मंडी, सुंदरनगर, बल्ह, नाचन, सराज और धर्मपुर में हल्की हुई। कुल्लू में धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। शनिवार रात को भूतनाथ पुल के समीप एक पेट्रोल पंप को भूस्खलन से क्षति पहुंची है।

    दारचा-शिंकुला मार्ग, नेशनल हाईवे-505 ग्रांफू से काजा वाहनों के लिए अभी बंद हैं। कुल्लू में ब्यास नदी में बही पंजाब रोडवेज की बस को दूसरे दिन भी नहीं निकाला जा सका है। आईएमडी के उपनिदेशक ने बताया कि कई इलाकों में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई। रविवार को न्यूनतम तापमान भरमौर में 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया तो अधिकतम तापमान धौलाकुआं में 29.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

    रविवार को भी सुक्खू सक्रियओकओवर बुलाए तीन मंत्री

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को मंत्रियों के साथ राहत कार्यों पर चर्चा की और अपडेट लेते रहे। सीएम ने अपने सरकारी आवास ओकओवर में मंत्री बुलाए। सीएम सुक्खू ने मंत्रियों से कहा कि सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाने में किसी तरह की समस्या न हो। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को भी निर्देश जारी करने को कहा। संपर्क सड़कों की शीघ्र बहाली के आदेश भी दिए।

    इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन मौजूद रहे। मंत्रियों ने अपने-अपने महकमों के कार्यों पर भी सीएम ने चर्चा की। मुख्यमंत्री में फल मंडियों में उपजे विवाद पर भी चर्चा की। कैबिनेट बैठक में अपने महकमों से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडे लाने को कहा सीएम ने मंत्रियों से कैबिनेट बैठक में अपने महकमों से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडे लाने को कहा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक 25 जुलाई को बुलाई गई है।

    5115 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान निरीक्षणकर दिल्ली लौट गई केंद्र से आई टीम

    हिमाचल में नुकसान का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम लौट गई है। प्रारंभिक आकलन में अब तक 5115.83 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, जिलों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट आने का सिलसिला जारी है। इसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह नुकसान का आंकड़ा आठ हजार करोड़ से ऊपर जाएगा।

    सोमवार को टीम केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान के मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। हिमाचल में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। सरकार चाहती है कि जल्द ही आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि की पहली किस्त जारी हो जाए।

    जल प्रलय से सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। अब तक विभाग ने 1666.58 करोड़ रुपये नुकसान का आकलन कर लिया है। वहीं, जल शक्ति विभाग को भी अब तक 1475.69 करोड़ रुपये नुकसान का आकलन कर लिया गया है। इसके अलावा अन्य विभागों को भी भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ से 158 लोगों की मौत हुई है। 606 घर ढह गए जबकि, 5363 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 1648 गोशलाएं भी ढहने से सैकड़ों पशुओं की मौत हुई है।

    आपदा राहत कोष में अंशदान 16.50 करोड़ रुपये के पार

    हिमाचल प्रदेश आपदा राहत कोष-2023 में 16 जुलाई से 22 जुलाई तक प्रदेशवासियों, विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं ने 16.50 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान किया है। यह जानकारी राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने दी है। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी उपायुक्तों को राहत कार्यों के लिए 188.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

    शुरुआती आकलन के अनुसार आपदा के कारण प्रदेश को लगभग 8,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रभावित लोगों को सम्मानजनक राशि प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वित्तीय सहायता राशि में कई गुणा वृद्धि की है। तत्काल सहायता के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की है।

  • पुरोला में बादल फटा, सैलाब में बहीं गाड़ियां, जान बचाने के लिए घरों से भागे लोग, उफानाए नदी-नाले

    पुरोला में बादल फटा, सैलाब में बहीं गाड़ियां, जान बचाने के लिए घरों से भागे लोग, उफानाए नदी-नाले

    देहरादून

    बीते रात पुरोला क्षेत्र के अकरु जंगल में बादल फटने के कारण छाड़ा खड्ड, कमल नदी, माल गाड़ सहित अन्य गदेरे अचानक उफान पर आ गए। इसके चलते खेतों, सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं नगर क्षेत्र में कई घरों पानी और मलबा घुस गया। कई लोगों ने घरों से भाग कर अपनी जान बचाई। नहरें, सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। गाड़ियां व मोटर साइकिल बह गए। प्रदेशभर में बारिश से नुकसान हुआ है।

    धनारी क्षेत्र में धनपति नदी के उफान पर आने के कारण देवीधार में मोक्ष घाट बह गया। तो वहीं बड़कोट के गंगनानी में भारी मलबा आने के कारण 19 घरों और दुकानों सहित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में घुसा। उधर, टिहरी के घनसाली में भी मलबा आने से बारिश के कारण 14 मकानों को खतरा पैदा हो गया है। थौलधार ब्लाक के चापड़ा गांव में एक आवासीय मकान ढह गया। गनीमत यह रही कि उस वक्त घर में कोई नहीं था। पीड़ित के घर का अधिकतर सामान मलबे में दब गया।

    यमुनोत्री हाईवे सहित 299 सड़कें बंद

    प्रदेश में यमुनोत्री हाईवे समेत 299 सड़कें बंद हैं। बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी, पागलनाला, छिनका, नंदप्रयाग में अवरुद्ध हुआ था, जिसे दोपहर एक बजे खोल दिया गया। हाईवे में करीब आठ घंटे तक पांच हजार से अधिक यात्री फंसे रहे। शाम छह बजे नंदप्रयाग के पास बंद हुआ था, जिसे करीब आठ बजे खोल दिया गया। केदारनाथ हाईवे पर भी कई जगह मलबा आया है, लेकिन भूस्खलन क्षेत्रों में तैनात जेसीबी ने मलबा हटाकर हाईवे खोल दिया। यमुनोत्री हाईवे कई जगह अवरुद्ध हुआ है। कुछ स्थानों में तो खोल दिया, लेकिन गंगनानी में भारी मात्रा में मलबा आने के कारण मशीनें अब तक काम कर रही है। ओजरी डाबरकोट में लगातार पत्थर गिरने के कारण हाईवे खोलने का काम भी नहीं शुरू हो पाया है।

    प्रदेशभर में भारी बारिश का अलर्ट

    प्रदेश भर में 23 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

  • भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढों से पटा

    भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढों से पटा

    भतरौंजखान। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण भतरौंजखान-रामनगर हाईवे गड्ढा मुक्त सड़कों के दावों की पोल खोल रहा है। यह सड़क गड्ढों से पटी है और इस पर यात्री और पर्यटक जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।

    भतरौंजखान से चौड़ी घट्टी तक पूरी सड़क गड्ढों से पटी है। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। कई दोपहिया चालक रपटने से चोटिल हो चुके हैं लेकिन इसके सुधारीकरण के अब तक प्रयास नहीं हुए। विभाग की इस लापरवाही के चलते लोगों में खासा आक्रोश है। व्यापार मंडल उपाध्यक्ष हरीश भट्ट सहित अन्य लोगों ने कहा कि कई बार सड़क सुधारीकरण की मांग के बाद भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। वहीं लोनिवि रानीखेत के सहायक अभियन्ता बीसी भट्ट ने कहा कि डामरीकरण के लिए टेंडर हो चुके हैं। बारिश के बाद डामरीकरण होगा।

  • जौरासी सड़क में झाड़ियों से दुर्घटना का खतरा

    जौरासी सड़क में झाड़ियों से दुर्घटना का खतरा

    चौखुटिया (अल्मोड़ा)।गनाई-जौरासी सड़क में दोनों ओर झाडि़यों के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। चालक की थोड़ी से चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता गणेश ढौंडियाल का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद झाड़ियों का कटान नहीं हो पा रहा है।

  • दोपहिया वाहन चालकों पर लगाम लगाने की मांग

    दोपहिया वाहन चालकों पर लगाम लगाने की मांग

    द्वाराहाट। वरिष्ठ नागरिकों ने नगर की यातायात व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे बेहतर करने की मांग की। उन्होंने थानाध्यक्ष राजेश कुमार यादव को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि नगर में बिना हेलमेट के कई लोग दोपहिया वाहन अनियंत्रित गति से दौड़ा रहे हैं जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा अधिक है। सड़क पर निर्माण सामग्री डालने, बगैर दस्तावेजों के बाहरी राज्यों से खरीदे गए वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए बाहरी लोगों का सत्यापन कराया जाना भी बेहद जरूरी है। इस मौके पर केपीएस अधिकारी, पीएस मेहरा, जेएस बिष्ट सहित कई वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।