नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘मोदी उपनाम’ वाली टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि के मामले में उच्चतम न्यायालय से राहत मिलने के बाद शुक्रवार को कहा कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है। गांधी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों सच्चाई की जीत होती ही है। मुझे क्या करना है, उसे लेकर मेरे मन में स्पष्टता है।’’ उन्होंने लोगों को उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद दिया। इससे पहले गांधी ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, वह भारत की अवधारणा (आइडिया ऑफ इंडिया) की रक्षा करने का अपना कर्तव्य निभाते रहेंगे। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘चाहे कुछ भी जाए, मेरा कर्तव्य वही रहेगा। भारत की अवधारणा की रक्षा करना।’’ उच्चतम न्यायालय ने ‘मोदी उपनाम’ को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के संबंध में 2019 में दायर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाते हुए शुक्रवार को उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल करने का रास्ता साफ कर दिया। शीर्ष अदालत ने गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने ‘मोदी उपनाम’ से जुड़े मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता की दोषसिद्धि पर रोक लगाने के अनुरोध वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी। गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी सभा में ‘मोदी उपनाम’ के संबंध में की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
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एक या दो नहीं बल्कि 180 अपराधों में जेल की सजा से छुट्टी
नई दिल्ली: लोकसभा में पास हो चुके जन विश्वास बिल को राज्यसभा में भी मंजूरी मिल चुकी है। इस विधेयक ने कई अपराधों में जेल की सजा को खत्म कर दिया है। यह बिल 19 मंत्रालयों से जुड़े 42 कानूनों के 183 प्रावधानों को जेल की सजा से मुक्त करेगा और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रमोट करेगा। आसान शब्दों में कहे तो, यदि कोई व्यक्ति अनजाने में कोई कृत्य करता है और उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हो जाते हैं और लोगों को जेल की सजा तक होती थी, उन्हें अब अपराध नहीं माना जायेगा और उनमें मिलने वाली सजा कम या खत्म कर दी जाएगी। पहले जिन गड़बड़ी को अपराध की श्रेणी रखा गया था वो अब जुर्माने तक सीमित हो जाएंगे। बिल में साफतौर पर कहा गया कि देश के लोग सरकार और अलग-अलग संस्थानों पर भरोसा करें, यही लोकतंत्र का आधार है। इस खबर में हम आपको बताएंगे कि जन विश्वास बिल क्या है और इसके तहत किन कानूनों में अपराध के प्रावधान को हटाया गया या कम किया गया है। साथ ही, बताएंगे कि इसके पीछे क्या कारण है। जन विश्वास बिल क्या है? कई पुराने प्रावधानों में संशोधन करके उसे एक बिल के रूप में पेश किया गया है, इसे जन विश्वास बिल कहा गया है। जन विश्वास बिल का लक्ष्य है कि 19 मंत्रालयों के 42 कानूनों के 180 अपराधों को गैर-अपराधिक घोषित कर देना यानी 180 अपराधों को अब अपराध नहीं माना जाएगा। इनकी सजा में बदलाव किया जाएगा, जिसमें कई अपराधों को जुर्माने तक सीमित कर दिया जाएगा, तो कई मामलों में सजा खत्म कर दी जाएगी। किन क्षेत्रों में दिखेगा बदलाव? इस बिल के पास हो जाने से अब तक क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिलेगा, जिसमें पर्यावरण, कृषि, मीडिया, उद्योग, व्यापार, प्रकाशन और कई अन्य क्षेत्र के हैं। जन विश्वास विधेयक से Ease of doing Business और Ease of Living आसान होगी। क्या-क्या बदलाव होगा? बिल के कानून में तब्दील होने पर कई बड़े बदलाव होंगे। कई अपराधों में जेल के प्रावधान को समाप्त किया जाएगा, जैसे- इंडियन पोस्ट ऑफिस एक्ट, 1898 के तहत जो अपराध आते हैं और उन पर जो जुर्माना लगाया जाता है उसे हटाया जाएगा। शिकायत करने की व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। इसके अलावा, जुर्माना तय करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। यदि कानून का उल्लंघन होता है, तो स्थिति जांच होगी और समन जारी होंगे। किसी भी अपराध के लिए लगने वाले जुर्माने में बदलाव होगा और राशि को हर तीन साल में एक बार बढ़ाया जाएगा। जन विश्वास बिल क्यों लाया गया? इस बिल का उद्देश्य है कि भारत की व्यापार प्रणाली में सहजता आ सके। दरअसल, वर्तमान में व्यापार करने के लिए कई नियमों का पालन करना होता है। इन नियमों का उल्लंघन होने पर भारी जुर्माना लगता है और यहां तक कि कई मामलों में जेल की सजा होती है। फिलहाल, देश में 1,536 कानून हैं, जिसमें 70 हजार प्रावधान है। इनमें से अधिकतर नियम एमएसएमई सेक्टर के विकास में बाधा बनते हैं। बिल के मुताबिक, इसका मुख्य लक्ष्य, व्यवस्थाओं की उलझनों का कम करना और पुराने नियमों में वर्तमान की स्थिति के मुताबिक बदलाव करना है। बिल में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि, “सरकार देश के लोगों और विभिन्न संस्थानों पर भरोसा करें, यही लोकतांत्रिक शासन की आधारशिला है।” दरअसल, इस बिल का सीधा-सीधा लक्ष्य है कि लब्बोलुआब नियमों में कमी लाई जाए, ताकि लोगों का डर कम किया जा सके। कई लोग छोटे-छोटे अपराधों के कारण जेल की सजा और जुर्माने से डरते हैं, लेकिन इसमें बदलाव होते ही व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और व्यवसाय करने और जीवन यापन में आसानी होगी। इन कानूनों में होगा बदलाव जन विश्वास बिल के तहत 19 मंत्रालयों के 42 कानूनों के 180 अपराधों को गैर-अपराधिक घोषित कर दिया जाएगा। इसमें सार्वजनिक ऋण अधिनियम, 1944; मोटर वाहन अधिनियम, 1988; फार्मेसी अधिनियम,…
View More एक या दो नहीं बल्कि 180 अपराधों में जेल की सजा से छुट्टीबेंगलुरु में प्रिंसिपल ने 10 साल की डिस्लेक्सिक लड़की से किया दुष्कर्म
बेंगलुरु । बेंगलुरु के एक स्कूल परिसर के अंदर 10 वर्षीय डिस्लेक्सिक लड़की से उसके प्रिंसिपल ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 65 साल के आरोपी, जो स्कूल का मालिक भी है, को घटना के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 11.30 बजे वरथुर पुलिस स्टेशन की सीमा में स्थित स्कूल की एक खाली कक्षा के अंदर हुई। पुलिस ने आरोपित प्रिंसिपल को किया गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, लड़की को उसका प्रिंसिपल फुसलाकर कक्षा में ले गया और कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। घर लौटने के बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती अपनी मां को बताई जो उसे मेडिकल जांच के लिए नजदीकी अस्पताल ले गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर, घटना के संबंध में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ने स्कूल प्रिंसिपल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।” पुलिस ने कहा कि पीड़िता की मां एक गृहिणी हैं और उनके पिता का 2020 में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया।
View More बेंगलुरु में प्रिंसिपल ने 10 साल की डिस्लेक्सिक लड़की से किया दुष्कर्मDelhi के Mohalla Clinic को देखने पहुंचे कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री – केजरीवाल बोले- सरकारें एक-दूसरे से सीख सकती हैं
2024 चुनाव को लेकर भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से एक एक बड़ा गठबंधन बनाने की कोशिश की गई है। इसे इंडिया का नाम दिया गया है। तमाम विपक्षी दल जो पहले एक दूसरे पर हमलावर रहते थे, आज की परिस्थिति में एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं। इन सब के बीच विपक्ष शासित राज्यों में एक दूसरे के बीच संबंध में भी काफी बढ़ रहे हैं। तभी तो कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक देखने पहुंचे थे। हालांकि, यह बात भी सच है कि दिल्ली कांग्रेस के नेता लगातार मोहल्ला क्लीनिक की आलोचना करते रहते हैं। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडुराव ने शुक्रवार को पंचशील पार्क में स्थित ‘आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक’ का दौरा किया। दिनेश गुंडू राव ने इसके बाद कहा कि मैं स्वयं मोहल्ला क्लिनिक का दौरा करना चाहता था जिससे यह देख सकूं कि यह कैसे काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक में भी, हमारे पास इसके (मोहल्ला क्लिनिक) समान नम्मा क्लिनिक है जिसे हाल ही में शुरू किया गया है। हम यहां मॉडल की जांच करने के बाद उनमें बदलाव कर सकते हैं, इसलिए मैं यहां आया हूं। इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली और कर्नाटक की सरकारें एक-दूसरे से सीख सकती हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि गुंडुराव के साथ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और कर्नाटक भवन के चिकित्सा अधिकारी कार्तिक भी थे। इसे भी पढ़ें: विपक्ष की ‘मोदी हराओ सनक’ पर जनता का ‘मोदी जिताओ संकल्प’ भारी : मुख्तार अब्बास नकवी राव ने मोहल्ला क्लिनिक मॉडल की प्रशंसा की और कहा कि ‘‘वे सुचारू ढंग से संचालित हो रहे हैं।’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने मोहल्ला क्लिनिक के बारे में बहुत कुछ सुना था और उन्हें देखना चाहता था। मैं जानना चाहता था कि वे (आप सरकार) स्वास्थ्य नीतियों को कैसे लागू करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में स्वास्थ्य हमेशा प्राथमिकता रहा है। हर राज्य में कुछ-ना-कुछ अच्छा है जिसे हम सीख सकते हैं। हमारे यहां इससे मिलता-जुलता कुछ है… हमारे यहां नाम्मा क्लिनिक हैं। हम देखना चाहते थे कि अपने तंत्र को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।’’ भारद्वाज ने कहा कि गुंडुराव ने उन्हें बताया कि कर्नाटक के अस्पताल कितने अच्छे हैं। आप नेता ने कहा, ‘‘हम उनके राज्य का भी दौरा करेंगे। प्रत्येक राज्य को एक-दूसरे से सीखना चाहिए। उनके यहां आने से मैं बहुत खुश हूं।’’
View More Delhi के Mohalla Clinic को देखने पहुंचे कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री – केजरीवाल बोले- सरकारें एक-दूसरे से सीख सकती हैंलोकतंत्र और न्यायिक प्रणाली में लोगों का विश्वास मजबूत हुआ: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2019 मोदी उपनाम मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की शुक्रवार को सराहना की। उन्होंने अपने ट्वीट संदेश में लिखा कि मैं राहुल गांधी जी के खिलाफ अन्यायपूर्ण मानहानि मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप का स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र और न्यायिक प्रणाली में लोगों के विश्वास को मजबूत करता है। उन्हें और वायनाड के लोगों को बधाई। केजरीवाल का बयान शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की पीठ द्वारा 2019 में भाजपा के पूर्णेश मोदी द्वारा दायर मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने के कुछ घंटों बाद आया है। ममता का ट्वीट पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैं राहुल गांधी के सांसदी बहाल होने के बारे में खबर से खुश हूं। उन्होंने कहा कि यह हमारी मातृभूमि के लिए एकजुट होकर लड़ने और जीतने के भारत गठबंधन के संकल्प को और मजबूत करेगा। न्यायपालिका की जीत! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शुभकामनाएं देता हूं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद न्यायपालिका में लोगों का विश्वास बढ़ेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि अंतिम फैसला भी राहुल गांधी के पक्ष में आएगा और देश में लोकतंत्र मज़बूत होगा। सत्यमेव जयते। राहुल ने क्या कहा मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुआ। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि आज नहीं तो कल सच्चाई की जीत होती रहेगी। मैं उन लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमारी मदद की। मैं लोगों को उनके प्यार और समर्थन के लिए भी धन्यवाद देता हूं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे मन में स्पष्टता है कि मुझे क्या करना है और मेरा काम क्या है। वहीं इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे। खड़गे ने कहा कि देखना होगा कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता कब बहाल होती है क्योंकि जब अयोग्य घोषित करना था तो सारे काम सिर्फ 24 घंटे में हो गए थे।
View More लोकतंत्र और न्यायिक प्रणाली में लोगों का विश्वास मजबूत हुआ: केजरीवालपाकिस्तान की नेशनल असेंबली नौ अगस्त को भंग कर दी जाएगी: शहबाज शरीफ
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गठबंधन सहयोगियों से कहा कि वह नेशनल असेंबली को उसके कार्यकाल खत्म होने से तीन दिन पहले, नौ अगस्त को भंग करने और आर्थिक बदहाली से जूझ रहे देश में आम चुनाव के लिए तैयारी करने की सिफारिश करेंगे। पाकिस्तानी मीडिया ने शुक्रवार को खबर दी कि प्रधानमंत्री आवास पर सत्तारूढ़ सहयोगियों के लिए आयोजित किए गए रात्रिभोज समारोह में शरीफ ने कहा कि वह राष्ट्रपति को अधिसूचना भेजने की योजना बना रहे हैं और जैसे ही राष्ट्रपति उस पर हस्ताक्षर कर देंगे, नेशनल असेंबली का निचला सदन भंग हो जाएगा। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के अध्यक्ष और देश के प्रधानमंत्री शरीफ ने बार-बार कहा कि उनकी सरकार नेशनल असेंबली को भंग कर देगी और चुनाव आयोग संविधान के प्रावधानों के तहत आम चुनावों की घोषणा करेगा। हालांकि, अगर किसी कारण से राष्ट्रपति हस्ताक्षर नहीं करते हैं तो प्रधानमंत्री की अधिसूचना प्राप्त होने के 48 घंटे के बाद 342 सदस्यीय असेंबली स्वत: भंग हो जाएगी। अगर ऐसा होता है तो 90 दिन के अंदर देश में आम चुनाव कराने होंगे क्योंकि पाकिस्तानी संसद का कार्यकाल खत्म होने का निर्धारित समय 12 अगस्त है। संविधान के प्रावधान के तहत नेशनल असेंबली का कार्यकाल पूरा होने पर 60 दिन में आम चुनाव कराने होते हैं, लेकिन अगर कार्यकाल पूरा होने से पहले ही असेंबली को भंग कर दिया जाए तो यह अवधि 90 दिन तक बढ़ सकती है। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री नौ अगस्त को नेशनल असेंबली भंग करने के लिए राष्ट्रपति आरिफ अलवी को अधिसूचना भेजेंगे। रात्रि भोज समारोह में शरीफ ने सहयोगी दलों के नेताओं को बताया कि पार्टी के भीतर विचार-विमर्श को अंतिम रूप दे दिया है और प्रधानमंत्री शुक्रवार को कार्यवाहक ढांचे पर सहयोगियों के साथ अंतिम दौर की चर्चा शुरू करेंगे। शरीफ ने पिछले सप्ताह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में वित्त मंत्री इशाक डार की नियुक्ति की संभावना से इनकार करते हुए कहा था कि आगामी आम चुनावों को पारदर्शी बनाने के लिए अगले महीने अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक ‘तटस्थ व्यक्ति’ का चयन किया जाएगा। नीतिगत निर्णय लेने के लिए कार्यवाहक व्यवस्था को सशक्त बनाने वाला एक विधेयक हाल ही में पाकिस्तान की संसद द्वारा पारित किया गया था। शरीफ ने यह भी संकेत दिया है कि तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री और उनके बड़े भाई नवाज शरीफ (73) अगले कुछ सप्ताह में पाकिस्तान लौट आएंगे। नवाज शरीफ 2019 से लंदन में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो पीएमएल-एन अध्यक्ष प्रधानमंत्री बनेंगे। भोज समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया में कम से कम तीन दिन लगने की उम्मीद है। कार्यवाहक ढांचे पर सहयोगियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक शुक्रवार को भी होने की उम्मीद है।
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सोलन कालका-शिमला फोरलेन शुक्रवार को तीसरे दिन भी बंद रहा। शनिवार को बारिश नहीं हुई तो शाम तक छोटे वाहनों के लिए फोरलेन बहाल हो जाएगा। शुक्रवार को वैकल्पिक मार्गों पर जाम लमा रहा। इससे आवाजाही करने वाले लोगों का खर्च ज्यादा हो गया है। शुक्रवार को दूध, ब्रेड समेत अन्य जरूरी सामान की सप्लाई सोलन और शिमला नहीं पहुंची। भारी बारिश के चलते चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे मंडी के पास एक घंटा बाधित रहा। बिलासपुर के बम्म गांव में पशुशाला जमींदोज होने से…
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नई दिल्ली: नींद न आने की प्रॉब्लम के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें से रात को गरिष्ठ भोजन करना यानि तेल-मसाले युक्त खाना, बेड पर लेटकर मोबाइल का इस्तेमाल आदि, तो सबसे पहले तो इन चीज़ों से किनारा कर लें। मतलब रात को जितना हो सके हल्का भोजन करें, पानी कम पिएं जिससे बार-बार वॉशरूम न जाना पड़े क्योंकि इससे भी नींद में खलल पड़ती है। इसके अलावा ज्यादा नहीं बस 5-10 मिनट का वक्त निकालकर यहां बताए जा रहे योग आसनों को करें। यकीन मानिए काफी हद तक आपकी नींद न आने की समस्या सुलझ जाएगी। आइए जान लेते हैं कौन से योगासन हैं इसमें कारगर। विपरीत करणी मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को एक साथ रखें। लंबी गहरी सांस लेते हुए दोनों पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं। हवा में पैरों को 15-20 सेकेंड रोककर रखें। सांस छोड़ते हुए पैरों को नीचे लाएं। इसे कम से कम तीन बार जरूर करें। बालासन वज्रासन यानी दोनों पैरों को मोड़ते हुए बैठ जाएं। सांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों को सामने से नीचे लाते हुए मैट पर टिकाएं। सिर को भी मैट पर रखें। इस स्थिति में आराम से सांस लें औऱ छोड़ें। इसे भी दो से तीन बार करने की कोशिश करें। जानु शीर्षासन दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं। एक पैर को मोड़कर दूसरे पैर की जांघ के पास रखें। फिर से एक बार दोनों हाथों को सांस भरते हुए ऊपर उठाएं। अब सांस छोड़ते हुए हाथ को नीचे लाना है और सिर को घुटने के जितना पास ले जा सकते हैं ले जाएं। इस स्थिति में अपनी क्षमतानुसार बने रहें। फिर हाथों को ऊपर उठाते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएँ। दूसरे पैर से भी इसका अभ्यास करें। दोनों पैरों से कम से कम दो बार कर लें। आनंद बालासन इस आसन को करने के लिए आराम से पीठ के बल लेट जाएं। पैरों को मोड़ते हुए ऊपर की ओर ले आएं। अब हाथों से पैर के अंगूठे के पकड़कर खीचें। दाएं हाथ से दाएं पैर को खींचे और बाएं पैर को बाईं ओर। हिप पर अच्छी स्ट्रेचिंग होती है।…
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फरीदाबाद बल्लभगढ़। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बल्लभगढ़ में शुक्रवार सुबह छह बजे लोहे से लदे ट्राले का टायर फट गया। इससे हाईवे पर लंबा जाम…
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नई दिल्ली दिल्ली वालों को जल्द ही नई पार्किंग मिलने वाली हैं। दिल्ली नगर निगम दिल्ली में 35 नई पार्किंग बनाने जा रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नई पार्किंग बनाने के लिए कड़ी शर्तों सहित अनुमति दे दी है। सबसे ज्यादा 16 नई पार्किंग पूर्वी दिल्ली में बनाई जाएंगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर में पार्किंग की समस्या को हल करने और सड़कों के किनारे अनधिकृत पार्किंग को रोकने के…
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