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  • राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर कार्यक्रम आयोजित

    राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर कार्यक्रम आयोजित

    राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर कार्यक्रम आयोजित
    देहरादून। डीआईटी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना एवं नेहरू युवा केंद्र संगठन देहरादून के सौजन्य से स्वामी विवेकानंद जी की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डीआईटी विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर प्रियदर्शन पत्र एवं कैंट क्षेत्र की विधायक श्रीमती सविता कपूर जी द्वारा किया गया उद्घाटन सत्र के दौरान नेहरू युवा केंद्र के राज्य निदेशक आर्यन त्यागी ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा अधिकारी  एके सिंह द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा को विस्तार पूर्वक बताया गया। 7 दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देहरादून ट्रैफिक पुलिस के साथ सड़क सुरक्षा सप्ताह भी मनाया जाएगा।
    सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत प्रदीप कुमार यातायात इंस्पेक्टर द्वारा 500 स्वयंसेवकों को सड़क सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया जो 3 दिन देहरादून के सबसे ज्यादा व्यस्त चौराहों पर यातायात व्यवस्था हेतु यातायात पुलिस के साथ सहयोग करेंगे और लोगों को सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक करेंगे। स्वयंसेवक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से देहरादून के व्यस्त चौराहा पर लोगों को सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी देंगे। उत्तराखंड एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया , जिसमें युवाओं को नशे से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के के डॉक्टर डॉ नवीन सिंगला द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों द्वारा एक रैली भी निकल गई। रैली के द्वारा छात्रों के बीच यातायात की समस्याओं को कुशल रूप से चित्रित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने नासिक में आयोजित 27वें राष्ट्रीय युवा दिवस के उद्धघाटन समारोह में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए सजीव सम्बोधन को भी सुना।

  • प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती (12 जनवरी) को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है

    प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती (12 जनवरी) को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है

    वर्तमान परिवेश में समाज में चारों तरफ अपराधों तथा भ्रष्टाचार का जो मकड़जाल फैल चुका है, वह घुन बनकर न सिर्फ देश को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है बल्कि युवा वर्ग भी भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के इस दूषित माहौल में हताश व निराश है। ऐसे में युवा वर्ग सही मार्ग से न भटके, इसके लिए युवा शक्ति को जागृत कर उसे देश के प्रति कर्त्तव्यों का बोध कराते हुए सही दिशा में प्रेरित एवं प्रोत्साहित करना और उचित मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में राष्ट्रीय युवा दिवस की प्रासंगिकता बहुत बढ़ जाती है, जो प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को मनाया जाता है। हमें भूलना नहीं चाहिए कि देश की आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ बलिदान कर लोगों में क्रांति का बीजारोपण करने वाले अधिकांश युवा ही थे। स्वामी विवेकानंद, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरू इत्यादि देश के अनेक युवाओं ने देश की आन-बान और शान के लिए अपने निजी जीवन के समस्त सुखों का त्याग कर दिया था और अपना समस्त जीवन देश के लिए न्यौछावर कर दिया था लेकिन आधुनिक युग में हम स्वार्थी बनकर ऐसे क्रांतिकारी युवाओं की जीवन गाथाओं को भूल रहे हैं और हम सब धीरे-धीरे भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे ही क्रांतिकारी युवा महापुरूषों की जीवन गाथाओं के जरिये देश की युवा पीढ़ी को समाज में व्याप्त गंदगी से बचाकर देश के विकास में उसका सदुपयोग किया जा सके, इसी उद्देश्य से आधुनिक भारत के महान चिंतक, दार्शनिक, समाज सुधारक, युवा सन्यासी स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को ही प्रतिवर्ष ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जो बहुत कम आयु में अपने विचारों के चलते समस्त जगत में अपनी एक विशेष पहचान बनाने में सफल हुए थे।स्वामी विवेकानंद के वक्तव्यों का आम जनमानस और खासकर युवाओं के मनोमस्तिष्क पर कितना प्रभाव पड़ता था, इसका उनके शिकागो भाषण से बेहतर उदाहरण नहीं मिल सकता। 11 सितम्बर 1893 को जब शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म पर अपने प्रेरणात्मक भाषण की शुरूआत उन्होंने ‘मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों’ के साथ की थी तो बहुत देर तक तालियों की गड़गड़ाहट होती रही थी। अपने उस भाषण के जरिये उन्होंने दुनियाभर में भारतीय अध्यात्म का डंका बजाया था। विदेशी मीडिया और वक्ताओं द्वारा भी स्वामीजी को धर्म संसद में सबसे महान व्यक्तित्व और ईश्वरीय शक्ति प्राप्त सबसे लोकप्रिय वक्ता बताया जाता रहा। यह स्वामी विवेकानंद का अद्भुत व्यक्तित्व ही था कि वे यदि मंच से गुजरते भी थे तो तालियों की गड़गड़ाहट होने लगती थी। उन्होंने 1 मई 1897 को कलकत्ता में रामकृष्ण मिशन तथा 9 दिसंबर 1898 को कलकत्ता के निकट गंगा नदी के किनारे बेलूर में रामकृष्ण मठ की स्थापना की थी। 4 जुलाई 1902 को इसी रामकृष्ण मठ में ध्यानमग्न अवस्था में महासमाधि धारण किए वे चिरनिद्रा में लीन हो गए।स्वामी विवेकानंद सही मायनों में युवाओं के प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्त्वि के धनी थे, जिन्हें उनके ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण ही जाना जाता है। विवेकानंद सदैव कहा करते थे कि उनकी आशाएं देश के युवा वर्ग पर ही टिकी हुई हैं। वे आधुनिक मानव के आदर्श प्रतिनिधि थे और खासकर भारतीय युवाओं के लिए उनसे बढ़कर भारतीय नवजागरण का अग्रदूत अन्य कोई नेता नहीं हो सकता। अपने 39 वर्ष के छोटे से जीवनकाल में स्वामी जी अलौकिक विचारों की ऐसी बेशकीमती पूंजी सौंप गए, जो आने वाली अनेक शताब्दियों तक समस्त मानव जाति का मार्गदर्शन करती रहेगी। उनका कहना था कि मेरी भविष्य की आशाएं युवाओं के चरित्र, बुद्धिमत्ता, दूसरों की सेवा के लिए सभी का त्याग और आज्ञाकारिता, खुद को और बड़े पैमाने पर देश के लिए अच्छा करने वालों पर निर्भर है। उन्होंने देश को सुदृढ़ बनाने और विकास पथ पर अग्रसर करने के लिए हमेशा युवा शक्ति पर भरोसा किया। उनका कहना था कि मेरी भविष्य की आशाएं युवाओं के चरित्र, बुद्धिमत्ता, दूसरों की सेवा के लिए सभी का त्याग और आज्ञाकारिता, खुद को और बड़े पैमाने पर देश के लिए अच्छा करने वालों पर निर्भर है। युवा शक्ति का आव्हान करते हुए उन्होंने अनेक मूलमंत्र दिए।
    (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और 34 वर्षों से साहित्य एवं पत्रकारिता में निरन्तर सक्रिय हैं)

  • गांव और वार्ड से 10-10 व्यक्ति लेकर जाने का लें संकल्प

    गांव और वार्ड से 10-10 व्यक्ति लेकर जाने का लें संकल्प

     अमन गोयल ने इमानदारी से काम करने का किया आह्वान
    जींद रैली को लेकर निगम के वार्ड नंबर 27 में हुआ बैठक का आयोजन
    फरीदाबाद। प्रदेश के जींद जिले में 28 जनवरी को होने वाली रैली को लेकर बुधवार को पंजाब के चैयरमैन राजीव शर्मा ने तिगांव विधानसभा के निगम वार्ड नंबर 27 में कार्यकत्र्ताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में तिगांव विधानसभा केे पदाधिकारियों और कार्यकत्र्ताओं ने भाग लिया।बैठक में पहुंचे कार्यकत्र्ताओं को संबोधित करते हुए पंजाब से आएं चैयरमैन एवं तिगांव प्रभारी राजीव शर्मा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में जिस प्रकार आम आदमी पार्टी का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है और एक आम आदमी का झुकाव आप की तरफ है, उससे लगने लगा है कि इस बार हरियाणा प्रदेश में दिल्ली और पंजाब की तर्ज आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रहीं है। श्री शर्मा को कार्यकत्र्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आगामी 28 जनवरी को  प्रदेश के जिला जींद में होने वाली रैली प्रदेश की राजनीति पर विशेष छाप छोडऩे का कार्य करेगी। इसके लिए प्रत्येक कार्यकत्र्ता का कर्तव्य बनता है कि वह प्रत्येक वार्ड और गांव से 10-10 कार्यकत्र्ता इस रैली मेंं अवश्य शामिल हो। इस क्रम में चैयरमैन राजीव शर्मा ने उपस्थित कार्यकत्र्ताओं को रैली में भाग लेने और अपने साथ 10-10 नए लोगों को शामिल करने की बात पर जोर दिया। इस कड़ी में व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमन गोयल ने कार्यकत्र्ताओं में जोश भरते हुए ईमानदारी से कार्य करने की प्ररेणा देते हुए अतिथि के रुप में पहुंचे चैयरमैन राजीव शर्मा को तिगांव विधानसभा एवं व्यापारियों को रैली में ले जाने के लिए आश्वस्त किया। इस अवसर पर लोकसभा प्रभारी राजेंद्र शर्मा, माइनोॅरिटी सेल के जिलाध्यक्ष मुस्तिकीन प्रधान, अफरोज आलम, जुल्फिकार, मुन्निकांत मिश्रा, संजय फौजी, ज्ञानचंद गोयल, सोनू सिसोदिया, विजय बहादुर पाल, शमा खातून के अलावा अन्य कार्यकत्र्ता व गणमान्य लोग मौजूद रहें।
  • पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका

    पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका

    भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा

    दुनियां में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक है – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया

    वैश्विक स्तरपर भारत तेजी से बढ़ाने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसकी पुष्टि अमेरिकी रेटिंग एजेंसीज सहित विश्व बैंक भी कर चुका है, जबकि वैश्विक मंदी के दौर में भारत की वित्तीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के अंत या वर्ष 2024 के शुरुआती महीनों में अमेरिका यूरोप में मंदी आने की संभावनाएं जताई जा रही है। परंतु भारत ही एक ऐसा देश है जहां स्थिरता ही नहीं एक्सपोर्ट भी बढ़ता जा रहा ह जीएसटी कलेक्शन हर माह तेजी से बढ़ रहा है, विकास कार्यों में तेजी आ रही है। चूंकि आज दिनांक 5 दिसंबर 2023 को एक अमेरिकी रेटिंग कंपनी ने आकलन किया है कि वित्त वर्ष 2025-2026 में भारत की जीडीपी का ग्रोथ रेट 6.9 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। साथियों बात अगर हम दिनांक 5 दिसंबर 2023 को एक अमेरिकी रेटिंग कंपनी के आकलन की करें तो, एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स का कहना है कि 2030 तक भारत दुनियां की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत  पहुंच जाएगी। ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024  में एस एंड पी ने लिखा कि हमें लगता है वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.4प्रतिशत रहेगी। जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9प्रतिशत पहुंच जाएगी, एजेंसी ने आगे लिखा, भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और हमारी उम्मीद है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अगले तीन साल तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा। फिलहाल भारत दुनियां की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत से पहले अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान हैं। एजेंसी ने कहा, बड़ा टेस्ट इस बात का होगा कि क्या भारत अगला बड़ा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकेगा या नहीं, जो एक बड़ा मौका है। एक मजबूत लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क, भारत को एक सर्विस बेस्ड इकोनॉमी से मैन्युफैक्चरिंग डोमिनेटेड इकोनॉमी बनाने में अहम फैक्टर रहेगा। जबकि लेबर मार्केट का भारत कितना लाभ उठा पाता है, ये इस पर निर्भर करेगा कि लोगों को कितना कुशल बनाया जाता है और वर्कफोर्स में महिला भागीदारी कितनी बढ़ती है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंगलवार को चीन की अर्थव्यवस्था के आउटलुक को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव कर दिया है। इसकी वजह लगातार मीडियम टर्म इकोनॉमिक ग्रोथ का कमजोर रहना और प्रॉपर्टी सेक्टर का कमजोर होना रही है। हालांकि एजेंसी ने चीन की ओवरऑल रेटिंग ए 1′ पर बरकरार है।भारत इस समय दुनियां में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. हालांकि अभी देश की जीडीपी फिलहाल 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को नहीं छू पाई है, लेकिन इस नई ऊंचाई तक पहुंचने से बहुत दूर भी नहीं है। दरअसल रविवार को सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट बहुत वायरल हुआ, जिसमें भारत की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर हो जाने का दावा किया जा रहा था। एक नई उपलब्धि के तौर पर कई सोशल मीडिया चैनलों ने इसे हाथो-हाथ लिया। हालांकि बाद में पता चला कि ये स्क्रीनशॉट सही नहीं है, परंतु 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत।बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अगले तीन साल तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा।साथियों बात अगर हम पीएम के 5 इंडियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सपने की करें तो हमारे माननीय पीएम ने इंडियन इकोनॉमी को लेकर जो सपना देखा है, उसका जिक्र उन्होंने और उनकी सरकार के मंत्रियों ने कई मौकों पर किया है। इनमें एक है कि आने वाले पांच-छह साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के तौर पर पेश करना,भारत अभी करीब 3.7 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और दुनियां में सबसे तेजी से आगे बढ़ती इकोनॉमी बना हुआ है. वर्ल्ड बैंक से लेकर आईएमएफ जैसे वैश्विक निकायों से लेकर तमाम रेटिंग एजेंसियां भी भारत को लेकर सकारात्मक बनी हुई हैं। इसके साथ पीएम  के भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को लेकर भरोसा जताया है और कहा है कि भारत 2030 तक ये कमाल कर सकता है। मंगलवार को जारी ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024 में रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने कहा है कि भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसके साथ ही इसमें कहा गया कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी वृद्धि 7 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। एसएंडपी ने मार्च 2024 (2023-24) तक वित्त वर्ष में 6.4 फीसदी जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.2 फीसदी रही थी। रेटिंग एजेंसी के अनुसार, ग्रोथ रेट अगले वित्त वर्ष (2024-25) में 6.9 फीसदी पर पहुंचने से पहले 6.4 फीसदी बनी रहेगी और 2026-27 में ये 7 फीसदी पर पहुंच जाएगी।साथियों बात अगर हम जीडीपी को समझने करें तो जीडीपी इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है।जीडीपी देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं, उन्हें भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है। जीडीपी दो तरह की होती है। रियल जीडीपी और नॉमिनल जीडीपी। रियल जीडीपी में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल जीडीपी को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। यानी 2011-12 में गुड्स और सर्विस के जो रेट थे, उस हिसाब से कैलकुलेशन। वहीं नॉमिनल जीडीपी का कैलकुलेशन करेंट प्राइस पर किया जाता है। जीडीपी को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। जीडीपी=सी+जी+आई+एन एक्स, यहां सी का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, जी का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, आई का मतलब इन्वेस्टमेंट और एनएक्स का मतलब नेट एक्सपोर्ट है। जीडीपी को घटाने या बढ़ाने के लिए चार इम्पॉर्टेंट इंजन होते हैं। पहला है, आप और हम। आप जितना खर्च करते हैं, वो हमारी इकोनॉमी में योगदान देता है। दूसरा है, प्राइवेट सेक्टर की बिजनेस ग्रोथ। ये जीडीपी में 32प्रतिशत योगदान देती है। तीसरा है, सरकारी खर्च।इसका मतलब है गुड्स और सर्विसेस प्रोड्यूस करने में सरकार कितना खर्च कर रही है। इसका जीडीपी में 11 प्रतिशत योगदान है। और चौथा है, नेट डिमांड। इसके लिए भारत के कुल एक्सपोर्ट को कुल इम्पोर्ट से घटाया जाता है, क्योंकि भारत में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट ज्यादा है, इसलिए इसका इम्पैक्ट जीडीपी पर निगेटिव ही पड़ता है।
    अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका ! भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।दुनियां में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक है।

  • चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर

    चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर

    चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर
    रुड़की, लंढौरा (देशराज पाल)। चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान हासिल किया है। इनमें से दो छात्राओं ने यूनिवर्सिटी टॉप किया है।श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने विगत सत्रों की टॉपर्स लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की विभिन्न उपाधियां में टॉप 3 स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के नाम जारी किए गए हैं। इस बार चमनलाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी मेरिट में 7 स्थान प्राप्त किए हैं। एमए होम साइंस में अंजलि प्रदीप चौधरी ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी टॉप की है। इस विषय में दूसरे स्थान पर भी चमनलाल महाविद्यालय की छात्रा पूर्णिमा शर्मा रही हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर ड्राइंग एंड पेंटिंग विषय में निशा कंचन ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया है। एमलिब उपाधि में नेहा ने 72 फीसद अंकों के साथ दूसरा और वैशाली पुंडीर ने 70 फीसद अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।बीएससी होम साइंस में भी महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी योग्यता का उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस उपाधि में पहला और तीसरा स्थान चमनलाल महाविद्यालय की छात्राओं को प्राप्त हुआ। शिवानी सेठपाल ने 77 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी टॉप की, जबकि सना परवीन ने 73 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने बताया कि हरिद्वार जनपद के समस्त महाविद्यालयों में चमनलाल महाविद्यालय की सर्वाधिक छात्राओं ने यूनिवर्सिटी की मेरिट में स्थान प्राप्त किए हैं। पूर्व में भी महाविद्यालय की एक छात्रा यूनिवर्सिटी टॉप कर चुकी है। महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने कहा कहा कि सभी टॉपर्स को आगामी गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
  • मोबाइल तो मोबाइल है

    मोबाइल तो मोबाइल है

    मोबाइल तो मोबाइल है भैया। किसी किसी के लिए इस काम की तो किसी किसी के लिए उस काम की चीज है। मुश्किल तो रामधारी के बेटे टिंकू के नन्हें हाथों से हैं, जिसे महाप्रभु कोरोना जी की कृपा से मोबाइल को न केवल स्पर्श करने का मौका मिला, बल्कि ऑनलाइन क्लासेस के बहाने चिट-चैटर, यूट्यूबर, व्हाट्सपर, फेसबुकर, गेमर और कुछ संदर्भों में अडल्टर बनने का भरपूर अवसर मिला। इतनी खुशी तो उसे अपने जन्म के समय भी नहीं हुई।रामधारी ठहरे एकदम कोरे निरक्षर। स्मार्ट बनना तो दूर स्मार्ट की स्पेलिंग से भी उनका दूर-दूर तक पाला नहीं पड़ा था। पड़े भी कैसे? घर में टीवी चैनल सारे हिंदू-मुस्लिम, जादू-टोना, निंबू-मिर्ची करने में अपना सिर खपा रहे थे। यदि कोई चैनल गलती से स्मार्ट बनने की कोशिश करता तो दो हजार और पाँच सौ की नोटों में से चिप निकालने बैठ जाता। एक तरह से कह दें तो रामधारी की स्मार्टियत जन्म लेने से पहले ही भ्रूणहत्या का शिकार हो गयी। इसका मतलब यह नहीं कि उनके पास मोबाइल नहीं है। है लेकिन उतना ही जितना कि हरा बटन दबाने पर जवाब दे सके और खतरा लगने पर लाल बटन दबाकर सामने वाले या फिर खुद का गला दबाने में काम आ सके। इधर ऑनलाइन क्लासों ने मानो  रामधारी जैसों के लिए सीरियाई फरमान जारी कर दिया कि यदि बच्चे को स्मार्ट फोन नहीं दिलाओगे तो समझो तुम्हारी खैर नहीं। वह तो भला हो चीनी कंपनियों का, जो जिंदगी से सस्ते दामों पर स्मार्टियत वाला फोन बेचते हैं। सो, भेड़चाल की भीड़ में रामधारी भी हो चले। उन्होंने भी अपने लाड़ले टिंकू का स्मार्ट फोन से आलिंगन करवा दिया।रामधारी के लिए वह एक घड़ी थी और आ एक घड़ी है, जब स्मार्ट फोन दिलवाने का पछतावा उन्हें हर समय होता रहा है। स्मार्टफोन से पहले बनावटी पितृभक्त टिंकू अब तो खुलेआम घर के सदस्यों पर मोर्चा खोल बैठा है। कुछ भी काम कहो तो कहता कि क्लास लगी है। पता चला कि महाराज ऑनलाइन क्लास के बहाने रिसेंट एप्स में अपनी सृजनात्मकता का लोहा मनवा रहे हैं। रिसेंट में सब कुछ ताजा-ताजा चीज़ें होतीं। जैसे- व्याहट्स पर चिट-चैट, फेसबुक पर लाइक-शेयर, इंस्टा पर हसीनाओं के दीदार, ऑनलाइन गेम्स में पड़ोस के मिन्नू से वर्ल्ड नंबर बनने की होड़ और यूट्यूब पर अपनी फूहड़ कलाकारी की अपलोडियत का कारनामा। रामधारी के लिए साल टिंकु का 1.0 वर्जन खूब फबा, किंतु उसी टिंकु का 2.0 वर्जन उन्हें और उनके घरवालों के लिए खाना-पीना हराम कर दिया था। ऑनलाइन क्लास में टिंकु ने कुछ सीखा या नहीं सीखा यह ठीक से तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन टेढ़ी गर्दन, उभरा हुआ पेट, बदन पर चर्बी की भरमार, आँखों पर मोटा चश्मा, छोटी सी उमर में बूढ़ापे की झलक, बड़ो से बदसलूकी की झलकियाँ और घरभर के माथों पर परेशानियों के बल आसानी से देखे जा सकते थे।

  • सीएमओ के तीन बार आदेश के बाद भी अब तक डाक्टर की तैनाती नही हुई आखिर कौन करेगा ईलाज

    सीएमओ के तीन बार आदेश के बाद भी अब तक डाक्टर की तैनाती नही हुई आखिर कौन करेगा ईलाज

    अजीत विक्रम
    गाजीपुर । धामपुर क्षेत्र शहीद वीर अब्दुल हमीद के नाम बना अस्पताल धामूपुर में स्थित वीर अब्दुल हमीद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 6 माह से रिक्त चल रहे चिकित्सक के पद पर तैनाती के लिए 4 माह पूर्व आए आदेश के बाद भी अब तक चिकित्सक की तैनाती नहीं हो पाई । ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया कि विभाग जान बूझकर इस अस्पताल पर चिकित्सक की तैनाती नहीं कर रहा है। पूर्व में नियुक्त चिकित्सक डॉक्टर राकेश रोशन का शानन के द्वारा स्थानांतरण मऊ जनपद में हो जाने के बाद 6 माह से चिकित्सा का पद रिक्त पड़ा था। जिसको लेकर धामूपुर के गांव के समाजसेवी अनिकेत चौहान ने पीएमओ को पत्र लिखकर परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक के तैनाती की मांग की गई थी । जिसका संज्ञान लेते हुए पीएमओ ने शीघ्र चिकित्सा तैनाती का निर्देश दिया था । इसके बाद जनपद के स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया । नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मागतपुर से स्थानांतरित कर पीएचसी शहीद वीर अब्दुल हमीद नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामूपुर डॉ अजय कुमार की तैनाती का आदेश तो जारी कर दिया गया है। लेकिन 27 दिन आदेश के बाद भी तैनाती नहीं हुई ऐसा लग रहा कि स्वास्थ्य विभाग के आदेश का पालन नही हो रहा है। लेकिन स्वास्थ्य केन्द्र 6 माह बीत जाने के बाद भी अब तक अस्पताल पर चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने से ग्रामीण परेशान थे। ग्रामीणों ने कहा कि इस समय डेंगू, मलेरिया ,टाइफाइड बीमारी का प्रकोप काफी तेजी से चल रहा है। लेकिन क्षेत्र में क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक न होने से ग्रामीण इलाज के लिए परेशान। वही मजबूरी में प्राइवेट चिकित्सा के पास भी जाने को मजबूर हैं। जनपद मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। समाजसेवी अनिकेत चौहान ने बताया कि तैनाती के लिए कई बार पत्र लिखा गया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अनसुना कर दिया जा रहा था । लेकिन 6 में यह तीसरी बार नए डॉक्टर की तैनाती कर दी गई है। अब किसी डॉक्टर नवीन स्थान पर चार्ज नहीं लिए है। समाजसेवी अनिकेत चौहान लगातार पीएमओ से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत करने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कान में जूं रेगी तब जाकर नए डॉक्टर की तैनाती तो सिर्फ़ कागज में कर दिया जा रहा है। लेकिन अब किसी डॉक्टर का ग्रामीणों को दर्शन नही हुआ। देखिए आगे होता क्या है….  स्थिति जस की तस बनी हुई है।
  • भारत मंडपम में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ की रौनक, बना बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा

    भारत मंडपम में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ की रौनक, बना बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा

    भारत मंडपम में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ की रौनक, बना बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा प्रदर्शित लोकोमोटिव मॉडल
    संतोष कुमार नागवंशी
    दिल्ली, प्रगति मैदान में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ 3 जनवरी से शुरू हुई ये ‘मेगा प्रदर्शनी’ भारत मंडपम में आगामी 10 जनवरी तक लगाई गई है।माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘आत्म निर्भर भारत’ की मुहिम में अन्य मंत्रालयों के साथ ही रेल मंत्रालय की भागीदारी को सुनिश्चित करते इस उत्सव में
    भारतीय रेल के विकास यात्रा को बहुत ही अच्छे ढंग से दिखाया गया है मंडप अयोध्या रेलवे स्टेशन के थीम पर बनाया गया है जो देखने में बेहद ही आकर्षक है। देश के कोने-कोने से आए उद्यमियों से यहां न केवल आप मिल सकते हैं बल्कि उनके उत्पादों को खरीद भी सकते हैं।रेल मंडप में बरेका द्वारा निर्यातित रेल इंजन मॉडल  आकषर्ण का केंद्र बना हुआ है।’बदलते भारत की अवसंरचना’ की विषयवस्तु के साथ रेल मंडप में रेल अपनी प्रगतिशील यात्रा को प्रदर्शित कर रहा है रेलवे
    आगंतुक “नारी शक्ति” को समर्पित विशेष सेल्फी बूथ पर फोटो खींचकर अपनी यात्रा को स्मरणीय बना सकते हैंबदलते भारत की अवसंरचना’ की विषयवस्तु के साथ हॉल नंबर-6 में रेल मंडप स्थापित किया गया है। इस मंडप में बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा निर्मित किए गए रेल इंजनों जिन्हें विभिन्न देशों तंजानिया, वियतनाम, बांग्लादेश,श्रीलंका, मलेशिया, सूडान, म्यांमार, अंगोला, सेनेगल, माली, मोजांबिक में निर्यात किया गया है उन सभी रेल इंजन मॉडलों को एक विशेष बूथ पर आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।जो आगंतुकों विशेष कर बच्चों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इस अवसर पर जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने आगंतुकों को लोकोमोटिव से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी विस्तार पूर्वक दिया।इस मंडप में भारतीय रेलवे के कई पहलुओं को रेखांकित किया गया है, जहां विभिन्न विषयवस्तुओं को चित्रों, ट्रांसलाइट और मॉडल आदि के माध्यम से उनकी तकनीकी व संरचनात्मक प्रगति के साथ प्रदर्शित किया गया है।रेल मंडप में विभिन्न प्रकार के लोकोमोटिव के मॉडल व अयोध्या रेलवे स्टेशन के मॉडल को दिखाया गया है।
     साथ ही आगंतुक कियोस्क के माध्यम से रेल संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते है
  • गाजीपुर : प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में रेलवे पास, NHAI फेल, पुल को जोड़ने के लिए नहीं शुरू हो सका कार्य

    गाजीपुर : प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में रेलवे पास, NHAI फेल, पुल को जोड़ने के लिए नहीं शुरू हो सका कार्य

    गाजीपुर प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ताड़ीघाट-मऊ नई रेल परियोजना के प्रथम फेज में सोनवल से सिटी रेलवे स्टेशन तक रेल लाइन बिछाने का कार्य अब अंतिम चरण में चल रहा है।गंगा में बन रहा रेल सह रोड ब्रिज भी करीब 95 फीसद बन गया है, लेकिन अभी तक रेल पुल के ऊपर बन रहे सड़क पुल को जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण शुरू भी नहीं हो सका है।

    रेलवे और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की खींचतान में अबतक कार्य अटका हुआ है जबकि दोनों का एक साथ निर्माण होना था। 14 नवंबर वर्ष 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 51 किमी लंबे ताड़ीघाट-मऊ नई रेल लाइन परियोजना की आधारशीला रखी थी। यह कार्य दो चरण में हो रहा है। प्रथम चरण में सोनवल से सिटी रेलवे स्टेशन तक कार्य अब अंतिम चरण में चल रहा है।

    इसी में गंगा नदी पर रेल सह सड़क पुल भी है। रेल व इसके ऊपर बन रहे सड़क पुल का कार्य भी एक साथ ही हो रहा है, जो 95 फीसद पूर्ण हो गया है। इसके आगे की रेल लाइन बिछाने का कार्य दो शिफ्ट में 24 घंटे चल रहा है।

    शोपीस बना रहेगा पुल,,,,,

    कार्यदायी संस्था आरवीएनएल का लक्ष्य है कि मार्च तक इस पर ट्रेन को दौड़ा दी जाए, लेकिन सड़क का निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हो सका है, जिसे एनएचएआइ वाराणसी को कराना है। मार्च में इस रूट पर ट्रेन तो दौड़ने लगेगी, लेकिन रेल के ऊपर बना सड़क पुल शोपीस बना रहेगा। इसको लेकर पहले से ही रेलवे और एनएचएआइ में खींचतान चलता रहा।

    आरवीएनएल की मानें तो करीब साढ़े पांच वर्ष बाद वह इसके लिए तैयार हुए। वहीं, एनएचएआइ का कहना है कि पहले सड़क का निर्माण भी रेलवे को ही कराना था। करीब पांच-छह माह पहले उन्होंने निर्णय लिया कि इसे एनएचएआइ कराएगा।

    इन्होंने कहा,,,,,

    पहले इसे रेलवे को कराना था, बाद में करीब पांच-छह महीने पहले उन्होंने निर्णय लिया कि सड़क का निर्माण एनएचएआइ करेगी। हम शीघ्र ही इसका टेंडर निकालने वाले हैं और कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।

    आरएस यादव, परियोजना निदेशक- एनएचएआइ वाराणसी।

    हम लोग सिर्फ रेल पुल और ट्रैक बना रहे हैं। एनएचएआइ सड़क कब बनाएंगी, इसकी जानकारी नहीं है। रेल पुल के ऊपर बन रहे सड़क पुल की ढलाई पूरी हो गई है। दो-तीन सप्ताह में रेलिंग का निर्माण भी पूरा हो जाएगा।

    विकास चंद्रा, सीपीम-आरवीएनएल।

  • *दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यवसायिक कार्य करने के लिए परमिट चाहिए या नहीं*

    *दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यवसायिक कार्य करने के लिए परमिट चाहिए या नहीं*

    दिल्ली भारत देश की राजधानी, जहां सभी राज्यों से लोग अपने परिवार के भरण पोषण के लिए रोजगार की उम्मीद लेकर आते

    *सबसे तेज* दिल्ली भारत देश का पहला राज्य है जहां सभी कार्य सबसे पहले शुरु किए जाते है और वह भी जनहित में, यह तो आज पुरा विश्व देख सुन और पड़ ही रहा है विज्ञापनों में,

    दिल्ली राज्य का परिवहन विभाग जो हमेशा दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की तरह सुर्खियों मे रहने और जनहित के नाम पर आदेश पारित करने के लिए पूरे संसार का पहला सरकारी विभाग हैं।

    यह ही पहला ऐसा सरकारी विभाग है जिसके अधिकारियो, आला अधिकारियों को जनता से मिलने की कोई इच्छा नहीं जिसके लिए बिना किसी की आज्ञा प्राप्त किए अपने कार्यरत कर्मचारियों द्वारा जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था अपने चारो तरफ़ लगा ली,

    यह ही संसार का पहला सरकारी विभाग है जिसने फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली लागू करने का श्रेय प्राप्त किया,

    यह ही संसार का पहला सरकारी विभाग है जिसने जनता की सुरक्षा हेतु सुरक्षा कवच में बांधित वाहन परमिट (स्टेज कैरेज परमिट) को बिना शर्त सुरक्षा कवच से मुक्त कर के देना शुरु करने की प्रक्रिया जारी करी।

    यह ही संसार का पहला सरकारी विभाग है जिसके आला अधिकारियों ने माननीय उच्चतम न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय, माननीय कैट, सड़क एवम् राजमार्ग मंत्रालय, गृह मंत्रालय भारत सरकार के आदेशों / दिशा निर्देशों को दरकिनार कर अपने आदेश पारित कर दिखाए।

    यहां जानने योग्य प्रश्न यह है, दिल्ली की सड़को पर इलैक्ट्रिक वाहन को व्यवसायिक गतिविधि/ कार्य करने के लिए परमिट चाहिए या नहीं चाहिए ।

    दिल्ली परिवहन विभाग के अपने ही ब्यान किसी के लिए कुछ और किसी के कुछ और है।

    दिल्ली में इलेक्ट्रिक बस के लिए परिवहन विभाग परमिट जारी नही करता।
    दिल्ली में इलैक्ट्रिक वाहन (मिडी बस) द्वारा स्टेज कैरेज बस सेवा रूट पर बस स्टैंड से सवारी उतार और बैठा कर चलने वाले वाहनों के लिए भी परमिट जारी नही करता ।
    मेट्रो द्वारा संचालित ऑटो के लिए भी परमिट जारी नही करता पर दिल्ली की जनता को इलेक्ट्रिक ऑटो के नाम पर परमिट जारी करने की प्रक्रिया लागू रखता है।

    जनहित में जारी,
    *संजय बाटला*