Category: Desh Videsh

  • -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात  – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात

    – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में एस जयशंकर ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान और कनाडा को आइना दिखाया। विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने भाषण में जी20 की कामयाबी की बात तो की ही। लेकिन जयशंकर ने खालिस्तानी आतंकियों की पनाहगाह बने कनाडा का भी मुद्दा छेड़ा। यूएन सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत आतंकवाद को पनाह देने वाले देशो के खिलाफ भारत मुखर रहा है। ऐसे देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। लेकिन अब इस लिस्ट में कनाडा भी जुड़ गया है। एस जयशंकर ने हरदीप सिंह निज्जर को लेकर कनाडा विवाद के बीच न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि सियासी सबूलियत के हिसाब से आतंकवाद, चरमपंथ और हिंसा पर एक्शन नहीं लेना चाहिए। अपनी सहूलियत के हिसाब से क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं हो सकता।

    विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि भारत की ओर से नमस्ते। विश्वास के पुनर्निर्माण और वैश्विक एकजुटता को फिर से जगाने के इस यूएनजीए के विषय को हमारा पूरा समर्थन है। यह हमारी आकांक्षाओं और लक्ष्यों को साझा करते हुए हमारी उपलब्धियों और चुनौतियों का जायजा लेने का एक अवसर है। वास्तव में दोनों के संबंध में भारत के पास साझा करने के लिए बहुत कुछ है। एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया अभूतपूर्व तनाव के दौर से गुजर रही है। इसके साथ ही कहा कि भारत अपनी जिम्मेदारी को भलि-भांति समझता है। भारत ने जी20 की अध्यक्षता की। कूटनीति और बातचीत ही तनाव को कम कर सकता है। विकासशील देश तनाव से गुजर रहे हैं। ईस्ट वेस्ट नार्थ साउथ में गैर बराबरी है।

    एस जयशंकर ने कहा कि अब अन्य देशों की बात भी सुननी पड़ेगी और केवल कुछ देशों का एजेंडा नहीं चल सकता है। दिल्ली में जी20 समिट में कई रिफॉर्म किए गए। इससे हमें 125 देशों से सीधे सुनने और उनकी चिंताओं को जी20 एजेंडा पर रखने में सक्षम बनाया गया। परिणामस्वरूप, जो मुद्दे सामने आए वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लायक को निष्पक्ष सुनवाई मिली। इससे भी अधिक, विचार-विमर्श ने ऐसे परिणाम दिए जो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए बहुत महत्व रखते हैं। एस जयशंकर ने कहा कि जी20 में ग्लोबल साउथ की आवाज हमने उठाई। भारत की पहल पर अफ्रीकी संघ जी20 का सदस्य बना। जी20 के घोषणापत्र में सभी देशों की बात सुनी गई। इंडो पैसेफिक में क्वाड का अहम रोल है। विश्व मित्र की तरफ हम सभी बढ़े हैं।

    अपने विचार-विमर्श में हम अक्सर नियम-आधारित आदेश को बढ़ावा देने की वकालत करते हैं। इसमें समय-समय पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान भी शामिल है। लेकिन सारी बातचीत के लिए, अभी भी कुछ राष्ट्र ही एजेंडा को आकार देते हैं और मानदंडों को परिभाषित करना चाहते हैं। यह अनिश्चित काल तक नहीं चल सकता और न ही इसे चुनौती दिए बिना जारी रखा जा सकता है। एक बार जब हम सब इस पर ध्यान देंगे तो एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और लोकतांत्रिक व्यवस्था निश्चित रूप से सामने आएगी।

  • साइबर क्राइम: कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14.38 लाख रुपये ठगे, मामा-भांजा समेत चार के खिलाफ मुकदमा

    साइबर क्राइम: कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14.38 लाख रुपये ठगे, मामा-भांजा समेत चार के खिलाफ मुकदमा

    साइबर क्राइम: कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14.38 लाख रुपये ठगे, मामा-भांजा समेत चार के खिलाफ मुकदमा
    वाराणसी

    मोहम्मद इकबाल के कहने पर उसके भांजे आमिर मेराज, कंसल्टेंसी कंपनी के एमडी इफ्तेखार अदिल, मैनेजर नकी अली रिजवी, पीआरओ सना आफरीन के विभिन्न बैंक खाते में 14.38 लाख रुपये जमा करा दिए।

    कनाडा में नौकरी दिलाने के बहाने युवक से 14.38 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई है। पीड़ित ने सोमवार को कंसल्टेंसी कंपनी चलाने वाले मामा-भांजे समेत चार आरोपियों के खिलाफ सारनाथ के साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।

    चौक थाना क्षेत्र के गोविंदपुर कला निवासी अदील सिद्दिकी के अनुसार, जनवरी 2022 में मोहम्मद इकबाल से मुलाकात हुई थी, जो कंसल्टेंसी कंपनी चलाता है। उसने झांसा दिया कि कनाडा के क्लेवार काॅन्ट्रेस्टिंग इन कारपोरेशन डडस में लीगल मैनेजर का पद खाली है। एलएलबी डिग्रीधारक की जरूरत है। 20 लाख रुपये का इंतजाम हो जाए तो अच्छे वेतन पैकेज पर नौकरी मिल जाएगी। कंपनी का प्रोफाइल भी दिखाया। झांसे में आ गया।

    मोहम्मद इकबाल के कहने पर उसके भांजे आमिर मेराज, कंसल्टेंसी कंपनी के एमडी इफ्तेखार अदिल, मैनेजर नकी अली रिजवी, पीआरओ सना आफरीन के विभिन्न बैंक खाते में 14.38 लाख रुपये जमा करा दिए। इस बीच आरोपियों ने वर्चुअल साक्षात्कार लिया और प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, पैनकार्ड, आधार कार्ड आदि दस्तावेज की कॉपी ले लिया।

    यह विश्वास दिलाते रहे कि जल्द ही नौकरी मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डेढ़ वर्ष बीत गए। 14 अगस्त 2023 को कन्सलटेंसी फर्म के मैनेजिंग डायरेक्टर इफ्तेखार आदिल को फोन किया तो उसने मेल पर जब ऑफर कागजात, ईएसडीसी, अप्रूवल लेटर व गवर्नमेंट ऑफ कनाडा का एलएमआईए प्रपत्र भेज दिया। उसने आश्वस्त किया कि जॉब नहीं मिलेगी तो पूरा पैसा वापस होगा। बाद में कागजात की जांच हुई तो फर्जी निकला। इस पर इफ्तेखार अदील से 28 अगस्त को संपर्क किया तो वह गाली-गलौज करते हुए धमकी देने लगा। उसने कहा कि अब पैसा वापस नहीं मिलेगा। मेसर्स अल करीमी कन्सल्टेन्सी नाम से जॉब प्लेसमेंट फर्म चलाते हैं, जिसका कार्यालय तेलंगाना के हिमायत में है। जबकि मोहम्मद इकबाल कोलकाता के रफी गार्डेन का निवासी है, जो इस गिरोह का मास्टर माइंड है।

  • रेलवे अफसर घूस कांड: दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने कोरोना काल में हुई खरीद के दस्तावेज खंगाले

    रेलवे अफसर घूस कांड: दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने कोरोना काल में हुई खरीद के दस्तावेज खंगाले

    रेलवे अफसर घूस कांड: दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने कोरोना काल में हुई खरीद के दस्तावेज खंगाले

    गोरखपुर
    शिकायत के आधार पर सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिक जांच पड़ताल कर केस दर्ज कर लिया। 12 सितंबर को प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी को घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। तीन दिन तक रिमांड पर रखने के बाद सीबीआई ने उन्हें जेल भेज दिया।

    रेलवे में एक फर्म को काम देने के बदले तीन लाख रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई के हाथों रंगेहाथ गिरफ्तार प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक के मामले की अब सतर्कता टीम ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को एक बड़े अफसर की अगुवाई में टीम गोरखपुर पहुंची।

    टीम ने गिरफ्तार प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक से जुड़े दस्तावेजों के अलावा शिकायतकर्ता फर्म सूक्ति इंटरप्राइजेज के दस्तावेजों को भी खंगाला। साथ ही पूर्व में एक फर्म को 77 ठेके देने के मामले में भी विजिलेंस टीम ने पूछताछ की है। विजिलेंस की टीम के आने से रेल महकमे में हड़कंप मचा है।

    रेलवे को सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्म सूक्ति एसोसिएट के प्रोपराइटर अलहदादपुर निवासी प्रणव त्रिपाठी ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सीबीआई के एंटी करप्शन ब्रांच व लखनऊ के रेलवे एसपी से की थी। सूक्ति एसोसिएट जेम पोर्टल पर पंजीकृत है और फर्म को एक ठेका मिला है, जिसकी वैधता 15 जनवरी 2024 तक है।

    इसे भी पढ़ें: महराजगंज में झूठी शान के लिए युवक की पीट-पीटकर हत्या, भूसे में छिपाया था शव
    शिकायत के आधार पर सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिक जांच पड़ताल कर केस दर्ज कर लिया। 12 सितंबर को प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी को घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। तीन दिन तक रिमांड पर रखने के बाद सीबीआई ने उन्हें जेल भेज दिया।

    इसे भी पढ़ें: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा प्रेमी: मुझे माफ करना, मैं मुंह दिखाने लायक नहीं…सुसाइड नोट लिख छात्रा ने दी जान

    सोमवार को अचानक दिल्ली से विजिलेंस टीम यहां पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, टीम दोपहर 12 बजे गोरखपुर पहुंची। यहां किसी को भनक नहीं लगी। टीम ने सबसे पहले स्टोर डिपो पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला। यहां से कुछ दस्तावेजों को अपने साथ लेकर टीम प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक (पीसीएमएम) कार्यालय आई और यहां भी दस्तावेजों का निरीक्षण किया।

    यहां के बाद टीम सूक्ति इंटरप्राइजेज फर्म के कार्यालय पहुंची और कर्मचारियों से कुछ भी सवाल पूछे। इसके साथ ही कोविड के समय स्टोर डिपो को आपूर्ति की गई वस्तुओं की जानकारी ली और उससे संबंधित पेपर भी देखे। रात में रेलवे के कुछ अधिकारियों के साथ मीटिंग की भी सूचना है।

  • सावधान! ऐसे भी लूटा जा रहा है: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के चक्कर में महिला ने 30 लाख गंवाए,जांच में जुटी पुलिस

    सावधान! ऐसे भी लूटा जा रहा है: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के चक्कर में महिला ने 30 लाख गंवाए,जांच में जुटी पुलिस

    सावधान! ऐसे भी लूटा जा रहा है: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के चक्कर में महिला ने 30 लाख गंवाए,जांच में जुटी पुलिस

    वाराणसी
    चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसवाही स्थित नसीरपुर की रहने वाली शांताझारा बिस्वाल के अनुसार, उसने पार्ट टाइम जॉब के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। व्हाट्सएप के जरिये एक एजेंट ने संपर्क किया और कुछ घंटों का प्रशिक्षण देकर काम करने के लिए प्रेरित किया।

    क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के बहाने महिला ने 30 लाख रुपये गवां दिए। क्रिप्टोकरेंसी में इतनी बड़ी धनराशि गंवाने का पहला मामला सामने आया है। सारनाथ स्थित साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। जांच में विशेषज्ञ लगाए गए हैं। पीड़ित महिला व उसके पति पढ़ाते हैं।

     

    चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसवाही स्थित नसीरपुर की रहने वाली शांताझारा बिस्वाल के अनुसार, उसने पार्ट टाइम जॉब के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। व्हाट्सएप के जरिये एक एजेंट ने संपर्क किया और कुछ घंटों का प्रशिक्षण देकर काम करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में एजेंट ने पैसे निवेश करने के बारे में नहीं बताया। बाद में एजेंट ने बिनेंस एप के माध्यम से क्रिप्टो खरीदने और निवेश का झांसा दिया। क्रिप्टोकरेंसी के बारे में जानकारी देने के साथ बैंक हस्तांतरण के माध्यम से बिनेंस एप में यूएसडीटी खरीदने के लिए कहा।

    यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर टीथर (यूएसडीटी) खरीदने के बाद उसे www.onbuy.vip प्लेटफॉर्म पर जमा करने के लिए कहा गया। मुझे 40 कार्य सौंपे गए। हर कार्य के लिए दोगुनी धनराशि देनी पड़ी। बाद में बिना किसी लाभ या बोनस के जमा राशि वापस करने का अनुरोध किया तो एजेंट ने क्रेडिट स्कोर कम होने का हवाला दिया। साथ ही कहा कि अभी और निवेश करना होगा।

     

    रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर किया निवेश
    एजेंट ने सारी जमा पूंजी खोने की धमकी दी और कहा कि कार्य पूरा किए बिना धनराशि नहीं निकाल सकती। इसलिए दोस्तों, रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए और 45 कार्य पूरे किए। इसके बाद भारतीय कर (30%) और यूके कर (20%) का भुगतान करने के लिए कहा गया। टैक्स चुकाने के लिए भी पैसे उधार लिए हैं। कुल मिलाकर लगभग 30 लाख रुपये निवेश किया। इसके बाद बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। साथ ही कहा गया कि आरबीआई ने धनराशि रोक ली है। सिक्योरिटी मनी के रूप में 6 लाख रुपये और जमा करने होंगे। एजेंट ने कहा कि भारत से खरीदा गया यूएसडीटी अवैध है। जब टैक्स सर्टिफिकेट मांगा तो उसने इन्कार कर दिया और कहा कि यह यूके के कानून के खिलाफ है।
    क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर साइबर ठगी में बड़ी रकम गंवाने की यह पहली घटना है। इस मामले की जांच की जा रही है। क्रिप्टोकरेंसी के विशेषज्ञों से सलाह लेकर मामले की जांच जा रही है। – प्रेम नारायण मिश्रा, साइबर क्राइम प्रभारी

     

  • अयोध्या: राम मंदिर के गर्भगृह का कार्य अंतिम दौर में, ट्रस्ट ने जारी की निर्माण की नई तस्वीरें

    अयोध्या: राम मंदिर के गर्भगृह का कार्य अंतिम दौर में, ट्रस्ट ने जारी की निर्माण की नई तस्वीरें

    अयोध्या: राम मंदिर के गर्भगृह का कार्य अंतिम दौर में, ट्रस्ट ने जारी की निर्माण की नई तस्वीरें
    लखनऊ

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण की नई तस्वीरें जारी की हैं। राम मंदिर के गर्भगृह का कार्य अंतिम दौर में है। प्रथम तल में पिलर का कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो गया है। नवंबर तक भूतल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। भूतल में संगमरमर का फर्श भी बनकर तैयार है। दिसंबर तक प्रथम तल भी पूरा करने की तैयारी है। जनवरी में रामलला गर्भगृह में विराजमान होंगे।

    राम मंदिर तीव्र गति से आकार ले रहा है। लगभग हर सप्ताह निर्माण कार्य की जानकारी देने के लिए तस्वीरें जारी की जाती हैं और समय-समय राम मंदिर निर्माण समिति की बैठकें होती रहती हैं जिसमें निर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा की जाती है।

    बताया जा रहा है कि अगले 100 दिन में राममंदिर उद्घाटन के लिए तैयार हो जाएगा। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति ने मंदिर व मंदिर से जुड़े कार्यों की समय सीमा निर्धारित कर दी है। मंदिर निर्माण में मजदूरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।

    करीब तीन हजार मजदूर दिन-रात राममंदिर को आकार देने में जुटे हैं। 10 जनवरी तक सभी कार्यों को पूरा करने की योजना है।

    प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले राममंदिर का भूतल पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाए, इस पर पूरा जोर है। वहीं यात्री सुविधाएं विकसित करने को लेकर भी प्रशासन अब सख्त हो गया है।

    100 दिन के भीतर राममंदिर सहित अन्य यात्री सुविधाएं विकसित करने का खाका तैयार किया गया है।

    मंदिर के साथ यात्री सुविधा केंद्र, पार्किंग, श्रीराम जन्मभूमि पथ, ओवरब्रिज आदि सुविधाओं को भी इन 100 दिनों में पूरा करने की तैयारी है। इसके लिए हर 15 दिन पर बैठकें होंगी। मंदिर निर्माण समिति व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी सामंजस्य बनाकर योजनाओं की समीक्षा व मानीटरिंग करेंगे।

  • आठ साल बाद भी अरबों का हिसाब नहीं दिया राज्यों ने, यूपी को उपलब्ध कराना है 10 हजार करोड़ का लेखा

    आठ साल बाद भी अरबों का हिसाब नहीं दिया राज्यों ने, यूपी को उपलब्ध कराना है 10 हजार करोड़ का लेखा

    आठ साल बाद भी अरबों का हिसाब नहीं दिया राज्यों ने, यूपी को उपलब्ध कराना है 10 हजार करोड़ का लेखा

    लखनऊ
    केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों से आवंटित धनराशि के संपूर्ण खर्च का उपभोग प्रमाणपत्र 30 अक्तूबर तक उपलब्ध कराने को कहा है। यूपी को सर्वाधिक 10 हजार करोड़ रुपये का हिसाब देना है।

    तेरहवें वित्त आयोग को खत्म हुए आठ साल बीतने वाले हैं लेकिन राज्यों ने आयोग से मिली धनराशि का अब तक पूरा हिसाब नहीं दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों से आवंटित धनराशि के संपूर्ण खर्च का उपभोग प्रमाणपत्र 30 अक्तूबर तक उपलब्ध कराने को कहा है। यूपी को सर्वाधिक 10 हजार करोड़ रुपये का हिसाब देना है।

    केंद्र सरकार ने 13 वें वित्त आयोग की अवधि 2010-11 से 2014-15 के बीच विभिन्न कार्यों के लिए राज्यों को 80,027 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। यूपी को 10,010.02 करोड़ रुपये जारी किए थे। इसमें एनपीआरडीजी, लोकल बॉडी ग्रांट, राज्य आपदा मोचक निधि व राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि व परफार्मेंस ग्रांट के रूप में दी जाने वाली धनराशि शामिल नहीं है।

    केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (वित्त आयोग डिविजन) में उप सचिव अनिल गैरोला ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि राज्यों से पूरे या आंशिक उपभोग प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। इसका मतलब है कि दी गई राशि पूरी या आंशिक खर्च नहीं हुई है।

    ऐसे में जारी संपूर्ण धनराशि का हिसाब 30 अक्तूबर तक उपलब्ध कराया जाए। गैरोला ने कहा है कि यदि उपभोग प्रमाणपत्र आंशिक दिए गए हैं तो पूरी राशि के लिए मदवार नया उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने अपर मुख्य सचिव वित्त को इस संबंध में कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।

    इन कार्यों में खर्च बजट का यूपी को देना है हिसाब। मद और धनराशि (करोड़ रुपये में)…
    कैपिसिटी बिल्डिंग 5.00
    न्याय तंत्र के विस्तार 246.48
    यूनिक आईडी 59.00
    डिस्ट्रिक्ट इनोवेशन फंड 35.00
    आईएमआर 17.66
    कर्मचारी व पेंशनर डाटाबेस 2.50
    सांख्यिकी सिस्टम 28.00
    प्राथमिक शिक्षा 5040.00
    वन 80.48
    अतिरिक्त ऊर्जा 87.76
    जल सेक्टर प्रबंधन 341.00
    सड़क व पुलों की मरम्मत 2830.00
    राज्य केंद्रित आवश्यकता 1216.31

  • भाजपा की बैठक: 2019 में हारी हुई सीटों पर जीत के लिए बनी रणनीति, इस बार मैनपुरी व रायबरेली भी निशाने पर

    भाजपा की बैठक: 2019 में हारी हुई सीटों पर जीत के लिए बनी रणनीति, इस बार मैनपुरी व रायबरेली भी निशाने पर

    भाजपा की बैठक: 2019 में हारी हुई सीटों पर जीत के लिए बनी रणनीति, इस बार मैनपुरी व रायबरेली भी निशाने पर

    लखनऊ
    शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में पार्टी की लोकसभा प्रवास योजना के तहत मैनपुरी, अंबेडकर नगर, लालगंज, श्रावस्ती और अंबेडकर नगर लोकसभा क्षेत्रों के संयोजक, प्रभारी और विस्तारकों की बैठक आयोजित हुई।

    लोकसभा चुनाव 2019 में हारी हुई 14 लोकसभा सीटों पर 2024 में जीत के लिए भाजपा प्रत्येक बूथ पर प्रबंधन और सामाजिक समीकरण के हिसाब से चुनावी रणनीति बनाएगी। पार्टी प्रत्येक बूथ पर जीत से ही 80 लोकसभा क्षेत्रों में विजय के मंत्र के साथ काम करेगी। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में पार्टी की लोकसभा प्रवास योजना के तहत मैनपुरी, अंबेडकर नगर, लालगंज, श्रावस्ती और अंबेडकर नगर लोकसभा क्षेत्रों के संयोजक, प्रभारी और विस्तारकों की बैठक आयोजित हुई।

     

    बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि बूथ स्तर पर सूक्ष्म प्रबंधन और टीमवर्क से ही जीत का लक्ष्य प्राप्त होगा। कहा कि आगामी दिनों में शुरू हो रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में नए मतदाता बनवाने का लक्ष्य भी पूरा करना है। कहा कि प्रभारी मंत्री भी लोकसभा क्षेत्र दौरा कर कार्यकर्ताओं से संवाद करें। कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर वहां समस्याओं का समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि हारी हुई सीटों पर मंडल प्रवासी तैनात कर मंडल स्तर पर चुनावी योजना तैयार करें।

     

    विश्वकर्मा, आयुष्मान और महिलाओं पर रहेगा फोकस
    सुनील बंसल ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा में अधिक से अधिक पात्र लोगों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जोड़ें। आयुष्मान भवः योजना का लाभ भी अधिक से अधिक लोगों को दिलाएं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिये महिला वोट बैंक को साधने की योजना बनाएं। कहा कि, चुनाव में जीत के लिए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद तथा प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए कार्य तथा कार्यक्रम का निर्धारण आवश्यक है। बैठक में लोकसभा प्रवास योजना के केंद्रीय सदस्य आशीष सूद, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक, प्रदेश महामंत्री अमर पाल मौर्य तथा क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा उपस्थित थे। संचालन कलस्टर इंचार्ज मुकुट बिहारी वर्मा ने किया।

    मैनपुरी और रायबरेली भी जीतनी है
    14 लोकसभा सीटों में मैनपुरी और रायबरेली ही ऐसी सीट हैं जहां भाजपा को अब तक एक बार भी जीत नहीं मिली है। बैठक में 2024 में इन दोनों सीटों पर भी कमल खिलाने पर मंथन हुआ।

    80 सीटें जीतने का लक्ष्य पूरा करेंगे
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के अनुकूल माहौल बना है। पार्टी 2024 सभी 80 सीटें जीतने का लक्ष्य पूरा करेगी।

    सोशल इंजीनियरिंग मजबूत करें
    सुनील बंसल ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक समीकरण के हिसाब से योजना बनाएं। पिछले चुनाव में जिन समाज के वोट नहीं मिले हैं उनका वोट हासिल करने की रणनीति बनाएं।

    बूथ स्तर पर तैयार होगी सामाजिक और राजनीतिक योजना
    प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि पार्टी बूथ सशक्तिकरण अभियान, बूथ विजय का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। आगामी दिनों में सभी सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर बूथ स्तर तक की कार्ययोजना तैयार होगी।

  • वास्तुकला अगर लोकतंत्र को मार सकती है तो, पीएम मोदी सफल हो गए हैं’, नए संसद भवन पर हुई रार

    वास्तुकला अगर लोकतंत्र को मार सकती है तो, पीएम मोदी सफल हो गए हैं’, नए संसद भवन पर हुई रार

    वास्तुकला अगर लोकतंत्र को मार सकती है तो, पीएम मोदी सफल हो गए हैं’, नए संसद भवन पर हुई रार
    नई दिल्ली
    जयराम रमेश ने लिखा कि यह असल में पीएम मोदी के उद्देश्यों को पूरा करती है। इसे मोदी मल्टीप्लेक्स या मोदी मैरियट कहना चाहिए। चार दिनों के बाद मैंने महसूस किया है कि संसद की नई इमारत के अंदर और लॉबी में बातचीत खत्म हो गई है।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर संसद की नई इमारत की आलोचना की है। जयराम रमेश ने लिखा कि पूरे जोर-शोर से संसद की नई इमारत लॉन्च की गई थी। यह असल में पीएम मोदी के उद्देश्यों को पूरा करती है। इसे मोदी मल्टीप्लेक्स या मोदी मैरियट कहना चाहिए। चार दिनों के बाद मैंने महसूस किया है कि संसद की नई इमारत के अंदर और लॉबी में बातचीत खत्म हो गई है। अगर वास्तुकला लोकतंत्र को मार सकती है तो संविधान को दोबारा लिखे बिना ही प्रधानमंत्री सफल हो चुके हैं।

    ‘पुरानी इमारत में एक आभा थी’
    जयराम रमेश ने लिखा कि एक दूसरे को देखने के लिए दूरबीन की जरूरत होगी क्योंकि हॉल बिल्कुल भी आरामदायक नहीं हैं। पुरानी इमारत में एक आभा थी, साथ ही यहां बातचीत करना भी आसान था। एक सदन से दूसरे सदन जाने में, सेंट्रल हॉल में और कॉरिडोर्स में चलना-फिरना आसान था। नई संसद में सदन को चलाने के लिए दोनों सदनों के बीच का बॉन्ड कमजोर हुआ है। पुरानी इमारत में अगर आप रास्ता भूल जाते थे, तो रास्ता मिल जाता था क्योंकि यह गोलाकार था लेकिन नई इमारत में यदि आप रास्ता भूल जाते हैं तो आप भूलभुलैया में खो जाते हैं। पुरानी इमारत में खुलेपन का एहसास होता था, जबकि नई इमारत में बंद जगहों पर घुटन महसूस होती है।

    ‘2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद नए संसद भवन का बेहतर उपयोग हो सकेगा’
    जयराम रमेश ने लिखा कि संसद भवन में घूमने का आनंद गायब हो गया है। मैं पुरानी इमारत में जाने के लिए उत्सुक रहता था लेकिन नई इमारत पीड़ादायक है। मुझे यकीन है कि पार्टी लाइन से हटकर कई सहकर्मी भी ऐसा महसूस करते हैं। मैंने सुना है कि सचिवालय के कर्मचारी भी नए डिजाइन से खुश नहीं हैं। ऐसा तब होता है जब भवन का उपयोग करने वाले से कोई परामर्श नहीं किया जाता है। जयराम रमेश ने लिखा कि शायद 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद नए संसद भवन का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

  • शिवसेना विधायकों की अयोग्यता याचिका पर वडेट्टीवार ने की सीधे प्रसारण की मांग, इस हफ्ते होगी सुनवाई

    शिवसेना विधायकों की अयोग्यता याचिका पर वडेट्टीवार ने की सीधे प्रसारण की मांग, इस हफ्ते होगी सुनवाई

    शिवसेना विधायकों की अयोग्यता याचिका पर वडेट्टीवार ने की सीधे प्रसारण की मांग, इस हफ्ते होगी सुनवाई
    मुंबई

    विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने बताया कि वह इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वाडेट्टीवार ने कहा कि विधायकों की अयोग्यता वाली योचिका अभी भी स्पाकर के पास लंबित है।

    महाराष्ट्र विधानसभा के विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने शिवसेना विधायकों की अयोग्यता याचिकाओं की सुनवाई का सीधा प्रसारण करने की मांग की है। पिछले साल शिवस्ना में विभाजन के बाद शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट ने एक-दूसरे के विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी।
    विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने बताया कि वह इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वडेट्टीवार ने कहा कि विधायकों की अयोग्यता वाली योचिका अभी भी स्पाकर के पास लंबित है। लोकतंत्र और न्याय से प्रतिबद्ध महाराष्ट्र के लोग अभी भी इसकी प्रतिक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस योचिका पर सुनवाई का सीधा प्रसारण होना चाहिए। वडेट्टीवार ने कहा, मैंने स्पीकर नार्वेकर से इस याचिका की सुनवाई पर सीधा प्रसारण की मांग की है।

    इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने नार्वेकर को इस याचिका पर सुनवाई के लिए एक हफ्ते के भीतर समयसीमा तय करने के आदेश दिया था। इसपर नार्वेकर ने कहा, ‘अयोग्यता याचिका पर इस हफ्ते सुनवाई की जाएगी। पिछले हफ्ते नार्वेकर ने इस याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। कुल 34 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। दोनों गुटों का प्रतिनिधित्व उनके वकील कर रहे हैं।’ जुलाई में, नार्वेकर ने शिंदे के नेतृत्व वाली सेना के 40 और ठाकरे के 14 विधायकों को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर जवाब मांगा था।

  • विधानसभा में भर्ती प्रकरण : पसंदीदा कंपनी से कराई परीक्षा, मनमाफिक परिणाम निकला, कम अंक वाले भी हो गए चयनित

    विधानसभा में भर्ती प्रकरण : पसंदीदा कंपनी से कराई परीक्षा, मनमाफिक परिणाम निकला, कम अंक वाले भी हो गए चयनित

    विधानसभा में भर्ती प्रकरण : पसंदीदा कंपनी से कराई परीक्षा, मनमाफिक परिणाम निकला, कम अंक वाले भी हो गए चयनित

    लखनऊ
    विधान परिषद में भर्ती के लिए करीबी कंपनी से परीक्षा आयोजित की गई। ऑनलाइन परीक्षा में मनमाफिक परिणाम निकालकर भर्ती की रेवड़ियां बांटी गईं। विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह के बेटे अरवेंदु और अरचेंधु सिंह का चयन हो गया।

    विधान परिषद में भर्ती के लिए करीबी कंपनी से परीक्षा आयोजित की गई। ऑनलाइन परीक्षा में मनमाफिक परिणाम निकालकर भर्ती की रेवड़ियां बांटी गईं। विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह के बेटे अरवेंदु और अरचेंधु सिंह का चयन हो गया।

     

    विधान परिषद में समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी, रिपोर्टर सहित अन्य पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा की परतें अब खुलने लगी हैं। याचिका में बताया गया कि किस तरह अपेक्षाकृत कम योग्य अभ्यर्थियों को भी चयनित किया गया है। भर्ती परीक्षा कराने के लिए लोक सेवा आयोग या सचिवालय सेवा के भर्ती नियमों का पालन भी नहीं किया गया।

    गोरखपुर के परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी
    याचिका में बताया गया है कि गोरखपुर के एक परीक्षा केंद्र पर सुबह 9-11 बजे तक परीक्षा होनी थी। लेकिन अभ्यर्थियों को समय से पहले ही ओएमआर शीट और प्रश्न पत्र वितरित कर दिए गए।

    आठ प्रश्न हल करने पर भी हो गया पास
    याचिका में बताया गया है कि अनिरुद्ध यादव नाम के अभ्यर्थी ने परीक्षा में मात्र 8 प्रश्न हल किए थे। इसके बाद भी उन्हें लिखित परीक्षा में सफल घोषित किया गया।

    चयन कंपनी भी संदेह के दायरे में
    विधान परिषद में भर्ती के लिए नामित टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. कंपनी भी संदेह के दायरे में है। कंपनी के एक निदेशक की पत्नी भावना यादव का भी परिषद में समीक्षा अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। कंपनी को परिषद के एक पूर्व सभापति का करीबी भी बताया गया है।

    तीन कोड पर रहेगी नजर
    भर्ती की सूची में एस-सचिवालय, एसपी- एसपी सिंह, आरपी-आरपी सिंह और एआर- आशीष राय का कोड चला। जानकारों का मानना है कि एस का मतलब सचिवालय के किसी कर्मचारी का रिश्तेदार था। वहीं एसपी, आरपी और एआर का मतलब उनकी सिफारिश पर भर्ती था।

    सीबीआई जांच का तोड़ तलाशने में जुटे अधिकारी
    विधान परिषद के सूत्रों के मुताबिक परिषद के अधिकारी सीबीआई जांच की तोड़ तलाशने में जुटे हैं। प्रमुख सचिव विधान परिषद राजेश सिंह ने विधानसभा के साथ विधायी कार्य और विधि एवं न्याय विभाग से संबंधित अधिकारियों से रायशुमारी की है।