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  • तेल और सीरम बालों के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद

    तेल और सीरम बालों के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद

    बालों में तेल का इस्तेमाल कई सालों से किया जाता रहा है। तेल बालों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। ऑलिव ऑयल से लेकर नारियल तेल तक आप इस्तेमाल कर सकती हैं। आजकल मार्केट में कई तरह के हेयर केयर प्रोडक्ट्स मिल जाएंगे। क्या आप भी अपने बालों में हेयर सीरम का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन बहुत सारे लोग सीरम और हेयर ऑयल के बीच का फर्क नहीं जानते हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको हेयर सीरम और हेयर ऑयल के बीच का अंतर बताने जा रहे हैं।

    तेल और सीरम दोनों एक चीज नहीं है। तेल और सीरम दोनों अलग प्रोडक्ट हैं। सिर के स्कैल्प पर तेल का इस्तेमाल किा जाता है। यह आपके बालों को नरिशमेंट का काम करता है। वहीं हेयर सीरम का उपयोग बालों पर किया जाता है। सीरम का इस्तेमाल करने से बाहरी तत्वों जैसे धूल, गर्म हवा और प्रदूषण आदि से बालों को प्रोटेक्ट करते हैं।

    हेयर सीरम लगाने से होने वाले फायदे

    हेयर सीरम लगाने से बालों में शाइन आती है। ऐसे में अगर आपके बालों की शाइन खो गई है, तो हेयर सीरम आपको बालों की खोयी हुई चमक वापस लाने में फायदमंद हो सकता है।

    स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल करने पर और बालों की अच्छे से देखभाल न करने पर बाल ड्राई हो जाते हैं। इसलिए बालों मुलायम करने के लिए हेयर सीरम का इस्तेमाल किया जाता है।

    अगर आपके बाल भी फ्रिजी रहते हैं तो बालों में सीरम अप्लाई करना चाहिए। इससे बालों की फ्रिजीनेस कम होगा।

    हीट डैमेज से बालों के बचाने के लिए सीरम काम आता है। इसलिए बालों को स्टाइल करने से पहले सीरम का इस्तेमाल करना चाहिए।

    जरूरत से ज्यादा बालों के उलझने पर आप हेयर सीरम का इस्तेमाल कर सकते हैं। सीरम अप्लाई करने से बाल कम उलझते हैं।

    बाजार में आपको बालों से संबंधित अलग-अलग समस्या के लिए सीरम मिल जाएगा। आप अपने हेयर टाइप के हिसाब से सीरम खरीद सकते हैं।

    बालों में तेल अप्लाई करने के फायदे

    बालों में तेल लगाने से दोमुहे बालों की समस्या नहीं होती है। इसलिए हेयर केयर रूटीन में आपको तेल जरूर शामिल करना चाहिए।

    बता दें कि अगर आप रोजाना हेयर ऑयलिंग करती हैं, तो इससे बालों का रंग काला होता है। बालों को काला करने के लिए नारियल तेल के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है।

    तेल बालों की ग्रोथ के लिए भी फायदेमंद होता है। बालों में तेल लगाने से यह बढ़ने लगते हैं।

    बालों को हेल्दी और स्ट्रांग बनाए रखने के लिए हेयर ऑयलिंग जरूरी मानी जाती है।

  • पसीने की वजह से बिगड़ जाता है पूरा लुक, ट्रिक्स को अपनाने से मेल्ट नहीं होगा मेकअप

    पसीने की वजह से बिगड़ जाता है पूरा लुक, ट्रिक्स को अपनाने से मेल्ट नहीं होगा मेकअप

    गर्मियों का मौसम आते ही पसीने और प्रदूषण के कारण हमारे फेस पर झाइंयां, मुंहासे, दाने और टैनिंग की समस्या होने लगती है। लेकिन गर्मियों में मौसम को मेल्ट होने से बचाना भी एक मुश्किल टास्क होता है। मेकअप मेल्ट होने से पूरा फेस बेकार लगने लगता है। जिसके कारण महिलाएं अक्सर दोपहर में बाहर जाने से कतराती हैं। क्योंकि धूप, धूल और पसीने की वजह से मेकअप पैचेस में बदल जाता है।

    हालांकि गर्मियों में पसीना आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया होता है। लेकिन अगर आप मेकअप के दौरान कुछ आसान टिप्स को फॉलो करती हैं, तो इससे अपने मेकअप को मेल्ट होने से बचा सकती हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ आसान और उपयोगी टिप्स बताने जा रहे हैं। जिससे गर्मियों में मेकअप मेल्ट नहीं होगा। आइए जानते हैं इन टिप्स के बारे में…

    मॉइश्चराइजर करना  भूलें 

    गर्मियों में ज्यादातर लोग अपनी स्किन को मॉइश्चराइज नहीं करते हैं। ऐसे में चेहरे पर पसीना आने लगता है और मेकअप मेल्ट होने की समस्या भी बढ़ जाती है। इसलिए जब आप मेकअप का इस्तेमाल नहीं करती हैं, तो अपनी स्किन को मॉइस्चर करना न भूलें।

    सही प्राइमर है जरूरी

    अगर आप भी चाहती हैं कि गर्मियों में आपका मेकअप खऱाब न हो तो इसके लिए सही प्राइमर का इस्तेमाल किया जाना जरूरी है। क्योंकि सही और अच्छा प्राइमर आपके फेस के मेकअप के ऑयल को बैलेंस करने का काम करता है। इसलिए आप ऑयली स्किन के लिए बनाए गए प्राइमर का इस्तेमाल कर सकती हैं।

    हल्का फाउंडेशन

    गर्मियों में हल्के फाउंडेशन का इस्तेमाल अच्छा माना जाता है। अगर आप गर्मियों में हैवी फाउंडेशन अप्लाई करती हैं, तो इससे आपके स्किन की ऑक्सीजन लॉक हो जाती है। जिसके कारण पोर्स में पसीना आने लगता है और मेकअप मेल्ट होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

    मेकअप पाउडर

    गर्मियों के मौसम में मेकअप पाउडर से सेट करना जरूरी होता है। फाउंडेशन और कंसीलर को सेट करने के लिए आप मार्किट से ट्रांसलूसेंट पाउडर खरीदकर उसका इस्तेमाल कर सकती हैं।

    वाटरप्रूफ मेकअप प्रोडक्ट

    अगर आप भी गर्मियों में मेकअप का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में आप गर्मियों में वारट प्रूफ मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि मार्केट में मिलने वाले अधिकतर मेकअप प्रोडक्ट वाटरप्रूफ होते हैं। जो आपके मेकअप को मेल्ट होने से बचाते हैं।

  • बरसात के मौसम ने कर दिया है पेट का हाल बेहाल? आयुर्वेदिक उपाय से मिलेगी राहत

    बरसात के मौसम ने कर दिया है पेट का हाल बेहाल? आयुर्वेदिक उपाय से मिलेगी राहत

    मानसून का मौसम लगभग हर दूसरे व्यक्ति के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। दरअसल, इस मौसम में लोगों को ब्लोटिंग जैसी पेट से संबंधित परेशानियां झेलनी पड़ रही है। पेट संबंधित समस्याएं मानसून में बेहद आम हो जाती है क्योंकि इस मौसम में लोगों का मेटाबॉलिज्म कमजोर हो जाता है। मेटाबॉलिज्म के कमजोर होते ही लोगों का हाल बेहाल हो जाता है।

    बता दें, मेटाबॉलिज्म हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन के पोषक तत्वों को उर्जा में बदलने का काम करता है। इसलिए इसके कमजोर होने पर हमारे शरीर का सारा कामकाज बाधित हो जाता है। ये सबसे ज्यादा हमारे पेट को प्रभावित करता है। इसलिए लोगों को ब्लोटिंग, पेट में फैलाव, भारीपन की समस्या होने लगती है। अगर आप भी इन सभी समस्याओं से परेशान है तो हम आपके लिए एक आयुर्वेदिक उपाय लेकर आए हैं। इस उपाय की मदद से आपको आसानी से ब्लोटिंग, पेट में फैलाव, भारीपन की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

    आयुर्वेद डॉक्टर दीक्सा भावसार सावलिया ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें उन्होंने एक पेय के बारे में बताया है, जो सूजन/पेट में फैलाव/पेट में भारीपन को दूर करने में असरदार है। चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं। इस पेय को बनाने के लिए सबसे पहले 300 मिलीलीटर पानी लें। इसके बाद इसमें 1/4 छोटा चम्मच हींग (घी में भूनी हुई), 1/4 छोटा चम्मच सेंधा नमक और आधा छोटा चम्मच जीरा पाउडर मिलाएं। अब 5 मिनट तक इसे अच्छे तक उबालें। इसके बाद इसे बिना छाने घूंट-घूंट करके पीएं।

  • सिमरोल घाट की खाई मेें गिरी कार, एयरबैग खुलने से बची चालक की जान

    सिमरोल घाट की खाई मेें गिरी कार, एयरबैग खुलने से बची चालक की जान

    इंदौर

    सिमरोल के भैरव घाट में शुक्रवार को फिर एक हादसा हो गया। इंदौर से ओंकारेश्वर जा रही एक कार असंतुलित होकर खाई में गिर गई। कार में युवक अकेला था। हादसे के बाद कार के एयर बैग खुल गए, इसलिए युवक को ज्यादा चोटें नहीं आईं। खाई में गिरी कार में फंसे युवक को बचाने के लिए कुछ लोग खाई में उतरे और युवक को कार से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया।

    हादसा शुक्रवार दोपहर महू के सिमरोल के भैरव घाट में हुआ। कार में बैठे युवक ने कार पर नियंत्रण खो दिया और युवक कार सहित खाई में जा गिरा। इसके बाद राहगीरों ने खाई में उतरकर कार में फंसे युवक की जान बचाई। युवक को खाई से ऊपर लाकर 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा। लोगों ने बताया कि खाई में गिरने के बाद कार के एयर बैग खुल गए। इसी वजह से युवक की जान बच गई। इस मार्ग को फोरलेन किया जा रहा है। निर्माण के दौरान अक्सर जाम लगता है और हाल ही में कई हादसे भी हो चुके हैं।

  • इंदौर में कई प्रमुख मार्ग बंद, अमित शाह के दौरे से बदलेगी यातायात व्यवस्था

    इंदौर में कई प्रमुख मार्ग बंद, अमित शाह के दौरे से बदलेगी यातायात व्यवस्था

    इंदौर

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को इंदौर आ रहे हैं। इसके चलते यातायात प्रबंधन पुलिस ने एडवायजरी जारी की है। यातायात पुलिस ने बताया कि कनकेश्वरी मैदान में दोपहर तीन बजे कार्यक्रम होगा। सुबह 11 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

    गृह मंत्री का एयरपोर्ट से होटल का रूट
    गृह मंत्री शाह एयरपोर्ट टी, थाना एरोड्रम के सामने, कालानी नगर चौराहा, वायरलेस-टी, किला मैदान, महेश गार्ड लाइन, मरीमाता चौराहा, शिवालय, भंडारी तिराहा, कुलकर्णी भट्टा, सुभाष नगर, परदेशीपुरा चौराहा, कनकेश्वरी मन्दिर, आइटीआइ, एक्सिस बैंक तिराहा, धन्नालाल चौकसे लेफ्ट टर्न होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। कार्यक्रम के बाद वे मारुति नगर चौराहा, बापट चौराहा से होते हुए मैरियट पहुंचेंगे।

    भारी वाहनों के लिए परिवर्तित मार्ग
    उज्जैन से लवकुश चौराहे की ओर आने-जाने वाले भारी/मालवाहक वाहन सांवेर से बाएं मुड़कर क्षिप्रा होते हुए इंदौर, पीथमपुर, धार की ओर आ-जा सकेंगे। इंदौर शहर/राऊ, मांगलिया बायपास से आने-जाने वाले भारी/मालवाहक वाहन क्षिप्रा से होकर सांवेर होकर उज्जैन आ-जा सकेंगे।

    जनसामान्य के लिए यातायात मार्ग
    विजय नगर से लवकुश चौराहे तक आने-जाने वाले सभी प्रकार के वाहन देवास नाका/विजय नगर से रसोमा चौराहा, एलआइजी चौराहा, पलासिया चौराहा या पाटनीपुरा चौराहा, मालवा मिल चौराहा से रीगल तिराहा, नगर निगम, सुभाष चौक से मरीमाता या राजवाड़ा की ओर आ-जा सकेंगे। इसी प्रकार विजय नगर से रेडिसन चौराहा, रोबोट चौराहा, खजराना चौराहा, पिपलियाहाना चौराहा या रिंग रोड से वाहनों का आवागमन किया जा सकेगा।

    अलगअलग क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के लिए परिवर्तित मार्ग
    – झाबुआ, आलीराजपुर, धार के कार्यकर्ताओं के वाहन बेटमा, नावदा पंथ अंडर ब्रिज से लेफ्ट टर्न लेकर सुपर कारिडोर, लवकुश चौराहा, एमआर-10 ओवर ब्रिज, चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे पर कार्यकर्ताओं को उतारने के बाद सभी वाहन निर्माणाधीन आइएसबीटी के मैदान में खड़े होंगे।
    – सांवेर और विधानसभा क्षेत्र-1 से आने वाले कार्यकर्ताओं के वाहन लवकुश चौराहा, एमआर-10 ओवर ब्रिज, चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे पर कार्यकर्ताओं को उतारेंगे।
    – बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन की ओर से आने वाले कार्यकर्ताओं के वाहन राऊ, बायपास से होकर कनाडिया ओवर ब्रिज के आगे लेफ्ट कट पाइंट से सर्विस रोड होटल द पार्क, लाभगंगा चौराहा, स्टार चौराहा, रेडिसन चौराहा, बाम्बे हास्पिटल चौराहा, देवास नाका/ निरंजनपुर चौराहा, 136 स्कीम चौराहा होकर बापट चौराहें पर कार्यकर्ताओं को उतारने के बाद सभी वाहन यू टर्न लेकर नक्षत्र गार्डन के पीछे सिका स्कूल के सामने खाली मैदान/ रोड पर पार्किंग में खड़े होंगे।
    – विधानसभा सांवेर के क्षिप्रा, मांगलिया की ओर से आने वाले कार्यकर्ताओं के वाहन देवास नाका से होकर कार्यक्रम स्थल के पास बापट चौराहे पर कार्यकर्ताओं को उतारने के बाद सभी वाहनों को नक्षत्र गार्डन के पीछे सिका स्कूल के सामने खाली मैदान/रोड पर खड़ा करेंगे।
    – वीआइपी वाहन, अधिकारियों के वाहन और पास धारक वाहन आइटीआइ ड्राइविंग स्कूल के मैदान में पार्क होंगे।

  • हिमाचल में भारी बारिश से चार एनएच, 468 सड़कें ठप

    हिमाचल में भारी बारिश से चार एनएच, 468 सड़कें ठप

    शिमला

    मौसम का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन से चार नेशनल हाईवे और 468 सड़कों पर यातायात बंद हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं। गुरुवार रात को हमीरपुर की दरब्यार पंचायत में स्टेलपोश मकान गिरने से सो रहे एक ही परिवार के छह सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला। शिमला जिले से सबसे ज्यादा 220 और कुल्लू में 115 सड़कें बंद हैं। वहीं, राज्य में 552 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हैं। 224 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित चल रही हैं। शिमला, कुल्लू व मंडी में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं।

    पौंग बांध से तीसरे दिन भी पानी छोड़ा
    शुक्रवार को पौंग बांध से तीसरे दिन भी पानी छोड़ा गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई इलाकों के लिए शनिवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 30 जुलाई से मौसम में कुछ सुधार होने से राहत के आसार हैं। किन्नौर के नाथपा गांव की पहाड़ी से पिछले चार दिनों से लगातार चट्टानें गिरना जारी है। इससे गांव को खतरा पैदा हो गया है। शुक्रवार सुबह 5:15 बजे पहाड़ी से भूस्खलन होने पर नाले के साथ मौजूद गांव के पांच मकान खाली करवाए गए। कोटसारी में भूस्खलन से मकानों में दरारें आने से तीन परिवार बेघर हो गए हैं।

    लोअर कोटी गांव में मकान क्षतिग्रस्त
    वहीं लोअर कोटी गांव में प्रदीप ठाकुर का मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ है। नाथपा गांव में पहाड़ी दरकने से ग्रामीणों ने खौफ के साये में रात गुजारी। कक्षस्थल में पहाड़ से चट्टानें गिरने से दोमंजिला मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। दंपती, बेटे और 6 मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। नेशनल हाईवे पांच रामपुर के ब्रौनी खड्ड में भूस्खलन से फिर बंद हो गया है। इसके अलावा कुल्लू-मनाली, कुल्लू-आनी और चंबा-भरमौर एनएच भी ठप पड़ा है। उधर, किन्नौर प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए बाढ़ग्रस्त कांधार, खुडणा और शीलाभावी गांव में मकान खाली करवा दिए हैं।

    चंडीगढ़-मनाली मार्ग दो स्थानों पर मलबा गिरने से बंद

    सरपारा पंचायत घर और मंदिर में प्रभावितों के रहने का इंतजाम किया गया है। उधर, मंडी जिला में भारी बारिश के चलते चंडीगढ़-मनाली मार्ग दो स्थानों पर मलबा गिरने से बंद है। मंडी-पठानकोट हाईवे की सड़क पर ऐहजू, चौंतड़ा व बीड़ मार्ग पर भारी बारिश से जलभराव से दुकानों में पानी घुस गया। सरकाघाट की सुलपुर जबोठ पंचायत में बारिश में एक पेजयल योजना जबोठी खड्ड में बह गई है। बल्ह क्षेत्र में कलखर से रिवालसर मार्ग आठ घंटे बाधित रहा।

    मनाली के बाहंग नाले में बाढ़ से पानी सड़क पर आ गया

    शुक्रवार को मनाली सहित कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मनाली के बाहंग नाले में बाढ़ से पानी सड़क पर आ गया। पार्वती घाटी के छरोड़नाला में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं पार्वती व तीर्थन घाटी में लोगों के घरों के आसपास दरारें पड़ने से खतरा बढ़ गया है। राजधानी शिमला में शुक्रवार को मौसम मिलाजुला रहा। सुबह के समय शहर में बादल बरसे। दोपहर को मौसम साफ हुआ। शाम को फिर बारिश हुई।

    पुलिस लाइन सोलन के पास चौथी बार धंसा हाईवे का हिस्सा

    वहीं, कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर सोलन बाईपास में पुलिस लाइन के पास चौथी बार ट्रक ले-बाय धंस गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद हाईवे को काफी क्षति हो गई है। इसी के साथ दर्जनों क्षेत्रों में सड़क धंस चुकी है। इससे वाहन चालकों को यहां से निकलने में दिक्कत पेश आ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर हाईवे से गुजर रहे हैं। वहीं शहर के दोहरी दीवार पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। लगातार डंगे से भी पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में यहां पर खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए प्रशासन ने ऑटो और बस स्टैंड का स्थान भी बदल दिया है। वहीं कुमारहट्टी में वीरवार देर शाम भूस्खलन हुआ है। जिलेभर में शुक्रवार सुबह भी बारिश हुई है।

    प्रदेश में अब तक 5,361.16 करोड़ रुपये का नुकसान

    इस बार मानसून में 24 जून से 28 जुलाई तक प्रदेश में 5536.15 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। 184 लोगों की जान गई है। 211 लोग जख्मी हुए हैं। बाढ़ से 699 मकान ढह गए, जबकि 7093 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस दौरान भूस्खलन की 71 और अचानक बाढ़ की 51 घटनाएं सामने आई हैं।

  • बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर दोपहिया वाहनों को देना होगा टोल – न्यूनतम 5 तो अधिकतम 310 रुपये

    बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर दोपहिया वाहनों को देना होगा टोल – न्यूनतम 5 तो अधिकतम 310 रुपये

    लखनऊ

    296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर रफ्तार भरने के लिए दोपहिया वाहनों को भी टोल टैक्स देना पड़ेगा। टोल शुल्क न्यूनतम पांच रुपये और अधिकतम 310 रुपये है। चौबीस घंटे में वापसी पर टोल शुल्क में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी।

    दोपहिया वाहनों पर टोल टैक्स की दरें यूपीडा ने तय कर दी हैं। एक्सप्रेस वे पर पहला प्रमुख और अंतिम टोल के बीच छोटे-बड़े 13 टोल प्लाजा हैं। इसमें न्यूनतम 5 रुपये का टोल तय किया गया है। अधिकतम 310 रुपये अदा करने होंगे।

    ये दरें 25 रुपये, 40 रुपये, 50 रुपये, 55 रुपये, 90 रुपये 125 रुपये, 175 रुपये, 185 रुपये, 210 रुपये, 260 रुपये, 295 रुपये और 310 रुपये है। दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग प्वाइंट से गुजरने पर टोल की दरें अलग-अलग रहेंगी।

  • 30 के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं कई बदलाव, जानिए क्यों बढ़ने लगता है वेट

    30 के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं कई बदलाव, जानिए क्यों बढ़ने लगता है वेट

    आपने अक्सर ऐसा देखा होगा कि 30 साल की उम्र के बाद से महिलाओं का वेट बढ़ने लगता है। बता दें कि वजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक कारण जैसे हार्मोन्स में बदलाव का होना है। दरअसल, महिलाओं में प्यूबर्टी होने से लेकर बुजुर्ग होने तक शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। उम्र के बढ़ने के साथ ही हार्मोनल लेवल भी बदलता रहता है। ऐसे में क्या महिलाओं में 30 की उम्र के बाद हार्मोनल बदलाव के कारण ही मोटापा होता है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन्हीं सवालों के जवाब देने जा रहे हैं। साथ ही यह भी जानेंगे कि 30 की उम्र के बाद किस कारण से महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है।

    हार्मोनल परिवर्तन

    बता दें कि यह बात सही है कि महिलाओं के वजन में 30 की उम्र के बाद से तेजी से बदलाव आने लगते हैं। इसका एक मुख्य कारण हार्मोनल परिवर्तन भी होता है। क्योंकि 30 साल की उम्र के बाद से महिलाओं के शरीर में एक्ट्रोजेन के लेवल में गिरावट आने लगती है। एस्ट्रोजेन पीरियड साइकिल को बैलेंस करने का काम करता है। वहीं एस्ट्रोजेन के लेवल में गिरावट होने के कारण महिलाओं में चिंता और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। जिसके कारण मोटापा बढ़ने लगता है।

    मेटाबॉलिज्म कम होना

    इसके साथ ही 30 साल की उम्र के बाद से महिलाओं के शरीर में मेटाब़ॉलिज्म भी कम होने लगता है। जिसके कारण उनका वेट बढ़ने लगता है। वहीं न सिर्फ पुरुष बल्कि महिलाओं के खानपान का स्टाइल भी पूरी तरह से बदला है। महिलाएं घर का बना खाना खाने की जगह जंक फूड आदि खाना ज्यादा पसंद करती हैं। जिसके कारण मोटापा बढ़ना सामान्य बात है। वहीं मेटाबॉलिज्म कम होने और फूड हैबिट्स भी खराब होने पर वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

    स्ट्रेस लेवल बढ़ना 

    बता दें कि 30 साल की उम्र तक आते-आते महिलाओं में स्ट्रेस का लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है। स्ट्रेस बढ़ने का कारण उनका करियर और पर्सनल लाइफ भी हो सकती है। इसके साथ ही यदि कोई महिला की लाइफ स्टेबल न हो और वह अपनी लाइफ को सही से कंट्रोल नहीं कर पा रही हो। रिश्ते अच्छे न होने पर या ऑफिस का एनवायरमेंट सही न होने पर भी स्ट्रेस बढ़ने लगता है। कई रिपोर्ट्स में भी यह साबित हो चुका है कि स्ट्रेट बढ़ने पर मोटापा बढ़ता है। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि महिलाएं स्ट्रेस को कम करने के लिए स्मोकिंग करती हैं। वहीं गलत खानपान से भी वजन बढ़ता है।

    फिजिकली एक्टिविटी

    वहीं 30 साल की उम्र के बाद महिलाएं फिजिकल एक्टिविटी पर ज्यादा ध्यान नहीं देती है। वहीं वर्गिंक वूमेन एक जगह पर लंबे समय तक बैठकर अपना काम करती रहती हैं। अगर बात हाउस वाइफ की हो तो वह घर के कामों में इतना व्यस्त हो जाती हैं कि एक्सरसाइज के लिए उन्हें समय ही नहीं मिलता है। जिसके कारण 30 साल की उम्र के बाद उनका वेट बढ़ने लगता है।

  • तेजी से फैल रहा Eye Flu, बढ़ते खतरे के बीच जानें इसके लक्षण और बचाव के कारण

    तेजी से फैल रहा Eye Flu, बढ़ते खतरे के बीच जानें इसके लक्षण और बचाव के कारण

    आंखों में जब इंफेक्शन होता है तो इसे कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। आम भाषा में समझने के लिए इसे आई फ्लू भी कहा जा सकता है। आई फ्लू का खतरा सबसे अधिक बदलते मौसम के दौरान होता है। बारिश के मौसम में जहां आमतौर पर ही इंफेक्शन वाली बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है वहीं इस दौरान आई फ्लू का खतरा भी अधिक हो जाता है।

    आई फ्लू या कंजंक्टिवाइटिस ऐसी समस्या है जिसमें आंखों में जलन, खुजली होती है। इस बीमारी में आमतौर पर आंखे लाल हो जाती है। आंखों का ये इंफेक्शन अगर जल्दी ठीक नहीं किया जाए तो इसकी चपेट में अन्य लोग भी आ सकते है। ऐसे में इंफेक्शन का इलाज करना काफी जरुरी होता है। वैसे तो आई फ्लू से निपटने के लिए कई तरह के आई ड्रॉप आते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना केमिस्ट की सलाह पर आई ड्रप का उपयोग नहीं करना चाहिए। कई बार बिना जानकारी के आई ड्रप डालने पर परेशानी अधिक हो सकती है। मगर इस बीमारी को ठीक करने के लिए डॉक्टर से ही इलाज करवाना चाहिए।

    ये हैं लक्षण
    आई फ्लू में इंफेक्शन होने वाले व्यक्ति की आंखें लाल हो जाती है। इस दौरान आंखों से पानी निकलता है। आंखों में काफी सूजन भी होती है। ऐसे आंखों से गंदगी निकलती है। इन सभी कारणों की वजह से आंखों से साफ दिखाई नहीं देता है।

    ऐसे फैलता है संक्रमण
    इस बीमारी में संक्रमण संपर्क में आने से होता है। यानी किसी आईफ्लू पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद ही संक्रमण शिकार बना सकता है। संक्रमण तब भी हो सकता है जब संक्रमित व्यक्ति खास देता है या छिंक देता है। ऐसे में इस बीमारी से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है कि एहतियात बरती जाए। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें और स्वच्छता बनाए रखें। आमतौर पर आई फ्लू को ठीक होने में पांच से 10 दिन लगते है।

    इन उपायों से होता है बचाव
    – इस बीमारी से बचने का मुख्य उपाय है कि समय समय पर हाथों को साफ किया जाए। हाथ धोते रहने से गंदे हाथ आंखों पर नहीं पड़ते है। इससे संक्रमण होने से बचाव होता है।
    – आंखों को बार बार छूने से बचें। आंखों पर जब बार बार हाथ नहीं पड़ेगा तो आंखों में इंफेक्शन होने का खतरा भी कम रहेगा।
    – इस बीमारी से बचने के लिए आसपास सफाई रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
    – आंखों को नियमित अंतराल पर धोते रहें और इनकी सफाई भी रखें।
    – घर से बाहर निकलते समय अधिक एहतियात बरतें और आंखों को चश्मे से कवर कर रखें।
    – अगर कोई पीड़ित व्यक्ति है तो उसके संपर्क में ना आएं।
    – आई फ्लू से संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग किए गए सामान का इस्तेमाल ना करें। खासतौर से बेड, तौलिया, कपड़े, गद्दा आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए।
    – आई फ्लू होने पर टीवी, मोबाइल या किसी भी प्रकार की डिजिटल स्क्रीन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

    इन उपायों को अपनाएं

    – अगर आंखों में अधिक दर्द हो या परेशानी अधिक हो तो आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
    – आंखों को गुलाब जल से भी साफ करें। ये इंफेक्शन कम करने में सहायक होता है।
    – आंखों में डॉक्टर की सलाह से ही कोई भी ड्रॉप डालें।

  • खर्राटों की वजह से झेलनी पड़ती है शर्मिंदगी

    खर्राटों की वजह से झेलनी पड़ती है शर्मिंदगी

    ऐसे तो सोते समय खर्राटे आना एक आम समस्या है। लेकिन आपके खर्राटे के कारण दूसरों की नींद खराब होती है। इसके साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खर्राटे की समस्या होने पर कई बार शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। कुछ लोग खर्राटों से निजात पाने के लिए कई तरह के उपाय आजमाते हैं। लेकिन इससे कोई बहुत ज्यादा लाभ देखने को नहीं मिलता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए है।

    खर्राटे की समस्या से निजात पाने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है। इसके साथ ही डेली रूटीन में नीचे बताई गई मुद्रा को शामिल करने से आप खर्राटे की समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं। इस आर्टिकल के जरिए हम आपको खर्राटे को कंट्रोल करने वाली एक असरदार मुद्रा के बारे में बताने जा रहे हैं। लेकिन उससे पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर खर्राटे आने का कारण क्या है।

    खर्राटे आने के कारण

    नींद की कमी

    बढ़ता वजन

    थकान

    स्मोकिंग

    अल्‍कोहल

    तनाव

    खर्राटे से निजात पाने वाली मुद्रा

    हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, खर्राटों की समस्या को कम करने के लिए आदि मुद्रा एक असरदार तकनीक है। इस मुद्रा को कोई भी व्यक्ति कर सतता है। अगर आप अपनी डेली रुटीन में इस मुद्रा को शामिल करते हैं और 10-15 मिनट कर इस मुद्रा को करने के आपको बेहतर रिजल्ट प्राप्त होंगे। इस मुद्रा को करने से बॉडी में ऑक्सीजन का फ्लो अच्छा रहने के साथ ही लंग्स की कार्यक्षमता भी बढ़ती है। इस मुद्रा को डेली रूटीन में शामिल करने से दिमाग शांत होता है और नर्वस सिस्टम अच्छे से काम करता है। इस मुद्रा को करने से खर्राटे से राहत मिलती है।

    ऐसे करें आदि मुद्रा

    सबसे पहले पीठ को सीधा करके बैठ जाएं।

    अब अपने अंगूठे को छोटी उंगली के किनारे पर रखें।

    फिर बाकी उंगलियों को अंगूठे से कवर कर मुट्ठी बनाएं।

    इसके बाद हाथों को घुटनों या फिर अपनी जांघों पर रखें।

    फिर आंखें बंद रखें, इस मुद्रा को करने के दौरान सांस लेते और छोड़ते रहें।

    आदि मुद्रा के फायदे

    यह मुद्रा कोर्टिसोल के लेवल को कम करने के साथ ही मन को शांत करती हैं।

    पेट को स्वस्थ रखने के साथ ही हड्डियों और मसल्स को मजबूती मिलती है।

    सांस संबंधी रोगों के निजात मिलने के साथ ही बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

    यह मुद्रा दिल को हेल्दी रहती है।

    लो ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों को इस मुद्रा से फायदा मिलती है।

    आदि मुद्रा करने से पैंक्रियाज के काम को बेहतर करती है।

    इसके साथ ही ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है।