Category: Desh Videsh

  • अवैध खनन से हुआ हादसा, अपार्टमेंट के मालिक और ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज , पिता-पुत्री की गई थी जान

    अवैध खनन से हुआ हादसा, अपार्टमेंट के मालिक और ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज , पिता-पुत्री की गई थी जान

    अवैध खनन से हुआ हादसा, अपार्टमेंट के मालिक और ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज , पिता-पुत्री की गई थी जान

    लखनऊ
    लखनऊ में पीजीआई के वृंदावन सेक्टर-11 में हुए हादसे के मामले में शुक्रवार को मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अंतरिक्ष अपार्टमेंट के मालिक और ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि अवैध खोदाई की वजह से हादसा हुआ।

    लखनऊ में पीजीआई के वृंदावन सेक्टर-11 में हुए हादसे के मामले में शुक्रवार को मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अंतरिक्ष अपार्टमेंट के मालिक और ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि अवैध खोदाई की वजह से हादसा हुआ। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। उधर अस्पताल में भर्ती 12 लोगों में से 11 को डिस्चार्ज कर दिया गया। केवल एक घायल का इलाज जारी है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने घायलों के साथ मृतक के परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

     

    वृंदावन सेक्टर-11 में अंतरिक्ष अबरिल ग्रीन अपार्टमेंट का निर्माण चल रहा है। अपार्टमेंट परिसर में एक साइड में मजदूर झोपड़ी डालकर रह रहे थे। उससे सटकर मल्टीलेवल पार्किंग की खोदाई चल रही थी। खोदाई की वजह से बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 11 बजे जमीन धंस गई और झोपड़ी समेत मजदूर परिवार समेत उसमें समा गए थे। पुलिस और दमकल के जवानों ने मिट्टी में दबे 14 लोगों को निकालकर ट्रामा-2 में भर्ती कराया था। जहां पर 26 वर्षीय मुकादम व उनकी दो माह की बच्ची आयशा की मौत हो गई थी। एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मुकादम के पिता शब्बीर की तहरीर पर अपार्टमेंट के मालिक व ठेकेदार पर धारा 304ए(लापरवाही से किसी की जान जाना) व 288(निर्माण कार्य से किसी की जान जोखिम पड़ना) में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच की जा रही है। आरोपियों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इसलिए समा गए लोग
    शब्बीर ने तहरीर में लिखा है कि झोपड़ियों के पीछे अधिक जमीन खोदकर मिट्टी निकाली गई। झोपड़ी तक पूरा जेसीबी से मिट्टी हटा दी गई थी। इसी वजह से जमीन धंस गईं और लोग उसमें समा गए। पिता और उसकी मासूम बेटी की जिंदगी चली गई। ये परिवार 25 सितंबर को ही काम करने आए थे। दो दिन बाद ही हादसा हो गया।

    एक भर्ती, अन्य को अस्पताल से छुट्टी
    हादसे में मुकादम की पत्नी रुखसाना, पिता शब्बीर, बेटी अफसाना व बहन फैजाना के अलावा प्रतापगढ़ निवासी बनारसी, उनका बेटा इरफान व गोली व बेटियां सोनम व मुस्कान, इस्लाम का बेटा गुलशन, दरोगा व लाल बाबू भी घायल हुए थे। दरोगा का इलाज जारी है। उनको अधिक चोटें आई हैं। हालांकि डॉक्टरों ने उनको खतरे से बाहर बताया है।

  • संघ के अनुषांगिक संगठन दूर करेंगे चुनावी राह के कील कांटे, प्रत्येक संगठन को मिला माहौल बनाने का जिम्मा

    संघ के अनुषांगिक संगठन दूर करेंगे चुनावी राह के कील कांटे, प्रत्येक संगठन को मिला माहौल बनाने का जिम्मा

    संघ के अनुषांगिक संगठन दूर करेंगे चुनावी राह के कील कांटे, प्रत्येक संगठन को मिला माहौल बनाने का जिम्मा

    लखनऊ
    राजधानी में 19 सितंबर को संघ, अनुषांगिक संगठनों, सरकार और भाजपा की मैराधन समन्वय बैठक चली थी। बैठक में विभिन्न अनुषांगिक संगठनों ने अपनी समस्याएं रखने के साथ जमीनी फीडबैक भी सरकार व भाजपा के शीर्ष लोगों को बताया था।

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अनुषांगिक संगठन लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की राह के कील कांटे दूर करेंगे। संघ के सह सर कार्यवाह अरुण कुमार की मौजूदगी में हुई संघ, भाजपा, प्रदेश सरकार और अनुषांगिक संगठनों की बैठक में तय एजेंडे के बाद इसकी कवायद शुरू हो गई है।

    राजधानी में 19 सितंबर को संघ, अनुषांगिक संगठनों, सरकार और भाजपा की मैराधन समन्वय बैठक चली थी। बैठक में विभिन्न अनुषांगिक संगठनों ने अपनी समस्याएं रखने के साथ जमीनी फीडबैक भी सरकार व भाजपा के शीर्ष लोगों को बताया था।

    बैठक में हुए निर्णय के तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों के बीच, लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों के बीच, सेवा भारती बस्तियों में, शैक्षिक महासंघ शिक्षकों के बीच, विहिप और बजरंग दल हिन्दू धर्म से जुड़े सामाजिक संगठनों, किसान संघ किसानों और अधिवक्ता परिषद वकीलों के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पक्ष में माहौल बनाएंगे।

    अनुषांगिक संगठन ग्रामीण और शहरी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयास की जानकारी देकर छोटी मोटी नाराजगी दूर करने का भी प्रयास करेंगे। संघ का प्रयास है कि चुनाव नजदीक आते आते सभी अनुषांगिक संगठन उनसे जुड़े क्षेत्रों में भगवा चुनावी माहौल तैयार कर दें।

    सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में करेंगे मदद
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने समन्वय बैठक में अनुषांगिक संगठनों के जरिये सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने, योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करने और नीचे तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का सुझाव दिया था। सूत्रों के मुताबिक सहकार भारती, लघु उद्योग भारती, विद्या भारती, अभाविप, विहिप, बजरंग दल सहित सभी संगठन इस पर काम करेंगे।

    मंत्रियों और सांसदों को व्यवहार सुधारने की सलाह
    सूत्रों का कहना है कि समन्वय बैठक में कुछ सांसद और मंत्रियों के जनता के साथ व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई गई थी। सांसद और मंत्रियों की ओर से काडर के कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर समानांतर अपनी टीम खड़ी करने जैसी शिकायतें भी मिली थीं। अनुषांगिक संगठनों के फीडबैक के बाद अब सांसद और मंत्रियों को भी अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार सुधारने को कहा जाएगा।
    इतना ही नहीं बैठक में जिन विभागों से जुड़ी समस्याएं बताई गई थी उनके समाधान के लिए संबंधित मंत्री को भी सरकार और भाजपा प्रदेश मुख्यालय की ओर से निर्देशित किया जा रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कहना है कि समन्वय बैठक में हुए निर्णयों पर कार्रवाई की जा रही है।

  • योगी सरकार ने किए ताबड़तोड़ तबादले, कई जिलों के डीएम और सीडीओ बदले, देखें लिस्ट

    योगी सरकार ने किए ताबड़तोड़ तबादले, कई जिलों के डीएम और सीडीओ बदले, देखें लिस्ट

    योगी सरकार ने किए ताबड़तोड़ तबादले, कई जिलों के डीएम और सीडीओ बदले, देखें लिस्ट

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में कई जिलों के डीएम और सीडीओ बदले गए हैं। 2013 बैच के आईएएस सत्येन्द्र कुमार महाराजगंज से बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया है। इनके अलावा 2015 बैच के आईएएस अनुनय झा, जो कि नगर आयुक्त मथुरा थे, उन्हें महाराजगंज का जिलाधिकारी बनाया गया है।

    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने ताबड़तोड़ तबादले करते हुए कई जिलों के जिलाधिकारी और सीडीओ के तबादले किए गए हैं। फतेहपुर, सुल्तानपुर, महाराजगंज, बाराबंकी, झांसी व बरेली के जिलाधिकारी बदले गए हैं। बताया जा रहा है कि सुल्तानपुर में चिकित्सक हत्याकांड के बाद जिले के जिलाधिकारी का तबादला कर दिया गया है।

    2013 बैच के आईएएस सत्येन्द्र कुमार को महाराजगंज से हटाकर बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया है। इनके अलावा 2015 बैच के आईएएस अनुनय झा, जो कि नगर आयुक्त मथुरा थे, उन्हें महराजगंज का जिलाधिकारी बनाया गया है।

    बलिया के सीडीओ आईएएस प्रवीण वर्मा को बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण का सीईओ बनाया गया है। 2011 बैच के आईएएस रवींद्र कुमार-II को झांसी के डीएम पद से हटाकर बरेली के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। 2013 बैच के अविनाश कुमार को बाराबंकी डीएम के पद से हटाकर झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया है।

    आईएएस सी इंदुमती को फतेहपुर और आईएएस कृतिका ज्योत्सना को सुल्तानपुर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

     

  • अंडे की दुकान पर मार्फीन बेच रहा था युवक, पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा

    अंडे की दुकान पर मार्फीन बेच रहा था युवक, पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा

    अंडे की दुकान पर मार्फीन बेच रहा था युवक, पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा

    लखनऊ
    अंडे की दुकान पर मार्फीन बेच रहे दुकानदार को पुलिस ने जाल बिछाकर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपने मुखबिरों की मदद से कारोबारी को दबोचा।

    राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच -27 पर स्थित मियां का पुरवा ओवरब्रिज के किनारे स्थित एक दुकानदार अंडे के साथ में मार्फीन बेच रहा था। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने ऐसा जाल बिछाया कि अंडा बेचने वाला दुकानदार रंगे हाथ मार्फीन की पुड़िया बेंचते दबोच लिया गया। मामला पटरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत मियां पुरवा चौराहे के समीप का है।

    बताते चले कि मियां पुरवा चौराहा निवासी अरमान (25) की ओवरब्रिज के किनारे अंडे की दुकान है। पुलिस के अनुसार दुकानदार अरमान अपनी दुकान में अंडे की आड़ में मार्फीन की पुड़िया बेचने का कारोबार करता था। इसकी भनक पुलिस को लगी। पुलिस द्वारा अपने मुखबिरों को सक्रिय कर अवैध कारोबारी को दबोचने के लिए जाल बिछाया गया।

     

    निर्धारित प्लान के तहत एक व्यक्ति ग्राहक बनकर दुकानदार से अंडे खरीदता है फिर मार्फीन की पुड़िया मांगता है। दुकानदार अरमान जैसे ही माचिस की डिबिया से एक पुड़िया निकाल कर देता है जिसे देखते ही वहीं पास में खड़ी पुलिस ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। पुलिस की इस कार्रवाई को देख चौराहे पर अफरा तफरी मच गई।

    एसओ ओम प्रकाश ने बताया कि इस दुकानदार द्वारा मार्फीन बेचने की शिकायत कई दिनों से मिल रही थी जिसे शुक्रवार की देर शाम रंगे हाथ दबोच लिया गया। जिसके पास से 25 पुड़िया मार्फीन बरामद हुई है। इन्होंने बताया गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध धारा 8/21 एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

  • डॉ. भीमराव आंबेडकर भारत के पहले कामध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस के बीच होगा गठबंधन! शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत, जल्द हो सकता है एलान

    डॉ. भीमराव आंबेडकर भारत के पहले कामध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस के बीच होगा गठबंधन! शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत, जल्द हो सकता है एलान

    डॉ. भीमराव आंबेडकर भारत के पहले कामध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस के बीच होगा गठबंधन! शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत, जल्द हो सकता है एलान

    लखनऊ

    मध्य प्रदेश में 25-30 सीटों पर यादव मतदाता निर्णायक माने जाते हैं। हालांकि, करीब 50 सीटों पर इनकी ठीक-ठाक संख्या है। वहां मुस्लिमों का रुझान कांग्रेस के प्रति है, पर यादव मतदाताओं पर भाजपा की अच्छी पकड़ मानी जाती है।

    मध्य प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बनाई है। इसके तहत वोट प्लस करने वाले अन्य दलों को साथ लाने की उसकी योजना है।
    यूं तो मध्य प्रदेश में सपा का कोई बड़ा जनाधार नहीं है, लेकिन यादव बहुल कई सीटों पर उसका पहले से ही अच्छा दखल रहा है।

    साल 2003 के विधानसभा चुनाव में सपा सात सीटें जीत भी चुकी है। पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने बिजावर सीट जीती थी, जबकि पांच सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी। सूत्रों के मुताबिक, इन छह सीटों के अलावा चार अन्य सीटें सपा गठबंधन के तहत मांग रही है।
    2018 के चुनाव में सपा ने कुछ सीटों पर किया था बेहतर प्रदर्शन
    सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि 2018 के चुनाव में सपा के बेहतर प्रदर्शन वाली सीटों को देने में कांग्रेस को कोई दिक्कत भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि पिछले चुनाव में इन सीटों पर मुख्य मुकाबला सपा व भाजपा के बीच रहा था। कांग्रेस आमने-सामने की लड़ाई में नहीं थी।
    दोनों पार्टियों के प्रमुख नेता साझा करेंगे मंच
    राज्य में सपा व कांग्रेस गठबंधन के पैरोकारों का कहना है कि दोनों पार्टियों के साथ आने पर अखिलेश यादव समेत सभी प्रमुख नेता साझा मंच से प्रचार करेंगे तो यादव मतदाताओं को साथ लाने में मदद मिलेगी। इससे अंततः कांग्रेस को ही फायदा होगा। दूसरी ओर सपा राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने की ओर बढ़ेगी।
    मध्य प्रदेश में गठबंधन की चल रही बात: जावेद
    विपक्षी गठबंधन इंडिया की समन्वय समिति में सपा की ओर से सदस्य व राज्यसभा सांसद जावेद अली खान स्वीकार करते हैं कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में साझेदारी के लिए सपा और कांग्रेस के बीच बात चल रही है। अगर बातचीत नतीजे पर पहुंचती है तो यह दोनों दलों के लिए फायदेमंद होगा।
    दबाव की रणनीति के साथ आगे बढ़ रही सपा
    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 27 व 28 सितंबर को मध्य प्रदेश के दौरे पर रहे थे। उन्होंने वहां जातीय जनगणना के कांग्रेस के समर्थन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना बताया था। साथ ही यह भी कहा था कि जिसे कांग्रेस टिकट न दे, उसे सपा चुनाव लड़ा सकती है।

    राजनीतिक हलकों में इसे दबाव की राजनीति माना जा रहा है, ताकि कुछ खास हिस्सों में अपनी पकड़ दिखाते हुए यह भी अहसास करा दिया जाए कि गठबंधन पर बात न बनने पर मध्य प्रदेश में सपा किस हद तक जा सकती है। इसी रणनीति के तहत सपा छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।

  • युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    लखनऊ
    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे लोकसभा चुनाव की तैयारी के वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने पर नाराजगी है, लेकिन अंदरखाने में इसे लेकर हलचल मच गई है। ओमवीर का इस्तीफा युवक कांग्रेस के बीच आंतरिक कलह की ओर इशारा कर रही है।
    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे लोकसभा चुनाव की तैयारी के वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने पर नाराजगी है, लेकिन अंदरखाने में इसे लेकर हलचल मच गई है। ओमवीर का इस्तीफा युवक कांग्रेस के बीच आंतरिक कलह की ओर इशारा कर रही है। फिलहाल ओमवीर ने भावनात्मक पत्र के साथ अपना इस्तीफा युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं को भेजा है।

     

    प्रदेश में 21 सितंबर से युवक कांग्रेस की आनलाइन चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई है। नवंबर तक सदस्यता अभियान के बाद दिसंबर में चुनाव होना है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिलाध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराया जा रहा है। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजे इस्तीफे में लिखा है कि लोकसभा चुनाव तक संगठनात्मक चुनाव पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है।

    पत्र में बताया है कि वह 13 साल पहले युवक कांग्रेस में सियासी सफर शुरू किए और छह साल से प्रदेश अध्यक्ष हैं। कई राज्यों में विधानसभा चुनाव सिर पर है और लोकसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। ऐसे में संगठनात्मक चुनाव की घोषणा करने से पहले उनसे एक बार भी पूछा नहीं गया। उनके ख्याल से इस वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने से पदाधिकारियों के बीच आपसी टकराव होगा, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा। राजनीतिक हालात कांग्रेस के पक्ष में हैं। ऐसे में चुनाव कराने के बजाय युवाओं की पूरी ऊर्जा लोकसभा चुनाव में लगानी चाहिए। ताकि प्रदेश के नेताओं में किसी तरह की गुटबाजी न हो।

    संगठनात्मक चुनाव से बढ़ी उदासी
    ओमवीर ने पत्र में लिखा है कि युवक कांग्रेस के सदस्य हर आंदोलन में आगे रहे हैं। उनमें लड़ने का सपना है, लेकिन जब से लोकसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई है तब से वे उदास हैं। यह उदासी पार्टी के लिए नुकसानदेह है। क्योंकि संगठनात्मक चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही साथियों के सामने प्रतिद्वंदी की भूमिका में होंगे।

  • बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    लखनऊ
    लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा (एनडीए) ने 80 में 11 (13.75 प्रतिशत) सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था। इनमें 10 भाजपा और एक अपना दल एस की प्रत्याशी थीं।

    लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी चयन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का असर देखने को मिलेगा। पार्टी ने कथनी और करनी को एक साबित करने के लिए 20 से 30 फीसदी तक महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी की है। ऐसे अधिनियम के असर से प्रदेश के कई मौजूदा दिग्गज सांसदों के टिकट कट जाएंगे। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा (एनडीए) ने 80 में 11 (13.75 प्रतिशत) सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था। इनमें 10 भाजपा और एक अपना दल एस की प्रत्याशी थीं। प्रदेश में एनडीए के 66 लोकसभा सदस्यों में से 57 पुरुष और 9 महिला सांसद हैं। इनमें भाजपा की आठ व अपना दल एस की एक प्रत्याशी ने चुनाव जीता था। इनमें अमेठी से भाजपा सांसद स्मृति ईरानी, फतेहपुर से भाजपा सांसद साध्वी निरंजन ज्योति और मिर्जापुर से अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार में मंत्री भी हैं।

    नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद भाजपा में चर्चा तेज है कि लोकसभा चुनाव में महिला प्रत्याशियों की संख्या 20 से 25 तक हो सकती है। सपा की ओर से 20 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की घोषणा के बाद भाजपा पर महिलाओं को ज्यादा टिकट देने का दबाव बनेगा। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रदेश में महिला प्रत्याशी बढ़ने से दस से पंद्रह मौजूदा दिग्गज सांसदों के टिकट कट सकते हैं।

    कमजोर सीटों पर भी महिला शक्ति का दांव
    सूत्रों के मुताबिक जातीय समीकरण के हिसाब से कमजोर मानी जाने वाली सीटों पर भी भाजपा महिला प्रत्याशी को उतारकर नारी शक्ति का दांव चल सकती है।

    पत्नी, बेटी को टिकट की बढ़ सकती है मांग
    सूत्रों के मुताबिक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के कारण जब पुरुष सांसदों के टिकट काटे जाएंगे तो वे अपनी सीट पर पत्नी या बेटी को टिकट देने का दबाव बनाएंगे। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की कड़ी परीक्षा होगी कि वह परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं या नए चेहरों को मौका देकर महिलाओं के बीच नया नेतृत्व खड़ा करने की कोशिश करते हैं।

    गठबंधन को भी मिल सकती है महिला प्रत्याशी
    भाजपा सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में एनडीए के सहयोगी अपना दल (एस), सुभासपा और निषाद पार्टी को भी सीटें मिलेंगी। ऐसे में भाजपा सहयोगी दलों के कोटे वाली सीटों पर भी महिला प्रत्याशी उतारने का दबाव बना सकती है।

    इन महिलाओं के सिर बंधा था जीत का ताज
    वर्ष 2019 के चुनाव में एनडीए की सहयोगी अपना दल एस की अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से चुनाव जीती थीं। बदायूं से भाजपा की संघमित्रा मौर्या, मथुरा से हेमा मालिनी, फूलपुर से केसरी देवी पटेल, सुल्तानपुर से मेनका गांधी, फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति, धौरहरा से रेखा वर्मा, अमेठी से स्मृति ईरानी, प्रयागराज से डॉ. रीता बहुगुणा जोशी सांसद चुनी गई थी। वहीं रामपुर से भाजपा प्रत्याशी फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा और लालगंज से नीलम सोनकर चुनाव हार गईं थीं।

  • विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    लखनऊ
    हाईकोर्ट में इस संबंध में सुशील कुमार व अन्य की तरफ से दाखिल हुई याचिका पर सुनवाई करने के बाद अदालत ने
    विधानसभा और विधान परिषद सचिवालय में हुई भर्तियों में फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने इसकी प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज कर ली है। जल्द दोनों जगहों पर हुई भर्तियों के दस्तावेज जुटाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को तलब कर पूछताछ करने की तैयारी है।

    बता दें कि हाईकोर्ट में इस संबंध में सुशील कुमार व अन्य की तरफ से दाखिल हुई याचिका पर सुनवाई करने के बाद अदालत ने पूरे प्रकरण का स्वत: संज्ञान लेते हुए भर्तियों में धांधली की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। अदालत ने सीबीआई को आदेश मिलने के छह हफ्ते के बाद अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, जिसके बाद प्रारंभिक जांच दर्ज कर ली गयी है। उल्लेखनीय है कि याचिका में वर्ष 2020 में विधान परिषद में हुई भर्तियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि अदालत ने इसे जनहित से जुड़ा मामला करार देते हुए विधान परिषद के साथ विधान सभा सचिवालय में हुई भर्तियों की जांच भी कराने का आदेश दिया है।

    चयन कंपनी पर कसेगा शिकंजा
    विधान परिषद सचिवालय में भर्तियां करने के लिए नामित की गयी कंपनी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड पर भी सीबीआई शिकंजा कसने जा रही है। उल्लेखनीय है कि कंपनी के एक निदेशक की पत्नी भावना यादव का भी समीक्षा अधिकारी के पद पर चयन हुआ था। कंपनी का संचालक एक पूर्व सभापति का रिश्तेदार बताया जाता है।

     

  • अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    लखनऊ
    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस्कॉन को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कहा कि यह किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत है। इस पर भाजपा सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे बड़े मंदिर संगठन कहे जाने वाले इस्कॉन पर लगाए गए आरोपों को वीभत्स करार दिया है और इस पर भाजपाइयों से जवाब मांगा है।

     

    उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स (पहले ट्वटिर) पर कहा कि भाजपाइयों ने पहले भूमाफ़ियों से मिलकर राधास्वामी सत्संग को निशाना बनाया और भाजपा के लोग अब गोपालक भगवान कृष्ण के उपासकों पर ही कसाइयों को गाय बेचने का वीभत्स आरोप लगा रहे हैं।

     

    विश्वभर के इस्कॉन के अनुयायी इस आरोप से व्यथित और दुखी हैं। भाजपा सरकार को स्पष्टीकरण देना ही होगा क्योंकि इसका संबंध सिर्फ़ प्रदेश व देश से ही नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय छवि से भी है क्योंकि कृष्ण चेतना को समर्पित इस्कॉन का विस्तार सम्पूर्ण विश्व में है।

    जनता का सवाल ये है कि भाजपा के लोग किस वजह से समाज में ऐसा वैमनस्य फैलाना चाहते हैं और किसके कहने पर? इस्कॉन पर आरोप किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत है।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का इस्कॉन को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में मेनका को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘भारत में इस समय सबसे बड़ा धोखेबाज इस्कॉन है। उन्होंने गोशालाएं स्थापित कीं, जिन्हें चलाने के लिए उन्हें सरकार की तरफ से अनगिनत फायदे मिलते हैं। उन्हें बड़ी जमीनें मिलती हैं।’ इस पर विवाद खड़ा हो गया है।

  • राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    लखनऊ
    डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने बताया कि राम की पैड़ी के सभी घाटों व चौधरी चरण सिंह घाट के सभी चिह्नित स्थानों पर 24 लाख दीये 25 हजार स्वयंसेवकों की मदद से प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए 21 समितियां बना दी गई हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने की कवायद की जा रही है।

    कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर संयोजकों, सह-संयोजकों व अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में कुलपति ने तैयारियों का खाका खींचा व जानकारी प्राप्त की। प्रो. प्रतिभा गोयल ने बताया कि राम की पैड़ी पर शासन द्वारा 11 नवंबर को 21 लाख दीये जलाने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

     

    इस संबन्ध में आवासीय परिसर, सम्बद्ध महाविद्यालयों व इंटर कॉलेजों के प्राचार्यों से घाट समन्वयक व स्वयंसेवकों की सूची मांगी जा रही है। कुलपति ने बताया कि राम की पैड़ी के सभी घाटों एवं चौधरी चरण सिंह घाट के सभी चिह्नित स्थानों पर 24 लाख दीये 25 हजार स्वयंसेवकों की मदद से सजेंगे।

    उन्होंने बताया कि दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए 21 समितियां बना दी गई। सभी समिति एक दूसरे से सामंजस्य बनाते हुए पिछला रिकार्ड तोड़कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करेगी। बैठक में वित्त अधिकारी पुणेंदू शुक्ल, कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक उमानाथ, मुख्य नियंता प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्र, डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी, डॉ. रामजी सिंह, डॉ. त्रिलोकी यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

    47 घाटों पर सजाए जाएंगे दीये
    दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने अयोध्या के प्रान्तीयकृत दीपोत्सव पर पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि राम की पैड़ी के स्थलों का जिला प्रशासन के समन्वय में निरीक्षण किया गया है। शीघ्र ही मैपिंग का खाका खींच लिया जायेगा। इस बार 47 घाटों पर दीये सजाने व प्रज्ज्वलित करने का कार्य किया जायेगा। सभी समितियां शीघ्र ही कार्यों को अंतिम रूप देना शुरू कर देंगी।