Category: Transport

  • शिमला-कुल्लू में बादल फटा, तीन लापता; चंबा में स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट

    शिमला-कुल्लू में बादल फटा, तीन लापता; चंबा में स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट

    (शिमला)/चंबा/कुल्लू

    हिमाचल प्रदेश में चार दिनों तक भारी बारिश का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 22 जुलाई के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 23 से 25 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट है।

    उधर, शिमला के रोहड़ू में छौहारा विकास खंड की कलोटी खड्ड में बादल फट गया। चिड़गांव तहसील के लैला में तीन लोगों के मलबे में दबने की खबर है। जगोटी गांव के रोशन लाल और उनकी धर्म पत्नी भागा देवी लैला में ढाबा चलाते थे।

    बीती रात उनका पोता कार्तिक भी उनके साथ लैला में ही था। लैला खड्ड में आए भारी फ्लड में ढाबा बह गया। जिसके बाद तीनों लापता हैं। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ जेसीबी की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

    कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में बादल फटने का समाचार है। भलाण एक पंचायत के खोड़ाआगे में शुक्रवार शाम को बादल फटा है। बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। भूस्खलन के चलते खोड़ाआगे गांव के 30 मकानों को खाली कर दिया गया है।

    गड़सा-खोड़ाआगे सड़क बाढ़ में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। बादल फटने के बाद गांव के लोगों में दशहत का माहौल है। भलाण एक पंचायत प्रधान कोयला देवी ने कहा कि पालगी से नीचे ओर खोड़ाआगे में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

    सिरमौर जिले के नाहन में सीजेएम आवास के पास शिमला रोड पर सड़क के किनारे भूस्खलन हुआ है। यहां पार्क की गईं दो गाड़ियां डंगे से नीचे गिर गईं। मुख्य सड़क यातायात के लिए सुचारू है।

    वहीं, चंबा जिले के भरमौर और भटियात उपमंडल के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र आज बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। जिले में सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते यह फैसला लिया गया है।

    मौसम केंद्र के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में चल रही वर्षा गतिविधि में आज से अगले 48 घंटों के लिए वृद्धि होने की संभावना है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिले के कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, ऊना, हमीरपुर, किन्नौर और लाहौल जिले में भारी बारिश की संभावना है।

    इस अवधि के दौरान प्रदेश के निचले और मध्य पर्वतीय जिलों में चार दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है। प्रदेश के कई भागों में 27 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।

  • रानीखेत-रामनगर हाईवे से नहीं हटा मलबा

    रानीखेत-रामनगर हाईवे से नहीं हटा मलबा

    रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत-रामनगर राजमार्ग पर लंबे समय से डंप मलबा नहीं हटाया जा सका जो यात्रियों के साथ ही वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। मलबा डंप होने से सड़क संकरी हो गई है जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

    तेज बारिश होने के कारण एक सप्ताह पूर्व एसएसबी मुख्यालय के पास दीवार क्षतिग्रस्त होने से मलबा और पत्थर सड़क पर गिर गए थे जो नहीं हटाए गए हैं। ऐसे में सड़क संकरी हो गई है जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि अगर इस मलबे को नहीं हटाया गया तो यह पूरी सड़क घेर सकता है। ऐसे में इस म यातायात भी बाधित हो सकता है।
    चालक किसी तरह इस क्षेत्र से छोटे, बड़े वाहनों का संचालन कर रहे हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों समेत स्थानीय लोगाें को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मलबा न हटने से लोगों में खासा आक्रोश है।

    उन्होंने कहा कि कई बार लोक निर्माण विभाग के कई अभियंताओं से मलबा हटाने की मांग की गई लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। वहीं लोक निर्माण विभाग खंड के अधिशासी अभियंता (ईई) ओंकार पांडे ने कहा कि जल्द मलबा हटाकर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जरूरी तैयारी की जा रही है।

  • गौतमबुद्ध नगर में दो ट्रैफिक जोन और सात सर्किल होंगे

    गौतमबुद्ध नगर में दो ट्रैफिक जोन और सात सर्किल होंगे

    नोएडा। जिले के ट्रैफिक सिस्टम को पुनर्गठित किया गया है। अब जिले में दो जोन और सात सर्किल होंगे। यातायात व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर द्वारा यह फैसला लिया गया है। इसमें जोन के प्रभारी एसीपी स्तर के अधिकारी होंगे और सर्किल का प्रभार ट्रैफिक इंस्पेक्टर संभालेंगे।
    प्रथम जोन में सहायक पुलिस आयुक्त के अंतर्गत थाना सेक्टर 20, फेस 1, सेक्टर 24, सेक्टर 58, सेक्टर 63, फेस 3, सेक्टर 113, सेक्टर 126, सेक्टर 39, एक्सप्रेस वे, फेस 2, सेक्टर 49, और सेक्टर 142 थाना क्षेत्र होगें। वहीं एसीपी द्वितीय के अंतर्गत थाना ईकोटेक 3, बिसरख, बादलपुर, दादरी, जारचा, सूरजपुर, नॉलेज पार्क, बीटा-2, कासना, ईकोटेक प्रथम, दनकौर, रबूपुरा, जेवर थाना क्षेत्र होगें। दोनों ट्रैफिक जोन को 07 ट्रैफिक सर्किल में बांटा गया है। प्रत्येक सर्किल में 01 ट्रैफिक इंस्पेक्टर नियुक्त होगा और यहां आवश्यकता अनुसार ट्रैफिक उप निरीक्षक, ट्रैफिक मुख्य आरक्षी और ट्रैफिक आरक्षी नियुक्त किए जाएगें।

  • अंबाला देहरादून हाईवे पर कार में लगी आग, जिंदा जलकर चार लोगों की मौत, मचा हड़कंप

    अंबाला देहरादून हाईवे पर कार में लगी आग, जिंदा जलकर चार लोगों की मौत, मचा हड़कंप

    सहारनपुर

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। बताया गया कि रामपुर मनिहारान में चुनहेटी गांव के पास अंबाला देहरादून हाईवे पर एक कार में आग लग गई। आग लगने से कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और शवों को बाहर निकाला जा रहा है।

    जिंदा जल गए चार लोग
    बताया गया कि रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चुनहेटी गांव के पास अंबालादेहरादून हाईवे स्थित बाईपास पर हुए सड़क हादसे में कार सवार चार लोग जिंदा जल गए। पुलिस के अनुसारकार सवार चारों लोगों के शव निकाले जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसारकार सवार चार लोग हाईवे से गुजर रहे थे। एक वाहन को ओवरटेक करने के दौरान पीछे से ट्रक ने कार में टक्कर मार दी। कार डिवाइडर से जा टकराई और उसमें तुरंत आग लग गई। भीषण आग लगने से कार सवार चारों लोग जिंदा जल गए। फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग पर काबू पाया गया। इसके बाद शवों को बाहर निकाला जा रहा है।

  • भारी बारिश से उफान पर आया सूर्या और शेर नाला, वाहनों की आवाजाही रोकी, लगी लंबी कतार

    भारी बारिश से उफान पर आया सूर्या और शेर नाला, वाहनों की आवाजाही रोकी, लगी लंबी कतार

    देहरादून

    हल्द्वानी में मंगलवार को भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के बाद सूर्या और शेर नाला उफान पर आ गया जिसके चलते हल्द्वानी -चोरगलिया-सितारगंज मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। नालों के दोनों तरफ सैकड़ों की संख्या में वाहनों की लंबी कतार लग गई।

    पुलिस स्थानीय जनता, यात्रियों व वाहन चालकों से अनुरोध कर रही है कि सड़क खुलने का इंतजार करें। नाले में पानी ज्यादा होने पर सड़क पार न करें।  उधर, काठगोदाम हैड़ाखान मार्ग पर पहाड़ खिसकने के कारण सड़क पर लगातार मलबा गिर रहा है। सड़क में पानी आने के कारण मार्ग बंद है।

    भारी बारिश की चेतावनी

    उत्तराखंड के पूरे कुमाऊं मंडल में आज मंगलवार को भी भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के कई इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। हालांकि पूरे प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट है।

  • खाई में गिरी पर्यटकों की कार, दो की मौत, पांच लोग घायल

    खाई में गिरी पर्यटकों की कार, दो की मौत, पांच लोग घायल

    कालाढूंगी(नैनीताल) कालाढूंगी नैनीताल मार्ग पर रविवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। प्रिया बैंड पर यूपी के पर्यटकों की कार गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पांच लोग घायल हो गए। घायलों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है।
    जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे गोरखरपुर के परिवार के सात लोग कार संख्या up51z1829 से नैनीताल की तरफ जा रहे थे। इस दौरान अचानक प्रिया बैंड पर उनकी कार अनियंत्रित हो गई और खाई में जा गिरी।

    दोनों भाईयों की गई जान

    हादसे में राहुल श्रीवास्तव(35) व राजीव श्रीवास्तव(30) पुत्र प्रेमचंद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे की सूचना पुलिस को सुबह मिली। सूचना मिलते ही टीम ने मृतकों व घायलों को गहरी खाई से निकाला। साथ ही मृतकों का पंचनामा भरकर घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया।

  • छह सड़कों पर थमे रहे वाहनों के पहिए, आठ हजार की आबादी परेशान

    छह सड़कों पर थमे रहे वाहनों के पहिए, आठ हजार की आबादी परेशान

    अल्मोड़ा। बारिश के बाद जिले में छह सड़कें बंद हैं। इन सड़कों पर आवाजाही ठप होने से 20 से अधिक गांवों का जिले से संपर्क कटा है और यहां की आठ हजार से अधिक की आबादी परेशान है।

    अल्मोड़ा में बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से छह सड़कें बंद हैं। ऐसे में 20 से अधिक गांव अलग-थलग पड़े हैं और इनका सड़क संपर्क पूरी तरह कटा है। इन गांवों की आठ हजार से अधिक की आबादी का गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि ग्रामीण किसी तरह उपचार और अन्य जरूरी काम के लिए बदहाल सड़कों पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। हालांकि सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं लेकिन लगातार हो रही बारिश से फिर से मलबा और बोल्डर गिरने से कार्यदायी संस्थाओं के लिए सड़कों पर आवाजाही सुचारू कर पाना चुनौती बना है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि जेसीबी लगातार सड़कों को खोलने का काम कर रही हैं। सड़कों पर जल्द आवाजाही शुरू करा दी जाएगी। संवाद

    अल्मोड़ा में 12.4 और सोमेश्वर में हुई 15.2 एमएम बारिश
    अल्मोड़ा। जिले में बारिश से जनजीवन पटरी से उतर गया है। बीते शनिवार से रविवार सुबह तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। आपदा प्रबंधन के मुताबिक बीते 24 घंटे में अल्मोड़ा में 12.4, रानीखेत में 04, सोमेश्वर में 15.2, जागेश्वर में 03 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। वहीं द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, ताकुला, सल्ट, जैंती, शीतलाखेत में बारिश का आंकड़ा शून्य रहा। यहां के लोगों ने बारिश थमने से राहत महसूस की।
    ऑफिसर्स कॉलोनी में आवासीय भवनों में घुसा पानी
    अल्मोड़ा। ऑफिसर्स कॉलोनी के आवासीय भवनों में बारिश का पानी घुसने से लोग परेशान रहे। लोगों ने जिलाधिकारी को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने की मांग की। पीड़ित परिवारों ने कहा कि आवासीय भवन में रहने वाले राजस्व विभाग के कर्मी निकासी नाली के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में बारिश का पानी घरों में पहुंच रहा है। ज्ञापन भेजने वालों में दीपा साह, ज्योति, दिया, प्रेमलता आदि शामिल रहे।

  • लाइसेंस के लिए ऑटोमेटिक टेस्ट सेंटर अनिवार्य करने के पीछे क्या सोच रही आशीष कुंद्रा और दिल्ली सरकार की

    लाइसेंस के लिए ऑटोमेटिक टेस्ट सेंटर अनिवार्य करने के पीछे क्या सोच रही आशीष कुंद्रा और दिल्ली सरकार की

    दिल्ली में अच्छी ड्राइविंग स्किल वाले ही ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर पाए इसके लिए दिल्ली परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा द्वारा दिल्ली की जनता के लिए खास तौर से दिल्ली की युवा पीढ़ी जो कार और बाइक का अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए इच्छुक रहते हैं उन के लिए दिल्ली में ड्राइविंग स्किल टेस्ट ऑटोमेटिक स्किल टेस्ट सेंटर पर टेस्ट पास करना अनिवार्य कर दिया।

    सही मायने में जनता की सुरक्षा हेतु ऐसा करना / करवाना एक अच्छा विचार और कार्य है पर इसका सच बयानों और जनता की सुरक्षा से बिलकुल भिन्न नज़र आ रहा है।

    दिल्ली में कार्यरत

    कुछ दिन पहले पूर्व दिल्ली उपायुक्त परिवहन द्वारा एक सर्कुलर/ नोटिफिकेशन जारी किया गया था (कॉपी स्लगन), जिसमे उपायुक्त अनिल छिकारा द्वारा जनता के समकक्ष उजागर किया गया की उनकी जानकारी में आया है की कार चलाने के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले थ्री व्हीलर आटो द्वारा टेस्ट देकर ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर रहे हैं जो सड़को पर सुरक्षा की दृष्टि से गलत है । सड़को पर जनता की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए उनके यह बयान बहुत अधिक मूल्यवान है इसमें कोई शक नहीं। उपायुक्त अनिल छिकारा द्वारा कहे गए इसी बयान को अगर सही तरीके से समझा जाए तो परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा और दिल्ली सरकार की मिलीभगत ओर जनता की सुरक्षा का नाम लेकर जनता को असुरक्षा की तरफ़ धकेलना सपष्ट नज़र आ रहा है।

    दिल्ली की सड़को पर आज की तारिख में सबसे अधिक मात्रा मे चलने वाले वाहन ई रिक्शा और आटो रिक्शा है और पूर्व दिल्ली उपायुक्त परिवहन की बात को सही दृष्टि से देखें और समझे तो इन ड्राइविंग कंप्यूटराइज्ड स्किल टेस्ट पर किसी भी ई रिक्शा और आटो द्वारा टेस्ट देने से फेल होना असम्भव है इसके लिए उन्होंने बताया आटोमेटिक कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग स्किल टेस्ट के प्रोग्राम में सुरक्षा की दृष्टि से दोनो कैटेगरी (ई रिक्शा और आटो) के वाहन चालकों के प्रति कुछ भी नहीं रखा गया।

    इसका अर्थ सीधे शब्दो में हुआ ” दिल्ली सरकार के वोट बैंक का श्रेय प्राप्त व्यक्ति से ड्राइविंग स्किल टेस्ट लिया जाना सिर्फ अन्य ड्राइविंग टेस्ट देने वालो के लिए दिखावा मात्र है” और सारी सोच दिल्ली के युवा जो अपने निजी वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस लेना चाहते हैं के लिए रचा गया है।

    सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पूरे भारत देश के लिए कुछ वर्षों पूर्व गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर लाइसेंस टेस्ट की प्रकिया से ही मुक्त होने का मार्ग दे दिया था पर दिल्ली के जनहित का नाम लेकर कार्य करने वाले परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा द्वारा उसके लिए अभी तक दिल्ली में कोई भी कदम नहीं उठाया, क्योंकि दिल्ली में अगर यह नियम लागू हो गया तो परिवहन आयुक्त कैसे दिल्ली के युवा को फेल करवाकर बार बार उससे फीस के नाम पर पैसा जमा करवाकर दिल्ली के राजस्व में इतना इज़ाफ़ा करवाने में कामयाब हो पाएंगे।

    कितनी जनहित की सोच है ना दिल्ली परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा की दिल्ली सरकार के प्रति फैसला आपका

  • उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद भी दिल्ली में अभी तक नही शुरू किया गया डीजल वाहनों का पंजीकरण, कौन जिम्मेदार ?

    उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद भी दिल्ली में अभी तक नही शुरू किया गया डीजल वाहनों का पंजीकरण, कौन जिम्मेदार ?

    क्या आप जानते हैं डीजल यूरो VI इंजन वाहन का प्रदुषण सीएनजी वाहन से भी कम है, गूगल पर सर्च करने पर जो सूचना सामने आई उसके अनुसार डीजल यूरो VI के वाहन सीएनजी वाहन से भी कम प्रदुषण फैलाते है ( डीजल यूरो VI और सीएनजी प्रदूषण की कॉपी आपकी जानकारी हेतु स्लगन)

    सवाल यह उठता है जब डीजल वाहनों के चलने से प्रदूषण नियंत्रण में रहेगा फिर दिल्ली परिवहन विभाग दिल्ली में यूरो VI डीजल वाहनों का पंजीकरण क्यो नही शूरू करना चाहता।

    बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहनों के दिल्ली में आने पर कोई टैक्स नहीं लिया जाता जबकि अन्य सभी राज्यो को सीमा पर बाहरी राज्यों के वाहनों से पैसेंजर एवम् अन्य टैक्स जमा करवाने के बाद ही राज्य की सीमा में प्रवेश दिया जाता है।

    इस छूट का फायदा बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहन वाले खुब उठाते हैं और खुल कर दिल्ली में अपने वाहनों को चलाते नज़र आते हैं।

    अब सवाल यह उठता है की बाहरी राज्यों के डीजल वाहन जब दिल्ली में बे रोक टोक चल सकते हैं तो दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा दिल्ली में डीजल वाहनों का पंजीकरण बंद क्यों ?
    दूसरा बड़ा सवाल यह उठता है की जब यह सिद्ध हो चुका की यूरो VI डीजल वाहनों के द्वारा निकलने वाला प्रदुषण सीएनजी वाहनों से भी कम है फिर इनके पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया शुरू क्यो नही?
    तीसरा बड़ा सवाल यह उठता है की दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा दिल्ली से अंतरराजकिय प्रीमियम बस पर डीजल बसों को शूरू करने के उद्देश्य से कुछ समय पहले कानुनी सलाह प्राप्त की थी जिसके आधार पर दिल्ली परिवहन निगम द्वारा प्रीमियम बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया गया था,
    चोथा और अंतिम बड़ा सवाल यह उठता है की जब उच्चतम न्यायालय भारत द्वारा एक याचिका की सुनवाई पर दिल्ली में डीजल VI वाहनों को पंजीकरण करने की छूट दे दी तो परिवहन विभाग ने उस आदेश पर दुबारा कानूनी राय लेने का विचार क्यो बनाया।

    क्या परिवहन आयुक्त यह मानते हैं कि बाहरी राज्यों से दिल्ली में आकर चलने वाले वाहन दिल्ली में अपने पंजीकृत वाहनों से बेहतर है और प्रदुषण नही फैलाते ?

    जवाब तो बनता है क्योंकी प्रदुषण के नाम से होने वाली सारी मार दिल्ली में रहने वाली जनता और परिवहन से जुड़े व्यवसाई ही भुगतते है, जैसे की अभी परिवहन आयुक्त के दिशा निर्देश पर जनता के खडे वाहनों को उठवा कर दूसरे राज्यों में भेजने की प्रक्रिया।

    दिल्ली में जल्द ही जी20 के लिए सभी देशों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होगें और दिल्ली की छवि को चार चांद लगवाने में दिल्ली की सड़को और उन पर उपल्ब्ध वाहनों का बहुत बड़ा महत्व और योगदान होगा अत: परिवहन आयुक्त दिल्ली को दिल्ली में यूरो VI डीजल वाहनों के पंजीकरण को शुरू करवाने के दिशा निर्देश तत्काल जारी कर देने चाहिए।

  • दुनिया के आठवें अजूबे को जाने,

    दुनिया के आठवें अजूबे को जाने,

    *दुनिया में अब तक थे सात अजूबे अब जाने दुनिया के आठवें अजूबे के बारे में “परिवहन विभाग दिल्ली”*

    *तकनीकी पदो पर गैर तकनीकी कितने सक्षम*

    *दिल्ली परिवहन विभाग दुनिया का प्रथम ऐसा विभाग जहा बिना तकनीकी पदो पर स्वयं आयुक्त परिवहन गैर तकनीकी अधिकारियो को नियुक्ति दे कर करवा रहें हैं काम*

    आशीष कुंद्रा ने जब से दिल्ली परिवहन आयुक्त का कार्य भार संभाला तभी से विभाग की कार्यप्रणाली में बदलाव करके दिखाना शुरू कर दिया था। इन्ही बदलावों और हर कार्य को जनहित का नाम देकर प्रथम दिन से ही सुर्खियों और विज्ञापनों में छाए रहे हैं।

    कामों की श्रखला तो इतनी लम्बी है की उसे किसी भी साधारण ख़बर में प्रस्तुत किया ही नहीं जा सकता कहावत में इसे यह कह सकते है “ऊट के मुंह में जीरा” .

    अपनी इच्छा के कार्य पूरा करने के लिए परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा द्वारा

    उच्चतम न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर दिखाया

    2. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा जारी गैजेट नोटिफिकेशन को दरकिनार कर दिखाया,

    3. राज्य सरकार के परिवहन मंत्री के दिशा निर्देश/ आदेश को दरकिनार करके दिखा दिया। इतने प्रतिभाशाली है परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा अपनी इच्छा के कार्य को पूरा करने के लिए ।

    हम आपको जो बताने जा रहे हैं वह इस लिए विशेष है क्योंकि आज से पहले आपने ना तो ऐसा सुना होगा और ना ही कभी कहीं देखा होगा, किसी एचओडी / प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किसी तकनीकी पद पर गैर तकनीकी अधिकारी को नियुक्त कर देना वह भी कैट/माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देश को दरकिनार कर

    विश्व में दिल्ली का परिवहन विभाग पहला ऐसा विभाग बन गया जहां तकनीकी कर्मचारियों / तकनीकी अधिकारियो के पदों पर स्वयं अपनी इच्छा से परिवहन आयुक्त गैर तकनीकी लोगो को नियुक्त कर रहे हैं और उनकी ताक़त का अनुभव करे की उनके द्वारा ऐसा करने पर *दिल्ली प्रशासनिक के मुख्य उपराज्यपाल दिल्ली, मुख्य सचिव दिल्ली, के अलावा मुख्य्मंत्री दिल्ली एवम् न्यायिक प्रणाली में से भी किसी ने जवाबदारी नही समझी।*

    * यह बात विशेष इसलिए भी है क्योंकि अगर “दिल्ली परिवहन विभाग को उदाहरण की तरह देख कर सभी विभागों में आने वाले एचओडी / प्रशासनिक अधिकारी तकनीकी पदो पर अपने पद की ताकत का प्रयोग कर गैर तकनीकी लोगो की नियुक्ति करना शुरू कर दें “।*

    a. हॉस्पिटल में डॉक्टर की जगह आम आदमी,
    b. इंडस्ट्री में मिस्त्री की जगह आम आदमी,
    c तकनीकी विभाग में वेल्डर की जगह आम आदमी,
    d. प्रशासनिक विभागों में पढ़े लिखे पदो पर अनपढ़ आदि

    *ऊपर लिखित तकनीकी पदो पर गैर तकनीकी व्यक्ति की नियुक्ति होने से कैसा अनुभव उत्पन्न होगा सोच के देखे और धन्यवाद करे परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा का जिन्होंने जनहित के नाम से यह कर दिखाया और उन सभी का जिन्हे इस पर जवाब मांगने का हक है पर फिर भी जवाब नहीं मांगा।*