Category: Politician

  • स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश पर 25 % सब्सिडी देने की तैयारी, पहली सेवा क्षेत्र नीति को जल्द मंजूरी

    स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश पर 25 % सब्सिडी देने की तैयारी, पहली सेवा क्षेत्र नीति को जल्द मंजूरी

    स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश पर 25 % सब्सिडी देने की तैयारी, पहली सेवा क्षेत्र नीति को जल्द मंजूरी

    रोजगार के नये अवसर सृजित करने के लिए सरकार ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 2.50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। सम्मेलन के लिए सरकार ने पर्यटन, उद्योग, आयुष एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, ऊर्जा, शिक्षा, लॉजिस्टिक, कृषि एवं बागवानी, आईटी एवं स्टार्टअप, नागरिक उड्डयन, इंफ्रास्टेक्चर, हाउसिंग क्षेत्र में ज्यादा निवेश की रणनीति बनाई है।

    सेवा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने पर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस है। इसके लिए स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में निवेश करने पर 25 प्रतिशत सब्सिडी देने की तैयारी है। दिसंबर माह में प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन को देखते हुए सरकार जल्द ही पहली सेवा क्षेत्र नीति को मंजूरी दे सकती है।

    प्रदेश की जीडीपी को दोगुनी करने और रोजगार के नये अवसर सृजित करने के लिए सरकार ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 2.50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। खास बात यह है कि सम्मेलन के लिए सरकार ने पर्यटन, उद्योग, आयुष एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, ऊर्जा, शिक्षा, लॉजिस्टिक, कृषि एवं बागवानी, आईटी एवं स्टार्टअप, नागरिक उड्डयन, इंफ्रास्टेक्चर, हाउसिंग क्षेत्र में ज्यादा निवेश की रणनीति बनाई है।

    सेवा क्षेत्र में निवेश आने से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 40 प्रतिशत सेवा क्षेत्र का योगदान है। इसके लिए सेवा क्षेत्र नीति में शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में नये अस्पताल और उच्च शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान में निवेश पर 25 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान किया जा रहा है। 

    ये हैं निवेश के लिए फोकस क्षेत्र

    पर्यटन, उद्योग, आयुष एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, ऊर्जा, शिक्षा, लॉजिस्टिक, कृषि एवं बागवानी, आईटी एवं स्टार्टअप, नागरिक उड्डयन, इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग।

     

    राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए अब तक 27 नीतियां लागू की है। जल्द ही सेवा क्षेत्र नीति को मंजूरी दी जाएगी। -विनय शंकर पांडे, सचिव उद्योग

  • सीएम केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर ये आरोप लगा एलजी को भेजी शिकायत, पढ़ें पूरा खबर

    सीएम केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर ये आरोप लगा एलजी को भेजी शिकायत, पढ़ें पूरा खबर

    सीएम केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर ये आरोप लगा एलजी को भेजी शिकायत, पढ़ें पूरा खबर

     नई दिल्ली

    दिल्ली की मंडोली जेल में ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बंद सुकेश चंद्रशेखकर ने अपने वकील के जरिए से यह पत्र राज्यपाल के कार्यालय को भेजा है। हालांकि, इस बार पत्र को मीडिया के साथ साझा नहीं किया है। वकील की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए संक्षिप्त जानकारी दी है।

    जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्र शेखर ने एक बार फिर से राज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जड़े हैं। महाठग सुकेश ने सीएम केजरीवाल और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पर मेडिकल कंपनी से मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही जांच की मांग भी की है।

    सुकेश चंद्रशेखर ने तीन पेज का पत्र राज्यपाल को भेजा है। ठग सुकेश ने आरोप लगाया है कि मेडिकल कंपनी के मालिक आम आदमी पार्टी के साथ बहुत करीब से जुड़े हुए हैं। हाल ही में दिल्ली सरकार ने इस कंपनी को कई कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं। सुकेश ने पत्र में अपने आरोपों के समर्थन में कुछ डिटेल भी राज्यपाल को भेजी है।

    दिल्ली की मंडोली जेल में ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बंद सुकेश चंद्रशेखकर ने अपने वकील के जरिए से यह पत्र राज्यपाल के कार्यालय को भेजा है। हालांकि, इस बार पत्र को मीडिया के साथ साझा नहीं किया है। वकील की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए संक्षिप्त जानकारी दी है। वकील ने अनुरोध किया है कि न्याय, समानता और अच्छे विवेक के हित में इस संबंध में जल्द से जल्द न्यायसंगत कार्रवाई शुरू की जाए।

    इससे पहले भी सुकेश दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पर कई चौंकाने वाले दावे कर चुका है। सुकेश ने कहा था कि आप के राष्ट्रीय संजोयक ने उसे अपनी पार्टी के लिए फंड जुटाने का कार्य दिया था। उसने दावा किया था कि केजरीवाल और सत्येंद्र जैन ने पंजाब और गोवा चुनाव के दौरान फंडिंग जुटाने के लिए दबाव भी डाला था।

    महाठग ने यह भी दावा किया था कि अरविंद केजरीवाल ने उससे 50 करोड़ रुपये लिए थे, 50 करोड़ के बदले राज्यसभा की सीट का भी प्रस्ताव दिया था। हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से सुकेश के आरोपों का खंडन किया जाता रहा है।
  • पाकिस्तान की नेशनल असेंबली नौ अगस्त को भंग कर दी जाएगी: शहबाज शरीफ

    पाकिस्तान की नेशनल असेंबली नौ अगस्त को भंग कर दी जाएगी: शहबाज शरीफ

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गठबंधन सहयोगियों से कहा कि वह नेशनल असेंबली को उसके कार्यकाल खत्म होने से तीन दिन पहले, नौ अगस्त को भंग करने और आर्थिक बदहाली से जूझ रहे देश में आम चुनाव के लिए तैयारी करने की सिफारिश करेंगे। पाकिस्तानी मीडिया ने शुक्रवार को खबर दी कि प्रधानमंत्री आवास पर सत्तारूढ़ सहयोगियों के लिए आयोजित किए गए रात्रिभोज समारोह में शरीफ ने कहा कि वह राष्ट्रपति को अधिसूचना भेजने की योजना बना रहे हैं और जैसे ही राष्ट्रपति उस पर हस्ताक्षर कर देंगे, नेशनल असेंबली का निचला सदन भंग हो जाएगा।

    पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के अध्यक्ष और देश के प्रधानमंत्री शरीफ ने बार-बार कहा कि उनकी सरकार नेशनल असेंबली को भंग कर देगी और चुनाव आयोग संविधान के प्रावधानों के तहत आम चुनावों की घोषणा करेगा। हालांकि, अगर किसी कारण से राष्ट्रपति हस्ताक्षर नहीं करते हैं तो प्रधानमंत्री की अधिसूचना प्राप्त होने के 48 घंटे के बाद 342 सदस्यीय असेंबली स्वत: भंग हो जाएगी। अगर ऐसा होता है तो 90 दिन के अंदर देश में आम चुनाव कराने होंगे क्योंकि पाकिस्तानी संसद का कार्यकाल खत्म होने का निर्धारित समय 12 अगस्त है।

    संविधान के प्रावधान के तहत नेशनल असेंबली का कार्यकाल पूरा होने पर 60 दिन में आम चुनाव कराने होते हैं, लेकिन अगर कार्यकाल पूरा होने से पहले ही असेंबली को भंग कर दिया जाए तो यह अवधि 90 दिन तक बढ़ सकती है। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री नौ अगस्त को नेशनल असेंबली भंग करने के लिए राष्ट्रपति आरिफ अलवी को अधिसूचना भेजेंगे। रात्रि भोज समारोह में शरीफ ने सहयोगी दलों के नेताओं को बताया कि पार्टी के भीतर विचार-विमर्श को अंतिम रूप दे दिया है और प्रधानमंत्री शुक्रवार को कार्यवाहक ढांचे पर सहयोगियों के साथ अंतिम दौर की चर्चा शुरू करेंगे। शरीफ ने पिछले सप्ताह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में वित्त मंत्री इशाक डार की नियुक्ति की संभावना से इनकार करते हुए कहा था कि आगामी आम चुनावों को पारदर्शी बनाने के लिए अगले महीने अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक ‘तटस्थ व्यक्ति’ का चयन किया जाएगा। नीतिगत निर्णय लेने के लिए कार्यवाहक व्यवस्था को सशक्त बनाने वाला एक विधेयक हाल ही में पाकिस्तान की संसद द्वारा पारित किया गया था।

    शरीफ ने यह भी संकेत दिया है कि तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री और उनके बड़े भाई नवाज शरीफ (73) अगले कुछ सप्ताह में पाकिस्तान लौट आएंगे। नवाज शरीफ 2019 से लंदन में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो पीएमएल-एन अध्यक्ष प्रधानमंत्री बनेंगे। भोज समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया में कम से कम तीन दिन लगने की उम्मीद है। कार्यवाहक ढांचे पर सहयोगियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक शुक्रवार को भी होने की उम्मीद है।

  • इंदौर में कई प्रमुख मार्ग बंद, अमित शाह के दौरे से बदलेगी यातायात व्यवस्था

    इंदौर में कई प्रमुख मार्ग बंद, अमित शाह के दौरे से बदलेगी यातायात व्यवस्था

    इंदौर

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को इंदौर आ रहे हैं। इसके चलते यातायात प्रबंधन पुलिस ने एडवायजरी जारी की है। यातायात पुलिस ने बताया कि कनकेश्वरी मैदान में दोपहर तीन बजे कार्यक्रम होगा। सुबह 11 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

    गृह मंत्री का एयरपोर्ट से होटल का रूट
    गृह मंत्री शाह एयरपोर्ट टी, थाना एरोड्रम के सामने, कालानी नगर चौराहा, वायरलेस-टी, किला मैदान, महेश गार्ड लाइन, मरीमाता चौराहा, शिवालय, भंडारी तिराहा, कुलकर्णी भट्टा, सुभाष नगर, परदेशीपुरा चौराहा, कनकेश्वरी मन्दिर, आइटीआइ, एक्सिस बैंक तिराहा, धन्नालाल चौकसे लेफ्ट टर्न होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। कार्यक्रम के बाद वे मारुति नगर चौराहा, बापट चौराहा से होते हुए मैरियट पहुंचेंगे।

    भारी वाहनों के लिए परिवर्तित मार्ग
    उज्जैन से लवकुश चौराहे की ओर आने-जाने वाले भारी/मालवाहक वाहन सांवेर से बाएं मुड़कर क्षिप्रा होते हुए इंदौर, पीथमपुर, धार की ओर आ-जा सकेंगे। इंदौर शहर/राऊ, मांगलिया बायपास से आने-जाने वाले भारी/मालवाहक वाहन क्षिप्रा से होकर सांवेर होकर उज्जैन आ-जा सकेंगे।

    जनसामान्य के लिए यातायात मार्ग
    विजय नगर से लवकुश चौराहे तक आने-जाने वाले सभी प्रकार के वाहन देवास नाका/विजय नगर से रसोमा चौराहा, एलआइजी चौराहा, पलासिया चौराहा या पाटनीपुरा चौराहा, मालवा मिल चौराहा से रीगल तिराहा, नगर निगम, सुभाष चौक से मरीमाता या राजवाड़ा की ओर आ-जा सकेंगे। इसी प्रकार विजय नगर से रेडिसन चौराहा, रोबोट चौराहा, खजराना चौराहा, पिपलियाहाना चौराहा या रिंग रोड से वाहनों का आवागमन किया जा सकेगा।

    अलगअलग क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के लिए परिवर्तित मार्ग
    – झाबुआ, आलीराजपुर, धार के कार्यकर्ताओं के वाहन बेटमा, नावदा पंथ अंडर ब्रिज से लेफ्ट टर्न लेकर सुपर कारिडोर, लवकुश चौराहा, एमआर-10 ओवर ब्रिज, चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे पर कार्यकर्ताओं को उतारने के बाद सभी वाहन निर्माणाधीन आइएसबीटी के मैदान में खड़े होंगे।
    – सांवेर और विधानसभा क्षेत्र-1 से आने वाले कार्यकर्ताओं के वाहन लवकुश चौराहा, एमआर-10 ओवर ब्रिज, चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे पर कार्यकर्ताओं को उतारेंगे।
    – बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन की ओर से आने वाले कार्यकर्ताओं के वाहन राऊ, बायपास से होकर कनाडिया ओवर ब्रिज के आगे लेफ्ट कट पाइंट से सर्विस रोड होटल द पार्क, लाभगंगा चौराहा, स्टार चौराहा, रेडिसन चौराहा, बाम्बे हास्पिटल चौराहा, देवास नाका/ निरंजनपुर चौराहा, 136 स्कीम चौराहा होकर बापट चौराहें पर कार्यकर्ताओं को उतारने के बाद सभी वाहन यू टर्न लेकर नक्षत्र गार्डन के पीछे सिका स्कूल के सामने खाली मैदान/ रोड पर पार्किंग में खड़े होंगे।
    – विधानसभा सांवेर के क्षिप्रा, मांगलिया की ओर से आने वाले कार्यकर्ताओं के वाहन देवास नाका से होकर कार्यक्रम स्थल के पास बापट चौराहे पर कार्यकर्ताओं को उतारने के बाद सभी वाहनों को नक्षत्र गार्डन के पीछे सिका स्कूल के सामने खाली मैदान/रोड पर खड़ा करेंगे।
    – वीआइपी वाहन, अधिकारियों के वाहन और पास धारक वाहन आइटीआइ ड्राइविंग स्कूल के मैदान में पार्क होंगे।

  • भाजपा के जिला महामंत्री ने कहा कि संबोधन करने वाले नेताओं की सूची में इनका नाम नहीं था।

    भाजपा के जिला महामंत्री ने कहा कि संबोधन करने वाले नेताओं की सूची में इनका नाम नहीं था।

    भाजपा के जिला महामंत्री ने कहा कि संबोधन करने वाले नेताओं की सूची में इनका नाम नहीं था। फिलहाल यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।

    दोपहर करीब 12.55 बजे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सरकार के अन्य मंत्रियों व भाजपा के कई पदाधिकारियों के साथ कौशाम्बी महोत्सव के मंच पर पहुंचे।

    सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री व सांसद विनोद सोनकर ने माइक संभाला। इसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के संबोधन की बारी आई। फिर सीएम और उसके बाद गृहमंत्री ने सभा को संबोधित किया।

    डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को बोलने का मौका ही नहीं मिला। इसके बाद गृहमंत्रीऔर मुख्यमंत्री का काफिला वहां से रवाना हो गया। उनके पीछे अन्य मंत्री और नेता भी चले गए।देखते ही देखते पंडाल भी खाली होने लगा।

    इस संबंध में भाजपा के जिला महामंत्री संजय जायसवाल का कहना है कि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का संबोधन करने वाले नेताओं की सूची में नाम ही नहीं था। चूंकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कौशाम्बी गृह जनपद है, शायद इसलिए उन्हें संबोधन का अवसर दिया गया।

  • कौशांबी महोत्सव: मंच पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने पकड़ा माइक,डिप्टी सीएम बृजेश को नहीं मिला मौका,,,।

    कौशांबी महोत्सव: मंच पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने पकड़ा माइक,डिप्टी सीएम बृजेश को नहीं मिला मौका,,,।

    एजेंसी डेस्क : (प्रयागराज,ब्यूरो)।सीएम योगी के साथ सूबे के दोनों डिप्टी सीएम कौशाम्बी महोत्सव की शोभा बढ़ाने आए। दोनों ने मंच तो साझा किया, लेकिन सभा में बोलने काअवसर केवल डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को मिला।वहीं डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को बोलने तक का मौका ही नहीं मिला।

    भाजपा के जिला महामंत्री ने कहा कि संबोधन करने वाले नेताओं की सूची में इनका नाम नहीं था। फिलहाल यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।

    दोपहर करीब 12.55 बजे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सरकार के अन्य मंत्रियों व भाजपा के कई पदाधिकारियों के साथ कौशाम्बी महोत्सव के मंच पर पहुंचे।

    सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री व सांसद विनोद सोनकर ने माइक संभाला। इसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के संबोधन की बारी आई। फिर सीएम और उसके बाद गृहमंत्री ने सभा को संबोधित किया।

    डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को बोलने का मौका ही नहीं मिला। इसके बाद गृहमंत्रीऔर मुख्यमंत्री का काफिला वहां से रवाना हो गया। उनके पीछे अन्य मंत्री और नेता भी चले गए।देखते ही देखते पंडाल भी खाली होने लगा।

    इस संबंध में भाजपा के जिला महामंत्री संजय जायसवाल का कहना है कि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का संबोधन करने वाले नेताओं की सूची में नाम ही नहीं था। चूंकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कौशाम्बी गृह जनपद है, शायद इसलिए उन्हें संबोधन का अवसर दिया गया।

  • यूपी,राजनीति : ‘जाति-मजहब के मकड़जाल में फंसा था प्रदेश लेकिन…’, पीएम मोदी का नाम लेकर CM योगी का बड़ा दावा,,,।

    यूपी,राजनीति : ‘जाति-मजहब के मकड़जाल में फंसा था प्रदेश लेकिन…’, पीएम मोदी का नाम लेकर CM योगी का बड़ा दावा,,,।

    एजेंसी डेस्क : (वाराणसी,ब्यूरो)।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने विकास और समृद्धि को स्थापित कर देश को आगे बढ़ाने का काम किया है। पहले प्रदेश जाति और मजहब के मकड़जाल में फंसा था। 2017 से पहले आजमगढ़ को पहचान का संकट था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजमगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया था।

    इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने यहां पर आकर विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया और अब हरिहरपुर से तमाम कलाकारों ने निकल कर विश्व के मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। आज यहीं हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय का शिलान्यास करने खुद गृह मंत्री आए हैं।

    सीएम योगी ने आगे कहा कि, देश में करोड़ों लोगों को फ्री में राशन और वैक्सीन दी गई। वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में जिसकी जनसंख्या 22 करोड़ है वहां पर लोगों को रोटी के लाले पड़े हैं। यह मजबूत नेतृत्व से होता है। पीएम.मोदी जी ने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के सपने को साकार किया है।

    कश्मीर से 370 धारा हटाई और पूर्वोत्तर राज्यों को देश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बीजेपी की या तो समर्थन से सरकार है।

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने क्या कहा ?

    वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि, जब वह सांसद थे तो कोरोना काल में एक बार भी आजमगढ़ नहीं आए। उत्तर प्रदेश को दंगा मुक्त बनाने वाली पार्टी भारतीय जनता पार्टी बनी है।

    सपा, बसपा और कांग्रेस देश और प्रदेश का विकास नहीं कर सकते। दिनेश लाल को जिता कर आजमगढ़ में क्रांति का सृजन किया है। मैं इसलिए आया हूं कि 2024 में उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर पीएम मोदी पर भरोसा करें और उनको प्रचंड बहुमत से जिता कर एकबार फिर से देश का प्रधानमंत्री बनाए। वहीं उन्होंने सबको भारतीय जनता पार्टी को जिताने के लिए संकल्प भी दिलाया।

  • महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में 15 फरवरी से ओपीडी की शुरुआत होगी।

    महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में 15 फरवरी से ओपीडी की शुरुआत होगी।

    इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। मुख्यमंत्री के उद्घाटन से पहले कुलपति डॉ. एके सिंह ने तैयारियों का जायजा लिया है।भटहट के पिपरी में आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है। निर्माण कार्य का निरीक्षण मुख्यमंत्री योगीआदित्य नाथ कर चुके हैं। काम करा रही संस्था को निर्देश दिया गया था कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करें, जिससे की जल्द से जल्द ओपीडी शुरू हो सके। लेकिन, इसके बाद भी संस्था काम में तेजी नहीं दिखा पाई थी।

    यही वजह है कि नए साल में होने वाले उद्घाटन समारोह की तिथि को आगे बढ़ा दिया गया था। कुलपति डॉ. एके सिंह ने बताया कि संस्था ने जनवरी माह में ओपीडी चलाने के लिए भवन का निर्माण कर सौंप दी है।

    मुख्यमंत्री से ओपीडी के उद्घाटन के लिए समय मांगा गया था, जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से 15 फरवरी को उद्घाटन का समय मिल गया है।

    मुख्यमंत्री के हाथों ओपीडी का उद्घाटन होगा। बताया कि इससे पहले एक फरवरी को उद्घाटन होना था, लेकिन कुछ कारणों की वजह से कार्यक्रम टल गया था।

    इन विभागों की चलेगी ओपीडी,,,

    कुलपति ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय में पहले आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की ओपीडी चलेगी। इसके बाद धीरे-धीरे ओपीडी का विस्तार किया जाएगा।

    दूसरे चरण में योगा और नेचुरौ पैथी की ओपीडी चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी अनुमित भी मिल गई है।

  • काल भैरव का दर्शन, पटरी पर चाय की चुस्की,,,जेपी नड्डा और सीएम योगी ने ऐसे शुरू किया मिशन 2024,,,।

    काल भैरव का दर्शन, पटरी पर चाय की चुस्की,,,जेपी नड्डा और सीएम योगी ने ऐसे शुरू किया मिशन 2024,,,।

    जेपी नड्डा कल शाम वाराणसी पहुंचे और आज सुबह होते ही काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के पहले काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे.काल भैरव मंदिर में जेपी नड्डा के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।

    बाबा काल भैरव की जेपी नड्डा ने विधिवत दर्शन पूजन किया और आरती भी की. काल भैरव मंदिर में दर्शन के बाद जेपी नड्डा, सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मंदिर के बाहर निकले और वहीं चंद कदम की दूरी पर एक चाय वाले के यहां खड़े होकर किसी आम व्यक्ति की तरह ना केवल जेपी नड्डा ने बल्कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी चाय की चुस्कियां ली।

    यह देखकर वहां मौजूद काशी वासी “हर हर महादेव” “जय बाबा काल भैरव” का जयकारा करने लगे। फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी साथ में कई मंत्री व विधायक जोर से हर हर महादेव का नारा लगाए।

    इस दौरान योगी सरकार के कई मंत्री भी मौजूद रहे. चाय पीने के दौरान जेपी नड्डा ने चाय विक्रेता बटुक यादव से बातचीत भी की और चाय के बारे में जानकारी ली. इस दौरान जेपी नड्डा से बातचीत करने की कोशिश भी की गई, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि आगे बात करूंगा और अपनी गाड़ी में बैठकर काफिले के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए आगे बढ़ गए।

    ऐसा पहली बार नहीं है कि जेपी नड्डा ने पहली बार काल भैरव मंदिर के बाहर चाय पी हो. इसके पहले भी जब वह कार्यकारी अध्यक्ष थे तो काल भैरव मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने उसी चाय वाले के यहां खड़े होकर चाय पी थी. इस बारे में ना केवल चाय वाले ने, बल्कि क्षेत्र के लोगों ने भी बताया कि जेपी नड्डा जब कभी काल भैरव मंदिर आते हैं तो चाय वाले की दुकान पर चाय को प्रसाद समझकर पीते हैं।

  • ‘वीर बाल दिवस’ कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, पश्चिम से आने वाले हमलों को दीवार बनकर रोक लेता है पंजाब

    ‘वीर बाल दिवस’ कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, पश्चिम से आने वाले हमलों को दीवार बनकर रोक लेता है पंजाब

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वीर बाल दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

    यूपी के सीएम ने एक ट्वीट कर कहा कि ‘वीर बाल दिवस’ पर श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के साहिबजादों के बलिदान को कोटि-कोटि नमन! साहिबजादों का पावन बलिदान युगों-युगों तक राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए हम सभी को प्रेरणा प्रदान करता है, और करता रहेगा।

    यूपी के सीएम आदित्यनाथ ने ‘वीर बाल दिवस’ आज मनाया, साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा बाबा फतेह सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपने विश्वास की रक्षा के लिए अपने सिर पर पवित्र पुस्तक लेकर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

    साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पश्चिम से आने वाले किसी भी हमले को रोकने के लिए पंजाब दीवार की तरह खड़ा रहा है। तवांग की घटना पर मैंने पूछा तो पता चला कि वहां पर सिख रेजिमेंट के कुछ जवान तैनात हैं, वहां एक-एक जवान दो-दो चीनियों को पकड़ते और धुलाई करके भेजते थे।