Author: News Editor

  • डॉ. भीमराव आंबेडकर भारत के पहले कामध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस के बीच होगा गठबंधन! शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत, जल्द हो सकता है एलान

    डॉ. भीमराव आंबेडकर भारत के पहले कामध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस के बीच होगा गठबंधन! शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत, जल्द हो सकता है एलान

    डॉ. भीमराव आंबेडकर भारत के पहले कामध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस के बीच होगा गठबंधन! शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत, जल्द हो सकता है एलान

    लखनऊ

    मध्य प्रदेश में 25-30 सीटों पर यादव मतदाता निर्णायक माने जाते हैं। हालांकि, करीब 50 सीटों पर इनकी ठीक-ठाक संख्या है। वहां मुस्लिमों का रुझान कांग्रेस के प्रति है, पर यादव मतदाताओं पर भाजपा की अच्छी पकड़ मानी जाती है।

    मध्य प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बनाई है। इसके तहत वोट प्लस करने वाले अन्य दलों को साथ लाने की उसकी योजना है।
    यूं तो मध्य प्रदेश में सपा का कोई बड़ा जनाधार नहीं है, लेकिन यादव बहुल कई सीटों पर उसका पहले से ही अच्छा दखल रहा है।

    साल 2003 के विधानसभा चुनाव में सपा सात सीटें जीत भी चुकी है। पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने बिजावर सीट जीती थी, जबकि पांच सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी। सूत्रों के मुताबिक, इन छह सीटों के अलावा चार अन्य सीटें सपा गठबंधन के तहत मांग रही है।
    2018 के चुनाव में सपा ने कुछ सीटों पर किया था बेहतर प्रदर्शन
    सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि 2018 के चुनाव में सपा के बेहतर प्रदर्शन वाली सीटों को देने में कांग्रेस को कोई दिक्कत भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि पिछले चुनाव में इन सीटों पर मुख्य मुकाबला सपा व भाजपा के बीच रहा था। कांग्रेस आमने-सामने की लड़ाई में नहीं थी।
    दोनों पार्टियों के प्रमुख नेता साझा करेंगे मंच
    राज्य में सपा व कांग्रेस गठबंधन के पैरोकारों का कहना है कि दोनों पार्टियों के साथ आने पर अखिलेश यादव समेत सभी प्रमुख नेता साझा मंच से प्रचार करेंगे तो यादव मतदाताओं को साथ लाने में मदद मिलेगी। इससे अंततः कांग्रेस को ही फायदा होगा। दूसरी ओर सपा राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने की ओर बढ़ेगी।
    मध्य प्रदेश में गठबंधन की चल रही बात: जावेद
    विपक्षी गठबंधन इंडिया की समन्वय समिति में सपा की ओर से सदस्य व राज्यसभा सांसद जावेद अली खान स्वीकार करते हैं कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में साझेदारी के लिए सपा और कांग्रेस के बीच बात चल रही है। अगर बातचीत नतीजे पर पहुंचती है तो यह दोनों दलों के लिए फायदेमंद होगा।
    दबाव की रणनीति के साथ आगे बढ़ रही सपा
    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 27 व 28 सितंबर को मध्य प्रदेश के दौरे पर रहे थे। उन्होंने वहां जातीय जनगणना के कांग्रेस के समर्थन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना बताया था। साथ ही यह भी कहा था कि जिसे कांग्रेस टिकट न दे, उसे सपा चुनाव लड़ा सकती है।

    राजनीतिक हलकों में इसे दबाव की राजनीति माना जा रहा है, ताकि कुछ खास हिस्सों में अपनी पकड़ दिखाते हुए यह भी अहसास करा दिया जाए कि गठबंधन पर बात न बनने पर मध्य प्रदेश में सपा किस हद तक जा सकती है। इसी रणनीति के तहत सपा छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।

  • अगर दिखना है खूबसूरत तो गाउन पहनते वक्त ना करें ये गलतियांं

    अगर दिखना है खूबसूरत तो गाउन पहनते वक्त ना करें ये गलतियांं

    अगर दिखना है खूबसूरत तो गाउन पहनते वक्त ना करें ये गलतियांं
    नई दिल्ली शादी विवाह के कार्यक्रमों में महिलाओं को गाउन पहनना काफी पसंद होता है। गाउन एक ऐसा परिधान होता है, जिसे कम उम्र की लड़कियों के साथ-साथ महिलाएं तक काफी मन से पहनती हैं। ये पहनने में काफी कंर्फटेबल होता है। महिलाओं के लिए साड़ी को संभालना बेहद मुश्किल होता है और वहीं सूट का दुपट्टा संभालना काफी कठिन होता है, इसलिए महिलाओं को गाउन पहनना पसंद होता है।

    वैसे तो गाउन पहनना बेहद आसान होता है लेकिन कई महिलाएं गाउन पहनते वक्त भी कुछ ऐसी गलतियां कर देती हैं, जिससे उनका लुक खराब हो जाता है। दरअसल, जिस प्रकार से साड़ी और सूट पहनने का सही तरीका होता है, ठीक उसी प्रकार गाउन पहनते वक्त भी कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में आज के लेख में हम आपको उन बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान आपको गाउन पहनते वक्त रखना है।

    बहुत सी महिलाएं ऐसी होती हैं जो लहंगे और गाउन को दोनों को एक ही तरह से कैरी करती हैं। उन्हें लगता है कि अगर गाउन के साथ लहंगे के जैसा दुपट्टा कैरी कर लेंगी तो उन का लुक एथनिक हो जाएगा। जबकि गाउन और लहंगे दोनों के साथ अलग तरीके की ज्वेलरी पहनी जाती है और अलग तरह से ही मेकअप किया जाता है।

    गाउन पहनते वक्त ये ध्यान रखें कि आप इसके साथ लहंगे की तरह हैवी ज्वेलरी कैरी नहीं कर सकतीं। गाउन के साथ हैवी ज्वेलरी आपके लुक को बिगाड़ सकती है। ऐसे में गाउन के लुक को परफेक्ट बनाने के लिए हल्की ज्वेलरी का ही चयन करें।

    हील्स पर दें ध्यान

    गाउन के साथ परफेक्ट लुक पाने के लिए आपको हील्स पहनते वक्त कई बातों का ध्यान रखना है। अगर आपका गाउन काफी ज्यादा हैवी है तो ध्यान रखें कि हाई हील्स आपको परेशानी में डाल सकती हैं। ऐसे में गाउन के हिसाब से ही फुटवियर का चयन करें।

    हेयर स्टाइल को गाउन के हिसाब से करें सेट

    गाउन पहनने के बाद ये कुछ प्यारी सी हेयर स्टाइल जरूर बनाएं। अगर आप ऐसा करेंगी तो आपका लुक काफी खूबसरत लगेगा। हर जगह खुले बाल रखने से लुक खराब हो सकता है। कई बार खुले बाल आपके गाउन में अटक भी सकते हैं।

    मेकअप का रखें ध्यान

    अक्सर महिलाएं खूबसूरत दिखने के लिए डार्क मेकअप कर लेती हैं, जबकि आपको मेकअप करते वक्त अपने गाउन के रंग और कढ़ाई पर खास ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपका लुक बिगड़े ना।

  • युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    लखनऊ
    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे लोकसभा चुनाव की तैयारी के वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने पर नाराजगी है, लेकिन अंदरखाने में इसे लेकर हलचल मच गई है। ओमवीर का इस्तीफा युवक कांग्रेस के बीच आंतरिक कलह की ओर इशारा कर रही है।
    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे लोकसभा चुनाव की तैयारी के वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने पर नाराजगी है, लेकिन अंदरखाने में इसे लेकर हलचल मच गई है। ओमवीर का इस्तीफा युवक कांग्रेस के बीच आंतरिक कलह की ओर इशारा कर रही है। फिलहाल ओमवीर ने भावनात्मक पत्र के साथ अपना इस्तीफा युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं को भेजा है।

     

    प्रदेश में 21 सितंबर से युवक कांग्रेस की आनलाइन चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई है। नवंबर तक सदस्यता अभियान के बाद दिसंबर में चुनाव होना है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिलाध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराया जा रहा है। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजे इस्तीफे में लिखा है कि लोकसभा चुनाव तक संगठनात्मक चुनाव पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है।

    पत्र में बताया है कि वह 13 साल पहले युवक कांग्रेस में सियासी सफर शुरू किए और छह साल से प्रदेश अध्यक्ष हैं। कई राज्यों में विधानसभा चुनाव सिर पर है और लोकसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। ऐसे में संगठनात्मक चुनाव की घोषणा करने से पहले उनसे एक बार भी पूछा नहीं गया। उनके ख्याल से इस वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने से पदाधिकारियों के बीच आपसी टकराव होगा, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा। राजनीतिक हालात कांग्रेस के पक्ष में हैं। ऐसे में चुनाव कराने के बजाय युवाओं की पूरी ऊर्जा लोकसभा चुनाव में लगानी चाहिए। ताकि प्रदेश के नेताओं में किसी तरह की गुटबाजी न हो।

    संगठनात्मक चुनाव से बढ़ी उदासी
    ओमवीर ने पत्र में लिखा है कि युवक कांग्रेस के सदस्य हर आंदोलन में आगे रहे हैं। उनमें लड़ने का सपना है, लेकिन जब से लोकसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई है तब से वे उदास हैं। यह उदासी पार्टी के लिए नुकसानदेह है। क्योंकि संगठनात्मक चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही साथियों के सामने प्रतिद्वंदी की भूमिका में होंगे।

  • बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    लखनऊ
    लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा (एनडीए) ने 80 में 11 (13.75 प्रतिशत) सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था। इनमें 10 भाजपा और एक अपना दल एस की प्रत्याशी थीं।

    लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी चयन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का असर देखने को मिलेगा। पार्टी ने कथनी और करनी को एक साबित करने के लिए 20 से 30 फीसदी तक महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी की है। ऐसे अधिनियम के असर से प्रदेश के कई मौजूदा दिग्गज सांसदों के टिकट कट जाएंगे। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा (एनडीए) ने 80 में 11 (13.75 प्रतिशत) सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था। इनमें 10 भाजपा और एक अपना दल एस की प्रत्याशी थीं। प्रदेश में एनडीए के 66 लोकसभा सदस्यों में से 57 पुरुष और 9 महिला सांसद हैं। इनमें भाजपा की आठ व अपना दल एस की एक प्रत्याशी ने चुनाव जीता था। इनमें अमेठी से भाजपा सांसद स्मृति ईरानी, फतेहपुर से भाजपा सांसद साध्वी निरंजन ज्योति और मिर्जापुर से अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार में मंत्री भी हैं।

    नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद भाजपा में चर्चा तेज है कि लोकसभा चुनाव में महिला प्रत्याशियों की संख्या 20 से 25 तक हो सकती है। सपा की ओर से 20 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की घोषणा के बाद भाजपा पर महिलाओं को ज्यादा टिकट देने का दबाव बनेगा। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रदेश में महिला प्रत्याशी बढ़ने से दस से पंद्रह मौजूदा दिग्गज सांसदों के टिकट कट सकते हैं।

    कमजोर सीटों पर भी महिला शक्ति का दांव
    सूत्रों के मुताबिक जातीय समीकरण के हिसाब से कमजोर मानी जाने वाली सीटों पर भी भाजपा महिला प्रत्याशी को उतारकर नारी शक्ति का दांव चल सकती है।

    पत्नी, बेटी को टिकट की बढ़ सकती है मांग
    सूत्रों के मुताबिक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के कारण जब पुरुष सांसदों के टिकट काटे जाएंगे तो वे अपनी सीट पर पत्नी या बेटी को टिकट देने का दबाव बनाएंगे। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की कड़ी परीक्षा होगी कि वह परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं या नए चेहरों को मौका देकर महिलाओं के बीच नया नेतृत्व खड़ा करने की कोशिश करते हैं।

    गठबंधन को भी मिल सकती है महिला प्रत्याशी
    भाजपा सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में एनडीए के सहयोगी अपना दल (एस), सुभासपा और निषाद पार्टी को भी सीटें मिलेंगी। ऐसे में भाजपा सहयोगी दलों के कोटे वाली सीटों पर भी महिला प्रत्याशी उतारने का दबाव बना सकती है।

    इन महिलाओं के सिर बंधा था जीत का ताज
    वर्ष 2019 के चुनाव में एनडीए की सहयोगी अपना दल एस की अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से चुनाव जीती थीं। बदायूं से भाजपा की संघमित्रा मौर्या, मथुरा से हेमा मालिनी, फूलपुर से केसरी देवी पटेल, सुल्तानपुर से मेनका गांधी, फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति, धौरहरा से रेखा वर्मा, अमेठी से स्मृति ईरानी, प्रयागराज से डॉ. रीता बहुगुणा जोशी सांसद चुनी गई थी। वहीं रामपुर से भाजपा प्रत्याशी फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा और लालगंज से नीलम सोनकर चुनाव हार गईं थीं।

  • यूपी में बनेंगे कार्गो टर्मिनल और ट्रकर्स पार्क, निवेशकों को मिलेगी बड़ी रियायत, ये है पूरा प्लान

    यूपी में बनेंगे कार्गो टर्मिनल और ट्रकर्स पार्क, निवेशकों को मिलेगी बड़ी रियायत, ये है पूरा प्लान

    यूपी में बनेंगे कार्गो टर्मिनल और ट्रकर्स पार्क, निवेशकों को मिलेगी बड़ी रियायत, ये है पूरा प्लान

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में कार्गो टर्मिनल और ट्रकर्स पार्क बनेंगे। निवेशक करने वालों को बड़ी रियायत मिलेगी। परिवहन विभाग ने नीति जारी कर दी है। क्रियान्वयन इकाई बनाई गई है। मूल्यांकन समिति भी गठित कर दी गई है।

    प्रदेश में सस्ते और प्रदूषण मुक्त अंतर्देशीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्गो टर्मिनल, ट्रकर्स पार्क, बर्थिंग टर्मिनल और इन्लैंड बैसल बनाए जाएंगे। परिवहन विभाग ने उप्र. वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक पॉलिसी के तहत इन क्षेत्रों में निवेश आमंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

     

     

     

    प्रदेश में राष्ट्रीय जलमार्ग के क्षेत्र में अंतर्देशीय पोत संचालन को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार नीति लेकर आई है। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी से पोत संचालन के साथ बर्थिंग और कार्गो टर्मिनल भी स्थापित किए जाएंगे। एक्सप्रेसवे और हाइवे पर ट्रक चालकों की सुविधा के लिए ट्रकर्स पार्क भी बनाए जाएंगे।

    नीति के संचालन के लिए परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में छह सदस्यीय नीति क्रियान्वयन इकाई बनाई गई है। आवेदनों के मूल्यांकन के लिए परिवहन आयुक्त की ही अध्यक्षता में दस सदस्यीय समिति बनाई गई है।

    बर्थिंग टर्मिनल
    राष्ट्रीय जलमार्ग के किनारे सामान्य उपयोग की सुविधा के लिए 5000 टन क्षमता के टर्मिनल स्थापित किए जाएंगे। यहां भूमि की लागत को छोड़कर 20 करोड़ का पूंजी निवेश करना होगा। यहां पर कार्गो और अंतर्देशीय पोतों में माल भरने और खाली करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस क्षेत्र में पहली छह परियोजनाओं में निवेश करने वालों को 30 वर्ष के लिए भूमि बिल्ड ऑन ऑपरेट ट्रांसफर (बीओओटी) आधार पर दी जाएगी। पूंजी निवेश पर 20 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दी जाएगी।

    कार्गो टर्मिनल
    भूमि की लागत को छोड़कर 20 करोड़ के निवेश से 10 एकड़ भूमि पर ग्रीनफील्ड कार्गो टर्मिनल बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में पहली 25 परियोजनाओं में निवेश करने वालों को 30 वर्ष के लिए भूमि बीओओटी के आधार पर मिलेगी। 15 करोड़ तक निवेश पर 20 प्रतिशत सब्सिडी भी दी जाएगी। इन क्षेत्रों में खनिजों और उप खनिजों के भंडारण की सुविधा भी मिलेगी।

    ट्रकर्स पार्क
    राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, स्टेट हाइवे और प्रमुख फ्रेट मार्गों पर सड़क के दोनों ओर न्यूनतम दो किमी की दूरी में ट्रकों के लिए दस एकड़ में पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। यहां 85 फीसदी भूमि ट्रकों की पार्किंग के लिए होगी, शेष 15 प्रतिशत भूमि पर आवास, विश्राम और वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित होंगी। इस क्षेत्र में निवेश करने वालों को भूमि की खरीद पर स्टांप ड्यूटी में शत प्रतिशत छूट मिलेगी। भू उपयोग परिवर्तन में 75 प्रतिशत छूट दी जाएगी। विकास शुल्क में 75 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
    अंतर्देशीय पोत सुविधाएं
    राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के क्षेत्र में 500 टन क्षमता के पोत संचालित किए जाएंगे। इसके लिए पोत खरीद पर 25 प्रतिशत (अधिकतम 5 करोड़ रुपये) सब्सिडी दी जाएगी।

  • विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    लखनऊ
    हाईकोर्ट में इस संबंध में सुशील कुमार व अन्य की तरफ से दाखिल हुई याचिका पर सुनवाई करने के बाद अदालत ने
    विधानसभा और विधान परिषद सचिवालय में हुई भर्तियों में फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने इसकी प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज कर ली है। जल्द दोनों जगहों पर हुई भर्तियों के दस्तावेज जुटाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को तलब कर पूछताछ करने की तैयारी है।

    बता दें कि हाईकोर्ट में इस संबंध में सुशील कुमार व अन्य की तरफ से दाखिल हुई याचिका पर सुनवाई करने के बाद अदालत ने पूरे प्रकरण का स्वत: संज्ञान लेते हुए भर्तियों में धांधली की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। अदालत ने सीबीआई को आदेश मिलने के छह हफ्ते के बाद अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, जिसके बाद प्रारंभिक जांच दर्ज कर ली गयी है। उल्लेखनीय है कि याचिका में वर्ष 2020 में विधान परिषद में हुई भर्तियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि अदालत ने इसे जनहित से जुड़ा मामला करार देते हुए विधान परिषद के साथ विधान सभा सचिवालय में हुई भर्तियों की जांच भी कराने का आदेश दिया है।

    चयन कंपनी पर कसेगा शिकंजा
    विधान परिषद सचिवालय में भर्तियां करने के लिए नामित की गयी कंपनी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड पर भी सीबीआई शिकंजा कसने जा रही है। उल्लेखनीय है कि कंपनी के एक निदेशक की पत्नी भावना यादव का भी समीक्षा अधिकारी के पद पर चयन हुआ था। कंपनी का संचालक एक पूर्व सभापति का रिश्तेदार बताया जाता है।

     

  • अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    लखनऊ
    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस्कॉन को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कहा कि यह किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत है। इस पर भाजपा सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे बड़े मंदिर संगठन कहे जाने वाले इस्कॉन पर लगाए गए आरोपों को वीभत्स करार दिया है और इस पर भाजपाइयों से जवाब मांगा है।

     

    उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स (पहले ट्वटिर) पर कहा कि भाजपाइयों ने पहले भूमाफ़ियों से मिलकर राधास्वामी सत्संग को निशाना बनाया और भाजपा के लोग अब गोपालक भगवान कृष्ण के उपासकों पर ही कसाइयों को गाय बेचने का वीभत्स आरोप लगा रहे हैं।

     

    विश्वभर के इस्कॉन के अनुयायी इस आरोप से व्यथित और दुखी हैं। भाजपा सरकार को स्पष्टीकरण देना ही होगा क्योंकि इसका संबंध सिर्फ़ प्रदेश व देश से ही नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय छवि से भी है क्योंकि कृष्ण चेतना को समर्पित इस्कॉन का विस्तार सम्पूर्ण विश्व में है।

    जनता का सवाल ये है कि भाजपा के लोग किस वजह से समाज में ऐसा वैमनस्य फैलाना चाहते हैं और किसके कहने पर? इस्कॉन पर आरोप किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत है।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का इस्कॉन को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में मेनका को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘भारत में इस समय सबसे बड़ा धोखेबाज इस्कॉन है। उन्होंने गोशालाएं स्थापित कीं, जिन्हें चलाने के लिए उन्हें सरकार की तरफ से अनगिनत फायदे मिलते हैं। उन्हें बड़ी जमीनें मिलती हैं।’ इस पर विवाद खड़ा हो गया है।

  • राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    लखनऊ
    डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने बताया कि राम की पैड़ी के सभी घाटों व चौधरी चरण सिंह घाट के सभी चिह्नित स्थानों पर 24 लाख दीये 25 हजार स्वयंसेवकों की मदद से प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए 21 समितियां बना दी गई हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने की कवायद की जा रही है।

    कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर संयोजकों, सह-संयोजकों व अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में कुलपति ने तैयारियों का खाका खींचा व जानकारी प्राप्त की। प्रो. प्रतिभा गोयल ने बताया कि राम की पैड़ी पर शासन द्वारा 11 नवंबर को 21 लाख दीये जलाने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

     

    इस संबन्ध में आवासीय परिसर, सम्बद्ध महाविद्यालयों व इंटर कॉलेजों के प्राचार्यों से घाट समन्वयक व स्वयंसेवकों की सूची मांगी जा रही है। कुलपति ने बताया कि राम की पैड़ी के सभी घाटों एवं चौधरी चरण सिंह घाट के सभी चिह्नित स्थानों पर 24 लाख दीये 25 हजार स्वयंसेवकों की मदद से सजेंगे।

    उन्होंने बताया कि दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए 21 समितियां बना दी गई। सभी समिति एक दूसरे से सामंजस्य बनाते हुए पिछला रिकार्ड तोड़कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करेगी। बैठक में वित्त अधिकारी पुणेंदू शुक्ल, कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक उमानाथ, मुख्य नियंता प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्र, डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी, डॉ. रामजी सिंह, डॉ. त्रिलोकी यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

    47 घाटों पर सजाए जाएंगे दीये
    दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने अयोध्या के प्रान्तीयकृत दीपोत्सव पर पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि राम की पैड़ी के स्थलों का जिला प्रशासन के समन्वय में निरीक्षण किया गया है। शीघ्र ही मैपिंग का खाका खींच लिया जायेगा। इस बार 47 घाटों पर दीये सजाने व प्रज्ज्वलित करने का कार्य किया जायेगा। सभी समितियां शीघ्र ही कार्यों को अंतिम रूप देना शुरू कर देंगी।

  • -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात  – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात

    – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में एस जयशंकर ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान और कनाडा को आइना दिखाया। विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने भाषण में जी20 की कामयाबी की बात तो की ही। लेकिन जयशंकर ने खालिस्तानी आतंकियों की पनाहगाह बने कनाडा का भी मुद्दा छेड़ा। यूएन सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत आतंकवाद को पनाह देने वाले देशो के खिलाफ भारत मुखर रहा है। ऐसे देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। लेकिन अब इस लिस्ट में कनाडा भी जुड़ गया है। एस जयशंकर ने हरदीप सिंह निज्जर को लेकर कनाडा विवाद के बीच न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि सियासी सबूलियत के हिसाब से आतंकवाद, चरमपंथ और हिंसा पर एक्शन नहीं लेना चाहिए। अपनी सहूलियत के हिसाब से क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं हो सकता।

    विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि भारत की ओर से नमस्ते। विश्वास के पुनर्निर्माण और वैश्विक एकजुटता को फिर से जगाने के इस यूएनजीए के विषय को हमारा पूरा समर्थन है। यह हमारी आकांक्षाओं और लक्ष्यों को साझा करते हुए हमारी उपलब्धियों और चुनौतियों का जायजा लेने का एक अवसर है। वास्तव में दोनों के संबंध में भारत के पास साझा करने के लिए बहुत कुछ है। एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया अभूतपूर्व तनाव के दौर से गुजर रही है। इसके साथ ही कहा कि भारत अपनी जिम्मेदारी को भलि-भांति समझता है। भारत ने जी20 की अध्यक्षता की। कूटनीति और बातचीत ही तनाव को कम कर सकता है। विकासशील देश तनाव से गुजर रहे हैं। ईस्ट वेस्ट नार्थ साउथ में गैर बराबरी है।

    एस जयशंकर ने कहा कि अब अन्य देशों की बात भी सुननी पड़ेगी और केवल कुछ देशों का एजेंडा नहीं चल सकता है। दिल्ली में जी20 समिट में कई रिफॉर्म किए गए। इससे हमें 125 देशों से सीधे सुनने और उनकी चिंताओं को जी20 एजेंडा पर रखने में सक्षम बनाया गया। परिणामस्वरूप, जो मुद्दे सामने आए वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लायक को निष्पक्ष सुनवाई मिली। इससे भी अधिक, विचार-विमर्श ने ऐसे परिणाम दिए जो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए बहुत महत्व रखते हैं। एस जयशंकर ने कहा कि जी20 में ग्लोबल साउथ की आवाज हमने उठाई। भारत की पहल पर अफ्रीकी संघ जी20 का सदस्य बना। जी20 के घोषणापत्र में सभी देशों की बात सुनी गई। इंडो पैसेफिक में क्वाड का अहम रोल है। विश्व मित्र की तरफ हम सभी बढ़े हैं।

    अपने विचार-विमर्श में हम अक्सर नियम-आधारित आदेश को बढ़ावा देने की वकालत करते हैं। इसमें समय-समय पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान भी शामिल है। लेकिन सारी बातचीत के लिए, अभी भी कुछ राष्ट्र ही एजेंडा को आकार देते हैं और मानदंडों को परिभाषित करना चाहते हैं। यह अनिश्चित काल तक नहीं चल सकता और न ही इसे चुनौती दिए बिना जारी रखा जा सकता है। एक बार जब हम सब इस पर ध्यान देंगे तो एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और लोकतांत्रिक व्यवस्था निश्चित रूप से सामने आएगी।

  • रोप वे के लिए पोमा ग्रुप के साथ 2000 करोड़ रु का समझौता

    रोप वे के लिए पोमा ग्रुप के साथ 2000 करोड़ रु का समझौता

    रोप वे के लिए पोमा ग्रुप के साथ 2000 करोड़ रु का समझौता

    उत्तराखंड सरकार ने प्रसिद्ध पोमा ग्रुप के साथ दो हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए मंगलवार को लंदन में एक समझौता किया। यह समझौता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में हुआ है जो दिसंबर में राज्य में होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के लिए ब्रिटेन की राजधानी लंदन की यात्रा पर गए हुए हैं।

    यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, पोमा समूह उत्तराखंड में रोपवे निर्माण में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। राज्य सरकार की ओर से सचिव, उद्योग विनय शंकर पांडेय ने एमओयू पर दस्तखत किए।

    इससे पहले, मुख्यमंत्री धामी ने सभी निवेशकों को दिसंबर में प्रदेश में होने वाले निवेशक सम्मेलन के लिए उत्तराखंड आने का न्यौता दिया। लंदन के कई प्रमुख उद्योगपतियों के साथ एक बैठक में मुख्यमंत्री ने उनके साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

    धामी ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखंड में ‘इको फ्रेंडली’ पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। रोपवे निर्माण के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी पोमा ग्रुप उत्तराखंड में पहले भी रोपवे के क्षेत्र में काम कर चुका है।

    चमेाली जिले के औली रोपवे में पोमा ग्रुप ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया है जबकि इसके अलावा वर्तमान में भी पोमा देहरादून-मसूरी रोपवे एवं यमुनोत्री रोपवे परियोजनाओं में तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहा है।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पोमा ग्रुप द्वारा हरिद्वार समेत कई अन्य धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों में भी रोपवे के लिए तकनीकी सहयोग के वास्ते निवेश की इच्छा जाहिर की गई है।

    धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार का ध्यान पर्यटन के साथ-साथ पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था पर भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश के लिए ऐसे रास्तों की तलाश कर रही है जिसमें विकास और पर्यावरण का संतुलन बना रहे।

    इस संबंध में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जहां एक ओर रोपवे जैसी परियोजनाएं पर्यटकों को सुगमता प्रदान करेंगी वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के अवसरों का बढ़ाएंगी और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी यह बेहतर सिद्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां की कृषि और जलवायु अन्य राज्यों से भिन्न है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में यूरोप से लेकर विश्व के अन्य स्थानों में जैविक उत्पादों की विशेष मांग हैं और सम्मेलन के जरिए प्रदेश के उत्पादों को विश्व भर में प्रभावी रूप से पंहुचाया जा सकेगा। धामी ने कहा कि राज्य में दो नये शहर बसाने की योजना पर काम किया जा रहा है।