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  • पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका

    पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका

    भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा

    दुनियां में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक है – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया

    वैश्विक स्तरपर भारत तेजी से बढ़ाने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसकी पुष्टि अमेरिकी रेटिंग एजेंसीज सहित विश्व बैंक भी कर चुका है, जबकि वैश्विक मंदी के दौर में भारत की वित्तीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के अंत या वर्ष 2024 के शुरुआती महीनों में अमेरिका यूरोप में मंदी आने की संभावनाएं जताई जा रही है। परंतु भारत ही एक ऐसा देश है जहां स्थिरता ही नहीं एक्सपोर्ट भी बढ़ता जा रहा ह जीएसटी कलेक्शन हर माह तेजी से बढ़ रहा है, विकास कार्यों में तेजी आ रही है। चूंकि आज दिनांक 5 दिसंबर 2023 को एक अमेरिकी रेटिंग कंपनी ने आकलन किया है कि वित्त वर्ष 2025-2026 में भारत की जीडीपी का ग्रोथ रेट 6.9 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। साथियों बात अगर हम दिनांक 5 दिसंबर 2023 को एक अमेरिकी रेटिंग कंपनी के आकलन की करें तो, एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स का कहना है कि 2030 तक भारत दुनियां की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत  पहुंच जाएगी। ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024  में एस एंड पी ने लिखा कि हमें लगता है वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.4प्रतिशत रहेगी। जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9प्रतिशत पहुंच जाएगी, एजेंसी ने आगे लिखा, भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और हमारी उम्मीद है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अगले तीन साल तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा। फिलहाल भारत दुनियां की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत से पहले अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान हैं। एजेंसी ने कहा, बड़ा टेस्ट इस बात का होगा कि क्या भारत अगला बड़ा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकेगा या नहीं, जो एक बड़ा मौका है। एक मजबूत लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क, भारत को एक सर्विस बेस्ड इकोनॉमी से मैन्युफैक्चरिंग डोमिनेटेड इकोनॉमी बनाने में अहम फैक्टर रहेगा। जबकि लेबर मार्केट का भारत कितना लाभ उठा पाता है, ये इस पर निर्भर करेगा कि लोगों को कितना कुशल बनाया जाता है और वर्कफोर्स में महिला भागीदारी कितनी बढ़ती है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंगलवार को चीन की अर्थव्यवस्था के आउटलुक को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव कर दिया है। इसकी वजह लगातार मीडियम टर्म इकोनॉमिक ग्रोथ का कमजोर रहना और प्रॉपर्टी सेक्टर का कमजोर होना रही है। हालांकि एजेंसी ने चीन की ओवरऑल रेटिंग ए 1′ पर बरकरार है।भारत इस समय दुनियां में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. हालांकि अभी देश की जीडीपी फिलहाल 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को नहीं छू पाई है, लेकिन इस नई ऊंचाई तक पहुंचने से बहुत दूर भी नहीं है। दरअसल रविवार को सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट बहुत वायरल हुआ, जिसमें भारत की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर हो जाने का दावा किया जा रहा था। एक नई उपलब्धि के तौर पर कई सोशल मीडिया चैनलों ने इसे हाथो-हाथ लिया। हालांकि बाद में पता चला कि ये स्क्रीनशॉट सही नहीं है, परंतु 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत।बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अगले तीन साल तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा।साथियों बात अगर हम पीएम के 5 इंडियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सपने की करें तो हमारे माननीय पीएम ने इंडियन इकोनॉमी को लेकर जो सपना देखा है, उसका जिक्र उन्होंने और उनकी सरकार के मंत्रियों ने कई मौकों पर किया है। इनमें एक है कि आने वाले पांच-छह साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के तौर पर पेश करना,भारत अभी करीब 3.7 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और दुनियां में सबसे तेजी से आगे बढ़ती इकोनॉमी बना हुआ है. वर्ल्ड बैंक से लेकर आईएमएफ जैसे वैश्विक निकायों से लेकर तमाम रेटिंग एजेंसियां भी भारत को लेकर सकारात्मक बनी हुई हैं। इसके साथ पीएम  के भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को लेकर भरोसा जताया है और कहा है कि भारत 2030 तक ये कमाल कर सकता है। मंगलवार को जारी ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024 में रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने कहा है कि भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसके साथ ही इसमें कहा गया कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी वृद्धि 7 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। एसएंडपी ने मार्च 2024 (2023-24) तक वित्त वर्ष में 6.4 फीसदी जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.2 फीसदी रही थी। रेटिंग एजेंसी के अनुसार, ग्रोथ रेट अगले वित्त वर्ष (2024-25) में 6.9 फीसदी पर पहुंचने से पहले 6.4 फीसदी बनी रहेगी और 2026-27 में ये 7 फीसदी पर पहुंच जाएगी।साथियों बात अगर हम जीडीपी को समझने करें तो जीडीपी इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है।जीडीपी देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं, उन्हें भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है। जीडीपी दो तरह की होती है। रियल जीडीपी और नॉमिनल जीडीपी। रियल जीडीपी में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल जीडीपी को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। यानी 2011-12 में गुड्स और सर्विस के जो रेट थे, उस हिसाब से कैलकुलेशन। वहीं नॉमिनल जीडीपी का कैलकुलेशन करेंट प्राइस पर किया जाता है। जीडीपी को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। जीडीपी=सी+जी+आई+एन एक्स, यहां सी का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, जी का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, आई का मतलब इन्वेस्टमेंट और एनएक्स का मतलब नेट एक्सपोर्ट है। जीडीपी को घटाने या बढ़ाने के लिए चार इम्पॉर्टेंट इंजन होते हैं। पहला है, आप और हम। आप जितना खर्च करते हैं, वो हमारी इकोनॉमी में योगदान देता है। दूसरा है, प्राइवेट सेक्टर की बिजनेस ग्रोथ। ये जीडीपी में 32प्रतिशत योगदान देती है। तीसरा है, सरकारी खर्च।इसका मतलब है गुड्स और सर्विसेस प्रोड्यूस करने में सरकार कितना खर्च कर रही है। इसका जीडीपी में 11 प्रतिशत योगदान है। और चौथा है, नेट डिमांड। इसके लिए भारत के कुल एक्सपोर्ट को कुल इम्पोर्ट से घटाया जाता है, क्योंकि भारत में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट ज्यादा है, इसलिए इसका इम्पैक्ट जीडीपी पर निगेटिव ही पड़ता है।
    अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका ! भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।दुनियां में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक है।

  • चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर

    चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर

    चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर
    रुड़की, लंढौरा (देशराज पाल)। चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान हासिल किया है। इनमें से दो छात्राओं ने यूनिवर्सिटी टॉप किया है।श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने विगत सत्रों की टॉपर्स लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की विभिन्न उपाधियां में टॉप 3 स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के नाम जारी किए गए हैं। इस बार चमनलाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी मेरिट में 7 स्थान प्राप्त किए हैं। एमए होम साइंस में अंजलि प्रदीप चौधरी ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी टॉप की है। इस विषय में दूसरे स्थान पर भी चमनलाल महाविद्यालय की छात्रा पूर्णिमा शर्मा रही हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर ड्राइंग एंड पेंटिंग विषय में निशा कंचन ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया है। एमलिब उपाधि में नेहा ने 72 फीसद अंकों के साथ दूसरा और वैशाली पुंडीर ने 70 फीसद अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।बीएससी होम साइंस में भी महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी योग्यता का उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस उपाधि में पहला और तीसरा स्थान चमनलाल महाविद्यालय की छात्राओं को प्राप्त हुआ। शिवानी सेठपाल ने 77 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी टॉप की, जबकि सना परवीन ने 73 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने बताया कि हरिद्वार जनपद के समस्त महाविद्यालयों में चमनलाल महाविद्यालय की सर्वाधिक छात्राओं ने यूनिवर्सिटी की मेरिट में स्थान प्राप्त किए हैं। पूर्व में भी महाविद्यालय की एक छात्रा यूनिवर्सिटी टॉप कर चुकी है। महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने कहा कहा कि सभी टॉपर्स को आगामी गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
  • अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाले खुद का ही करेंगे नुकसान

    अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाले खुद का ही करेंगे नुकसान

    हाल ही में एक टी वी चैनल ने सर्वे करवाया था कि ‘क्या सोनिया गाँधी ,खरसे ,और अधीर रंजन चौधरी का राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नहीं जाने का फैसला आत्मघाती  सिध्द होगा ? ‘ के उत्तर में जनता का उत्तर हाँ में आया है उसके बावजूद भी बहिष्कार करने वाले इंडिया गठबंधन  के विपक्षी नेताओं कांग्रेस नेतृत्व भी शामिल हो गया है। ज्ञात हो कि आयोजन समिति की तरफ से सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अधीर रंजन चौधरी को 22 जनवरी के राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का न्योता दिया गया था।कांग्रेस की तरफ से नेताओं को न्योता मिलने की पुष्टि भी की गई थी, और सही समय पर फैसला सामने आने की बात भी कही गई थी, लेकिन अब कांग्रेस ने साफ साफ बोल दिया है कि पार्टी प्राण प्रतिष्ठा समारोह के न्योते को ससम्मान अस्वीकार करती है।कांग्रेस के फैसले में तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी के इस मुद्दे पर तीखे बयान का भी असर लगता है। कांग्रेस से ठीक पहले ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में ईश्वर और अल्लाह की कसम खाते हुए समारोह के बहिष्कार की घोषणा की थी। कांग्रेस के साथ ही इंडिया गठबंधन  के करीब करीब सभी नेताओं का रुख राम मंदिर उद्घाटन समारोह के मुद्दे पर सामने आ चुका है। कुछ नेता ऐसे जरूर हैं जो अभी तक समारोह में जाने को लेकर किसी न किसी बहाने चुप्पी साधे हुए हैं – और ऐसे नेताओं में अरविंद केजरीवाल और नीतीश कुमार जैसे दो प्रमुख नाम भी शामिल हैं। कांग्रेस ने जैसे आधिकारिक बयान जारी कर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अधीर रंजन चौधरी को राम मंदिर के उद्घाटन समारोह का न्योता मिलने की बात कही थी, निमंत्रण ठुकराने के मामले में भी बिलकुल वैसा ही किया है। न्योता मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं के समारोह में शामिल होने को लेकर पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने तब सिर्फ इतना ही कहा था कि 22 जनवरी को सब कुछ मालूम हो जाएगा। कांग्रेस महासचिव ने समारोह में कांग्रेस नेताओं को बुलाये जाने के लिए आभार भी जताया था – लेकिन अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस का कोई भी नेता अयोध्या नहीं जाएगा।अब कांग्रेस ने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के न्योते को ससम्मान अस्वीकार कर दिया है, और इसके साथ ही न्योता ठुकराये जाने की वजह भी बताई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। कांग्रेस की तरफ से कहा गया है, ‘भगवान राम की पूजा अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं। धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय होता है, लेकिन भाजपा और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक प्रोजेक्ट बना दिया है। साफ है कि एक अर्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है।’ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश को शायद नहीं मालूम कि किसी धार्मिक भव्य ईमारत को बनने में वर्षों लगते है ।  उदाहरणतह मुंबई के पायधुनी स्थित ‘गोदिजी पार्श्वनाथ मंदिर ‘ को ही देखे , मंदिर का काम वर्षों से चलता आ रहा है । जैन समाज के धनपत जैन के अनुसार हमारे हिन्दू जैन मंदिरों का काम अनंत चलता रहता है ।  पहले तो कांग्रेस की तरफ से बताया गया था कि नेताओं के समारोह में शामिल होने की बात 22 जनवरी को ही सामने आएगी, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि ज्याादतर मामलों में देर से फैसला लेने वाली कांग्रेस ने ये बात 10 जनवरी को ही बता दी? क्या कांग्रेस के जल्दी से फैसला लेने में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद तीखे और सख्त बयान की भी कोई भूमिका ही  हो सकती है? ये सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि कांग्रेस का फैसला ममता बनर्जी के बयान के ठीक एक दिन बाद आया है।ममता बनर्जी ने कहा था, ‘मुझसे राम मंदिर को लेकर पूछा गया था…  मैं उस तरह के उत्सव में यकीन रखती हूं, जो सबको साथ लेकर चलता है।’ राम मंदिर उद्घाटन समारोह को नौटंकी करार देते हुए ममता बनर्जी का कहना था, ‘मैं ईश्वर और अल्लाह की कसम खाकर कहती हूं …  जब तक मैं रहूंगी तब तक कभी हिंदू और मुसलमान में भेदभाव करने नहीं दूंगी …  मैं लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने में विश्वास नहीं रखती।’गौरतलब है कि कांग्रेस के इस निर्णय का कांग्रेस में ही विरोध शुरू हो गया है ।  कांग्रेस के ही एक नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पार्टी के फैसले पर दुख प्रकट किया है।  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राम मंदिर कहा कि जो लोग राम मंदिर का विरोध कर रहे हैं, उनकी बुद्धि खराब हो गई है। राम मंदिर निर्माण का समर्थन सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का निमंत्रण मिला, उनका सौभाग्य है। श्री राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकराना बेहद दुर्भाग्य पूर्ण और आत्मघाती फैसला है, आज दिल टूट गया। बताते हैं कि आचार्य प्रमोद कृष्णम को भी अलग राम मंदिर उद्घाटन समारोह का न्योता मिला हुआ है – फिर तो देखना होगा कि क्या आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के स्टैंड को नजरअंदाज कर अयोध्या जाते हैं? और क्या अयोध्या जाने के बाद भी वो कांग्रेस में बने रहते हैं?इंडिया गठबंधन के दूसरे दलों की बात करें तो 26 दिसंबर, 2023 को ही सीताराम येचुरी ने ये कहते हुए राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया कि धर्म एक व्यक्तिगत पसंद से जुड़ा मामला है। सीपीएम की तरफ से कहा गया कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा  और आरएसएस ने एक धार्मिक समारोह को सरकारी कार्यक्रम में बदल दिया है, जिसमें सीधे प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बाकी सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।पार्टी की तरफ से एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया, ‘हमारी नीति धार्मिक मान्यताओं और हर व्यक्ति के भरोसे को आगे बढ़ाने के अधिकार का सम्मान करना है। धर्म निजी पसंद का मामला है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिये।समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव का इस मामले में काफी ढुलमुल रवैया अपना रहे है ।  पहले तो अखिलेश यादव और फिर मैनपुरी सांसद डिंपल यादव का भी बयान आया था कि न्योता मिलने पर वे निश्चित तौर पर अयोध्या जाएंगे। लेकिन बाद में अखिलेश यादव ने जो रुख अपनाया, ऐसा लगता है जैसे पहले उनको लग रहा था कि न्योता तो मिलने से रहा, लेकिन ये दांव उलटा पड़ गया। विश्व हिंदू परिषद की तरफ से अखिलेश यादव को न्योता दिये जाने की बात होने लगी तो पता चला कि अखिलेश यादव ने तो न्योता स्वीकार ही नहीं किया है। बताते हैं कि अखिलेश यादव को वीएचपी की तरफ से आलोक कुमार न्योता देने गये थे, लेकिन वो लेने से मना कर दिये। अखिलेश यादव ने ये कह कर न्योता लेने से इनकार कर दिया कि वो उनको जानते ही नहीं।उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी 22 जनवरी के समारोह राजनीतिक कार्यक्रम बताते हुए उनकी पार्टी की तरफ से किसी के भी अयोध्या जाने से मना कर दिया था। हालांकि, संजय राउत का कहना था कि वे लोग अयोध्या तो जाएंगे, लेकिन तब जब भाजपा  का कार्यक्रम खत्म हो जाएगा।तभी संजय राउत ने कह दिया था, ‘ये पूरी तरह राजनीति है। भाजपा  के समारोह में भला कौन शामिल होना चाहता है? ये कोई देश का कार्यक्रम नहीं है। ये भाजपा  की रैली है।’ ऐसे तो अरविंद केजरीवाल दिल्ली में दिवाली मनाते हैं, चुनावों में नोटों पर लक्ष्मी और गणेश की तस्वीर छापने की मांग करते हैं, और अयोध्या पहुंच कर जय श्रीराम के नारे भी लगाते हैं, लेकिन राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होने को लेकर चुप्पी साधे रखी है। आम आदमी पार्टी की तरफ से कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अरविंद केजरीवाल को राम मंदिर उद्घाटन समारोह का न्योता ही नहीं मिला है। अरविंद केजरीवाल की तरह ही नीतीश कुमार का रुख भी देखा गया है, जबकि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कामेश्वर चौपाल बिहार के मुख्यमंत्री को न्योता देने खुद गये थे, लेकिन पहले से समय नहीं लेने के कारण नीतीश कुमार से भेंट नहीं हो पाई थी। फिर कामेश्वर चौपाल ने नये सिरे से मिल कर निमंत्रण देने की बात कही थी। नीतीश कुमार के महागठबंधन की तरफ से सिर्फ आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव का बयान आया था। तेज प्रताप यादव का कहना कि  भगवान राम तो तभी घर आएंगे जब केंद्र में इंडिया गठबंधन  का झंडा लहराएगा। यह तो वाही बात हुई कि न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी ।झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान भी अखिलेश यादव जैसा ही है। हेमंत सोरेन ने कहा है कि अगर निमंत्रण मिला तो वो अयोध्या में आयोजित राम मंदिर उद्घाटन समारोह में जाएंगे। अब कांग्रेस के निमंत्रण ठुकरा देने के बाद JMM नेता का क्या रुख होता है, देखना दिलचस्प होगा। नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला का कहना है कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह देश में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत खत्म करने का रास्ता साफ करेगा। अयोध्या के समारोह में जाने का फैसला निजी पसंद और नापसंद का मामला है। फारूक अब्दुल्ला ने लगे हाथ ये भी कहा है, ‘स्वर्ग के दरवाजे तभी खुलेंगे जब आप भगवान के सामने गवाही देंगे कि हमने सही काम किया है अन्यथा सभी लोग नरक में जाएंगे।’ भाजपा  नेता और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने पहले ही कहा था कि -आमंत्रण सभी को भेज दिए गए हैं लेकिन भगवान राम ने बुलाया है वही शामिल होंगे। इस फैसले पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस  ने कुछ नया नहीं किया। वे हमेशा से भगवान राम का विरोध करते आए हैं और सनातन को अपमान करने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर भगवान राम के अस्तित्व को भी नकारा है। अगर उन्होंने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को बॉयकॉट करने का फैसला लिया है तो देश की जनता आगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें बॉयकॉट करेगी।

  • बरेका में याद किए गए शास्त्री जी

    बरेका में याद किए गए शास्त्री जी

    बरेका में याद किए गए शास्त्री जी
    संतोष कुमार नागवंशी
    वाराणसी 11 जनवरी त्याग, संघर्ष और समर्पण के प्रतिमान, शुचिता, सादगी और सरलता की प्रतिमूर्ति, देश के अद्वितीय प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्य तिथि पर बनारस रेल इंजन कारखाना के प्रशासन भवन परिसर में स्थापित शास्त्री जी की प्रस्तर प्रतिमा पर आज 11 जनवरी, 2024 को माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के माध्यम से बरेका कर्मियों ने शास्त्री जी का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उल्लेखनीय है कि ‘जय जवान – जय किसान’ के आह्वान से संपूर्ण भारतीय समाज को नई दिशा देने वाले निडर, साहसी, धरती के लाल लाल बहादुर शास्त्री ने बरेका द्वारा निर्मित प्रथम रेल इंजन कुंदन WDM2 का लोकार्पण किया था। इस वजह से भी बरेका कर्मियों में शास्त्री जी के प्रति श्रद्धा, आदर एवं अपनत्व का भाव परिलक्षित होता है।”शास्त्री जी – अमर रहें”, “जय जवान – जय किसान”, “जब तक सूरज चांद रहेगा – शास्त्री जी का नाम रहेगा”, “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम्” के उद्घोष के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में बरेका के जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार, सुप्रसिद्ध उद्घोषक अमलेश श्रीवास्तव, कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा, धर्मेन्द्र सिंह पूर्व कर्मचारी परिषद सदस्य विष्णु देव दुबे, प्रदीप यादव, सुशील सिंह संस्थान बरेका के पदाधिकारी रविंद्र प्रसाद यादव एवं अखिलेश कुमार सहित अभय कुमार तिवारी, शशि भूषण तिवारी, मुकेश चन्द्र वर्मा, उमेश श्रीवास्तव, आलोक कुमार सिंह, नीरज श्रीवास्तव, सरोज कुमार सिंह, राजेश कुमार श्रीवास्तव, धीरज श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव सहित सैकड़ों बरेका कर्मी शामिल रहे।
  • युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप

    युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप

    युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप।
    युद्ध और हिंसा क्रोध से शुरू होकर पश्चाताप और दुखों के चिंतन में खत्म होता है। मौजूदा रूप से इसराइल हमास युद्ध में हजारों लोगों की जानें चली गई और 30 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी लोग बेघर हो गए,और युद्ध अभी तक थमा नहीं है युद्ध की चिंगारी एक दूसरे आक्रमण करने से भड़कती जा रही है न जाने इसका अंजाम क्या होगा। इसी तरह रूस और यूक्रेन युद्ध कि इतने दिनो से ज्यादा के युद्ध की परिणति में शिवाय पश्चाताप के कुछ नहीं हैl रूस अपने सनकी राष्ट्रपति पुतिन की जिद की बलि चढ़ गया है। वह यूक्रेन से जीत कर भी मानसिक और वैचारिक रूप से हार गया हैl रूस अपने को जितना बलशाली, शक्तिशाली समझता था अब उसकी पोल खुल गई है, 1 वर्ष से ज्यादा समय से युद्ध में रूस यूक्रेन जैसे छोटे देश को जीत नहीं पाया हैl यूक्रेन भी अपनी राष्ट्रपति की हठधर्मिता के कारण पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुका है. यूक्रेन के 1करोड़40लाख नागरिक देश छोड़कर शरणार्थी बन चुके हैं। 40 हजार इमारतें बर्बाद हुई 20 लाख बच्चे घरों से दूर होकर शिक्षा से वंचित हो गए। ईसी तरह यूक्रेन तथा रूस के लगभग 50 हजार सैनिक युद्ध में मारे गए है।यह युद्ध की विभीषिका कहां तक जाएगी इसका आकलन करना तो कठिन है पर इसके परिणाम अत्यंत अमानवीय,कारुणिक और आर्थिक नुकसान देने वाले साबित हुए हैं।रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन के तथाकथित दोस्तों अमेरिका तथा नैटो देशों ने सक्रियता से मैदान में साथ नहीं दिया, केवल दूर से यूक्रेन को शाबाशी देते रहे यूक्रेन अब संपूर्ण बर्बादी के कगार पर है। रूस का उसके अपने ही राष्ट्र में युद्ध के खिलाफ विरोध के स्वर उभर रहे हैं। नोबेल पुरस्कार प्राप्त पत्रकार ने अपने पूर्व में प्राप्त नोबेल पुरस्कार मेडल को बेचने का ऐलान किया है एवं यूक्रेन में मरने वाले हजारों बच्चों के हित में वह धनराशि रेड क्रॉस को प्रदान करेगा। पत्रकार ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण का रूस की जनता अंदरूनी तौर पर विरोध करती है एवं भारी असंतोष भी हैl मैं आपको रूस यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि का इतिहास बताता हूं।यूक्रेन एक छोटा सा राज्य है, उसकी सैन्य शक्ति भी इतनी क्षमतावान नहीं है कि रूस या अन्य शक्तिशाली देश का सैन्य मुकाबला कर सके,पर अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो के 30 देशों के बहकावे में आकर उसने रूस को नाराज करना शुरू कर दिया था। यूक्रेन को यकीन था कि रूस के आक्रमण के समय अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इजरायल और नाटो के कई देश उसकी रक्षा करेंगे, पर ताकतवर,शक्तिमान रूस के हमले के सामने ना तो अमेरिका ने अपना सैन्य आक्रमण किया ना ब्रिटेन ने अपनी सेना ही भेजी और ना ही अन्य नाटो देश में रूस के खिलाफ किसी तरह की जंग ही की है ,केवल दूर से बैठकर समझौते करने की बात करते रहे और रूस के आक्रमण की निंदा ही की है। यह आलेख लिखते तक रूस ने कीव पर कब्जा भी कर लिया होगा और उसके समस्त एयर बेस सैनिक अड्डों को नष्ट कर दिया है। यूक्रेन का एयर डिफेंस पूरी तरह चरमरा गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बताया कि रूस ने सभी सैनिक हवाई अड्डों पर रॉकेट लॉन्चर दाग कर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया है, यूक्रेन के लगभग 40 सैनिकों को मार भी गिराया है, इसमें 10 निर्दोष नागरिक भी मारे गए हैं। रूस ने दावा किया था कि वह नागरिक ठिकानों पर बमबारी नहीं करेंगा पर मिसाइल तथा गोलियां सैनिकों तथा नागरिकों को अलग-अलग नहीं पहचानती है, और यही वजह है कि सैनिकों के साथ नागरिक भी मारे गए। वर्ष 1914 में यूक्रेन से रूस ने क्रीमिया को अलग कर अपने अधिपत्य में ले लिया था। रूस का कहना है कि अमेरिका ब्रिटेन और नाटो देश यूक्रेन को एक न्यू क्लियर सामरिक अड्डा रूस के खिलाफ बनाने की तैयारी कर चुके हैं, और इन सभी देशों के साथ यूक्रेन भी रूस की प्रतिरक्षा प्रणाली को बहुत बड़ा खतरा बन गया है। यूक्रेन पर अमेरिकी प्रशासन का पूरा पूरा नियंत्रण है, यूक्रेन प्रशासन केवल कठपुतली मात्र है। इसे संचालित करने वाला अमेरिका तथा ब्रिटेन ही है। यूक्रेन लगातार नाटो देश की सदस्यता के लिए प्रयास करता रहा है और अमेरिका चाहता है कि यूक्रेन नाटो देश का सदस्य बन कर रूस के खिलाफ एक सामरिक अड्डे की तरह उनके काम आए। तत्कालिक कारणों में रूप द्वारा गैस तथा तेल के लिए बिछाई गई पाइप लाइन जो जर्मन तक गैस तथा तेल पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ थी। जर्मन एक बहुत बड़ा तेल तथा गैस का बाजार है, यहां से सारे यूरोप में आर्थिक गतिविधि शुरू होकर गैस तथा तेल की सप्लाई की जाती है जो कि एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र हैयह गैस पाइपलाइन यूक्रेन के क्षेत्र से होकर जनवरी तक जाती है। इससे नाटो देश को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान की संभावना भी है। दूसरी तरफ यूक्रेन, क्रीमिया को अपने पास वापस अपने अधिपत्य में लेना चाहता है, जो वर्तमान में रूस के कब्जे में है, इसके अलावा रूस ने यूक्रेन के दो बड़े क्षेत्र लुहानस्क और डोनट्स रिपब्लिक को राज्य के रूप में मान्यता दे दी है, यह बहुत बड़े क्षेत्र और इन्हीं के माध्यम से उसने अपनी सेना को यूक्रेन में दाखिल भी किया था। इन दो बड़े रिपब्लिक को देश की तरह मान्यता देने पर अमेरिका तथा ब्रिटेन और नाटो देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की बात कह कर भरपूर सार्वजनिक निंदा भी की है और किसी स्वतंत्र देश की प्रभुसत्ता पर हस्तक्षेप भी बताया है। रूस के इस यूक्रेन पर आक्रमण से भारत की चिंता अपने 20 हजार नौजवान छात्रों को जो युक्रेन में अध्ययन कर रहे थे। अब वहां फंसे हुए हैं, उन्हें बचाने की भी है। यूक्रेन तथा रूस के बीच शांति स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मध्य रात्रि के बीच लगभग 40 मिनट बात कर शांति स्थापना के अपील भी की है एवं नागरिकों को वहां से निकालने की चिंता से भी अवगत कराया है। निश्चित तौर पर भारत के यूक्रेन तथा रूस के साथ अच्छे संबंधों के कारण शांति बहाली की अपील कर रहा है, और इसका असर भी हो सकता है । यह तो तय है कि रूस और यूक्रेन के बीच यदि युद्ध में कोई भी विदेशी ताकत हस्तक्षेप करती है, तो विश्व युद्ध की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। रूस ने यूक्रेन की मदद के लिए किसी भी देश के आने पर भयानक परिणाम होने की चेतावनी भी दे डाली है। यूक्रेन को इस आफत में फंसाने एवं उसे रूस के विरुद्ध उकसाने के लिए अमेरिका ब्रिटेन और नाटो देशों की भूमिका सदैव संदिग्ध ही रही है।
  • आनंदा डेयरी ने 130 टीन देशी घी अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा में बनने वाले प्रसाद के लिए  भेजा

    आनंदा डेयरी ने 130 टीन देशी घी अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा में बनने वाले प्रसाद के लिए  भेजा

    आनंदा डेयरी ने 130 टीन देशी घी अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा में बनने वाले प्रसाद के लिए  भेजा
    एडीएम व डायरेक्टर सुनीता दीक्षित ने आनंद देसी घी से भरी गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर  रवाना किया
    हापुड़,  अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन 22 जनवरी को धूमधाम के साथ क्या जा रहा है ! प्रतिमाओं के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देशभर से श्री राम भक्त लाखों की संख्या में पूजा अर्चना कर भगवान श्री राम को याद करेंगे भगवान के भोग लगे के लिए और भक्तों के प्रसाद के लिए आनंदा डेयरी के परिवार ने भगवान श्री राम में आस्था रखते हुए आनंदा डेयरी से 130 टीन देशी घी अयोध्या भेजा। आनंदा डेयरीलिमिटेड ग्रुप ने 130 टीन 1950 किलो ग्राम देशी घी अयोध्या राम मंदिर में  प्राण प्रतिष्ठा के लिए निःशुल्क भेजे गए हैं! हापुड़ अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार की उपस्थितिमें आनंदा डेयरी की डायरेक्टर सुनीता दीक्षित और राहुल दीक्षित व आनंदा के समस्त परिवार ने देशी घी टीन से भरी गाड़ी की पूजा अर्चना कर आनंदा डेयरीप्रांगण खैरपुर खैराबाद पिलखुवा से अयोध्या को हरी झंडी दिखाकर रवाना कियागया । कम्पनी डायरेक्टर सुनीता दीक्षित ने बताया कि यह उनके लिए एक एतिहासिक दिन है, जब प्रभु श्रीराम के मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में कम्पनी का देशी घी अर्पित करने का सौभाग्य मिला है।
  • डाक विभाग द्वारा डीबीटी भुगतान की सुविधा हेतु विशेष अभियान: वाराणसी परिक्षेत्र में 10 हजार से अधिक लोगों ने तत्काल खुलवाए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते

    डाक विभाग द्वारा डीबीटी भुगतान की सुविधा हेतु विशेष अभियान: वाराणसी परिक्षेत्र में 10 हजार से अधिक लोगों ने तत्काल खुलवाए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते

    डाक विभाग द्वारा डीबीटी भुगतान की सुविधा हेतु विशेष अभियान: वाराणसी परिक्षेत्र में 10 हजार से अधिक लोगों ने तत्काल खुलवाए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते
    डाकिया बना चलता-फिरता बैंक, घर बैठे सीधे खाते में मिलेगी डीबीटी की राशि- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव*वाराणसी परिक्षेत्र में कुल 8 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाता, घर बैठे मिल रही सेवाएं – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
    देवेंद्र पांडेय
    डाक विभाग द्वारा डीबीटी भुगतान की सुविधा सीधे खाते में उपलब्ध कराने के लिए वाराणसी परिक्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर 10 हजार से ज्यादा खाते खोले गए। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए मात्र आधार व मोबाईल नम्बर द्वारा ये पेपरलेस खाते खोले गए। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक 8 लाख से ज्यादा लोग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाता खुलवा चुके हैं और घर बैठे इसकी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंटस बैंक के माध्यम से हर किसी के लिए रसोई से लेकर खेत-खलिहानों तक, स्कूलों से लेकर ऑफिस और दुकानों तक सहजता से डिजिटल और पेपरलेस बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई डीबीटी रकम भी घर बैठे लोग अब डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं। जहाँ कोई नहीं पहुँचता, वहाँ डाकिया पहुँच रहा है। अब डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक चलते- फिरते बैंक बन गए हैं। असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहां पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक खातों से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है। डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है।
    पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इस अभियान के दौरान लोगों को डाकघरों में या सुदूर क्षेत्रों में ऑनस्पॉट उनके दरवाजे पर ही इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के खाते खोलने की सुविधा प्रदान की जा रही है। मात्र ₹200 से इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का प्रीमियम खाता भी खोला जा सकता है। खाता खुलते ही आधार से लिंक एवं एनपीसीआई लिंक हो जाता है। इस खाते को तुरंत ऑनलाइन  किया जा सकता है, जिससे सभी प्रकार की सब्सिडी जैसे- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, उज्जवला सब्सिडी, विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप, विधवा पेंशन योजना, परिषदीय विद्यालय में विद्यार्थियों हेतु पोषक/स्कूल बैग हेतु लाभ जैसी भारत सरकार और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं की डीबीटी तुरंत आईपीपीबी खाते में प्राप्त होना शुरू हो जाएगी। इस खाते के माध्यम से मोबाइल व डीटीएच रिचार्ज, बिजली व पानी बिल भुगतान जैसी तमाम सुविधाएँ मिल रही हैं । साथ ही साथ प्रीमियम खाते को डाक विभाग के बचत खाते से लिंक कराने पर डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे बचत खाते, आवर्ती खाते, सुकन्या एवं पीपीएफ खाते में घर बैठे जमा की सुविधा प्राप्त की जा सकती है।
  • चेयरमैन नरगिस द्वारा नगर के चट्टी चौराहों पर जलवाए जा रहे अलाव

    चेयरमैन नरगिस द्वारा नगर के चट्टी चौराहों पर जलवाए जा रहे अलाव

    चेयरमैन नरगिस द्वारा नगर के चट्टी चौराहों पर जलवाए जा रहे अलाव
    राहगीरो व मजदूरों को नही होगी ठंड महसूस: नरगिस अतहर
    भदोही। नगर पालिका परिषद भदोही चेयरमैन नरगिस अतहर द्वारा प्रतिदिन नगर में अलाव की व्यवस्था की जा रही है। खासतौर से हर चट्टी चौराहों पर शाम के समय नगर पालिका के वाहन द्वारा लकड़ी गिराई जा रही है जिससे लोगो को काफी सहूलियत मिल रही है। वहीं चेयरमैन नरगिस अतहर ने नगर पालिका के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि ठंड का मौसम देखते हुए खासतौर से नगर के हर चौराहों व रेलवे स्टेशन पर अलाव की व्यवस्था नियमित रूप से किया जाय ताकि राहगीरों, मुसाफिरों व मजदूरों को ठंड से बचाया जा सके। कहा इसमे कोताही बरदाश्त नही की जाएगी। ज्ञात हो कि ठंड को देखते हुए नगर पालिका परिषद भदोही द्वारा भदोही रेलवे स्टेशन परिषर में रैन बसेरा लगाया गया है जहां पर दूरदराज से आने वाले मुसाफिरों को ठहरने की मुक्कमल व्यवस्था की गई है। श्रीमती नरगिस अतहर ने कहा कि ठंड का मौसम जब तक रहेगा तब तक अलाव की व्यवस्था पूरी तरह से नगर में किया जाता रहेगा। वहीं अलाव की व्यवस्था होने से रोजमर्रा के खाने कमाने वाले मजदूरों को काफी सहूलियत मिली है। कहा राहगीरों, मजदूरों व मुसाफिरों को ठंड महसूस नही होगी। वहीं नगर पालिका के ठेकेदार हारून खां ने चेयरमैन नरगिस अतहर के निर्देश के अनुसार रैन बसेरा को बेहतरीन ढंग से बनाया गया है। श्रीमती नरगिस अतहर द्वारा नगर में किये जा रहे कार्यों की चहुंओर सराहना हो रही है।
  • हमारी समस्याओं का निदान संविधान में है

    हमारी समस्याओं का निदान संविधान में है

    हमारी समस्याओं का निदान संविधान में है

    मिहींपुरवा/बहराइच l बलहा विधानसभा क्षेत्र के उर्रा ग्राम सभा के करीकोट मैदान पर राष्ट्रीय निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद   कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकर्ताओं में भरा जोश
    जनसभा स्थल पर निषाद समाज के एकत्र भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पव्वा भर लोग पव्वा पिलाकर झौवा भर वोट लेकर शासन करते है । आगे उन्होंने अपने समाज से कहा कि किस्सा चाहिए या हिस्सा  हिस्सा के लिए हमें एकजुट होना पड़ेगा  संगठित होना पड़ेगा पार्टी के लिए  समर्पित होना पड़ेगा रोटी कपड़ा और मकान के साथ-साथ ज्ञान भी लेना पड़ेगा जिससे समाज शिक्षित एवं संगठित हो सके । हमारी समस्याओं का निदान हमारे संविधान में है इसलिए हमें जिससे हमारे समाज की दशा एवं दिशा बदल सकेगी केंद्र की मोदी सरकार एवं योगी सरकार ने आपके समाज को धनवान एवं बलवान बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का शुरुआत की है उन योजनाओं का लाभ लेने  की विधि डॉक्टर संजय निषाद ने विस्तार से मौजूद कार्यकर्ताओं को समझाया की आप इन योजनाओं का लाभ लें जिससे  आर्थिक उन्नति हो सके । कार्यक्रम में ही मंत्री ने 13 जनवरी को लखनऊ चलो अभियान की का निमंत्रण भी दिया तथा जनसभा में मौजूद महिला पुरुष की भारी संख्या को देखकर मंत्री ने उन्हें  धन्यवाद दिया इस दौरान बलहा विधानसभा की विधायक सरोज सोनकर ने मंत्री को अंग वस्त्र उढकर उनका स्वागत किया
    कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष बाबूराम निषाद, राष्ट्रीय सचिव मुरलीधर निषाद, मनोज निषाद, ओम प्रकाश मिश्रा, विधान सभा बलहा अध्यक्ष अजय निषाद, पूर्व प्रधान संतोष श्रीवास्तव सहित पार्टी के हजारों की संख्या में महिला पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद मंत्री ने  अपने एक कार्यकर्ता के घर पहुंच कर जलपान ग्रहण किया इस दौरान उप जिलाधिकारी मिहीपुरवा संजय कुमार एवं थाना प्रभारी मोतीपुर दद्दन सिंह  दलबल के साथ मंत्री के काफिले मे मौजूद रहे।

  • : विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत तेलंगाना से आया मीडिया प्रतिनिधिमंडल पंहुचा माकड़ोला व ताजनगर, सुल्तानपुर व पक्षी बिहार का दौरा किया।

    : विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत तेलंगाना से आया मीडिया प्रतिनिधिमंडल पंहुचा माकड़ोला व ताजनगर, सुल्तानपुर व पक्षी बिहार का दौरा किया।

    सतबीर शर्मा। पहल टुडे। गुरुग्राम विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत तेलंगाना से आया मीडिया प्रतिनिधिमंडल पंहुचा माकड़ोला व ताजनगर, सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी विहार का भी किया दौरा*तेलांगना से आए पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्र सरकार की ओर से हरियाणा सरकार के सहयोग से आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा की गतिविधियों से रूबरू होने के लिए आज गांव माकड़ोला व ताजनगर का दौरा किया । यह दल पत्र सूचना कार्यालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सौजन्य से पहुंचा है। तेलांगना से 5 सदस्यों का मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने गांव माकड़ोला व ताजनगर में आयोजित हो रहे विकसीत भारत संकल्प यात्रा के अन्तर्गत संचालित शिविर का अवलोकन किया और लाभार्थियों से संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल ने शिविर में जिला परिषद की सीईओ एवं जिला में ग्रामीण यात्रा की नोडल अधिकारी अनु श्योकंद व पटौदी के एसडीएम संदीप अग्रवाल से भारत सरकार व हरियाणा सरकार के संयुक्त तत्वावधान में चलाई जा रही विकसित भारत संकल्प यात्रा के बारे जानकारी और उनसे मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत ताजनगर द्वारा पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल का फूलमालाओं व शॉल भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया। एसडीएम संदीप अग्रवाल ने मीडिया प्रतिनिधिमंडल को बताया कि  भारत व हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का विकसित भारत संकल्प यात्रा में आयोजित शिविरों का लोग भरपूर लाभ उठा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों ने सुरक्षा बीमा, जीवन ज्योति बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, उज्ज्वला योजना में रजिस्ट्रेशन, आयुष्मान चिरायु कार्ड, स्वास्थ्य शिविरों में जाँच टीबी की जाँच करवाई। मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने