Category: Economy
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वीरेंद्र प्रताप सिंह सिंह इंटर कॉलेज पदमपुर रामराय मे भारत संकल्प यात्रा की पहुंची बैन
वीरेंद्र प्रताप सिंह सिंह इंटर कॉलेज पदमपुर रामराय मे भारत संकल्प यात्रा की पहुंची बैन।।कमलेश यादव पहल टुडेमुख्य अतिथि के रूप में अवधेश यति व प्रमोद वर्मा विशिष्ट स्थिति में दयाशंकर सिंह शरवानंद उर्फ झुन्ना सिंह मौजूद रहे।।गाजीपुर/जखनिया: विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत ग्रामीण क्षेत्र के सभी लाभार्थियों को सरकार की कल्याणकारी योजना आपको देने के लिए सरकार ने योजना के तहत गांव गांव जाकर सभी तक यह योजना पहुंचाई जा रही है।जैसे में कृषि विभाग भारत साक्षर भारत,सशक्त भारत,स्वच्छ भारत के तहत आने वाली योजना आयुष्मान यूनियन बैंक आफ इंडिया राजकीय पशु चिकित्सा वित्तीय साक्षरता सामुयिक प्रशिक्षण आदि योजनाओं से जोड़ेने लाभ को पहुंचाने का काम कर रही है।इस योजना के तहत सभी विभाग के कर्मचारी बारी-बारी से अपने विभाग से मिलने वाला लाभ के बारे में बताने का कार्य किया जा रहा हैं।किस तरह से कौन लाभ किस लाभार्थी को मिलेगा इसको बताने का कार्य किया जा रहा है। इस जगह पर उनका रजिस्ट्रेशन भी कर दिया जा रहा है।कार्यक्रम का संचालन वेद प्रकाश पांडे ने किया महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम में मुख्य रूप से गोद भराई अन्न प्रासन का कार्य किया गया इसी बीच ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सर्वानंद सिंह उर्फ झुन्ना ने कहा कि सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ जनता को मिल रहा है शौचालय का रजिस्ट्रेशन पोर्टल से करवाए और पैसा आपके खाते में सीधा जाएगा।सर्वानंद सिंह उर्फ झुन्ना ने कहा की आवास के लिए बनारस में प्रधानमंत्री ने कहा पैसे की कमी नहीं है बस पात्र व्यक्ति अपने सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान से मिले उसे आवास जरूर दिया जाएगा। पैसे की कोई कमी नहीं है।वहीं मुख्य अतिथि अवधेश यति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले पर यह कहा गया कि सभी बेघर को घर दिया जाएगा तो विपक्ष के लोगों ने इसकी खिल्ल्या उड़ाई।व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने कहा 14 के पहले जो भी सरकारे चल रही थी उसमें कब कहां और कैसे बम फूट जाए या कोई नहीं जानता था। आतंकवाद से भय में था लेकिन जब से योगी और मोदी सरकार आई तसे आज तक पब्लिक कोई भय में नहीं जी रही कोई बम फूट नहीं रहा माताएं बहने घर से बाहर निकलने में डरती थी लेकिन अब वही माताएं बहने आधी रात को निर्भीक होकर घूम रही है प्रमोद वर्मा ने यह भी कहा कि 2014 के पहले जो भी योजना चलाई जा रही थी उसका पैसा लाभार्थियों तक पहुंचने में तीन गुना बिचौलिया खा जाते थे लेकिन अब इसी देश में लाभार्थियों तक सीधे योजना का लाभ पहुंचाई जा रही है अब पैसा सीधे उनके खाते में चला जाता है।इसीलिए सरकार जनधन योजना के तहत बैंकों में सभी लोगों का खाता खुलवाया और इसका लाभ अब देश के लाभार्थियों को मिल रहा है।अब किसी को कमीशन देने की जरूरत नहीं है। वही कार्यक्रम में मुख्य रूप से ग्राम प्रधान रामाधार गुप्ता सत्येंद्र प्रताप सिंह ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह रिंकू सुरेंद्र प्रताप सिंह बाबू सिंह ग्राम प्रधान सेमउर अजीत सिंह वरिष्ठ भाजपा नेता दया शंकर सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे। -

प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती (12 जनवरी) को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है
वर्तमान परिवेश में समाज में चारों तरफ अपराधों तथा भ्रष्टाचार का जो मकड़जाल फैल चुका है, वह घुन बनकर न सिर्फ देश को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है बल्कि युवा वर्ग भी भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के इस दूषित माहौल में हताश व निराश है। ऐसे में युवा वर्ग सही मार्ग से न भटके, इसके लिए युवा शक्ति को जागृत कर उसे देश के प्रति कर्त्तव्यों का बोध कराते हुए सही दिशा में प्रेरित एवं प्रोत्साहित करना और उचित मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में राष्ट्रीय युवा दिवस की प्रासंगिकता बहुत बढ़ जाती है, जो प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को मनाया जाता है। हमें भूलना नहीं चाहिए कि देश की आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ बलिदान कर लोगों में क्रांति का बीजारोपण करने वाले अधिकांश युवा ही थे। स्वामी विवेकानंद, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरू इत्यादि देश के अनेक युवाओं ने देश की आन-बान और शान के लिए अपने निजी जीवन के समस्त सुखों का त्याग कर दिया था और अपना समस्त जीवन देश के लिए न्यौछावर कर दिया था लेकिन आधुनिक युग में हम स्वार्थी बनकर ऐसे क्रांतिकारी युवाओं की जीवन गाथाओं को भूल रहे हैं और हम सब धीरे-धीरे भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे ही क्रांतिकारी युवा महापुरूषों की जीवन गाथाओं के जरिये देश की युवा पीढ़ी को समाज में व्याप्त गंदगी से बचाकर देश के विकास में उसका सदुपयोग किया जा सके, इसी उद्देश्य से आधुनिक भारत के महान चिंतक, दार्शनिक, समाज सुधारक, युवा सन्यासी स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को ही प्रतिवर्ष ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जो बहुत कम आयु में अपने विचारों के चलते समस्त जगत में अपनी एक विशेष पहचान बनाने में सफल हुए थे।स्वामी विवेकानंद के वक्तव्यों का आम जनमानस और खासकर युवाओं के मनोमस्तिष्क पर कितना प्रभाव पड़ता था, इसका उनके शिकागो भाषण से बेहतर उदाहरण नहीं मिल सकता। 11 सितम्बर 1893 को जब शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म पर अपने प्रेरणात्मक भाषण की शुरूआत उन्होंने ‘मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों’ के साथ की थी तो बहुत देर तक तालियों की गड़गड़ाहट होती रही थी। अपने उस भाषण के जरिये उन्होंने दुनियाभर में भारतीय अध्यात्म का डंका बजाया था। विदेशी मीडिया और वक्ताओं द्वारा भी स्वामीजी को धर्म संसद में सबसे महान व्यक्तित्व और ईश्वरीय शक्ति प्राप्त सबसे लोकप्रिय वक्ता बताया जाता रहा। यह स्वामी विवेकानंद का अद्भुत व्यक्तित्व ही था कि वे यदि मंच से गुजरते भी थे तो तालियों की गड़गड़ाहट होने लगती थी। उन्होंने 1 मई 1897 को कलकत्ता में रामकृष्ण मिशन तथा 9 दिसंबर 1898 को कलकत्ता के निकट गंगा नदी के किनारे बेलूर में रामकृष्ण मठ की स्थापना की थी। 4 जुलाई 1902 को इसी रामकृष्ण मठ में ध्यानमग्न अवस्था में महासमाधि धारण किए वे चिरनिद्रा में लीन हो गए।स्वामी विवेकानंद सही मायनों में युवाओं के प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्त्वि के धनी थे, जिन्हें उनके ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण ही जाना जाता है। विवेकानंद सदैव कहा करते थे कि उनकी आशाएं देश के युवा वर्ग पर ही टिकी हुई हैं। वे आधुनिक मानव के आदर्श प्रतिनिधि थे और खासकर भारतीय युवाओं के लिए उनसे बढ़कर भारतीय नवजागरण का अग्रदूत अन्य कोई नेता नहीं हो सकता। अपने 39 वर्ष के छोटे से जीवनकाल में स्वामी जी अलौकिक विचारों की ऐसी बेशकीमती पूंजी सौंप गए, जो आने वाली अनेक शताब्दियों तक समस्त मानव जाति का मार्गदर्शन करती रहेगी। उनका कहना था कि मेरी भविष्य की आशाएं युवाओं के चरित्र, बुद्धिमत्ता, दूसरों की सेवा के लिए सभी का त्याग और आज्ञाकारिता, खुद को और बड़े पैमाने पर देश के लिए अच्छा करने वालों पर निर्भर है। उन्होंने देश को सुदृढ़ बनाने और विकास पथ पर अग्रसर करने के लिए हमेशा युवा शक्ति पर भरोसा किया। उनका कहना था कि मेरी भविष्य की आशाएं युवाओं के चरित्र, बुद्धिमत्ता, दूसरों की सेवा के लिए सभी का त्याग और आज्ञाकारिता, खुद को और बड़े पैमाने पर देश के लिए अच्छा करने वालों पर निर्भर है। युवा शक्ति का आव्हान करते हुए उन्होंने अनेक मूलमंत्र दिए।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और 34 वर्षों से साहित्य एवं पत्रकारिता में निरन्तर सक्रिय हैं) -

गांव और वार्ड से 10-10 व्यक्ति लेकर जाने का लें संकल्प
अमन गोयल ने इमानदारी से काम करने का किया आह्वानजींद रैली को लेकर निगम के वार्ड नंबर 27 में हुआ बैठक का आयोजनफरीदाबाद। प्रदेश के जींद जिले में 28 जनवरी को होने वाली रैली को लेकर बुधवार को पंजाब के चैयरमैन राजीव शर्मा ने तिगांव विधानसभा के निगम वार्ड नंबर 27 में कार्यकत्र्ताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में तिगांव विधानसभा केे पदाधिकारियों और कार्यकत्र्ताओं ने भाग लिया।बैठक में पहुंचे कार्यकत्र्ताओं को संबोधित करते हुए पंजाब से आएं चैयरमैन एवं तिगांव प्रभारी राजीव शर्मा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में जिस प्रकार आम आदमी पार्टी का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है और एक आम आदमी का झुकाव आप की तरफ है, उससे लगने लगा है कि इस बार हरियाणा प्रदेश में दिल्ली और पंजाब की तर्ज आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रहीं है। श्री शर्मा को कार्यकत्र्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आगामी 28 जनवरी को प्रदेश के जिला जींद में होने वाली रैली प्रदेश की राजनीति पर विशेष छाप छोडऩे का कार्य करेगी। इसके लिए प्रत्येक कार्यकत्र्ता का कर्तव्य बनता है कि वह प्रत्येक वार्ड और गांव से 10-10 कार्यकत्र्ता इस रैली मेंं अवश्य शामिल हो। इस क्रम में चैयरमैन राजीव शर्मा ने उपस्थित कार्यकत्र्ताओं को रैली में भाग लेने और अपने साथ 10-10 नए लोगों को शामिल करने की बात पर जोर दिया। इस कड़ी में व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमन गोयल ने कार्यकत्र्ताओं में जोश भरते हुए ईमानदारी से कार्य करने की प्ररेणा देते हुए अतिथि के रुप में पहुंचे चैयरमैन राजीव शर्मा को तिगांव विधानसभा एवं व्यापारियों को रैली में ले जाने के लिए आश्वस्त किया। इस अवसर पर लोकसभा प्रभारी राजेंद्र शर्मा, माइनोॅरिटी सेल के जिलाध्यक्ष मुस्तिकीन प्रधान, अफरोज आलम, जुल्फिकार, मुन्निकांत मिश्रा, संजय फौजी, ज्ञानचंद गोयल, सोनू सिसोदिया, विजय बहादुर पाल, शमा खातून के अलावा अन्य कार्यकत्र्ता व गणमान्य लोग मौजूद रहें। -

पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका
भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा
दुनियां में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक है – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया
वैश्विक स्तरपर भारत तेजी से बढ़ाने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसकी पुष्टि अमेरिकी रेटिंग एजेंसीज सहित विश्व बैंक भी कर चुका है, जबकि वैश्विक मंदी के दौर में भारत की वित्तीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के अंत या वर्ष 2024 के शुरुआती महीनों में अमेरिका यूरोप में मंदी आने की संभावनाएं जताई जा रही है। परंतु भारत ही एक ऐसा देश है जहां स्थिरता ही नहीं एक्सपोर्ट भी बढ़ता जा रहा ह जीएसटी कलेक्शन हर माह तेजी से बढ़ रहा है, विकास कार्यों में तेजी आ रही है। चूंकि आज दिनांक 5 दिसंबर 2023 को एक अमेरिकी रेटिंग कंपनी ने आकलन किया है कि वित्त वर्ष 2025-2026 में भारत की जीडीपी का ग्रोथ रेट 6.9 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। साथियों बात अगर हम दिनांक 5 दिसंबर 2023 को एक अमेरिकी रेटिंग कंपनी के आकलन की करें तो, एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स का कहना है कि 2030 तक भारत दुनियां की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत पहुंच जाएगी। ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024 में एस एंड पी ने लिखा कि हमें लगता है वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.4प्रतिशत रहेगी। जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9प्रतिशत पहुंच जाएगी, एजेंसी ने आगे लिखा, भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और हमारी उम्मीद है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अगले तीन साल तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा। फिलहाल भारत दुनियां की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत से पहले अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान हैं। एजेंसी ने कहा, बड़ा टेस्ट इस बात का होगा कि क्या भारत अगला बड़ा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकेगा या नहीं, जो एक बड़ा मौका है। एक मजबूत लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क, भारत को एक सर्विस बेस्ड इकोनॉमी से मैन्युफैक्चरिंग डोमिनेटेड इकोनॉमी बनाने में अहम फैक्टर रहेगा। जबकि लेबर मार्केट का भारत कितना लाभ उठा पाता है, ये इस पर निर्भर करेगा कि लोगों को कितना कुशल बनाया जाता है और वर्कफोर्स में महिला भागीदारी कितनी बढ़ती है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंगलवार को चीन की अर्थव्यवस्था के आउटलुक को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव कर दिया है। इसकी वजह लगातार मीडियम टर्म इकोनॉमिक ग्रोथ का कमजोर रहना और प्रॉपर्टी सेक्टर का कमजोर होना रही है। हालांकि एजेंसी ने चीन की ओवरऑल रेटिंग ए 1′ पर बरकरार है।भारत इस समय दुनियां में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. हालांकि अभी देश की जीडीपी फिलहाल 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को नहीं छू पाई है, लेकिन इस नई ऊंचाई तक पहुंचने से बहुत दूर भी नहीं है। दरअसल रविवार को सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट बहुत वायरल हुआ, जिसमें भारत की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर हो जाने का दावा किया जा रहा था। एक नई उपलब्धि के तौर पर कई सोशल मीडिया चैनलों ने इसे हाथो-हाथ लिया। हालांकि बाद में पता चला कि ये स्क्रीनशॉट सही नहीं है, परंतु 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत।बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अगले तीन साल तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा।साथियों बात अगर हम पीएम के 5 इंडियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सपने की करें तो हमारे माननीय पीएम ने इंडियन इकोनॉमी को लेकर जो सपना देखा है, उसका जिक्र उन्होंने और उनकी सरकार के मंत्रियों ने कई मौकों पर किया है। इनमें एक है कि आने वाले पांच-छह साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के तौर पर पेश करना,भारत अभी करीब 3.7 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और दुनियां में सबसे तेजी से आगे बढ़ती इकोनॉमी बना हुआ है. वर्ल्ड बैंक से लेकर आईएमएफ जैसे वैश्विक निकायों से लेकर तमाम रेटिंग एजेंसियां भी भारत को लेकर सकारात्मक बनी हुई हैं। इसके साथ पीएम के भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को लेकर भरोसा जताया है और कहा है कि भारत 2030 तक ये कमाल कर सकता है। मंगलवार को जारी ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024 में रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने कहा है कि भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसके साथ ही इसमें कहा गया कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी वृद्धि 7 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। एसएंडपी ने मार्च 2024 (2023-24) तक वित्त वर्ष में 6.4 फीसदी जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.2 फीसदी रही थी। रेटिंग एजेंसी के अनुसार, ग्रोथ रेट अगले वित्त वर्ष (2024-25) में 6.9 फीसदी पर पहुंचने से पहले 6.4 फीसदी बनी रहेगी और 2026-27 में ये 7 फीसदी पर पहुंच जाएगी।साथियों बात अगर हम जीडीपी को समझने करें तो जीडीपी इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है।जीडीपी देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं, उन्हें भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है। जीडीपी दो तरह की होती है। रियल जीडीपी और नॉमिनल जीडीपी। रियल जीडीपी में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल जीडीपी को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। यानी 2011-12 में गुड्स और सर्विस के जो रेट थे, उस हिसाब से कैलकुलेशन। वहीं नॉमिनल जीडीपी का कैलकुलेशन करेंट प्राइस पर किया जाता है। जीडीपी को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। जीडीपी=सी+जी+आई+एन एक्स, यहां सी का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, जी का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, आई का मतलब इन्वेस्टमेंट और एनएक्स का मतलब नेट एक्सपोर्ट है। जीडीपी को घटाने या बढ़ाने के लिए चार इम्पॉर्टेंट इंजन होते हैं। पहला है, आप और हम। आप जितना खर्च करते हैं, वो हमारी इकोनॉमी में योगदान देता है। दूसरा है, प्राइवेट सेक्टर की बिजनेस ग्रोथ। ये जीडीपी में 32प्रतिशत योगदान देती है। तीसरा है, सरकारी खर्च।इसका मतलब है गुड्स और सर्विसेस प्रोड्यूस करने में सरकार कितना खर्च कर रही है। इसका जीडीपी में 11 प्रतिशत योगदान है। और चौथा है, नेट डिमांड। इसके लिए भारत के कुल एक्सपोर्ट को कुल इम्पोर्ट से घटाया जाता है, क्योंकि भारत में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट ज्यादा है, इसलिए इसका इम्पैक्ट जीडीपी पर निगेटिव ही पड़ता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका ! भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।दुनियां में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक है। -

चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर
चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपररुड़की, लंढौरा (देशराज पाल)। चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान हासिल किया है। इनमें से दो छात्राओं ने यूनिवर्सिटी टॉप किया है।श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने विगत सत्रों की टॉपर्स लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की विभिन्न उपाधियां में टॉप 3 स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के नाम जारी किए गए हैं। इस बार चमनलाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी मेरिट में 7 स्थान प्राप्त किए हैं। एमए होम साइंस में अंजलि प्रदीप चौधरी ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी टॉप की है। इस विषय में दूसरे स्थान पर भी चमनलाल महाविद्यालय की छात्रा पूर्णिमा शर्मा रही हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर ड्राइंग एंड पेंटिंग विषय में निशा कंचन ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया है। एमलिब उपाधि में नेहा ने 72 फीसद अंकों के साथ दूसरा और वैशाली पुंडीर ने 70 फीसद अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।बीएससी होम साइंस में भी महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी योग्यता का उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस उपाधि में पहला और तीसरा स्थान चमनलाल महाविद्यालय की छात्राओं को प्राप्त हुआ। शिवानी सेठपाल ने 77 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी टॉप की, जबकि सना परवीन ने 73 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने बताया कि हरिद्वार जनपद के समस्त महाविद्यालयों में चमनलाल महाविद्यालय की सर्वाधिक छात्राओं ने यूनिवर्सिटी की मेरिट में स्थान प्राप्त किए हैं। पूर्व में भी महाविद्यालय की एक छात्रा यूनिवर्सिटी टॉप कर चुकी है। महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने कहा कहा कि सभी टॉपर्स को आगामी गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। -

बरेका में याद किए गए शास्त्री जी
बरेका में याद किए गए शास्त्री जीसंतोष कुमार नागवंशीवाराणसी 11 जनवरी त्याग, संघर्ष और समर्पण के प्रतिमान, शुचिता, सादगी और सरलता की प्रतिमूर्ति, देश के अद्वितीय प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्य तिथि पर बनारस रेल इंजन कारखाना के प्रशासन भवन परिसर में स्थापित शास्त्री जी की प्रस्तर प्रतिमा पर आज 11 जनवरी, 2024 को माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के माध्यम से बरेका कर्मियों ने शास्त्री जी का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उल्लेखनीय है कि ‘जय जवान – जय किसान’ के आह्वान से संपूर्ण भारतीय समाज को नई दिशा देने वाले निडर, साहसी, धरती के लाल लाल बहादुर शास्त्री ने बरेका द्वारा निर्मित प्रथम रेल इंजन कुंदन WDM2 का लोकार्पण किया था। इस वजह से भी बरेका कर्मियों में शास्त्री जी के प्रति श्रद्धा, आदर एवं अपनत्व का भाव परिलक्षित होता है।”शास्त्री जी – अमर रहें”, “जय जवान – जय किसान”, “जब तक सूरज चांद रहेगा – शास्त्री जी का नाम रहेगा”, “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम्” के उद्घोष के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में बरेका के जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार, सुप्रसिद्ध उद्घोषक अमलेश श्रीवास्तव, कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा, धर्मेन्द्र सिंह पूर्व कर्मचारी परिषद सदस्य विष्णु देव दुबे, प्रदीप यादव, सुशील सिंह संस्थान बरेका के पदाधिकारी रविंद्र प्रसाद यादव एवं अखिलेश कुमार सहित अभय कुमार तिवारी, शशि भूषण तिवारी, मुकेश चन्द्र वर्मा, उमेश श्रीवास्तव, आलोक कुमार सिंह, नीरज श्रीवास्तव, सरोज कुमार सिंह, राजेश कुमार श्रीवास्तव, धीरज श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव सहित सैकड़ों बरेका कर्मी शामिल रहे। -

युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप
युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप।युद्ध और हिंसा क्रोध से शुरू होकर पश्चाताप और दुखों के चिंतन में खत्म होता है। मौजूदा रूप से इसराइल हमास युद्ध में हजारों लोगों की जानें चली गई और 30 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी लोग बेघर हो गए,और युद्ध अभी तक थमा नहीं है युद्ध की चिंगारी एक दूसरे आक्रमण करने से भड़कती जा रही है न जाने इसका अंजाम क्या होगा। इसी तरह रूस और यूक्रेन युद्ध कि इतने दिनो से ज्यादा के युद्ध की परिणति में शिवाय पश्चाताप के कुछ नहीं हैl रूस अपने सनकी राष्ट्रपति पुतिन की जिद की बलि चढ़ गया है। वह यूक्रेन से जीत कर भी मानसिक और वैचारिक रूप से हार गया हैl रूस अपने को जितना बलशाली, शक्तिशाली समझता था अब उसकी पोल खुल गई है, 1 वर्ष से ज्यादा समय से युद्ध में रूस यूक्रेन जैसे छोटे देश को जीत नहीं पाया हैl यूक्रेन भी अपनी राष्ट्रपति की हठधर्मिता के कारण पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुका है. यूक्रेन के 1करोड़40लाख नागरिक देश छोड़कर शरणार्थी बन चुके हैं। 40 हजार इमारतें बर्बाद हुई 20 लाख बच्चे घरों से दूर होकर शिक्षा से वंचित हो गए। ईसी तरह यूक्रेन तथा रूस के लगभग 50 हजार सैनिक युद्ध में मारे गए है।यह युद्ध की विभीषिका कहां तक जाएगी इसका आकलन करना तो कठिन है पर इसके परिणाम अत्यंत अमानवीय,कारुणिक और आर्थिक नुकसान देने वाले साबित हुए हैं।रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन के तथाकथित दोस्तों अमेरिका तथा नैटो देशों ने सक्रियता से मैदान में साथ नहीं दिया, केवल दूर से यूक्रेन को शाबाशी देते रहे यूक्रेन अब संपूर्ण बर्बादी के कगार पर है। रूस का उसके अपने ही राष्ट्र में युद्ध के खिलाफ विरोध के स्वर उभर रहे हैं। नोबेल पुरस्कार प्राप्त पत्रकार ने अपने पूर्व में प्राप्त नोबेल पुरस्कार मेडल को बेचने का ऐलान किया है एवं यूक्रेन में मरने वाले हजारों बच्चों के हित में वह धनराशि रेड क्रॉस को प्रदान करेगा। पत्रकार ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण का रूस की जनता अंदरूनी तौर पर विरोध करती है एवं भारी असंतोष भी हैl मैं आपको रूस यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि का इतिहास बताता हूं।यूक्रेन एक छोटा सा राज्य है, उसकी सैन्य शक्ति भी इतनी क्षमतावान नहीं है कि रूस या अन्य शक्तिशाली देश का सैन्य मुकाबला कर सके,पर अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो के 30 देशों के बहकावे में आकर उसने रूस को नाराज करना शुरू कर दिया था। यूक्रेन को यकीन था कि रूस के आक्रमण के समय अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इजरायल और नाटो के कई देश उसकी रक्षा करेंगे, पर ताकतवर,शक्तिमान रूस के हमले के सामने ना तो अमेरिका ने अपना सैन्य आक्रमण किया ना ब्रिटेन ने अपनी सेना ही भेजी और ना ही अन्य नाटो देश में रूस के खिलाफ किसी तरह की जंग ही की है ,केवल दूर से बैठकर समझौते करने की बात करते रहे और रूस के आक्रमण की निंदा ही की है। यह आलेख लिखते तक रूस ने कीव पर कब्जा भी कर लिया होगा और उसके समस्त एयर बेस सैनिक अड्डों को नष्ट कर दिया है। यूक्रेन का एयर डिफेंस पूरी तरह चरमरा गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बताया कि रूस ने सभी सैनिक हवाई अड्डों पर रॉकेट लॉन्चर दाग कर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया है, यूक्रेन के लगभग 40 सैनिकों को मार भी गिराया है, इसमें 10 निर्दोष नागरिक भी मारे गए हैं। रूस ने दावा किया था कि वह नागरिक ठिकानों पर बमबारी नहीं करेंगा पर मिसाइल तथा गोलियां सैनिकों तथा नागरिकों को अलग-अलग नहीं पहचानती है, और यही वजह है कि सैनिकों के साथ नागरिक भी मारे गए। वर्ष 1914 में यूक्रेन से रूस ने क्रीमिया को अलग कर अपने अधिपत्य में ले लिया था। रूस का कहना है कि अमेरिका ब्रिटेन और नाटो देश यूक्रेन को एक न्यू क्लियर सामरिक अड्डा रूस के खिलाफ बनाने की तैयारी कर चुके हैं, और इन सभी देशों के साथ यूक्रेन भी रूस की प्रतिरक्षा प्रणाली को बहुत बड़ा खतरा बन गया है। यूक्रेन पर अमेरिकी प्रशासन का पूरा पूरा नियंत्रण है, यूक्रेन प्रशासन केवल कठपुतली मात्र है। इसे संचालित करने वाला अमेरिका तथा ब्रिटेन ही है। यूक्रेन लगातार नाटो देश की सदस्यता के लिए प्रयास करता रहा है और अमेरिका चाहता है कि यूक्रेन नाटो देश का सदस्य बन कर रूस के खिलाफ एक सामरिक अड्डे की तरह उनके काम आए। तत्कालिक कारणों में रूप द्वारा गैस तथा तेल के लिए बिछाई गई पाइप लाइन जो जर्मन तक गैस तथा तेल पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ थी। जर्मन एक बहुत बड़ा तेल तथा गैस का बाजार है, यहां से सारे यूरोप में आर्थिक गतिविधि शुरू होकर गैस तथा तेल की सप्लाई की जाती है जो कि एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र हैयह गैस पाइपलाइन यूक्रेन के क्षेत्र से होकर जनवरी तक जाती है। इससे नाटो देश को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान की संभावना भी है। दूसरी तरफ यूक्रेन, क्रीमिया को अपने पास वापस अपने अधिपत्य में लेना चाहता है, जो वर्तमान में रूस के कब्जे में है, इसके अलावा रूस ने यूक्रेन के दो बड़े क्षेत्र लुहानस्क और डोनट्स रिपब्लिक को राज्य के रूप में मान्यता दे दी है, यह बहुत बड़े क्षेत्र और इन्हीं के माध्यम से उसने अपनी सेना को यूक्रेन में दाखिल भी किया था। इन दो बड़े रिपब्लिक को देश की तरह मान्यता देने पर अमेरिका तथा ब्रिटेन और नाटो देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की बात कह कर भरपूर सार्वजनिक निंदा भी की है और किसी स्वतंत्र देश की प्रभुसत्ता पर हस्तक्षेप भी बताया है। रूस के इस यूक्रेन पर आक्रमण से भारत की चिंता अपने 20 हजार नौजवान छात्रों को जो युक्रेन में अध्ययन कर रहे थे। अब वहां फंसे हुए हैं, उन्हें बचाने की भी है। यूक्रेन तथा रूस के बीच शांति स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मध्य रात्रि के बीच लगभग 40 मिनट बात कर शांति स्थापना के अपील भी की है एवं नागरिकों को वहां से निकालने की चिंता से भी अवगत कराया है। निश्चित तौर पर भारत के यूक्रेन तथा रूस के साथ अच्छे संबंधों के कारण शांति बहाली की अपील कर रहा है, और इसका असर भी हो सकता है । यह तो तय है कि रूस और यूक्रेन के बीच यदि युद्ध में कोई भी विदेशी ताकत हस्तक्षेप करती है, तो विश्व युद्ध की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। रूस ने यूक्रेन की मदद के लिए किसी भी देश के आने पर भयानक परिणाम होने की चेतावनी भी दे डाली है। यूक्रेन को इस आफत में फंसाने एवं उसे रूस के विरुद्ध उकसाने के लिए अमेरिका ब्रिटेन और नाटो देशों की भूमिका सदैव संदिग्ध ही रही है। -

आनंदा डेयरी ने 130 टीन देशी घी अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा में बनने वाले प्रसाद के लिए भेजा
आनंदा डेयरी ने 130 टीन देशी घी अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा में बनने वाले प्रसाद के लिए भेजाएडीएम व डायरेक्टर सुनीता दीक्षित ने आनंद देसी घी से भरी गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना कियाहापुड़, अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन 22 जनवरी को धूमधाम के साथ क्या जा रहा है ! प्रतिमाओं के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देशभर से श्री राम भक्त लाखों की संख्या में पूजा अर्चना कर भगवान श्री राम को याद करेंगे भगवान के भोग लगे के लिए और भक्तों के प्रसाद के लिए आनंदा डेयरी के परिवार ने भगवान श्री राम में आस्था रखते हुए आनंदा डेयरी से 130 टीन देशी घी अयोध्या भेजा। आनंदा डेयरीलिमिटेड ग्रुप ने 130 टीन 1950 किलो ग्राम देशी घी अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए निःशुल्क भेजे गए हैं! हापुड़ अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार की उपस्थितिमें आनंदा डेयरी की डायरेक्टर सुनीता दीक्षित और राहुल दीक्षित व आनंदा के समस्त परिवार ने देशी घी टीन से भरी गाड़ी की पूजा अर्चना कर आनंदा डेयरीप्रांगण खैरपुर खैराबाद पिलखुवा से अयोध्या को हरी झंडी दिखाकर रवाना कियागया । कम्पनी डायरेक्टर सुनीता दीक्षित ने बताया कि यह उनके लिए एक एतिहासिक दिन है, जब प्रभु श्रीराम के मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में कम्पनी का देशी घी अर्पित करने का सौभाग्य मिला है। -

सीएमओ के तीन बार आदेश के बाद भी अब तक डाक्टर की तैनाती नही हुई आखिर कौन करेगा ईलाज
अजीत विक्रमगाजीपुर । धामपुर क्षेत्र शहीद वीर अब्दुल हमीद के नाम बना अस्पताल धामूपुर में स्थित वीर अब्दुल हमीद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 6 माह से रिक्त चल रहे चिकित्सक के पद पर तैनाती के लिए 4 माह पूर्व आए आदेश के बाद भी अब तक चिकित्सक की तैनाती नहीं हो पाई । ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया कि विभाग जान बूझकर इस अस्पताल पर चिकित्सक की तैनाती नहीं कर रहा है। पूर्व में नियुक्त चिकित्सक डॉक्टर राकेश रोशन का शानन के द्वारा स्थानांतरण मऊ जनपद में हो जाने के बाद 6 माह से चिकित्सा का पद रिक्त पड़ा था। जिसको लेकर धामूपुर के गांव के समाजसेवी अनिकेत चौहान ने पीएमओ को पत्र लिखकर परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक के तैनाती की मांग की गई थी । जिसका संज्ञान लेते हुए पीएमओ ने शीघ्र चिकित्सा तैनाती का निर्देश दिया था । इसके बाद जनपद के स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया । नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मागतपुर से स्थानांतरित कर पीएचसी शहीद वीर अब्दुल हमीद नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामूपुर डॉ अजय कुमार की तैनाती का आदेश तो जारी कर दिया गया है। लेकिन 27 दिन आदेश के बाद भी तैनाती नहीं हुई ऐसा लग रहा कि स्वास्थ्य विभाग के आदेश का पालन नही हो रहा है। लेकिन स्वास्थ्य केन्द्र 6 माह बीत जाने के बाद भी अब तक अस्पताल पर चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने से ग्रामीण परेशान थे। ग्रामीणों ने कहा कि इस समय डेंगू, मलेरिया ,टाइफाइड बीमारी का प्रकोप काफी तेजी से चल रहा है। लेकिन क्षेत्र में क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक न होने से ग्रामीण इलाज के लिए परेशान। वही मजबूरी में प्राइवेट चिकित्सा के पास भी जाने को मजबूर हैं। जनपद मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। समाजसेवी अनिकेत चौहान ने बताया कि तैनाती के लिए कई बार पत्र लिखा गया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अनसुना कर दिया जा रहा था । लेकिन 6 में यह तीसरी बार नए डॉक्टर की तैनाती कर दी गई है। अब किसी डॉक्टर नवीन स्थान पर चार्ज नहीं लिए है। समाजसेवी अनिकेत चौहान लगातार पीएमओ से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत करने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कान में जूं रेगी तब जाकर नए डॉक्टर की तैनाती तो सिर्फ़ कागज में कर दिया जा रहा है। लेकिन अब किसी डॉक्टर का ग्रामीणों को दर्शन नही हुआ। देखिए आगे होता क्या है…. स्थिति जस की तस बनी हुई है। -

भारत मंडपम में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ की रौनक, बना बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा
भारत मंडपम में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ की रौनक, बना बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा प्रदर्शित लोकोमोटिव मॉडलसंतोष कुमार नागवंशीदिल्ली, प्रगति मैदान में ‘आत्मनिर्भर भारत उत्सव’ 3 जनवरी से शुरू हुई ये ‘मेगा प्रदर्शनी’ भारत मंडपम में आगामी 10 जनवरी तक लगाई गई है।माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘आत्म निर्भर भारत’ की मुहिम में अन्य मंत्रालयों के साथ ही रेल मंत्रालय की भागीदारी को सुनिश्चित करते इस उत्सव मेंभारतीय रेल के विकास यात्रा को बहुत ही अच्छे ढंग से दिखाया गया है मंडप अयोध्या रेलवे स्टेशन के थीम पर बनाया गया है जो देखने में बेहद ही आकर्षक है। देश के कोने-कोने से आए उद्यमियों से यहां न केवल आप मिल सकते हैं बल्कि उनके उत्पादों को खरीद भी सकते हैं।रेल मंडप में बरेका द्वारा निर्यातित रेल इंजन मॉडल आकषर्ण का केंद्र बना हुआ है।’बदलते भारत की अवसंरचना’ की विषयवस्तु के साथ रेल मंडप में रेल अपनी प्रगतिशील यात्रा को प्रदर्शित कर रहा है रेलवेआगंतुक “नारी शक्ति” को समर्पित विशेष सेल्फी बूथ पर फोटो खींचकर अपनी यात्रा को स्मरणीय बना सकते हैंबदलते भारत की अवसंरचना’ की विषयवस्तु के साथ हॉल नंबर-6 में रेल मंडप स्थापित किया गया है। इस मंडप में बनारस रेल इंजन कारखाना द्वारा निर्मित किए गए रेल इंजनों जिन्हें विभिन्न देशों तंजानिया, वियतनाम, बांग्लादेश,श्रीलंका, मलेशिया, सूडान, म्यांमार, अंगोला, सेनेगल, माली, मोजांबिक में निर्यात किया गया है उन सभी रेल इंजन मॉडलों को एक विशेष बूथ पर आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।जो आगंतुकों विशेष कर बच्चों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इस अवसर पर जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने आगंतुकों को लोकोमोटिव से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी विस्तार पूर्वक दिया।इस मंडप में भारतीय रेलवे के कई पहलुओं को रेखांकित किया गया है, जहां विभिन्न विषयवस्तुओं को चित्रों, ट्रांसलाइट और मॉडल आदि के माध्यम से उनकी तकनीकी व संरचनात्मक प्रगति के साथ प्रदर्शित किया गया है।रेल मंडप में विभिन्न प्रकार के लोकोमोटिव के मॉडल व अयोध्या रेलवे स्टेशन के मॉडल को दिखाया गया है।साथ ही आगंतुक कियोस्क के माध्यम से रेल संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते है