Category: Transport

  • परिवहन विभाग द्वारा जनहित में जारी आदेश कितना जन के लिए हितकारी

    परिवहन विभाग द्वारा जनहित में जारी आदेश कितना जन के लिए हितकारी

    वाहन मालिकों को ऑनलाईन फेस फ्री कार्यशैली में कितना सुखद अनुभव, जाने

    परिवहन विभाग ने अपने आप को सर्वश्रेष्ठ दिखाने के लिए दिल्ली में फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली लागू कर दी थी बिना सोचे समझे

    दिल्ली में वाहन मालिक के नाम को परिवर्तित करने के लिए सुखद अनुभव प्रदान किया की घर बैठे वाहन अपने नाम करवाए।

    ऑटो यूनिट दिल्ली में एक वाहन मालिक की मौत हो जाने के बाद फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली के कारण ऑटो के स्क्रैप आदेश, रिप्लेसमेंट आदेश, नया वाहन पंजीकृत और नाम परिवर्तन भी कर दिया गया।

    विभाग से इस बारे में जानने के बाद पता चला कि इसमें ऑटो शाखा की गलती कहा और कैसे?परिवहन मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत केवाईसी और फेस फ्री कार्यशैली से सभी कार्य हुए हैं तो हमको कैसे पता चलेगा कि इस प्रक्रिया को करने वाला जीवित हैं या मरा हुआ।

    आधार कार्ड में डेथ सर्टिफिकेट इश्यू होने के बाद भी कोई टिप्पणी नहीं होती और ना ही आधार कार्ड को रद्द किया जाता हैं ऐसे में भारत सरकार और परिवहन विभाग द्वारा जारी फेस फ्री आनलाइन आदेश के तहत अगर ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी तो उसके लिए कोई भी विभागीय अधिकारी जिम्मेदार कैसे हो सकता है।

    ऑटो यूनिट ने जानकारी में आने के बाद उस वाहन को ब्लैक लिस्ट में कर उसके आगे होने वाले सभी कार्य रोक दिए, पर क्या ब्लैक लिस्ट करना इस तरह की समस्याओं का सही हल है इस बात का जवाब देने को परिवहन विभाग के आला अधिकारियों में कोई भी तैयार नहीं।

    दिल्ली की जनता अब स्वयं फैसला ले फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली कितनी सुखद,

    संजय बाटला

  • गाजियाबाद के इन 8 चौराहों पर संभल कर ड्राइव करें गाड़ी, नए ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा भारी

    गाजियाबाद के इन 8 चौराहों पर संभल कर ड्राइव करें गाड़ी, नए ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा भारी

    कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस कमिश्नर अजय मिश्रा ने मंगलवार को ट्रैफिक सुधार में पहली कार्रवाई की। शहर के 8 प्रमुख चौराहों का चयन किया गया है। यहां ट्रैफिक जाम से रोज हालात खराब रहते हैं। इन चौराहों पर जाम खत्म करने की जिम्मेदारी 6 इंस्पेक्टरों और 162 पुलिसकर्मियों को दी गई है। मंगलवार से प्लान लागू किया गया। एक सप्ताह तक ट्रैफिक जाम खत्म करने का जो प्लान है, उसे लागू करेंगे। उसके बाद समीक्षा होगी। जो कमियां मिलेंगी, उसमें सुधार कर हमेशा के लिए लागू किया जाएगा। पहले दिन पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को नियमों की जानकारी दी। आज से इन चौराहों पर बगैर किसी खास वजह के रुके तो वाहन सीज करने की कार्रवाई होगी। ऑटो और ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा। रेहड़ी और ठेला वालों को चौराहों से हटने की हिदायत दी गई है।

    अडिशनल डीसीपी (ट्रैफिक) रामानंद कुशवाहा ने बताया कि एसीपी ट्रैफिक के निर्देशन में जाम खत्म कराने वाली टीम काम करेगी। इन चौराहों पर सिर्फ रेड लाइट होने पर ही वाहन खड़ा करने की इजाजत होगी। इसके अलावा किसी और वजह से गाड़ी रोकी तो चालान किया जाएगा। ऑटो और ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बनाया जाएगा। चौराहों पर न तो सवारी बैठा सकेंगे और न ही उतारेंगे। कोई ऑटो या ई-रिक्शा नियम तोड़ते हुए पकड़ा गया तो उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त कराया जाएगा। अवैध तरीके से बनीं दुकानों, ठेले, खोमचे और रेहड़ी वालों को मंगलवार को हटने की चेतावनी दी गई। आज से यह नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। रेहड़ी, खोमचे वाले दिखे तो उनका सामान जब्त करने का निर्देश दिया गया है।

    इन 8 चौराहों पर होगी सख्ती

    पुराना बस अड्डा चौराहा, विजयनगर टी-पॉइंट व विजय नगर बाईपास चौकी, मोहन नगर, लाल कुआं, नया बस अड्डा, छिजारसी-सेक्टर 62 नोएडा कट, राज चौपला मोदीनगर और लोनी तिराहा।

  • बस और कार में टक्कर, दोनो गाड़ी पलट गई, कई यात्रियों के घायल होने की खबर, पढ़िए पूरा डिटेल

    बस और कार में टक्कर, दोनो गाड़ी पलट गई, कई यात्रियों के घायल होने की खबर, पढ़िए पूरा डिटेल

    सरगुजा मुनादी।। बीती रात तेज रफ्तार बस और कार के आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में दो दर्जन से भी अधिक यात्री घायल हो गए जिन्हें उपचार हेतु मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार जारी है।

     

    इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की रात सरगुजा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम भफौली गंजास नाला के पास अंबिकापुर से डूमरडीह जा रही थी शिवा यात्री बस की एक कार के साथ आमने सामने भिड़ंत हो गई। अचानक घटी इस दुर्घटना के बाद दोनों ही वहां सड़क किनारे पलट गई।

    इस दुर्घटना में जहां दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए वहीं इन दोनों वाहनों में सवार तकरीबन 2 दर्जन से भी अधिक घायल  यात्रियों को पुलिस के द्वारा अम्बिकापुर  मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार जारी है।

  • दिल्ली में डीजल वाहनों पर पाबंदी क्यों, जब बाहरी राज्यों के पंजीकृत वाहनों को आने की इजाजत

    दिल्ली में डीजल वाहनों पर पाबंदी क्यों, जब बाहरी राज्यों के पंजीकृत वाहनों को आने की इजाजत

    दिल्ली में व्यवसायिक कार्य के लिए डीजल वाहनों पर पाबन्दी क्यों ?

    दिल्ली में एनजीटी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीजल के वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने के दिशा निर्देश दिए थे पर क्या यह आज के पेट्रोलियम यूरो VI पर इसको लागू करना न्यायिक है ?

    दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, एनजीटी और माननीय उच्चतम न्यायालय इस दिशा निर्देश को उचित मानते हैं तो दिल्ली की जनता को इसे बंद करने का पूर्ण कारण बताए

    जहां तक हमारी जानकारी हैं यूरो VI पेट्रोलियम पदार्थ (डीजल/पेट्रोल) शीशा रहित है और इनसे निकलने वाला प्रदुषण सीएनजी से निकलने वाले प्रदुषण से ज्यादा नहीं होता।

    अब दिल्ली की जनता दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, एनजीटी और माननीय उच्चतम न्यायालय से जानना चाहते हैं कि क्या दिल्ली में बिकने वाला पेट्रोल/डीजल का मानक क्या यूरो VI नही है या भारत सरकार द्वारा और पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा दिया गया ब्यान की यूरो VI मानक के पेट्रोलियम पदार्थ प्रदुषण मुक्त है।

    भारत सरकार द्वारा मानक यूरो VI के वाहनों के पंजीकरण भी इसी लिए अनिवार्य किए थे क्योंकि इनसे प्रदुषण नियंत्रण होगा।

    आज दिल्ली में नए वाहनों का पंजीकरण सिर्फ यूरो VI मानक का ही हो सकता हैं और दिल्ली में पेट्रोलियम पदार्थ (पेट्रोल/डीजल) भी सिर्फ यूरो VI ही मिलता है।

    दिल्ली से अन्य राज्यो मे आने जाने के लिए सीएनजी / इलैक्ट्रिक / पेट्रोल वाहनों से ज्यादा डीजल वाहनों पर जनता विश्वास करते है और इसी कारण दिल्ली में डीजल वाहनों को उपलब्धता ना होने के कारण अन्य राज्यो के पंजीकृत डीजल वाहनों को मंगवाते हैं ।

    दिल्ली में अन्य राज्यो के वाहनों द्वारा दिल्ली में एंट्री करने के लिए परिवहन विभाग/सरकार अन्य राज्यो की तरह टैक्स नहीं लेती हैं जिस कारण दिल्ली में बाहरी राज्यों के डीजल वाहन सदैव घूमते और सवारी लेते हुए नज़र आते है।

    दिल्ली में डीजल वाहनों के पंजीकरण पर बंदिश लगाने के बावजूद दिल्ली में डीजल वाहनों की आवाजाही और कारोबार चल रहा हैं तो दिल्ली के व्यवसायियों को रोज़गार के लिए और दिल्ली की जनता को दिल्ली के नियमो अनुसार चलने वाले वाहनों की उपलब्धता प्रदान करने में रोक क्यों ?

    ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एंड लेबर वेलफेयर एसोसिएशन दिल्ली परिवहन विभाग से अनुरोध करता है कि दिल्ली में अवैधानिक वाहनों को रोक लगाने और दिल्ली की जनता को सुरक्षित और दिल्ली के पंजीकृत वाहनों की जरुरत अनुसार उपलब्धता करवाने के लिए दिल्ली में डीजल वाहनों का पंजीकरण शुरु करे।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • विशेष आयुक्त के पीएस साहिल सहरावत ने किया बड़ा खुलासा

    विशेष आयुक्त के पीएस साहिल सहरावत ने किया बड़ा खुलासा

    परिवहन विभाग द्वारा परेशान वाहन मालिक को और अधिक परेशानियां

    दिल्ली परिवहन विभाग भारत देश का पहला ऑनलाइन फेस फ्री कार्यशैली लागू करने वाला विभाग,

    दिल्ली परिवहन विभाग भारत में इकलौता विभाग जो जब इच्छा हो
    माननीय उच्चतम न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय एवम् माननीय कैट के आदेशों/ दिशा निर्देशों को दरकिनार करने में सक्षम
    भारत सरकार द्वारा विधि विधान से पारित गैजेट नोटिफिकेशन को दरकिनार करने में सक्षम
    माननीय उपराज्यपाल की जानकारी में डाले बिना और गैजेट नोटिफिकेशन जारी किए बिना कोई भी अपनी इच्छा का कार्य लागू करने में सक्षम

    उद्योगपतियों/ बड़े घरानों/ व्यवसायिक घरानों को कमाई करवाने और दिल्ली के राजस्व में इज़ाफ़ा करवाने के लिए कुछ भी कर सकने में सक्षम

    इन सभी खूबियों के साथ आज सामने आई एक और खासियत जो आप सबकी जानकारी में होना अति आवश्यक है क्योंकि दिल्ली में लाइसेंस होल्डर और वाहन मालिक के लिए मोटर वाहन अधिनियम में दी गई शक्तियों द्वारा अपने साथ हुए अन्याय के लिए प्रयोग करने के लिए भी कर रखा है वंचित,

    जी,
    यह एक बड़ा सच है !!!

    किसी भी लाइसेंस धारक या वाहन का पंजीकरण किसी सजा की तहत अगर डीटीओ या डीटीओ मुख्यालय द्वारा दंड में रद्द कर दिया जाए तो उसके खिलाफ़ मोटर वाहन अधिनियम और नियम के तहत वह सजायाफ्ती अपनी सजा के खिलाफ़ अपील कर सकता है और यह अपील लगती हैं विशेष आयुक्त (प्रचालन) परिवहन विभाग के पास लगाई जाती हैं और उस अपील को लगाने के निर्धारित शुल्क 500 रुपए अपनी अपील के साथ जमा करवाना होता है।

    निर्धारित शुल्क के साथ अपील जमा करने पर विशेष आयुक्त (प्रचालन) द्वारा अपील पर सुनवाई कर अपना फैसला प्रदान करते हैं पर आज की तारीख में परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त (प्रचालन) की ब्रांच में आए हुए अपने वाहन के पंजीकरण के रद्द आदेश के खिलाफ अपिल लगाने के लिए शुल्क जमा करने और अपील को जमा करने के लिए कहा तो वहा विराजमान पीएस साहिल सहरावत द्वारा जवाब दिया गया की शुल्क जमा करवाने और अपील जमा करने के लिए पहले विशेष आयुक्त से आज्ञा लेनी होगी, यह कैसा कानून और कैसा फैसला और वह भी उस विभाग में जहां सभी कार्य फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली से होने का विश्व में विज्ञापनों द्वारा बताया जा रहा है।

    एक परेशान व्यक्ती को अपने साथ हुए गलत आदेश के लिए भी अपील की इजाजत लेनी अनिवार्य, कैसा जनहित का है ना परिवहन विभाग दिल्ली?

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • आदर्श राजकीय कन्या इंटर काॅलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं को दी गई सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी

    आदर्श राजकीय कन्या इंटर काॅलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं को दी गई सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी

    आदर्श राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तत्वाधान में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना निदेशक पी. एस. गुसांई ने छात्राओं को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी। मंगलवार को सिकरोढ़ा गांव स्थित आदर्श राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में सड़क सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना के निदेशक पी. एस गुंसाई ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जन जागरूकता कार्यक्रमों से ही कमी आ सकती है। अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन हर स्थिति में करना चाहिए। हम सभी का फर्ज बनता है दूसरों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए उन्होंने सडक सुरक्षा के नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानाचार्य डाॅ श्रीमती अर्चना गुप्ता समेत काॅलेज का समस्त स्टाफ मौजूद रहे ।

  • अब गाड़ियों में सनरूफ से बाहर देखना आपको महंगा पड़ सकता है, ट्रैफिक पुलिस काट देगी चालान…

    अब गाड़ियों में सनरूफ से बाहर देखना आपको महंगा पड़ सकता है, ट्रैफिक पुलिस काट देगी चालान…

    मुंबई : भारत की अधिकांश वाहन निर्माता कंपनियां अब गाड़ियों में सनरूफ जैसी खूबी देने लगी हैं। ग्राहकों को भी यह फीचर काफी पसंद आता है। यह कार के लुक को भी बढ़ा देता है, साथ ही आपको खुले आसमान का मजा भी दिलाता है। लेकिन अब सनरूफ से बाहर देखना आपको महंगा पड़ सकता है क्योंकि ऐसा करते पाए जाने पर मुंबई ट्रैफिक पुलिस आपका चालान काट देगी।

    अकसर लोगों को चलती गाड़ी में सनरूफ से बाहर निकलते देखा जा सकता है। लोग अपने बच्चों को भी सनरूफ में खड़ा कर देते हैं, जो बिलकुल गलत है। अब पुलिस ने ऐसी हरकतें करनेवालों के खिलाफ नकेल कसनी शुरू कर दी है।

    हाल ही में मुंबई से एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक महिला जीप कंपास एसयूवी के सनरूफ से बाहर झांकती दिख रही है। वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस ने महिला के खिलाफ चालान कर दिया।

    यह स्पष्ट नहीं है कि महिला के खिलाफ किस धारा के तहत चालान किया गया है। वीडियो कथित तौर पर मुंबई सी-लिंक पर शूट किया गया था। वीडियो में महिला को कार के सनरूफ से बाहर निकलकर मस्ती करते देखा जा सकता है। इसके अलावा कार सड़क पर तेज गति से चलती दिख रही है। आपको बता दें कि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है।

    लेकिन अकसर लोगों को चलती कार से सनरूफ के बाहर निकलते देखा जाता है। सड़क पर चलती गाड़ी में ऐसा करने से जान का खतरा है। ऐसी स्थिति में अगर इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़ गए तो सनरूफवाला व्यक्ति क्षतिग्रस्त हो सकता है।

    गाड़ी में सनरूफ इसलिए दिया जाता है कि कार में ज्यादा नेचुरल लाइट आ सके। इसकी मदद से कार को जल्द ठंडा किया जा सकता है। जब कार ज्यादा देर धूप में खड़ी रह जाए तो थोड़ी देर में सनरूफ खोलने से गर्मी बाहर निकल जाती है।

  • दिल्ली की सड़को पर जाम का जिम्मेदार कौन, सरकार और सरकारी विभाग या वाहन चालक?

    दिल्ली की सड़को पर जाम का जिम्मेदार कौन, सरकार और सरकारी विभाग या वाहन चालक?

    दिल्ली की सड़को का हाल, कौन है जिम्मेदार ?

    दिल्ली की सड़को पर जाम, आखिर क्यों और कौन है जिम्मेदार ?

    दिल्ली की जनता की सबसे बड़ी समस्या प्रदुषण और सड़कों पर लगने वाले जाम कौन है जिम्मेदार

    दिल्ली परिवहन विभाग और दिल्ली यातायात पुलिस क्या सिर्फ मोटर वाहन नियम के अंतर्गत वाहनों के चालान करने के लिए है या वाहन चालकों को सड़को पर वाहन चलाते समय आने वाली परेशानियों के समाधान करवाने के प्रति भी उनका कोई दायित्व बनता है, बड़ा सवाल ?

    दिल्ली में सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जनता द्वारा ही जुर्माने में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा लगा कर एकत्र की धनराशि से कैमरे लगाए और भारत सरकार द्वारा नए मोटर वाहन नियम में जुर्माने की राशी कई गुणा अधिक कर लागू किया।

    यह अच्छी सोच और बात है की कानून और नियमो का पालन होना चाहिए और उसे ना मानने वाले को दण्डित भी किया जाना कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है ।

    यहां अब सबसे बड़ा सवाल बनता है की क्या कानून और नियमो का पालन करना सिर्फ वाहन चालक और मालिको के लिए जरूरी है वह भी तब जब उनसे वाहनों को सड़कों पर चलाने से पहले ही रोड टैक्स एवम् अन्य सभी शुल्क जमा करवा लिए जाते है ?

    दिल्ली के किसी भी क्षेत्र में कोई भी सड़क बिना टूटे और अवरोध उत्पन्न ना करने वाली स्थिति मे नही पाई जा सकती । सभी सड़कों पर 5 से 10 किलोमीटर में अवरोध अवश्य देखने को मिलेंगे, किसका दायित्व है दिल्ली की सड़को को इंटरनेशनल लेवल में प्रदान करना ?

    दिल्ली में अधिकतर सड़कों पर अनाधिकृत रूप से वाहन खड़े मिलेंगे जो वाहन को चलने में अवरोध उत्पन्न करते हैं इसका जिम्मेदार कौन है ?

    सड़को पर यातायात को सुचारू रूप से संचालन करवाने के लिए कोई उपल्ब्ध नही आखिर उसका जिम्मा किसका और कौन है इसका जिम्मेदार ?

    दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस का कार्य सिर्फ जुर्माने के लिए चालान काटना और राजस्व में इज़ाफ़ा करवाना है, क्या सड़को पर उत्पन अवरोधों को दूर करवाना या करना इनका दायित्व नहीं ???

    अगर दिल्ली के वाहन चालकों और मालिको से गलती के लिए जुर्माने वसूलना कानूनन है तो वाहन चालकों को सुरक्षित, बिना टूटी फूटी सड़के और अवरोधक सड़के प्रदान करना दिल्ली सरकार और सरकारी विभागों का दायित्व है और जो सरकारी कर्मचारी / सरकारी विभाग अपने कार्य को नही कर रहे और उनकी गलतियों से सड़को पर जाम, अवरोध उत्पन्न हो रहा है को भी जुर्माना लगाया जाना चाहिए ।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला
    अध्यक्ष
    ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एंड लेबर वेलफेयर एसोसिएशन

  • यातायात नियमों का पालन ना करने वालों के विरुद्ध की गई विधिक कार्यवाही।

    यातायात नियमों का पालन ना करने वालों के विरुद्ध की गई विधिक कार्यवाही।

    प्रेस नोट-

    अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही तथा कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के निर्देशन में जनपदीय पुलिस द्वारा चलाया गया सघन चेकिंग अभियान। यातायात नियमों का पालन ना करने वालों के विरुद्ध की गई विधिक कार्यवाही।

    अवगत कराना है कि जनपद में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ रखने, कानून एंव शान्ति व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु आज दिनांक 12.11.2022 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री विनीत जायसवाल महोदय के निर्देशन में समस्त थाना/चौकी प्रभारियों द्वारा अपने अपने थाना/चौकी क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग अभियान के दौरान समस्त थाना प्रभारी/चौकी प्रभारियों द्वारा अपने-2 क्षेत्रों में पडने वाले पेट्रोल पम्प, जनसेवा केन्द्रों एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर चेकिंग की गई तथा सुरक्षा उपकरणों की स्थिति को चेक करते हुए प्रबंधकों से कुशलता जानी गई। जनपदीय पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्ति/वाहन कीें चेकिंग हेतु स्थान चिन्हित कर मुख्य मार्गों, संवेदनशील स्थानों, जनपदीय बॉर्डर, हाइवे आदि स्थानो पर बैरियर लगाकर तेज रफ्तार मोटर साइकिल सवार व्यक्तियों, फेस मास्क लगाए हुए व्यक्तियों, दो पहिया वाहनों पर तीन सवारी, बिना हेलमेट, चारपहिया वाहनों में बिना शीट बेल्ट तथा संदिग्ध वाहन एवं व्यक्तियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए चेकिंग की गयी। चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का पालन ना करने वालों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की गयी। चेकिंग अभियान के दौरान समस्त क्षेत्राधिकारीगण द्वारा चेकिंग अभियान का पर्यवेक्षण किया गया तथा सम्बन्धित को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए।

    MEDIA CELL, MUZAFFARNAGAR

  • महाराष्ट्र के पालघर में बस की टक्कर से गिरी डिपो की दीवार…चपेट में आए 11 साल के बच्चे की मौत, दूसरा घायल

    महाराष्ट्र के पालघर में बस की टक्कर से गिरी डिपो की दीवार…चपेट में आए 11 साल के बच्चे की मौत, दूसरा घायल

    पालघर : महाराष्ट्र के पालघर जिले के जव्हार में बस की टक्कर से डिपो की दीवार गिरने से 11 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

    महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार को रात 8.30 बजे हुई। बस डिपो में ड्राइवर एक बस को रिवर्स ले रहा था, तभी तेजी से पीछे आई बस चारदीवार से टकरा गई।

    इससे दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर वहां खड़े बच्चे पर जा गिरा।
    जव्हार पुलिस थाने के निरीक्षक सुधीर सांखे ने बताया कि हादसे में एक अन्य बच्चा भी घायल हुआ है।

    उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये बच्चे अपने परिजनों से मिलने के लिए गुजरात के राजकोट से यहां पहुंचे थे। मृत बच्चे का शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। घायल का इलाज चल रहा है। मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।