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  • संसदीय समिति का सुझाव, 18 वर्ष हो लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र

    संसदीय समिति का सुझाव, 18 वर्ष हो लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र

    एक संसदीय पैनल ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु कम करने की वकालत करते हुए तर्क दिया है कि इससे युवाओं को लोकतंत्र में शामिल होने के समान अवसर मिलेंगे। वर्तमान ढांचे में, लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए, और राज्यसभा और राज्यों की विधान परिषद के लिए चुने जाने के लिए 30 वर्ष की आयु होनी चाहिए। युवाओं को 18 वर्ष की आयु में वोट देने का अधिकार मिलता है। पैनल ने शुक्रवार (4 अगस्त) को लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु मौजूदा 25 साल से घटाकर 18 साल करने की सिफारिश की।

    भाजपा सांसद सुशील मोदी की अध्यक्षता वाली कानून और कार्मिक संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने कहा ने कहा कि कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया जैसे विभिन्न देशों की प्रथाओं की जांच करने के बाद, समिति का मानना है कि राष्ट्रीय चुनावों में उम्मीदवारी के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। इन देशों के उदाहरण दर्शाते हैं कि युवा व्यक्ति विश्वसनीय और जिम्मेदार राजनीतिक भागीदार हो सकते हैं। इसने “विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारी के लिए न्यूनतम आयु की आवश्यकता को कम करने” का भी सुझाव दिया। पैनल ने आगे तर्क दिया कि यह कदम युवाओं को लोकतंत्र में शामिल होने के समान अवसर प्रदान करेगा।

    रिपोर्ट में कहा गया है, “यह दृष्टिकोण वैश्विक प्रथाओं, युवा लोगों के बीच बढ़ती राजनीतिक चेतना और युवा प्रतिनिधित्व के फायदों जैसे बड़ी मात्रा में सबूतों से पुष्ट होता है।” चुनाव आयोग के अनुसार, जब तक संविधान के किसी प्रावधान को बदलने के लिए बाध्यकारी कारण मौजूद न हों, इसे अपरिवर्तित रहना चाहिए। समिति ने सुझाव दिया कि चुनाव आयोग और सरकार को युवाओं को राजनीतिक भागीदारी के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करने के लिए व्यापक नागरिक शिक्षा कार्यक्रम प्रदान करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि फ़िनलैंड की नागरिकता शिक्षा जैसे अन्य देशों के सफल मॉडलों पर विचार कर सकते हैं और उन्हें तदनुसार अपना सकते हैं।

  • चाहे कोई खेल हो या देश हो, सच्चा खिलाड़ी और नागरिक वहीं होता है जो…: रक्षा मंत्री

    चाहे कोई खेल हो या देश हो, सच्चा खिलाड़ी और नागरिक वहीं होता है जो…: रक्षा मंत्री

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने असम के कोकराझार में ‘डूरंड कप 2023 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल हो या समाज हो या देश हो, उसमें नियम बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और उन्हें बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सच्चा खिलाड़ी और सच्चा नागरिक वही है जो खेल और समाज के नियमों के अनुसार अपना कर्तव्य निभाए। उन्होंने कहा कि मैंने अभी तक कई लोगों से यह सुन रखा था, कि भारत का पूरा उत्तर पूर्व क्षेत्र, फुटबॉल के प्रति अपने उत्साह के लिए जाना जाता है। लेकिन आज अपनी आंखों के सामने में यह जो दृश्य देख रहा हूँ; डूरंड कप को लेकर आप लोगों के अंदर जो उत्साह देख रहा हूँ; उसने मुझे यह मानने पर मजबूर कर दिया है, कि नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के दिलों का रास्ता फुटबॉल से होकर जाता है।

    राजनाथ ने कहा कि फुटबॉल जिसे पूरी दुनिया मेंसुन्दर खेल के नाम से जाना जाता है, यह सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि यह एक भावना भी है। आप लोगों ने महान ब्राज़ीली फुटबॉलर पेले का नाम तो सुना ही होगा। उनसे सम्बंधित एक घटना बड़ा ही चर्चित है। मुझे वह घटना याद आ रहा है जिसकी चर्चा मैं आप लोगों से करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में नाइजीरिया में गृहयुद्ध छिड़ा हुआ था। उस युद्ध में हजारों लोगों की जानें गई थीं, माहौल एकदम तनावपूर्ण था। पुलिस व नेताओं की कोई भी अपील स्थिति को शांत नहीं कर पा रही थी। लेकिन जब पेले एक दोस्ताना मैच खेलने वहाँ पर पहुँचे, तो बताया जाता है कि 48 घंटे तक पूरे देश में कोई हादसा नहीं हुआ। आप सोच कर देखिये, कि फुटबॉल ने किस तरह एक चमत्कारिक ढंग से स्थिति को सामान्य किया था।

    भाजपा नेता ने कहा कि फुटबॉल, लोगों को जोड़ने वाला खेल है; यह शांति का खेल है। यह सिर्फ एक गेम नहीं है, बल्कि गेम से कहीं अधिक बढ़कर है। उन्होंने कहा कि असम ने भी हाल के दिनों में खेलों के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। हमने ऐसे अनेक खिलाड़ी देखे हैं, जिन्होंने असम से आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। चाहे हमारी महिला अंडर-20 टीम की कैप्टन अपूर्णा नारजरी की बात हो, या फिर अस्मिता चालीहा और हृदय हजारीका जैसे जवाहरात की बात हो, असम ने हमेशा भारतीय फुटबॉल को ऐसे प्रतिभा दिए हैं, जिन्होंने पूरे भारत के लोगों के दिलों में जगह बनाई है।

  • ओडिशा में गृह मंत्री Amit Shah और मुख्यमंत्री Naveen Patnaik ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की शुरुआत की

    ओडिशा में गृह मंत्री Amit Shah और मुख्यमंत्री Naveen Patnaik ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की शुरुआत की

    भुवनेश्वर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की उपस्थिति में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के बहुप्रतीक्षित कामाख्यानगर-दुबुरी चार लेन खंड का उद्घाटन किया। ओडिशा की दो दिवसीय यात्रा पर भुवनेश्वर पहुंचे शाह ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानी और “भारत रत्न” गोपीनाथ बोरदोलोई को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा कि गोपीनाथ बोरदोलोई की वजह से आज संपूर्ण पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत का हिस्सा है।

    शाह ने कहा, “असम के पहले मुख्यमंत्री बोरदोलोई ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने में अपार योगदान दिया।” केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य सरकार और ओडिशा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को धन्यवाद देते हुए कहा कि केंद्र ने कामाख्यानगर और दुबुरी को जोड़ने वाले 51 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन करने के लिए 761 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा, यह सड़क खनिज से समृद्ध अंगुल और ढेंकनाल जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का काम करेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों को राष्ट्र की भाग्य-रेखा बताते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं पर जोर दिया है, क्योंकि ये किसी क्षेत्र का भाग्य बदल देती हैं। शाह ने कहा, “ओडिशा की तरह, गुजरात के लोग भी भगवान जगन्नाथ की पूजा करते हैं।

    पांच अगस्त, 2019 को मोदी ने अनुच्छेद-370 के प्रावधान निरस्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। इस अवसर पर, मैं देश के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने कहा, नक्सली खतरे पर काबू पा लिया गया है और वामपंथी उग्रवाद में गिरावट आई है। ओडिशा सरकार ने नक्सलियों से लड़ने के लिए हमेशा केंद्र का समर्थन किया है।” शाह ने पटनायक के साथ कालाहांडी जिले में लादुगांव रोड पर मोटेर से बान्नेर के बीच के हिस्से को चौड़ा करने और मजबूत बनाने संबंधी परियोजना की आधारशिला भी रखी।

    कार्यक्रम भुवनेश्वर में राज्य सचिवालय, लोक सेवा भवन के सम्मेलन केंद्र में आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, ओडिशा के मंत्री प्रफुल्ल कुमार मलिक भी उपस्थित थे। शुक्रवार रात भुवनेश्वर पहुंचे शाह का शनिवार को राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ वामपंथी उग्रवाद और आपदा प्रबंधन पर समीक्षा बैठक करने का कार्यक्रम है। दोपहर बाद, शाह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनियुक्त राज्य पदाधिकारियों के साथ 2024 में होने वाले अगले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों व रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।

  • बादल फटा, 60 मीटर सड़क बही, गाड़ियां फंसी, बागवान परेशान

    बादल फटा, 60 मीटर सड़क बही, गाड़ियां फंसी, बागवान परेशान

    कुल्लू

    हिमाचल में बारिश से नुकसान का सिलसिला जारी है। कुल्लू जिले में शुक्रवार शाम को खनेरनाला में बादल फटने से खनाग-जुहड़ व टकरासी सड़क का करीब 60 मीटर हिस्सा पूरी तरह से बह गया है। इससे रघुपुर घाटी की आठ पंचायतों का संपर्क उपमंडल व जिला मुख्यालय से कट गया है। वहीं इसी नाले से जोड़ी गई दो पेयजल योजनाएं भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं। सड़क के बहने से यहां कई गाड़ियां भी फंस गई हैं और बस सेवा भी पूरी तरह से ठप हो गई है।

    कुछ दिनों बाद घाटी में सेब का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बागवानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं मंडी जिला के सराज के छतरी में नाले में बाढ़ आने से दो कारे बह गईं। पेड़ गिरने से चार गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। हिमाचल में शनिवार और रविवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 7 अगस्त से बारिश से थोड़ी राहत मिलने का पूर्वानुमान है। बिलासपुर के बम्म गांव में पशुशाला जमींदोज होने से भैंस की मौत हो गई। उधर, मंडी जिले में बारिश का कहर जारी है।

    मंडी, सरकाघाट, बल्ह, सराज, नाचन और धर्मपुर में भारी बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है और मकानों को खतरा बन गया है। इससे कई सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई है। जिला कुल्लू के आनी और बंजार क्षेत्र में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। तीर्थन नदी के साथ क्षेत्र के नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने लोगों को बरसात के मौसम में नदी-नालों की तरफ न जाने की हिदायत दी है। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की कई संपर्क सड़कों पर भी यातायात प्रभावित चल रहा है।

    चंडीगढ़मनाली एनएच एक बार फिर बंद
    चंडीगढ़-मनाली एनएच एक बार फिर भारी बारिश के चलते शुक्रवार देर शाम को 7:00 बजे मलबा आने के कारण 6 मील के पास पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क के सुबह तक खुलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। एएसपी मनमोहन ने बताया कि मार्ग 7:00 बजे बंद हो गया है। उल्लेखनीय है कि दिन के समय भी हाईवे मंडी के पास एक घंटा बाधित हो गया था।

  • भारत में लॉन्च हुई Tata Punch iCNG, कीमत, टियागो और टिगोर सीएनजी भी हुई अपडेट

    भारत में लॉन्च हुई Tata Punch iCNG, कीमत, टियागो और टिगोर सीएनजी भी हुई अपडेट

    टाटा पंच iCNG को भारतीय बाजार में 7.10 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत के साथ लॉन्च किया गया है। इसकी अधिकतम कीमत 9.98 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है। कार में नया सीएनजी पावरट्रेन प्योर, एडवेंचर और एक्म्प्लिश्ड समेत तीन वेरिएंट में उपलब्ध होगा। इस बीच, पंच के साथ, भारतीय वाहन निर्माता ने अपनी हैचबैक और सेडान, यानी टियागो iCNG और Tigor iCNG को भी अपडेट किया है। पंच सीएनजी का लक्ष्य हाल ही में लॉन्च हुई हुंडई एक्सटर है, जो लॉन्च से ही सीएनजी पावरट्रेन के साथ आई थी।

    इंजन 

    कंपनी की सफल हैचबैक अपनी फीचर सूची में मैकेनिकल बदलाव और अपडेट सहित कई बदलावों के साथ आती है। पंच iCNG में पेट्रोल संस्करण के लिए 1.2-लीटर इंजन, 84.82 bhp की पावर और 113 Nm का पीक टॉर्क वाला 3-सिलेंडर इंजन मिलता है। सीएनजी वर्जन के लिए इसमें 75.94 bhp की पावर और 97 Nm का टॉर्क मिलता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सीएनजी पावरट्रेन को 5-स्पीड एएमटी के साथ जोड़ा गया है। कार निर्माता की सीएनजी लाइन-अप के अन्य मॉडलों की तरह, पंच को भी सीधे सीएनजी मोड में शुरू किया जा सकता है, यह सुविधा मारुति या हुंडई द्वारा पेश नहीं की गई है।

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    बहुत ज्यादा बदलाव नहीं

    पंच सीएनजी की बूट क्षमता 210 लीटर है जो पेट्रोल से चलने वाले पंच से 156 लीटर कम है। अन्य टाटा सीएनजी मॉडलों की तरह, टेलगेट पर ‘iCNG’ बैज को जोड़ने के अलावा, पंच सीएनजी में बाहरी डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं देखा गया है। इसी तरह, पंच सीएनजी के इंटीरियर में भी कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं हुआ है। टॉप-स्पेक ट्रिम में, पंच सीएनजी 7.0-इंच टचस्क्रीन और डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले कनेक्टिविटी, 16-इंच अलॉय व्हील, एक इंजन स्टार्ट/स्टॉप बटन, स्वचालित जलवायु नियंत्रण जैसी सुविधाओं से सुसज्जित है। स्वचालित प्रोजेक्टर हेडलैंप, एक ऊंचाई-समायोज्य ड्राइवर की सीट और यहां तक कि एक सनरूफ, जिनमें से अंतिम को अब पेट्रोल-संचालित पंच पर भी पेश किया गया है।

  • वोल्वो C40 रिचार्ज इलेक्ट्रिक कूपे एसयूवी भारत में होगी लॉन्च

    वोल्वो C40 रिचार्ज इलेक्ट्रिक कूपे एसयूवी भारत में होगी लॉन्च

    Volvo Auto India (वोल्वो ऑटो इंडिया) अपनी अगली ऑल-इलेक्ट्रिक पेशकश C40 Recharge (C40 रिचार्ज) कूपे एसयूवी 4 सितंबर, 2023 को लॉन्च करेगी। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की है। इस लग्जरी एसयूवी को इस साल जून के महीने में भारत में प्रदर्शित किया गया था और बुकिंग अब से कुछ दिनों में ऑनलाइन शुरू होने वाली है। लॉन्च के तुरंत बाद सितंबर में ही डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद है।

    लुक और डिजाइन
    वोल्वो C40 रिचार्ज से पहले कंपनी XC40 रिचार्ज को देश में पहले से ही बेच रही है। वोल्वो C40 रिचार्ज में एक कूपे रूफलाइन मिलता है जिससे यह XC40 रिचार्ज से खुद को अलग करती है। इसके अलावा इसमें रेक्ड विंडस्क्रीन और नए सिरे से काम किए गए एलईडी टेललाइट्स मिलते हैं जो इसके लुक को अलग बनाते हैं। इसके अलावा, टेलगेट को भी रीडिजाइन करना पड़ा है, जबकि टेललाइट्स नई रिवर्स लाइट्स के साथ रैपराउंड इफेक्ट के साथ पतली और चौड़ी हैं।

    फ्रंट स्टाइलिंग XC40 रिचार्ज के जैसी है। नया C40 अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब होता है, खासकर जब इसे प्रोफाइल में देखा जाता है। कूपे एसयूवी नई पिक्सेल एलईडी हेडलाइट्स पाने वाली वोल्वो की पहली पेशकश होगी। हालांकि यह थोर के हथौड़ा एलईडी डीआरएल डिजाइन को बरकरार रखती हैं। यह मॉडल डुअल-टोन फिनिश के साथ 19 इंच के अलॉय व्हील के साथ आता है।

    ड्राइविंग रेंज
    C40 रिचार्ज ब्रांड के CMA (कॉम्पैक्ट मॉड्यूलर आर्किटेक्चर) प्लेटफॉर्म पर आधारित है और नई पीढ़ी के बैटरी पैक से पावर लेता है। 78 kWh यूनिट एक बार चार्ज करने पर 530 किमी (WLTP चक्र) की रेंज प्रदान करती है, जो कि XC40 रिचार्ज पर 418 किमी की रेंज से काफी ज्यादा है, जो अभी भी पुरानी बैटरी का इस्तेमाल करती है।

    पावर और स्पीड
    पावरट्रेन की बात करें तो, वोल्वो सी40 रिचार्ज डुअल मोटरों के साथ आएगी। हर एक्सल पर एक मिलेगा, जो कंबाइंड 402 बीएचपी का पावर और 660 एनएम का पीक टॉर्क विकसित करता है। यह इलेक्ट्रिक एसयूवी सिर्फ 4.7 सेकंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इस कूपे एसयूवी को 150 किलोवाट डीसी फास्ट चार्जर के जरिए सिर्फ 27 मिनट में 0 से 100 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है।

    फीचर्स
    इंटीरियर की बात करें तो, नई वोल्वो C40 रिचार्ज 9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल, स्लिम, वर्टिकली-स्टैक्ड एसी वेंट, लकड़ी के इन्सर्ट के साथ एक ब्लैक फिनिश केबिन और प्रीमियम लेदर अपहोल्स्ट्री के साथ XC40 रिचार्ज की नकल करता है। वोल्वो अपनी कारों में एंड्रॉइड-आधारित इंफोटेनमेंट सिस्टम का विकल्प चुनती है और इसे C40 रिचार्ज में भी दिया गया है। यूनिट के लिए आपको किसी भी एंड्रॉइड डिवाइस की तरह अपनी गूगल आईडी से साइन इन करना होगा, जिससे आप गूगल मैप्स और गूगल असिस्टेंट जैसे फीचर्स का सीधे इस्तेमाल कर सकेंगे। साथ ही कार के सिस्टम पर प्लेस्टोर से एप डाउनलोड भी कर सकेंगे। इसमें एक ई-सिम भी लगा हुआ है।

    ADAS टेक्नोलॉजी
    C40 रिचार्ज की अन्य फीचर्स में ऑटोनॉमस ड्राइविंग क्षमता के साथ सेंसर-आधारित ADAS टेक्नोलॉजी, एक पैनोरमिक सनरूफ, एक 360-डिग्री कैमरा, ड्राइवर के लिए मेमोरी फंक्शन के साथ इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल फ्रंट सीटें, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, एक प्रीमियम हरमन कार्डन साउंड सिस्टम और बहुत कुछ शामिल हैं। कूपे बॉडी स्टाइल में सामान रखने की जगह 413 लीटर है, जबकि XC40 रिचार्ज में 452 लीटर है। इसके अलावा आपको फ्रंट में 31-लीटर फ्रंक स्टोरेज स्पेस मिलता है।

    कीमत और मुकाबला
    वोल्वो C40 रिचार्ज लॉन्चिंग के बाद भारतीय बाजार में Kia EV6, Hyundai Ioniq 5, Mercedes-Benz EQB जैसी कारों से मुकाबला करेगी। इलेक्ट्रिक कूपे एसयूवी की कीमतें 60 लाख रुपये से शुरू होने की उम्मीद है। इसकी अनूठी बॉडी स्टाइल इसे सेगमेंट में अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त दिलाती है।

  • रॉयल एनफील्ड इलेक्ट्रिक बाइक कब होगी लॉन्च!

    रॉयल एनफील्ड इलेक्ट्रिक बाइक कब होगी लॉन्च!

    परफॉर्मेंस बाइक बनाने के लिए मशहूर चेन्नई स्थित Royal Enfield (रॉयल एनफील्ड) की इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन सेगमेंट में एंट्री करने के लिए काफी महत्वाकांक्षी योजना है। कंपनी इस समय एक नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल विकसित करने के शुरुआती चरण में है। आयशर मोटर्स (रॉयल एनफील्ड की मूल कंपनी) के प्रबंध निदेशक और सीईओ सिद्धार्थ लाल के मुताबिक कंपनी सक्रिय रूप से प्रोटोटाइप की टेस्टिंग कर रही है और इसके फाइनल वर्जन की अगले दो वर्षों के भीतर भारतीय सड़कों पर आने की उम्मीद है। ई-बाइक की विकास प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए रॉयल एनफील्ड ने अपने ईवी कारोबार के व्यावसायिक पहलुओं को संभालने के लिए एक डेडिकेटेड टीम बनाई है।

    इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रॉयल एनफील्ड ने भविष्य के उत्पादों को विकसित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बिक्री बुनियादी ढांचे के निर्माण में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश 2023-24 की समयावधि के दौरान होने की योजना है। कंपनी का लक्ष्य 1.5 लाख इलेक्ट्रिक यूनिट्स की उत्पादन क्षमता तक पहुंचना है और वह इस योजना को पूरी रफ्तार और दक्षता के साथ लागू करने की तैयारी में हैं।

    मिड-साइज मोटरसाइकिल सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद, जहां रॉयल एनफील्ड के पास इस समय 90 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है, कंपनी इससे चिंतित नहीं है। ट्रायम्फ स्पीड 400 और हार्ले-डेविडसन X440 जैसे प्रतिस्पर्धी क्रमशः बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के साथ मिलकर बनाए गए हैं और बाजार में एंट्री कर चुके हैं। सिद्धार्थ लाल ने आत्मविश्वास से कहा कि रॉयल एनफील्ड अपने प्रतिद्वंद्वियों से कई कदम आगे है और मध्यम से लंबी अवधि में लगभग 80 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए तैयार है।

    उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की है कि नए प्रतिस्पर्धियों के आगमन के साथ मिड-साइज मोटरसाइकिल बाजार में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी का अनुभव होगा। उम्मीद है कि आने वाले दशक में इसका विस्तार 10 लाख यूनिट्स से बढ़कर लगभग 15 लाख से 20 लाख यूनिट्स हो जाएगा। रॉयल एनफील्ड का हालिया प्रदर्शन काफी आशाजनक है। जैसा कि 2023 की पहली तिमाही में 50 प्रतिशत के इजाफे से जाहिर होता है, पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 611 करोड़ रुपये की तुलना में 918 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।

  • जीप कंपास और मेरिडियन फिर हुईं महंगी

    जीप कंपास और मेरिडियन फिर हुईं महंगी

    Stellantis Group (स्टेलंटिस ग्रुप) का हिस्सा Jeep India (जीप इंडिया) ने अपनी Compass (कम्पास) और Meridian (मेरिडियन) एसयूवी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। दोनों मॉडल की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है। जहां जीप कंपास 43,000 तक महंगी हो गई है, वहीं मेरिडियन की कीमत में 3.14 लाख रुपये तक का इजाफा किया गया है। वैरिएंट के आधार पर कीमतें अलग-अलग हैं। अपडेटेड कीमतें अब कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

    Jeep Compass
    जीप कंपास अब सिर्फ तीन ट्रिम्स – स्पोर्ट, लिमिटेड और मॉडल-एस में उपलब्ध है। इसमें लिमिटेड और मॉडल-एस ट्रिम्स पर 4×2 और 4×4 ड्राइव ऑप्शंस मिलते हैं। एंट्री-लेवल स्पोर्ट 4×2 एमटी की कीमत में सबसे कम 29,333 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। जबकि टॉप-स्पेक कंपास मॉडल-एस (ओ) 4×4 एटी ट्रिम पर 43,000 रुपये तक का इजाफा हुआ है। जीप कंपास की कीमत अब 21.73 लाख रुपये से शुरू होती है जो टॉप मॉडल के लिए 32.07 लाख रुपये तक जाती है। दोनों कीमतें एक्स-शोरूम, भारत है।

  • आत्मसम्मान के खिलाफ काम नहीं करूंगा, खुली अदालत में बॉम्बे हाई कोर्ट के जज ने दिया इस्तीफा

    आत्मसम्मान के खिलाफ काम नहीं करूंगा, खुली अदालत में बॉम्बे हाई कोर्ट के जज ने दिया इस्तीफा

    बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ की एक अदालत की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति रोहित देव ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। जस्टिस रोहित देव ने खुली अदालत में घोषणा करते हुए कहा कि वह अपने आत्मसम्मान के खिलाफ काम नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति देव ने अदालत में मौजूद वकीलों से कहा कि मुझे आपको यह बताते हुए दुख हो रहा है कि मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मैं अपने आत्मसम्मान के खिलाफ काम नहीं कर सकता।

    आप लोग कड़ी मेहनत करें। हालांकि, न्यायमूर्ति देव ने फैसले के पीछे का कारण नहीं बताया। उन्होंने कई मौकों पर वकीलों के साथ सख्ती बरतने के लिए उनसे माफ़ी मांगी।

    उन्होंने कहा कि जो लोग अदालत में मौजूद थे, मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। मैंने आपको डांटा क्योंकि मैं चाहता हूं कि आप सुधर जाएं। मैं आप में से किसी को भी ठेस नहीं पहुंचाना चाहता क्योंकि आप सभी मेरे लिए एक परिवार की तरह हैं। अचानक आए इस फैसले से कोर्ट में मौजूद वकील हैरान रह गए। इस्तीफे के बाद, पूरे बोर्ड को, उस दिन के लिए उनकी अदालत के समक्ष सूचीबद्ध सभी मामलों सहित, बरी कर दिया गया। न्यायमूर्ति देव को जून 2017 में बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और वह दिसंबर 2025 में सेवानिवृत्त होने वाले थे।

    न्यायमूर्ति देव के कुछ प्रसिद्ध फैसलों में 2022 में कथित माओवादी लिंक मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा को बरी करना शामिल है। प्रोफेसर साईबाबा को आजीवन कारावास की सजा को रद्द करते हुए, न्यायमूर्ति देव ने कहा कि मुकदमे की कार्यवाही शून्य थी। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत वैध मंजूरी का अभाव। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पर रोक लगा दी और हाई कोर्ट की नागपुर पीठ को मामले की नए सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया।

  • 112 छोटे निवेशकों के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए, अमित शाह ने कही ये बात

    112 छोटे निवेशकों के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए, अमित शाह ने कही ये बात

    नई दिल्ली

    सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के करोड़ों जमाकर्ताओं की करोड़ों रुपये की गाढ़ी कमाई लौटाने की प्रक्रिया शुक्रवार को शुरू कर दी। इस दौरान 112 छोटे निवेशकों को 10 हजार रुपये की पहली किस्त हस्तांतरित की गई। शाह ने कहा कि अब तक 18  लाख जमाकर्ताओं ने 18 जुलाई को लॉन्च किए गए ‘सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल’ पर पंजीकरण कराया है।

    उन्होंने कहा, “अब तक 18 लाख निवेशकों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। … आज 112 निवेशकों के बैंक खाते में करीब 10000 रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।” शाह ने कहा कि ऑडिट पूरा होने के बाद धन की अगली किस्त जल्द ही हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने जमाकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा, ‘मैं आश्वस्त करना चाहता हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में सभी जमाकर्ताओं को उनका धन मिल जाएगा। शाह ने कहा कि कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं जो सहकारिता पर विश्वास को हिला देती हैं। हालांकि, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे और उन्हें वापस मिले।

    उन्होंने कहा कि सहारा के जमाकर्ताओं को प्रबंधन की गलती और अदालती मुकदमों में देरी के कारण पिछले 12-15 साल से उनका पैसा वापस नहीं मिल रहा था। शाह ने सेबी-सहारा कोष से 5,000 करोड़ रुपये हासिल करने के लिए सहकारिता मंत्रालय की ओर से किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि मंत्रालय ने इस मुद्दे पर सीबीआई और आयकर विभाग सहित सभी संबंधित सरकारी निकायों को लाने की पहल की और उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक साझा अपील की कि छोटे निवेशकों को धन पर पहला अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमें देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करना है, तो हमें सहकारी समितियों में विश्वास को मजबूत करना होगा।”