Category: Political
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प्रधान और दो दर्जन ग्रामीणों ने गिरा दी गरीब की झोपड़ी, नहीं हुई कार्यवाही
प्रधान और दो दर्जन ग्रामीणों ने गिरा दी गरीब की झोपड़ी, नहीं हुई कार्यवाहीलक्ष्मीकांत श्रीवास्तवगाजीपुर बिरनो- गुरुवार को ग्राम प्रधान और सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणों ने गांव के ही एक गरीब युवक के घर पर धावा बोलकर झोपड़ी को गिरा दिया जिसका विडियो अब शोशल मिडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।ख़बर है की बिरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत भागमलपुर में रामजन्म राजभर का मिट्टी का मकान और झोपड़ी है जिसको लेकर आए आए दिन पंचायत और वाद विवाद होता रहता है लेकिन गुरुवार की शाम को अचानक ग्राम प्रधान अनिल राजभर के साथ 50 की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने लाठी डंडे से लैस होकर मिट्टी के दीवार पर रखे टीन सेड और झोपड़ी को क्षतिग्रस्त कर फेंक दिया और फावड़ा लेकर रास्ता बनाने लगे जिस पर पीड़ित परिवार के परिजनों ने जब आपत्ति जताया तो ग्रामीण ईतने आक्रोशित थे कि गाली गलौज और धक्का मुक्की पर उतर आए पीड़ित भय के कारण घटनास्थल पर चुपचाप खड़े रहे जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हो रहा है इस सम्बंध में पीड़ित राम जन्म राजभर की पुत्री शांति राजभर ने थाना बिरनो में लगभग दो दर्जन लोगों के खिलाफ तहरीर भी दिया है जानकारी देते हुए शांति राजभर ने बताया कि अगर हमारी जमीन रास्ते में है तो उसके लिए प्रशासन का होना जरूरी है हमारा जमीन रास्ता पर है या नहीं इसके लिए लेखपाल भी मौके पर नहीं हैं लेकिन ग्राम प्रधान 50 से अधिक संख्या में लोगों को लेकर हमारी झोपड़ी को गिरा दिए हैं और थाने पर सूचना दिए जाने के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।इस संबंध में बिरनो थानाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि मामला राजस्व से जुड़ा हुआ है सुचना प्राप्त हुई है मौके पर मुआयना कर आगे की कार्यवाही की जायेगी। -

जागरूकता कार्यक्रम के तहत बच्चों को यातायात नियमों की दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के तहत बच्चों को यातायात नियमों की दी गई जानकारीअजीत विक्रमगाजीपुर ।पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह द्वारा यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के लिए मीरनपुर सक्का (बुजुर्गा रोड) स्थित एवरग्रीन पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम के तहत बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई तथा उन्हें इन नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों द्वारा यातायात नियमों से संबंधित सवाल भी पुलिस अधीक्षक से किया गया जिसका जवाब कप्तान द्वारा दिया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा विभिन्न पुलिस हेल्पलाइन नंबरों 112,1090,1098,1076 को वहां उपस्थित छात्र छात्राओं को बताया गया तथा उसके प्रति जागरूक किया गया। कप्तान द्वारा साइबर अपराध तथा उससे बचने के उपायों एवं सोशल मीडिया का उपयोग सावधानी पूर्वक करने के लिए भी बच्चों को जागरूक किया गया।इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर क्षेत्राधिकारी नगर, टीएसआई तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थें। -

ग्रैप-2 में सख्ती- हॉटस्पॉट में एक हफ्ते तक AQI 400 के पार तो निर्माण कार्य होंगे बंद
ग्रैप-2 में सख्ती- हॉटस्पॉट में एक हफ्ते तक AQI 400 के पार तो निर्माण कार्य होंगे बंद
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ग्रैप-2 के नियमों को और सख्ती से लागू करने के लिए बुधवार को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। उन्होंने बताया कि हॉटस्पॉट पर सघन निगरानी का निर्देश दिया गया है। राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार सख्त है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ग्रैप-2 के नियमों को और सख्ती से लागू करने के लिए बुधवार को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। उन्होंने बताया कि हॉटस्पॉट पर सघन निगरानी का निर्देश दिया गया है। अगर अगले एक हफ्ते तक हॉटस्पॉट में एक्यूआई का स्तर 400 से ऊपर बना रहा, तो उस हॉटस्पाट के एक किलोमीटर के क्षेत्र के अंदर सभी निर्माण कार्य बंद करने के आदेश दिए जा सकते हैं। सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया गया है कि रात की ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड को हीटर उपलब्ध करवाएं। पाल राय ने कहा कि दिल्ली में ठंड बढ़ने और हवा की गति कम होने के कारण एक्यूआई 350 के आसपास बना हुआ है। आने वाले 15-20 दिन दिल्ली के लिए भारी रहने वाले हैं। ग्रैप-2 लागू होने के बावजूद दिल्ली में कई जगहों पर वायु सूचकांक काफी बढ़ रहा है। 996 आरडब्ल्यूए के साथ अब तक बैठकगोपाल राय ने कहा कि पिछली मीटिंग में सभी एसडीएम को आदेश दिया था कि वह अपने क्षेत्र के आरडब्ल्यूए के साथ मीटिंग करें। अभी तक 996 आरडब्ल्यूए के साथ मीटिंग की है। जगह-जगह सिक्योरिटी गार्ड द्वारा ठंड से बचने के लिए आग जलाने की जो घटनाएं होती हैं, उन्हें रोकने के लिए हीटर देने के आदेश जारी किए गए हैं। सभी सरकारी विभाग के विभाग अध्यक्षों को आदेश दिया गया है कि वह अपने विभाग में रात की ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड को हीटर उपलब्ध करवाए। डीटीसी ने शुरू कीं 128 शटल बसें गोपाल राय ने बताया कि ग्रैप-2 के कार्यान्वयन के तहत डीटीसी और मेट्रो की फ्रीक्वेंसी और फेरे बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए थे। इसी क्रम ने डीटीसी ने ज्यादा भीड़भाड़ वाले रूट पर 128 शटल बस सेवा शुरू की है। मेट्रो ने भी 40 फेरे बढ़ा दिए हैं। मेट्रो को आगे और ज्यादा फेरे बढ़ाने के लिए कहा गया है। साथ ही 10 नवंबर तक डीटीसी को 1000 सीएनजी निजी बसों को हायर करने के आदेश दिया गया है। दिल्ली में डीजल बसों की एंट्री पर रोक, जांच के लिए 18 टीमों का गठन गोपाल राय ने बताया कि बुधवार से दिल्ली में एनसीआर से आने वाली डीजल बसों की एंट्री बैन है। केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस 6 बसों की एंट्री होगी। इसकी मॉनिटरिंग के लिए परिवहन विभाग ने 18 टीमों का गठन किया है, जिसमें प्रत्येक टीम में 6 सदस्य हैं। इसमें से 4 परिवहन विभाग और 2 दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सदस्य हैं। प्रदूषण से गले में खराश, खांसी और आंखों की जलन से लोग परेशान दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले 75 फीसदी परिवार में कोई न कोई गले में खराश, खांसी और आंखों में जलन से परेशान है। खराब होती आबोहवा के बीच लोकन सर्कल नाम की संस्था ने एक सर्वेक्षण किया। इसमें दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद सहित दिल्ली एनसीआर में रहने वाले 32 हजार से अधिक लोगों से प्रतिक्रियाएं ली गई। इस जवाब देने वालों में 69 फीसदी पुरुष और 31 फीसदी महिलाएं थी। इस सर्वेक्षण में पाया गया कि दिल्ली एनसीआर के 38 फीसदी घरों में किसी न किसी को सांस लेने में कठिनाई होती है। वायु प्रदूषण से परेशान 60 फीसदी लोगों ने कहा कि बचाव के लिए अधिक प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने की योजना बना रहे हैं। 50 फीसदी लोगों ने प्रदूषित हवा में सांस लेने से रोकने के लिए प्रदूषण-रोधी मास्क पहनने की योजना बनाई है। वायु प्रदूषण के लिए मैनुअल सड़क सफाई, सड़क व निर्माण धूल, बिजली संयंत्र मिशन सहित अन्य को पाया गया। कहा गया कि वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने की समस्या होती है। प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारी के संबंध में 10366 लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी। इनमें से 75 फीसदी लोगाें ने गले में खराश, खांसी, आंखों में जलन की बात कही। 38 फीसदी लोगों ने सांस लेने में कठिनाई या अस्थमा की बात मानी, 38 ने बहती नाक या बंद होने, चिंता या कठिनाई की बात की। 25 फीसदी ने सोने में कठिनाई, 13 फीसदी ने सिरदर्द की समस्या बताई। वहीं, 13 फीसदी लोगों ने प्रदूषण के कारण कोई समस्या न होने की बात कही।
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गेमिंग क्षेत्र में नियामक अनुशासन की आवश्यकता: लोको
गेमिंग क्षेत्र में नियामक अनुशासन की आवश्यकता: लोको
गेमिंग क्षेत्र में नियामक अनुशासन की वकालत करते हुए घरेलू गेम स्ट्रीमिंग मंच लोको ने कहा कि मल्टीप्लेयर बैटल गेम पबजी के निलंबन का इस क्षेत्र पर सकारात्मक असर पड़ा है। लोको के संस्थापक अनिरुद्ध पंडिता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ भारत में गेम कैसे पेश किए जाने चाहिए इस पर एमईआईटीवाई का बहुत स्पष्ट आदेश है। मुझे लगता है कि (पबजी) निलंबन इसका सबसे सही उदाहरण है।’’ गेमिंग क्षेत्र में विकास, विशेष रूप से कराधान पर पंडिता ने कहा कि दुनिया में प्रत्येक नियामक शक्ति या सरकार एक निश्चित तरीके से गेम को समझने और कर लगाने के चरणों से गुजरी है। अपने निवेशक बीजीएमआई-पैरेंट क्राफ्टन के बारे में पंडिता ने ‘‘ भारत को उसका पसंदीदा गेम देने के लिए’’ कंपनी की नियमों का पालन करने के लिए सराहना की। पंडिता ने साथ ही बताया कि कंपनी की योजना पश्चिम एशिया और लैटिन अमेरिका में विस्तार करने की है।
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80 ‘बुजुर्ग’ पेड़ों को मिली पहली पेंशन, प्राण वायु देवता योजना के तहत मालिकों को दी गई राशि
80 ‘बुजुर्ग’ पेड़ों को मिली पहली पेंशन, प्राण वायु देवता योजना के तहत मालिकों को दी गई राशि
पेड़ों की देखभाल के लिए 2750 रुपये उनके मालिकों को सौंपा गया है। हरियाणा में हेरिटेज पेड़ों की यह पहली पेंशन राशि है। यह पेंशन प्रत्येक साल दी जाएगी। पचहत्तर साल से ज्यादा की उम्र वाले गुरुग्राम के 80 हेरिटेज पेड़ों को प्रदेश सरकार पेंशन राशि का भुगतान कर दिया। पेड़ों की देखभाल के लिए 2750 रुपये उनके मालिकों को सौंपा गया है। हरियाणा में हेरिटेज पेड़ों की यह पहली पेंशन राशि है। यह पेंशन प्रत्येक साल दी जाएगी। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2021 में प्राण वायु देवता पेंशन योजना की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत साल 2021 में गुरुग्राम में 75 पेड़ों का चयन किया गया था। पेड़ों को संरक्षण देने के लिए 2500 रुपये सालाना पेंशन का प्रावधान थी। घोषणा के दो साल बाद 26 अक्तूबर 2023 को सरकार ने पेंशन जारी किया है। योजना के तहत गुरुग्राम में चिह्नित किए गए पेड़ों की उम्र 75 वर्ष से अधिक है। माना जा रहा है कि इससे पेड़ों की कटाई पर रोक लगेगी। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। बढ़ाए गए 250 रुपये : सरकार ने घोषणा की थी कि प्रत्येक हेरिटेज पेड़ की देखभाल के लिए 2500 रुपये बतौर पेंशन के रूप दिए जाएंगे, हालांकि यह राशि घोषणा के दो साल बाद पहली बार जारी की गई है। इसके साथ ही राशि को 250 रुपये का इजाफा करके इसे 2750 रुपये कर दिया गया है। वहीं, संरक्षित पेड़ों की संख्या भी 75 से बढ़ाकर 80 कर दी गई है। यह योजना पेड़ों के जीवन काल तक लागू रहेगी। चयनित पेड़ों में 90 फीसदी पीपल : चयन किए गए पेड़ों में 90 प्रतिशत पेड़ पीपल के हैं। पर्यावरण विशेषज्ञ बताते हैं कि पीपल के वृक्षों से ऑक्सीजन ज्यादा निकलती है। इसके साथ ही चौड़ी पत्ती हाेने के कारण प्रदूषण बढ़ाने वाले कण इन पत्तियों पर आकर चिपक जाते हैं। यही कारण है कि ऐसे पेड़ों के संरक्षण की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। पेंशन पाने के लिए नियम: योजना के तहत यदि किसी व्यक्ति के घर या स्वयं की जमीन पर 75 वर्ष से या उससे ज्यादा की उम्र का पेड़ है तो वो अपने संबंधित जिले के वन विभाग कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। पेड़ों की परिधि और विभाग द्वारा निर्धारित अन्य मानदंडों के आधार पर पेड़ों की उम्र की पहचान की है। इन पेड़ों का ठीक ढंग से रखरखाव सुनिश्चित करने, पोषक तत्व प्रदान करने और इन वृक्षों को उचित आकार में रखने के लिए पंचायतों और मंदिर ट्रस्टों को जिम्मा सौंपा गया है। इसके तहत पेंशन का भुगतान भी किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत केवल स्वस्थ पेड़ों को ही शामिल किया गया है।
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30 मिनट तक लिफ्ट में फंसा रहा शख्स, मचाता रहा शोर; अलार्म बजाने के बाद भी नहीं मिली मदद
30 मिनट तक लिफ्ट में फंसा रहा शख्स, मचाता रहा शोर; अलार्म बजाने के बाद भी नहीं मिली मदद
ग्रेनो वेस्ट की ला पैलेसिया सोसाइटी में बुधवार सुबह टावर डी की लिफ्ट में करीब 30 मिनट तक निवासी फंसा रहा। आरोप है कि अलार्म बजाने और शोर मचाने के बाद भी मेंटेनेंस की टीम से मदद नहीं मिली। ग्रेनो वेस्ट की ला पैलेसिया सोसाइटी में बुधवार सुबह टावर डी की लिफ्ट में करीब 30 मिनट तक निवासी फंसा रहा। आरोप है कि अलार्म बजाने और शोर मचाने के बाद भी मेंटेनेंस की टीम से मदद नहीं मिली। जानकारी होने के बाद निवासियों ने मेंटेनेंस कर्मचारियों को बुलाया। उसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया। घटना के बाद से सोसाइटी के निवासियों में रोष है। लोगों ने बिल्डर के खिलाफ रखरखाव में लापरवाही करने का आरोप लगाया है। पीड़ित अमित पांडेय टावर डी के 10वें फ्लोर पर रहते हैं। बुधवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे वह नौकरी पर जाने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि जब वह नीचे की तरफ जाने लगे तो अचानक झटका लगने के साथ ही लिफ्ट रुक गई। लिफ्ट 9वें और 10वें फ्लोर के बीच में रुकी। कुछ देर इंतजार करने के बाद उन्होंने अलार्म बटन दबाया। आरोप है कि कई बार अलार्म बजाने के बाद भी मदद नहीं मिली। टावर में सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। काफी शोर मचाने के बाद भी कोई मदद के लिए नहीं आया। शोर सुनकर सुनकर उनकी पत्नी मौके पर पहुंची और तुरंत अन्य निवासियों को सूचना देकर मदद मांगी। उसके बाद मेंटेनेंस टीम के सदस्यों को मौके पर बुलाकर लिफ्ट का दरवाजा खुलवाया गया। करीब 30 मिनट बाद लिफ्ट से बाहर आकर अमित ने राहत की सांस ली। निवासियों का कहना है कि दो दिन पहले ही लिफ्ट की सर्विस हुई थी। उसके बाद भी लिफ्ट फंस गई। इससे पहले भी लिफ्ट के फंसने की घटनाएं हो चुकी हैं।
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थैलेसीमिया के मरीजों को बड़ी राहत, 45 की जगह आठ मिनट में पता चल रहा दिल में कितना आयरन
थैलेसीमिया के मरीजों को बड़ी राहत, 45 की जगह आठ मिनट में पता चल रहा दिल में कितना आयरन
थैलेसीमिया के मरीजों को हमेशा खून चढ़ाने की जरूरत होती है। इस दौरान आयरन की अधिकता हो जाती है, जो दिल के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में जमा हो जाती है। इसका पता लगाने के लिए पहले हृदय की सामान्य एमआरआइ होती थी जिसमें पहले करीब 45 मिनट समय लगता था। थैलेसीमिया के मरीजों के दिल में जमा होने वाले आयरन का पता महज आठ मिनट में चल जाता है। एम्स ने इसकी जांच के लिए रैपिड एमआरआई तकनीक की शुरूआत की है। एम्स में हर दिन इस तकनीक की मदद से करीब 50 मरीजों की जांच होती है। दरअसल थैलेसीमिया के मरीजों को हमेशा खून चढ़ाने की जरूरत होती है। इस दौरान आयरन की अधिकता हो जाती है, जो दिल के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में जमा हो जाती है। इसका पता लगाने के लिए पहले हृदय की सामान्य एमआरआइ होती थी जिसमें करीब 45 मिनट समय लगता था। इसे देखते हुए एम्स दिल्ली ने सिर्फ आठ मिनट के समय में दिल की जांच करने वाली रैपिड एमआरआई तकनीक को शुरू किया। इसकी मदद से सटीक जानकारी मिल रही है। यूके में इस तकनीक ने थैलेसीमिया से मौत के 80 फीसदी मामले कम किए। बुधवार को एम्स में प्रेस वार्ता के दौरान कार्डियोवैस्कुलर रेडियोलाजी की विभागाध्यक्ष डा. प्रिया जागिया ने कहा कि इस तकनीक को अपनाकर यूनाइटेड किंगडम (यूके) थैलेसीमिया मरीजों की मौतें 80 प्रतिशत कम करने में कामयाब रहा है। इस वजह से यूके में थैलेसीमिया मरीजों की औसत उम्र 40 वर्ष होती है जबकि भारत में थैलेसीमिया मरीजों की औसत उम्र 25 वर्ष होती है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया और स्किल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों को बार-बार खून चढ़ाए जाने से शरीर में आयरल लोड बढ़ जाता है, जो लिवर, हृदय व पैंक्रियाज सहित अन्य अंगों पर प्रभाव डालता है। ऐसे में देखा गया है कि थैलेसीमिया के 50 से 70 फीसदी मरीजों का हृदय खराब होने या हृदय में आयरन जमा होने से मौत हो जाती है। इससे बचाव के लिए मरीजों के शरीर से आयरन लोड को कम करना होता है। नई एमआरआई तकनीक सिर्फ आठ मिनट में जांच कर नतीजे बता देगी।
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ईडी के सामने पेश नहीं हुए सीएम केजरीवाल, बोले- नोटिस अवैध और राजनीतिक; ये मुझे रोकने की कोशिश
ईडी के सामने पेश नहीं हुए सीएम केजरीवाल, बोले- नोटिस अवैध और राजनीतिक; ये मुझे रोकने की कोशिश
दिल्ली के कथित शराब घोटाला से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने ईडी के समन पर कहा कि ये नोटिस अवैध और राजनीति से प्रेरित है। फिलहाल, केजरीवाल मध्य प्रदेश में पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे हैं। दिल्ली के कथित शराब घोटाला से जुड़े धन शोधन मामले में बीते दिनों प्रवर्तन निदेशालय की ओर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी किया गया। जिसके बाद उन्हें आज दो नवंबर को ईडी कार्यालय में पेश होना था। लेकिन धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए सीएम नहीं पहुंचे। बयान के बाद मुख्यमंत्री पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार के लिए मध्य प्रदेश पहुंचे हैं। उन्होंने समन को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताया है। आज पेश नहीं हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय को जवाब दिया है। सीएम केजरीवाल ने कहा कि समन का नोटिस अवैध और राजनीति से प्रेरित है। नोटिस भाजपा के इशारे पर भेजा गया है। नोटिस यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है कि मैं चार राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए न जा सकूं। ईडी को तुरंत नोटिस वापस लेना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि आप का राष्ट्रीय संयोजक और एक स्टार प्रचारक होने के नाते मुझे चुनाव प्रचार के लिए यात्रा करनी पड़ती है और आप के अपने क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को राजनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना पड़ता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में, मैं शासन और आधिकारिक प्रतिबद्धताएं हैं, जिनके लिए मेरी उपस्थिति आवश्यक है। विधानसभा चुवान के प्रचार में व्यस्त हैं मुख्यमंत्री जानकारी के लिए बता दें कि अभी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियां प्रचार में जुटी हैं। इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे हैं। आज ही उन्हें ईडी कार्यालय में पेश होना था। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ में रहेंगे। इसके अलावा 5 नवंबर को हरियाणा में सीएम का कार्यक्रम है। ऐसे में व्यस्त कार्यक्रम की वजह के सीएम ईडी के सामने पेश नहीं हो सकते हैं। क्या ईडी की चार्जशीट में है अरविंद केजरीवाल का नाम
दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही ईडी ने अपनी चार्जशीट में कई बार अरविंद केजरीवाल के नाम का जिक्र किया है। ईडी ने दावा किया कि आबकारी नीति आप के शीर्ष नेताओं द्वारा बनाई गई थी, ताकि लगातार अवैध धन कमा कर खुद तक पहुंचाया जा सके। -

स्क्रैप सेंटर पर 25 तो बाहर 40 हजार में बिक रही मियाद खत्म हुई कार
स्क्रैप सेंटर पर 25 तो बाहर 40 हजार में बिक रही मियाद खत्म हुई कार
गाजियाबाद। मोरटा में सरकार द्वारा स्वीकृत सरल ऑटो स्क्रैपिंग सेंटर पर पुरानी कार 25 हजार में बिक रही है। जबकि बाहर कबाड़ी उसको 40 हजार से भी ज्यादा कीमत में खरीदने को तैयार हैं। यही वजह कि सेंटर के अप्रैल में शुरू होने के बावजूद अभी तक यहां मियाद खत्म हुए केवल 350 वाहनों को ही स्क्रैप कराया गया है। इसमें 200 वाहन सरकारी विभागों के हैं। शेष 150 वाहनों में भी बाइकों की संख्या 100 से ज्यादा है। जबकि, हाल ही में एआरटीओ कार्यालय ने 10 व 15 साल पुराने 1.52 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द किया है। आने वाले मार्च तक 90 हजार से ज्यादा वाहनों का पंजीकरण मियाद खत्म होने की वजह से रद्द करने की परिवहन विभाग की तैयारी है। राजनगर एक्सटेंशन निवासी राहुल शर्मा की पेट्रोल चलित कार की मियाद इसी माह खत्म हो रही है। उन्होंने बताया कि उनकी कार बाहर 40 से 45 में बिक रही है, उसी कार के स्क्रैप सेंटर पर 22 हजार कीमत मिल रही है। बाइक को बेचने के लिए स्क्रैप सेंटर पर संपर्क करने पहुंचे मोदीनगर के बिसोखर के मनीष चौधरी ने बताया कि उनकी बाइक सही चल रही है, लेकिन उसके 15 साल पूरे हो चुके हैं। स्क्रैप सेंटर पर उनको तीन हजार रुपये मिल रहे हैं जबकि, बाहर उसकी कीमत 8-10 हजार मिल रही है। मोरटा स्थित स्क्रैप सेंटर के संचालक सर्फूददीन उर्फ सैफ ने बताया कि अभी 350 वाहनों को ही स्क्रैप कराया गया है। स्क्रैप सेंटर के संचालक ने बताया कि वह वाहन को 22-25 रुपये किलो के हिसाब से खरीदते हैं। इसके बाद उस वाहन से लोहा, प्लास्टिक, शीशा, कॉपर, टायर, रिम आदि पुर्जे व अन्य सामान अलग अलग करके कंपनियों को बेचा जाता है। मिलता है प्रमाणपत्र एआरटीओ ने बताया कि वाहन स्वामियों को अपना वाहन स्वीकृत स्क्रैप सेंटर पर ही बेचना चाहिए। इसका एक प्रमाणपत्र भी मिलता है। जिसका नया वाहन खरीदने पर टैक्स में कुछ प्रतिशत छूट भी मिलती है। आने वाले समय में भी उस प्रमाणपत्र के कई लाभ होने वाले हैं। बाहर बेचे गए वाहन का कोई रिकॉर्ड नहीं रहता। जिससे वाहन स्वामी को बाद में काफी परेशानी भी हो सकती है। सरकारी विभागों में संचालित हैं पांच हजार से ज्यादा वाहन नगर निगम, पुलिस-प्रशासन, वन, स्वास्थ्य, परिवहन समेत तमाम विभागों में पांच हजार से ज्यादा वाहन पंजीकरण रद्द होने के बाद भी संचालित हो रहे हैं। इसको लेकर डीएम की अध्यक्षता में 30 अक्तूबर को बैठक भी हो चुकी है। इसमें विभागीय अधिकारियों को वाहनों की सूची उपलब्ध कराने के साथ ही मियाद खत्म हुए वाहनों को स्वीकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप कराने के आदेश दिए गए थे। एआरटीओ कार्यालय से भी इन वाहनों की सूची मांगी गई है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने अभी तक अपने यहां संचालित वाहनाें की सूची एआरटीओ कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है। और स्क्रैप सेंटर खोले जाएंगे एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में अभी केवल एक स्क्रैप सेंटर है। दो से तीन स्क्रैप सेंटर और खोले जाने की विभाग की योजना है। इसके लिए आवेदन भी मांगे गए हैं। मानक पूरे करने वाली फर्म को स्क्रैप सेंटर संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।
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मांस कारोबारी की फैक्टरी पर दूसरे दिन भी जारी रहा आयकर का छापा
मांस कारोबारी की फैक्टरी पर दूसरे दिन भी जारी रहा आयकर का छापा
गाज़ियाबाद। मसूरी में मांस कारोबारी हाजी यासीन कुरैशी की इंटरनेशनल एग्रो फूड फैक्टरी पर दूसरे दिन देर शाम तक आयकर का छापा जारी रहा। फैक्टरी के अंदर आयकर विभाग के अधिकारी आय-व्यय के दस्तावेज खंगालते रहे। बाहर पुलिस का पहरा रहा। यासीन कुरैशी के मुंबई स्थित कार्यालय में सर्च के बाद टीम लौटकर मसूरी स्थित फैक्टरी पहुंच गई है। यासीन कुरैशी मीट के बड़े कारोबारी है। अधिकारियों का कहना है कि सर्च के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। प्रधान आयकर आयुक्त कानपुर शिशिर झा और मुख्य आयकर आयुक्त गाजियाबाद डाॅ. शुचिस्मता पलई के निर्देशन में मंगलवार दोपहर 12 बजे इंटरनेशनल एग्रो फूड फैक्टरी और मुबंई स्थित फैक्टरी के कार्यालय पर छापा मारा गया है। दोनों जगहों पर इनकम टैक्स विभाग के 50 अधिकारी लगाए गए हैं। बुधवार को फैक्टरी के गेट नंबर दो पर पुलिस के जावन मुस्तैद रहे। बुधवार को फैक्टरी में हाजी यासीन के बेटे हाजी जावेद कुरैशी और परवेज कुरैशी पहुंचे। फैक्टरी के जीएम आरिफ कुरैशी से पूछताछ चल रही है। 10 साल के फैक्टरी से आय-व्यय से संबंधित दस्तावेज चेक किए जा रहे हैं। अकाउंट आफिस में नो एंट्री फैक्टरी के अंदर अकाउंट ऑफिस में किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। फैक्टरी के जीएम के साथ व एकाउंट अफसरों के साथ आयकर की टीम पूछताछ कर रही है। फैक्टरी के कर्मचारियों और स्टाफ को दूसरे गेट से आने जाने दिया जा रहा है। हालांकि, स्लाटर हाउस बंद कर दिया गया है।