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  • युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप

    युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप

    युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप।
    युद्ध और हिंसा क्रोध से शुरू होकर पश्चाताप और दुखों के चिंतन में खत्म होता है। मौजूदा रूप से इसराइल हमास युद्ध में हजारों लोगों की जानें चली गई और 30 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी लोग बेघर हो गए,और युद्ध अभी तक थमा नहीं है युद्ध की चिंगारी एक दूसरे आक्रमण करने से भड़कती जा रही है न जाने इसका अंजाम क्या होगा। इसी तरह रूस और यूक्रेन युद्ध कि इतने दिनो से ज्यादा के युद्ध की परिणति में शिवाय पश्चाताप के कुछ नहीं हैl रूस अपने सनकी राष्ट्रपति पुतिन की जिद की बलि चढ़ गया है। वह यूक्रेन से जीत कर भी मानसिक और वैचारिक रूप से हार गया हैl रूस अपने को जितना बलशाली, शक्तिशाली समझता था अब उसकी पोल खुल गई है, 1 वर्ष से ज्यादा समय से युद्ध में रूस यूक्रेन जैसे छोटे देश को जीत नहीं पाया हैl यूक्रेन भी अपनी राष्ट्रपति की हठधर्मिता के कारण पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुका है. यूक्रेन के 1करोड़40लाख नागरिक देश छोड़कर शरणार्थी बन चुके हैं। 40 हजार इमारतें बर्बाद हुई 20 लाख बच्चे घरों से दूर होकर शिक्षा से वंचित हो गए। ईसी तरह यूक्रेन तथा रूस के लगभग 50 हजार सैनिक युद्ध में मारे गए है।यह युद्ध की विभीषिका कहां तक जाएगी इसका आकलन करना तो कठिन है पर इसके परिणाम अत्यंत अमानवीय,कारुणिक और आर्थिक नुकसान देने वाले साबित हुए हैं।रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन के तथाकथित दोस्तों अमेरिका तथा नैटो देशों ने सक्रियता से मैदान में साथ नहीं दिया, केवल दूर से यूक्रेन को शाबाशी देते रहे यूक्रेन अब संपूर्ण बर्बादी के कगार पर है। रूस का उसके अपने ही राष्ट्र में युद्ध के खिलाफ विरोध के स्वर उभर रहे हैं। नोबेल पुरस्कार प्राप्त पत्रकार ने अपने पूर्व में प्राप्त नोबेल पुरस्कार मेडल को बेचने का ऐलान किया है एवं यूक्रेन में मरने वाले हजारों बच्चों के हित में वह धनराशि रेड क्रॉस को प्रदान करेगा। पत्रकार ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण का रूस की जनता अंदरूनी तौर पर विरोध करती है एवं भारी असंतोष भी हैl मैं आपको रूस यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि का इतिहास बताता हूं।यूक्रेन एक छोटा सा राज्य है, उसकी सैन्य शक्ति भी इतनी क्षमतावान नहीं है कि रूस या अन्य शक्तिशाली देश का सैन्य मुकाबला कर सके,पर अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो के 30 देशों के बहकावे में आकर उसने रूस को नाराज करना शुरू कर दिया था। यूक्रेन को यकीन था कि रूस के आक्रमण के समय अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इजरायल और नाटो के कई देश उसकी रक्षा करेंगे, पर ताकतवर,शक्तिमान रूस के हमले के सामने ना तो अमेरिका ने अपना सैन्य आक्रमण किया ना ब्रिटेन ने अपनी सेना ही भेजी और ना ही अन्य नाटो देश में रूस के खिलाफ किसी तरह की जंग ही की है ,केवल दूर से बैठकर समझौते करने की बात करते रहे और रूस के आक्रमण की निंदा ही की है। यह आलेख लिखते तक रूस ने कीव पर कब्जा भी कर लिया होगा और उसके समस्त एयर बेस सैनिक अड्डों को नष्ट कर दिया है। यूक्रेन का एयर डिफेंस पूरी तरह चरमरा गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बताया कि रूस ने सभी सैनिक हवाई अड्डों पर रॉकेट लॉन्चर दाग कर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया है, यूक्रेन के लगभग 40 सैनिकों को मार भी गिराया है, इसमें 10 निर्दोष नागरिक भी मारे गए हैं। रूस ने दावा किया था कि वह नागरिक ठिकानों पर बमबारी नहीं करेंगा पर मिसाइल तथा गोलियां सैनिकों तथा नागरिकों को अलग-अलग नहीं पहचानती है, और यही वजह है कि सैनिकों के साथ नागरिक भी मारे गए। वर्ष 1914 में यूक्रेन से रूस ने क्रीमिया को अलग कर अपने अधिपत्य में ले लिया था। रूस का कहना है कि अमेरिका ब्रिटेन और नाटो देश यूक्रेन को एक न्यू क्लियर सामरिक अड्डा रूस के खिलाफ बनाने की तैयारी कर चुके हैं, और इन सभी देशों के साथ यूक्रेन भी रूस की प्रतिरक्षा प्रणाली को बहुत बड़ा खतरा बन गया है। यूक्रेन पर अमेरिकी प्रशासन का पूरा पूरा नियंत्रण है, यूक्रेन प्रशासन केवल कठपुतली मात्र है। इसे संचालित करने वाला अमेरिका तथा ब्रिटेन ही है। यूक्रेन लगातार नाटो देश की सदस्यता के लिए प्रयास करता रहा है और अमेरिका चाहता है कि यूक्रेन नाटो देश का सदस्य बन कर रूस के खिलाफ एक सामरिक अड्डे की तरह उनके काम आए। तत्कालिक कारणों में रूप द्वारा गैस तथा तेल के लिए बिछाई गई पाइप लाइन जो जर्मन तक गैस तथा तेल पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ थी। जर्मन एक बहुत बड़ा तेल तथा गैस का बाजार है, यहां से सारे यूरोप में आर्थिक गतिविधि शुरू होकर गैस तथा तेल की सप्लाई की जाती है जो कि एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र हैयह गैस पाइपलाइन यूक्रेन के क्षेत्र से होकर जनवरी तक जाती है। इससे नाटो देश को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान की संभावना भी है। दूसरी तरफ यूक्रेन, क्रीमिया को अपने पास वापस अपने अधिपत्य में लेना चाहता है, जो वर्तमान में रूस के कब्जे में है, इसके अलावा रूस ने यूक्रेन के दो बड़े क्षेत्र लुहानस्क और डोनट्स रिपब्लिक को राज्य के रूप में मान्यता दे दी है, यह बहुत बड़े क्षेत्र और इन्हीं के माध्यम से उसने अपनी सेना को यूक्रेन में दाखिल भी किया था। इन दो बड़े रिपब्लिक को देश की तरह मान्यता देने पर अमेरिका तथा ब्रिटेन और नाटो देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की बात कह कर भरपूर सार्वजनिक निंदा भी की है और किसी स्वतंत्र देश की प्रभुसत्ता पर हस्तक्षेप भी बताया है। रूस के इस यूक्रेन पर आक्रमण से भारत की चिंता अपने 20 हजार नौजवान छात्रों को जो युक्रेन में अध्ययन कर रहे थे। अब वहां फंसे हुए हैं, उन्हें बचाने की भी है। यूक्रेन तथा रूस के बीच शांति स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मध्य रात्रि के बीच लगभग 40 मिनट बात कर शांति स्थापना के अपील भी की है एवं नागरिकों को वहां से निकालने की चिंता से भी अवगत कराया है। निश्चित तौर पर भारत के यूक्रेन तथा रूस के साथ अच्छे संबंधों के कारण शांति बहाली की अपील कर रहा है, और इसका असर भी हो सकता है । यह तो तय है कि रूस और यूक्रेन के बीच यदि युद्ध में कोई भी विदेशी ताकत हस्तक्षेप करती है, तो विश्व युद्ध की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। रूस ने यूक्रेन की मदद के लिए किसी भी देश के आने पर भयानक परिणाम होने की चेतावनी भी दे डाली है। यूक्रेन को इस आफत में फंसाने एवं उसे रूस के विरुद्ध उकसाने के लिए अमेरिका ब्रिटेन और नाटो देशों की भूमिका सदैव संदिग्ध ही रही है।
  • मंडी-मनाली नेशनल हाईवे बंद, एचआरटीसी बस हुई दुर्घटनाग्रस्त, 14 घायल

    मंडी-मनाली नेशनल हाईवे बंद, एचआरटीसी बस हुई दुर्घटनाग्रस्त, 14 घायल

    शिमला/सुंदरनगर(मंडी)

    भारी बारिश के येलो अलर्ट के बीच शनिवार को हिमाचल प्रदेश में कई जगह भूस्खलन होने से सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। मंडी मनाली नेशनल हाईवे 6 मील तथा 9 मील के पास मलबा पत्थर तथा चट्टानें गिरने के कारण बंद है। 6 मील में देर शाम ऑल्टो कार पर पत्थर गिरने से 6 साल के बच्चे की मौत हुई है व परिवार के अन्य लोग गंभीर घायल हैं।

    नेशनल हाईवे रात से ही बंद है। मंडी कुल्लू वाया कटौला दो स्थानों कांडी तथा चढ़ी नाला में पत्थर मलबा गिरने से बंद है। पंडोह से गोहर के बीच में गोहर से 5 किलोमीटर टिल्ली नामक स्थान पर भारी मलबा गिरने से यह सड़क भी बंद है।

    जमीन धंसने से करीब 50 फीट नीचे ढांक में जा लुढ़की बस

    मंडी क्षेत्र में कल देर शाम से ही लगातार बारिश हो रही है और भी सड़के बंद होने के समाचार आ रहे हैं। चक्कीमोड़ के पास सुबह आठ बजे भूस्खलन होने से बंद हुआ कालका शिमला नेशनल हाईवे 10:15 बजे यातायात के लिए बहाल हो गया है। करीब दो घंटे हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा। यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    वहीं सुंदरनगर से सुबह 5 बजे शिमला जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम के सुंदरनगर डिपो की बस डैहर-कांगू सड़क मार्ग पर जमीन धंसने से करीब 50 फीट नीचे ढांक में जा लुढ़की। हादसे के दौरान बस में 12 यात्री मौजूद थे।

    हादसे में चालक-परिचालक सहित सभी यात्रियों को को  चोटें आई है।  घायलों को उपचार के लिए स्थानीय लोगों की मदद से नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर सभी को प्राथमिक उपचार दिया गया। इनमें से 5 घायलों को मेडिकल कॉलेज नेरचौक के लिए रैफर कर दिया गया है।

    बस सुबह 5:00 बजे सुंदरनगर से रवाना हुई थी। डीएसपी दिनेश कुमार ने बताया पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार पाठक ने बताया परिवहन निगम की टीम मौके पर रवाना हो गई है।

    पॉपुलर का पेड़ गिरा
    कुल्लू अस्पताल के पास पॉपुलर का पेड़ गिरा गया। घटना में लोग बाल-बाल बच गए। अस्पताल जाने वाली सड़क से वाहनों को आवाजाही थम गई है।
    अस्पताल के आसपास दिनभर लोगों की भीड़ रहती है। गनीमत रही कि कोई भी चपेट में नहीं आया।

    गाड़ी पर गिरे पत्थर

    मणिकर्ण से करीब 3 किमी पीछे गोज गांव में पहाड़ी से पत्थर गिरने से गाड़ी चकनाचूर हो गई। गाड़ी किसी स्थानीय व्यक्ति की बताई जा रही है। हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं है।

    मेडिकल कॉलेज में घुसा पानीबारिश के कारण नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पानी और मलबा घुस गया। इस कारण मरीजों को लाने और ले जाने सहित स्टाफ को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। पूरा कॉलेज परिसर तालाब बन गया।

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के येलो अलर्ट के बीच शनिवार दो नेशनलन हाईवे समेत 395 सड़कों पर आवाजाही ठप है। 1184 बिजली ट्रांसफार्मर और 26 पेयजल योजनाएं भी बंद हैं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे बार बार भूस्खलन होने से अवरुद्ध हो रहा है।

    जिंदा जला मजदूर

    जुब्बल क्षेत्र के गांव बोली नाला में सुरेंद्र सिंह पुत्र बिद्धु राम के दो मंजिला मकान में अचानक आग लग गई। आग से दो कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। मकान में सुरेंद्र सिंह का मजदूर अशोक बहादुर (40) निवासी रोमाछाप काठमांडू नेपाल रहता था। आग में जिंदा जलकर उसकी मौत हो गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना में  करीब डेढ़ लाख के नुकसान का अनुमान है।

  • मलबे में दबा वाहन मिला, पांच शव बरामद, गुजरात के यात्री के रूप में हुई एक की पहचान

    मलबे में दबा वाहन मिला, पांच शव बरामद, गुजरात के यात्री के रूप में हुई एक की पहचान

    रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ

    रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर बृहस्पतिवार को आए मलबे में दबी कार में पांच लोगों की मौत हो गई है। शुक्रवार को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त वाहन के अंदर से पांचों के शव बरामद किए गए हैं। राजमार्ग का 80 मीटर से अधिक हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त है। इस कारण दूसरे दिन भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है।

    सुबह छह बजे से ही राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित हिस्से में मलबा सफाई का काम शुरू हो गया था। दोनों तरफ से जेसीबी मशीनों से मलबे के साथ भारी बोल्डरों को तोड़कर साफ किया जा रहा था। शाम पांच बजे मलबा हटाते समय एक वाहन भी दिखाई दिया। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने प्रभावित हिस्से में रेस्क्यू शुरू करते हुए मलबे की सफाई कर वाहन को निकाला। बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कार के अंदर से पांच शव बरामद किए गए।

    जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मृतकों के पास मिले फोटो पहचान पत्र के आधार उनकी शिनाख्त की गई। मृतकों के नाम जिगर आर मोदी, देसाई महेश, मनीष कुमार, मिंटू कुमार और पारिक दिव्यांश हैं। सभी गुजरात के रहने वाले हैं।

  • नदी में गिरी बोलेरो गाड़ी, छह पुलिस कर्मचारियों समेत सात की मौत; चार घायल

    नदी में गिरी बोलेरो गाड़ी, छह पुलिस कर्मचारियों समेत सात की मौत; चार घायल

    चंबा

    हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में छह पुलिस कर्मचारियों समेत सात लोगों की मौत हो गई।  तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर तरवाई पुल के पास बोलेरो गाड़ी सड़क से लुढ़क कर बैरा नदी में जा गिरी। हादसे में सात लोगों की जान चली गई। चार लोग घायल हैं। बोलेरो गाड़ी मंगली से तीसा की ओर रही थी कि अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया।

    एसडीएम जोगिंद्र पटियाल ने बताया कि 6 पुलिस कर्मचारियों समेत 7 लोगों की मौत हुई है। तीन घायलों को मेडिकल कालेज चंबा रैफर किया गया है। एक सिविल अस्पताल तीसा में उपचाराधीन है। हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

  • उड़ान भरते समय गिरा पैराग्लाइडर, इजरायल की महिला पर्यटक समेत दो घायल

    उड़ान भरते समय गिरा पैराग्लाइडर, इजरायल की महिला पर्यटक समेत दो घायल

     कुल्लू

    लाहौल के गोंधला के टिलिंग टॉप पर एक पैराग्लाइडर हादसे का शिकार हो गया। उड़ान भरते समय गिरे पैराग्लाइडर में सवार दो लोग घायल हो गए हैं। इसमें पायलट कुलदीप तथा इजरायल की महिला पर्यटक शिरल (28) घायल हुए हैं। दोनों को उपचार के लिए केलांग अस्पताल लाया जा रहा है।

    वहीं, इन दिनों बरसात के चलते 15 जुलाई से 15 सितंबर तक तक पैराग्लाइडिंग के साथ सभी तरह की साहसिक गतिविधियां बंद है। बावजूद लाहौल में नियमों को ताक पर रखते हुए पैराग्लाइडिंग की जा रही है।

  •  रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत

     रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत

    ऊंचाहार। रायबरेली।  लखनऊ प्रयागराज मार्ग पर कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक सवार युवक के बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। घटना में बाइक सवार युवक की मौके पर ही गिरकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
           बंधवा मजरे अरखा निवासी राम लखन सोमवार की सुबह किसी आवश्यक कार्य से ऊंचाहार कस्बा आया हुआ था। जहां से वापस घर लौट रहा था। तभी लखनऊ प्रयागराज मार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लखनऊ की ओर से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने पीछे से उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। घटना में बाइक सवार युवक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। और कुछ ही पलों में उसके प्राण पखेरू उड़ गए। वहीं बस चालक बस लेकर मौके से भागने में कामयाब रहा। कोतवाल आदर्श सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। प्रार्थना पत्र मिलने के बाद बस चालक पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
  • कन्नौज में भीषण हादसा: नशे में धुत कंटेनर चालक ने तीन को रौंदा

    कन्नौज में भीषण हादसा: नशे में धुत कंटेनर चालक ने तीन को रौंदा

    कन्नौज

    कन्नौज जिले के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ से परचून का सामान लादकर दिल्ली जा रहे कंटेनर के चालक ने शराब के नशे में जीटी रोड पर आम नगला गांव के सामने तीन लोगों को रौंद दिया। हादसे के बाद कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में दो पल्लेदारों की मौत हो गई। वहीं, चौकीदार को गंभीर हालत में 100 शैया अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों पल्लेदारों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।  क्षेत्र के ग्राम महमूदपुर खास निवासी सुनील बाथम (34), ग्राम कुंअरपुर बनवारी निवासी विपिन कुमार जाटव (29) जीटी रोड पर आम का नगला गांव के सामने लता कोल्ड स्टोरेज में पल्लेदार है तथा ग्राम महमूदपुर कीरत निवासी सत्यपाल (30) चौकीदारी करता हैं। रविवार की दोपहर लखनऊ से परचून का सामान लादकर कंटेनर दिल्ली जा रहा था।

    घायल को मेडिकल कॉलेज तिर्वा किया रेफर
    कंटेनर के चालक ने शराब के नशे में धुत होकर तेजी व लापरवाही से चलाते हुए तीनों को रौंद दिया। हादसे के बाद तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को एबुलेंस से 100 शैया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने सुनील व विपिन कुमार को मृत घोषित कर दिया और सत्यपाल को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया।

    शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
    हादसे के बाद मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। पल्लेदारों के शवों पर उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सूचना पाकर पुलिस अस्पताल पहुंच गई और दोनों पल्लेदारों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में कोतवाल अजय कुमार पाठक ने बताया कि दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। मामले में जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

  • चंबा में नाले में बहने से बच्चे की मौत, मंडी में मलबे में दबी कार, बाल-बाल बचे सवार

    चंबा में नाले में बहने से बच्चे की मौत, मंडी में मलबे में दबी कार, बाल-बाल बचे सवार

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के दौर के बीच कहीं भूस्खलन तो कहीं जानमाल की हानि होने का दौर जारी है। चंबा जिला के भटियात में उफनते नाले में आठ साल का एक बच्चा बह गया। करीब आधा किलोमीटर दूरी पर नाले में उसका शव मिला। वह मां के साथ गोशाला तक गया था। वापस आते हुए उसका पैर फिसला और नाले में जा गिरा। उधर, मंडी के रिवालसर में एक गाड़ी मलबे में दब गई। इसमें सवार चार लोग मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे।

    लाहौल-स्पीति में ग्रांफू से काजा सड़क फोर बाई फोर वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। वहीं, चंबा-होली मार्ग चोली के पास भूस्खलन होने से 14 घंटे बंद रहा। शनिवार रात 9:00 बजे बंद हुआ मार्ग रविवार सुबह 11:00 बजे बहाल हुआ। उधर, कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच अभी भी बहाल नहीं हो पाया है। चक्कीमोड़ में ढहे हिस्से से सड़क को निकालने के प्रयास जारी हैं। अब यहां पर निचली ओर मिट्टी को गिराकर मैदान जैसा बनाया जा रहा है।

    जिस पर से अस्थायी सड़क बनाई जाएगी। दावा किया जा रहा है कि सोमवार दोपहर तक यहां से छोटे वाहनों को गुजारा जाएगा। मलाणा पावर प्रोजेक्ट-दो के ओवर फ्लो डैम के दो सप्ताह बाद भी गेट नहीं खुल पाए। मंडी जिला में शनिवार रात को हुई भारी बारिश के चलते बल्ह क्षेत्र के रिवालसर के विकासनगर गांव में एक गाड़ी मलबे में दब गई। हालांकि गाड़ी में सवार चार लोग बाल-बाल बचे। इस क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के चलते भारी नुकसान हुआ है।

    रविवार दोपहर बाद जिला में बारिश के चलते सरकाघाट, नाचन, सराज, सुंदरनगर और धर्मपुर में कुछ स्थानों पर भूस्खलन हुआ। मंडी में भी बारिश के चलते कुछ स्थानों पर मलबा सड़कों पर गिरा है। सरकाघाट के तहत पटड़ीघाट-गोभड़ता सड़क का डंगा डरने से धनेड़ गांव में एक घर की दीवार को क्षति पहुंची। मनाली में दोपहर बाद बारिश हुई, जबकि अन्य क्षेत्रों में बादल छाए रहे।

    नेशनल हाईवे तीन मनाली-लेह मार्ग सभी प्रकार के वाहनों के लिए खुला रहा, जबकि ग्रांफू से काजा सड़क में सिर्फ फोर बाई फोर वाहनों को आवाजाही की अनुमति ही रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सोमवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। हालांकि, किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं, प्रदेश सरकार और प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के करीब न जाने की सलाह दी है।

  • सिमरोल घाट की खाई मेें गिरी कार, एयरबैग खुलने से बची चालक की जान

    सिमरोल घाट की खाई मेें गिरी कार, एयरबैग खुलने से बची चालक की जान

    इंदौर

    सिमरोल के भैरव घाट में शुक्रवार को फिर एक हादसा हो गया। इंदौर से ओंकारेश्वर जा रही एक कार असंतुलित होकर खाई में गिर गई। कार में युवक अकेला था। हादसे के बाद कार के एयर बैग खुल गए, इसलिए युवक को ज्यादा चोटें नहीं आईं। खाई में गिरी कार में फंसे युवक को बचाने के लिए कुछ लोग खाई में उतरे और युवक को कार से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया।

    हादसा शुक्रवार दोपहर महू के सिमरोल के भैरव घाट में हुआ। कार में बैठे युवक ने कार पर नियंत्रण खो दिया और युवक कार सहित खाई में जा गिरा। इसके बाद राहगीरों ने खाई में उतरकर कार में फंसे युवक की जान बचाई। युवक को खाई से ऊपर लाकर 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा। लोगों ने बताया कि खाई में गिरने के बाद कार के एयर बैग खुल गए। इसी वजह से युवक की जान बच गई। इस मार्ग को फोरलेन किया जा रहा है। निर्माण के दौरान अक्सर जाम लगता है और हाल ही में कई हादसे भी हो चुके हैं।

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार की टक्कर, दिल्ली के युवक की मौत

    ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार की टक्कर, दिल्ली के युवक की मौत

    हरिद्वार। कनखल थाना क्षेत्र में हाईवे पर दिल्ली के यात्रियों की एक कार ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। जिससे कार में सवार एक युवक की मौत हो गई। पांच यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव बुधवार को शव परिजनों को सौंप दिया।
    पुलिस के अनुसार, मंगलवार की देर रात गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के गेट के सामने हाईवे पर अचानक एक कार आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। पीछे से कार ट्राली में घुसते हुए पलट गई और ट्राली भी घूमकर आगे की पहुंच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार में सवार छह लोगों को बाहर निकलवाया। कार में आगे की तरफ बैठे युवक को गंभीर हालत में तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल में भिजवाया गया।

    जहां चिकित्सकों ने मोहित सोलंकी (28 वर्ष) पुत्र सतपाल सोलंकी निवासी नसीरपुर नई दिल्ली को मृत घोषित कर दिया। कनखल थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि कार में छह लोग सवार थे। जिनमें एक की मौत हो गई जबकि पांच बिल्कुल ठीक हैं। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।