आखिर कुनकुरी पुलिस की मेहनत अब रंग लाई है, जहां हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास एवं 1000 के अर्थदंड से निरोपित किया गया है। सबसे अहम बात किसी अपराध को लेकर यह होती है कि, पुलिस अपराधी को सजा दिलवा पाती है या नही, जो पुलिस के जुटाए साक्ष्य और गवाह के बिनाह पर होती है, और जब पुलिस आरोपी सजा की चौखट तक पहुंचा पाती है तो वह उसकी सफलता होती है।
हम आपको यह बतादें की एक साल पूर्व अगस्त के महीने में कुनकुरी के थाना प्रभारी को एक फोन ग्रामीणों के द्वारा आया, जिसमे बदहवाश से कुछ लोग आधी अधूरी बात कहते यह बता रहे थे कि, भंडारी चौक स्थित एक कुएं के पास शव के सड़ने के मानिंद बदबू आ रही है। उनकी आशंका थी कि कुछ दिनों पहले अपने घर से गायब “सुशीला कीरो” का शव जमीन में दफन है।
जिस सूचना पर थाना प्रभारी भाष्कर शर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे, पर रात काफी होने के कारण खुदाई नही हो सकी, अगले दिन कुनकुरी तहसीलदार की उपस्थिति में जब खुदाई शुरू हुई तो लोग आवाक थे, क्योंकि शव की पहचान उसके कपड़ो के माध्यम और परिजनों के माध्यम से शिनाख्त यह कह रही थी कि उनकी शंका सच निकली है, और शव शुशीला कीरो का ही है।
दरअसल हुआ यह था कि पिछले वर्ष 9-8-21 को मृतिका शुशीला कीरो के बेटे ने कुनकुरी थाने में मृतिका के बेटे ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस गुमशुदगी पर अपनी जांच जारी ही रखी थी, कि थाना प्रभारी भाष्कर शर्मा को आये इस फोन ने सारी कहानी को हत्या में तब्दील कर दिया, जब पुलिस ने कार्यवाही शुरू की, और एक एक कड़ी को जोड़ना शुरू किया तो जो बात सामने आई, की मृतिका जिसके साथ लिव इन मे थी, उसी पर जाकर जांच का हर बिंदु टिक गया।
जहां पुलिस को मालूम हुआ कि मृतिका का पति कुछ समय पहले ही बीमारी से मर चुका है, इस बीच मृतिका फ्रांसिस कुल्लू नाम के शख्स के संपर्क में आई, और उसके साथ ही रहने लगी, पर घटना में तथ्य भी था कि मृतिका शुशीला कीरो कुछ समय से अलग हो गयी थी, जिसके बाद 4 अगस्त दो हजार इक्कीस को दोनो मिले, तो दोनों में जमकर मारपीट और विवाद हुआ और शुशीला कीरो गम हो गयी।
इस संदेह पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो ना नुकुर के बाद घटना कबूल किया, कि विवाद में डंडे से पीटा जिसमे मृतिका के सर में चोट लगने से उसकी मृत्यु हो गयी, और उसके बाद उसने कुएं के पास मृतिका को दफन कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपी को प्रस्तुत किया।
अब पुलिस की मेहनत रंग लाई, पुलिस के द्वारा जुटाए गए एक-एक साक्ष्य, गवाह को सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय कुनकुरी ने आरोपी को आजीवन कारावास सहित 1000 के अर्थदंड से आरोपी को दंडित किया गया है।साथ ही साथ धारा 201 के तहत आरोपी को 10 वर्ष की सजा और 1000 का अलग से अर्थदंड दिया गया है









