Author: cwsadmin

  • फिरोजाबाद : टोल प्लाजा पर लघुशंका को उतरीं सवारियों को छोड़कर चली गई बस, चालक की दबंगई पर महिला ने दिखाई ‘पावर’।

    फिरोजाबाद : टोल प्लाजा पर लघुशंका को उतरीं सवारियों को छोड़कर चली गई बस, चालक की दबंगई पर महिला ने दिखाई ‘पावर’।

    नोएडा से औरैया जा रही प्राइवेट स्लीपर कोच बस का चालक रविवार सुबह मथुरा टोल पर लघुशंका करने उतरे यात्रियों को छोड़कर चला गया। इस दौरान बस में सवार यात्रियों से मारपीट भी हुई। इस दौरान एक महिला ने 1090 पर काल कर दी। इसके बाद पुलिस ने शिकोहाबाद मैनपुरी चौराहे पर बस को पकड़ लिया।

    स्लीपर कोच बस नोएडा से औरैया जा रही थी,,,,,,,

    रविवार सुबह छह बजे एक बस नोएडा से औरैया जा रही थी। बस में काफी सवारियां थीं। मथुरा टोल के पास महिलाओं को लघु शंका होने पर वह बस से उतरकर चली गई। लेकिन बस के स्टाफ महिलाओं को छोड़कर जाने लगा तो महिलाओं के स्वजन ने इसका विरोध कर दिया आरोप है कि विरोध करने पर बस के स्टाफ ने उनसे मारपीट कर दी।

    शिकायत 1090 वूमेन हेल्प पावर पर शिकायत,,,,,,,

    एक महिला ने इस मामले की शिकायत 1090 वूमेन हेल्प पावर पर कर दी। जिससे पुलिस सक्रिय हो गई। बस को मैनपुरी चौराहा पर पकड़ लिया गया।

    इधर मथुरा टोल से यात्री दूसरी बस से शिकोहाबाद पहुंचे। पीड़ितों ने तहरीर दी है। बस में सावरियां अधिक होने के चलते उसे जाने दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • वाहन क्षेत्र में जुड़े निम्न/मध्यमवर्गीय का शोषण, सरकारें चुप आख़िर क्यों ?

    वाहन क्षेत्र में जुड़े निम्न/मध्यमवर्गीय का शोषण, सरकारें चुप आख़िर क्यों ?

    एनबीएफसी, प्रशासनिक अधिकारियों और न्यायतंत्र की मिलीभगत का दूसरा नाम ऑटो माफिया

    भारत देश में परिवहन क्षेत्र में लगकर अपना और अपने परिवार के भरण पोषण में लगे निम्नवर्गीय/मध्यमवर्गीय लोगो का खुल कर एनबीएफसी कंपनियों और ऑटो माफियाओं द्वारा शोषण और अत्याचार किसी से भी छुपा हुआ नही है ।

    सबसे बड़ी बात सबको (भारत सरकार, राज्य सरकारें, प्रशासनिक अधिकारी और न्यायतंत्र) इसकी पूर्ण जानकारी है फिर भी सभी साथ दे रहे हैं ऑटो माफिया और एनबीएफसी कंपनियों का, आख़िर क्यों !

    दिल्ली के परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा द्वारा अपने पद की ताकत का प्रयोग करते हुए दिल्ली में वाहनों के लिए कर्जा देने वाले बैंको, एनबीएफसी को परिवहन विभाग के साथ इंटीग्रेटेड होने पर बाध्य कर दिया पर जनहित और वाहन मालिको के हित का कही ध्यान नहीं रखा जबकि दुनिया मे इस कार्य को करने के लिए नाम दिया गया था जनहित में। यह तो आशीष कुंद्रा ही बेहतर समझा सकते है की इस कार्य को करने से किसका हित हुआ क्योंकी अधिकतर जनता/वाहन मालिकों को इसके होने के बाद से दिक्कतें बढ़ गई ।

    दिल्ली में ई रिक्शा / ऑटो खरीदने या अन्य कारणो से इन वाहनों पर कर्जा लेने के लिए ऑटो माफिया के चंगुल में फस जाते हैं क्योंकि सरकारी बैंक से उन्हें कर्जा नही मिल पाता।

    भारत सरकार के राजस्व मंत्रालय और रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के आदेशों/ दिशा निर्देशों को माने तो कोई भी कर्जा नगद राशि में लिया या दिया नही जा सकता पर ऑटो माफियाओं और एनबीएफसी कंपनियों पर शायद यह नियम/ आदेश/ दिशा निर्देश लागू नहीं होता या दूसरे शब्दो में उनकी पकड़ न्यायतंत्र, प्रशासनिक अधिकारियों और सरकारों से इतनी अधिक है की उन्हे इस नियम को दरकिनार करने से कोई दिक्कत नही।

    वाहन क्षेत्रों में इस तरह के पैसों के चलन से जनता की सुरक्षा को तो खतरा है ही पर शायद राज्य सरकारें, प्रशासनिक अधिकारी और न्यायतंत्र यह नही देखना चाहते की देश को भी खतरा (उग्रवादी, अलगाववादी, गलत प्रवृत्ति और नशे में) बनता है। काले धन का इतना बड़ा प्रवाह और सभी की जानकारी में होने के बावजूद फलीभूत होना साफ़ संदेश देता है की यह कार्य सभी की मिलीभगत से हो रहा है।

    इस बात को सभी के समक्ष सिद्ध करने के पुख्ता सबूत परिवहन विशेष समाचार पत्र कार्यालय में उपलव्ध, कुछ और सबूत प्राप्त करने हेतू मेहनत की जा रही है जिससे कुछ विशेष अधिकारियो, जिला अधिकारियो और नेताओं के नाम भी घोषित किए जा सके।

    संजय बाटला

  • डी.सी.बी.ए. की मासिक मैनेजमेंट कमेटी मीटिंग, जाने

    डी.सी.बी.ए. की मासिक मैनेजमेंट कमेटी मीटिंग, जाने

    दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन(पंजीकृत) की संपन्न हुई मैनेजमेंट कमेटी मीटिंग

    दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन सन 1962 से कार्य करने वाली सबसे संगठित संस्था है । होटल जे पी सिद्धार्थ राजिंद्र प्लेस में आज एसोसिएशन के चुने हुए मेनेजमेंट कमेटी पद्दाधिकारियो की बैठक बुलाई गई जिसमे सभी सदस्यों को दिल्ली एवम् अन्य राज्यो मे आने वाली समस्याओं पर विचार विमर्श कर आने वाली समस्याओं के समाधान की रणनीति बनाई गई।

    बैठक में अनेक मुद्दों पर परिचर्चा की गई पर मुख्य बात हिमाचल, जम्मू – कश्मीर आदी राज्यो मे ऑल इंडिया परमिट वाहनों जिनके सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार टैक्स जमा किए हुए है से दुबारा राज्य में एंट्री पर टैक्स मांगना और वाहनों में पैसेंजर लिस्ट उपल्ब्ध होने पर भी नियम के विरुद्ध जाकर वाहनों के चालान करना के लिए राज्य सरकारों के परिवहन आयुक्त एवम् मंत्री से बात कर बंद करवाना रहा।

    मासिक मीटिंग के इस अवसर पर टीम डीसीबीए द्वारा परिवहन विशेष हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के मुख्य संपादक संजय बाटला को सम्मानित किया।

    मैनेजमैंट कमेटी सदस्यों की बैठक अंदाजन 2 घण्टे तक चली और सभी सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर परिचर्चा कर शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई।