Author: News Editor

  • 80 ‘बुजुर्ग’ पेड़ों को मिली पहली पेंशन, प्राण वायु देवता योजना के तहत मालिकों को दी गई राशि

    80 ‘बुजुर्ग’ पेड़ों को मिली पहली पेंशन, प्राण वायु देवता योजना के तहत मालिकों को दी गई राशि

    80 ‘बुजुर्ग’ पेड़ों को मिली पहली पेंशन, प्राण वायु देवता योजना के तहत मालिकों को दी गई राशि

    पेड़ों की देखभाल के लिए 2750 रुपये उनके मालिकों को सौंपा गया है। हरियाणा में हेरिटेज पेड़ों की यह पहली पेंशन राशि है। यह पेंशन प्रत्येक साल दी जाएगी। पचहत्तर साल से ज्यादा की उम्र वाले गुरुग्राम के 80 हेरिटेज पेड़ों को प्रदेश सरकार पेंशन राशि का भुगतान कर दिया। पेड़ों की देखभाल के लिए 2750 रुपये उनके मालिकों को सौंपा गया है। हरियाणा में हेरिटेज पेड़ों की यह पहली पेंशन राशि है। यह पेंशन प्रत्येक साल दी जाएगी। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2021 में प्राण वायु देवता पेंशन योजना की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत साल 2021 में गुरुग्राम में 75 पेड़ों का चयन किया गया था। पेड़ों को संरक्षण देने के लिए 2500 रुपये सालाना पेंशन का प्रावधान थी। घोषणा के दो साल बाद 26 अक्तूबर 2023 को सरकार ने पेंशन जारी किया है। योजना के तहत गुरुग्राम में चिह्नित किए गए पेड़ों की उम्र 75 वर्ष से अधिक है। माना जा रहा है कि इससे पेड़ों की कटाई पर रोक लगेगी। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। बढ़ाए गए 250 रुपये : सरकार ने घोषणा की थी कि प्रत्येक हेरिटेज पेड़ की देखभाल के लिए 2500 रुपये बतौर पेंशन के रूप दिए जाएंगे, हालांकि यह राशि घोषणा के दो साल बाद पहली बार जारी की गई है। इसके साथ ही राशि को 250 रुपये का इजाफा करके इसे 2750 रुपये कर दिया गया है। वहीं, संरक्षित पेड़ों की संख्या भी 75 से बढ़ाकर 80 कर दी गई है। यह योजना पेड़ों के जीवन काल तक लागू रहेगी। चयनित पेड़ों में 90 फीसदी पीपल : चयन किए गए पेड़ों में 90 प्रतिशत पेड़ पीपल के हैं। पर्यावरण विशेषज्ञ बताते हैं कि पीपल के वृक्षों से ऑक्सीजन ज्यादा निकलती है। इसके साथ ही चौड़ी पत्ती हाेने के कारण प्रदूषण बढ़ाने वाले कण इन पत्तियों पर आकर चिपक जाते हैं। यही कारण है कि ऐसे पेड़ों के संरक्षण की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। पेंशन पाने के लिए नियम: योजना के तहत यदि किसी व्यक्ति के घर या स्वयं की जमीन पर 75 वर्ष से या उससे ज्यादा की उम्र का पेड़ है तो वो अपने संबंधित जिले के वन विभाग कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। पेड़ों की परिधि और विभाग द्वारा निर्धारित अन्य मानदंडों के आधार पर पेड़ों की उम्र की पहचान की है। इन पेड़ों का ठीक ढंग से रखरखाव सुनिश्चित करने, पोषक तत्व प्रदान करने और इन वृक्षों को उचित आकार में रखने के लिए पंचायतों और मंदिर ट्रस्टों को जिम्मा सौंपा गया है। इसके तहत पेंशन का भुगतान भी किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत केवल स्वस्थ पेड़ों को ही शामिल किया गया है।

     

     

  • 30 मिनट तक लिफ्ट में फंसा रहा शख्स, मचाता रहा शोर; अलार्म बजाने के बाद भी नहीं मिली मदद

    30 मिनट तक लिफ्ट में फंसा रहा शख्स, मचाता रहा शोर; अलार्म बजाने के बाद भी नहीं मिली मदद

    30 मिनट तक लिफ्ट में फंसा रहा शख्स, मचाता रहा शोर; अलार्म बजाने के बाद भी नहीं मिली मदद

    ग्रेनो वेस्ट की ला पैलेसिया सोसाइटी में बुधवार सुबह टावर डी की लिफ्ट में करीब 30 मिनट तक निवासी फंसा रहा। आरोप है कि अलार्म बजाने और शोर मचाने के बाद भी मेंटेनेंस की टीम से मदद नहीं मिली। ग्रेनो वेस्ट की ला पैलेसिया सोसाइटी में बुधवार सुबह टावर डी की लिफ्ट में करीब 30 मिनट तक निवासी फंसा रहा। आरोप है कि अलार्म बजाने और शोर मचाने के बाद भी मेंटेनेंस की टीम से मदद नहीं मिली। जानकारी होने के बाद निवासियों ने मेंटेनेंस कर्मचारियों को बुलाया। उसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया। घटना के बाद से सोसाइटी के निवासियों में रोष है। लोगों ने बिल्डर के खिलाफ रखरखाव में लापरवाही करने का आरोप लगाया है। पीड़ित अमित पांडेय टावर डी के 10वें फ्लोर पर रहते हैं। बुधवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे वह नौकरी पर जाने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि जब वह नीचे की तरफ जाने लगे तो अचानक झटका लगने के साथ ही लिफ्ट रुक गई। लिफ्ट 9वें और 10वें फ्लोर के बीच में रुकी। कुछ देर इंतजार करने के बाद उन्होंने अलार्म बटन दबाया। आरोप है कि कई बार अलार्म बजाने के बाद भी मदद नहीं मिली। टावर में सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। काफी शोर मचाने के बाद भी कोई मदद के लिए नहीं आया। शोर सुनकर सुनकर उनकी पत्नी मौके पर पहुंची और तुरंत अन्य निवासियों को सूचना देकर मदद मांगी। उसके बाद मेंटेनेंस टीम के सदस्यों को मौके पर बुलाकर लिफ्ट का दरवाजा खुलवाया गया। करीब 30 मिनट बाद लिफ्ट से बाहर आकर अमित ने राहत की सांस ली। निवासियों का कहना है कि दो दिन पहले ही लिफ्ट की सर्विस हुई थी। उसके बाद भी लिफ्ट फंस गई। इससे पहले भी लिफ्ट के फंसने की घटनाएं हो चुकी हैं।

  • थैलेसीमिया के मरीजों को बड़ी राहत, 45 की जगह आठ मिनट में पता चल रहा दिल में कितना आयरन

    थैलेसीमिया के मरीजों को बड़ी राहत, 45 की जगह आठ मिनट में पता चल रहा दिल में कितना आयरन

    थैलेसीमिया के मरीजों को बड़ी राहत, 45 की जगह आठ मिनट में पता चल रहा दिल में कितना आयरन

    थैलेसीमिया के मरीजों को हमेशा खून चढ़ाने की जरूरत होती है। इस दौरान आयरन की अधिकता हो जाती है, जो दिल के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में जमा हो जाती है। इसका पता लगाने के लिए पहले हृदय की सामान्य एमआरआइ होती थी जिसमें पहले करीब 45 मिनट समय लगता था। थैलेसीमिया के मरीजों के दिल में जमा होने वाले आयरन का पता महज आठ मिनट में चल जाता है। एम्स ने इसकी जांच के लिए रैपिड एमआरआई तकनीक की शुरूआत की है। एम्स में हर दिन इस तकनीक की मदद से करीब 50 मरीजों की जांच होती है। दरअसल थैलेसीमिया के मरीजों को हमेशा खून चढ़ाने की जरूरत होती है। इस दौरान आयरन की अधिकता हो जाती है, जो दिल के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में जमा हो जाती है। इसका पता लगाने के लिए पहले हृदय की सामान्य एमआरआइ होती थी जिसमें करीब 45 मिनट समय लगता था। इसे देखते हुए एम्स दिल्ली ने सिर्फ आठ मिनट के समय में दिल की जांच करने वाली रैपिड एमआरआई तकनीक को शुरू किया। इसकी मदद से सटीक जानकारी मिल रही है। यूके में इस तकनीक ने थैलेसीमिया से मौत के 80 फीसदी मामले कम किए। बुधवार को एम्स में प्रेस वार्ता के दौरान कार्डियोवैस्कुलर रेडियोलाजी की विभागाध्यक्ष डा. प्रिया जागिया ने कहा कि इस तकनीक को अपनाकर यूनाइटेड किंगडम (यूके) थैलेसीमिया मरीजों की मौतें 80 प्रतिशत कम करने में कामयाब रहा है। इस वजह से यूके में थैलेसीमिया मरीजों की औसत उम्र 40 वर्ष होती है जबकि भारत में थैलेसीमिया मरीजों की औसत उम्र 25 वर्ष होती है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया और स्किल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों को बार-बार खून चढ़ाए जाने से शरीर में आयरल लोड बढ़ जाता है, जो लिवर, हृदय व पैंक्रियाज सहित अन्य अंगों पर प्रभाव डालता है। ऐसे में देखा गया है कि थैलेसीमिया के 50 से 70 फीसदी मरीजों का हृदय खराब होने या हृदय में आयरन जमा होने से मौत हो जाती है। इससे बचाव के लिए मरीजों के शरीर से आयरन लोड को कम करना होता है। नई एमआरआई तकनीक सिर्फ आठ मिनट में जांच कर नतीजे बता देगी।

  • ईडी के सामने पेश नहीं हुए सीएम केजरीवाल, बोले- नोटिस अवैध और राजनीतिक; ये मुझे रोकने की कोशिश

    ईडी के सामने पेश नहीं हुए सीएम केजरीवाल, बोले- नोटिस अवैध और राजनीतिक; ये मुझे रोकने की कोशिश

    ईडी के सामने पेश नहीं हुए सीएम केजरीवाल, बोले- नोटिस अवैध और राजनीतिक; ये मुझे रोकने की कोशिश

    दिल्ली के कथित शराब घोटाला से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने ईडी के समन पर कहा कि ये नोटिस अवैध और राजनीति से प्रेरित है। फिलहाल, केजरीवाल मध्य प्रदेश में पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे हैं। दिल्ली के कथित शराब घोटाला से जुड़े धन शोधन मामले में बीते दिनों प्रवर्तन निदेशालय की ओर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी किया गया। जिसके बाद उन्हें आज दो नवंबर को ईडी कार्यालय में पेश होना था। लेकिन धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए सीएम नहीं पहुंचे। बयान के बाद मुख्यमंत्री पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार के लिए मध्य प्रदेश पहुंचे हैं। उन्होंने समन को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताया है। आज पेश नहीं हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय को जवाब दिया है। सीएम केजरीवाल ने कहा कि समन का नोटिस अवैध और राजनीति से प्रेरित है। नोटिस भाजपा के इशारे पर भेजा गया है। नोटिस यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है कि मैं चार राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए न जा सकूं। ईडी को तुरंत नोटिस वापस लेना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि आप का राष्ट्रीय संयोजक और एक स्टार प्रचारक होने के नाते मुझे चुनाव प्रचार के लिए यात्रा करनी पड़ती है और आप के अपने क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को राजनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना पड़ता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में, मैं शासन और आधिकारिक प्रतिबद्धताएं हैं, जिनके लिए मेरी उपस्थिति आवश्यक है। विधानसभा चुवान के प्रचार में व्यस्त हैं मुख्यमंत्री जानकारी के लिए बता दें कि अभी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियां प्रचार में जुटी हैं। इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे हैं। आज ही उन्हें ईडी कार्यालय में पेश होना था। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ में रहेंगे। इसके अलावा 5 नवंबर को हरियाणा में सीएम का कार्यक्रम है। ऐसे में व्यस्त कार्यक्रम की वजह के सीएम ईडी के सामने पेश नहीं हो सकते हैं। क्या ईडी की चार्जशीट में है अरविंद केजरीवाल का नाम
    दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही ईडी ने अपनी चार्जशीट में कई बार अरविंद केजरीवाल के नाम का जिक्र किया है। ईडी ने दावा किया कि आबकारी नीति आप के शीर्ष नेताओं द्वारा बनाई गई थी, ताकि लगातार अवैध धन कमा कर खुद तक पहुंचाया जा सके।

  • स्क्रैप सेंटर पर 25 तो बाहर 40 हजार में बिक रही मियाद खत्म हुई कार

    स्क्रैप सेंटर पर 25 तो बाहर 40 हजार में बिक रही मियाद खत्म हुई कार

    स्क्रैप सेंटर पर 25 तो बाहर 40 हजार में बिक रही मियाद खत्म हुई कार

    गाजियाबाद। मोरटा में सरकार द्वारा स्वीकृत सरल ऑटो स्क्रैपिंग सेंटर पर पुरानी कार 25 हजार में बिक रही है। जबकि बाहर कबाड़ी उसको 40 हजार से भी ज्यादा कीमत में खरीदने को तैयार हैं। यही वजह कि सेंटर के अप्रैल में शुरू होने के बावजूद अभी तक यहां मियाद खत्म हुए केवल 350 वाहनों को ही स्क्रैप कराया गया है। इसमें 200 वाहन सरकारी विभागों के हैं। शेष 150 वाहनों में भी बाइकों की संख्या 100 से ज्यादा है। जबकि, हाल ही में एआरटीओ कार्यालय ने 10 व 15 साल पुराने 1.52 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द किया है। आने वाले मार्च तक 90 हजार से ज्यादा वाहनों का पंजीकरण मियाद खत्म होने की वजह से रद्द करने की परिवहन विभाग की तैयारी है। राजनगर एक्सटेंशन निवासी राहुल शर्मा की पेट्रोल चलित कार की मियाद इसी माह खत्म हो रही है। उन्होंने बताया कि उनकी कार बाहर 40 से 45 में बिक रही है, उसी कार के स्क्रैप सेंटर पर 22 हजार कीमत मिल रही है। बाइक को बेचने के लिए स्क्रैप सेंटर पर संपर्क करने पहुंचे मोदीनगर के बिसोखर के मनीष चौधरी ने बताया कि उनकी बाइक सही चल रही है, लेकिन उसके 15 साल पूरे हो चुके हैं। स्क्रैप सेंटर पर उनको तीन हजार रुपये मिल रहे हैं जबकि, बाहर उसकी कीमत 8-10 हजार मिल रही है। मोरटा स्थित स्क्रैप सेंटर के संचालक सर्फूददीन उर्फ सैफ ने बताया कि अभी 350 वाहनों को ही स्क्रैप कराया गया है। स्क्रैप सेंटर के संचालक ने बताया कि वह वाहन को 22-25 रुपये किलो के हिसाब से खरीदते हैं। इसके बाद उस वाहन से लोहा, प्लास्टिक, शीशा, कॉपर, टायर, रिम आदि पुर्जे व अन्य सामान अलग अलग करके कंपनियों को बेचा जाता है। मिलता है प्रमाणपत्र एआरटीओ ने बताया कि वाहन स्वामियों को अपना वाहन स्वीकृत स्क्रैप सेंटर पर ही बेचना चाहिए। इसका एक प्रमाणपत्र भी मिलता है। जिसका नया वाहन खरीदने पर टैक्स में कुछ प्रतिशत छूट भी मिलती है। आने वाले समय में भी उस प्रमाणपत्र के कई लाभ होने वाले हैं। बाहर बेचे गए वाहन का कोई रिकॉर्ड नहीं रहता। जिससे वाहन स्वामी को बाद में काफी परेशानी भी हो सकती है। सरकारी विभागों में संचालित हैं पांच हजार से ज्यादा वाहन नगर निगम, पुलिस-प्रशासन, वन, स्वास्थ्य, परिवहन समेत तमाम विभागों में पांच हजार से ज्यादा वाहन पंजीकरण रद्द होने के बाद भी संचालित हो रहे हैं। इसको लेकर डीएम की अध्यक्षता में 30 अक्तूबर को बैठक भी हो चुकी है। इसमें विभागीय अधिकारियों को वाहनों की सूची उपलब्ध कराने के साथ ही मियाद खत्म हुए वाहनों को स्वीकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप कराने के आदेश दिए गए थे। एआरटीओ कार्यालय से भी इन वाहनों की सूची मांगी गई है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने अभी तक अपने यहां संचालित वाहनाें की सूची एआरटीओ कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है। और स्क्रैप सेंटर खोले जाएंगे एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में अभी केवल एक स्क्रैप सेंटर है। दो से तीन स्क्रैप सेंटर और खोले जाने की विभाग की योजना है। इसके लिए आवेदन भी मांगे गए हैं। मानक पूरे करने वाली फर्म को स्क्रैप सेंटर संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।

  • मांस कारोबारी की फैक्टरी पर दूसरे दिन भी जारी रहा आयकर का छापा

    मांस कारोबारी की फैक्टरी पर दूसरे दिन भी जारी रहा आयकर का छापा

    मांस कारोबारी की फैक्टरी पर दूसरे दिन भी जारी रहा आयकर का छापा

    गाज़ियाबाद। मसूरी में मांस कारोबारी हाजी यासीन कुरैशी की इंटरनेशनल एग्रो फूड फैक्टरी पर दूसरे दिन देर शाम तक आयकर का छापा जारी रहा। फैक्टरी के अंदर आयकर विभाग के अधिकारी आय-व्यय के दस्तावेज खंगालते रहे। बाहर पुलिस का पहरा रहा। यासीन कुरैशी के मुंबई स्थित कार्यालय में सर्च के बाद टीम लौटकर मसूरी स्थित फैक्टरी पहुंच गई है। यासीन कुरैशी मीट के बड़े कारोबारी है। अधिकारियों का कहना है कि सर्च के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। प्रधान आयकर आयुक्त कानपुर शिशिर झा और मुख्य आयकर आयुक्त गाजियाबाद डाॅ. शुचिस्मता पलई के निर्देशन में मंगलवार दोपहर 12 बजे इंटरनेशनल एग्रो फूड फैक्टरी और मुबंई स्थित फैक्टरी के कार्यालय पर छापा मारा गया है। दोनों जगहों पर इनकम टैक्स विभाग के 50 अधिकारी लगाए गए हैं। बुधवार को फैक्टरी के गेट नंबर दो पर पुलिस के जावन मुस्तैद रहे। बुधवार को फैक्टरी में हाजी यासीन के बेटे हाजी जावेद कुरैशी और परवेज कुरैशी पहुंचे। फैक्टरी के जीएम आरिफ कुरैशी से पूछताछ चल रही है। 10 साल के फैक्टरी से आय-व्यय से संबंधित दस्तावेज चेक किए जा रहे हैं। अकाउंट आफिस में नो एंट्री फैक्टरी के अंदर अकाउंट ऑफिस में किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। फैक्टरी के जीएम के साथ व एकाउंट अफसरों के साथ आयकर की टीम पूछताछ कर रही है। फैक्टरी के कर्मचारियों और स्टाफ को दूसरे गेट से आने जाने दिया जा रहा है। हालांकि, स्लाटर हाउस बंद कर दिया गया है।

  • आवेदकों की संख्या बढ़ी, एक हजार बढ़ाई पासपोर्ट की संख्या; अब रोजाना बनाए जा रहे ढाई हजार

    आवेदकों की संख्या बढ़ी, एक हजार बढ़ाई पासपोर्ट की संख्या; अब रोजाना बनाए जा रहे ढाई हजार

    आवेदकों की संख्या बढ़ी, एक हजार बढ़ाई पासपोर्ट की संख्या; अब रोजाना बनाए जा रहे ढाई हजार

    पिछले तीन साल से पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से गाजियाबाद रीजन के 13 जिलों में रोजाना दिए जाने वाले अप्वाइंटमेंट की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले 950 अप्वाइंट दिए जा रहे थे अब धीरे-धीरे बढ़ाकर इनकी संख्या 1450 कर दी गई है। पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों की संख्या बढ़ गई है। इसकी वजह से अब विभाग ने रोजाना पासपोर्ट प्रिंट करने की संख्या भी बढ़ा दी है। अब रोजाना एक हजार पासपोर्ट ज्यादा प्रिंट किए जा रहे हैं। गाजियाबाद रीजन में पूर्व में 1500 पासपोर्ट प्रतिदिन प्रिंट कर डिलीवर किए जा रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 2500 कर दी गई है। पिछले तीन साल से पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से गाजियाबाद रीजन के 13 जिलों में रोजाना दिए जाने वाले अप्वाइंटमेंट की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले 950 अप्वाइंट दिए जा रहे थे अब धीरे-धीरे बढ़ाकर इनकी संख्या 1450 कर दी गई है। इनके अलावा कुछ लोग बिना अप्वाइंटमेंट के भी पहुंच रहे हैं। ऐसे में आवेदन ज्यादा होने की वजह से अब पासपोर्ट विभाग के अधिकारियों को इनकी प्रिंटिंग की रफ्तार भी बढ़ानी पड़ी, ताकि पासपोर्ट आवेदन लंबित न हो। नवीनीकरण के आवेदनों की भी बढ़ी संख्या पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों में करीब 30 से 35 फीसदी प्रकरण नवीनीकरण के हैं। जैसे-जैसे गाजियाबाद रीजन के 13 जिलों में पासपोर्ट धारकों की संख्या बढ़ रही है, वैसे ही नवीनीकरण के प्रकरणों की संख्या भी बढ़ रही है। इसकी वजह से यहां आवेदनों की संख्या में ज्यादा इजाफा हो रहा है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने की रफ्तार भी हुई तेज करीब एक साल पहले तक पासपोर्ट के लिए पुलिस जांच रिपोर्ट आने में करीब दो से तीन महीने लग जाते थे। इसकी वजह से पासपोर्ट जारी करने में देरी हो रही थी। पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि करीब एक साल में रीजन में शामिल सभी 13 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दो बार पत्र भेजकर पुलिस जांच की रिपोर्ट 15 दिन में भेजने के लिए कहा गया था। इसके बाद से अब पासपोर्ट आवेदक का पुलिस वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट 15 दिन में पासपोर्ट कार्यालय पहुंच रही है। पूर्व में रोजाना 1500 पासपोर्ट प्रिंट कर डिस्पैच किए जा रहे थे, अब आवेदनों की संख्या बढ़ जाने के कारण प्रिंटिंग भी बढ़ा दी गई है। अब प्रतिदिन 2500 पासपोर्ट प्रिंट किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को समय पर उनका पासपोर्ट मिल सके। लंबित प्रकरणों को भी तेजी से निपटाया जा रहा है। – प्रेम सिंह, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी

  • महिला संग किराये पर रह रहा था युवक… अब मिला शव, प्रेमिका के पति पर लगा आरोप

    महिला संग किराये पर रह रहा था युवक… अब मिला शव, प्रेमिका के पति पर लगा आरोप

    महिला संग किराये पर रह रहा था युवक… अब मिला शव, प्रेमिका के पति पर लगा आरोप

    मृतक की शिनाख्त गौतमबुद्ध नगर निवासी अनिल राठौर (35) के रूप में की है। मृतक के चेहरे पर कई चोट के निशान हैं। आशंका जताई जा रही है कि रंजिश में झगड़े के बाद युवक की हत्या की गई। गाजियाबाद के लोनी कोतवाली क्षेत्र के सिखरानी गांव गेट के पास एक खाली प्लॉट में बुधवार सुबह एक युवक का शव पुलिस को मिला। पुलिस ने मृतक की शिनाख्त गौतमबुद्ध नगर निवासी अनिल राठौर (35) के रूप में की है। मृतक के चेहरे पर कई चोट के निशान हैं। पुलिस को अंदेशा है कि रंजिश में झगड़े के बाद युवक की हत्या की गई। अनिल की मां ने प्रेमिका के पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। गौतमबुद्ध नगर में अनिल राठौर (35) रहते थे। वह मोहन नगर स्थित पानी सप्लाई की एक फैक्टरी में काम करते थे। पुलिस के अनुसार अनिल की 2013 में शादी हुई थी। एक साल बाद अनिल पत्नी से अलग हो गए थे। इसके बाद उनका गौतमबुद्ध नगर निवासी चार बच्चों की मां से संबंध हो गया था। कुछ समय पूर्व अनिल महिला और बच्चों को लेकर गाजियाबाद में किराये पर रहने लगा था। महिला का पति कुछ दिनों पूर्व महिला और बच्चों को अपने साथ ले गया था। अनिल की मां ने बताया कि मंगलवार शाम उन्होंने अनिल को कॉल की तो उसने खुद को परी चौक पर होना बताया। अनिल ने कुछ देर में घर पहुंचने की बात कही। इसके बाद अनिल देर रात तक घर नहीं पहुंचा। बुधवार सुबह उनका शव लोनी की बंथला चौकी क्षेत्र स्थित सिखरानी गेट के करीब 100 मीटर अंदर एक खाली प्लॉट में पड़ा मिला। एसीपी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ में पता लगा कि देर रात कुछ लोग यहां बैठकर शराब पी रहे थे। इस दौरान उनके बीच झगड़ा हुआ था। अंदेशा है कि झगड़े के दौरान हत्यारोपियों ने भारी वस्तु से प्रहार कर अनिल राठौर की हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस ने अनिल की मां की तहरीर पर सोनू निवासी गौतमबुद्धनगर और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। सोसाइटी के पास मिला शव, हत्या की आशंका सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मिग्सन सोसाइटी के पास युवक की हत्या कर शव फेंक दिया गया। उसकी शिनाख्त मूलरूप से हरदोई निवासी आलोक सिंह (38) के रूप में हुई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि आलोक 29 अक्तूबर से लापता थे। पुलिस फिलहाल गला दबाकर हत्या की आशंका जता रही है। रजपुर साइट- बी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी में नौकरी करने वाले आलोक देवला गांव में सपरिवार के साथ रहते थे। 29 अक्तूबर को घर से निकले थे। वापस नहीं आने पर परिजनों ने 30 अक्तूबर को सूरजपुर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मंगलवार दोपहर उनका शव मिग्सन सोसाइटी के समीप मिला। उनके गले पर निशान बने हुए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच कर रही है। पुलिस हर एंगल से घटना की जांच कर रही है।

  • मण्डी परिसर स्थित धान क्रय केन्द्र का डीएम ने किया निरीक्षण

    मण्डी परिसर स्थित धान क्रय केन्द्र का डीएम ने किया निरीक्षण

    मण्डी परिसर स्थित धान क्रय केन्द्र का डीएम ने किया निरीक्षण

    बहराइच। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अन्तर्गत मूल्य समर्थन योजना के तहत 01 नवम्बर 2023 से प्रारम्भ होने वाली धान खरीद जिलाधिकारी मोनिका रानी ने शुभारम्भ किया। डीएम ने कृषि उत्पादन मण्डी समिति परिसर सलारपुर पहुंचकर विधिवत् पूजा-अर्चना के उपरान्त फीता काटकर क्रय एजेन्सी खाद्य एवं रसद विभाग के धान क्रय केन्द्र का उदघाटन करते हुए विकास खण्ड चित्तौरा के ग्राम पंचायत जोहरा से आये कृषक हेमन्त वर्मा व कमोलिया निवासी कृषक मंशाराम का स्वागत कर अपने सम्मुख उनके उपज की तौल करायी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजीव कुमार सिंह, सचिव मण्डी समिति बहराइच धनन्जय सिंह, केन्द्र प्रभारी देवेन द्विवेदी व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
    इस अवसर पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी केन्द्र पर किसानों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। शासन की मंशानुरूप किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें। आवश्यकतानुसार क्रय केन्द्रों पर संसाधनों की बढ़ोत्तरी भी की जाय ताकि किसानों के उपज की आसानी के साथ खरीदा जा सके। डीएम मोानिका रानी ने किसानों से अपील की है कि अपनी उपज धान को सूखा कर क्रय केन्द्र पर लाये तथा बिक्री हेतु शासन द्वारा निर्धारित पोर्टल एफसीएस डाट यूपी डाट जीओवी डाट इन पर अपना पंजीकरण अवश्य करा लें ताकि तहसीलों द्वारा समय से सत्यापन की कार्यवाही की जा सके। डीएम ने बताया कि शासन की मंशानुरूप जनपद में धान की खरीद सुनिश्चित कराने के लिए सभी क्रय केन्द्रों के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किये गये हैं।

  • जिले में यातायात माह का डीएम व एसपी ने किया शुभारम्भ

    जिले में यातायात माह का डीएम व एसपी ने किया शुभारम्भ

    जिले में यातायात माह का डीएम व एसपी ने किया शुभारम्भ

    बहराइच। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों व गम्भीर रूप से घायल लोगों की संख्या में कमी लाये जाने, यातायात नियमों के पालन के साथ वाहनों का संचालन तथा वाहन का संचालन करते समय शत-प्रतिशत हेमलेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करने के प्रति आमजन में जनजागरूकता पैदा करने के उद्देश्य 01 से 30 नवम्बर 2023 तक आयोजित होने वाले यातायात माह के शुभारम्भ अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर से मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मोनिका रानी ने पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा व मुख्य विकास अधिकारी रम्या आर. ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर राजीव सिसोदिया, ए.आर.टी.ओ. राजीव कुमार व ओ.पी. सिंह, ए.आर.एम. प्रेम प्रकाश, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजीव कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी सुधांशु सिंह व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने यातायात जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने वाले सभी स्टेक होल्डर्स को बधाई देते हुए कहा कि यातायात नियमों के पालन के लिए मात्र जिला प्रशासन का सहयोग काफी नहीं होगा। डीएम ने कहा कि इसके लिए लोगों की सोच में परिवर्तन लाये जाने की आवश्यकता है जिसके लिए समाज के सभी वर्गों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों, अधिवक्ता, शिक्षकों व व्यापारिक प्रतिनिधियों को आगे आना होगा। डीएम ने कहा कि सभी माता-पिता व परिवार के बड़े बुज़ुगों का कर्तव्य है कि बच्चों को अच्छे संस्कार के साथ-साथ यातायात नियमों का पालन करने की सीख दें। उन्होंने कहा कि प्रायः मार्ग दुर्घटनाओं में घायल या मरने वाले व्यक्तियों में अधिकतर संख्या युवाओं की होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में तमाम तरह के सुधारात्मक उपाय किये जा रहें हैं। व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को सुरक्षित ड्राईव करने तथा यातायात नियमों का पालन करने के प्रेरित भी किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि मा. सर्वोच्च न्यायालय भी सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित इलाज मुहैया कराये जाने के प्रति गम्भीर है। इस बात के दृष्टिगत मा. न्यायालय द्वारा नेक आदमी के सम्बन्ध में दिशा निर्देश जारी किये गये हैं जिसका उल्लेख सभी चिकित्सालयों में प्रमुखता के साथ किया गया। नेक आदमी के सम्बन्ध में जारी निर्देशों के कारण अब लोगों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने में तनिक भी संकोच नहीं करना चाहिए।
    पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने के प्रति कटिबद्ध है। इसके लिए यातायात नियमों में तमाम तरह के बदलाव किये गये हैं। श्री वर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों को यातायात नियमों की जानकारी हो जाये और लोग स्वयं से यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मार्ग दुर्घटनाओं में मृत्यु व गम्भीर रूप से घायल होने के पीछे का मुख्य कारण लोगों का सीट बेल्ट व हेलमेट का प्रयोग न करना है। उन्होंने जिले के सभी जिम्मेदार नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों व वरिष्ठ नागरिकों का आहवान किया कि लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें।