Author: cwsadmin
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सहरसा के महिषी में आज से मनाया जा रहा उग्रतारा महोत्सव
सहरसा जिले के महिषी में आज से उग्रतारा महोत्सव का आयोजन प्रारंभ हुआ। 4 नवंबर से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय इस आयोजन में स्थानीय कलाकार से लेकर बाहरी एवं राज्य स्तरीय कलाकार जमकर अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। आज के इस कार्यक्रम मैं बिहार के उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ अन्य मंत्री व कलाकार सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
कला संस्कृति मंत्रालय बिहार सरकार द्वारा मनाया जाने वाला यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों कि मनोबल को बढ़ाता है। महिषी के सर्वोदय मंडल प्रांगण में चल रहे या कार्यक्रम में आसपास के काफी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम का असर बगल के कोशी सेवा सदन प्रांगण मैं भी खूब दिखा। जिले के कई पदाधिकारियों के साथ साथ संस्था के डायरेक्टर राजेंद्र झा द्वारा वृक्षारोपण का अभियान चलाया गया। चाइल्ड लाइन सब सेंटर महिषी के टीम लीडर नीरज सादा के साथ-साथ टीम के सदस्य सुमन जी विनीता कुमारी पुष्पा कुमारी प्रमोद कुमारथाना प्रभारी स्थानीय मुखिया विधायक स्वतंत्रता सेनानी आदि ने मिलकर इस कार्यक्रम में अपना सहयोग किया।
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स्वाद की दुनिया में सीवान के लाल का धमाल
स्वाद में वह ताकत होती है, जो हर किसी को अपना मुरीद बना सकती है। …और जुनून में वह शक्ति होती है, जो कभी देश में रोजगार खोजने वाले एक युवक को अमेरिका में उद्यमी बनाकर रोजगार बांटने वाला बना देती है। अपने अथक परिश्रम, समर्पित प्रयास और सशक्त संकल्प के बूते सीवान के लाल श्री आनंद कुमार आज अमेरिका में शेफ आनंद के नाम से जाने जाते हैं। स्वाद से दुनिया फतह करने की सोच रखनेवाले सीवान के लाल ने अमेरिका में रेस्त्रां चेन की शुरुआत सेंट पॉवेल से किया, अभी तक वे दो रेस्तरां खोल चुके हैं और लक्ष्य दुनिया के हर बड़े शहर में स्वाद का जादू बिखेरने की है। शेफ आनंद के रेस्तरां का स्वाद इस समय अमेरिका में धूम मचा रहा है। शेफ आनंद के रेस्तरां के मुरीद बन गए हैं संयुक्त राज्य अमेरिका के ओहियो प्रांत के माननीय गवर्नर माइक डिवाइन भी।
सीवान शहर के श्रीनगर के मूल निवासी और स्वतंत्रता सेनानी बृजकिशोर बाबू के वंशज, बीएसएनएल इंजीनियर स्वर्गीय अनिल कुमार सिन्हा ( मणि बाबू) के द्वितीय सुपुत्र का अमेरिका के सेंट पॉवेल में स्थापित दूसरा रेस्टोरेंट ‘ अवध बाई शेफ आनंद’ स्वाद के आनंद से अमेरिकन लोगों को अभिभूत करता जा रहा है। इस रेस्तरां की लोकप्रियता का आलम यह है कि अमेरिका के ओहियो राज्य के गवर्नर भी अपने डिनर पार्टी के लिए इस रेस्तरां को ही पसंद करते हैं।
मशहूर शेफ आनंद की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि कोरोना महामारी के दौरान, जहां अन्य सभी रेस्तरां बंद हो गए वहीं ‘ अवध बाय शेफ आनंद’ रेस्तरां ने सभी प्रतिकूल स्थितियों का सामना करते हुए ओहिओ स्टेट के ऑफिसियल और आम जनता को अपनी सेवा प्रदान करता रहा, जो निश्चित तौर पर श्री आनंद कुमार के स्तरीय प्रबंधकीय और उद्यमी कौशल का परिचायक तथ्य ही रहा है। सीवान के शिक्षाविद् गणेश दत्त पाठक ने आनंद कुमार की उपलब्धि पर हर्ष जताया है।
स्वाद की दुनिया में छा जाने की हसरत
सीवान के लाल शेफ आनंद स्वाद की दुनिया में अपना अनोखा मुकाम कायम करने के लिए प्रयासरत हैं। उनका सपना दुनिया के बड़े शहरों में रेस्तरां की श्रृंखला स्थापित करने का है। शेफ आनंद स्वाद की दुनिया में शोहरत कायम करते जा रहे हैं। भारतीय व्यंजनों के साथ अन्य व्यंजनों के स्वाद के माध्यम से अमेरिकन को अपना मुरीद बनाते जा रहे हैं। शेफ आनंद के कौशल और उद्यमिता के सम्मान स्वरूप अमेरिकी सरकार ने अपनी नागरिकता प्रदान कर दी है लेकिन आज भी उनके दिल में हिंदुस्तान तो बसता ही है।
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बड़हरिया में बदमाशों ने रंगदारी को लेकर व्यवसायी को मारी दो गोलियां
बड़हरिया में बदमाशों ने रंगदारी को लेकर व्यवसायी को मारी दो गोलियां
*पूर्व में कपड़ा व्यवसायी से मांगी जा चुकी है 10 लाख रुपये की रंगदारी
सीवान जिला के बड़हरिया थाना क्षेत्र के बड़हरिया मुख्य बाजार के गुप्ता वस्त्रालय के मालिक व बड़हरिया थाना क्षेत्र के मननपुरा गांव के स्व हरिचरण साह के पुत्र मोहन प्रसाद गुप्ता को दो बाइक पर हथियारों से लैस सवार चार बदमाशों ने बड़हरिया बाजार के जामो रोड में गोली मारकर घायल कर दिया।
बताया जाता है कि बड़हरिया थाना क्षेत्र के मननपुरा गांव निवासी और गुप्ता वस्त्रालय के मालिक को बदमाशों ने शुक्रवार की देर शाम सात बजे दो गोलियां चला दी।कपड़ा व्यवसायी मोहन गुप्ता को एक गोली छाती मारी और जबकि दूसरी गोली दाहिने कंधे पर मारी। जिससे मोहन गुप्ता गंभीर रुप से घायल हो गये। बाजारवासियों और परिजनों ने घायल मोहन गुप्ता को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हरिया में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, सीवान रेफर कर दिया।
बताया जाता है कि कपड़ा व्यवसायी मोहन गुप्ता अपनी बाइक जामो रोड स्थित अपने निर्माणाधीन मकान के पास बाइक खड़ी कर दुकान पर आ जाते थे और शाम को वहां जाकर अपनी बाइक से अपने गांव मननपुरा जाते थे। शुक्रवार की शाम को भी व्यवसायी मोहन गुप्ता अपने भाईयों के साथ पैदल अपने निर्माणाधीन मकान पर जा रहे थे कि जामो रोड के युवराज मैरिज पैलेस के समीप अपराधियों ने उनपर गोलियां चला दीं। और अपराधी अपनी बाइकों ने जामो की ओर फरार हो गये। इस घटना को लेकर व्यवसासियों में आक्रोश और दहशत व्याप्त है। बताया जाता है कि 17 अक्तूबर को बदमाशों ने उनके मोबाइल पर फोन कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।उन्होंने बड़हरिया थाने में आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगायी थी।
उन्होंने अपने आवेदन में कहा था कि 17 अक्तूबर की शाम 3.23 बजे उनके मोबाइल पर आया था और फोन करने वाले ने फोन पर बताया कि वह सावना से बोल रहा है। बदमाश ने मोबाइल पर बतौर रंगदारी दस लाख रूपये की मांग की थी।उसके बाद मोहन प्रसाद गुप्ता सहित उनके तमाम परिजन दहशत में थे।
विदित हो कि कपड़ा व्यवसायी से 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने से दो दिनों पूर्व यानी 15 अक्तूबर को बदमाशों ने बड़हरिया थाना क्षेत्र के खानपुर गांव के निवासी और खानपुर मोड़ स्थित मार्बल दुकानदार धर्मनाथ सिंह की दुकान पर 25 लाख रुपये रंगदारी को दर्जनों राउंड फायरिंग कर दी थी। इस फायरिंग मामले में पुलिस ने माधोपुर गांव के तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी बीच कपड़ा व्यवसायी से रंगदारी मांगने का मामला ठंडा पड़ गया था। इसी का लाभ उठाकर अपराधियों ने गुप्ता वस्त्रालय के मालिक मोहन गुप्ता पर दो राउंड गोली चलाकर उन्हें गंभीर रुप से घायल कर दिया।
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सोनभद्र में बड़ा हादसा: सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी मैजिक, एक की मौत, तीन घायल, लोगों की भारी भीड़
सोनभद्र में वाराणसी-शक्तिनगर हाइवे पर चोपन थाना अंतर्गत सलखन में शुक्रवार की रात तेज रफ्तार मैजिक सड़क किनारे ट्रक में टकरा गई।
हादसे में मैजिक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई।चालक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया।
रेणुकूट से वाराणसी मैजिक लेकर सामान पहुंचाने लोग गए हुए थे। रात में लौटते समय सलखन में सड़क किनारे खड़ी ट्रक में मैजिक पीछे से टकरा गई। हादसे में मैजिक सवार बेचन सिंह (50) पुत्र जागेश्वर निवासी शिवा पार्क रेणुकूट की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं विनीत कुमार पुत्र अनिरुद्ध राव, रोहित सिंह पुत्र अखिलेश सिंह और आशुतोष सिंह पुत्र मुक्तिनाथ सिंह निवासी रेणुकूट पिपरी गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। उनके परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गयी है।
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आपको मिलेंगे इतने रुपए अगर आप के घर में बेटी है तो यहां से सरकारी योजना का उठाएं लाभ कुछ जरूरी कागजात रखें अपने पास जाने डिटेल
भारत में बेटी के जन्म को सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है लेकिन समाज की असली तस्वीर जब सामने आते हैं तो वह कुछ और ही कहानी कहती है। अक्सर लोग पहली बेटी के जन्म को बर्दाश्त कर लेते हैं तो दूसरी बेटी के आते ही माथा पीटने लगते हैं। यही कारण है कि आज भी हमारे समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसे घृणित कार्य धडल्ले से होते हैं। समाज में फैली नकारात्मकता को कम करने के लिए सरकार ने नई योजना लॉन्च की है।
बताते चलें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने की शुरुआत यानी 8 मार्च को की थी। इस योजना के तहत यदि आर्थिक रूप से कमजोर किसी परिवार के घर में दूसरी बच्ची का जन्म होता है तो उन्हें 5 हजार रुपया दिया जाता है।
अगर आप भी अपनी दूसरी बेटी के लिए राशि आवेदन करना चाहते हैं तो आपके पास :-
- आधार कार्ड
- मूल निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- बीपीएल कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र
- बच्ची के जन्म का प्रमाण पत्र ( दोनों बेटियों के जन्म का प्रमाण पत्र)
- वोटर आईडी
- मोबाइल नंबर
ईमेल आईडी होने चाहिए। यह भी है जरूरी
इसके अलावा आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना चाहिए। पहली बेटी के बाद दूसरी बेटी के होने पर ही यह लाभ मिलता है। आवेदक के पास राशन कार्ड, स्थाई प्रमाण पत्र होने चाहिए। इसके लिए आवेदन जल्द ही शुरु हो सकता है।
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क्यों फ्री की राजनीति करने वाले देश के दुश्मन हैं।
*लेनिन का इतिहास पढ़ना और जानना राष्ट्र की रक्षा हेतू हम सबके लिए जरूरी है।*
लेनिन रूस का था और भगवान ने रूस को संभलने का कोई मौका नही दिया लेकिन भारत को दिया है।*
जैसे आज रूस का नाम रशियन फेडरेशन है , वैसे ही 1917 तक रशियन एम्पायर हुआ करता था यहाँ राजा था रानी थी।
मंत्रियों के निकम्मेंपन और रानी के एक गलत सलाहकार के चक्कर मे 300 सालो से चला आ रहा यह साम्राज्य नष्ट हो गया।
*रूस में गरीबी बढ़ रही थी और उसका फायदा उठाया व्लादिमीर लेनिन ने। लेनिन ने फेक्ट्री वर्कर्स और किसानों को भरोसा दिलाया कि फ्री पानी, फ्री बिजली, फ्री ट्रांसपोर्ट सब दूंगा बस राजा को मार दो और मुझे सत्ता दे दो*
लोगो ने लेनिन की बातो में आकर 1917 में तख्तापलट कर दिया जिसे यहां के लोग क्रांति कहते है।
लेनिन सत्ता में आया, देखा तो राजकोष खाली है, 2 महीने हो गए लोग वास्तव में भूखे थे तो प्रदर्शन करने लगे लेनिन ने लोगो को देशद्रोह के नाम पर मरवाना शुरू कर दिया बाद में सफाई दी कि उसमें कुछ राजा के नोबल थे।
*आज तक लादेन और बगदादी ने अपनी किसी हरकत को आतंकवाद का नाम नही दिया लेकिन लेनिन ने रेड टेरर की थ्योरी दी। लेनिन ने कहा की आतंकवाद से ही गरीबो का उत्थान हो सकेगा इसलिए अमीरों को मारो और लूटो*
लूटमार होती रही बीच बीच मे कुछ समझदार लोग लेनिन पर हमले कर देते थे तो कम्युनिस्टों को मौका मिल जाता था आतंकवाद करने का।
आखिरकार लेनिन ने भूमि बांटनी शुरू कर दी, सभी रूसियो के पास जमीन थी, अनाज था, लेकिन बिजली अब नही थी और पानी की किल्लत भी यथावत थी।
*1924 में लेनिन मर गया, आज 2022 चल रहा है रूस के लोगो के पास आज तक मुफ्त की बिजली और पानी नही है हालांकि उसी के चक्कर मे वो अपने राजा को मार चुके थे और अब तक 7 करोड़ से ज्यादा लोग आपस मे मर चुके है। रूस की आबादी 14 करोड़ है अर्थात फ्री के चक्कर मे आधा देश साफ कर दिया लेकिन हाथ चुहिया ही लगी।*
अलेक्जेंडर केरेन्सकी जो कि बाद में लेनिन ने मौत का सौदागर कहा उन पर जानलेवा हमले करवाये और केरेन्सकी को देश छोड़कर भागना पड़ा।
जो तबका कमजोर है उसे लेनिन बहुत अच्छा लगता है, उसे इससे कोई मतलब नही की संसाधन प्राकृतिक है या कृत्रिम। उसे तो *बस फ्री में मिल जाये तो मानो समुद्र मंथन हो गया।*
जैसे लेनिन ने 100 साल पहले रूस को बर्बाद किया था वैसे ही हमारे भारत मे अब ऐसे राजनीतिक दल आ गए हैं जो टैक्स कट्स, फ्री का लालच देकर सत्ता पर अपना वर्चस्व कायम करने में लगे हैं और हमारे फ्री के लालच से कायम भी हो रहे हैं ।
रूस के पास संभलने का मौका नही था लेकिन हमारे पास बहुत मौके है।
*मातृभूमि की रक्षा कीजिये, आपको सशस्त्र संघर्ष नही करना है बस इन्हें वोट देना बंद कर दीजिए* । 6.2 प्रतिशत की रफ्तार से दौड़ रही जीडीपी के रास्ते मे खड़े सभी राजनीतिक दल और उनके नेता स्वतः ही हट जाएगा ।



