Category: Desh Videsh

  • दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार का स्थापना दिवस मनाया गया

    दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार का स्थापना दिवस मनाया गया

    दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार का स्थापना दिवस मनाया गया
    ललितपुर -दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार का अट्ठाईसवां स्थापना दिवस आज अन्नपूर्णा में असहायों को निशुल्क भोजन करा कर मनाया गया । इस अवसर दिव्य प्रेम सेवा मिशन के ललितपुर के जिला संयोजक बब्बू राजा बुन्देला ने बताया कि अट्ठाईस बर्ष  पहले आज ही के दिन  स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती पर आशीष गौतम उर्फ आशीष भैया ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन की स्थापना की थी जिसमें सभी असहायों की सेवा करने की प्रेरणा ली गयी थी। बुन्देलखण्ड विकास वोर्ड के सदस्य प्रदीप चौवे ने कहा कि इस मिशन के तहत कुष्ठ रोगियों की सेवा की जा रही है। मिशन में समाज से वहिष्कृत कुष्ठ रोगियों को परिवार की तरह रख कर सेवा श्रुसेवा की जाती है।व्यापार प्रकोष्ठ के अजय साईकिल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े आशीष गौतम उर्फ आशीष भैया ने अब नर सेवा नारायण सेवा को ही अपना आधार वना कर दीन हीन की सेवा को ही अपना मिशन वना लिया है। जिला कार्यालय प्रभारी शशि शेखर पाण्डेय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवा शक्ति के प्रतीक हैं और इसी नाते युवा आशीष गोतम जी ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन की स्थापना की थी जिसका मुख्यालय हरिद्वार वनाया गया था। अन्त में भाजपा जिला मंत्री निखिल रामकुमार तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर दिव्य सेवा मिशन के जिला संयोजक बब्बू राजा बुन्देला, बुन्देलखण्ड विकास वोर्ड के सदस्य प्रदीप चौवे , निवर्तमान जिला अध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी, पूर्व जिला अध्यक्ष हरीराम निरंजन,जिला महामंत्री महेश श्रीवास्तव, जिला मंत्री निखिल तिवारी, जिला मीडिया प्रभारी देवेंद्र गुरु,नगर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, युवा मोर्चा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गौरव गौतम, पार्थ चोवे,विलास पटैरिया,अनुराग शैलू, उदित नारायण रावत, राहुल चौवे, ध्रुव सिंह  सिसोदिया,रुपेश साहू, गब्बर अहिरवार, यशपाल राजा, भगतसिंह राठोर, दीपक पाराशर ,जगभान सिंह लोधी  आदि उपस्थित रहे।
  • वीरेंद्र प्रताप सिंह सिंह इंटर कॉलेज पदमपुर रामराय मे भारत संकल्प यात्रा की पहुंची बैन

    वीरेंद्र प्रताप सिंह सिंह इंटर कॉलेज पदमपुर रामराय मे भारत संकल्प यात्रा की पहुंची बैन

    वीरेंद्र प्रताप सिंह सिंह इंटर कॉलेज पदमपुर रामराय मे भारत संकल्प यात्रा की पहुंची बैन।।
    कमलेश यादव पहल टुडे
    मुख्य अतिथि के रूप में अवधेश यति व प्रमोद वर्मा विशिष्ट स्थिति में दयाशंकर सिंह शरवानंद उर्फ झुन्ना सिंह मौजूद रहे।।गाजीपुर/जखनिया: विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत ग्रामीण क्षेत्र के सभी लाभार्थियों को सरकार की कल्याणकारी योजना आपको देने के लिए सरकार ने योजना के तहत गांव गांव जाकर सभी तक यह योजना पहुंचाई जा रही है।जैसे में कृषि विभाग भारत साक्षर भारत,सशक्त भारत,स्वच्छ भारत के तहत आने वाली योजना आयुष्मान यूनियन बैंक आफ इंडिया राजकीय पशु चिकित्सा वित्तीय साक्षरता सामुयिक प्रशिक्षण आदि योजनाओं से जोड़ेने लाभ को पहुंचाने का काम कर रही है।इस योजना के तहत सभी विभाग के कर्मचारी बारी-बारी से अपने विभाग से मिलने वाला लाभ के बारे में बताने का कार्य किया जा रहा हैं।किस तरह से कौन लाभ किस लाभार्थी को मिलेगा इसको बताने का कार्य किया जा रहा है। इस जगह पर उनका रजिस्ट्रेशन भी कर दिया जा रहा है।कार्यक्रम का  संचालन वेद प्रकाश पांडे ने किया महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम में मुख्य रूप से गोद भराई अन्न प्रासन का कार्य किया गया इसी बीच ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सर्वानंद सिंह उर्फ झुन्ना ने कहा कि सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ जनता को मिल रहा है शौचालय का रजिस्ट्रेशन पोर्टल से करवाए और पैसा आपके खाते में सीधा जाएगा।सर्वानंद सिंह उर्फ झुन्ना ने कहा की आवास के लिए बनारस में प्रधानमंत्री ने कहा पैसे की कमी नहीं है बस पात्र व्यक्ति अपने सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान से मिले उसे आवास जरूर दिया जाएगा। पैसे की कोई कमी नहीं है।
    वहीं मुख्य अतिथि अवधेश यति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले पर यह कहा गया कि सभी बेघर को घर दिया जाएगा तो विपक्ष के लोगों ने इसकी खिल्ल्या उड़ाई।व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने कहा 14 के पहले जो भी सरकारे चल रही थी उसमें कब कहां और कैसे बम फूट जाए या कोई नहीं जानता था। आतंकवाद से भय में था लेकिन जब से योगी और मोदी सरकार आई तसे आज तक पब्लिक कोई भय में नहीं जी रही कोई बम फूट नहीं रहा माताएं बहने घर से बाहर निकलने में डरती थी लेकिन अब वही माताएं बहने आधी रात को निर्भीक होकर घूम रही है प्रमोद वर्मा ने यह भी कहा कि 2014 के पहले जो भी योजना चलाई जा रही थी उसका पैसा लाभार्थियों तक पहुंचने में तीन गुना बिचौलिया खा जाते थे लेकिन अब इसी देश में लाभार्थियों तक सीधे योजना का लाभ पहुंचाई जा रही है अब पैसा सीधे उनके खाते में चला जाता है।इसीलिए सरकार जनधन योजना के तहत बैंकों में सभी लोगों का खाता खुलवाया और इसका लाभ अब देश के लाभार्थियों को मिल रहा है।अब किसी को कमीशन देने की जरूरत नहीं है। वही कार्यक्रम में मुख्य रूप से ग्राम प्रधान रामाधार गुप्ता सत्येंद्र प्रताप सिंह ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह रिंकू सुरेंद्र प्रताप सिंह बाबू सिंह ग्राम प्रधान सेमउर अजीत सिंह वरिष्ठ भाजपा नेता दया शंकर सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
  • रामभक्तों की टोली के साथ अक्षत लेकर घर घर पहुंचें प्रमुख राजन सिंह 

    रामभक्तों की टोली के साथ अक्षत लेकर घर घर पहुंचें प्रमुख राजन सिंह 

    रामभक्तों की टोली के साथ अक्षत लेकर घर घर पहुंचें प्रमुख राजन सिंह

    लक्ष्मीकांत श्रीवास्तव
     गाजीपुर, बिरनो – श्रीराम मन्दिर अयोध्या धाम से आये हुए पूजित अक्षत को घर-घर पहुंचाने के अभियान में श्री राम भक्तों की टोली ब्लॉक प्रमुख राजन सिंह के नेतृत्व में बिरनो क्षेत्र के बद्धुपुर में घर घर जय श्री राम उदघोष के साथ पूजित अक्षत तथा भगवान श्री राम की नवनिर्मित मंदिर की फोटो वितरित किया। उन्होने इस मौके पर लोगों से कहा कि इस शुभ अवसर पर मंदिर और घर पर दीप जलाकर भगवान राम की पूजा करें और खुशियां मनाएं। इस अवसर पर ग्रामीणों ने भी उत्साह से भाग लिया। इस अवसर पर राजन सिंह ने कहा कि सैकड़ों वर्षों बाद 22 जनवरी को भगवान श्री राम अपने नये घर में विराजमान हो रहे है।यह शुभ अवसर जन आंदोलन,संघर्ष और बलिदान के बाद संभव हुआ है। इस मौके पर प्रमुख प्रतिनिधि भरत सिंह, गुड्डू गुप्ता, धन्नजय प्रजापति, अमित सिंह मण्डल उपाध्यक्ष भाजपा , किशन सिंह , राहुल सिंह, ऋषि कुशवाहा, नंदलाल मौर्या, घुरा खरवार, किशन खरवार, अनिल सिंह, सहित सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजुद रहे।
  • नवागत डीआईजी ओमप्रकाश सिंह ने किया जनपद का दौरा 

    नवागत डीआईजी ओमप्रकाश सिंह ने किया जनपद का दौरा 

    नवागत डीआईजी ओमप्रकाश सिंह ने किया जनपद का दौरा

    लक्ष्मीकांत श्रीवास्तव
     गाजीपुर । वाराणसी रेंज के नवागत डीआईजी ओमप्रकाश सिंह ने आज गाजीपुर का दौरा किया और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।समीक्षा बैठक के बाद डीआईजी ने विशेश्वरगंज से कोतवाली तक फुट मार्च भी किया।ओमप्रकाश सिंह ने कल ही वाराणसी में डीआईजी के तौर पर अपना कार्यभार ग्रहण किया था और आज जनपद का दौरा किया।ओमप्रकाश सिंह गाजीपुर में एसपी के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं।उन्होंने बताया कि आज आगामी चुनाव को देखते हुए बैठक की गयी और तैयारियों का जायजा लिया और फुट मार्च किया गया।उन्होंने बताया कि जनपद में कानून व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक है और आगामी लोकसभा चुनाव अच्छे तरीके से सम्पन्न कराया जायेगा।
  • एक दर्जन मोटरसाइकिल के साथ दो वाहन चोर गिरफ्तार

    एक दर्जन मोटरसाइकिल के साथ दो वाहन चोर गिरफ्तार

    रुड़की । भगवानपुर थाना पुलिस ने दो पहिया वाहन चोर गिरोह को पकड़ने के साथ ही उनकी निशांत दही पर चोरी की गई एक दर्जन मोटरसाइकिल बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस में पकड़े गए वाहन चोरों का विभिन्न धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया है।
    बृहस्पतिवार भगवानपुर थाने में वाहन चोरी का खुलासा करते हुए एसपी देहात स्वप्न किशोर ने बताया कि थाना भगवानपुर पर विभिन्न तिथियों में ईएफआईआर के माध्यम से पीडित पंकज कुमार, अभिषेक शर्मा, तनवीर व श्रीनिवास द्वारा स्वंय की मोटरसाईकिलो के अलग-अलग स्थानों से चोरी होने के संबंध में मुकदमा दर्ज करा रखा था। घटनास्थलों को चिन्हित कर बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने एवं इन घटनाओं से सम्बन्धित गिरोहों को जेल की राह दिखाने के लिए एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों पर देहात एवं सिटी क्षेत्र में विभिन्न टीमें गठित की गई हैं। इसी के चलते थाना भगवानपुर क्षेत्र में गठित पुलिस टीम द्वारा लगातार एक्टिव रहकर घटनास्थलों का विश्लेषण करते हुए बुधवार को चैंकिग के दौरान दौड़बसी चौक भगवानपुर के पास से 2 संदिग्ध को दो चोरी की मोटर साईकिलों सहित दबोच लिया। पकड़े गए युवकों से जब सखती के साथ पूछताछ की गई तो पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इन वाहनों को बेचने के लिए सहारनपुर उ0प्र0 की ओर ले जा रहे थे। पुलिस ने इनकी निशादेही पर ग्राम चानचक में एक आम के बाग़ में छिपाकर रखी गई चोरी की अन्य 10 मोटरसाईकिल भी बरामद की। दोनों साथ मिलकर अलग–अलग स्थानों से मोटर साईकिले चोरी करते थे और उन्हे सुनसान जगह छिपाकर सौदा होने पर राह चलते लोगो को औने–पौने दामों में बेच देते थे। पुलिस पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अंकुर त्यागी पुत्र विकास त्यागी निवासी ग्राम माठकी झरौली थाना बेहट जिला सहारनपुर हाल निवासी चाँद कालौनी थाना भगवानपुर, अनित उर्फ़ अनिकेत पुत्र सौरण सिंह निवासी ग्राम डेहरा थाना देवबन्द जनपद सहारनपुर हाल चाँद कालौनी थाना भगवानपुर बताया है। उनके पास बरामद मोटरसाइकिलो में थाना भगवानपुर क्षेत्र से चोरी मो0सा0- 05, मोटर साईकिल स्प्लेंडर प्रो- 01, मोटर साईकिल CT100- 01, मोटर साईकिल हीरो हौंडा स्प्लेंडर- 03, मोटर साईकिल प्लेटिना- 01, मोटर साईकिल XCD- 01
    सहित कुल 12 मोटर साईकिल बरामद हुई है। वाहन चोरों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसएचओ भगवानपुर रमेश तनवार, SSI विकास रावत, SIसंजय पुनीया , चन्द्रमोहन सिंह, HC गीतम सिंह, HCसुन्दर सिंह, C राजेन्द्र सिंह, C सर्वेजीत सिंह, C उवेदुल्ला शामिल रहे।
  • प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती (12 जनवरी) को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है

    प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती (12 जनवरी) को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है

    वर्तमान परिवेश में समाज में चारों तरफ अपराधों तथा भ्रष्टाचार का जो मकड़जाल फैल चुका है, वह घुन बनकर न सिर्फ देश को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है बल्कि युवा वर्ग भी भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के इस दूषित माहौल में हताश व निराश है। ऐसे में युवा वर्ग सही मार्ग से न भटके, इसके लिए युवा शक्ति को जागृत कर उसे देश के प्रति कर्त्तव्यों का बोध कराते हुए सही दिशा में प्रेरित एवं प्रोत्साहित करना और उचित मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में राष्ट्रीय युवा दिवस की प्रासंगिकता बहुत बढ़ जाती है, जो प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को मनाया जाता है। हमें भूलना नहीं चाहिए कि देश की आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ बलिदान कर लोगों में क्रांति का बीजारोपण करने वाले अधिकांश युवा ही थे। स्वामी विवेकानंद, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरू इत्यादि देश के अनेक युवाओं ने देश की आन-बान और शान के लिए अपने निजी जीवन के समस्त सुखों का त्याग कर दिया था और अपना समस्त जीवन देश के लिए न्यौछावर कर दिया था लेकिन आधुनिक युग में हम स्वार्थी बनकर ऐसे क्रांतिकारी युवाओं की जीवन गाथाओं को भूल रहे हैं और हम सब धीरे-धीरे भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे ही क्रांतिकारी युवा महापुरूषों की जीवन गाथाओं के जरिये देश की युवा पीढ़ी को समाज में व्याप्त गंदगी से बचाकर देश के विकास में उसका सदुपयोग किया जा सके, इसी उद्देश्य से आधुनिक भारत के महान चिंतक, दार्शनिक, समाज सुधारक, युवा सन्यासी स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को ही प्रतिवर्ष ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जो बहुत कम आयु में अपने विचारों के चलते समस्त जगत में अपनी एक विशेष पहचान बनाने में सफल हुए थे।स्वामी विवेकानंद के वक्तव्यों का आम जनमानस और खासकर युवाओं के मनोमस्तिष्क पर कितना प्रभाव पड़ता था, इसका उनके शिकागो भाषण से बेहतर उदाहरण नहीं मिल सकता। 11 सितम्बर 1893 को जब शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म पर अपने प्रेरणात्मक भाषण की शुरूआत उन्होंने ‘मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों’ के साथ की थी तो बहुत देर तक तालियों की गड़गड़ाहट होती रही थी। अपने उस भाषण के जरिये उन्होंने दुनियाभर में भारतीय अध्यात्म का डंका बजाया था। विदेशी मीडिया और वक्ताओं द्वारा भी स्वामीजी को धर्म संसद में सबसे महान व्यक्तित्व और ईश्वरीय शक्ति प्राप्त सबसे लोकप्रिय वक्ता बताया जाता रहा। यह स्वामी विवेकानंद का अद्भुत व्यक्तित्व ही था कि वे यदि मंच से गुजरते भी थे तो तालियों की गड़गड़ाहट होने लगती थी। उन्होंने 1 मई 1897 को कलकत्ता में रामकृष्ण मिशन तथा 9 दिसंबर 1898 को कलकत्ता के निकट गंगा नदी के किनारे बेलूर में रामकृष्ण मठ की स्थापना की थी। 4 जुलाई 1902 को इसी रामकृष्ण मठ में ध्यानमग्न अवस्था में महासमाधि धारण किए वे चिरनिद्रा में लीन हो गए।स्वामी विवेकानंद सही मायनों में युवाओं के प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्त्वि के धनी थे, जिन्हें उनके ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण ही जाना जाता है। विवेकानंद सदैव कहा करते थे कि उनकी आशाएं देश के युवा वर्ग पर ही टिकी हुई हैं। वे आधुनिक मानव के आदर्श प्रतिनिधि थे और खासकर भारतीय युवाओं के लिए उनसे बढ़कर भारतीय नवजागरण का अग्रदूत अन्य कोई नेता नहीं हो सकता। अपने 39 वर्ष के छोटे से जीवनकाल में स्वामी जी अलौकिक विचारों की ऐसी बेशकीमती पूंजी सौंप गए, जो आने वाली अनेक शताब्दियों तक समस्त मानव जाति का मार्गदर्शन करती रहेगी। उनका कहना था कि मेरी भविष्य की आशाएं युवाओं के चरित्र, बुद्धिमत्ता, दूसरों की सेवा के लिए सभी का त्याग और आज्ञाकारिता, खुद को और बड़े पैमाने पर देश के लिए अच्छा करने वालों पर निर्भर है। उन्होंने देश को सुदृढ़ बनाने और विकास पथ पर अग्रसर करने के लिए हमेशा युवा शक्ति पर भरोसा किया। उनका कहना था कि मेरी भविष्य की आशाएं युवाओं के चरित्र, बुद्धिमत्ता, दूसरों की सेवा के लिए सभी का त्याग और आज्ञाकारिता, खुद को और बड़े पैमाने पर देश के लिए अच्छा करने वालों पर निर्भर है। युवा शक्ति का आव्हान करते हुए उन्होंने अनेक मूलमंत्र दिए।
    (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और 34 वर्षों से साहित्य एवं पत्रकारिता में निरन्तर सक्रिय हैं)

  • गांव और वार्ड से 10-10 व्यक्ति लेकर जाने का लें संकल्प

    गांव और वार्ड से 10-10 व्यक्ति लेकर जाने का लें संकल्प

     अमन गोयल ने इमानदारी से काम करने का किया आह्वान
    जींद रैली को लेकर निगम के वार्ड नंबर 27 में हुआ बैठक का आयोजन
    फरीदाबाद। प्रदेश के जींद जिले में 28 जनवरी को होने वाली रैली को लेकर बुधवार को पंजाब के चैयरमैन राजीव शर्मा ने तिगांव विधानसभा के निगम वार्ड नंबर 27 में कार्यकत्र्ताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में तिगांव विधानसभा केे पदाधिकारियों और कार्यकत्र्ताओं ने भाग लिया।बैठक में पहुंचे कार्यकत्र्ताओं को संबोधित करते हुए पंजाब से आएं चैयरमैन एवं तिगांव प्रभारी राजीव शर्मा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में जिस प्रकार आम आदमी पार्टी का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है और एक आम आदमी का झुकाव आप की तरफ है, उससे लगने लगा है कि इस बार हरियाणा प्रदेश में दिल्ली और पंजाब की तर्ज आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रहीं है। श्री शर्मा को कार्यकत्र्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आगामी 28 जनवरी को  प्रदेश के जिला जींद में होने वाली रैली प्रदेश की राजनीति पर विशेष छाप छोडऩे का कार्य करेगी। इसके लिए प्रत्येक कार्यकत्र्ता का कर्तव्य बनता है कि वह प्रत्येक वार्ड और गांव से 10-10 कार्यकत्र्ता इस रैली मेंं अवश्य शामिल हो। इस क्रम में चैयरमैन राजीव शर्मा ने उपस्थित कार्यकत्र्ताओं को रैली में भाग लेने और अपने साथ 10-10 नए लोगों को शामिल करने की बात पर जोर दिया। इस कड़ी में व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमन गोयल ने कार्यकत्र्ताओं में जोश भरते हुए ईमानदारी से कार्य करने की प्ररेणा देते हुए अतिथि के रुप में पहुंचे चैयरमैन राजीव शर्मा को तिगांव विधानसभा एवं व्यापारियों को रैली में ले जाने के लिए आश्वस्त किया। इस अवसर पर लोकसभा प्रभारी राजेंद्र शर्मा, माइनोॅरिटी सेल के जिलाध्यक्ष मुस्तिकीन प्रधान, अफरोज आलम, जुल्फिकार, मुन्निकांत मिश्रा, संजय फौजी, ज्ञानचंद गोयल, सोनू सिसोदिया, विजय बहादुर पाल, शमा खातून के अलावा अन्य कार्यकत्र्ता व गणमान्य लोग मौजूद रहें।
  • पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका

    पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका

    भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा

    दुनियां में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक है – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया

    वैश्विक स्तरपर भारत तेजी से बढ़ाने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसकी पुष्टि अमेरिकी रेटिंग एजेंसीज सहित विश्व बैंक भी कर चुका है, जबकि वैश्विक मंदी के दौर में भारत की वित्तीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के अंत या वर्ष 2024 के शुरुआती महीनों में अमेरिका यूरोप में मंदी आने की संभावनाएं जताई जा रही है। परंतु भारत ही एक ऐसा देश है जहां स्थिरता ही नहीं एक्सपोर्ट भी बढ़ता जा रहा ह जीएसटी कलेक्शन हर माह तेजी से बढ़ रहा है, विकास कार्यों में तेजी आ रही है। चूंकि आज दिनांक 5 दिसंबर 2023 को एक अमेरिकी रेटिंग कंपनी ने आकलन किया है कि वित्त वर्ष 2025-2026 में भारत की जीडीपी का ग्रोथ रेट 6.9 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। साथियों बात अगर हम दिनांक 5 दिसंबर 2023 को एक अमेरिकी रेटिंग कंपनी के आकलन की करें तो, एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स का कहना है कि 2030 तक भारत दुनियां की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत  पहुंच जाएगी। ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024  में एस एंड पी ने लिखा कि हमें लगता है वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.4प्रतिशत रहेगी। जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9प्रतिशत पहुंच जाएगी, एजेंसी ने आगे लिखा, भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और हमारी उम्मीद है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अगले तीन साल तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा। फिलहाल भारत दुनियां की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत से पहले अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान हैं। एजेंसी ने कहा, बड़ा टेस्ट इस बात का होगा कि क्या भारत अगला बड़ा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकेगा या नहीं, जो एक बड़ा मौका है। एक मजबूत लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क, भारत को एक सर्विस बेस्ड इकोनॉमी से मैन्युफैक्चरिंग डोमिनेटेड इकोनॉमी बनाने में अहम फैक्टर रहेगा। जबकि लेबर मार्केट का भारत कितना लाभ उठा पाता है, ये इस पर निर्भर करेगा कि लोगों को कितना कुशल बनाया जाता है और वर्कफोर्स में महिला भागीदारी कितनी बढ़ती है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंगलवार को चीन की अर्थव्यवस्था के आउटलुक को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव कर दिया है। इसकी वजह लगातार मीडियम टर्म इकोनॉमिक ग्रोथ का कमजोर रहना और प्रॉपर्टी सेक्टर का कमजोर होना रही है। हालांकि एजेंसी ने चीन की ओवरऑल रेटिंग ए 1′ पर बरकरार है।भारत इस समय दुनियां में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. हालांकि अभी देश की जीडीपी फिलहाल 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को नहीं छू पाई है, लेकिन इस नई ऊंचाई तक पहुंचने से बहुत दूर भी नहीं है। दरअसल रविवार को सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट बहुत वायरल हुआ, जिसमें भारत की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर हो जाने का दावा किया जा रहा था। एक नई उपलब्धि के तौर पर कई सोशल मीडिया चैनलों ने इसे हाथो-हाथ लिया। हालांकि बाद में पता चला कि ये स्क्रीनशॉट सही नहीं है, परंतु 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत।बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अगले तीन साल तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा।साथियों बात अगर हम पीएम के 5 इंडियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सपने की करें तो हमारे माननीय पीएम ने इंडियन इकोनॉमी को लेकर जो सपना देखा है, उसका जिक्र उन्होंने और उनकी सरकार के मंत्रियों ने कई मौकों पर किया है। इनमें एक है कि आने वाले पांच-छह साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के तौर पर पेश करना,भारत अभी करीब 3.7 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और दुनियां में सबसे तेजी से आगे बढ़ती इकोनॉमी बना हुआ है. वर्ल्ड बैंक से लेकर आईएमएफ जैसे वैश्विक निकायों से लेकर तमाम रेटिंग एजेंसियां भी भारत को लेकर सकारात्मक बनी हुई हैं। इसके साथ पीएम  के भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को लेकर भरोसा जताया है और कहा है कि भारत 2030 तक ये कमाल कर सकता है। मंगलवार को जारी ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2024 में रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने कहा है कि भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसके साथ ही इसमें कहा गया कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी वृद्धि 7 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। एसएंडपी ने मार्च 2024 (2023-24) तक वित्त वर्ष में 6.4 फीसदी जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.2 फीसदी रही थी। रेटिंग एजेंसी के अनुसार, ग्रोथ रेट अगले वित्त वर्ष (2024-25) में 6.9 फीसदी पर पहुंचने से पहले 6.4 फीसदी बनी रहेगी और 2026-27 में ये 7 फीसदी पर पहुंच जाएगी।साथियों बात अगर हम जीडीपी को समझने करें तो जीडीपी इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है।जीडीपी देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं, उन्हें भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है। जीडीपी दो तरह की होती है। रियल जीडीपी और नॉमिनल जीडीपी। रियल जीडीपी में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल जीडीपी को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। यानी 2011-12 में गुड्स और सर्विस के जो रेट थे, उस हिसाब से कैलकुलेशन। वहीं नॉमिनल जीडीपी का कैलकुलेशन करेंट प्राइस पर किया जाता है। जीडीपी को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। जीडीपी=सी+जी+आई+एन एक्स, यहां सी का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, जी का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, आई का मतलब इन्वेस्टमेंट और एनएक्स का मतलब नेट एक्सपोर्ट है। जीडीपी को घटाने या बढ़ाने के लिए चार इम्पॉर्टेंट इंजन होते हैं। पहला है, आप और हम। आप जितना खर्च करते हैं, वो हमारी इकोनॉमी में योगदान देता है। दूसरा है, प्राइवेट सेक्टर की बिजनेस ग्रोथ। ये जीडीपी में 32प्रतिशत योगदान देती है। तीसरा है, सरकारी खर्च।इसका मतलब है गुड्स और सर्विसेस प्रोड्यूस करने में सरकार कितना खर्च कर रही है। इसका जीडीपी में 11 प्रतिशत योगदान है। और चौथा है, नेट डिमांड। इसके लिए भारत के कुल एक्सपोर्ट को कुल इम्पोर्ट से घटाया जाता है, क्योंकि भारत में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट ज्यादा है, इसलिए इसका इम्पैक्ट जीडीपी पर निगेटिव ही पड़ता है।
    अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि पूरी दुनियां में बजेगा भारत का डंका ! भारत 2030 तक दुनियां की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।दुनियां में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्थाओं में से एक है।

  • चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर

    चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर

    चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान, दो टॉपर
    रुड़की, लंढौरा (देशराज पाल)। चमनलाल पीजी कॉलेज की 7 छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मेरिट में स्थान हासिल किया है। इनमें से दो छात्राओं ने यूनिवर्सिटी टॉप किया है।श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने विगत सत्रों की टॉपर्स लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की विभिन्न उपाधियां में टॉप 3 स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के नाम जारी किए गए हैं। इस बार चमनलाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी मेरिट में 7 स्थान प्राप्त किए हैं। एमए होम साइंस में अंजलि प्रदीप चौधरी ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी टॉप की है। इस विषय में दूसरे स्थान पर भी चमनलाल महाविद्यालय की छात्रा पूर्णिमा शर्मा रही हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर ड्राइंग एंड पेंटिंग विषय में निशा कंचन ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया है। एमलिब उपाधि में नेहा ने 72 फीसद अंकों के साथ दूसरा और वैशाली पुंडीर ने 70 फीसद अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।बीएससी होम साइंस में भी महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी योग्यता का उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस उपाधि में पहला और तीसरा स्थान चमनलाल महाविद्यालय की छात्राओं को प्राप्त हुआ। शिवानी सेठपाल ने 77 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी टॉप की, जबकि सना परवीन ने 73 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने बताया कि हरिद्वार जनपद के समस्त महाविद्यालयों में चमनलाल महाविद्यालय की सर्वाधिक छात्राओं ने यूनिवर्सिटी की मेरिट में स्थान प्राप्त किए हैं। पूर्व में भी महाविद्यालय की एक छात्रा यूनिवर्सिटी टॉप कर चुकी है। महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने कहा कहा कि सभी टॉपर्स को आगामी गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
  • अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाले खुद का ही करेंगे नुकसान

    अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाले खुद का ही करेंगे नुकसान

    हाल ही में एक टी वी चैनल ने सर्वे करवाया था कि ‘क्या सोनिया गाँधी ,खरसे ,और अधीर रंजन चौधरी का राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नहीं जाने का फैसला आत्मघाती  सिध्द होगा ? ‘ के उत्तर में जनता का उत्तर हाँ में आया है उसके बावजूद भी बहिष्कार करने वाले इंडिया गठबंधन  के विपक्षी नेताओं कांग्रेस नेतृत्व भी शामिल हो गया है। ज्ञात हो कि आयोजन समिति की तरफ से सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अधीर रंजन चौधरी को 22 जनवरी के राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का न्योता दिया गया था।कांग्रेस की तरफ से नेताओं को न्योता मिलने की पुष्टि भी की गई थी, और सही समय पर फैसला सामने आने की बात भी कही गई थी, लेकिन अब कांग्रेस ने साफ साफ बोल दिया है कि पार्टी प्राण प्रतिष्ठा समारोह के न्योते को ससम्मान अस्वीकार करती है।कांग्रेस के फैसले में तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी के इस मुद्दे पर तीखे बयान का भी असर लगता है। कांग्रेस से ठीक पहले ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में ईश्वर और अल्लाह की कसम खाते हुए समारोह के बहिष्कार की घोषणा की थी। कांग्रेस के साथ ही इंडिया गठबंधन  के करीब करीब सभी नेताओं का रुख राम मंदिर उद्घाटन समारोह के मुद्दे पर सामने आ चुका है। कुछ नेता ऐसे जरूर हैं जो अभी तक समारोह में जाने को लेकर किसी न किसी बहाने चुप्पी साधे हुए हैं – और ऐसे नेताओं में अरविंद केजरीवाल और नीतीश कुमार जैसे दो प्रमुख नाम भी शामिल हैं। कांग्रेस ने जैसे आधिकारिक बयान जारी कर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अधीर रंजन चौधरी को राम मंदिर के उद्घाटन समारोह का न्योता मिलने की बात कही थी, निमंत्रण ठुकराने के मामले में भी बिलकुल वैसा ही किया है। न्योता मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं के समारोह में शामिल होने को लेकर पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने तब सिर्फ इतना ही कहा था कि 22 जनवरी को सब कुछ मालूम हो जाएगा। कांग्रेस महासचिव ने समारोह में कांग्रेस नेताओं को बुलाये जाने के लिए आभार भी जताया था – लेकिन अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस का कोई भी नेता अयोध्या नहीं जाएगा।अब कांग्रेस ने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के न्योते को ससम्मान अस्वीकार कर दिया है, और इसके साथ ही न्योता ठुकराये जाने की वजह भी बताई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। कांग्रेस की तरफ से कहा गया है, ‘भगवान राम की पूजा अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं। धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय होता है, लेकिन भाजपा और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक प्रोजेक्ट बना दिया है। साफ है कि एक अर्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है।’ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश को शायद नहीं मालूम कि किसी धार्मिक भव्य ईमारत को बनने में वर्षों लगते है ।  उदाहरणतह मुंबई के पायधुनी स्थित ‘गोदिजी पार्श्वनाथ मंदिर ‘ को ही देखे , मंदिर का काम वर्षों से चलता आ रहा है । जैन समाज के धनपत जैन के अनुसार हमारे हिन्दू जैन मंदिरों का काम अनंत चलता रहता है ।  पहले तो कांग्रेस की तरफ से बताया गया था कि नेताओं के समारोह में शामिल होने की बात 22 जनवरी को ही सामने आएगी, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि ज्याादतर मामलों में देर से फैसला लेने वाली कांग्रेस ने ये बात 10 जनवरी को ही बता दी? क्या कांग्रेस के जल्दी से फैसला लेने में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद तीखे और सख्त बयान की भी कोई भूमिका ही  हो सकती है? ये सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि कांग्रेस का फैसला ममता बनर्जी के बयान के ठीक एक दिन बाद आया है।ममता बनर्जी ने कहा था, ‘मुझसे राम मंदिर को लेकर पूछा गया था…  मैं उस तरह के उत्सव में यकीन रखती हूं, जो सबको साथ लेकर चलता है।’ राम मंदिर उद्घाटन समारोह को नौटंकी करार देते हुए ममता बनर्जी का कहना था, ‘मैं ईश्वर और अल्लाह की कसम खाकर कहती हूं …  जब तक मैं रहूंगी तब तक कभी हिंदू और मुसलमान में भेदभाव करने नहीं दूंगी …  मैं लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने में विश्वास नहीं रखती।’गौरतलब है कि कांग्रेस के इस निर्णय का कांग्रेस में ही विरोध शुरू हो गया है ।  कांग्रेस के ही एक नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पार्टी के फैसले पर दुख प्रकट किया है।  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राम मंदिर कहा कि जो लोग राम मंदिर का विरोध कर रहे हैं, उनकी बुद्धि खराब हो गई है। राम मंदिर निर्माण का समर्थन सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का निमंत्रण मिला, उनका सौभाग्य है। श्री राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकराना बेहद दुर्भाग्य पूर्ण और आत्मघाती फैसला है, आज दिल टूट गया। बताते हैं कि आचार्य प्रमोद कृष्णम को भी अलग राम मंदिर उद्घाटन समारोह का न्योता मिला हुआ है – फिर तो देखना होगा कि क्या आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के स्टैंड को नजरअंदाज कर अयोध्या जाते हैं? और क्या अयोध्या जाने के बाद भी वो कांग्रेस में बने रहते हैं?इंडिया गठबंधन के दूसरे दलों की बात करें तो 26 दिसंबर, 2023 को ही सीताराम येचुरी ने ये कहते हुए राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया कि धर्म एक व्यक्तिगत पसंद से जुड़ा मामला है। सीपीएम की तरफ से कहा गया कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा  और आरएसएस ने एक धार्मिक समारोह को सरकारी कार्यक्रम में बदल दिया है, जिसमें सीधे प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बाकी सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।पार्टी की तरफ से एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया, ‘हमारी नीति धार्मिक मान्यताओं और हर व्यक्ति के भरोसे को आगे बढ़ाने के अधिकार का सम्मान करना है। धर्म निजी पसंद का मामला है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिये।समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव का इस मामले में काफी ढुलमुल रवैया अपना रहे है ।  पहले तो अखिलेश यादव और फिर मैनपुरी सांसद डिंपल यादव का भी बयान आया था कि न्योता मिलने पर वे निश्चित तौर पर अयोध्या जाएंगे। लेकिन बाद में अखिलेश यादव ने जो रुख अपनाया, ऐसा लगता है जैसे पहले उनको लग रहा था कि न्योता तो मिलने से रहा, लेकिन ये दांव उलटा पड़ गया। विश्व हिंदू परिषद की तरफ से अखिलेश यादव को न्योता दिये जाने की बात होने लगी तो पता चला कि अखिलेश यादव ने तो न्योता स्वीकार ही नहीं किया है। बताते हैं कि अखिलेश यादव को वीएचपी की तरफ से आलोक कुमार न्योता देने गये थे, लेकिन वो लेने से मना कर दिये। अखिलेश यादव ने ये कह कर न्योता लेने से इनकार कर दिया कि वो उनको जानते ही नहीं।उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी 22 जनवरी के समारोह राजनीतिक कार्यक्रम बताते हुए उनकी पार्टी की तरफ से किसी के भी अयोध्या जाने से मना कर दिया था। हालांकि, संजय राउत का कहना था कि वे लोग अयोध्या तो जाएंगे, लेकिन तब जब भाजपा  का कार्यक्रम खत्म हो जाएगा।तभी संजय राउत ने कह दिया था, ‘ये पूरी तरह राजनीति है। भाजपा  के समारोह में भला कौन शामिल होना चाहता है? ये कोई देश का कार्यक्रम नहीं है। ये भाजपा  की रैली है।’ ऐसे तो अरविंद केजरीवाल दिल्ली में दिवाली मनाते हैं, चुनावों में नोटों पर लक्ष्मी और गणेश की तस्वीर छापने की मांग करते हैं, और अयोध्या पहुंच कर जय श्रीराम के नारे भी लगाते हैं, लेकिन राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होने को लेकर चुप्पी साधे रखी है। आम आदमी पार्टी की तरफ से कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अरविंद केजरीवाल को राम मंदिर उद्घाटन समारोह का न्योता ही नहीं मिला है। अरविंद केजरीवाल की तरह ही नीतीश कुमार का रुख भी देखा गया है, जबकि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कामेश्वर चौपाल बिहार के मुख्यमंत्री को न्योता देने खुद गये थे, लेकिन पहले से समय नहीं लेने के कारण नीतीश कुमार से भेंट नहीं हो पाई थी। फिर कामेश्वर चौपाल ने नये सिरे से मिल कर निमंत्रण देने की बात कही थी। नीतीश कुमार के महागठबंधन की तरफ से सिर्फ आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव का बयान आया था। तेज प्रताप यादव का कहना कि  भगवान राम तो तभी घर आएंगे जब केंद्र में इंडिया गठबंधन  का झंडा लहराएगा। यह तो वाही बात हुई कि न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी ।झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान भी अखिलेश यादव जैसा ही है। हेमंत सोरेन ने कहा है कि अगर निमंत्रण मिला तो वो अयोध्या में आयोजित राम मंदिर उद्घाटन समारोह में जाएंगे। अब कांग्रेस के निमंत्रण ठुकरा देने के बाद JMM नेता का क्या रुख होता है, देखना दिलचस्प होगा। नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला का कहना है कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह देश में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत खत्म करने का रास्ता साफ करेगा। अयोध्या के समारोह में जाने का फैसला निजी पसंद और नापसंद का मामला है। फारूक अब्दुल्ला ने लगे हाथ ये भी कहा है, ‘स्वर्ग के दरवाजे तभी खुलेंगे जब आप भगवान के सामने गवाही देंगे कि हमने सही काम किया है अन्यथा सभी लोग नरक में जाएंगे।’ भाजपा  नेता और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने पहले ही कहा था कि -आमंत्रण सभी को भेज दिए गए हैं लेकिन भगवान राम ने बुलाया है वही शामिल होंगे। इस फैसले पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस  ने कुछ नया नहीं किया। वे हमेशा से भगवान राम का विरोध करते आए हैं और सनातन को अपमान करने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर भगवान राम के अस्तित्व को भी नकारा है। अगर उन्होंने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को बॉयकॉट करने का फैसला लिया है तो देश की जनता आगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें बॉयकॉट करेगी।