Category: Crime

  • बंद बोरी में मिली युवक की सिर कटी हुई न्यूड लाश, फ्रिंगर प्रिंट न मिले इसीलिए काटे दोनों हाथ के पंजे

    बंद बोरी में मिली युवक की सिर कटी हुई न्यूड लाश, फ्रिंगर प्रिंट न मिले इसीलिए काटे दोनों हाथ के पंजे

    सीतापुर में सोमवार को लखनऊ-दिल्ली हाईवे के किनारे बंद बोरी में युवक की सिर कटी न्यूड लाश मिली। उम्र करीब 30 साल है। शव तीन टुकडों में था। धड़ शरीर से अलग था। दोनों हाथ के पंजे भी गायब थे। यहीं नहीं, शव से कहीं रक्त न बहे, इसलिए जख्मों पर टेप लगा था। इतना तय है कि हत्या कहीं और की गई है और शव यहां ले आकर फेंका गया है। फिलहाल युवक की शिनाख्त नहीं हुई है।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।महोली थाना क्षेत्र में कारीपाकर गांव का है। यह गांव हाईवे के दोनों तरफ बसा हुआ है। यहां के लोगों ने सोमवार शाम साढ़े 6 बजे हाईवे के किनारे बंद पड़े ईंट-भट्ठे के सामने टाट की बोरी देखा। उससे बदबू आ रही थी। जब ग्रामीणों ने बोरी को छुआ, तो उनको शव होने की आशंका हुई। इसके बाद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरी खोला, तो उनके होश उड़ गए। बोरी में एक युवक की क्षत-विक्षत न्यूड लाश थी। बोरी से करीब 10 कदम की दूरी पर नीले रंग का एक कंबल मिला है।

    दो बोरी में मिले थे शव 
    पुलिस के मुताबिक, शव दो बोरियों में था, जिस पर गवर्नमेंट ऑफ हरियाणा लिखा था। जो कि चावल की बोरी बताई जा रही है। सरकारी मोहर और छापा भी लगा है। मामले में पुलिस ने खाद एवं रसद विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की है। लेकिन किसी तरह का कोई भी सुराग नहीं मिल सका है।

    पुलिस के मुताबिक, शव आसानी से बोरी में आ जाए, इसलिए हत्यारों ने पैर को घुटने से मोड़कर सफेद रंग की रस्सी से बांध दिया था। कटे हाथों को रस्सी से बांध कर कटी हुई गर्दन पर भूरे टेप के सहारे बांध दिया था। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने युवक की फ्रिंगर प्रिंट से पहचान न हो सके। इसलिए दोनों हाथ के पंजे काटे हैं।

     

    दो दिन पुराना था शव
    युवक की हत्या कैसे हुई? कब हुई? शरीर पर कितने जख्म हैं? पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही इन सब सवालों के जवाब मिल पाएंगे। हालांकि जिस तरीके से शव को काटा गया है। उससे साफ जाहिर होता है कि युवक को तड़पा-तड़पाकर मारा गया है। फिर उसे बोरी में पैक किया गया। जब शव एक बोरी में नहीं आया, तो उसके तीन टुकड़े कर दिए। हत्याकांड को अंजाम देने में करीब 4 से 5 घंटे लगे होंगे। शरीर पर कई जगह चोटों के निशान हैं। फोरेंसिक टीम ने पूरे शव की जांच की। शव दो दिन पुराना लग रहा है।

    सीसीटीवी  पर भी है पुलिस की नजर
    पुलिस इस मामले में सीसीटीवी की जांच कर रही है। वह सटीक टाइम पता कर रही है कि कब लाश को देखा गया। क्योंकि, शाम के वक्त ग्रामीणों ने शव को देखा है। ऐसे में आशंका है कि इसे दोपहर के वक्त ही फेंका गया है। हाईवे की जिसे लेन पर शव मिला है। वह दिल्ली की तरफ जाता है। ऐसे में पुलिस की जांच का सबसे ज्यादा फोकस दिल्ली में है।

    एस. एस. पी. दक्षिणी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शव की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि हत्या कहीं और कर शव को यहां फेंका गया है। हत्यारे बहुत शातिर हैं। उन्होंने लाश का सिर और पंजे गायब किए हैं। बोरी पर गवर्नमेंट ऑफ हरियाणा लिखा हुआ है। बोरी की मदद से ही इस केस के खुलासे का प्रयास किया जा रहा है। साथ सोशल मीडिया के जरिए प्रयास चल रहा है। सीतापुर के सभी थानों में पिछले 5 दिनों से गायब लोगो की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • कलयुगी पिता ने अपनी दो विवाहित बेटियों को उतारा मौत के घाट

    कलयुगी पिता ने अपनी दो विवाहित बेटियों को उतारा मौत के घाट

    परबतसर(नागौर): परबतसर थाना क्षेत्र के दिलढाणी गांव में एक सनकी पिता ने अपनी दो विवाहित बेटियों को मौत की नींद सुला दिया. दोनों बेटियों की सोते समय कुल्हाड़ी से वार कर निर्मम हत्या कर दी. दोनों की मौके पर मौत हो गई. सूचना पर मंगलवार सुबह परबतसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई. इधर, आरोपी ने पत्नी और दोहिते को भी कुल्हाड़ी के वार से घायल कर दिया.

    मिली जानकारी के अनुसार पत्नी और दोहिते को गंभीर हालत में परबतसर चिकित्सालय से अजमेर रेफर किया गया. पुलिस के अनुसार 26 वर्षीय मीरा व 20 वर्षीय रेखा की मौत हुई है. दोनों के ही सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया है. 50 वर्षीय पत्नी केसर तथा 7 वर्षीय प्रिंस गंभीर घायल हैं. कुल्हाड़ी से वार करने के बाद आरोपी पिता मन्नाराम गुर्जर सुनसान जगह नाले में जाकर बैठ गया जहां से पुलिस ने पकड़ लिया.

  • रेल ट्रैक पर सिक्का रख कर रोक देते थे ट्रेन, बिहार में फिल्मों की तरह शराब की स्मगलिंग

    रेल ट्रैक पर सिक्का रख कर रोक देते थे ट्रेन, बिहार में फिल्मों की तरह शराब की स्मगलिंग

    बिहार के समस्तीपुर रेलमंडल में आरपीएफ टीम ने ऐसे शातिर तस्करों के गिरोह का खुलासा किया है जो रेलवे ट्रैक के ज्वाइंट पर सिक्का रखकर ट्रेन को रोक देते थे और फिर शराब की खेप उतारते थे.

    तस्करी करने वाला यह गिरोह जिस जगह शराब की खेप उतारनी होती थी वहां रेल ट्रैक के ज्वाइंट पर सिक्का रख देते जिससे शॉर्ट सर्किट की वजह से आगे का सिग्नल लाल हो जाता था और ट्रेन रूक जाती थी.

    इसके बाद तस्कर शराब को ट्रेन से उतार कर बाइक से आसानी से फरार हो जाते थे. इस तरकीब से शराब की तस्करी करने वाले तीन लोगों को आरपीएफ की टीम ने शराब के साथ गिरफ्तार किया है.

    समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर शराब के कारोबार से जुड़ा यह गिरोह काफी शातिराना तरीके से शराब की तस्करी करता था. इस गिरोह में मुख्य रूप से तीन लोग शामिल थे जो ट्रेन के माध्यम से शराब की बड़ी खेप मंगवाते थे. पुलिस को चकमा दे कर शराब को बीच रास्ते में ही उतार लेते थे.
    इस गिरोह में शामिल शराब तस्कर समस्तीपुर दरभंगा रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों से शराब लेकर आते थे. ट्रेन जब किसनपुर स्टेशन के आगे बढ़ने वाली रहती थी तो गिरोह का एक सदस्य रेल पटरी पर सिक्का रखकर सिग्नल को लाल कर देता था जिससे ट्रेन रुक जाती थी. फिर शराब तस्कर बाइक से शराब लेकर फरार हो जाते थे रेलवे सिग्नल कंट्रोल रूप को जब लगातार किसनपुर स्टेशन से आगे सिग्नल के लाल हो जाने की शिकायत मिलने लगी तो इसकी जांच की गई. जांच में रेलवे ने सिग्नल सिस्टम में कोई खराबी नहीं पायी.

    इसके बाद आरपीएफ की टीम को सिविल ड्रेस में ट्रेन और किसनपुर स्टेशन के आसपास तैनात किया गया. जैसे ही बीती रात रेल पटरी पर सिक्का लगाकर सिग्नल लाल कर शराब तस्कर ट्रेन से शराब उतारने लगे आरपीएफ की टीम ने तीन तस्करों को शराब की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार कर लिया.

    आरपीएफ टीम के हत्थे चढ़े शराब कारोबारी की पहचान रवि कुमार सिंह, विशाल कुमार सिंह, और निखिल कुमार सिंह के रूप में हुई है. शराब को ढोने में इस्तेमाल किए जाने वाले बाइक को भी जप्त कर लिया गया है.

  • सायबर एवं धमतरी पुलिस पुलिस टीम ने एक्टिवा चोरी के आरोपी को किया गिरफ्तार

    सायबर एवं धमतरी पुलिस पुलिस टीम ने एक्टिवा चोरी के आरोपी को किया गिरफ्तार

    प्रार्थी दिनांक 26.01.23 को अपने स्कुटी एक्टिवा काले रंग का क्र० CG-05-AK- 2657 जिसका इस्तेमाली कीमती करीबन 30,000/-रू० को रोजाना की तरह अपने घर के सामने करीबन रात्रि 10:30 बजे पुरानी खड़ी कर मोहल्ले में घुम रहा था कि रात्रि करीबन 11:45 बजे वापस आकर देखा तो स्कुटी एक्टिवा खड़े किये स्थान पर नहीं था आस पास पता तलाश किया कहीं पता नहीं चला कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले जाने की प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध क्र.51/23 धारा 379 भादवि०कायम कर विवेचना में लिया गया।

    जिस पर पुलिस अधीक्षक महोदय प्रशांत ठाकुर के द्वारा त्वरित कार्यवाही के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मेघा टेंभुरकर साहू के मार्गदर्शन में डीएसपी.मुख्यालय के.के.वाजपेयी के नेतृत्व में थाना प्रभारी धमतरी एवं सायबर प्रभारी द्वारा पतासाजी की जा रही थी,जिसमें विवेचना के दौरान आज दिनाँक 12.03.23 को मुखबीर से सूचना मिला कि एक व्यक्ति चोरी की एक्टिवा स्कुटी रखकर जालमपुर हड्डी गोदाम के पास रखकर धमतरी में घुम रहा है सूचना पर तस्दीक की कार्यवाही हेतु सायबर एवं कोतवाली की टीम साथ लेकर जालमपुर हड्डी गोदाम के पास धमतरी गये एक लड़का एक्टिवा स्कुटी वाहन से घुमते मिले जिसे गवाहों के साथ घेराबंदी कर पुछताछ करने पर अपना नाम रवि दीप पिता संतोष दीप उम्र 26 वर्ष सा० महंत घासीदास वार्ड जालमपुर के रहने वाले बताये जिन्हे गवाहों के समक्ष पुछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किये। मौके में मेमोरण्डम कथन के आधार पर चोरी किये एक्टिवा वाहन क्रO CG-05 AK-2657 को पेश करने पर गवाहों के समक्ष जप्त किया गया है।
    आरोपी के विरूद्ध अपराध सदर धारा 379 भादवि० का घटित करना पाये जाने से आज दिनॉक 12.03.23 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जा रहा है।

    नाम आरोपी-: रवि दीप पिता संतोष दीप जाति उड़िया उम्र 26 वर्ष साकीन महंत घासीदास वार्ड जालमपुर धमतरी थाना सिटी कोतवाली जिला धमतरी

    उक्त कार्यवाही में सायबर प्रभारी उनि. नरेश बंजारे प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह राजपूत, आरक्षक युवराज ठाकुर,कृष्ण कन्हैया पाटिल,आनंद कटकवार, विकास द्विवेदी, वीरेंद्र सोनकर,झमेल सिंह, थाना कोतवाली से सउनि. प्रकाश नाग का विशेष योगदान रहा।

  • आज की बड़ी खबर उमेश पाल हत्याकांड में दूसरा एनकाउंटर, पहली गोली चलाने वाला उस्मान ढेर

    आज की बड़ी खबर उमेश पाल हत्याकांड में दूसरा एनकाउंटर, पहली गोली चलाने वाला उस्मान ढेर

    प्रयागराज उमेश पाल हत्याकांड में UP पुलिस को आज सुबह बड़ी कामयाबी मिली। कौंधियारा के लालपुर इलाके में इस हत्याकांड से जुड़े दूसरे आरोपी शूटर विजय उर्फ उस्मान चौधरी को एनकाउंटर में UP पुलिस ने मार गिराया। उस्मान ने ही उमेश पाल पर सबसे पहले गोली चलाई थी। वह CCTV में नजर आया था।

    यह 8 दिन में दूसरा एनकाउंटर है। इसके पहले 27 फरवरी को बदमाश अरबाज को एनकाउंटर में मार गिराया था। अरबाज शूटरों को कार से घटनास्थल पर ले गया था। उमेश की हत्या 24 फरवरी को करीब 7 शूटर्स ने की थी। इस घटना में 7 बैकअप में थे।

    हालांकि पुलिस ने एनकाउंटर का सटीक समय अभी नहीं बताया है।जानकारी के अनुसार , यह तड़के 4 से 5 बजे के बीच बताया जा रहा है। उस्मान की फायरिंग में एक सिपाही नरेंद्र भी जख्मी हो गया, जबकि जवाबी फायरिंग में उस्मान को गोली लगी। पुलिस उसे तुरंत एसआरएन हॉस्पिटल लेकर आई। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    ये अतीक का शार्प शूटर था, बेटे उस्मान बुलाते थे
    आपको बताते चलें की 24 फरवरी को जैसे ही उमेश गाड़ी से उतरा, उस्मान ने फायरिंग शुरू कर दी। उस्मान की गोली लगते ही उमेश जमीन पर गिर गया था। इसका पूरा CCTV फुटेज सामने आया था। पहले पुलिस ने उस्मान पर 50 हजार का इनाम रखा था। विजय उर्फ उस्मान चौधरी के बारे में बताया जाता है कि वह अतीक गैंग का शार्प शूटर था। अतीक के बेटों ने ही उसको उस्मान नाम दिया था।

    7 शूटर्स थे; दो अभी तक मारे गए, 5 अभी भी फरार
    उमेश पाल हत्याकांड में 7 शूटर्स शामिल थे। इनमें से दो का एनकाउंटर कर दिया है। 5 की ज़ोरों से तलाश की जा रही है। इन पर पुलिस ने इनाम राशि को रविवार को बढ़ाकर ढाई-ढाई लाख कर दिया था। इनके अलावा, अतीक अहमद, उसकी अशरफ पत्नी शाइस्ता परवीन, उसका भाई अशरफ और उनके बेटे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है। अतीक अहमद अहदाबाद और अशरफ बरेली की जेल में बंद है। अतीक के बेटे हत्याकांड के बाद से फरार हैं।

    उस्मान लालापुर में छिपा था , पुलिस ने घेरा
    SOG और पुलिस के मुताबिक, उस्मान प्रयागराज के कौंधियारा के लालापुर में छिपा था। वह लालापुर का ही रहने वाला था। यहां एसओजी की टीम ने घेराबंदी की तो उस्मान ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगी। बताया जा रहा है कि उसको दो गोली सीने में लगी है। हालांकि, पुलिस की तरफ से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई।

    इस हत्याकांड के पांच आरोपियों पर इनाम राशि बढ़ाकर ढाई-ढाई लाख कर दी गई है। पहचान होने के बावजूद 8 दिन बाद भी इस हत्याकांड के 5 शूटरों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इनमें अतीक का बेटा असद भी है। सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच और STF की रडार पर 20 हजार से ऊपर मोबाइल नंबर हैं। अतीक अहमद गैंग से जुड़े लगभग 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है।

    लेकिन, अभी तक कुछ भी ठोस नहीं मिल पाया है। कुछ इनपुट मिले हैं कि बदमाश वारदात के बाद दो घंटे तक प्रयागराज में ही थे। फिर यह बात सामने आई कि बदमाश फॉर्च्यूनर से निकल गए हैं। फिलहाल, पुलिस की तरफ से ऐसी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई। वहीं, अतीक के दोनों नाबालिग बेटों का पता चला गया है। वह सुधार गृह में बंद हैं।

     

  • TMKOC : तारक मेहता शो के जेठालाल के घर बंदूक लेकर पहुंचे 25 लोग!

    TMKOC : तारक मेहता शो के जेठालाल के घर बंदूक लेकर पहुंचे 25 लोग!

    टीवी के मशहूर टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के एक्टर दिलीप जोशी से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। खबरों के मुताबिक एक्टर के घर के बाहर 25 लोग बंदूक और बम लेकर खड़े हुए हैं। एक अनजान शख्स ने नागपुर कंट्रोल रूम में फोन करके इस बात की जानकारी दी है और अपना नाम पुलिस को कटके बताया है।

    कॉलर ने फोन करके पुलिस को बताया कि दिलीप जोशी के नागपुर वाले घर के बाहर 25 लोग बंदूक और बम लेकर खड़े हैं, इतना ही नहीं उसने कहा कि उसने यह भी सुना कि ये लोग मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र के घर को भी बम से उड़ाने की बात कर रहे हैं।

    शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन ने दर्ज की FIR

    नागपुर पुलिस ने कॉल को सीरियसली लिया और शिवाजी पार्क पुलिस को अलर्ट पर डालकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि शख्स ने जिस नंबर से कॉल किया था वो दिल्ली में काम करने वाले सिम कार्ड की कंपनी के किसी लड़के का था। सिम कार्ड कंपनी में काम करने वाले का कहना है कि ये कॉल उसकी जानकारी के बिना किया गया है। अब पुलिस कॉल करने वाले अनजान शख्स की तलाश कर रही है।

    जेठालाल का रोल निभाते हैं दिलीप जोशी

    दिलीप जोशी टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में जेठालाल का किरदार पिछले 13 सालों से निभा रहे हैं। उनके किरदार को खूब पंसद किया जाता है।

  • दिल्ली में जिहादियों द्वारा एक और जघन्य अपराध।

    दिल्ली में जिहादियों द्वारा एक और जघन्य अपराध।

    पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जिहादियों द्वारा लव जिहाद में भोली भाली बच्चियों को फसाना एवं उनको धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव डालना और ना मानने के लिए उनकी हत्या कर देना। साथ ही जिहादियों द्वारा भोले भाले हिंदू युवकों जी जघन्य हत्या करना, जमीन जिहाद के कारण जमीनों पर कब्जा करके मस्जिद बनाना, हिंदू लोगों को धमकाना, इत्यादि यह जघन्य अपराध आम बात हो गई है। विश्व हिंदू परिषद ने पिछले कुछ वर्षों में इन अपराधों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आवाज उठाई, प्रशासन ने कुछ कार्यवाही भी की परंतु घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है।

    ऐसा लगता है जिहादी मानसिकता के लोग हमको मानसिक रूप से डराने का प्रयास कर रहे हैं।

    विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने इनके खिलाफ प्रदर्शन आरंभ किया तब से कुछ घटनाएं कम हुई परंतु दिल्ली में कहीं ना कहीं कुछ घटनाएं तो होती ही रही है, विश्व हिंदू परिषद इसका संज्ञान लेता रहा है।

    भारत की राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी में भी पिछले कुछ वर्षाे में बहुत ही जघन्य अपराध हुए जिसमें लव जिहाद, हत्या इत्यादि । परंतु कुछ दिन पहले जहांगीरपुरी इलाके में दीपू नामक अबोध बच्चे का जिहादियों द्वारा अपहरण किया जाता है उसके साथ मारपीट की जाती है तथा उस बच्चे से ब्लोजॉब करवाकर उसके मुंह में मूत्र डाला जाता है यह कितना जघन्य और शर्मनाक अपराध है जो हमारे हिंदू समाज के लिए मानसिक यंत्रणा से कम नहीं हो सकता और ऐसा भी लगता है कि जिहादी लोग तरह-तरह के कुकृत्य करके हिंदू समाज को खुला चैलेंज कर रहे हैं।

    अबोध बालक दीपू के साथ इस जघन्य अपराध के खिलाफ बजरंग दल ने पुलिस में एफ आई आर दर्ज कराई तथा पुलिस ने एक जेहादी को गिरफ्तार कर लिया परंतु बाकी अन्य अपराधी पुलिस के गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं यह एक तरह से पुलिस की नाकामी है। पीड़ित परिवार कितनी मानसिक पीड़ा से गुजर रहा होगा यह हम सभी अपने आप को उनकी जगह रख कर देख सकते हैं।

    इस जघन्य घटना का संज्ञान लेते हुए विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रांत सह संयोजक श्रीमान गोल्डी जी के नेतृत्व में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने गए तथा पुलिस प्रशासन पर अन्य अपराधियों को गिरफ्तार करके उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को कहा।

    प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि हिंदू समाज के सभी लोगों को इस जघन्य अपराध के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए क्योंकि हो सकता है जो आज यह घटना इस बालक के साथ घटी है, कहीं और अन्य जगह ना घटे इसको सुनिश्चित करते हुए हिंदू समाज को एकत्रित होना होगा और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पूरा विरोध करना होगा। उन्होंने कहा पुलिस प्रशासन से हमारी मांग है तुरंत दोषी जिहादियों को गिरफ्तार किया जाए, ऐसा भी ध्यान में आ रहा है की पहले भी दोषी 3 माह की जेल काट कर आएं हैं।

    सुरेंद्र गुप्ता ने कहा अगर पुलिस प्रशासन सुरक्षा नही दे सके तो विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ स्वयं सुरक्षा के लिए निकल पड़ेंगे।

    सौजन्य से:- स्वतंत्र सिंह भुल्लर

  • आजमगढ़ : चौकी प्रभारी पर मारने-पीटने और गाली देने का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम, जाने क्या है मामला ?

    आजमगढ़ : चौकी प्रभारी पर मारने-पीटने और गाली देने का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम, जाने क्या है मामला ?

    एजेंसीडेस्क::रिपोर्ट::संजूयादव आजमगढ़ के गंभीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मई खरगपुर गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।

    ग्रामीण चौकी प्रभारी गोसाई की बाजार के रवैये से नाराज थे और एक व्यक्ति व उसके परिवार को बिना वहज मारने-पीटने का आरोप लगा रहे थे।एएसपी सिटी शैलेंद्र लाल के आश्वासन पर लगभग दो घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।

    मई खरगपुर गांव निवासी हीरा सरोज व गुल्लू सरोज के बीच भूमि विवाद चल रहा है। इसी विवाद को लेकर मंगलवार की सुबह हीरा सरोज व गुल्लू सरोज के परिवार में मारपीट हो गई। मारपीट की इस घटना के बाद गुल्लू अपनी पत्नी सुशीला, पुत्री संजू व रिंका के साथ गोसाई की बाजार चौकी पर शिकायत लेकर पहुंचा।

    आरोप है कि इस दौरान बिना चौकी पर आने की वजह पूछे चौकी प्रभारी राकेश तिवारी ने उनकी पिटाई करना शुरू कर दिया, और भद्दी-भद्दी गलियां दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार गांव में पहुंचा और ग्रामीणों को चौकी प्रभारी के कवायद की जानकारी दी। जिस पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और आठ बजे के लगभग सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर गोसाई की बाजार चौकी के सामने चक्का जाम कर धरने पर बैठ गए।

    ग्रामीण चौकी प्रभारी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने और निलंबित किए जाने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पर गंभीरपुर थाना प्रभारी मय दल बल पहुंच गए। इसके बाद सीओ मनोज रघुवंशी भी मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

    इसके बाद भी जाम खत्म न होने पर एएसपी सिटी शैलेंद्र लाल भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके साथ ही पीड़ित परिवार से शिकायती पत्र भी लिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और लगभग दो घंटे बाद आजमगढ़-वाराणसी मार्ग से चक्काजाम समाप्त कर यातायात को बहाल किया गया।

  • लखनऊ : खूंखार डकैत को मार गिराने पर UP STF की टीम को मिला इनाम, डीजीपी ने दिए 3-3 लाख नकद और पिस्टल।

    लखनऊ : खूंखार डकैत को मार गिराने पर UP STF की टीम को मिला इनाम, डीजीपी ने दिए 3-3 लाख नकद और पिस्टल।

    एजेंसी डेस्क : (लखनऊ, ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में पहली बार खूंखार डकैत को मार गिराने वाली टीम को मुख्यमंत्री की तरफ से प्रशंसा पत्र के साथ नकद पुरस्कार और पिस्टल इनाम में दी गई है।

    पुलिस मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी डीएस चौहान ने 8 सदस्यीय एसटीएफ टीम को यह इनाम दिया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले बुंदेलखंड के बीहड़ों में आतंक का आखिरी पर्याय गौरी यादव को ढेर करने वाली यूपीएसटीएफ की टीम को गणतंत्र दिवस के मौके पर सम्मानित किया गया।

    मध्य प्रदेश से 50 हजार और उत्तर प्रदेश से 5 लाख के इनामी गौरी यादव को यूपी एसटीएफ की टीम ने 30 अक्टूबर 2021 को चित्रकूट के बहिलपुरवा के जंगलों में मार गिराया था। गौरी यादव पर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी 50 केस दर्ज थे।

    गणतंत्रदिवस के मौकेपरडीजीपी डीएस चौहान ने बदमाश गौरी यादव को ढेर करने वाली टीम में शामिल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के साथ एसटीएफ में एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश, इंस्पेक्टर जयप्रकाश राय, सब इंस्पेक्टर अमित तिवारी, हेड कॉन्स्टेबल राजकुमार शुक्ला, कॉन्स्टेबल शिवानंद शुक्ला, कमांडो विनोद कुमार सिंह और कमांडो अस्तभान यादव शामिल रहे थे।

    DGP डीएस चौहान ने खुद प्रशस्तिपत्र देकर किया सम्मानित

    डीजीपी डीएस चौहान ने एडीजी प्रशांत कुमार और अमिताभ यश के साथ पूरे ऑपरेशन में शामिल सभी 8 सदस्यों को तीन-तीन लाख का नकद पुरस्कार,और मुख्यमंत्री का प्रशस्ति पत्र और सभी को एक-एक पिस्टल इनाम में दी गई. डीजीपी डीएस चौहान ने खुद प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार के साथ-साथ पुलिस टीम की कमर में पिस्टल लगाकर सम्मानित किया।

    बता दें कि यह पहली बार है जब पुलिस टीम को किसी ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद प्रशस्ति पत्र, नकद इनाम के साथ-साथ पिस्टल देकर सबको सम्मानित किया गया है।

  • मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से ठगे करोडों रूपये, तीन गिरफ्तार

    मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से ठगे करोडों रूपये, तीन गिरफ्तार

    हरिद्वार। मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से काला धन सफेद करने, पुराने नोटों को बदलने सहित विभिन्न प्रकार का लालच देकर करोडों रूपये ठगने के मामले में पुलिस ने मुस्लिम फंड के संस्थापक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके 23 बैंक खाते फ्रीज कर दिये है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार वसीम पुत्र समीम रावत निवासी ग्राम इब्राहिमपुर थाना पथरी जिला हरिद्वार द्वारा थाना ज्वालापुर पर कबीर म्युचल बैनिफिट लिमिटेड (मुस्लिम फण्ड) के संस्थापक अब्दुल रज्जाक पुत्र सरफू निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर जिला हरिद्वार के द्वारा बैंक में उसके द्वारा जमा किये गये 2 लाख 81 हजार धनराशि व हजारों अन्य लोगों की जमा राशि लेकर फरार हो जाने के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज कराया। हजारों लोगों के बैंक खातों की प्रभावित धनराशि को देखते हुए एसएसपी अजय सिंह के द्वारा प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए जांच तेज करने के निर्देश दिये गये। जिसके लिए छह टीमें गठित की गयी। उक्त मुस्लिम फण्ड वर्ष 1998 से संचालित किया जा रहा था जिसे वर्ष 2020 में कबीर म्युचल बैनिफिट लि. के रुप में कार्पाेरेट मंत्रालय से मान्यता प्राप्त कराया गया। तथाकथित बैंक में 13382 एक्टिव खाते पाये गये, जिनमें 8716 खातों में 500 रुपये से कम धनराशि होना पाया गया। उक्त खाताधारकों की कुल करीब 7 करोड 5 लाख धनराशि उक्त बैंक में निहित होना पाया गया जिसमें से करीब डेढ करोड रुपये धनराशि अब्दुल रज्जाक के द्वारा लोगों का सोना गिरवी रखकर उन्हें 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर देना पाया गया। जांच के दौरान अब्दुल रज्जाक उसके परिवार व उसके संदिग्ध सहयोगियों के 23 बैंक खाते फ्रीज किये जा चुके हैं इसके अलावा इनके द्वारा अर्जित चल अचल सम्पत्ति का विवरण जुटाया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि मुस्लिम फण्ड में जमा धनराशि जो कि लोग बगैर ब्याज लिये जमा करा रहे थे को अब्दुल रज्जाक व उसके साथी प्रोपर्टी की खरीद फरोख्त कर उससे अपने निजी हित में लाभ अर्जित कर रहे थे। मुकदमा उपरोक्त में फरार अब्दुल रज्जाक को पुलिस टीम द्वारा हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारी के पश्चात रज्जाक द्वारा बताया गया कि वह वर्ष 2013 से मुस्लिम फण्ड में जमा कराये गयी रकम को अपने साथियों नसीम उर्फ मुन्ना पुत्र जिन्दे हसन निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार व मशरूर पुत्र इरसाद अली निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार के सहयोग से ज्वालापुर के आसपास प्रोपर्टी की खरीद फरोख्त कर खासा लाभ अर्जित कर रहा था। इसके साथ ही उसने लोगों को पुराने नोट बदलने व जमीनों की खरीद फरोख्त कर करोडों रूपये ठगने के मामले को भी स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।