Author: cwsadmin

  • अगर आप दिल्ली के निवासी हैं तो आपके जानने और समझने योग्य, अति आवश्यक बात

    अगर आप दिल्ली के निवासी हैं तो आपके जानने और समझने योग्य, अति आवश्यक बात

    *दिल्ली परिवहन विभाग और सरकार द्वारा आज से दिल्ली में प्रदुषण अलर्ट,* नए नियम लागू, रहें बच कर।

    दिल्ली से मानसून की बिदाई हो चुकी है और अब आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग द्वारा दिल्ली की जनता पर नकेल कसने वाला समय आ गया है।

    दिल्ली जो ग्रीन सिटी के अवार्ड से सम्मानित थी उस दिल्ली में जिस दिन से आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार बनाई उसी दिन से दिल्ली को ग्रीन सिटी की जगह प्रदुषण के चैंबर नाम देकर दिल्ली की जनता को अलग अलग नियमो और पाबंदियों में बाधना शुरु कर रखा है।

    *सच क्या था, क्या है और यह सब क्या लीलाएं है यह तो दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और परिवहन विभाग के आला अधिकारी ही बेहतर जानते हैं।*

    पर आप सभी दिल्ली वासियों और भारत देश में परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को बता देना मेरा कर्तव्य है कि आज 1 अक्टूबर है और आज से दिल्ली परिवहन विभाग आपके ऊपर कई नए नियमों के तहत आने वाले चार महीनों तक कार्यवाही करने के लिए सड़को पर बाज की तरह दृष्टि गड़ाए मिलेगा, ध्यान रखें अपने वाहनों को दिल्ली की सड़को पर उतारने से पहले अपने वाहन के सभी दस्तावेजो की जांच के साथ यह अवश्य जान लेना की आपका वाहन दिल्ली में प्रवेश हेतू वर्जित तो नही किया हुआ। क्योंकि यह दिल्ली सरकार और उसका सबसे प्रिय परिवहन विभाग हैं जो सरकारी खजाने में इजाफा करवाने के लिए कुछ भी कर सकता हैं आपका वाहन जब्त कर जुर्माना वसूल कर वाहन सुपुर्द करने की जगह जबरदस्ती स्क्रैप भी करवा सकता है।

    यहां सबसे मुख्य जानने योग्य बात यह है की पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 2017 में दिल्ली के प्रति जी.आर.ए.पी. ज़ारी किया था और इसे 15 अक्टूबर से लागू करने की बात कही थी। सी.ए.क्यू.एम. के निर्देशो के तहत इसे 15 दिन पहले से भी लागू किया जा सकता है जिससे हवा में प्रदुषण बढ़ाने वाले तत्वों को रोका जा सके।

    आपकी जानकारी हेतु बता देना जरूरी है सी.ए.क्यू.एम. के अनुसार जी.आर.ए.पी. को चार श्रेणियों में लागू किया गया है,
    1. ए.क्यू.आई. का स्तर :- 201 से 300 के बीच
    2. ए.क्यू.आई. का स्तर :- 301 से 400 के बीच
    3. ए.क्यू.आई. का स्तर :- 401 से 450 के बीच
    4. ए.क्यू.आई. का स्तर :- 450 से ऊपर

    यहां आपकी जानकारी हेतु यह बताना भी अनिवार्य है और आपके लिए जानना भी की सभी स्टेज के लिए अलग अलग पाबंदियां भी घोषित हैं जिसके अंतर्गत ही दिल्ली सरकार और और उसके अंतर्गत कार्यालय जैसे परिवहन विभाग इत्यादि कार्यवाही कर सकते हैं, जाने किस स्टेज पर क्या पाबंदियां लागू हैं :-

    *स्टेज 1 पर लगती हैं ये पाबंदियां*

    कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन से निकलने वाली धूल और मलबे के प्रबंधन को लेकर निर्देश लागू होंगे.
    सड़कों पर जमी धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा.
    खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध रहेगा. ऐसा करने पर जुर्माना वसूला जाएगा.
    जहां ट्रैफिक ज्यादा होता है, वहां ट्रैफिक पुलिस की तैनाती होगी.
    पी.यू.सी. के नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा. गाड़ियां बिना पी.यू.सी. के नहीं चलने दी जाएंगी.
    एनसीआर में कम से कम बिजली कटौती होगी. डिजल जनरेटर का इस्तेमाल बिजली के लिए नहीं होगा.

    *स्टेज 2 पर लगती हैं ये पाबंदियां*

    हर दिन सड़कों की सफाई होगी. हर दूसरे दिन पानी का छिड़काव किया जाएगा.
    होटल या रेस्टोरेंट में कोयले या तंदूर का इस्तेमाल नहीं होगा.
    अस्पतालों, रेल सर्विस, मेट्रो सर्विस जैसी जगहों को छोड़कर कहीं और डिजल जनरेटर का इस्तेमाल नहीं होगा.
    लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें, इसके लिए सरकार पार्किंग फीस बढ़ाने के दिशा निर्देश जारी कर सकती है .
    इलेक्ट्रिक या सीएनजी बसें और मेट्रो सर्विस के फेरे बढ़ाए जाएंगे.

    *स्टेज 3 पर लगती हैं ये पाबंदियां*

    हर दिन सड़कों की सफाई के साथ पानी का छिड़काव होगा.
    अस्पताल, रेल सर्विस, मेट्रो सर्विस जैसी कुछ जगहों को छोड़कर पूरे दिल्ली-एनसीआर में कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन एक्टिविटी बंद रखी जाएगी.
    इंडस्ट्रियां बंद कर दी जाएंगी. मिल्क-डेरी यूनिट, दवा और मेडिसिन बनाने वाली इंडस्ट्रियों-फैक्ट्रियों को छूट रहेगी.
    दिल्ली-एनसीआर में माइनिंग बंद करवा दी जाएगी. स्टोन क्रशर और ईंट भट्टियों का काम बंद कर दिया जाएगा.
    बीएस III पेट्रोल और बीएस IV डीजल पर चलने वाली कारों को लेकर प्रतिबंध लाया जा सकता हैं.

    *स्टेज 4 पर होती हैं ये पाबंदियां*

    दिल्ली में ट्रकों की एंट्री बंद कर दी जाएगी. सिर्फ जरूरी सामान लाने-ले जाने वाले ट्रक आ सकेंगे.
    दिल्ली में रजिस्टर्ड मीडियम और हेवी गुड व्हीकल्स के चलने पर प्रतिबंध. जरूरी सामान ढोने वाले व्हीकल को छूट रहेगी.
    दिल्ली में रजिस्टर्ड डीजल पर चलने वाली कारों पर प्रतिबंध रहेगा. सिर्फ बीएस VI इंजन गाड़ियों और जरूरी सेवा में लगी गाड़ियों को छूट रहेगी.
    इंडस्ट्री और फैक्ट्रियां बंद रहेंगी. कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन एक्टिविटी पर भी रोक रहेगी. सिर्फ हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ब्रिज, पाइपलाइन बनाने का काम चलता रहेगा.
    एनसीआर में राज्य सरकार के दफ्तरों में सिर्फ 50% कर्मचारी ही आ सकेंगे. बाकी घर से काम करेंगे. केंद्र के कर्मचारियों का फैसला केंद्र सरकार करेगी.
    स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्थान और गैर-जरूरी कमर्शियल एक्टिविटी को बंद या चालू रखने पर सरकार फैसला लेगी.

    जनहित में जारी
    *संजय बाटला*

  • दिल्ली सरकार ने दिल्ली को लंदन बनाने का अपना वायदा किया पूरा

    दिल्ली सरकार ने दिल्ली को लंदन बनाने का अपना वायदा किया पूरा

    आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा सभी क्षेत्रों में अपने भाषणों में दिल्ली की जनता को जो वायदा किया था उसे पूरा कर दिखाया।

    दिल्ली को लंदन बनाने का जो उनका सपना था और दिल्ली की जनता को वायदा वह कुदरत द्वारा प्रदुषण रोकने के प्रति लगातार बारिश करने से उजागर हो गया की दिल्ली लंदन बन गईं। नीचे दिए गए लिंक द्वारा आप दिल्ली में जल विभाग के टैंकर द्वारा पेड़ पौधों को बारिश में भी पानी देना, सड़को पर सड़को की जगह नदी का आनंद पा सकते हैं।

    [embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=BufG-9sKC94[/embedyt]

    दिल्ली के अंदर कोई भी क्षेत्र ऐसा देखने को नहीं मिला जहा नदी ना बह रही हो। वह अलग बात है की उसमे बहने वाला पानी शुद्ध है या विशुद्ध।

    दिल्ली को नदियों और नालों के साथ सुरक्षित सड़के, जाम मुक्त सफर, सार्वजनिक सवारी सेवा की जगह उद्योगपतियो द्वारा संचालित सवारी सेवा, फेस फ्री कार्यशैली, पक्की सरकारी नौकरियां उपल्ब्ध करवाने के सभी वायदे पूरे कर दिखाएं।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • सवारियों से वसूल रहे थे मनमाना किराया, अब इस शहर में तीन दिनों में बंद हो जाएगी ओला-उबर की ऑटो सर्विस

    सवारियों से वसूल रहे थे मनमाना किराया, अब इस शहर में तीन दिनों में बंद हो जाएगी ओला-उबर की ऑटो सर्विस

    एजेंसी डेस्क

    केंद्र सरकार ने बेंगलुरू में उबर, ओला, रैपिडो के खिलाफ मिल रही ओवरचार्जिंग की शिकायतों के बाद इन्हें तीन दिनों में ऑटो सेवाएं बंद करने का आदेश दिया है।ऑटोरिक्शा की सवारियों से अधिक किराया वसूलने की कई शिकायतों के बाद सरकार ने यह फैसला किया है।

    परिवहन विभाग ने उबर, ओला और रैपिडो को तीन दिनों के भीतर सेवा बंद करने का आदेश दिया है।

    क्या है पूरा मामला

    ऐप आधारित एग्रीगेटर्स जैसे उबर और ओला द्वारा ऑटोरिक्शा की सवारियों से अधिक किराया वसूलने की कई शिकायतों के बाद कर्नाटक परिवहन विभाग ने शहर में ऑटोरिक्शा सेवा को रोकने के लिए बेंगलुरु में प्रमुख वाहन एग्रीगेटर्स को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने इसे एक अवैध तरीका करार दिया है।

    एएनआई टेक्नोलॉजीज को एक नोटिस जारी किया जो कि ओला, उबर और रैपिडो चलाती है। उन्हें तीन दिनों में ऑटो सेवाएं बंद करने के लिए कहा गया है। विभाग ने उन्हें अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा है।

    दरअसल कई यात्रियों ने परिवहन विभाग से शिकायत की है कि ओला और उबर एग्रीगेटर दो किलोमीटर से कम की दूरी के बावजूद कम से कम 100 रुपये चार्ज करते हैं।

    शहर में न्यूनतम ऑटो किराया पहले 2 किमी के लिए 30 रुपये और उसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 15 रुपये तय किया गया है।

    परिवहन आयुक्त के अनुसार राज्य के ऑन-डिमांड परिवहन प्रौद्योगिकी एग्रीगेटर्स नियम इन कंपनियों को ऑटो-रिक्शा सेवाएं चलाने की अनुमति नहीं देते हैं क्योंकि यह केवल टैक्सियों तक ही सीमित है।

    आयुक्त के पत्र में कहा गया है कि एग्रीगेटर सरकारी नियमों के उल्लंघन करके ऑटोरिक्शा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। साथ ही यह विभाग के संज्ञान में आया है कि ग्राहकों से सरकार द्वारा निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लिया जा रहा है।

  • *दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यवसायिक कार्य करने के लिए परमिट चाहिए या नहीं*

    *दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यवसायिक कार्य करने के लिए परमिट चाहिए या नहीं*

    दिल्ली भारत देश की राजधानी, जहां सभी राज्यों से लोग अपने परिवार के भरण पोषण के लिए रोजगार की उम्मीद लेकर आते

    *सबसे तेज* दिल्ली भारत देश का पहला राज्य है जहां सभी कार्य सबसे पहले शुरु किए जाते है और वह भी जनहित में, यह तो आज पुरा विश्व देख सुन और पड़ ही रहा है विज्ञापनों में,

    दिल्ली राज्य का परिवहन विभाग जो हमेशा दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की तरह सुर्खियों मे रहने और जनहित के नाम पर आदेश पारित करने के लिए पूरे संसार का पहला सरकारी विभाग हैं।

    यह ही पहला ऐसा सरकारी विभाग है जिसके अधिकारियो, आला अधिकारियों को जनता से मिलने की कोई इच्छा नहीं जिसके लिए बिना किसी की आज्ञा प्राप्त किए अपने कार्यरत कर्मचारियों द्वारा जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था अपने चारो तरफ़ लगा ली,

    यह ही संसार का पहला सरकारी विभाग है जिसने फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली लागू करने का श्रेय प्राप्त किया,

    यह ही संसार का पहला सरकारी विभाग है जिसने जनता की सुरक्षा हेतु सुरक्षा कवच में बांधित वाहन परमिट (स्टेज कैरेज परमिट) को बिना शर्त सुरक्षा कवच से मुक्त कर के देना शुरु करने की प्रक्रिया जारी करी।

    यह ही संसार का पहला सरकारी विभाग है जिसके आला अधिकारियों ने माननीय उच्चतम न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय, माननीय कैट, सड़क एवम् राजमार्ग मंत्रालय, गृह मंत्रालय भारत सरकार के आदेशों / दिशा निर्देशों को दरकिनार कर अपने आदेश पारित कर दिखाए।

    यहां जानने योग्य प्रश्न यह है, दिल्ली की सड़को पर इलैक्ट्रिक वाहन को व्यवसायिक गतिविधि/ कार्य करने के लिए परमिट चाहिए या नहीं चाहिए ।

    दिल्ली परिवहन विभाग के अपने ही ब्यान किसी के लिए कुछ और किसी के कुछ और है।

    दिल्ली में इलेक्ट्रिक बस के लिए परिवहन विभाग परमिट जारी नही करता।
    दिल्ली में इलैक्ट्रिक वाहन (मिडी बस) द्वारा स्टेज कैरेज बस सेवा रूट पर बस स्टैंड से सवारी उतार और बैठा कर चलने वाले वाहनों के लिए भी परमिट जारी नही करता ।
    मेट्रो द्वारा संचालित ऑटो के लिए भी परमिट जारी नही करता पर दिल्ली की जनता को इलेक्ट्रिक ऑटो के नाम पर परमिट जारी करने की प्रक्रिया लागू रखता है।

    जनहित में जारी,
    *संजय बाटला*

  • आम आदमी पार्टी संयोजक की कथनी और करनी, कितना अंतर स्वयं परखे

    आम आदमी पार्टी संयोजक की कथनी और करनी, कितना अंतर स्वयं परखे

    दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद अस्थाई कर्मचारियों को नियमित नही करने वाले अन्य राज्यों में करेंगे सभी कर्मचारियों को नियमित

    आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली की सता में आने के लिए अस्थाई कर्मचारियों के लिए किए ऐलान/ वायदों के बाद अन्य राज्यो में ऐलान : जहां सत्ता में आएंगे, अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करेंगे

    आम आदमी पार्टी के संयोजक एंव दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को 8,736 स्कूल शिक्षकों को नियमित करने के लिए पंजाब सरकार की सराहना की और सभी राज्य सरकारों और केंद्र को भी ऐसा करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने स्वयं यह माना की संविदात्मक रोजगार प्रणाली ‘अत्यधिक शोषक’ हैं और सवाल किया कि अगर अर्थव्यवस्था बढ़ रही है तो राज्यों और केंद्र द्वारा सरकारी नौकरियों में कटौती क्यों की जा रही है?

    आम आदमी पार्टी संयोजक स्वयं दिल्ली में सरकार के साथ मुख्यमंत्री है और सबसे पहले दिल्ली के सभी सरकारी कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया को शुरु करे तभी कथनी और करनी देखने में समान दिखेंगी।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • घर से घर तक अब उपल्ब्ध होंगे सवारी वाहन – मेट्रो प्रवक्ता

    घर से घर तक अब उपल्ब्ध होंगे सवारी वाहन – मेट्रो प्रवक्ता

    *दिल्ली मेट्रो द्वारा जनता को सूचना “घर से घर तक सेवा”*

    दिल्ली मेट्रो ने लिया फैसला अब मेट्रो में सफर करने वालो को मिलेगी घर से घर तक छोड़ने की सेवा वह भी एसी वाहनों द्वारा,

    दिल्ली मैट्रो ने कहा कि मेट्रो स्टेशन से लास्ट माइल कनेक्टविटी देने के लिए डीएमआरसी मिनी बस के रूप में फीडर बसों की संख्या बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए 40 नई वातानुकूलित सस्ती मिनी बस चलाई जाएंगी। जबकि दिल्ली मैट्रो द्वारा पहले से चल रही 174 मिडी बसों में से अंदाजन 68 बसों की सेवा को पूर्ण रूप से बंद करने के लिए मेट्रो द्वारा दिल्ली परिवहन विभाग के एसटीए ब्रांच में पत्र लिखकर उनके परमिट स्थाई रूप से जमा करने का अनुरोध किया हुआ है। बाकी 106 मिडी बसे भी बिना फिटनेस के मेट्रो बस टर्मिनल में ही खड़ी है। कुछ समय पहले मैट्रो द्वारा निजी संचालकों के माध्यम से इलेक्ट्रिक मिनी बसें परिचालित करवाई है जिनकी गिनती शायद 54 हैं और मैट्रो के अनुसार 9 मैट्रो स्टेशन से 4 रूट पर चालित है।

    आपकी जानकारी हेतु बता दें मैट्रो ने दिल्ली में लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए दिल्ली में 300 फीडर मिडी बसों के परमिट का टैंडर किया था जिसमे से कुल 174 बसे आई थी और उसमे से भी 68 बसों के परमिट मेट्रो द्वारा रद्द करवाने की प्रक्रिया जारी है।

    मैट्रो द्वारा लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए अपने कई मैट्रो स्टेशन से ई रिक्शे चलवाए है और अब मैट्रो ई रिक्शे के साथ इलेक्ट्रिक ऑटो, इलैक्ट्रिक मिडी और मिनी बसों के साथ एसी मिनी बसें चलवाने के लिए तत्पर है। इन सभी वाहनों का किराया मेट्रो द्वारा तय किया जाएगा ।

    मेट्रो ने इसके परिचालन के लिए निजी संचालकों को निविदा जारी करके आमंत्रित किया है। निजी संचालकों के पास इसके परिचालन से लेकर मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। मेट्रो संचालकों को मेट्रो फीडर बसों के लिए डिपो में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह बसें अलग-अलग रूट पर चलेंगी।

    मेट्रो द्वारा बताया गया जल्द ही मेट्रो द्वारा द्वारका उप शहर में ई-ऑटो का परिचालन शुरू होगा। शुरूआत में द्वारका में 50 ई-ऑटो से शुरूआत की गई है, जो कि बाद में बढ़ाकर 136 किए जाएंगे। पूरी दिल्ली में अलग-अलग स्टेशन से आने वाले दिनों में 799 ई-ऑटो चलाएं जाएंगे।

    मैट्रो द्वारा लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए घोषित सभी वाहन ई रिक्शे, इलैक्ट्रिक ऑटो, इलैक्ट्रिक मिडी और मिनी बसें, एसी बसें, और बिना फिटनेस के खड़ी बसे अगर समय से परिचालन में आ जाती हैं तो दिल्ली की जनता को सुरक्षित सवारी सेवा की कुछ उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी क्योंकि दिल्ली में सुरक्षित सवारी सेवा प्रदान करने वाले वाहन जल्द ही समय सीमा पूर्ण करके या दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की गलत नीतियों के कारण सड़को से हटने वाले हैं।

    डीटीसी की अपनी सभी बसे अगले साल तक समय पूरा कर जाएगी और दिल्ली सरकार ने अपने कार्यकाल में एक भी बस नही खरीदी और आरटीवी वालो को दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की गलत नीतियों ने बर्बाद कर दिया है एवम् अन्य सवारी सेवा प्रदान करने वाले वाहन भी अब आपको सड़को पर कम ही नज़र आते होंगे।

    डूबते को तिनके का सहारा कहावत यहां चरितार्थ होती हैं अगर सच मे दिल्ली मैट्रो इन वाहनों को सड़को पर लाकर जनता को सेवा प्रदान करने में सफल होता है तब।

    जनहित में जारी,
    संजय बाटला

  • दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा परमिट फीस के साथ गलत ली जा रही पोस्टल फीस लेनी की बंद

    दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा परमिट फीस के साथ गलत ली जा रही पोस्टल फीस लेनी की बंद

    टोलवा द्वारा लगातार परिवहन विभाग से परमिट और फिटनेस फीस के साथ गलत ली जाने वाली पोस्टल फीस को बंद करने की बात उठाते रहने के बाद आज परिवहन विभाग द्वारा परमिट फीस के साथ गलत तरीके से ली जाने वाली फीस लेना किया बंद पर आज भी फिटनेस फीस के साथ गलत तरीके से ली जाने वाली पोस्टल फीस रही जारी

    आप लोगों को बता दें दिल्ली परिवहन विभाग ने दिल्ली में जिस दिन फेस फ्री कार्यशैली लागू करी थी उसी दिन से परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट नेटबैंकिंग यानी मैसेज के माध्यम से वाहन मालिक को भेजना शुरु कर दिया गया था ।

    परिवहन विभाग द्वारा जब परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट पोस्ट से भेजना बंद कर दिया तो पोस्टल फीस का चार्ज करना कैसे न्यायिक । इस बात को टोलवा द्वारा लगातार उठाया जाता रहा था और न्यूज ट्रांसपोर्ट विशेष द्वारा भी इस पर ख़बर निकाली गई थी।

    परिवहन विभाग ने आज दिनाक 09/ 09/ 2022 से परमिट के साथ ली जाने वाली पोस्टल फीस लेना बंद करवा दिया पर अचंभे की बात यह कि फिटनेस के साथ ली जाने वाली पोस्टल फीस आज भी लेना रहा जारी।

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • परिवहन विभाग के एसटीए ब्रांच और एमएलओ (एच क्यू) आज से पूर्ण रूप से डिजिटल फेस फ्री

    परिवहन विभाग के एसटीए ब्रांच और एमएलओ (एच क्यू) आज से पूर्ण रूप से डिजिटल फेस फ्री

    परिवहन विभाग के एसटीए ब्रांच और एमएलओ (एच क्यू) आज से पूर्ण रूप से डिजिटल फेस फ्री*

    दिल्ली भारत का पहला राज्य जहा व्यवसायिक वाहनों के सभी कार्य आज से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया द्वारा संचालित,

    वाहनों के सभी कार्य अब इन दो शाखाओं में जहां सिर्फ व्यवसायिक वाहनों से संबंधित कार्य किए जाते हैं आज से ऑनलाइन फेस फ्री आवेदन प्रक्रिया से शुरु।

    परिवहन आयुक्त की जनहित की सोच हुई कामयाब और इस कामयाबी के लिए आईटी ब्रांच परिवहन विभाग, एनआईसी, और अन्य सभी को टोलवा की और से धन्यवाद ।

    टोलवा धन्यवाद के साथ परिवहन आयुक्त से निवेदन करता है की फेस फ्री आनलाइन आवेदन प्रक्रिया कार्यशैली में वाहन मालिको को आने वाली परेशानी से छुटकारा दिलवाने के लिए दिशा निर्देश जारी करे जिससे सभी को ऑनलाइन फेस फ्री प्रक्रिया का सुखद अनुभव प्राप्त हो।

    ऑनलाइन फेस फ्री आवेदन प्रक्रिया से गुजरने से अभी बहुत परेशानियां उत्पन होगी जैसे
    1. किसी वाहन मालिक का एड्रेस आधार कार्ड में और आरसी में अगर अलग हुआ तब ?
    2. किसी वाहन मालिक के आधार पर दिल्ली की जगह अन्य राज्य का एड्रेस हुआ तब ?
    3. किसी के आधार कार्ड और आरसी के नाम के अक्षरों में फर्क पाया गया तब ?

    इन जैसे बहुत सारे कारण हैं जिनके कारण परेशानियां उत्पन हों रही हैं। जिसके लिए परिवहन आयुक्त को ज्ञापन लेकर एक समय सीमा के तहत बिना जुर्माने और बिना फीस के आरसी को आधार के अनुसार कराने की छुट देनी चाहिए।

    जनहित में जारी,
    *संजय बाटला*

     

  • 15 साल पूरे कर चुके वाहनों को अब नही उठा सकती एनफोर्समेंट एजेंसीज

    15 साल पूरे कर चुके वाहनों को अब नही उठा सकती एनफोर्समेंट एजेंसीज

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वृंदा कुमारी साकेत कोर्ट की अदालत ने दिल्ली की जनता को राहत देते हुए शर्तो के साथ अपने समय सीमा तय कर चुके वाहनों को यादगार के तौर पर घर में रखने के किए आदेश पारित।

    इस आदेश में माननीय न्यायालय ने कहा

    1. वाहन को रखने के लिए निजी परिसर में स्थान होना चाहिए
    2. वाहन सड़को पर चलते हुए नही पाया जाना चाहिए
    3. वाहन को घर में रखने के लिए अदालत से मंजूरी लेनी जरूरी,

    न्यायालय ने यह भी कहा कि अगर वाहन सड़क पर चलते या सार्वजनिक पार्किंग में पाया गया तो वाहन मालिक के खिलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 177के तहत कार्यवाही की जा सकती है।

    इस आदेश के साथ ही एक बड़ा सवाल और उठ खड़ा हुआ की जब भारत देश में विंटेज कारों के लिए कोई नियम और शर्तें लागू नहीं तो किसी भी अन्य नागरिक जो अपने वाहन स्क्रैप नही करवाना चाहते उन पर शर्त क्यों ?

    जनहित में जारी
    संजय बाटला

  • कोविड वैक्सीनेशन जीवित के साथ मरे हुए लोगों को भी, जाने पूरा सच सबूतों के साथ

    कोविड वैक्सीनेशन जीवित के साथ मरे हुए लोगों को भी, जाने पूरा सच सबूतों के साथ

    *कोविड वैक्सीनेशन जीवित के साथ मरे हुए लोगों को भी, जाने पूरा सच सबूतों के साथ*

    सबूतों के अनुसार सुषमा देवी w/o तिलक राज निवासी साहिबाबाद का निधन 12 जनवरी 2022 को हुआ और उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुआ।

    किसी कारण से सुषमा रानी का कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट निकलवाया गया और उस सर्टिफिकेट को देखने और पढ़ने के बाद जो बाते सामने आई वह अजीब थी और इसकी जानकारी जनता जनार्दन तक पहुंचाना हमको आवश्यक लगा।

    इस सर्टिफिकेट के अनुसार सुषमा देवी को
    पहली डोज दिनांक 08 अप्रैल 2021
    दुसरी डोज दिनांक 20 जनवरी 2022 और
    प्रिकॉशन डोज दिनांक 18 अगस्त 2022 को लगी।

    हम आपको शुरु में ही बता चुके हैं की सुषमा देवी की मौत 12 जनवरी 2022 को हो गई थी। (मृत्यु प्रमाण पत्र की कापी इसी ब्लॉग के साथ उपलब्ध)

    अब प्रश्न यह उठता है कि मरे हुए व्यक्ति को डोज कैसे और किस स्थान पर लगी।

    इस सर्टिफिकेट के अनुसार यह तीनों डोज सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में लगी और टीका लगाने वाले का नाम मंजु राय बताया गया। (सर्टिफिकेट की कॉपी इसी ब्लॉग के साथ उपल्ब्ध)

    इस तथ्य को पूरी तरह जांच करने के लिए हमने सुषमा देवी का आधार कार्ड मंगवाया यह जानने के लिए क्या यह डोज सच मे उसी सुषमा देवी को लगी है जिनकी मृत्यु जनवरी में हो चुकी थी (आधार कार्ड की फोटोकॉपी इसी ब्लॉग पर उपल्ब्ध) और जांच करने पर पता चला की यह डोज उसी को लगी है पर मृत्यु होने के बाद।

    बड़ा सवाल जिसका जवाब हम अपनी पूरी जांच में जुटा पाने में कामयाब नही हो पाए की मरी हुई सुषमा देवी कैसे इस जगह आई और अपनी डोज लगवा कर गई?

    आप सभी से निवेदन है कि अगर आप में से कोई इस सवाल का जवाब उपल्ब्ध करवाने में सक्षम हो तो कृप्या हमारी मदद करे की कैसे मृत्यु होने के बाद सुषमा देवी इस स्थान पर आ कर अपनी डोज लगवा कर गई।

    इस ख़बर के तथ्यों को उपलब्ध करवाने में रिपोर्टर हंसराज ने काफी मेहनत करी,

    *संजय बाटला*