Category: Political

  • कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा को मिल रहा है भारी समर्थन – पटोले

    कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा को मिल रहा है भारी समर्थन – पटोले

    मुंबई : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की शुरू भारत जोड़ो यात्रा को हर रोज अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है.यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे है रविवार को पत्रकारों से बातचीत में  कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि  केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के बाद, महाराष्ट्र में इस पदयात्रा को लेकर जनता का अच्छा प्रतिसाद है भारत जोड़ी यात्रा अब एक ‘सामूहिक यात्रा’ बन गई है।

    महंगाई, बेरोजगारी, बढ़े हुए पेट्रोल, डीजल, गैस के कीमत  जीएसटी, चीन के भारत की सीमा में अतिक्रमण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर केंद्र की सरकार से  चर्चा की जा रही है। भारत जोड़ी यात्रा में शामिल होकर लोग अपना गुस्सा, राहुल गांधी से  व्यक्त कर रहे हैं. इस पदयात्रा से पता चलता है कि जनता भाजपा सरकार से नाराज है. यही भावना है जो भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करेगी।

    भारत जोड़ो  यात्रा आम जनता का मिल रहा भारी समर्थन के कारण यात्रा का  भाजपा नेता आलोचना कर रहे हैं, लेकिन लोगो ने  इस पदयात्रा को भारी जन समर्थन देकर भाजपा को स्पष्ट जवाब दिया हैं। पटोले ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा की आलोचना की परवाह नहीं है, उनकी आलोचना का पदयात्रा पर कोई असर नहीं पड़ेगा बल्कि लोगों का समर्थन दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है.

    लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी राहुल जी गांधी की पदयात्रा का समर्थन किया है लेकिन भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन देकर भाजपा के कुछ लोग नाराज हो रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के लिए प्रदेश कांग्रेस और नांदेड़ जिला कांग्रेस कमेटी ने जिले में यात्रा की समुचित व्यवस्था की।

    सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। हमने पहले भी कांग्रेस पार्टी के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं लेकिन  यात्रा का अनुभव अलग था। इतना लंबा सफर और उन्हें जो जनसमर्थन मिला वह अपेक्षा से अधिक था।

  • आजम के रामपुर में विधानसभा उप चुनाव जीतने के लिए बीजेपी की नई रणनीति… इस दांव से क्या साथ आएंगे मुस्लिम?

    आजम के रामपुर में विधानसभा उप चुनाव जीतने के लिए बीजेपी की नई रणनीति… इस दांव से क्या साथ आएंगे मुस्लिम?

    केंद्र और प्रदेश में दो बार हिन्दुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़कर सरकार बनाने वाली भाजपा ने रामपुर में होने वाले विधानसभा उप चुनाव में अपनी रणनीति बदल दी है। यहां पथरीली जमीं पर कमल खिलाने को छटपटा रही भाजपा अब मुस्लिम समाज को गले लगाने की बातें कर रही है।

    केंद्र और प्रदेश में दो बार हिन्दुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़कर सरकार बनाने वाली भाजपा ने रामपुर में होने वाले विधानसभा उप चुनाव में अपनी रणनीति बदल दी है। यहां पथरीली जमीं पर कमल खिलाने को छटपटा रही भाजपा अब मुस्लिम समाज को गले लगाने की बातें कर रही है।

    शनिवार को आयोजित अल्पसंख्यक पसमांदा सम्मेलन में ऐसा ही दिखाई दिया। दरअसल रामपुर विधानसभा सीट पर 40 फीसदी हिन्दू मतदाता हैं जबकि 60 प्रतिशत मुस्लिम वोटर। यहां सालों से सपा नेता मोहम्मद आजम खां का जलवा कायम है।

    ऐसे में बिना सेंधमारी के आजम का किला फतह करना भाजपा के लिए न सिर्फ चुनौती बल्कि मुश्किल सा है। यही वजह है कि भाजपा अपने अल्पसंख्यक मोर्चे के जरिए मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने में लग गई है। शनिवार को इसी क्रम में महात्मा गांधी स्टेडियम में अल्पसंख्यक पसमांदा सम्मेलन आयोजित किया गया।

    जिसमें प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद, राज्यमंत्री बलदेव औलख, केंद्र सरकार में मंत्री रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी पहुंचे, जो पूरे कार्यक्रम में ही मुस्लिमों को साधते और उन्हें रिझाते नजर आए।

  • वाराणसी में पीएम के जीवन पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का सीएम ने किया उद्घाटन।

    वाराणसी में पीएम के जीवन पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का सीएम ने किया उद्घाटन।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार की सुबह वाराणसी पहुंचे। वह यहां विविध आयोजनों में इस दौरान सम्मिलित होंगे। वाराणसी आने के बाद सुबह उन्‍होंने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर आधारित आठ दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।इसके बाद वह जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए गंगा में जेटी का शिलान्यास करने पहुंचे।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी दौरे के दौरान शुक्रवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित काशी के सांसद व प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर उदघाट्न किया।

    उद्घाटन करने के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद प्रदर्शनी जनसामान्य के अवलोकनार्थ खोल दिया गया। जो प्रतिदिन जनसामान्य के अवलोकनार्थ खुला रहेगा।

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    इन चित्रो में नरेन्द्र मोदी के सामने आने वाली चुनौतियों और उनकी उपलब्धियों को भी बखूबी दर्शाया गया है।

    आयल और एक्रिलिक रंगों से बनी इन पेंटिंग में गुजरात के एक छोटे से शहर में चाय बेचने वाले एक युवा लड़के से लेकर दुनियां के सबसे बडे लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बनने की साहसी यात्रा का एक दस्तावेज है। इन पेंटिंग में 12 पेंटिंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीवन से सम्बन्धित, 32 पेंटिंग “मन की बात एवं 11 स्केच मन की बात पुस्तक से शामिल की गयी है। संकल्प से सिद्धि, काले धन को ना करो, नशीली दवाओं से सावधान रहे, हमारे किसानों को बचाओ, पानी एक आशीर्वाद है, खादी, लक्ष्य, मेरा भारत, स्वच्छ भारत, जीवन का आदर करो, मुद्रा योजना, राष्ट्रीय एकता, और मदद करने वाले हाथ जैसी उत्कृष्ट रचनाए है। जो खूबसूरत ही नहीं बल्कि एक संदेश प्रतीत होती है।

    प्रदर्शनी के उदघाट्न अवसर पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री सर्बानंद सोनोवाल,

    उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही,

    श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर,

    स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल,

    आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’,

    प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा,

    काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव,

    पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी, विधायक गण सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, सुनील पटेल, महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महापौर मृदुला जायसवाल, अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सह-मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, संजय सोनकर, सुरेश सिंह, रौनी वर्मा, साधना वेदांती, गीता शास्त्री, आलोक श्रीवास्तव, इं अशोक यादव, अशोक कुमार एडवोकेट आदि हजारों भाजपा कार्यकर्ता प्रमुख रूप से  उपस्थित रहे।

    काशी के सांसद व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर आधारित इस चित्र प्रदर्शनी में 55 चित्रों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को उकेरा गया है। बताते चलें कि इन चिंत्रो में गुजरात से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विश्व नेता बनने तक के सफर को कैनवास पर खुबसुरती से उकेरा गया है। इन पेंटिंग की खास बात ये है कि इनमें जीएसटी, विमुद्रीकरण और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे प्रमुख नीतिगत फैसलो को भी जगह दी गयी है।

  • मुफ्तखोरी की पराकाष्ठा और आज के राजनेता

    मुफ्तखोरी की पराकाष्ठा और आज के राजनेता

    *भारतवासी क्या अपनी आने वाली पीढ़ी को नक्सली, उग्रवादी या कमजोर बनाना चाहते हैं ?…… मुफ़्तख़ोरी की पराकाष्ठा!*

    आज भारत देश में अपना राजनीतिक वर्चस्व कायम करने के लिए सभी राजनीतिक दलों द्वारा मुफ़्त दवा, मुफ़्त जाँच, मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त मैट्रो रेल यात्रा, मुफ़्त राशन, मुफ़्त शिक्षा, मुफ्त विवाह, मुफ्त जमीन के पट्टे, मुफ्त मकान बनाने के पैसे, बच्चा पैदा करने पर पैसे, बच्चा पैदा नहीं (नसबंदी) करने पर पैसे, स्कूल में खाना मुफ़्त, बिजली मुफ्त, मुफ्त तीर्थ यात्रा आदि के प्रलोभन देकर सत्ता पर अपना कब्जा बनाने में लगी है।

    *”जन्म से मृत्यु तक सब मुफ्त”* मुफ़्त बाँटने की होड़ सिर्फ और सिर्फ सत्ता हथियाने के लिए । ऐसे में देश का विकास कैसे होगा जब राजनेता और राजनीतिक दल देश की जनता का हित भुलकर अपना हित पूरा करने में लगे है ।

    *यह तो वहीं बात हुई – अंधी पीसे, कुत्ते खायें।*

    पिछले दस सालों से लेकर आगे आने वाले बीस सालों में एक ऐसी पीढ़ी तैयार हो रही है जो कुर्सी के पिस्सू, अस्थिर दिमाग वाले और निखथू के अलावा कुछ नहीं होंगे और इस कार्य को सम्पन्न करने में लगे हैं हमारे वह नेता और दल जो राजसत्ता पाने के लालच में घोषणा कर रहे हैं फ्री और सभी जो इनको सत्ता में काबिज करवाने में लगे हैं वह सब बनेंगे और कहलाएंगे पूर्णतया मुफ़्तखोर !

    जब मां – बाप, बड़े बुजुर्ग या कोई और पारिवारिक सदस्य उनको काम करने को कहेंगे तो वो गाली दे कर कहेंगे कि सरकार क्या कर रही है?

    आप सभी जानते हैं कि यह मुफ़्तखोरी की ख़ैरात कोई भी नेता / राजनीतिक दल अपनी जेब या पार्टी फ़ंड से नही देती बल्कि टैक्स दाताओं के पैसो से जो राष्ट्रहित में खर्च होने चाहिए से लुभावने वादों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करती है!

    हम अपने बच्चो और आने वाली पीढ़ी को मेहनतकश सभ्य नागरिक नहीं बल्कि “परजीवी” बनाने में लगे हैं वह भी उस लालच में जो पैसा वैसे भी हमारी प्रगति के लिए ही खर्च होना है!

    *देश का हाडतोड़ मेहनत और अक्ल लगाकर ईमानदारी से कमाने और टैक्स भरने वाला टैक्सदाता बहुसंख्यक मुफ़्तखोर समाज को कब तक और क्यों पालेगा* ?

    बीस – तीस सालों बाद आर्थिक समीकरण फ़ेल हो जाएगा उस समय मुफ़्तखोर पीढ़ी का क्या होगा ? जिस ने जीवन में कभी मेहनत की रोटी नही खाई होगी, हमेशा मुफ़्तखोरी में समय बिताया होगा और उन्हे फ्री नहीं मिलने पर हम सबकी पीढ़ी नक्सली बन जाऐगी, उग्रवादी बन जाएगी या आत्महत्या कर लेगी, परन्तु काम नही कर पायेगी!

    सोचने की बात है कि यह राजनीतिक दल और ऐसे नेता कैसे समाज का और देश का निर्माण कर रही हैं?

    *झूठा फ्री का लोभ मोह छोड़ कर गम्भीरता से चिंतन करिये, क्या हम सही रास्ते पर हैं?*

    जनहित में जारी
    *संजय बाटला*

  • बिजली बिल पर शुरू हुई राजनीति ! जिले के तीनो विधायको को ठहरा दिया जिम्मेदार ,जरा भाजपा की दलील सुनिए और जानिए क्या हैं मामला

    बिजली बिल पर शुरू हुई राजनीति ! जिले के तीनो विधायको को ठहरा दिया जिम्मेदार ,जरा भाजपा की दलील सुनिए और जानिए क्या हैं मामला

    जशपुर में बिजली बिल को लेकर राजनिति शुरू हो गई है।सोशल मीडिया और खबरों में बिजली बिल को लेकर आ रही शिकायतो के बाद भाजपा ने बिजली बिल में बढ़ोत्तरी के लिए सरकार को जिम्मेदार माना ही है साथ ही ही जिले  के तीनो विधायको को भी नहीं छोड़ा।भाजपा का कहना है इस मामले में तीनो विधायको की चुप्पी ने यह बता दिया है कि विधायक5 बिल में बढ़ोत्तरी का समर्थन कर रहे हैं।

    भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य  नितिन राय ने बयान जारी कर कहा है कि प्रदेश की कॉंग्रेस सरकार लगातार आमजनता के साथ छल कर रही है। इस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बिजली बिल हाफ करने का वादा किया था, लेकिन उसे आज तक पूरा नहीं किया। हद तो यह है कि एक तरफ  प्रदेश के सीधे सादे लोगों को गुमराह करने के लिए बिजली बिल में छूट प्रिंट करके दे रही है और दूसरी तरफ पिछले चार सालों में बिजली बिल की दर में भी बढोत्तरी की गई है।

    साथ ही नवम्बर माह के बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि, व्हीसीए जैसे शुल्क जोड़ कर लगभग 5 गुना बिजली बिल जारी होने की जानकारी मिल रही है।   राय ने आगे यह भी कहा कि प्रदेश की कॉंग्रेस की सरकार ने आमजनता के बिजली बिल हाफ करने के नाम पर जितनी राशि का छूट दिया है, उससे के गुना अधिक राशि तो बिजली की दर बढ़ाकर या अतिरिक्त सुरक्षा निधि, वीसीए जैसे शुल्क के द्वारा उपभोक्ता से ले रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के पास ऊर्जा मंत्रालय होने के बावजूद ऐसा हो रहा है, जिससे आम जनता के सामने कॉंग्रेसियों का दोहरा चरित्र एक बार फिर से उजागर हो गया है।

     

    जशपुर जिले के तीनों कॉंग्रेस के विधायकों ने इस मुद्दे पर मौन व्रत ले लिया है, किसी के मुंह से भी आमजनता के लिए एक शब्द नहीं निकला,  इस मुद्दे पर मौन रहना विधायकों का  बढ़े बिजली बिल के लिए समर्थन ही माना जायेगा।

    श्री राय ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से अपील करते हुए बिजली बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि, वीसीए जैसे शुल्क माफ करने और अपने घोषणा पत्र के अनुसार वास्तव में, बिजली बिल हाफ करने की मांग की है।

  • गाजीपुर : प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में रेलवे पास, NHAI फेल, पुल को जोड़ने के लिए नहीं शुरू हो सका कार्य

    गाजीपुर : प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में रेलवे पास, NHAI फेल, पुल को जोड़ने के लिए नहीं शुरू हो सका कार्य

    गाजीपुर प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ताड़ीघाट-मऊ नई रेल परियोजना के प्रथम फेज में सोनवल से सिटी रेलवे स्टेशन तक रेल लाइन बिछाने का कार्य अब अंतिम चरण में चल रहा है।गंगा में बन रहा रेल सह रोड ब्रिज भी करीब 95 फीसद बन गया है, लेकिन अभी तक रेल पुल के ऊपर बन रहे सड़क पुल को जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण शुरू भी नहीं हो सका है।

    रेलवे और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की खींचतान में अबतक कार्य अटका हुआ है जबकि दोनों का एक साथ निर्माण होना था। 14 नवंबर वर्ष 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 51 किमी लंबे ताड़ीघाट-मऊ नई रेल लाइन परियोजना की आधारशीला रखी थी। यह कार्य दो चरण में हो रहा है। प्रथम चरण में सोनवल से सिटी रेलवे स्टेशन तक कार्य अब अंतिम चरण में चल रहा है।

    इसी में गंगा नदी पर रेल सह सड़क पुल भी है। रेल व इसके ऊपर बन रहे सड़क पुल का कार्य भी एक साथ ही हो रहा है, जो 95 फीसद पूर्ण हो गया है। इसके आगे की रेल लाइन बिछाने का कार्य दो शिफ्ट में 24 घंटे चल रहा है।

    शोपीस बना रहेगा पुल,,,,,

    कार्यदायी संस्था आरवीएनएल का लक्ष्य है कि मार्च तक इस पर ट्रेन को दौड़ा दी जाए, लेकिन सड़क का निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हो सका है, जिसे एनएचएआइ वाराणसी को कराना है। मार्च में इस रूट पर ट्रेन तो दौड़ने लगेगी, लेकिन रेल के ऊपर बना सड़क पुल शोपीस बना रहेगा। इसको लेकर पहले से ही रेलवे और एनएचएआइ में खींचतान चलता रहा।

    आरवीएनएल की मानें तो करीब साढ़े पांच वर्ष बाद वह इसके लिए तैयार हुए। वहीं, एनएचएआइ का कहना है कि पहले सड़क का निर्माण भी रेलवे को ही कराना था। करीब पांच-छह माह पहले उन्होंने निर्णय लिया कि इसे एनएचएआइ कराएगा।

    इन्होंने कहा,,,,,

    पहले इसे रेलवे को कराना था, बाद में करीब पांच-छह महीने पहले उन्होंने निर्णय लिया कि सड़क का निर्माण एनएचएआइ करेगी। हम शीघ्र ही इसका टेंडर निकालने वाले हैं और कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।

    आरएस यादव, परियोजना निदेशक- एनएचएआइ वाराणसी।

    हम लोग सिर्फ रेल पुल और ट्रैक बना रहे हैं। एनएचएआइ सड़क कब बनाएंगी, इसकी जानकारी नहीं है। रेल पुल के ऊपर बन रहे सड़क पुल की ढलाई पूरी हो गई है। दो-तीन सप्ताह में रेलिंग का निर्माण भी पूरा हो जाएगा।

    विकास चंद्रा, सीपीम-आरवीएनएल।

  • महापौर /विधायक बनने का सब्जबाग दिखा रहे एवं स्वयं भी पाल रहे दुर्ग के ये नेता

    महापौर /विधायक बनने का सब्जबाग दिखा रहे एवं स्वयं भी पाल रहे दुर्ग के ये नेता

    दुर्ग । पिछलग्गू टीवी चैनल में पैसे के दम पर डिबेट में भाग लेकर अपनी राजनीतिक रोटी सेक कर तथ्यहीन आंकड़ों को पेश कर पार्टी संगठन में आगे बढ़ने की जुगत लगा रहे दुर्ग के एक नेता इन दिनों निजी चैनल का सहारा ले रहे है । चर्चा यहां तक है कि यह नेता छोटे-छोटे चैनलों में बड़ी-बड़ी ज्ञान की बातें कर चंद निजी चैनलों यूट्यूब चैनल के सहारे सोशल मीडिया में खुद प्रचार कर संगठन में अपने पैर जमाने की कोशिश में लगा हुआ है नेता के इस कदम से विपक्षी पार्टी तो दूर कई समर्थक भी दबी जुबान में व्यंग करते हुए नजर आते हैं ।

    बता दे कि दुर्ग से जुड़े हुए नेता डिबेट में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं जो कि कुछ चैनलों के पिछलग्गू बन गए हैं और सीधे तौर पर अपनी अपने मन की भड़ास टीवी चैनलों के माध्यम से जो कि प्रायोजित उन्हीं के नेताओं द्वारा की जाती है बैठकर मन की भड़ास निकालते नजर आ रहे हैं जिनका सपना था कि वह महापौर या विधायक तक पहुंच जाएंगे । हालांकि संगठन में पद तो मिल गया किंतु अभी फिलहाल पार्टी संगठन से जुड़ कर काम करने पर कुछ खास उपलब्धि दिख नहीं रहा है जिससे नेताजी काफी हताश बताए जा रहे हैं और तथाकथित दीदी से जुड़कर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने में लगे हुए हैं जो कि दुर्ग छत्तीसगढ़ से बाहर रहकर बिल्डिंग बनाते हैं वह अपने सपनों का महल दुर्ग महापौर और विधायक बनने का सपना लेकर चल रहे हैं जो खुद खास लोकल चैनलों के पिछले बनकर ही डिबेट किंग बन गए हैं । अब देखना यह है कि आने वाले समय में उनका यह डिबेट उन्हें खास मुकाम तक पहुंचाता है या कोशिश नाकाम होती है ।

  • सहरसा के महिषी में आज से मनाया जा रहा उग्रतारा महोत्सव

    सहरसा के महिषी में आज से मनाया जा रहा उग्रतारा महोत्सव

    सहरसा जिले के महिषी में आज से उग्रतारा महोत्सव का आयोजन प्रारंभ हुआ। 4 नवंबर से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय इस आयोजन में स्थानीय कलाकार से लेकर बाहरी एवं राज्य स्तरीय कलाकार जमकर अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। आज के इस कार्यक्रम मैं बिहार के उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ अन्य मंत्री व कलाकार सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।

    कला संस्कृति मंत्रालय बिहार सरकार द्वारा मनाया जाने वाला यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों कि मनोबल को बढ़ाता है। महिषी के सर्वोदय मंडल प्रांगण में चल रहे या कार्यक्रम में आसपास के काफी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

    इस कार्यक्रम का असर बगल के कोशी सेवा सदन प्रांगण मैं भी खूब दिखा। जिले के कई पदाधिकारियों के साथ साथ संस्था के डायरेक्टर राजेंद्र झा द्वारा वृक्षारोपण का अभियान चलाया गया। चाइल्ड लाइन सब सेंटर महिषी के टीम लीडर नीरज सादा के साथ-साथ टीम के सदस्य सुमन जी विनीता कुमारी पुष्पा कुमारी प्रमोद कुमारथाना प्रभारी स्थानीय मुखिया विधायक स्वतंत्रता सेनानी आदि ने मिलकर इस कार्यक्रम में अपना सहयोग किया।

     

  • क्यों फ्री की राजनीति करने वाले देश के दुश्मन हैं।

    क्यों फ्री की राजनीति करने वाले देश के दुश्मन हैं।

    *लेनिन का इतिहास पढ़ना और जानना राष्ट्र की रक्षा हेतू हम सबके लिए जरूरी है।*

    लेनिन रूस का था और भगवान ने रूस को संभलने का कोई मौका नही दिया लेकिन भारत को दिया है।*

    जैसे आज रूस का नाम रशियन फेडरेशन है , वैसे ही 1917 तक रशियन एम्पायर हुआ करता था यहाँ राजा था रानी थी।

    मंत्रियों के निकम्मेंपन और रानी के एक गलत सलाहकार के चक्कर मे 300 सालो से चला आ रहा यह साम्राज्य नष्ट हो गया।

    *रूस में गरीबी बढ़ रही थी और उसका फायदा उठाया व्लादिमीर लेनिन ने। लेनिन ने फेक्ट्री वर्कर्स और किसानों को भरोसा दिलाया कि फ्री पानी, फ्री बिजली, फ्री ट्रांसपोर्ट सब दूंगा बस राजा को मार दो और मुझे सत्ता दे दो*

    लोगो ने लेनिन की बातो में आकर 1917 में तख्तापलट कर दिया जिसे यहां के लोग क्रांति कहते है।

    लेनिन सत्ता में आया, देखा तो राजकोष खाली है, 2 महीने हो गए लोग वास्तव में भूखे थे तो प्रदर्शन करने लगे लेनिन ने लोगो को देशद्रोह के नाम पर मरवाना शुरू कर दिया बाद में सफाई दी कि उसमें कुछ राजा के नोबल थे।

    *आज तक लादेन और बगदादी ने अपनी किसी हरकत को आतंकवाद का नाम नही दिया लेकिन लेनिन ने रेड टेरर की थ्योरी दी। लेनिन ने कहा की आतंकवाद से ही गरीबो का उत्थान हो सकेगा इसलिए अमीरों को मारो और लूटो*

    लूटमार होती रही बीच बीच मे कुछ समझदार लोग लेनिन पर हमले कर देते थे तो कम्युनिस्टों को मौका मिल जाता था आतंकवाद करने का।

    आखिरकार लेनिन ने भूमि बांटनी शुरू कर दी, सभी रूसियो के पास जमीन थी, अनाज था, लेकिन बिजली अब नही थी और पानी की किल्लत भी यथावत थी।

    *1924 में लेनिन मर गया, आज 2022 चल रहा है रूस के लोगो के पास आज तक मुफ्त की बिजली और पानी नही है हालांकि उसी के चक्कर मे वो अपने राजा को मार चुके थे और अब तक 7 करोड़ से ज्यादा लोग आपस मे मर चुके है। रूस की आबादी 14 करोड़ है अर्थात फ्री के चक्कर मे आधा देश साफ कर दिया लेकिन हाथ चुहिया ही लगी।*

    अलेक्जेंडर केरेन्सकी जो कि बाद में लेनिन ने मौत का सौदागर कहा उन पर जानलेवा हमले करवाये और केरेन्सकी को देश छोड़कर भागना पड़ा।

    जो तबका कमजोर है उसे लेनिन बहुत अच्छा लगता है, उसे इससे कोई मतलब नही की संसाधन प्राकृतिक है या कृत्रिम। उसे तो *बस फ्री में मिल जाये तो मानो समुद्र मंथन हो गया।*

    जैसे लेनिन ने 100 साल पहले रूस को बर्बाद किया था वैसे ही हमारे भारत मे अब ऐसे राजनीतिक दल आ गए हैं जो टैक्स कट्स, फ्री का लालच देकर सत्ता पर अपना वर्चस्व कायम करने में लगे हैं और हमारे फ्री के लालच से कायम भी हो रहे हैं ।

    रूस के पास संभलने का मौका नही था लेकिन हमारे पास बहुत मौके है।

    *मातृभूमि की रक्षा कीजिये, आपको सशस्त्र संघर्ष नही करना है बस इन्हें वोट देना बंद कर दीजिए* । 6.2 प्रतिशत की रफ्तार से दौड़ रही जीडीपी के रास्ते मे खड़े सभी राजनीतिक दल और उनके नेता स्वतः ही हट जाएगा ।

  • क्यों फ्री की राजनीति करने वाले देश के दुश्मन हैं।

    क्यों फ्री की राजनीति करने वाले देश के दुश्मन हैं।

    *लेनिन का इतिहास पढ़ना और जानना राष्ट्र की रक्षा हेतू हम सबके लिए जरूरी है।*

    लेनिन रूस का था और भगवान ने रूस को संभलने का कोई मौका नही दिया लेकिन भारत को दिया है।*

    जैसे आज रूस का नाम रशियन फेडरेशन है , वैसे ही 1917 तक रशियन एम्पायर हुआ करता था यहाँ राजा था रानी थी।

    मंत्रियों के निकम्मेंपन और रानी के एक गलत सलाहकार के चक्कर मे 300 सालो से चला आ रहा यह साम्राज्य नष्ट हो गया।

    *रूस में गरीबी बढ़ रही थी और उसका फायदा उठाया व्लादिमीर लेनिन ने। लेनिन ने फेक्ट्री वर्कर्स और किसानों को भरोसा दिलाया कि फ्री पानी, फ्री बिजली, फ्री ट्रांसपोर्ट सब दूंगा बस राजा को मार दो और मुझे सत्ता दे दो*

    लोगो ने लेनिन की बातो में आकर 1917 में तख्तापलट कर दिया जिसे यहां के लोग क्रांति कहते है।

    लेनिन सत्ता में आया, देखा तो राजकोष खाली है, 2 महीने हो गए लोग वास्तव में भूखे थे तो प्रदर्शन करने लगे लेनिन ने लोगो को देशद्रोह के नाम पर मरवाना शुरू कर दिया बाद में सफाई दी कि उसमें कुछ राजा के नोबल थे।

    *आज तक लादेन और बगदादी ने अपनी किसी हरकत को आतंकवाद का नाम नही दिया लेकिन लेनिन ने रेड टेरर की थ्योरी दी। लेनिन ने कहा की आतंकवाद से ही गरीबो का उत्थान हो सकेगा इसलिए अमीरों को मारो और लूटो*

    लूटमार होती रही बीच बीच मे कुछ समझदार लोग लेनिन पर हमले कर देते थे तो कम्युनिस्टों को मौका मिल जाता था आतंकवाद करने का।

    आखिरकार लेनिन ने भूमि बांटनी शुरू कर दी, सभी रूसियो के पास जमीन थी, अनाज था, लेकिन बिजली अब नही थी और पानी की किल्लत भी यथावत थी।

    *1924 में लेनिन मर गया, आज 2022 चल रहा है रूस के लोगो के पास आज तक मुफ्त की बिजली और पानी नही है हालांकि उसी के चक्कर मे वो अपने राजा को मार चुके थे और अब तक 7 करोड़ से ज्यादा लोग आपस मे मर चुके है। रूस की आबादी 14 करोड़ है अर्थात फ्री के चक्कर मे आधा देश साफ कर दिया लेकिन हाथ चुहिया ही लगी।*

    अलेक्जेंडर केरेन्सकी जो कि बाद में लेनिन ने मौत का सौदागर कहा उन पर जानलेवा हमले करवाये और केरेन्सकी को देश छोड़कर भागना पड़ा।

    जो तबका कमजोर है उसे लेनिन बहुत अच्छा लगता है, उसे इससे कोई मतलब नही की संसाधन प्राकृतिक है या कृत्रिम। उसे तो *बस फ्री में मिल जाये तो मानो समुद्र मंथन हो गया।*

    जैसे लेनिन ने 100 साल पहले रूस को बर्बाद किया था वैसे ही हमारे भारत मे अब ऐसे राजनीतिक दल आ गए हैं जो टैक्स कट्स, फ्री का लालच देकर सत्ता पर अपना वर्चस्व कायम करने में लगे हैं और हमारे फ्री के लालच से कायम भी हो रहे हैं ।

    रूस के पास संभलने का मौका नही था लेकिन हमारे पास बहुत मौके है।

    *मातृभूमि की रक्षा कीजिये, आपको सशस्त्र संघर्ष नही करना है बस इन्हें वोट देना बंद कर दीजिए* । 6.2 प्रतिशत की रफ्तार से दौड़ रही जीडीपी के रास्ते मे खड़े सभी राजनीतिक दल और उनके नेता स्वतः ही हट जाएगा ।