बेंगलुरु, एजेंसी। बेंगलुरु में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और अपने दो बच्चों की हत्या कर दी और फिर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बुधवार (2 अगस्त) को इसकी जानकारी दी। 31 साल के वीरार्जुन विजय मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे और बेंगलुरु में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते थे। वीरार्जुन की शादी 29 साल की हेमवती से हुई थी। दंपत्ति की 2 बेटी थी। एक डेढ़ साल की मोक्ष मेघा नयना और 8 महीने की सुनयना। सभी का शव कडुगोडी के सीगेहल्ली में स्थित अपने अपार्टमेंट में संदिग्ध हालत में मिला। तीन दिनों तक शव के पास रहा शख्स इस बीच, जांच से पता चला कि शख्स तीन दिनों तक अपनी पत्नी और बच्चों के शवों के साथ रहा था और फिर बाद में उसने आत्महत्या कर ली। कर्ज में था शख्स विजय कुछ साल पहले शेयर कारोबार में उतरा था, जहां उसे भारी रूप से नुकसान हुआ था। उसने कर्ज लिया था और शेयरों में निवेश किया था। इससे वह गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति में आ गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस को यह बात उसके लैपटॉप और मोबाइल की जांच के बाद पता चली। विजय ने कर्ज वाली बात परिवार में किसी से भी शेयर नहीं की थी। हालांकि, हेमवती जानती थी कि वह शेयर व्यवसाय में है और अपने पति को शेयरों में निवेश न करने के लिए कहती थी। इसको लेकर दोनों के बीच लड़ाई भी हुई थी। पत्नी–बच्चों को उतारा मौत के घाट वीरार्जुन, पारिवारिक और आर्थिक नुकसान का दबाव सह नहीं सका और इसलिए उसने अपनी पत्नी, बच्चों को मारकर अपना जीवन समाप्त करने का फैसला किया। एफएसएल रिपोर्ट से पता चला है कि सबसे पहले हेमावती की मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार, विजय ने 31 जुलाई को अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। अगले दिन, उसने अपनी दो बेटियों की हाथ के तौलिये से गला घोंटकर हत्या कर दी। उन्हें मारने के बाद, वीराजुना तीन दिनों तक शवों के साथ रहा और 2 अगस्त को छत के पंखे से लटक गया। हेमवती और बच्चों के शव फर्श पर पाए गए। वहीं, पत्नी का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। मृतक दंपत्ति के मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।
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एक या दो नहीं बल्कि 180 अपराधों में जेल की सजा से छुट्टी
नई दिल्ली: लोकसभा में पास हो चुके जन विश्वास बिल को राज्यसभा में भी मंजूरी मिल चुकी है। इस विधेयक ने कई अपराधों में जेल की सजा को खत्म कर दिया है। यह बिल 19 मंत्रालयों से जुड़े 42 कानूनों के 183 प्रावधानों को जेल की सजा से मुक्त करेगा और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रमोट करेगा। आसान शब्दों में कहे तो, यदि कोई व्यक्ति अनजाने में कोई कृत्य करता है और उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हो जाते हैं और लोगों को जेल की सजा तक होती थी, उन्हें अब अपराध नहीं माना जायेगा और उनमें मिलने वाली सजा कम या खत्म कर दी जाएगी। पहले जिन गड़बड़ी को अपराध की श्रेणी रखा गया था वो अब जुर्माने तक सीमित हो जाएंगे। बिल में साफतौर पर कहा गया कि देश के लोग सरकार और अलग-अलग संस्थानों पर भरोसा करें, यही लोकतंत्र का आधार है। इस खबर में हम आपको बताएंगे कि जन विश्वास बिल क्या है और इसके तहत किन कानूनों में अपराध के प्रावधान को हटाया गया या कम किया गया है। साथ ही, बताएंगे कि इसके पीछे क्या कारण है। जन विश्वास बिल क्या है? कई पुराने प्रावधानों में संशोधन करके उसे एक बिल के रूप में पेश किया गया है, इसे जन विश्वास बिल कहा गया है। जन विश्वास बिल का लक्ष्य है कि 19 मंत्रालयों के 42 कानूनों के 180 अपराधों को गैर-अपराधिक घोषित कर देना यानी 180 अपराधों को अब अपराध नहीं माना जाएगा। इनकी सजा में बदलाव किया जाएगा, जिसमें कई अपराधों को जुर्माने तक सीमित कर दिया जाएगा, तो कई मामलों में सजा खत्म कर दी जाएगी। किन क्षेत्रों में दिखेगा बदलाव? इस बिल के पास हो जाने से अब तक क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिलेगा, जिसमें पर्यावरण, कृषि, मीडिया, उद्योग, व्यापार, प्रकाशन और कई अन्य क्षेत्र के हैं। जन विश्वास विधेयक से Ease of doing Business और Ease of Living आसान होगी। क्या-क्या बदलाव होगा? बिल के कानून में तब्दील होने पर कई बड़े बदलाव होंगे। कई अपराधों में जेल के प्रावधान को समाप्त किया जाएगा, जैसे- इंडियन पोस्ट ऑफिस एक्ट, 1898 के तहत जो अपराध आते हैं और उन पर जो जुर्माना लगाया जाता है उसे हटाया जाएगा। शिकायत करने की व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। इसके अलावा, जुर्माना तय करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। यदि कानून का उल्लंघन होता है, तो स्थिति जांच होगी और समन जारी होंगे। किसी भी अपराध के लिए लगने वाले जुर्माने में बदलाव होगा और राशि को हर तीन साल में एक बार बढ़ाया जाएगा। जन विश्वास बिल क्यों लाया गया? इस बिल का उद्देश्य है कि भारत की व्यापार प्रणाली में सहजता आ सके। दरअसल, वर्तमान में व्यापार करने के लिए कई नियमों का पालन करना होता है। इन नियमों का उल्लंघन होने पर भारी जुर्माना लगता है और यहां तक कि कई मामलों में जेल की सजा होती है। फिलहाल, देश में 1,536 कानून हैं, जिसमें 70 हजार प्रावधान है। इनमें से अधिकतर नियम एमएसएमई सेक्टर के विकास में बाधा बनते हैं। बिल के मुताबिक, इसका मुख्य लक्ष्य, व्यवस्थाओं की उलझनों का कम करना और पुराने नियमों में वर्तमान की स्थिति के मुताबिक बदलाव करना है। बिल में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि, “सरकार देश के लोगों और विभिन्न संस्थानों पर भरोसा करें, यही लोकतांत्रिक शासन की आधारशिला है।” दरअसल, इस बिल का सीधा-सीधा लक्ष्य है कि लब्बोलुआब नियमों में कमी लाई जाए, ताकि लोगों का डर कम किया जा सके। कई लोग छोटे-छोटे अपराधों के कारण जेल की सजा और जुर्माने से डरते हैं, लेकिन इसमें बदलाव होते ही व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और व्यवसाय करने और जीवन यापन में आसानी होगी। इन कानूनों में होगा बदलाव जन विश्वास बिल के तहत 19 मंत्रालयों के 42 कानूनों के 180 अपराधों को गैर-अपराधिक घोषित कर दिया जाएगा। इसमें सार्वजनिक ऋण अधिनियम, 1944; मोटर वाहन अधिनियम, 1988; फार्मेसी अधिनियम,…
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बेंगलुरु । बेंगलुरु के एक स्कूल परिसर के अंदर 10 वर्षीय डिस्लेक्सिक लड़की से उसके प्रिंसिपल ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 65 साल के आरोपी, जो स्कूल का मालिक भी है, को घटना के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 11.30 बजे वरथुर पुलिस स्टेशन की सीमा में स्थित स्कूल की एक खाली कक्षा के अंदर हुई। पुलिस ने आरोपित प्रिंसिपल को किया गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, लड़की को उसका प्रिंसिपल फुसलाकर कक्षा में ले गया और कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। घर लौटने के बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती अपनी मां को बताई जो उसे मेडिकल जांच के लिए नजदीकी अस्पताल ले गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर, घटना के संबंध में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ने स्कूल प्रिंसिपल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।” पुलिस ने कहा कि पीड़िता की मां एक गृहिणी हैं और उनके पिता का 2020 में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया।
View More बेंगलुरु में प्रिंसिपल ने 10 साल की डिस्लेक्सिक लड़की से किया दुष्कर्मएयरलाइन कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 6.55 लाख रुपये ठगे
साइबर जालसाजों ने एक छात्रा को एयरलाइन कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 6.55 लाख रुपये ठग लिए। साइबर थाने की जांच के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएचओ डालनवाला राजेश साह ने बताया कि इस संबंध में अरुणाचल प्रदेश के तवांग की रहने वाली पेमा इटोन ने शिकायत की है। इटोन यहां करनपुर में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उसने गत जून में सोशल मीडिया पर एयरलाइन कंपनी में नौकरी का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर जब उन्होंने संपर्क किया तो कॉल उठाने वाले युवक ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया। इटोन ने बताया कि कुछ दिनों बाद उनके पास इंटरव्यू के लिए कॉल भी आई। यह इंटरव्यू ग्राउंड स्टाफ के लिए बताया गया…
View More एयरलाइन कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 6.55 लाख रुपये ठगेManipur में महिलाओं के साथ दरिंदगी मामले में कोर्ट का एक्शन, 4 आरोपियों को 11 दिन की पुलिस कस्टडी
मणिपुर में महिलाओं की नग्न परेड की घटना मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। 4 मई की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसमें राज्य में दो समुदायों के बीच अशांति के बीच मणिपुर में 2-3 महिलाओं को नग्न घुमाया जा रहा है। उनके साथ छेड़छाड़ की जा रही है और कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया जा रहा है। मोदी ने की थी निंदा इस घटना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निंदा की है और कहा है कि यह देश के लोगों के लिए शर्म की बात है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि आरोपियों से सख्ती से निपटा जाएगा और वे मौत की सजा पर भी विचार कर रहे हैं। यह वीडियो, जो बुधवार को सामने आया, कथित तौर पर 4 मई को कांगपोकपी इलाके में एक बैठक के दौरान राज्य में हुए हंगामे के एक दिन बाद शूट किया गया था। पुरुषों के एक समूह ने दो कुकी-ज़ोमी महिलाओं का यौन उत्पीड़न जारी रखा, जबकि उन्हें वीडियो में नग्न परेड कराया गया था। थौबल के मैतेई शासित घाटी क्षेत्र में हुई घटना के बाद, सीमावर्ती कांगपोकपी जिले के एक पुलिस मुख्यालय में एक आपत्ति दर्ज की गई और एक शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद मामला थौबल स्थित पुलिस मुख्यालय को भेजा गया। आरोपी का घर फूंका मणिपुर में भीड़ द्वारा दो महिलाओं को नग्न घुमाए जाने के वीडियो के दो दिन बाद, स्थानीय लोगों ने वायरल वीडियो में देखे गए कथित आरोपियों में से एक ह्यूरिम हेरादास सिंह के घर में आग लगा दी। 20 जुलाई को इंफाल में महिलाओं ने मणिपुर वायरल वीडियो मामले के एक आरोपी का घर जला दिया। मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। यह घटना पूर्वोत्तर राज्य में 3 मई को जातीय हिंसा भड़कने के एक दिन बाद कांगपोकपी जिले के एक गांव में हुई। दूसरी ओर, भयावह फुटेज बुधवार को सामने आया और इंटरनेट प्रतिबंध हटने के बाद वायरल हो गया।
View More Manipur में महिलाओं के साथ दरिंदगी मामले में कोर्ट का एक्शन, 4 आरोपियों को 11 दिन की पुलिस कस्टडीदो गुट में जोरदार झड़प, हवलदार पर भी फेंके पत्थर; सभी आरोपी फरार
नई दिल्ली पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में बृहस्पतिवार देर रात पुरानी रंजिश को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों गुटों ने एक दूसरे पर पथराव कर दिया। मौके पर पहुंचे हवलदार ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो हमलावरों ने उनपर भी पत्थर फेंके। थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा तो सभी आरोपी फरार हो गए। मौके पर पुलिस को दो लोग घायल अवस्था में मिले, जिन्हें पुलिस ने पास के अस्पताल में भर्ती कराया। मयूर विहार थाना पुलिस दंगा फसाद और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार देर पथराव होने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची टीम को बीट हवलदार अजय यादव मिले। साथ ही पुलिस को नितिन चौहान और अमित घायल अवस्था में मिले। पुलिस ने दोनों को लाल बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया। हवलदार ने बताया कि नितिन चौहान और अमित अपने दोस्तों के साथ दूसरे गुट से मारपीट कर रहे थे। दोनों गुट एक दूसरे पर ईंट पत्थर फेंक रहे थे। पुलिस दोनों पक्षों में शामिल हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
View More दो गुट में जोरदार झड़प, हवलदार पर भी फेंके पत्थर; सभी आरोपी फरारगंगोत्री-यमुनोत्री व बदरीनाथ हाईवे बंद, बारिश का रेड अलर्ट, उत्तरकाशी में कल स्कूल रहेंगे बंद
देहरादून उत्तराखंड में आज भी मौसम बिगड़ा हुआ है। प्रदेशभर में बारिश ने परेशानी खड़ी कर दी है। भूस्खलन और मलबा आने से गंगोत्री-यमुनोत्री और बदरीनाथ हाईवे बंद हो गए हैं। यमुनोत्री हाईवे पर राना चट्टी से आगे झर्झरगाड़ के पास 100 से अधिक भू-धंसाव हो गया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ में भी बंद है। जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई है। उधर, केदारनाथ हाइवे पर भी जगह जगह पत्थर गिर रहे हैं। हाईवे को खोलने का काम जारी है लेकिन बार-बार बारिश होने से मलबा हटाने में दिक्कतें आ रही हैं। वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से धरासू बैंड में पुलिस ने रोक दिया है। गंगोत्री हाईवे बंदरकोट में बंद होने के चलते पुलिस ने वाहनों को ओपन टनल से पहले रोक दिया है। उत्तरकाशी में बंद रहेंगे स्कूल आगामी दो दिन भारी बारिश के अलर्ट को को देखते हुए उत्तरकाशी में कल 12 जुलाई को कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल ओर आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। उफान पर खीरगंगा हर्षिल घाटी के धराली में खीरगंगा उफान पर है। खीरगंगा के उफान पर आने से धराली बाजार को खतरा पैदा हो गया है। वहीं, हर्षिल और गंगोत्री घाटी मे दो दिन से विद्युत आपूर्ति ठप है। फाटा में बाइक सवार की मौत रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ मार्ग पर फाटा में सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। हाईवे पर एक बाइक हादसे का शिकार हो गई। जिसमें एक यात्री की मौत हो गई। गुर्जर डेरे में घुसा पानी लैंसडोन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के अंतर्गत गुर्जर डेरे में तेली श्रोत का पानी घुस गया। वन कर्मियों में रेस्क्यू कर गुर्जरों की सुरक्षित निकाला। रेंज अधिकारी अजय ध्यानी ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं।
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चम्पावत लोहाघाट (चंपावत)। दैवी आपदा में पंचायत घर टूटने की झूठी सूचना देना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विकासखंड के ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश सिंह बिष्ट ने पंचेश्वर कोतवाली में सौंपी तहरीर में बताया कि जोगा सिंह ने बारिश के दौरान मजपीपल गांव में पंचायत घर टूटने की आपदा कंट्रोल रूम लोहाघाट में झूठी सूचना दी थी। लोगों की शिकायत पर जांच करने पर पंचायत घर सुरक्षित मिला। पंचेश्वर कोतवाल इंद्रजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी जोगा सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 177 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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फरीदाबाद। अदालत ने मंगलवार को हत्या मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी ने नौकरी से निकाले जाने पर मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाटा हार्डवेयर रोड स्थित टाटा स्टील्स प्रोसेसिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के फाइनेंस अधिकारी देवेंद्र नागपाल ने 9 नवंबर 2018 को मुजेसर थाने में दी शिकायत में बताया था कि इलाहाबाद निवासी विश्वास पांडेय, कंपनी में एग्जीक्यूटिव लाॅजिस्टिक के पद पर कार्यरत था। कंपनी में अर्दिम पाल सीनियर मैनेजर का पद संभाल रहे थे। विश्वास पांडेय काम के प्रति बेहद लापरवाह था और व्यवहार भी अच्छा नहीं था। प्रबंधन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीनियर मैनेजर अर्दिम पाल ने विश्वास के खिलाफ अपनी रिपोर्ट प्रबंधन को भेजी थी। विभागीय जांच में विश्वास पांडेय का आचरण ठीक नहीं पाए जाने पर कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया। नौ नवंबर 2018 को सीनियर मैनेजर अर्दिम पाल काॅफ्रेंस हाल के सामने गैलरी में फोन पर बात कर रहे थे, तभी विश्वास पांडेय ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि अर्दिम पाल के कारण ही उसकी नौकरी चली गई। इसी रंजिश में आरोपी ने उनकी जान ले ली। नागपाल की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को सत्र न्यायाधीश यशवीर सिंह राठौर की अदालत ने आरोपी विश्वास पांडे को उम्र कैद की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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सहारनपुर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। बताया गया कि रामपुर मनिहारान में चुनहेटी गांव के पास अंबाला देहरादून हाईवे पर एक कार में आग लग गई। आग लगने से कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और शवों को बाहर निकाला जा रहा है। जिंदा जल गए चार लोग बताया गया कि रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चुनहेटी गांव के पास अंबाला–देहरादून हाईवे स्थित बाईपास पर हुए सड़क हादसे में कार सवार चार लोग जिंदा जल गए। पुलिस के अनुसार, कार सवार चारों लोगों के शव निकाले जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, कार सवार चार लोग हाईवे से गुजर रहे थे। एक वाहन को ओवरटेक करने के दौरान पीछे से ट्रक ने कार में टक्कर मार दी। कार डिवाइडर से जा टकराई और उसमें तुरंत आग लग गई। भीषण आग लगने से कार सवार चारों लोग जिंदा जल गए। फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग पर काबू पाया गया। इसके बाद शवों को बाहर निकाला जा रहा है।
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