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  • दुनिया की पहली’आईआईएफएल जीतो अहिंसा रन’ यूएस और यूके सहित 65भारतीय और 20 अंतर्राष्ट्रीय जगहों पर कराई जाएगी

    दुनिया की पहली’आईआईएफएल जीतो अहिंसा रन’ यूएस और यूके सहित 65भारतीय और 20 अंतर्राष्ट्रीय जगहों पर कराई जाएगी

    जीतो द्वारा आयोजित होने वाली इस मेगा इवेंट को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, वर्ड्स रिकॉर्ड्स ऑफ इंडिया और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगहमिलने की उम्मीद है..

    मुंबई/स्वराज टुडे: जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) ने शांति और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए आईआईएफएल जीतोअहिंसा रन’ का आयोजनकिया है। विश्व स्तर पर इस तरह की यह पहली पहल है। उम्मीद है कि ‘अहिंसा रन’ रिकॉर्ड को तोड़ देगाऔर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स,वर्ड्स रिकॉर्ड्स ऑफ इंडिया और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपनी जगह बनाएगा।

    समाज की सेवा, ज्ञान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए समर्पित एक सामाजिक-आर्थिक वैश्विक संगठन जीतो ने भारत के 65 शहरों और 20 अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर इस मेगा ‘ अहिंसा रन’ को आयोजित किया है। यह ‘अहिंसा रन’ रविवार, 2 अप्रैल, 2023 को भारतीय समयानुसार सुबह 5.30 बजे से शुरू किया जाएगा। भारत और दुनिया भर के लोग, और समाज में कई अलग-अलग पद और समुदायों के लोग इसमें भाग ले सकते हैं और इस उद्देश्य के लिए दौड़ सकते हैं।

    जीतोने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर (सर्वोच्च उपदेशक) श्रमण भगवान महावीर की जयंती मनाने के लिए एक अनोखी पहल के रूप में इस ‘अहिंसा रन’ का आयोजन किया है। यह कार्यक्रम हर किसी के जीवन में ‘अहिंसा’ के महत्व और संबंधता के बारे में जागरूकता फैलाएगा, जो श्रमण भगवान महावीर के सबसे महान उपदेशों में से एक है।

    जीतो लेडीज विंग की अध्यक्ष सुश्री संगीता लालवानी ने इस कार्यक्रम केविषयमें विस्तार से बताया, “‘अहिंसा रन’ शांति और अहिंसा के लिए देश के अंदर और दुनिया भर के लोगों को जोड़ने वाली पहली पहल है, जो शांतिप्रिय समुदायों को बनाने के लिए जरूरी है। यह दौड़ अहिंसा कीप्रतिज्ञा का पालन करेगी और श्रमण भगवान महावीर की इस अनमोल शिक्षा कीफिर से पुनरावृति करेगी जो बताती है की हर जीव में पवित्रता और मर्यादा होती है, जिसका आदर कर्मों, वाणी और विचारों से किया जाना चाहिए। इस पहल का मकसद लोगों को अहिंसा के रूप में प्यार, माफी और बलिदान के महत्व को जानने में सहायता करना है, जो बेहतर जीवन जीने और मैत्रीपूर्ण समाज को बनाने के लिए जरुरी हैं”।

    “हम शांति और अहिंसा के लिए से इस ऐतिहासिक घटना को चिह्नित करने के लिए भारत और दुनिया भर के हर परिवार को भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं”, अपीलकरने हुएसुश्री लालवानी को इस कार्यक्रम में विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए लाखों की संख्या में सहभागिता की उम्मीद है।

    श्रीमती स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने इस मौके पर आयोजकों को बधाई दी और अहिंसा रन के कारण की तारीफ़ की। संगीत उस्ताद श्री ए आर रहमान, पूर्व क्रिकेटर और संसद सदस्य श्री गौतम गंभीर, और प्रसिद्ध महिला क्रिकेटर और भारत की महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की कप्तान सुश्री हरमनप्रीत कौर जैसी अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी इस कारण का स्वागत किया है और बड़े पैमाने पर लोगों से अपील की है की वह शांति और अहिंसा के लिए दौड़ें और इस कार्यक्रम को सफल बनाएं।

    आईआईएफएल इस कार्यक्रम के राष्ट्रीय भव्य प्रायोजक है और जीएम और माइक्रो लैब सह-प्रायोजक हैं।

    ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम के मौके पर, जीतो के गणमान्य व्यक्तियों ने श्री निर्मल जैन, आईआईएफएल के अध्यक्ष, श्री रमेश जैन, जीएम के अध्यक्ष, श्री दिलीप सुराणा, माइक्रो लैब्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जीतो श्री सुखराज नाहर जैसे प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों के साथ अध्यक्ष, श्री राजेंद्र जैन, उपाध्यक्ष, श्री अभय श्रीमल, अध्यक्ष, श्री कांतिलाल ओसवाल, उपाध्यक्ष, श्री कुशाल भंसाली, उपाध्यक्ष, श्री मनोज मेहता, महासचिव, श्री संजय जैन, सचिव, श्री संजय लोढ़ा, सचिव, श्रीमती सुनीता बोहोरा, जीतो महिला विंग की निदेशक-प्रभारी और श्रीमती संगीता लालवानी, जीतो महिला विंग की अध्यक्षजैसे दिग्गजों की उपस्थिति में इस ऐतिहासिक विश्वीय कार्यक्रम की घोषणा की गई।

    ‘अहिंसा रन’ का ब्योरा:

    – रविवार, 2 अप्रैल, 2023 को भारतीय समय के अनुसार सुबह 5.30 बजे, भारत के 65अलग-अलग शहरों, कस्बों और 20 अंतर्राष्ट्रीय स्थानों पर इसकोआयोजित किया जाएगा।
    – समाज में कई अलग-अलग पदऔर दुनिया भर के लोगइसमें भाग ले सकते हैं; चाहे वह किसी भी समुदाय, जाति या मज़हब का हो।
    – प्रत्येक प्रतिभागी को पंजीकरण शुल्क के साथ टी-शर्ट, मेडल और नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा।
    – दौड़ तीन श्रेणियों में आयोजित होगी, अर्थात3 किमी, 5 किमी और 10 किमी।
    – अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए: www.Ahimsarun.com पर जाए।

    JITO के विषय में:

    दूरदर्शी जैन उद्योगपतियों, व्यापारियों और पेशेवरों का एक अनोखा, बहु-हितधारक समुदाय, जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO), बड़े पैमाने पर समुदाय और समाज के भविष्य को आकार देने की प्रतिबद्धता को साझा करते हैं। इनकी दृष्टि उच्च आर्थिक समृद्धि प्राप्त करने, वंचितों की देखभाल करने और हिंसा मुक्त, गरीबी मुक्त और रोग मुक्त दुनिया के साथ मानवता को समृद्ध करने के लिए एक विश्व स्तरीय संगठन बनने की है। जीतोकंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 के तहत (अब कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत)एक कंपनी के रूप में पंजीकृत है। व्यापक आधार वाला संविधान भारत और विदेशों में सभी व्यापारियों, उद्योगपतियों, ज्ञान श्रमिकों और पेशेवरों की सहभागिताको सुनिश्चित करता है। एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन जिसके अध्याय पूरे भारत और दुनिया भर में मौजूद है।

  • भूपेश केबिनेट की बैठक में मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक को मंजूरी, जानिए और कौन-कौन से लिए गए अहम फैसले

    भूपेश केबिनेट की बैठक में मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक को मंजूरी, जानिए और कौन-कौन से लिए गए अहम फैसले

    छत्तीसगढ़
    रायपुर/स्वराज टुडे: शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में ये बैठक हुई। सरकार ने पत्रकार सुरक्षा कानून, पट्‌टा देने और प्रदेश के विधायकों के वेतन नियम में संशोधन के प्रस्तावों पर फैसला किया गया है।

    ये हुए निर्णय

    * छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक- 2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    * छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता-1959 में (संशोधन) विधेयक 2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    * छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार विधेयक-2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    * छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    * छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति का अनुमोदन किया गया।
    * छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ते एवं पेंशन (संशोधन) विधेयक-2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    * छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए करीब 2500 करोड़ रूपये की विश्व बैंक परियोजना- चाक के क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया तथा ऋण को अंतिम रूप से स्वीकृति प्रदान करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।
    * कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 बरमिंघम में सिल्वर मेडल प्राप्त आकर्षी कश्यप, दुर्ग को उप पुलिस अधीक्षक (द्वितीय श्रेणी राजपत्रित) पद पर नियुक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
    * पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का नवीन पद अस्थाई रूप से एक वर्ष की अवधि के लिये निर्मित किये जाने का निर्णय लिया गया।

  • IND vs AUS Live Score, 1st ODI: ऑस्ट्रेलिया 188 पर ऑल आउट, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज ने झटके 3-3 विकेट,

    IND vs AUS Live Score, 1st ODI: ऑस्ट्रेलिया 188 पर ऑल आउट, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज ने झटके 3-3 विकेट,

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया की टीम 35.4 ओवर में 188 रन बना कर ऑल आउट हो गई है।

    ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आज अपने आखिरी 7 विकेट 49 रन पर गंवा दिए। भारत की तरफ से मोहम्मद शमी ने अपनी गेंदबाजी से तीन विकेट और मोहम्मद सिराज ने भी अपनी तेज गेंदबाजी से तीन विकेट लिए।

    और इस प्रकार ऑस्ट्रेलियाई टीम एक समय बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी अचानक भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए। और इस प्रकार पूरी टीम 35.4 ओवर में 188 रन बनाकर आउट हो गई। और भारत को यह मैच जीतने के लिए 189 रन 50 ओवरों में बनाने हैं|

    टीम इंडिया 4 तेज गेंदबाज और 2 स्पिनर्स के साथ उतरी। पहले वनडे में रोहित शर्मा की जगह हार्दिक पांड्या कप्तानी कर रहे हैं। इससे पहले टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को 2-1 से जीत मिली थी।

    ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो डेविड वॉर्नर पूरी तरह से फिट नहीं हुए हैं। मिचेल मार्श बतौर ओपनर खेल रहे हैं। वहीं एलेक्स कैरी बीमार होने के कारण स्वदेश लौट गए हैं।

    हम अपने पाठकों को याद दिला दे, थोड़ी देर में भारतीय टीम अपनी पारी की शुरुआत करेंगी और हम आपके सामने भारत-ऑस्ट्रेलिया का मुंबई से सीधा लाइव आपके सामने रखेंगे,,,। बने रहिए और देखते रहिए सबसे तेज *सही खबर सटीक खबर* “केसरी न्यूज़ नेटवर्क” पर,,,।

  • छोटे हाथी की मौत , सुबह सुबह आई मौत की खबर ,मौत होने की सामने आई वजह ,पढ़िए पूरी खबर

    छोटे हाथी की मौत , सुबह सुबह आई मौत की खबर ,मौत होने की सामने आई वजह ,पढ़िए पूरी खबर

    जशपुर मुनादी।। बड़ी खबर जशपुर से आ रही है।दल से बिछड़कर जशपुर के मिरीगखोल गांव पहुंचे  छोटे हाथी की मौत की खबर आ रही है।बताया जा रहा है कि जिस छोटे हाथी की 3 दिनो से वन विभाग के द्वारा पहरेदारी की जा रही थी शुक्रवार की सुबह उस हाथी की मौत हो गई ।

    जानकारी के मुताबिक हाथी के शरीर में कई जगह घाव थे ।मुंह के भीतर भी घाव थे।गुरुवार को रामकोला सेंटर के कुछ चिकित्सकों को भी ईलाज के लिए बुलाया गया था लेकिन शुक्रवार को सुबह करीब 5 बजे उस हाथी की मौत हो गई।

    वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए है ।मृत हाथी के पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही है । वन विभाग से मिल रही जानकारी के मुताबिक हाथी प्रवासी था जो ओडीशा की ओर से आया था।मृगखोल ओडीशा से बिलकुल लगा हुआ है।

    बहरहाल इस मामले में और ज्यादा जानकारी के लिए जिले के डीएफओ से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जा रही है लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है ।

  • लूट का नया तरीका : फर्जी एसडीएम बनकर तय की शादी, कार्ड छपवाए..वेन्यू भी बुक, सच्चाई सामने आने पर उड़े सबके होश

    लूट का नया तरीका : फर्जी एसडीएम बनकर तय की शादी, कार्ड छपवाए..वेन्यू भी बुक, सच्चाई सामने आने पर उड़े सबके होश

    वाराणसी में भेलूपुर थाना क्षेत्र के संकुलधारा इलाके में रहने वाली स्नेहधीर नामक महिला ने अपनी बेटी की शादी कुचौरा सिकंदरपुर गाजीपुर के रहने वाले शुभेंदु दुबे नामक व्यक्ति के साथ तय कीथी

    शुभेंदु दुबे ने खुद को झारखंड में एसडीएम पद पर कार्यरत बताया था। शादी तय होने के बाद दहेज में मिली ₹450000 को आरोपी ने अपने ताऊ राजेंद्र दुबे के खाते में चार लाख पचास हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए।

    14दिसंबर 2022 को शादी तिथि तय हुआ। गुरूबाग स्थिति लॉन में बरात आने की तैयारी होने लगी। सारी तैयारी पूरा होने के बाद भी नियत समय पर बरात नहीं पहुंची। जिसके बाद फोन करने पर आरोपी ने होंडा सिटी गाड़ी की मांग की।

    बीते ग्यारह मार्च2023को महिला ने शुभेंदु को फोनकर पैसे-सामान वापस करने के लिए बोला तो उसने दिए पैसे भूल जाने की बात कहकर धमकी दी। महिला ने मामले की शिकायत पुलिस अपराध व मुख्यालय से की। उनकी तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई है।

  • वाराणसी लंका थाना क्षेत्र में सामने घाट पुल से युवक गंगा में कूदा, लाश का अभी तक पता नहीं

    वाराणसी लंका थाना क्षेत्र में सामने घाट पुल से युवक गंगा में कूदा, लाश का अभी तक पता नहीं

    वाराणसी में लंका थाना क्षेत्र के सामने घाट स्थित गंगा पुल से अमन सेठ (22) गुरुवार की देर रात गंगा में कूद गया। वह सिगरा के शिवपुरवा का निवासी था।

    अमन सेठ ने अपना बैग पुल पर रख दिया था।राहगीरों की सूचना पर पुलिस गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश में जुट गई थी। लेकिन उसका पता देर रात्रि तक नहीं चला।

    अगले दिन शुक्रवार को भी युवक का पता अभी तक नहीं चला है। बैग से मिले कागजात से पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलने के बाद पिता प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे। और उनका रो रो कर बुरा हाल था।

    अमन सेठ चौक क्षेत्र में आभूषण की कारीगरी का काम सीखता था। दो भाइयों में वह छोटा था।

  • नशे में टल्ली दूल्हा अपनी ही बारात में जाना भूला, अगले दिन पहुने पर लड़की पक्ष ने बनाया बंधक

    नशे में टल्ली दूल्हा अपनी ही बारात में जाना भूला, अगले दिन पहुने पर लड़की पक्ष ने बनाया बंधक

    यूं तो बिहार में शराबबंदी लागू है और प्रशासन भी शराब पीने व बेचने वालों से सख्ती से निपटता है। इसके बावजूद लोग शराब की लत में फंसकर अपनी जिंदगी खराब करते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद में सामने आया है, जहां एक युवक शराब के नशे में ऐसा टल्ली हुआ कि वह अपनी ही बारात में जाना भूल गया। दूसरे दिन जब नशा उतरा तो स्वजनों के दबाव में वह शादी करने पहुंचा, लेकिन फिर लड़की ने उसके साथ शादी से इंकार कर दिया।

    इतना ही नहीं, बल्कि लड़की के स्वजनों ने शादी के इंतजाम में हुए खर्च की वापसी की मांग को लेकर दूल्हे व उसके सहयोगी को बंधक भी बना लिया। मामला बिगड़ता देख पुलिस को जानकारी दी गई। इस बीच यह भी पता चला कि लड़के के साथ आए कुछ सहयोगी राशि लाने कहलगांव वापस गए। लड़की के स्वजनों ने लड़के को सुल्तानगंज में रखे जाने की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को भी दी।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, कहलगांव प्रखंड के अंतीचक गांव से बारात आनी थी, लेकिन लड़के ने शादी से पूर्व छककर शराब पी। वह नशे में इतना टल्ली हो गया कि उसे होश ही नहीं रहा। ऐसे में जब दूल्हा अपने पैर पर खड़े होने लायक ही न हो तो बारात भला कैसे निकलती। इस बीच लड़की पक्ष के लोगों को किसी अनहोनी की चिंता सताने लगी। उनके बार-बार फोन करने पर भी लड़के पक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

    बारात सोमवार को ही जानी थी, लेकिन मंगलवार सुबह तक भी नहीं पहुंची। अगले दिन लड़की पक्ष के संपर्क करने पर स्वजनों के दबाव में दूल्हा शादी करने के लिए किसी तरह तैयार हुआ और मंगलवार दोपहर बाद अपने कुछ सहयोगियों के साथ दुल्हन के घर पहुंचा। लेकिन इस बार लड़की ने शादी करने से इंकार कर दिया और लड़की पक्ष ने दूल्हे और उसके सहयोगी को बंधक बनाकर शादी के इंतजाम में खर्च हुए पैसों की मांग कर दी।

  • हिंदुत्‍व में शादी एक संस्‍कार है, कोई अनुबंध या आनंद की चीज नहीं- संघ

    हिंदुत्‍व में शादी एक संस्‍कार है, कोई अनुबंध या आनंद की चीज नहीं- संघ

    देश में समलैंगिक विवाह को लेकर चल रही बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने केंद्र का समर्थन किया है। उन्होंने सामाजिक सरोकार से जुड़े समलैंगिक विवाह के विषय में स्पष्ट किया कि विवाह संस्कार है, अनुबंध नहीं।

    दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारतीय हिंदू दर्शन में विवाह एक संस्कार है। यह कोई कांट्रेक्ट या दो इंडीविजुअल लोगों के आनंद की चीज नहीं है। भारत में विवाह संस्कार है, अनुबंध नहीं। विवाह केवल अपने लिए नहीं, परिवार और समाज लिए भी है। विवाह दो विपरीत लिंग वालों के बीच ही होता है। दत्तात्रेय होसबाले का यह बयान केंद्र द्वारा अपने हलफनामे में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने वाली याचिका का विरोध करने के बाद आया है।

    केंद्र ने याचिकाओं का किया विरोध

    केंद्र ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की विभिन्न याचिकाओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट हलफनामा दायर किया है। हलफनामे में, केंद्र ने मांग का विरोध करते हुए कहा, समलैंगिकों के विवाह को कानूनी मान्यता देने वाली याचिकाओं को खारिज किया जाना चाहिए।

    ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने भी दाखिल की याचिकाएं

    सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं जिनमें समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की मांग की गई है। कुछ याचिकाएं ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने भी दाखिल की हुई हैं। केंद्र सरकार ने मामले में हलफनामा दाखिल कर याचिकाओं का विरोध किया है। सरकार ने हलफनामे में कहा है कि इसको मान्यता से पर्सनल ला और स्वीकार्य सामाजिक मूल्यों में संतुलन प्रभावित होगा। समान लिंग के व्यक्तियों के पार्टनर्स के रूप में साथ रहने और यौन संबंध रखने की भारतीय परिवार इकाई की अवधारणा के साथ तुलना नहीं की जा सकती।

    देश में समलैंगिक विवाह पर चल रही बहस के बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मंगलवार को केंद्र की लाइन का समर्थन करते हुए कहा कि वह हिंदू जीवन में विवाह को ‘संस्कार’ मानता है जो न तो आनंद या अनुबंध के लिए है। लेकिन सामाजिक भलाई के लिए। यह केंद्र द्वारा अपने हलफनामे में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने वाली याचिका का विरोध करने के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि समान लिंग वाले व्यक्तियों द्वारा भागीदारों के रूप में एक साथ रहना, जिसे अब डिक्रिमिनलाइज़ किया गया है, भारतीय परिवार इकाई के साथ तुलनीय नहीं है और वे स्पष्ट रूप से अलग-अलग वर्ग हैं जिन्हें समान रूप से नहीं माना जा सकता है।

    “शादियां दो विपरीत लिंगों के बीच हो सकती हैं। हिंदू जीवन में विवाह ‘संस्कार’ है, यह आनंद के लिए नहीं है, न ही यह एक अनुबंध है। साथ रहना अलग है, लेकिन जिसे विवाह कहा जाता है वह हिंदू जीवन में एक ‘संस्कार’ है।” हजारों सालों से, जिसका अर्थ है कि दो व्यक्ति विवाह करते हैं और न केवल अपने लिए बल्कि परिवार और सामाजिक भलाई के लिए एक साथ रहते हैं। विवाह न तो यौन आनंद के लिए है और न ही एक अनुबंध के लिए, “उन्होंने कहा।

    केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा कि भारतीय लोकाचार के आधार पर इस तरह की सामाजिक नैतिकता और सार्वजनिक स्वीकृति का न्याय करना और लागू करना विधायिका के लिए है और कहा कि भारतीय संवैधानिक कानून न्यायशास्त्र में किसी भी आधार पर पश्चिमी निर्णयों को इस संदर्भ में आयात नहीं किया जा सकता है। हलफनामे में, केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय को अवगत कराया कि समान-लिंग वाले व्यक्तियों द्वारा भागीदारों के रूप में एक साथ रहना, जिसे अब डिक्रिमिनलाइज़ किया गया है, पति, पत्नी और बच्चों की भारतीय परिवार इकाई अवधारणा के साथ तुलनीय नहीं है।

  • भारतीय सिनेमा ने एक स्वर्णिम इतिहास रचते हुए पहली बार दो ऑस्कर जीत कर जश्न का अभूतपूर्व अवसर प्रदत्त किया

    भारतीय सिनेमा ने एक स्वर्णिम इतिहास रचते हुए पहली बार दो ऑस्कर जीत कर जश्न का अभूतपूर्व अवसर प्रदत्त किया

      • भारतीय सिनेमा ने एक स्वर्णिम इतिहास रचते हुए पहली बार दो ऑस्कर जीत कर जश्न का अभूतपूर्व अवसर प्रदत्त किया है। आजादी के अमृत महोत्सव की अमृत बेला में 95वें ऑस्कर पुरस्कारों ने भारत सिनेमा में विशेष रूप से अमृतकाल को जन्म दिया है। अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के सबसे चमकदार भव्य मंच पर एक साथ दो अलग अलग भारतीय फिल्मों ने बाजी मार कर हर भारतीय को गौरवान्वित किया है।तेलुगु फिल्म “आरआरआर” और डॉक्यूमेंट्री ‘द एलिफेंट विस्पर्स’ ने दो अलग-अलग श्रेणियों में ऑस्कर पुरस्कार जीत लिए हैं। हालांकि 91 साल के ऑस्कर इतिहास में अब तक किसी भी भारतीय फिल्म को ऑस्कर नहीं मिल सका है। कुछ ऐसे भारतीय कलाकार भानु अथैया, सत्यजीत रे, एआर रहमान एवं गुलजार जरूर रहे हैं, जिन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अकादमी पुरस्कार प्राप्त कर देश को गौरवान्वित करने का मौका दिया है।

        फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए ही रेसुल पोक्कुट्टी को ऑस्कर अवॉर्ड मिला था। उन्हें यह पुरस्कार ‘बेस्ट साउंड मिक्सिंग’ कैटेगरी में दिया गया था। वर्ष 2023 के ऑस्कर अवार्ड ने दुनियाभर में भारतीय फिल्म उद्योग की बढ़ती धमक का अहसास करा दिया है। लेकिन यह अनंत अथाह की एक लहर भर है। फिर भी यह अवसर है विजेताओं को बधाई देते हुए जश्न बनाने का एवं भविष्य में और अधिक ऑस्कर पुरुस्कार जीतने के लिये कमर कसने एवं संकल्पित होने का।

        ‘आरआरआर’ फिल्म के गीत ‘नाटू-नाटू’ को मिली कामयाबी के पीछे छिपी अहमियत का अंदाजा इसे देखते-सुनते हुए हो जाता है। नृत्य निर्देशन और गीत के शब्दों का संयोजन ऐसा अनूठा प्रभाव पैदा करता है, जिसे देखते हुए आम दर्शक भी मंत्रमुग्ध हो जाता है। इसमें दो राय नहीं कि भारतीय सिनेमा की दुनिया में जितनी फिल्में भी बनी हैं, उनमें से कई को देश-विदेश में अलग-अलग मानकों पर बेहतरीन रचना होने का गौरव मिला। जहां तक वैश्विक स्तर पर सिनेमा के सबसे ऊंचा माने जाने वाले आस्कर पुरस्कारों का सवाल है, बहुत कम भारतीय फिल्मों को उसमें कुछ महत्त्वपूर्ण हासिल करने का मौका मिला।
        लेकिन इस वर्ष के अकादमी पुरस्कारों यानी ऑस्कर में भारत में बनी दो मुख्य कृतियों को जो ऐतिहासिक उपलब्धि मिली है, वह निश्चित रूप से भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए खुश होने वाली बात है। दूसरी बड़ी कामयाबी के तहत ‘द एलिफेंट विस्पर्स’ को सबसे अच्छे लघु वृत्तचित्र का तमगा मिला। हालांकि इसी श्रेणी में नामांकित ‘आल दैट ब्रीद्स’ को अपेक्षित उपलब्धि नहीं मिल सकी। ऑस्कर विजेता ‘द एलिफेंट विस्पर्स’ को देखना एक विलक्षण एवं अद्भुत अनुभव है,
        लेकिन इसकी सफलता तब मानी जाएगी जब भारतीय वन्यजीवों के प्रति लगाव एवं संवेदना जगाने वाले और भी कुछ अनूठे काम सामने आयें। वन्य जीवों के प्रति उपेक्षा एवं स्वार्थी-लोभी, खतरनाक इंसानों के हाथों उनकी जान जाने की घटनाएं पर्यावरण एवं सृष्टि असंतुलन का बड़ा कारण है। ऑस्कर के बहाने ही सही यदि हम वन्य जीवों के प्रति जागरूक होते हैं तो यह इस बड़े पुरस्कार मिलने की सार्थकता होगी।

        सच यह है कि आस्कर 2023 में भारत ने बेहतरीन सिनेमा के मामले में अपने स्तर पर एक अहम इतिहास दर्ज किया है। फिर भी यह अपने आप में एक सवाल है कि हर साल भारत में संख्या के लिहाज से करीब डेढ़ हजार फिल्में बनने के बावजूद उनमें से गिनती की कुछ फिल्मों को ही स्थायी महत्त्व की और वैश्विक स्तर पर प्रशंसा हासिल कर पाने वाली कृतियों के रूप में दर्ज किया जाता है।

        इससे पहले भारतीय संदर्भों के साथ बनी ‘स्लमडाग मिलियनेयर’, ‘गांधी’ और ‘लाइफ आफ पाइ’ जैसी फिल्मों को आस्कर में अच्छी उपलब्धियां मिलीं थीं। खासतौर पर ‘स्लमडाग मिलियनेयर’ में ‘जय हो’ गाने के लिए एआर रहमान को पुरस्कार मिला था, लेकिन यह भी तथ्य है कि इन फिल्मों को भारतीय निर्देशकों ने नहीं बनाया था। हो सकता है कि ऑस्कर में भारत के हिस्से कम उपलब्धियां आई हों, लेकिन दुनिया भर में इन पुरस्कारों को जिस स्तर का माना जाता है, उसमें कुछ हासिल करना बहुत बड़ी चुनौती होती है। अब इस बार की कामयाबी के बाद उम्मीद की जानी चाहिए वैश्विक स्तर पर टक्कर देने वाली कुछ बेहतरीन फिल्में भी बनेंगी।

        सिनेमा जगत का सबसे बड़ा अवार्ड ऑस्कर दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है। सिनेमा से जुड़े लगभग सभी कलाकार इस अवार्ड को जीतने की चाहते रखते हैं। दुनिया में वैसे तो सिनेमा के क्षेत्र में सैंकड़ों पुरस्कार दिये जाते हैं। लेकिन ऑस्कर को मनोरंजन के क्षेत्र में दिया जाने वाला विश्व का सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है।

        इस बार ऑस्कर अवार्ड से भारतीय फिल्म उद्योग को दुनियाभर में नई पहचान मिली है, दुनिया का ध्यान अपनी ओर खिंचा है। सवाल मुंबई फिल्म उद्योग और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के बीच अंतर करने का नहीं है। सवाल भारतीय सिनेमा को सार्थक बनाने का है। दशकों पहले विश्व सिनेमा से भारतीय दर्शकों को इतना भर परिचय था कि हॉलीवुड के बड़े स्टार्स के प्रेम-संबंध और स्कैंडल अखबारों में जगह पा जाते थे या कुछ फिल्मों के नाम सुनाई पड़ जाते थे। विश्व-सिनेमा अब भारतीय दर्शक के जीवन का एक कोना है। यही कारण है कि अब सार्थक सिनेमा की दृष्टि से भारत में प्रगति हो रही है।

        भारतीय सिनेमा को ऑस्कर में लगातार खनक पैदा करने एवं अपनी उपस्थिति का अहसास कराने के लिये विश्व-सिनेमा के अनुरूप फिल्मों का निर्माण करना होगा, जो एक बिल्कुल अलग परिघटना है। इस सिनेमा में विषयों का अपार विस्तार है, भावों की विस्मित करती दुनिया है, इंसानी संबंधों के गहनतम आख्यान है। इनमें देश हैं, समाज हैं, संस्कृतियों और इतिहास है।

        यह बड़ा ही विराट लोक है। विश्व इतिहास के चरित्रों और घटनाओं पर बनी स्पार्टाकस, ग्लैंडिएटर, नीरो, ट्रॉय, रोम, जैसी वृहत कैनवास पर रची महत गाथाएं हैं, तो समकालीन इतिहास को टटोलती नाजी कैंपों और विश्वयुद्धों की अनगिनत घटनाएं हैं। विश्व साहित्य की शायद ही कोई ऐसी महत्वपूर्ण कृति हो, जिस पर बेहतरीन फिल्म न बनी हो।

        विश्व सिनेमा आज विश्व संस्कृति का एक नुमाइंदा है, भारत जिसका अभिन्न हिस्सा है, जिसके परिवेश, इतिहास, कला, साहित्य एवं संस्कृति पर दुनिया रोमांचित है। सारी दुनिया आज एक वैश्विक नागरिकता तलाश रही है। इस दृष्टि से सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका है, भारतीय सिनेमा को इसमें कुछ अनूठे, खोजपूर्ण एवं सार्थक उपक्रम करने चाहिए।

        अफसोस यह है कि हमारी खोज एवं उपक्रम आर्थिक और उपभोगगत दायरे में सिमटे हैं। हालांकि इसी आर्थिक राह से चलती संस्कृति भी अपने पंख फैलाती सारे विश्व में विचरण कर रही है। पर विश्व साहित्य, किसी पराए संसार के प्रतिनिधि हैं। पर वास्तव में ऐसा है नहीं। विश्व सिनेमा पर रचे गए पात्र समूची मानवता के दुख-सुख के प्रतिनिधि हैं। वे मनुष्य की सामूहिक पीड़ा और सामूहिक स्वप्नों से मिलकर बने हैं।

        जैसे फिल्म ‘द एलिफेंट विस्पर्स’ हाथियों के संरक्षण पर बनी मार्मिक फिल्म है। ऑस्कर का विश्व-सिनेमा, मानव-हृदय का विशाल दर्पण है। हमें अपनी सोच को बदलना होगा। हजारों अविस्मरणीय किरदार और जिंदगी की असंख्य सच्चाइयों को खोलती हजारों कहानियां हमारे अपने मन और जीवन के आयाम बनने के रास्ते में खड़ी हैं। विश्व-सिनेमा के विशाल सागर में ऑस्कर से सम्मानित होने का अवसर सिर्फ एक लहर है, एक छोटी-सी झलक मात्र जो यह संदेश देना चाहती है कि जिंदगी उतनी ही नहीं हैं,

        जितनी हमने जी या देखी-जानी है। भारतीय जिंदगी के रंग बेशुमार हैं, कला-संस्कृति की अविस्मरणीय धाराएं हैं, अनूठा एवं बेजोड़ इतिहास और उसकी कहानियां भी अनंत-अथाह। भारतीय सिनेमा अपना अजेंडा बदले एवं भारत की खिड़की से विश्व को देखने एवं विश्व को भारत दिखाने की पहल करें तो यही ऑस्कर की सीढ़ियां बन जायेगा।