Category: Desh Videsh

  • जाणता राजा महानाट्य का  मंचन के निमित्त  जखनिया खंड की आवश्यक बैठक हुई संपन्न

    जाणता राजा महानाट्य का  मंचन के निमित्त  जखनिया खंड की आवश्यक बैठक हुई संपन्न

    जाणता राजा महानाट्य का  मंचन के निमित्त  जखनिया खंड की आवश्यक बैठक हुई संपन्न
    कमलेश यादव पहल टुडे
    जखनिया गाजीपुर । जाणता राजा महानाट्य का  मंचन के निमित्त  जखनिया खंड की आवश्यक बैठक क्षेत्र की माता तेतरा देवी महाबिद्यालय  के प्रांगण में की गई ।इस दौरान सह जिला संचालक पारस राय ने स्वयंसेवकों को संबोध करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी आज से साढे तीन सौ वर्ष पूर्व हिंदू समाज के लिए प्रासंगिकता को वर्तमान परिवेश के लिए  महान नाट्य प्रासंगिक है। बताया कि यह कार्यक्रम 21 नवंबर से 26 नवंबर तक वाराणसी काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एम पी थिएटर के प्रांगण में संपन्न किया जाएगा ।इसकी जागरूकता के लिए लोगों को प्रेरित किया । कहा  चिंतन मनन करें, । इन्होंने महाराज छत्रपति शिवाजी के द्वारा किए गए कौशल , निपुणता, कलाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इन्होंने हिंदू साम्राज्य की संभावनाओं के लिए एकांकी रूप से जाने जाते हैं ।इन्होंने बिहार से लेकर राजस्थान, महाराष्ट्र में अपने नेतृत्व में संगठित सेवा करते रहे। बताया कि इस कार्यक्रम के निमित्त सेवा भारती से संग्रहित धनराशि को काशी में कैंसर चिकित्सालय में मरीजों के परिजनों के लिए आवासीय भवन का निर्माण कर उनके लिए अन्य सुविधाएं मुहैया करवाना भी एक लक्ष्य है। जिसकी पूर्ति के लिए कार्यक्रम को सफल बनाना होगा। मौके पर एडवोकेट योगेंद्र सिंह, अटल सिंह ,झून्ना सिंह, आदर्श जी ,सत्येंद्र जी ,संतोष मिश्रा सुधाकर कुशवाहा ,शारदानंद राय, प्रमोद वर्मा ,सहित काफी संख्या में लोग रहे ।
  • चौपाल लगा कर किसानों को पराली न जलाने हेतु किया गया जागरूक।

    चौपाल लगा कर किसानों को पराली न जलाने हेतु किया गया जागरूक।

    चौपाल लगा कर किसानों को पराली न जलाने हेतु किया गया जागरूक।

    *किसानों को चना राई, मटर, मसूर के मिनी किट का किया गया वितरण।
    पहल टुडे / मसरूर अहमद पत्रकार
    जिलाधिकारी आलोक सिंह के मार्ग दर्शन में राजस्व विभाग, विकास विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को पराली न जलाने हेतु जागरूक एवं पराली जलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है। जिसके अनुक्रम में दिनांक 09.11.2023 को उप कृषि निदेशक, रामबचन राम एवम डा0 उमेश कुमार गुप्ता जिला कृषि अधिकारी कानपुर देहात द्वारा विकासखण्ड रसूलाबाद के ग्राम अमरोहिया में कृषक जागरूकता अभियान अन्तर्गत चौपाल लगा कर किसानों को पराली न जलाने हेतु जागरूक किया गया उप कृषि निदेशक द्वारा किसानों को अवगत कराया गया कि फसल अवशेष/पराली जलाने से जहॉ एक ओर पर्यावरणीय क्षति, मृदा स्वास्थ्य एवं मित्र कीटों पर कुप्रभाव पडता है वही दूसरी ओर फसलों एवं ग्रामों में अग्निकाण्ड होने की भी सम्भावना होती है। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के तापमान में वृद्धि होने से मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पडता है, मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म जीव नष्ट होते है जिससे जीवांश के अच्छी प्रकार से सडने में भी कठिनाई होती है। पौधे जीवांश से ही पोषक तत्व लेते है तथा इससे फसलों का उत्पादन भी कम होता है। अतः पराली किसी भी दशा में न जलाये। उनके द्वारा किसानों को अवगत कराया गया कि जिला प्रशासन द्वारा जनपद में पराली दो खाद लो अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत किसान भाई गोशालाओं पर 2 ट्राली पराली देकर, 01 ट्राली की गोबर की खाद प्राप्त कर सकते है। मा0 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फसल अवशेष जलाये जाने पर पूर्णतः रोक लगाते हुए इस दण्डनीय अपराध की श्रेणी में रखा है तथा यदि किसी व्यक्ति द्वारा फसल अवशेष/पराली जलाने की घटना घटित की जाती है तो मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की धारा-24 एवं 26 के अन्तर्गत उसके विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिए रु0 2500/- प्रति घटना, 02 से 05 एकड़ के लिए रु0 5000/- प्रति घटना और 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रु0 15000/- प्रति घटना की दर से अर्थदण्ड वसूले जाने का प्राविधान है।
    जिला कृषि अधिकारी द्वारा किसानों को पी एम प्रणाम योजना अन्तर्गत रासायनिक उर्वरकों से होने वाले नुकसानों एवं कृषि में पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ के संबंध में जागरूक करते हुए नैनो यूरिया, नैनो डी ए पी, एन पी के तथा एस एस पी उर्वरक के प्रयोग विधि एवं लाभों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई । उप कृषि निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी कानपुर देहात द्वारा राजकीय कृषि बीज भण्डार झिंझक एवम विकास खण्ड रसूलाबाद के ग्राम अमरोहिया में किसानों को चना राई, मटर, मसूर मिनी कीट का वितरण किया गया।
  • आधुनिक संसाधनों के साथ संपन्न हुई फखरपुर शिक्षक संकुल बैठक

    आधुनिक संसाधनों के साथ संपन्न हुई फखरपुर शिक्षक संकुल बैठक

    आधुनिक संसाधनों के साथ संपन्न हुई फखरपुर शिक्षक संकुल बैठक

    फखरपुर/बहराइच l खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग मिश्र की अध्यक्षता में ब्लॉक फखरपुर के शिक्षक संकुलो की बैठक वीआरसी पर संपन्न हुई। बैठक में प्रेरणा पोर्टल पर संकुलो से प्रत्येक स्कूल की प्रगति की समीक्षा ऑन लाइन डैश बोर्ड पर करते हुए  शिक्षक संकुलो को निर्देशित किया की अधिकतम छात्र उपस्थिति तथा बच्चों को पुस्तक वितरण और ड्रेस वितरण पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।अनुराग मिश्र ने शिक्षक संकुल बैठक में आधुनिक स्मार्ट कक्ष का शुभारंभ किया और समस्त बैठक अब बेसिक शिक्षा के सभी स्कूलों की समीक्षा ऑन लाइन ही की जायेगी जिससे किसी भी कार्य में कोताही ना हो।संकुल बैठक में शिक्षक संकुल मिथिलेश मिश्र,विवेक सिंह, साकेत तिवारी,तनवीर आलम,रजत सिंह,बिलाल अंसारी अमित आर्या,दीपशिखा,विनय पांडे,त्रियुगीनारायण आदि शिक्षक संकुल मौजूद रहे।

  • दीपावली से पहले यूपी के राज्यकर्मियों को मिल सकता है बोनस, महंगाई भत्ता भी बढ़ा सकती है सरकार

    दीपावली से पहले यूपी के राज्यकर्मियों को मिल सकता है बोनस, महंगाई भत्ता भी बढ़ा सकती है सरकार

    दीपावली से पहले यूपी के राज्यकर्मियों को मिल सकता है बोनस, महंगाई भत्ता भी बढ़ा सकती है सरकार

    लखनऊ
    गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बोनस देने के साथ ही बढ़ी दर से महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। इसी आधार पर राज्य सरकार भी बोनस दे सकती है।

    केंद्र के बाद अब राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस दे सकती है। सरकार के स्तर पर इसको लेकर तैयारी की जा रही है। सरकार महंगाई भत्ता बढ़ाने की भी घोषणा कर सकती है।

    सूत्रों का कहना है कि दशहरा के बाद बोनस देने और महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की जा सकती है। इससे संबंधित फाइल मंजूरी के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद दीपावली से पहले अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस दिया जा सकता है। इससे लगभग 14 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि बोनस के अलावा सभी राज्यकर्मियों व शिक्षकों को भी महंगाई भत्ता भत्ता बढ़ाकर देने की घोषणा की जा सकती है। इस संबंध जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे।

    गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बोनस देने के साथ ही बढ़ी दर से महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। इसी आधार पर राज्य सरकार भी बोनस दे सकती है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सरकार अगर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत भत्ता में चार फीसदी तक की बढ़ोतरी करती है तो सरकारी खजाने पर हर महीने 300 करोड़ रुपये अधिक का व्ययभार बढ़ेगा।

    सूत्रों का कहना है कि नियमानुसार केन्द्र द्वारा तय दर के आधार पर ही राज्य में भी अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस दिया जाता है। इस नियम के आधार पर प्रति कर्मचारी को अधिकतम 7000 रुपये तक बोनस मिल सकता है।

  • निपुण लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगे एनजीओ और उत्कृष्ट शिक्षक, 25 से 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान

    निपुण लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगे एनजीओ और उत्कृष्ट शिक्षक, 25 से 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान

    निपुण लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगे एनजीओ और उत्कृष्ट शिक्षक, 25 से 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान

    लखनऊ
    बच्चों में बुनियादी भाषायी व गणित विषयों में दक्षता के विकास के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 अक्टूबर से 10 दिसंबर तक प्रदेश भर के शिक्षकों व शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है।

    बच्चों में बुनियादी भाषायी व गणित विषयों में दक्षता के विकास के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 अक्टूबर से 10 दिसंबर तक प्रदेश भर के शिक्षकों व शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण डायट स्तर पर 25 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच होगा। वहीं, प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण ब्लॉक संसाधन केंद्र पर छह नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होगा। खास बात ये है कि प्रशिक्षण में फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (एफएलएन) के क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को भी आमंत्रित किया जाएगा, जबकि ऐसे प्रधानाचार्यों और शिक्षको को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया जाएगा जिन्होंने अपने विद्यालयों में 80 प्रतिशत तक निपुण लक्ष्य को हासिल कर लिया है।

     

    अभियान को मिलेगी गति
    महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बताया कि निपुण लक्ष्य पाने के लिए शिक्षकों व ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए डीआईओएस, बीएसए व बीईओ आदि का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है। इसी क्रम में अब प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय किया गया है, जिससे वे विद्यार्थियों को निपुण बनाने के अभियान को गति दे सकें। इसके लिए ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण डायट स्तर पर 25 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच होगा। वहीं, प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण ब्लॉक संसाधन केंद्र पर छह नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होगा। हर ब्लॉक में पांच एआरपी व सभी डायट मेंटर शामिल होंगे। इनको सीमैट प्रयागराज के संदर्भदाता प्रशिक्षण देंगे। महानिदेशक ने कहा है कि शिक्षकों का बैच 50-50 का होगा। अगर शिक्षक अनुपस्थित मिलते हैं तो इसके लिए बीईओ जिम्मेदार होंगे।

    बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों का हो सम्मान
    जारी निर्देशों में कहा गया है की प्रशिक्षण में फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (एफएलएन) के क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जनपद और विकास खंड स्तरीय प्रशिक्षण में आमंत्रित किया जाए, जिससे कि उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ प्राप्त हो सके। इसी तरह, प्रत्येक बैच में एक ऐसे प्रधानाध्यपक / शिक्षक की पहचान की जाए, जिन्होंने अपने विद्यालय में सक्रिय पुस्तकालय, बच्चों की अधिगम दक्षता, कक्षा शिक्षण, ऑपरेशन कायाकल्प, एसएमसी/समुदाय से सहयोग, सीएसआर फंड, प्रार्थना सभा, प्रिन्टरिच/ टीएलएम इत्यादि क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन/नवाचार किया हो अथवा विद्यालय के 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे निपुण हो। शिक्षकों के उत्साहवर्द्धन के लिए ऐसे प्रधानाध्यापक व शिक्षक को 10 मिनट का समय प्रदान किया जाए जिससे कि वे सफलता की कहानी सभी शिक्षकों के साथ साझा कर सकें। प्रशिक्षण में ऐसे शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाए। शिक्षण प्रशिक्षण की राज्य और जनपद दोनों स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

    डीबीटी के माध्यम से शिक्षकों को होगा भुगतान
    निपुण भारत मिशन के तहत प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाने वाले शिक्षक प्रशिक्षण से संबंधित भुगतान अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर के जरिए सभी शिक्षकों के खाते में दिया जाएगा। इस पूरे प्रशिक्षण अभियान के लिए सभी मद में 2941 लाख रुपए जारी किए गए हैं।डायट स्तर पर समस्त संदर्भदाताओं (एआरपी, केआरपी) को जलपान/लंच के लिए 200 रुपए एवं प्रशिक्षण संचालन के लिए प्रति प्रतिभागी 50 रुपए की दर से धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र, संदर्भदाताओं को 170 रुपए प्रति दिवस की दर से देय होगा। यह धनराशि जिला परियोजना कार्यालय द्वारा बैचवार प्रशिक्षण समाप्ति के 2 दिन के अंदर शिक्षकों के खाते में भेजी जाएगी।

  • मूर्ति विसर्जन और दशहरा पर बदली रहेगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, जानिए किन रूटों से ना निकलें आज

    मूर्ति विसर्जन और दशहरा पर बदली रहेगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, जानिए किन रूटों से ना निकलें आज

    मूर्ति विसर्जन और दशहरा पर बदली रहेगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, जानिए किन रूटों से ना निकलें आज

    लखनऊ
    अयोध्या से आने वाली रोडवेज बसें जो कैसरबाग जाती हैं उनको कमता तिराहे से गोमतीनगर की तरफ मोड़ दिया जाएगा। यहां से बसें समतामूलक, गांधी सेतु, पीएनटी, संकल्प वाटिका, चिरैयाझील, क्लार्क अवध के पीछे से सीडीआरआई होते हुए कैसरबाग आ-जा सकेंगी।

    दुर्गा प्रतिमा शोभा यात्रा और मूर्ति विसर्जन को लेकर बुधवार को शहर में यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। बदलाव मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगा। वैकल्पिक मार्ग के अभाव में प्रतिबंधित मार्ग पर भी एंबुलेंस, शव वाहन, फायर सर्विस व स्कूली वाहन इत्यादि को ट्रैफिक पुलिस निकलवाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।

    कैसरबाग : इधर से जाएं
    – अयोध्या से आने वाली रोडवेज बसें जो कैसरबाग जाती हैं उनको कमता तिराहे से गोमतीनगर की तरफ मोड़ दिया जाएगा। यहां से बसें समतामूलक, गांधी सेतु, पीएनटी, संकल्प वाटिका, चिरैयाझील, क्लार्क अवध के पीछे से सीडीआरआई होते हुए कैसरबाग आ-जा सकेंगी।

    – सीतापुर रोड से कैसरबाग आने वाली रोडवेज सिटी बसें मड़ियांव, पुरनिया, डालीगंज रेलवे क्राॅसिंग, पक्का पुल, शाहमीना, डालीगंज पुल, सीडीआरआई होते हुए कैसरबाग जाएंगी। वापसी में बलरामपुर ढाल, शहीद स्मारक होकर लौटेंगी।

    इधर से नहीं जा सकेंगे
    – चौक, शाहमीना तिराहा, डालीगंज पुल, कैसरबाग की ओर से आने वाले वाहन क्लार्क अवध तिराहे से सीधे सुभाष चौराहा होकर नहीं जा सकेंगे। ये वाहन क्लार्क अवध तिराहे से चिरैयाझील, सहारागंज या संकल्प वाटिका होकर जा सकेंगे।

    डालीगंज पुल : ऐसी रहेगी व्यवस्था
    – गोमती नदी पुल पार कर वाहन डालीगंज पुल या आईटी चौराहे की ओर जा सकेंगे।
    – डालीगंज पुल इक्का तांगा स्टैंड से वाहन गोमती नदी बंधा होकर झूलेलाल पार्क की ओर नहीं जा सकेंगे।

    परिवर्तन चौक
    – टेलीफोन एक्सचेंज चौराहा से मकबरा रोड की ओर से वाहन परिवर्तन चौक की ओर नहीं नहीं जा सकेंगे। यह यातायात कैसरबाग बस अड्डा या सीडीआरआई तिराहा, क्लार्क अवध, चिरैयाझील होकर अपने गंतव्य को जा सकेगा।

    निरालानगर-सुभाष चौराहा
    – निरालानगर की ओर से आने वाला यातायात आईटी चौराहा से विश्वविद्यालय मार्ग, हनुमान सेतु होते हुए सुभाष चौराहा की ओर नहीं जा सकेगा। यह यातायात आईटी चौराहा से बाएं या दाएं मुड़़कर समथर पेट्रोल पंप होते हुए निशातगंज, डालीगंज पुल से अपने गंतव्य को जा सकेगा।

    हजरतगंज-आईटी चौराहा
    – हजरतगंज चौराहा एवं परिवर्तन चौक की ओर से आने वाला यातायात सुभाष चौराहा से हनुमान सेतु होकर आईटी चौराहा की ओर नहीं जा सकेगा।यह यातायात मकबरा रोड, टेलीफोन एक्सचेंज, सीडीआरआई, डालीगंज पुल या क्लार्क अवध, चिरैयाझील से होकर जा सकेगा।

    हनुमान सेतु-झूलेलाल पार्क
    – हनुमान सेतु नदवा बंधा तिराहे से नदवा बंधा रोड झूलेलाल पार्क की ओर सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा।
    – यह यातायात आईटी चौराहा होकर अपने गंतव्य को जा सकेगा।

    हीवेट रोड
    – महाराणा प्रताप चौराहे से हीवेट रोड़ बंगाली क्लब की ओर कोई भी यातायात नहीं जा सकेगा। यह यातायात बर्लिंग्टन चौराहा या बांसमंडी चौराहा होकर जा सकेगा।

     

  • रावण के जलते ही एतिहासिक रामलीला मैदान में गूंजा जय श्रीराम, लखनऊ में कई इलाकों में रावण दहन

    रावण के जलते ही एतिहासिक रामलीला मैदान में गूंजा जय श्रीराम, लखनऊ में कई इलाकों में रावण दहन

    रावण के जलते ही एतिहासिक रामलीला मैदान में गूंजा जय श्रीराम, लखनऊ में कई इलाकों में रावण दहन
    लखनऊ
    लखनऊ
    लखनऊ की प्राचीन रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में दशहरे के दिन विजय दशमी पर्व मनाया गया। मैदान के आसपास एशबाग रोड, वाटरवर्क्स रोड से पीली कालोनी तक चारों तरफ दशहरे मेले की धूम रही। हर तरह की
    लखनऊ की प्राचीन रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान में दशहरे के दिन विजय दशमी पर्व मनाया गया। मैदान के आसपास एशबाग रोड, वाटरवर्क्स रोड से पीली कालोनी तक चारों तरफ दशहरे मेले की धूम रही। हर तरह की दुकानें सजी थीं। मैदान में बने तुलसी रंगमंच पर लीला की राम स्तुति से शुरुआत हुई। इस दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और पूर्व उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा मौके पर मौजूद रहे। सभी को विजय दशमी की बधाई दी। कहा कि इस राम लीला में जो आता है, वो राम को हो जाता है। रामलीला समाप्त होने के बाद रावण का पुतला जलाया गया। रामलीला मैदान के अतिरिक्त कानपुर रोड पर भी रावण दहन हुआ। महानगर रामलीला, मौसमगंज रामलीला कमेटी की ओर से भी रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

     

     

    रामलीला के मंच पर मेघनाद का वध हुआ और उसके बाद रावण वध के प्रसंग का मंचन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर जय श्री राम के उद्घोष से गूंजता रहा। फिर मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक और पूर्व मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र अग्रवाल समेत समस्त पदाधिकारियों की मौजूदगी में 80 फीट का रावण का पुतला फूंका गया। रावण के पुतले पर लिखा गया है कि सनातन धर्म के विरोध का अंत हो। इसी के साथ जय श्री राम के उद्घोष से लखननगरी गूंज उठी और शुरु हो गया आतिशबाजी का दौर।

    प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि रामायण में निहित राम जी का जीवन, उनका चरित्र, उनका आचरण, उनका व्यवहार सभी चीजों को व्यक्ति को अपने जीवन उतारना चाहिए, उससे सीखना चाहिये। गोस्वामी तुलसी दास जी के पग चिन्हों से पल्लवित ऐशबाग की राम लीला बहुत खास है। दशहरे पर रावण के पुतले को जलाकर हम सभी यह स्मरण करते हैं कि असत्य पर सत्य की विजय होती है। डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि ऐशबाग की राम लीला एक ऐतिहासिक रामलीला है। यहां पर गोस्वामी तुलसीदास का पदार्पण हुआ था। इस रामलीला का स्वरूप दिन – प्रतिदिन निखर रहा है। हर व्यक्ति को राम जी के जीवन से सीखना चाहिए और उनके चरित्र का अनुशरण करना चाहिए। सर्वेश अस्थाना, मयंक रंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

  • आवास विकास भूखंड फर्जीवाड़े में रिटायर्ड आईएएस अफसर समेत चार पर केस, दो आरोपियों की हो चुकी है मौत

    आवास विकास भूखंड फर्जीवाड़े में रिटायर्ड आईएएस अफसर समेत चार पर केस, दो आरोपियों की हो चुकी है मौत

    आवास विकास भूखंड फर्जीवाड़े में रिटायर्ड आईएएस अफसर समेत चार पर केस, दो आरोपियों की हो चुकी है मौत

    लखनऊ
    आवास विकास परिषद की इंदिरानगर आवासीय योजना के एक भूखंड आवंटन में हुए फर्जीवाड़ा पर सीबीसीआईडी ने रिटायर्ड आईएएस अफसर सत्येंद्र सिंह (तत्कालीन संयुक्त आवास आयुक्त) समेत चार के खिलाफ गाजीपुर थाने में

    आवास विकास परिषद की इंदिरानगर आवासीय योजना के एक भूखंड आवंटन में हुए फर्जीवाड़ा पर सीबीसीआईडी ने रिटायर्ड आईएएस अफसर सत्येंद्र सिंह (तत्कालीन संयुक्त आवास आयुक्त) समेत चार के खिलाफ गाजीपुर थाने में केस दर्ज कराया है। 1991 में इस योजना में सविता गर्ग को भूखंड आवंटित हुआ था। पर, बाद में सविता की फाइल गायब कर उस भूखंड को एक कांस्ट्रक्शन कंपनी को आवंटित कर दिया गया था।

    एफआईआर के मुताबिक इंदिरानगर बी-13 निवासी सविता गर्ग को 23 सितंबर 1991 को परिषद की इंदिरानगर योजना में नीलामी के जरिये भूखंड आवंटित हुआ था। यह भूखंड जब कांस्ट्रक्शन कंपनी को आवंटित हो गया, तो सविता ने शिकायत की। तब नेहरू एन्क्लेव निवासी कृष्णकांत मिश्रा ने आरोप लगाया था कि सविता ने प्रीमियम कांस्ट्रक्शंस के प्रतिनिधि के तौर पर नीलामी में भाग लिया।

    उधर, सविता ने आरोपों को खारिज कर दावा किया था कि वह एकल नीलामी में शामिल हुई थीं। आरोपों के संबंध में कोई पुख्ता दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके थे। सविता ने 2020 में तत्कालीन गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा से शिकायत की। गृह सचिव के आदेश पर प्रकरण की सीबीसीआईडी ने जांच की। जांच के आधार पर सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर आशीष कुमार ने केस दर्ज कराया है। इसमें सत्येंद्र के अलावा तत्कालीन संपत्ति प्रबंध अधिकारी कृपाशंकर मिश्रा, विजय कुमार मेहरोत्रा और तत्कालीन लेखाधिकारी सुरेश को भी आरोपी बनाया गया है।

    दो आरोपियों की हो चुकी है मौत
    विजय कुमार 30 जून 2014 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सत्येंद्र सिंह भी 31 दिसंबर 2018 को शासन से सचिव पद से रिटायर हो चुके हैँ । वहीं, आरोपी सुरेश की वर्ष 2017 और कृपाशंकर की वर्ष 2018 में मौत हो चुकी है। पुरानी जांच के आधार पर सविता को भी आरोपी बनाया गया है।

    खूब किया खेल, सुबूत नष्ट करने का प्रयास
    सविता की शिकायत के बाद जब जांच शुरू हुई तो पता चला था कि आवंटन संबंधी मूल पत्रावली गायब हो गई है। इंदिरानगर कार्यालय में जो भी अफसर 1999-2004 तक तैनात रहे, उन्होंने फाइल गायब होने का दावा किया। दूसरी तरफ सविता ने हाईकोर्ट के आदेश पर भूखंड की रजिस्ट्री कराई। हैरानी की बात है कि परिषद की तरफ से जब कंपनी को भूखंड आवंटित किया गया था, तो रिकवरी का नोटिस सविता को क्यों भेजा गया। इससे साफ है कि मामले में जमकर खेल किया गया।

    रिटायर्ड आईएएस अफसर पर बड़ा आरोप
    सीबीसीआईडी की जांच से पहले हुई विभागीय जांच के दौरान कर्मचारी सुरेश चंद्र ने बताया था कि मूल फाइल समेत दस फाइलें तत्कालीन संयुक्त आवास आयुक्त सत्येंद्र सिंह लेकर गए थे। उन्होंने नौ फाइलें ही वापस की थीं। चूंकि सीबीसीआईडी की जांच से पहले ही सुरेश की मौत हो चुकी है, इसलिए उसके बयान को न तो झुठलाया जा सकता है और न ही सच माना जा सकता है। इसलिए विवेचना में इस आरोप की जांच की जाएगी।

  • दोनों पार्टियों के नेतृत्व के तेवर नरम, एमपी में साथ लड़ सकते हैं सपा-कांग्रेस, अखिलेश ने किया मंथन

    दोनों पार्टियों के नेतृत्व के तेवर नरम, एमपी में साथ लड़ सकते हैं सपा-कांग्रेस, अखिलेश ने किया मंथन

    दोनों पार्टियों के नेतृत्व के तेवर नरम, एमपी में साथ लड़ सकते हैं सपा-कांग्रेस, अखिलेश ने किया मंथन

    लखनऊ
    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रविवार को मध्य प्रदेश के अपने पार्टी पदाधिकारियों के साथ सीटवार तैयारियों का जायजा लिया। माना जा रहा है कि कांग्रेस और सपा के मिलकर चुनाव लड़ने के बाबत आधिकारिक घोषणा अगले एक-दो दिन में हो सकती है।

    मध्य प्रदेश में सीटों के मुद्दे पर पैदा हुई कांग्रेस और सपा के बीच रार खत्म होने के आसार बन रहे हैं। दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के आपस में बातचीत के बाद इसके स्पष्ट संकेत मिले हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रविवार को मध्य प्रदेश के अपने पार्टी पदाधिकारियों के साथ सीटवार तैयारियों का जायजा लिया। माना जा रहा है कि कांग्रेस और सपा के मिलकर चुनाव लड़ने के बाबत आधिकारिक घोषणा अगले एक-दो दिन में हो सकती है।

    मध्य प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर काफी समय से वार्ता चल रही थी। शुरुआती बातचीत इंडिया गठबंधन में सपा के प्रतिनिधि जावेद अली खान ने की। इसके बाद साझेदारी पर बातचीत की कमान सपा की ओर से प्रो. रामगोपाल यादव और कांग्रेस की ओर से रणदीप सुरजेवाला ने संभाली। दोनों के बीच कई राउंड बातचीत हुई। सपा नेतृत्व को बताया गया कि नवरात्र में कांग्रेस की ओर से आने वाली पहली सूची में ही सपा प्रत्याशियों के नाम भी होंगे। सपा का कहना है कि गठबंधन के तहत छह सीटें उसे देने की बात हुई थी। हालांकि, सपा ने दो सीटें और मांगी थीं।

    लेकिन, पहली सूची में सपा प्रत्याशियों के नाम घोषित न किए जाने पर दोनों ओर से तल्खियां बढ़ती गईं। एक-दूसरे के नेताओं के खिलाफ स्तरहीन आपत्तिजनक बयान तक दिए गए। इसी दौरान बताते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव एक-दूसरे के संपर्क में आए। इसके बाद अखिलेश ने भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व कोई बात कहेगा, तो उन्हें माननी ही पड़ेगी। सूत्र बताते हैं कि इस संपर्क के दौरान ही तय हो गया था कि सीटों को लेकर सपा के साथ जो बात हुई थी, उसका पालन होगा। लेकिन, पहले डैमेज कंट्रोल कर लिया जाए।

    सपा मुख्यालय पर रविवार को हुई मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ बैठक में भी कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के संकेत दिए गए। अखिलेश यादव ने यह समीक्षा भी की कि कौन प्रत्याशी जिताऊ स्तिथि में है और कहां ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। सपा मध्य प्रदेश में कुल 33 प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुकी है। गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के बारे में सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि सपा की लड़ने वाली सीटें घट-बढ़ सकती हैं, लेकिन पूरी स्थिति वह सोमवार को ही स्पष्ट करने की स्थिति में होंगे।

  • फर्जी अंगूठा लगा छह साल में 14 बार बदली जांच, गोंडा में युवक के कत्ल के मामले की अब होगी उच्चस्तरीय तफ्तीश

    फर्जी अंगूठा लगा छह साल में 14 बार बदली जांच, गोंडा में युवक के कत्ल के मामले की अब होगी उच्चस्तरीय तफ्तीश

    फर्जी अंगूठा लगा छह साल में 14 बार बदली जांच, गोंडा में युवक के कत्ल के मामले की अब होगी उच्चस्तरीय तफ्तीश

    लखनऊ
    गोंडा में दलित की हत्या के मामले में वादिनी के फर्जी अंगूठे से 14 बार जांच बदली गई। छह साल से जांच बदलने का खेल चल रहा है। प्रमुख सचिव गृह ने डीजी सीबीसीआईडी को प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करने को कहा है।
    गोंडा के तरबगंज इलाके में वर्ष 2017 में दलित युवक की हत्या के मामले की जांच छह साल में फर्जी तरीके से 14 बार बदल दी गई। मृतक की पत्नी का फर्जी अंगूठा लगाकर प्रत्यावेदन देकर जांच ट्रांसफर कराने का खेल चलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी।

    इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में होने पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने डीजी सीबीसीआईडी को पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक डीजी सीबीसीआईडी ने इसका आदेश जारी कर दिया है।

    हैरानी की बात यह है कि जिला पुलिस और सीबीसीआईडी द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने पर अदालत ने कुर्की का आदेश भी दिया, इसके बावजूद जांच बदलने का खेल जारी रहा। गोण्डा के थाना तरबगंज पर वादिनी सुंदरपति ने अपने पति रमई की हत्या की एफआईआर 5 जून 2017 को दर्ज कराई थी। इसमें उसने राधेश्याम दुबे, विष्णुशंकर दुबे, कलूट, मोहर अली को नामजद कराया था।

    इस मामले की जांच सबसे पहले सीओ तरबगंज को सौंपी गई। विवेचना के दौरान ही एसपी गोण्डा के आदेश से जांच सीओ मनकापुर विजय आनंद को दे दी गई। कुछ दिन बाद विवेचना सीओ मनकापुर से सीओ तरबगंज ब्रह्म सिंह को मिल गई। बार-बार जांच बदलने की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग में होने पर आईजी जोन गोरखपुर के आदेश पर विवेचना बस्ती जिले के सीओ हरैया सतीश चंद्र शुक्ला को दी गई।

    फिर यह बस्ती के सीओ कलवारी अरविंद कुमार वर्मा को सौंप दी गई। तत्पश्चात आईजी गोरखपुर जोन ने जांच बहराइच जिले के सीओ नानपारा सुरेंद्र कुमार यादव और फिर सीओ बहराइच विजय प्रकाश सिंह से कराने का आदेश दिया। वहीं 27 अगस्त 2018 को एससी-एसटी आयोग ने जांच सीबीसीआईडी से कराने का आदेश जारी कर दिया।
    सीबीसीआईडी में भी होता रहा खेल
    आयोग के आदेश के बाद डीजी सीबीसीआईडी ने डिप्टी एसपी प्रमोद कुमार को जांच आवंटित कर दी है। तत्पश्चात सीबीसीआईडी, गोरखपुर सेक्टर के डिप्टी एसपी आशापाल सिंह, एएसपी अखिलेश्वर पांडेय, एएसपी राजेश कुमार भारती, एएसपी डॉ. कृष्ण गोपाल को जांच की जिम्मेदारी देने का सिलसिला चलता रहा।
    एएसपी डाॅ. कृष्ण गोपाल ने जांच में पुख्ता प्रमाण के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की संस्तुति करते हुए अंतिम आख्या प्रस्तुत की। इसे आईजी, सीबीसीआईडी ने 31 मई 2022 को मंजूर करते हुए शासन को भेज दिया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। आरोपियों की गिरफ्तारी का जिम्मा नवागंतुक एएसपी रचना मिश्रा को दिया गया।
    शासन में दिया फर्जी प्रत्यावेदन
    आरोपियों के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट और कुर्की का आदेश होने के बावजूद शासन में सुंदरपति के फर्जी दस्तखत कर जांच बदलने का प्रत्यावेदन दिया गया, इस पर जांच रचना मिश्रा से लेकर सीबीसीआईडी, लखनऊ सेक्टर के एएसपी लल्लन प्रसाद को आवंटित कर दी गई।
    तत्पश्चात डीजी सीबीसीआईडी ने 30 मार्च 2023 को यह जांच लल्लन प्रसाद से लेकर प्रयागराज सेक्टर के एएसपी समीर सौरभ के सुपुर्द कर दी गई। सुंदरपति का आरोप है कि राजनीतिक दबाव की वजह से जिला पुलिस और सीबीसीआईडी के अफसर आरोपियों को बचा रहे हैं। वहीं आरोपी कूटरचित दस्तावेजों पर उसके अंगूठे का निशान लगाकर लगातार जांच बदलवा रहे हैं।