नींबू पानी के सेवन से आपके दांतों में हो सकती है समस्या

नींबू पानी के सेवन से आपके दांतों में हो सकती है समस्या

सेहत के लिए नींबू पानी कई तरह से लाभकारी माना जाता है। क्योंकि नींबू विटामिन सी का एक बेहतर स्त्रोत होता है। नींबू पानी से इम्यूनिटी को मजबूती मिलती है। वहीं यह भी बताया गया है कि नींबू पानी के सेवन से हमारा शरीर डिटॉक्सिफाई होता है और शरीर के विषाक्तता भी कम होती है। यह हमारे मेटाबॉलिज्म में सुधार करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींबू पानी के सेवन के दौरान अधिकतर लोग एक बड़ी गलती कर बैठते हैं। जिसके कारण उनके दांतो को गंभीर जोखिम भी हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना सुबह या फिर प्रतिदिन नींबू पानी पीते हैं, तो इससे संबंधित एक सावधानी के बारे में जानना जरूरी हो जाता है। क्योंकि बहुत सारे लोगों को नींबू पानी पीने के सही तरीके के बारे में नहीं मालूम होता है। ऐसे में उन लोगों में दांत सबंधी समस्याएं शुरू होने लगती हैं। दांतों को नुकसान नींबू पानी की तरह कोई भी अम्लीय पदार्थ हो, यह दांतों के इनेमल के क्षरण का कारण बन सकता है। बता दें कि यह इनेमल दांतों का पतला बाहरी आवरण होता है। इससे दांतों को मजबूती मिलती है। ऐसे में अगर आप अधिक अमिलीय चीजों को खाते पीते हैं, तो समय के साथ ही इनेमल को नुकसान होने लगता है। जिससे आपके दांतों का पहला सुरक्षात्मक आवऱण हट जाता है और डेंटिन की परत दिखने से दांतों में संवेदनशीलता महसूस होने लगती है। झनझनाहट और संवेदनशीलता दांतों से इनेमल हट जाने से दांत पीले दिख सकते हैं और जीभ में खुरदरापन का एहसास हो सकता है। यही बाद में दांतों में झनझनाहट और संवेदनशीलता की समस्या बढ़ाने का काम करती है। ऐसे में अगर आप कुछ भी ठंडा या गर्म खाते हैं, तो आपके दांतों में तेज झनझनाहट व दर्द का एहसास होने लगता है। यह इसी बात का संकेत है कि आपके दांत कमजोर हो रहे हैं और इनकी विशेष देखभाल किए जाने की जरूरत है। नींबू पानी पीने का सही तरीका अगर आप सही तरीके से नींबू पानी पीते हैं, तो इससे दांतों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है और लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए नींबू पानी पीते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आपके गिलास की जगह स्ट्रॉ के जरिए नींबू पानी का सेवन करना चाहिए। इस तरीके से अम्ल सीधे दांत के संपर्क में नहीं आता है। नींबू पानी या कोई भी अम्लीय पदार्थ पीने के फौरन बाद कुल्ला कर लेना चाहिए। इससे दांत एसिड से बच जाते हैं। नींबू पानी का सेवन करने के बाद शुगर फ्री गम चबाना चाहिए। क्योंकि यह आपके मुंह में अधिक लार उत्पन्न कर अम्लता को कम करता है।

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एक की अनुमति, चल रहीं 15 बसें, परिवहन निगम को हर रोज लाखों का नुकसान

एक की अनुमति, चल रहीं 15 बसें, परिवहन निगम को हर रोज लाखों का नुकसान

बहराइच नेपाल सीमा से सिर्फ एक बस को भारत सरकार ने मैत्री बस के रूप में संचालित करने का परमिट दे रखा है। लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस की मिलीभगत से करीब 15 से अधिक बसें यहां मैत्री बस सेवा के नाम पर चलाई जा रहीं हैं। रोडवेज की बस बिना यात्रियों के खाली फराटा भर रही है और रोज लाखों का नुकसान हो रहा है। एआरएम ने एआरटीओ को बीते सात जुलाई को पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। नेपाल से सटा रूपईडीहा कस्बा डग्गामार वाहनों का गढ़ बनता जा रहा है। नेपाल-भारत मैत्री सेवा के नाम पर अवैध तरीके से 15…

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कमेड़ा में हाईवे खोलने में जुटी जेसीबी

कमेड़ा में हाईवे खोलने में जुटी जेसीबी

तीन दिनों से कमेड़ा में बंद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे खोलने का काम जारी है। यहां सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी कटिंग के लिए दोनों ओर से जेसीबी लगी है। बुधवार को बारिश के बाद भी हाईवे निर्माण का काम जारी रहा। वहीं जखेड़ गदेरे में पानी अधिक होने से एनएच की ओर से यहां पुलिया बनाने की भी तैयारी है। एनएचआईडीसीएल के डीजीएम शैलेंद्र कुमार ने कहा कि हाईवे शुक्रवार सुबह तक बहाल कर दिया जाएगा। गदेरे में ज्यादा पानी होने के कारण अभी यहां अस्थायी पुलिया बनाई जाएगी ताकि पैदल आवाजाही हो सके। देवाल- बुरकोट गदेरे में मलबा आने से लोहाजंग-वाण सड़क बंद हो गई है जिससे वाण गांव तक वाहन नहीं जा सकेंगे। इस गदेरे पर…

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ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार की टक्कर, दिल्ली के युवक की मौत

ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार की टक्कर, दिल्ली के युवक की मौत

हरिद्वार। कनखल थाना क्षेत्र में हाईवे पर दिल्ली के यात्रियों की एक कार ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। जिससे कार में सवार एक युवक की मौत…

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कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद

कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद

देहरादून उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई। वहीं, मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आज चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। बारिश से होने वाले भूस्खलन से संवेदनशील इलाकों में सड़क मार्ग और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। ऐसे में मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाए। उफान पर बह रही नदियां यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रात से हो रही बारिश से यमुना नदी, हनुमान गंगा, बडियार नदी उफान पर चल रही है। उधर, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे समेत 296 सड़कें बंद प्रदेश में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 296 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए 240 जेशीबी मशीनों को लगाया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 94 बड़कोट में डाबराकोट, खराड़ी और किशाला में तीन जगह बंद है। इसके अलावा 12 स्टेट हाईवे, आठ मुख्य जिला मार्ग, तीन जिला मार्ग, 139 ग्रामीण सड़कें और 133 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं। प्रदेशभर में कुल 277 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। मंगलवार को 91 सड़कें और बंद हुईं। कुल 368 बंद सड़कों में से मंगलवार शाम तक 72 सड़कों को ही खोला जा सका था। लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के लिए प्राथमिकता के तहत कार्यवाही की जा रही है। यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी में कई भवनों को खतरा भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे से लगे गीठ पट्टी के राना गांव, बाडिया गांव में कई आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाडिया गांव में दो परिवारों ने घर छोड दिए। वहीं, राना गांव के मुकेश चौहान ने बताया कि गांव के बीचों-बीच आने वाले गदेरे व निर्माणाधीन राना निषणी सड़क के मलबे ने गांव साथ ही यमुनोत्री हाईवे व राना चट्टी के होटल व्यवसायियों की नींद उड़ा दी है। मलबा होटल, घरों, हाईवे पर पसरा हुआ है। गंगोत्री हाईवे का पांच मीटर हिस्सा धंसा मनेरी-सिलकुरा के समीप गंगोत्री हाईवे पर भू- कटाव शुरू हो गया है। हाईवे का करीब पांच से सात मीटर हिस्सा धंस गया है। वहीं सड़क के अंदर से पानी रिस रहा है। बदरीनाथ हाईवे कई जगह बंद मंगलवार रात भारी बारिश से कर्णप्रयाग सहित पिंडर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कर्णप्रयाग में उमा महेश्वर आश्रम के पास बदरीनाथ हाईवे पर रात नौ बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क बंद है। यहां पर करीब 30 से 40 वाहन फंसे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है। बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा में सड़क खोलने का काम जारी है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे नलगांच, नारायणबगड़ में परखाल तिराहा, हरमनी, मल्यापौड़ व बैनोली बैंड में मलबा आने से बंद है। उधर, नादायणबगड़ में अस्पताल के सामने मलबा भर गया है । साथ ही चार दुकानों के अंदर मलबा व पानी चला गया है।

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सड़क की मरम्मत नहीं करने पर कंपनी की 22 लाख की राशि होगी जब्त

सड़क की मरम्मत नहीं करने पर कंपनी की 22 लाख की राशि होगी जब्त

हल्द्वानी। सड़क दुरुस्त नहीं करने पर लोक निर्माण विभाग सड़क निर्माणकर्ता कंपनी एएस कंस्ट्रक्शन गाजियाबाद पर बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर कंपनी की 22 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने की संस्तुति की है। लोक निर्माण विभाग को एनएचएआई ने 2019 में तीनपानी से लेकर मंडी तक सड़क हस्तांतरित की थी। इस एवज में सड़क बनाने के लिए एकमुश्त 1.90 करोड़ रुपया जारी किए थे। सड़क का ठेका गजियाबाद की कंपनी एएस कंट्रक्शन को मिला था। एसएस कंस्ट्रक्शन ने नवंबर 2021 में सड़क का काम किया। नियम के अनुसार कंपनी को नवंबर 2023 तक सड़क की देखरेख और मरम्मत करनी थी लेकिन कंपनी ने सड़क को लावारिस छोड़ दिया। दोष दायित्व अवधि में सड़क नहीं बनाने पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने कंपनी को कई नोटिस भेजे। इसके बाद भी कंपनी ने सड़क सही करना तो दूर नोटिस तक का जवाब नहीं दिया। अब खराब सड़क की मरम्मत लोनिवि करा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखा है। पत्र में कंपनी की जमानत राशि 22 लाख जब्त करने की संस्तुति की गई है।

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शिमला के रामपुर में 2 बार फटा बादल, कई मकान बहे, बगीचों को नुकसान, भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

शिमला के रामपुर में 2 बार फटा बादल, कई मकान बहे, बगीचों को नुकसान, भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

रामपुर बुशहर शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। वहीं कई सेब के बगीचों में पानी भर गया है। जानकारी के…

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दिल्ली-NCR में बाढ़ के हालात, शिमला में बादल फटा, कई राज्यों में भारी बारिश

दिल्ली-NCR में बाढ़ के हालात, शिमला में बादल फटा, कई राज्यों में भारी बारिश

मौसम ने पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक में कहर बरपाया हुआ है। पहाड़ों पर बादल फट रहे हैं तो मैदानी इलाके बाढ़ में डूब रहे हैं। राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, राजस्थान तक के लोग भारी बारिश या फिर बाढ़ से परेशान हैं। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि मौसम विभाग ने अभी क्या चेतावनी दी है? किस राज्य में कैसे हैं हालात?  1. दिल्ली एनसीआर : हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर ने मचाई तबाही दिल्ली एनसीआर बाढ़ में चपेट में है। यमुना के बाद अब हिंडन नदी में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे नोएडा, गाजियाबाद में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। नोएडा के ईको टेक इलाके की पार्किंग में खड़ी सैकड़ों गाड़ियां डूब गईं। हिंडन नदी के खतरे का निशान 205.8 मिमी है। अधिकारियों के अनुसार, यह फिलहाल 201.8 मिमी है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। पानी लगातार मकानों में घुस रहा है। अब तक 10 हजार से अधिक मकानों को खाली कराया जा चुका है। हजारों लोग प्रशासन के आश्रय स्थलों में हैं। जबकि कई लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। वहीं, सेक्टर-143 के पास पुराना सुथ्याना के डूब क्षेत्र में बने एक अवैध पार्किंग स्थल में खड़ी गाड़ियां भी डूब गई हैं। दिल्ली में भी हालात कुछ ठीक नहीं हैं। एक बार फिर से यमुना किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी आने लगा है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते हथनीकुंड से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते दिल्ली के कई इलाकों में पानी घुस गया है। लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। उत्तरप्रदेश : 21 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट  यूपी में भी बारिश ने कई जिलों में बाढ़ के हालात बना दिए हैं। बुधवार सुबह से गाजियाबाद और नोएडा में तेज बारिश हो रही है। हिंडन नदी के जलस्तर बढ़ने से कई रिहायशी कॉलोनियों में पानी घुस गया है। नोएडा में 12वीं तक के स्कूलों को बंद कर दिया गया। वहीं, गाजियाबाद में बारिश में भीगते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। उसके बाद प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया। मंगलवार देर शाम मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, मेरठ में बारिश हुई। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए ढाई लाख क्यूसेक पानी का असर अब यमुना पर दिखने लगा है। मथुरा में यमुना खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पानी वृंदावन में परिक्रमा मार्ग तक आ गया है। कालीदह, चीरघाट, केशीघाट, जगन्नाथ घाट पर यमुना का पानी आ गया है। मुरादाबाद में एक युवक रामगंगा नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना के वक्त वो अपने दोस्त के साथ नदी पार करके अपने खेतों पर जा रहा था। युवक घर से पशुओं के लिए चारा लाने की बात कहकर निकला था। हादसे की सूचना पर पूरा गांव नदी किनारे उमड़ पड़ा। स्थानीय अधिकारियों की डिमांड पर SDRF की टीम ने रामगंगा नदी में बहे युवक की तलाश शुरू कर दी है। हिमाचल–उत्तराखंडमें हालात भयावह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और शिमला में बादल फटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुल्लू की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के चार बजे बादल फटने से पंचानाला और हुरला नाले में भयंकर बाढ़ आ गई। इसमें पांच मकान बह गए और 15 को नुकसान पहुंचा। छोटे-बड़े चार पुल भी बह गए और कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार रोड को नुकसान पहुंचा है। पार्वती घाटी के मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाले में आई बाढ़ में एक कैंपिंग साइट को नुकसान हुआ है। मलाणा प्रोजेक्ट के बांध से ऊपर से पानी बहने का सिलसिला जारी है। पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने से ब्यास का जलस्तर बढ़ गया है। 500 से अधिक सड़कें बंद हैं। इसी तरह शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। उत्तराखंड की बात करें तो यहां नंदप्रयाग में मलबा गिरने से बदरीनाथ मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। भूस्खलन के चलते यमुनोत्री मार्ग मंगलवार को भी बंद रहा। हालांकि, केदारनाथ यात्रा जारी है। राज्य में अभी 50 सड़कें बंद हैं, करीब 40 गांवों को बिजली आपूर्ति बाधित है। 400 छोटी-बड़ी नहरें बह गई हैं। हरिद्वार में गंगा अभी भी खतरे के निशाना (293 मीटर) से कुछ ऊपर 293.45 मीटर पर बह रही है। पंजाबमें क्या हुआ? पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते पंजाब के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सतलुज में उफान से फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों में काफी नुकसान हुआ है। फाजिल्का में भारत-पाक सीमा पर बसे गांव ढाणी नत्था सिंह वाला में पुल जलमग्न हो गया। फिरोजपुर के सीमांत गांव कालू वाला में बाढ़ से कई मकान ढह गए हैं। यहां ग्रामीणों को अपने मकानों की छत पर सामान लेकर बैठना पड़ा। हुसैनीवाला से सटे गांवों की कई सड़कें डूब गई हैं। फिरोजपुर के आठ और फाजिल्का के 10 स्कूल 29 तक बंद कर दिए गए हैं। कर्नाटक,ओडिशा, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात में भी बारिश  दक्षिण और तटीय ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। मछुआरों को 27 जुलाई तक समुद्र में न जाने का निर्देश दिया गया है। महाराष्ट्र के राजगढ़ में भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। 26 जुलाई को सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं, कर्नाटक के तटीय इलाकों में बाढ़ की चेतावनी के कारण अधिकारियों ने स्कूलों, कॉलेजों में आज छुट्टी की घोषणा कर दी है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी यही हालात है। मंगलवार शाम को तेलंगाना के महबूबनगर में दो लड़कियां नहर में बह गईं। वहीं, राजस्थान के उदयपुर में मोरवानिया में दो युवक ब्रिज पर भारी पानी के बीच फंस गए। वे मोटरसाइकिल की मदद से ब्रिज पार करने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें क्रेन की मदद से बचाया गया। मौसम विभाग ने आज महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिन क्या होगा?  मौसम विभाग ने उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिमी राज्यों तक में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं। वहीं, झारखंड और मेघालय में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। अगले तीन दिनों तक इन राज्यों में ऐसा ही मौसम रहेगा।

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उफान पर नदियां, मलबा गिरने से खतरे में आए कई घर, पहाड़ों में रास्ते बंद

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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के बाद कुदरत का कहर बरप रहा है। पहाड़ी इलाकों में नदी नाले उफान पर हैं। वहीं,…

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बिना रिमूवर के छुड़ानी है नेल पॉलिश तो …

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महिलाएं अपनी खूबसूरती बढ़ाने के लिए अक्सर कई चीजों का इस्तेमाल करती हैं। चाहे कपड़ों की बात हो या फिर मेकअप की, महिलाएं हर उम्र में अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल करके स्टाइलिश दिखना चाहती हैं। आजकल तो कपड़ों के साथ मैचिंग की नेल पॉलिश लगाने का भी काफी ज्यादा ट्रेंड है। नेल पॉलिश लगाना तो काफी आसान होता है लेकिन इसे हटाते वक्त काफी मुश्किल होती है। कई बार दिक्कत तब सामने आती है जब हम पुरानी नेल पॉलिश हटाना चाहते हैं लेकिन हमारे पास नेल रिमूवर नहीं होता। ऐसे में महिलाएं पुरानी नेल पॉलिश के ऊपर ही नई नेल पॉलिश लगा लेती हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू तरीके बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से आप बिना नेल रिमूवर के भी नेल पॉलिश हटा सकते हैं। इन तरीकों को इस्तेमाल करने के लिए आपको ज्यादा कुछ मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। टूथपेस्ट जिस तरह से दातों को चमकाने के लिए टूथपेस्ट का इस्तेमाल होता है, ठीक उसी तरह से इसकी मदद से नाखूनों को भी चमका सकते हैं। इसके लिए नाखूनों पर टूथपेस्ट लगाएं और नाखूनों को हल्के ब्रश की मदद से हल्का सा रगड़े। ऐसा करने से नेल पॉलिश छुट जाएगी। टूथपेस्ट और बेकिंग सोडा अगर आप टूथपेस्ट में बेकिंग सोडा मिलाकर इसे नाखूनों पर लगाएंगी तो इससे भी पुरानी नेल पॉलिश छुट जाएगी। गर्म पानी अगर आप गर्म पानी की मदद से नेल पॉलिश हटाना चाहते हैं तो इसके लिए थोड़ा सा पानी गर्म कर लें। इसके बाद नाखूनों को 25-30 मिनट तक गर्म पानी में भिगोकर रखें। धीरे-धीरे नेल पेंट अपने आप छूट जाएगी। नींबू आप गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर भी नेल पॉलिश को छुड़ा सकती हैं। इसकी मदद से आपके नाखून एक दम साफ हो जाएंगे। हाइड्रोजन पेरॉक्साइड गर्म पानी में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड को मिलाकर आप पुरानी नेल पॉलिश को हटा सकते हैं। हाइड्रोजन पेरॉक्साइड में नाखूनों में मिलाने के बाद नेल फाइलर से रब करने पर नेल पॉलिश रिमूव हो जाएगी। सिरका नेल पॉलिश हटाने के लिए आप सिरके का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए सिरके में नींबू का रस मिलाकर हाथों पर लगाएं और फिर 10 मिनट बाद गर्म पानी से धोने पर नेल पॉलिश अपने आप हट जाएगी।

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