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  • IPL Mini Auction: बन स्टोक को खरीदने पर कैसा था, एमएस,धोनी का रिएक्शन, CEO ने किया खुलासा

    IPL Mini Auction: बन स्टोक को खरीदने पर कैसा था, एमएस,धोनी का रिएक्शन, CEO ने किया खुलासा

    आईपीएल की दूसरी सबसे सफल टीम चेन्नई सुपर किंग्स ने मिनी ऑक्शन में इंग्लैंड के ऑलराउंडर खिलाड़ी बेन स्टोक्स को अपने खेमे में शामिल किया।

    बेन स्टोक्स पर सीएसके ने 16.25 करोड़ रुपये की ऊंची बोली लगाई और उन्हें अपना साथ जोड़ा। ऐसे में आईपीएल के इतिहास में स्टोक्स तीसरे सबसे महंगे खिलाड़ी बने। सीएसके के सीईओ (CEO) काशी विश्वनाथ ने ईएसपीएन क्रिकइंफओ से बातचीत करते हुए स्टोक्स को खरीदने के बाद खुशी जाहिर की और साथ ही ये बताया की इंग्लिश ऑलराउंडर को खरीदने पर एमएस धोनी का क्या रिएक्शन रहा था?।

    Ben Stokes को खरीदने पर MS Dhoni का कैसा था रिएक्शन?

    सीएसके (CSK) के सीईओ काशी विश्वनाथ ने बताया कि जैसे ही उन्होंने बेन स्टोक्स पर बोली लगाते हुए उन्हें खरीदा, तो सीएसके टीम के कप्तान एमएस धोनी का रिएक्शन देखने लायक रहा। धोनी स्टोक्स के आने पर बहुत खुश हुएउन्होंनेकहा,स्टोक्स को पाकर हम बहुत उत्साहित हैं, साथ ही हम भाग्यशाली भी रहे, क्योंकि वह आखिर में हमारे पास आ ही गए। हम एक ऑलराउंडर चाहते थे और एमएस बहुत खुश थे कि हमें स्टोक्स मिल गए, कप्तानी का विकल्प है लेकिन एमएस को समय के साथ इस पर फैसला करना है।’

    स्टोक्स और धोनी के अलावा काशी ने काइल जेमिसन पर बोली लगाने को लेकर भी बयान दिया। जेमिसन पर एक करोड़ की बोली लगाने पर विश्वनाथ ने कहा,

    ‘काइल जेमिसन घायल हो गए थे इसलिए शायद कई अन्य लोगों ने उनकी ओर नहीं देखा। हमें फ्लेमिंग से जानकारी मिली थी कि वह ठीक हो गया है और खेलने के लिए तैयार है, CSK की टीम बेहतर दिख रही है और मुझे उम्मीद है कि हम इस सीज़न में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हम हमेशा प्रोसेस फॉलो करते हैं और इससे हमें अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी’।

    एमएस धोनी के बाद स्टोक्स हो सकते है CSK के अगले कप्तान,,

    बता दें सीएसके टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए IPL  2023 सीजन आखिरी हो सकता है। ऐसे में बेन स्टोक्स के टीम में शामिल होने के बाद ये कयास लगाया जा रहा है कि धोनी के बाद स्टोक्स सीएसके के अगले कप्तान बन सकते हैं। स्टोक्स का टी-20 करियर काफी शानदार रहा है, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या भविष्य में बेन स्टोक्स सीएसके के कप्तान बनते है या नहीं?।

    IPL 2023 के वो खिलाड़ी जिन्हे चेन्नई ने ऑक्शन में ख़रीदा,,,,,,,

    बेन स्टोक्स,,,

    अजिंक्य रहाणे,,,

    शैक रशीद,,,

    निशांत सिंधु,,,

    काइल जेमिसन,,,

    अजय जादव मंडल,,,

    भगत वर्मा,,,

    वो खिलाड़ी जिन्हे चेन्नई ने आईपीएल 2023 के लिए रिटेन किया,,,,,,,

    एमएस धोनी,,,

    तुषार देशपांडे,,,

    सुभ्रांशु सेनापति,,,

    मुकेश चौधरी,,,

    माथीशा पथिराना,,,

    मिचेल सेंटनर,,,

    डेवॉन कॉनवे,,,

    प्रशांत सोलंकी,,,

    सिमरजीत सिंह,,,

    दीपक चाहर,,,

    अम्बाती रायडू,,,

    राजवर्धन हंगरगेकर,,,

    महेश तीक्षणा,,,

    शिवम् दुबे,,,

    ड्वेन प्रेटोरियस,,,

    रविंद्र जडेजा,,,

    मोईन अली,,,और

    ऋतुराज गायकवाड़,,,।

  • Blind T20 World Cup : भारत तीसरी बार बना चैंपियन

    भारत की पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें भले ही विश्व कप जीतने में कामयाब नहीं हो पाई हैं, लेकिन भारत की पुरुष नेत्रहीन टीम ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम रखी है. भारत में खेले जा रहे तीसरे नेत्रहीन टी20 विश्व कप में भारत ने फाइनल में बांग्लादेश को 120 रनों के बड़े अंतर से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. इस तरह भारत ने इस टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी खिताबी हैट्रिक भी जमा दी. भारत ने ही विश्व कप के तीनों खिताब जीते हैं.

    बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शनिवार 17 दिसंबर को खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी में धमाल मचाया और सिर्फ 2 विकेट खोकर 277 रनों का हैरतअंगेज स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में बांग्लादेश की पूरी टीम 20 ओवरों में 3 विकेट खोकर 157 रन ही बना सकी.

    6 टीमों में नंबर 1 टीम इंडिया

    6 देशों के बीच 5 दिसंबर से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम का शुरू से ही दबदबा रहा. टीम इंडिया ने लीग राउंड के मुकाबलों में पहला स्थान हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. सेमीफाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 207 रनों के भारी-भरकम अंतर से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी. वहीं बांग्लादेश ने दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका को हराया था.

    तीनों संस्करणों में खिताब अपने नाम

    भारत ने इस विश्व कप के तीनों संस्करणों में खिताब अपने नाम किया है. सबसे पहले 2012 में टूर्नामेंट पहली बार आयोजित किया गया था और उसमें भारत ने खिताब जीता था. फिर 2017 में हुए दूसरे टूर्नामेंट में भी बेंगलुरू में खेले गए फाइनल में टीम इंडिया ही चैंपियन बनी थी. तब भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था. अब 2022 में भारत ने इस टूर्नामेंट में अपनी हैट्रिक भी पूरी कर ली.

  • मुख्यमंत्री ने फेमस पान सेंटर पहुंचकर लिया पान का स्वाद

    मुख्यमंत्री ने फेमस पान सेंटर पहुंचकर लिया पान का स्वाद

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गरियाबंद के फेमस पान सेंटर में अचानक रुके और पान का स्वाद लिया। ज्ञात है कि कल जीवन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को अपने पान सेंटर आने का न्योता दिया था।जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।

     

    मुख्यमंत्री ने श्री देवांगन की पान दुकान में बैठकर श्री देवांगन और उनके परिवार से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुझे पुराने दिन याद आ गए ,जब इस तरफ आना होता तो जरूर आपके यहाँ पान खाता था।श्री देवांगन विभिन्न प्रकार के पान बनाकर लोगों को खिलाते हैं। उनकी इस विशिष्ट शैली के कारण वे अनेकों प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजे गए हैं।

  • बेकाबू बोलेरों कार ने छह लोगों को कुचला, तीन की दर्दनाक मौत

    बेकाबू बोलेरों कार ने छह लोगों को कुचला, तीन की दर्दनाक मौत

    बाड़मेर : बोलेरो ने सड़क किनारे चल रही महिलाओं सहित 6 लोगों को रौंद दिया। इसमें 2 महिलाओं सहित 3 की मौत हो गई। 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इनमें एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है। हादसा बाड़मेर के सिणधरी कस्बे में रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे हुआ। पुलिस के अनुसार, सिणधरी कस्बे में शाम करीब 6.30 बजे बेकाबू बोलेरो डिवाइडर पर चढ़ गई थी। बछड़े को टक्कर मारती हुई गाड़ी राह चलते लोगों को कुचल दिया।

    हादसा इतना भंयकर था कि दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई। एक युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो लोगों के पैर कट गए। गनीमत रही कि अनियंत्रित बोलेरो आगे खड़ी कैंपर ट्रॉले से जाकर टकरा गई। वर्ना कई और लोगों की जान जा सकती थी। मरने वालों में अणसीदेवी (45) पत्नी बादराराम और कोकू देवी (43) पत्नी खेताराम निवासी मालपुरा शामिल हैं। बादराराम (50) पुत्र वीराराम निवासी मालपुरा, यशवंत कुमार (25) पुत्र गौतम निवासी उदयपुर के पैर कट गए हैं। जसराज (4) और उसके पिता खेताराम (50) पुत्र राणाराम निवासी मालपुरा, गुडामालानी, बाड़मेर के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। नाहटा हॉस्पिटल बालोतरा में इलाज के दौरान खेताराम की मौत हो गई।

    जसराज सहित तीन अन्य घायलों को जोधपुर रेफर किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यशंवत कुमार की नौकरी कुछ दिन पहले ही एलडीसी पद पर लगी थी। सिणधरी पंचायत समिति की डंडाली ग्राम पंचायत में वो कार्यरत हैं। वो सिणधरी कस्बे में काम से जा रहे थे कि हादसा हो गया। सिणधरी थानाधिकारी सुरेंद कुमार के मुताबिक, शाम को बोलेरो बाड़मेर-जालोर हाईवे की तरफ जा रही थी। इस दौरान गाड़ी अनियंत्रित हो गई और 6 लोगों को रौंद दिया। शवों को सिणधरी अस्पताल में रखवाया गया है। उधर, बोलेरा को जब्त कर लिया गया है। ड्राइवर भागने लगा था, पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

  • पुलिस कमिश्नर इंदौर ने अपराध समीक्षा हेतु पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर, दिये महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

    पुलिस कमिश्नर इंदौर ने अपराध समीक्षा हेतु पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर, दिये महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

    उक्त बैठक में अति. पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) इंदौर श्री मनीष कपूरिया, पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) इंदौर श्री राजेश हिंगणकर, सहित नगरीय क्षेत्र के सभी पुलिस उपायुक्त, सभी अति. पुलिस उपायुक्त, सभी सहायक पुलिस आयुक्त एवं समस्त थाना प्रभारीगण उपस्थित रहें।

    इस दौरान पुलिस आयुक्त द्वारा लंबित अपराधों, लंबित मर्ग एवं लंबित गुम इंसानों के तत्परतापूर्वक निराकरण करने के साथ ही सी.एम. हेल्पलाईन, जनसुनवाई एवं नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत की गई कार्यवाही की भी समीक्षा कर संबंधितों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिये गये।

    उल्लेखनीय है कि पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के कारण इस वर्ष पुलिस द्वारा निरंतर प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किये जाने एवं अवैध शराब, अवैध शस्त्र, सट्टा, जुआ एवं अन्य लघु अधिनियम में प्रभावी कार्यवाही किये जाने के फलस्वरूप आदतन एवं गंभीर किस्म के अपराधियों द्वारा घटित किये जाने वाले अपराधों में कमी परिलक्षित हुई है। इसी प्रकार निरंतर प्रभावी पुलिस पेट्रोलिंग एवं ड्रग्स के विरूद्ध निरंतर कार्यवाही किये जाने के कारण संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम में भी पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है।

    इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर श्री हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा अपराधों की समीक्षा करते हुए, शहर में अपराध नियंत्रण के साथ ही बेहतर कानून व्यवस्था हेतु सभी अधिकारियों को इसके लिये निम्नांकित दिशा-निर्देश दिये गये.

     

    • अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों की सभी जानकारी का डेटा अघतन रखते हुए, उनकी हर गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें और अवैधानिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कड़ी व प्रभावी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें। 
    • ड्रग्स एवं नशे की गतिविधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए, इनमें शामिल बदमाशों एवं माफियाओं पर कड़ी निगरानी रखते हुए, इनके विरूद्ध लगातार कड़ी कार्यवाही की जावे।
    • इंदौर शहर जो रात्रि सहित 24 घंटे कुछ क्षेत्रों में बाजारों को खोला जा रहा है उक्त क्षेत्र में भी रात्रि के समय भी पुलिस की उपस्थिति रहें एवं पुलिस प्रभावशीलता के साथ असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कार्यवाही करें।
    • बाहर से आने वाले आगंतुकों एवं घरेलू नौकर, किरायेदार आदि की समय-समय पर चौकिंग करने के साथ ही किरायेदार एवं हॉस्टल में रह रहे छात्रों के वेरीफिकेशन हेतु भी निर्देशित किया। 
    • स्कूलों/कॉलेज एवं अन्य स्थानों पर नशे की रोकथाम एवं महिला सुरक्षा विषय पर प्रभावी कार्यवाही के साथ ही इस संबंध में जागरूकता लाने हेतु शिविर, परिचर्चा विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किए जाने हेतु निर्देश दिये।
    • क्षेत्र में अवैधानिक गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु लगातार पेट्रोलिंग, नाईट गश्त, सघन चौकिंग करें एवं अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरूद्ध समय-समय पर उचित प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करें।
    • शहर में किसी भी प्रकार के माफिया पनपने न पाएं, इस हेतु भूमाफिया, खनन माफिया, शराब माफिया, मिलावट माफिया, राशन माफिया एवं चिटफंड/ एडवाइजरी कंपनी के विरूद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही के दिये निर्देश। 
    • शहर में वाहन दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु बेहतर यातायात व्यवस्था के लिये प्रभावी कार्यवाही किये जाने संबधी आवश्यक दिशा निर्देश के साथ ही शाम के समय सघन चैकिंग के लिये निर्देशित किया गया। 
  • जीरो टॉलरेंस वाली त्रिवेंद्र सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर रहा। आखिर किसने कहा ?

    देहरादून। यूकेडी के केंद्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने कहा कि भाजपानीत त्रिवेंद्र सरकार के 3 वर्ष पूरे होने पर सरकार अपना गुणगान कर रही है। जबकि उत्तराखंड सरकार के ये तीन वर्ष बड़े हताश और निराशाजनक थे है। जीरो टॉलरेंस वाली त्रिवेंद्र सरकार के दौरान भ्रष्टाचार चरम पर रहा। 100 दिन में लोकायुक्त की बात कहने वाली सरकार के 3 वर्ष पूरे गए लेकिन लोकायुक्त की अभी तक कोई जिक्र नहीं। जे ई भर्ती,फारेस्ट गार्ड परीक्षा धांधली स्पष्ठ रूप से बताती है कि सरकार बेरोजगारों के साथ छलावा कर रही है। महंगाई रोकने में सरकार विफल रही है। बिजली की दर, हाउस टैक्स ऐसे कई टेक्सो से जनता को लूटा जा रहा है।वही जनता की गाढ़ी कमाई को सरकार माननीयों एवम दर्जाधारियो के वेतनों की बृद्धि करके खर्च कर रही है। आज राज्य का कर्मचारी सड़क पर आंदोलन कर रहा है,वेरोजगार धरने प्रदर्शन कर रही है।पहाड़ी क्षेत्रो में बीमार लोगो को कंडी यानि डोली में ले जा रहे है।राज्य में दो बार अवैध शराब तस्करी से दर्जनों जाने गयी। आये दिन पहाड़ो में सड़कों की खस्ताहाल होने के कारण दुर्घटनाये हो रही है।पहाड़ की जनता आज भी मुलभूतो की सुविधाओं के लिये तरस रही है। राज्य 40 हजार रुपये के कर्जे में डूबा है। त्रिवेंद्र की सरकार के ये तीन वर्ष जनविरोधी, पहाडविरोधी रहे है।

  • उत्तराखण्ड में यहां छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पेट्रोल ले मोबाइल टावर पर चढ़े छात्र ,मचा हड़कंप। आखिर कहा और क्यों ?

    उत्तराखण्ड में यहां छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पेट्रोल ले मोबाइल टावर पर चढ़े छात्र ,मचा हड़कंप। आखिर कहा और क्यों ?

    राजधानी दून के DAV ( PG) कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव कराये जाने की मांग को लेकर वहां के कुछ छात्र मोबाइल टावरों पर चढ़ गए। इतना ही नहीं पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर टावर पर चढ़े छात्रों ने आत्मदाह की चेतावनी दी है। छात्रों की इस हरकत से पुलिस प्रशसान में हड़कंप मच गया है।

    छात्र अपनी मांगों को लेकर अडे
    बुधवार को डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रों के पेट्रोल की बोतल लेकर टावर पर चढ़ने की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझाने की बहुत कोशिश पुलिस अधिकारियों की ओर से की गई, लेकिन छात्र नहीं माने। फिलहाल छात्र अपनी मांगों को लेकर अडे हैं। वहीं मामले को लेकर पुलिस प्रशासन और कालेज प्रबंधन के बीच वार्ता जारी है।
    गढ़वाल विवि ने घोषित की तिथि
    गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में 17 नवंबर को छात्र संघ चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो आरसी डिमरी ने अधिसूचना जारी की।

  • भारतवासी क्या अपनी आने वाली पीढ़ी को नक्सली, उग्रवादी या कमजोर बनाना चाहते हैं ?…… मुफ़्तख़ोरी की पराकाष्ठा!

    भारतवासी क्या अपनी आने वाली पीढ़ी को नक्सली, उग्रवादी या कमजोर बनाना चाहते हैं ?…… मुफ़्तख़ोरी की पराकाष्ठा!

    आज भारत देश में अपना राजनीतिक वर्चस्व कायम करने के लिए सभी राजनीतिक दलों द्वारा मुफ़्त दवा, मुफ़्त जाँच, मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त मैट्रो रेल यात्रा, मुफ़्त राशन, मुफ़्त शिक्षा, मुफ्त विवाह, मुफ्त जमीन के पट्टे, मुफ्त मकान बनाने के पैसे, बच्चा पैदा करने पर पैसे, बच्चा पैदा नहीं (नसबंदी) करने पर पैसे, स्कूल में खाना मुफ़्त, बिजली मुफ्त, मुफ्त तीर्थ यात्रा आदि के प्रलोभन देकर सत्ता पर अपना कब्जा बनाने में लगी है।

    “जन्म से मृत्यु तक सब मुफ्त” मुफ़्त बाँटने की होड़ सिर्फ और सिर्फ सत्ता हथियाने के लिए । ऐसे में देश का विकास कैसे होगा जब राजनेता और राजनीतिक दल देश की जनता का हित भुलकर अपना हित पूरा करने में लगे है ।

    यह तो वहीं बात हुई – अंधी पीसे, कुत्ते खायें।

    पिछले दस सालों से लेकर आगे आने वाले बीस सालों में एक ऐसी पीढ़ी तैयार हो रही है जो कुर्सी के पिस्सू, अस्थिर दिमाग वाले और निखथू के अलावा कुछ नहीं होंगे और इस कार्य को सम्पन्न करने में लगे हैं हमारे वह नेता और दल जो राजसत्ता पाने के लालच में घोषणा कर रहे हैं फ्री और सभी जो इनको सत्ता में काबिज करवाने में लगे हैं वह सब बनेंगे और कहलाएंगे पूर्णतया मुफ़्तखोर !

    जब मां – बाप, बड़े बुजुर्ग या कोई और पारिवारिक सदस्य उनको काम करने को कहेंगे तो वो गाली दे कर कहेंगे कि सरकार क्या कर रही है?

    आप सभी जानते हैं कि यह मुफ़्तखोरी की ख़ैरात कोई भी नेता / राजनीतिक दल अपनी जेब या पार्टी फ़ंड से नही देती बल्कि टैक्स दाताओं के पैसो से जो राष्ट्रहित में खर्च होने चाहिए से लुभावने वादों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करती है!

    हम अपने बच्चो और आने वाली पीढ़ी को मेहनतकश सभ्य नागरिक नहीं बल्कि “परजीवी” बनाने में लगे हैं वह भी उस लालच में जो पैसा वैसे भी हमारी प्रगति के लिए ही खर्च होना है!

    देश का हाडतोड़ मेहनत और अक्ल लगाकर ईमानदारी से कमाने और टैक्स भरने वाला टैक्सदाता बहुसंख्यक मुफ़्तखोर समाज को कब तक और क्यों पालेगा ?

    बीस – तीस सालों बाद आर्थिक समीकरण फ़ेल हो जाएगा उस समय मुफ़्तखोर पीढ़ी का क्या होगा ? जिस ने जीवन में कभी मेहनत की रोटी नही खाई होगी, हमेशा मुफ़्तखोरी में समय बिताया होगा और उन्हे फ्री नहीं मिलने पर हम सबकी पीढ़ी नक्सली बन जाऐगी, उग्रवादी बन जाएगी या आत्महत्या कर लेगी, परन्तु काम नही कर पायेगी!

    सोचने की बात है कि यह राजनीतिक दल और ऐसे नेता कैसे समाज का और देश का निर्माण कर रही हैं?

    झूठा फ्री का लोभ मोह छोड़ कर गम्भीरता से चिंतन करिये, क्या हम सही रास्ते पर हैं?

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • Gold Price Update: सोने के चढ़े दाम तो चांदी ने मारी बड़ी छलांग, खरीदारी के पहले यहां जानें ताजा भाव जाने डिटेल

    Gold Price Update: सोने के चढ़े दाम तो चांदी ने मारी बड़ी छलांग, खरीदारी के पहले यहां जानें ताजा भाव जाने डिटेल

    इस कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को सोना (Gold Price) 436 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से महंगा होकर 50958 रुपये पर बंद हुआ। जबकि पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को को सोना 408 रुपये प्रति दस ग्राम की दर से महंगा होकर 50522 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।

    सोने की तरह सोमवार को चांदी (Silver Price) की कीमत में भी बड़ी तेजी दर्ज की गई। चांदी 1490 रुपये महंगा होकर 60245 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। जबकि शुक्रवार को चांदी (Silver Rate) 1706 रुपये प्रति किलो की दर से महंगी होकर 58755 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थीा

    14 से 24 कैरेट सोना का ताजा भाव
    इस तरह सोमवार को 24 कैरेट वाला सोना 436 महंगा होकर 50958 रुपये, 23 कैरेट वाला सोना 434 रुपया महंगा होकर 50754 रुपये, 22 कैरेट वाला सोना 400 रुपया महंगा होकर 46678 रुपये, 18 कैरेट वाला सोना 327 रुपया महंगा होकर 38219 रुपये और 14 कैरेट वाला सोना 255 रुपये महंगा होकर 29810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ।

    ऑलटाइम हाई से सोना करीब 5200 और चांदी 19000 रुपये मिल रहा है सस्ता
    सोना फिलहाल अपने ऑलटाइम हाई से करीब 5242 रुपये प्रति 10 ग्राम रुपये सस्ता बिका रहा है। आपको बता दें कि सोने ने अगस्त 2020 में अपना ऑलटाइम हाई बनाया था। उस वक्त सोना 56200 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर तक चला गया था। वहीं चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब 19735 रुपये प्रति किलो की दर से सस्ता मिल रहा था। चांदी का अबतक का उच्चतम स्तर 79980 रुपये प्रति किलो है।

    मिस कॉल देकर ऐसे जानें सोने का लेटेस्ट प्राइस
    22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड जूलरी के खुदरा रेट जानने के लिए 8955664433 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं। कुछ ही देर में एसएमएस (SMS) के जरिए रेट्स मिल जाएंगे। इसके साथ ही लगातार अपडेट्स की जानकारी के लिए www.ibja.co या ibjarates.com पर देख सकते हैं।

    ऐसे जानें सोने की शुद्धता
    अगर आप अब सोने की शुद्धता जांचना चाहते हैं तो इसके लिए सरकार की ओर से एक एप बनाया गया है। बीआईएस केयर ऐप से ग्राहक सोने की शुद्धता की जांच कर सकते हैं। इस ऐप के जरिए आप न सिर्फ सोने की शुद्धता की जांच कर सकते हैं, बल्कि इससे जुड़ी कोई शिकायत भी कर सकते हैं।http://www.ibja.co

  • क्या दिल्लीवासी जवाब दे सकते हैं तो दे अपने जवाब

    क्या दिल्लीवासी जवाब दे सकते हैं तो दे अपने जवाब

    समस्याओं का समाधान करने के लिए जो जरूरी प्रबंध करने की आवश्यकता हो उसकी जगह दूसरो पर इल्जाम लगा कर और फ्री का लालच देकर जनता का मुंह बंद करवाकर सत्ता में विराजमान द्वारा जनहित सम्भव है ?

    रूस में भी 100 साल पहले इसी फ्री के लालच ने सत्ता परिवर्तन कर दिया था ओर आज तक वहा की जनता इस गलती का हर्जाना अदा कर रहे हैं।

    आज दिल्ली अनगिनत समस्याओं से जूझ रहा है जो आम आदमी अच्छी तरह जानती है। उनमें से किसी एक भी समस्या का समाधान करने का दिल्ली सरकार द्वारा प्रयास नही किया गया उसके विपरित जनता को गुमराह करने के लिए सभी आवश्यक समस्याओं के लिए दुसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए अपने कर्तव्य से विमुख हो रही हैं और जनता विरोधाभास ना करें उसके लिए बाहरी राज्यों से लोगो को दिल्ली में अपना वोट बैंक बनाने और फ्री का डंडा दिखाने में लगी है।

    स्वास्थ्य से जुड़े सर्वे के आधार पर दिल्ली वालों की आयु से 10 वर्ष कम और भयंकर बीमारियां होने की आशंकाएं जताई गई हैं।

    कुछ सौं रुपयों की फ्री बिजली-पानी के चक्कर मे दिल्ली की जनता अपने जीवन से समझौता कर रही है।

    अगर दिल्ली के यही हालत रहे तो दिल्ली में घुटकर मरने या दिल्ली को छोड़कर किसी अन्य राज्यो में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा।

    दिल्ली का यह हाल दिल्ली की सरकार द्वारा उत्पन्न किया है क्या इस पार्टी की सरकार आने से पहले कभी दिल्ली में सुना था, ओड इवन, दिवाली पर बम पटाखे जलाने से मनाही या प्रदुषण की मार ।

    राज्य में आज ना कोए सड़क सुरक्षित है चलने के लिए
    ना कहीं सफाई व्यवस्था है
    ना ही करोड़ों रुपए खर्च कर यमुना नदी में पानी साफ मिला
    ना दिल्ली सरकार की और से एक भी नियमित सरकारी नौकरी दी गई
    ना ही किसी विभाग में करप्शन पहले से कम हुआ
    ना ही दिल्ली के छोटे रोजगार करने वालों पर रोजगार रहा
    ना दिल्ली में कोई सुरक्षित

    हा, दिल्ली की हर गली कूचे और हर जगह 24 घण्टे नशे उपल्ब्ध जरूर हुए।

    दिल्ली की जनता अगर फ्री के लालच में अभी भी अपने मुंह बंद रखेंगे तो
    अच्छा है
    1.बीमार होकर तड़फ तड़फ कर मरने,
    2.सड़क दुर्घटना से मरने,
    3. किसी नशे बाज के हाथों मरने,
    4. अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति के हाथो से मरने से अच्छा है दिल्ली छोड़नी ।

    अभी छोड़ दो या फिर प्रदूषण से बीमार होने को तैयार हो जाओ या दूसरा विकल्प है अपने बंद मुंह को खोलकर और फ्री का लोभ छोड़ कर अपने कर्तव्य को पूरा नहीं करने वालो को सबक सिखाओ।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला