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  • दिल्ली में जिहादियों द्वारा एक और जघन्य अपराध।

    दिल्ली में जिहादियों द्वारा एक और जघन्य अपराध।

    पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जिहादियों द्वारा लव जिहाद में भोली भाली बच्चियों को फसाना एवं उनको धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव डालना और ना मानने के लिए उनकी हत्या कर देना। साथ ही जिहादियों द्वारा भोले भाले हिंदू युवकों जी जघन्य हत्या करना, जमीन जिहाद के कारण जमीनों पर कब्जा करके मस्जिद बनाना, हिंदू लोगों को धमकाना, इत्यादि यह जघन्य अपराध आम बात हो गई है। विश्व हिंदू परिषद ने पिछले कुछ वर्षों में इन अपराधों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आवाज उठाई, प्रशासन ने कुछ कार्यवाही भी की परंतु घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है।

    ऐसा लगता है जिहादी मानसिकता के लोग हमको मानसिक रूप से डराने का प्रयास कर रहे हैं।

    विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने इनके खिलाफ प्रदर्शन आरंभ किया तब से कुछ घटनाएं कम हुई परंतु दिल्ली में कहीं ना कहीं कुछ घटनाएं तो होती ही रही है, विश्व हिंदू परिषद इसका संज्ञान लेता रहा है।

    भारत की राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी में भी पिछले कुछ वर्षाे में बहुत ही जघन्य अपराध हुए जिसमें लव जिहाद, हत्या इत्यादि । परंतु कुछ दिन पहले जहांगीरपुरी इलाके में दीपू नामक अबोध बच्चे का जिहादियों द्वारा अपहरण किया जाता है उसके साथ मारपीट की जाती है तथा उस बच्चे से ब्लोजॉब करवाकर उसके मुंह में मूत्र डाला जाता है यह कितना जघन्य और शर्मनाक अपराध है जो हमारे हिंदू समाज के लिए मानसिक यंत्रणा से कम नहीं हो सकता और ऐसा भी लगता है कि जिहादी लोग तरह-तरह के कुकृत्य करके हिंदू समाज को खुला चैलेंज कर रहे हैं।

    अबोध बालक दीपू के साथ इस जघन्य अपराध के खिलाफ बजरंग दल ने पुलिस में एफ आई आर दर्ज कराई तथा पुलिस ने एक जेहादी को गिरफ्तार कर लिया परंतु बाकी अन्य अपराधी पुलिस के गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं यह एक तरह से पुलिस की नाकामी है। पीड़ित परिवार कितनी मानसिक पीड़ा से गुजर रहा होगा यह हम सभी अपने आप को उनकी जगह रख कर देख सकते हैं।

    इस जघन्य घटना का संज्ञान लेते हुए विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रांत सह संयोजक श्रीमान गोल्डी जी के नेतृत्व में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने गए तथा पुलिस प्रशासन पर अन्य अपराधियों को गिरफ्तार करके उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को कहा।

    प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि हिंदू समाज के सभी लोगों को इस जघन्य अपराध के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए क्योंकि हो सकता है जो आज यह घटना इस बालक के साथ घटी है, कहीं और अन्य जगह ना घटे इसको सुनिश्चित करते हुए हिंदू समाज को एकत्रित होना होगा और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पूरा विरोध करना होगा। उन्होंने कहा पुलिस प्रशासन से हमारी मांग है तुरंत दोषी जिहादियों को गिरफ्तार किया जाए, ऐसा भी ध्यान में आ रहा है की पहले भी दोषी 3 माह की जेल काट कर आएं हैं।

    सुरेंद्र गुप्ता ने कहा अगर पुलिस प्रशासन सुरक्षा नही दे सके तो विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ स्वयं सुरक्षा के लिए निकल पड़ेंगे।

    सौजन्य से:- स्वतंत्र सिंह भुल्लर

  • योगी ने अखिलेश के बयानों का तीखे तेवरों से दिया जवाब; कहा ऐसे माफिया को मिट्‌टी में मिला देंगे

    योगी ने अखिलेश के बयानों का तीखे तेवरों से दिया जवाब; कहा ऐसे माफिया को मिट्‌टी में मिला देंगे

    विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश के बयानों का जवाब तीखे तेवरों से दिया। कहा कि आपके राज (सपा) में माफिया पाले जाते थे। क्या अतीक सपा से पोषित नहीं था, ऐसे माफिया को मिट्‌टी में मिला देंगे। क्या ये सही नहीं है कि आपकी पार्टी के सहयोग से विधायक बना। आप लोग चोरी और सीना चोरी करने का काम कर रहे है।

    उन्होंने कहा कि एक बड़े विचारक ने कहा था कि शक्ति देना आसान है, लेकिन बुद्धि देना आसान नहीं। इसको सरल भाषा में कहूं कि विरासत में सत्ता तो मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती है।

    माफिया कोई भी हो, सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सपा के विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। अध्यक्ष सतीश महाना ने समझाया कि माफिया पर कोई गलत बयान नहीं दिया। माफिया को मिट्‌टी में मिला ही देना चाहिए। इसमें प्रदेश को भी कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। अखिलेश ने कहा- कानून मिट्‌टी में मिलाएगा। ये इनका क्या बयान हुआ? इस पर सतीश महाना ने उनको शांत कराया।

    इसके बाद एक बार फिर सीएम योगी ने बोलना शुरू किया। प्रयागराज की घटना बहुत दुखद है। इसमें शामिल माफिया बख्शा नहीं जाएगा। ये किसके द्वारा पोषित है। क्यों नेता प्रतिपक्ष को इतनी दिक्कत हो रही है। जिन पेशेवर अपराधियों के सामने सत्ता नतमस्तक होती है। अब यूपी के बाहर भी लोग जान रहे हैं कि अब इन अपराधियों के खिलाफ हुई कार्रवाई पूरे देश में नजीर है।

  • शर्म तो तुम्हें करनी चाहिए, अपने बाप का सम्मान नहीं कर पाए- योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव पर गुस्से से हुए लाल

    शर्म तो तुम्हें करनी चाहिए, अपने बाप का सम्मान नहीं कर पाए- योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव पर गुस्से से हुए लाल

    उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्रवाई के दौरान 25 फरवरी को सदन में सीएम योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस हो गई। प्रयागराज में हुए हत्याकांड को लेकर सीएम योगी बयान दे रहे थे और समाजवादी पार्टी पर अपराधियों का बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे थे। इसी दौरान अखिलेश यादव ने चिन्मयानंद का जिक्र कर सवाल पूछा तो सीएम योगी भड़क गये।

    सदन में भड़के सीएम योगी

    सदन में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज की घटना बेहद दुःखद है। जो भी दोषी है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। पेशेवर अपराधी और ये माफिया किसके द्वारा पाले पोसे गए हैं और क्यों नेता विरोधी दल को क्यों इतनी परेशान हो रही है, ये हम सभी जानते हैं। दिनकर की कविता पढ़ते हुए सीएम योगी ने कहा कि चोरों के जो हैं हित ठगों के बल है, जिनके प्रताप से पलते पाप सकल हैं।

    सपा पर बोला हमला

    अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि अब चोरी और सीनाजोरी नहीं चलेगी। आपके कारनामों की वजह से ही जनता ने आपको ठुकरा दिया था। अपराधियों को महिमामंडित कर ये लोग गौरवान्वित होते थे लेकिन आज देश-दुनिया जानती है कि इस सरकार में अपराधियों पर कार्रवाई हो रही है। इसी बीच सीएम योगी ने कहा कि बयान दिया जाता था कि “लड़के हैं गलती कर देते हैं”। इस पर अखिलेश यादव भड़क गए और चिन्मयानंद का जिक्र कर सवाल पूछ लिया।

    अखिलेश यादव की टिप्पणी पर गुस्से से लाल हुए सीएम योगी

    सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि आश्चर्य होता है कि ये लोग सुरक्षा की बात करते हैं। इसी बीच अखिलेश यादव ने कहा कि चिन्मयानन्द किसके गुरु हैं? जवाब में सीएम योगी ने भड़कते हुए कहा कि शर्म तो तुम्हें आनी चाहिए, अपने बाप का सम्मान नहीं कर पाए। हमने नाम तो नहीं लिया किसी का, लेकिन जो बयान दिए हैं उस पर चर्चा क्यों नहीं होनी चाहिए।

    वहीं प्रयागराज की घटना पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफियाओं को मिट्टी में मिला दूंगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अखिलेश यादव भड़क गए। सपा के विधायकों द्वारा जमकर हंगामा किया गया और सपा विधायक वेल में पहुंच गए। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा टोके जाने के बाद विधायक बैठे। इसके बाद सीएम योगी ने कहा कि पूरा प्रदेश जानता है कि अतीक अहमद को सांसद किसने बनाया! जिस माफिया ने प्रयागराज की घटना को अंजाम दिया है वो समाजवादी पार्टी के समर्थन से ही बार-बार एमपी और एमएलए बना है।

  • Sonia Gandhi Retirement : क्या राजनीति को अलविदा कहने वाली कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी !, संबोधन में किया इशारा

    Sonia Gandhi Retirement : क्या राजनीति को अलविदा कहने वाली कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी !, संबोधन में किया इशारा

    Sonia Gandhi Politics Retirement: इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे कांग्रेस के 85वें अधिवेशन में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का बड़ा बयान सामने आया है जिसमें कहा कि, वे राजनीतिक करियर से अलविदा ले सकती है।

    संबोधन में कर दिया इशारा

    कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी ने शनिवार को अपने संबोधन में कहा कि, भारत जोड़ो यात्रा के साथ ही मेरी राजनीतिक पारी अब अंतिम पड़ाव पर है। जहां पर पहली बार पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी संभालने से लेकर अब तक आए उतार-चढ़ाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- 1998 में जब मैं पहली बार पार्टी अध्यक्ष बनी तब से लेकर आज तक यानी पिछले 25 सालों में बहुत कुछ अच्छा और कुछ बुरा अनुभव भी रहा।

    पार्टी के लिए ये महत्वपूर्ण मोड़ है

    आगे के संबोधन को जारी रखते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि, 2004 और 2009 में पार्टी का परफॉर्मेंस हो या फिर मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का मेरा निर्णय। यह व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए संतोषजनक रहा। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का मुझे पूरा सहयोग मिला। जिस बात से मुझे सबसे ज्यादा संतुष्टि है, वह ये कि भारत जोड़ो यात्रा के साथ अब मेरी पारी समाप्त हो सकती है। ये पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

     

  • DA Hike: होली से पहले कर्मचारियों को मिली धमाकेदार खुशखबरी !, 6 फीसदी महंगाई भत्ता देने ने की घोषणा

    DA Hike: होली से पहले कर्मचारियों को मिली धमाकेदार खुशखबरी !, 6 फीसदी महंगाई भत्ता देने ने की घोषणा

    होली से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को तोहफा दिया है जिसके साथ ही 6 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि, इसके लिए सरकार ने राहत देने का नोटिफिकेशन जारी किया है।

    पश्चिम बंगाल सरकार का तोहफा

    आपको बताते चलें कि, पश्चिम बंगाल सरकार ने बीते दिन शुक्रवार को कर्मचारियों, पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को मूल वेतन में छह प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता (डीए) देने की अधिसूचना जारी की, जो एक मार्च से प्रभावी होगा. यह बढ़ोतरी छठवें वेतन आयोग के तहत किया गया है. सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, डीए में 6 फीसदी की बढ़ोतरी दिसंबर 2020 में घोषित कुल तीन फीसदी और 2021 के जनवरी में घोषित 3 फीसदी के कारण है।

    जाने कैसे होगी महंगाई भत्ता की गणना

    आपको बताते चलें कि, पश्चिम बंगाल राज्य में किस प्रकार से कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलेगा। इसकी जानकारी लेकर चले तो, डीए का कैलकुलेशन संशोधित बेसिक वेतन और गैर भत्ता के मुताबिक ही किया जाएगा. अगर दूसरा कोई भत्ता नहीं है तो मूल वेतन और डीए पर कैलकुलेशन किया जाएगा. यह बढ़ा हुआ डीए सरकारी सहायता वाले संस्थानों के टीचर्स और अन्य कर्मचारियों के अलावा स्थानीय निकायों के कर्मचारियों पर लागू होगा।

  • पुश्तैनी जमीन पर काबिज रहे दंपत्ति की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश, पीड़ित लगा रहे मदद की गुहार

    पुश्तैनी जमीन पर काबिज रहे दंपत्ति की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश, पीड़ित लगा रहे मदद की गुहार

    देहरादून के मकरेती गांव नगरपालिका मसूरी में बड़े स्तर पर भूमाफियाओ ने लोगो की जमीन पर कब्जा जमाया हुआ है। यहां भूमाफिया एक दंपत्ति की जमीन पर जबरन डरा धमकाकर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हुए है। शासन-प्रशासन से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे परेशान होकर उन्होंने अब मीडिया के द्वारा आवाज उठाने और उन्हें बचाने की अपील की है। दंपत्ति ने कहा अगर नहीं हुआ इंसाफ तो आत्महत्या कर लेंगे।

    बता दें कि भूमाफियाओ ने मकरेती गांव की निवासी रेखा वा उसके पति मोहन लाल की जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश की है। दंपत्ति का कहना है कि वह उनकी पुश्तैनी जमीन है। लेकिन भूमाफिया इस जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे है और बार बार परेशान कर रहे है। इतना ही नहीं वह इसके साथ ही ग्राम समाज की भूमि पर भी कब्जा करने की कोशिश कर रहे है।  दंपत्ति का आरोप है कि वह छोटी सी दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजारा कर रहा है। इस पुस्तैनी जमीन पर अबतक उनकी चार पीढ़ी बीत चुकी है। लेकिन अब जियाउल खान, हर्षित नेगी, वीरू, धीरज जमीन कबजा रहे है। इन भू माफियाओं द्वारा लगातार पीड़ित दंपत्ति को प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़ित दंपत्ति को आए दिन धमकियां मिल रही है। उनकी जान को खतरा है।

    पीड़ित दंपत्ति ने कहा कि उनके भाई-भाभी के साथ मिलकर भू माफियाओं द्वारा संपत्ति से हटाने कोशिश की जा रही। कब्जा धारियों द्वारा पीड़ित मोहन लाल के छोटे भाई गोविंद भट्ट को पार्टी बनाकर जियाउल खान द्वारा षड्यंत्र रचा जा रहा है। कभी जियाउल खान द्वारा गोविंद भट्ट वा उसकी पत्नी कल्पना को कोर्ट में बुलाया जाता है तो कभी गांव से दूर मिलने बुलाया जाता है। जिस कारण गोविंद भट्ट अपने भाई मोहन लाल के खिलाफ खड़ा होकर जियाउल खान के साथ मिला हुआ है।

    पीड़ित दंपत्ति SP, DM, SDM, SSP से लेकर आलाधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगा चुके है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि भूमाफियाओं ने ग्राम प्रधान को भी पैसे देकर अपनी तरफ किया हुआ है। वहीं मीडिया द्वारा संपर्क करने पर जियाउल खान ने कैमरे पर बोलने से साफ इंकार कर दिया। अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह कब्जाधारी कौन है जिन्होंने षड्यंत्र रचाकर तमाम लोगों के घर कबजाएं हुए है और प्रशासन मौन है।

  • अचानक तबियत बिगड़ने से जेल में अजय देवांगन की मौत, मचा हड़कंप…

    अचानक तबियत बिगड़ने से जेल में अजय देवांगन की मौत, मचा हड़कंप…

    सक्ति,09 फरवरी । BIG NEWS : जिले के उपजेल में हत्या के मामले में निरूद्ध कैदी की मौत हो जाने से हड़कंच मच गया हैं। बताया जा रहा हैं कि बंदी की अचानक तबियत बिगड़ गयी थी। जानकारी के बाद जब तक बंदी का उपचार कराया जाता, तब तक उसकी मौत हो गयी। इस घटना की सुचना मिलते ही परिजनों ने जेल प्रबंधन पर लापरवाही और जेल में मारपीट का आरोप लगाया हैं।

     

    बताया जा रहा हैं कि हत्या के मामले में सक्ति अजय देवांगन को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बताया जा रहा हैं कि जेल में निरूद्ध कैदी की अचानक तबियत बिगड़ गयी। बैरक के कैदियों से घटना की जानकारी मिलने के बाद उसे आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उपचार के लिए ले जाया गया। जहां परीक्षण के बाद डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    उधर इस घटना की जानकारी के बाद मृतक बंदी के परिजनों ने जेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया हैं। परिजनों का जेल में अजय के साथ मारपीट किये जाने का भी आरोप लगाया हैं। वही इस घटना की जानकारी के बाद नायाब तहसीलदार द्वारा शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा हैं। अधिकारी बंदी की मौत के मामले में जांच की बात कह रहे हैं।

  • नाटो को रूस के साथ यूक्रेन के संघर्ष में पक्ष नहीं बनना चाहिए : शोल्ज

    नाटो को रूस के साथ यूक्रेन के संघर्ष में पक्ष नहीं बनना चाहिए : शोल्ज

    बर्लिन ,09 फरवरी  जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने कहा कि यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान करने के बावजूद नाटो को रूस के साथ देश के संघर्ष में पक्ष नहीं बनना चाहिए। संघर्ष पर चर्चा करने के लिए यूरोपीय परिषद की एक विशेष बैठक से पहले जर्मन संसद के निचले सदन (बुंडेस्टाग) में एक भाषण में शोल्ज ने बुधवार को टैंकों, पनडुब्बियों, विमानों के मामले में एक-दूसरे से आगे निकलने की सार्वजनिक प्रतियोगिता के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इससे पश्चिम की एकता को नुकसान होगा।

    जर्मनी और अमेरिका द्वारा हाल ही में यूक्रेन को युद्धक टैंकों की आपूर्ति पर लिए गए निर्णय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हम उन्हें संप्रेषित करने से पहले गोपनीय रूप से निर्णय तैयार करके इस सामंजस्य को संरक्षित और मजबूत करते हैं। यूक्रेन को भारी तोपखाने की आपूर्ति करने के लिए नाटो भागीदारों द्वारा जर्मनी पर बढ़ते दबाव के कारण जर्मन सरकार ने जनवरी के अंत में 14 लेपर्ड 2 टैंक वितरित करने और भागीदारों को अपने लेपर्ड टैंक के स्टॉक से निर्यात करने की अनुमति देने का फैसला किया। रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन को अब्राम्स युद्धक टैंकों की डिलीवरी की घोषणा के साथ अमेरिका ने कुछ ही समय बाद इसका पालन किया।

    हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जर्मन और अमेरिकी टैंकों की डिलीवरी में महीनों लगेंगे। रूस के निचले सदन के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन ने पिछले महीने चेतावनी दी थी कि यूक्रेन को पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति प्रतिशोध की ओर ले जाएगी। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लादिमिर जेलेंस्की ने बुधवार को लंदन की यात्रा के दौरान अधिक हथियारों के साथ-साथ लड़ाकू विमानों के लिए अपने अनुरोध को दोहराया। अमेरिका के बाद यूके यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा मददगार है। पिछले साल अकेले यूके ने लगभग 2.8 बिलियन डॉलर की सैन्य सहायता प्रदान की। 9-10 फरवरी को होने वाली यूरोपीय परिषद की आगामी बैठक में, स्कोल्ज ने संकेत दिया कि रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा किया जाएगा।

  • बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई के खिलाफ FIR दर्ज, दलितों के साथ तमंचा लहराते हुए की थी मारपीट

    बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई के खिलाफ FIR दर्ज, दलितों के साथ तमंचा लहराते हुए की थी मारपीट

    छतरपुर। बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। वो इसलिए क्योंकि अब इनके खिलाफ कई गंभीर आरोप के तहत मामला दर्ज किया गया है। आपको बता दें बीते दिन भाई शालिग्राम गर्ग द्वारा एक विवाह समारोह में तमंचा लहराते हुए दलितों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई है।

    इन धाराओं में मामला दर्ज 

    पुलिस द्वारा जो जानकारी आई है उसके अनुसार बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग के खिलाफ आईपीसी की धारा 294, 323, 506, 427 और एससी.एसटी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा था। इस वीडियो में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम के हाथ में कट्टा और मुंह में सिगरेट थी। वह वीडियो में दलितों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे थे।

    ये था मामला

    गौरतलब है बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था। जिसके अनुसार 11 फरवरी को छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में अहिरवार समाज में एक शादी समारोह था। जहां पंडित धीरेंद्र शास्त्री का भाई शालिग्राम भी पहुंचा था। इसी दौरान उसकी एक युवक से बहस हो गई थी। जिसके बाद शालिग्राम के भाई द्वारा युवक को कट्टा निकालकर धमकाते हुए दिखाई दे रहा था। मुंह में सिगरेट भी लिया था। इस दौरान जब वहां मौजूद लोगों ने बचाव करना शुरू किया तो बागेश्वर सरकार के भाई ने उन लोगों के साथ गाली गलौज की।

    धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा 

    आपको बता दें इस वीडियो के सामने आने के बाद बागेश्वर सरकार की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन उन्होंने कहा कि हर मामले को बागेश्वर धाम से जोड़ना सही नहीं है। चूंकि इस अभी बागेश्वर धाम बड़े चर्चा में हैं। इसलिए उनके भाई का ये कारनामा धीरेंद्र शास्त्री के लिए मुसीबत बन सकता है।

  • पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर सरकार बनेंगे सरकार में मंत्री?, सीएम शिवराज से कांग्रेस नेता की बड़ी मांग

    पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर सरकार बनेंगे सरकार में मंत्री?, सीएम शिवराज से कांग्रेस नेता की बड़ी मांग

    मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का सियासी पारा चढ़ने लगा है। बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे पर बयानों के बाण छोड़ने लगे है। वही प्रदेश में साधु संतो को लेकर भी सियासत लगातार जारी है। खास तौर पर सिहोरा वाले पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर सरकार इन दिनों सुर्खियों में है।

    विधानसा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री शिवराज से एक अनोखी मांग की गई है। दरअसल, कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने सीएम शिवराज को एक पत्र लिखा हैं। जिसमें उन्होंने दो चर्चित बाबाओं को कैबिनेट मंत्री बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा को सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया जाए।

    कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने लिखा है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान को विशेष प्रावधानों का उपयोग करके समस्या निवारण मंत्रालय बनाकर पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देना चाहिए। ताकि प्रदेश की जनता का कल्याण हो सके।