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  • हापुड़ में घने कोहरे की वजह से आपस में टकराईं 12 गाड़ियां, कई लोग घायल

    हापुड़ में घने कोहरे की वजह से आपस में टकराईं 12 गाड़ियां, कई लोग घायल

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कल रात घने कोहरे के कारण कई वाहन आपस में टकरा गए। वहीं कल रात को ही कोहरे से अचानक यूपी के हाथरस जिले में भी मौसम सर्द हो गया। कोहरे ने सड़कों पर वाहन चलाने वालों और राहगीरों के सामने भी मुश्किलें पैदा कर दी।

    दोपहिया और चौपहिया वाहनों को चलाने वालों को दूर तक कोहरे की सफेद चादर दिखाई दे रही थी। कोहरे की वजह से वे रेंग रेंग कर चल रहे थे। रात को यहां सिकंदराराऊ क्षेत्र में जीटी रोड पर मंडी के पास कोहरे के चलते आधा दर्जन वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में आधा दर्जन लोग चोटिल हुए हैं। दुर्घटना के बाद राहगीरों और पुलिस ने बचाव कार्य किया।

    हापुड़ में सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया, “घने कोहरे के कारण एक गाड़ी पलट गई थी जिससे लगभग 12 वाहन आपस में टकराए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। रोड को क्लीयर कर दिया गया है।”

    वहीं यूपी में ही फिरोजाबाद में भी कोहरे का कहर देखने को मिला। यहां भी कोहरे की वजह से कई वाहन आपस में टकरा गए। इसमें आधा दर्जन लोग घायल हो गए। पुलिस प्रशासन ने मौके पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को साइड में किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। थाना शिकोहाबाद क्षेत्र और थाना सिरसागंज क्षेत्र के गांव पचपेड़ा से धातरी तक नेशनल हाईवे 2 पर घने कोहरे के चलते कई वाहन आपस में टकरा गए जिससे काफी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें आधा दर्जन लोग घायल भी बताए जा रहे हैं जिनको हॉस्पिटल पहुंचाकर इलाज किया जा रहा है।

    वहीं पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया और क्षतिग्रस्त वाहनों को जेसीबी द्वारा साइड में किया गया। यहां कोहरा इतना ज्यादा था कि ग्रामीण लोगों को चिल्ला चिल्ला कर आगाह कर रहे थे कि वाहन को धीरे से चलाएं, आगे काफी वाहन खड़े हुए हैं। एक गाड़ी चालक ने बताया कि मैं गाड़ी बैक कर रहा था तभी गाड़ियां आपस में टकरा गईं। यहां 10 से अधिक गाड़ियां टकराईं हैं, दो-तीन लोग तो मेरे सामने घायल हुए हैं।

  • परिवहन विभाग द्वारा जनहित में जारी आदेश कितना जन के लिए हितकारी

    परिवहन विभाग द्वारा जनहित में जारी आदेश कितना जन के लिए हितकारी

    वाहन मालिकों को ऑनलाईन फेस फ्री कार्यशैली में कितना सुखद अनुभव, जाने

    परिवहन विभाग ने अपने आप को सर्वश्रेष्ठ दिखाने के लिए दिल्ली में फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली लागू कर दी थी बिना सोचे समझे

    दिल्ली में वाहन मालिक के नाम को परिवर्तित करने के लिए सुखद अनुभव प्रदान किया की घर बैठे वाहन अपने नाम करवाए।

    ऑटो यूनिट दिल्ली में एक वाहन मालिक की मौत हो जाने के बाद फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली के कारण ऑटो के स्क्रैप आदेश, रिप्लेसमेंट आदेश, नया वाहन पंजीकृत और नाम परिवर्तन भी कर दिया गया।

    विभाग से इस बारे में जानने के बाद पता चला कि इसमें ऑटो शाखा की गलती कहा और कैसे?परिवहन मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत केवाईसी और फेस फ्री कार्यशैली से सभी कार्य हुए हैं तो हमको कैसे पता चलेगा कि इस प्रक्रिया को करने वाला जीवित हैं या मरा हुआ।

    आधार कार्ड में डेथ सर्टिफिकेट इश्यू होने के बाद भी कोई टिप्पणी नहीं होती और ना ही आधार कार्ड को रद्द किया जाता हैं ऐसे में भारत सरकार और परिवहन विभाग द्वारा जारी फेस फ्री आनलाइन आदेश के तहत अगर ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी तो उसके लिए कोई भी विभागीय अधिकारी जिम्मेदार कैसे हो सकता है।

    ऑटो यूनिट ने जानकारी में आने के बाद उस वाहन को ब्लैक लिस्ट में कर उसके आगे होने वाले सभी कार्य रोक दिए, पर क्या ब्लैक लिस्ट करना इस तरह की समस्याओं का सही हल है इस बात का जवाब देने को परिवहन विभाग के आला अधिकारियों में कोई भी तैयार नहीं।

    दिल्ली की जनता अब स्वयं फैसला ले फेस फ्री आनलाइन कार्यशैली कितनी सुखद,

    संजय बाटला

  • मुख्यमंत्री ने फेमस पान सेंटर पहुंचकर लिया पान का स्वाद

    मुख्यमंत्री ने फेमस पान सेंटर पहुंचकर लिया पान का स्वाद

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गरियाबंद के फेमस पान सेंटर में अचानक रुके और पान का स्वाद लिया। ज्ञात है कि कल जीवन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को अपने पान सेंटर आने का न्योता दिया था।जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।

     

    मुख्यमंत्री ने श्री देवांगन की पान दुकान में बैठकर श्री देवांगन और उनके परिवार से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुझे पुराने दिन याद आ गए ,जब इस तरफ आना होता तो जरूर आपके यहाँ पान खाता था।श्री देवांगन विभिन्न प्रकार के पान बनाकर लोगों को खिलाते हैं। उनकी इस विशिष्ट शैली के कारण वे अनेकों प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजे गए हैं।

  • शीतकालीन सत्र से पहले PM की अपील- सदन चलने दें:कहा- युवा सांसदों के भविष्य के लिए उन्हें बहस में भाग लेने का मौका मिले

    शीतकालीन सत्र से पहले PM की अपील- सदन चलने दें:कहा- युवा सांसदों के भविष्य के लिए उन्हें बहस में भाग लेने का मौका मिले

    संसद के शीतकालीन सत्र के पहले बुधवार को पीएम मोदी ने मीडिया से बात की। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से अपील की कि वे सदन की कार्रवाई को चलने दें। बिना शोरगुल और व्यवधान के चर्चाओं को आगे बढ़ाएं। 15 दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

    सत्र की शुरुआत से पहले पीएम ने कहा, ‘पहली बार सदन में आए युवा सांसदों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए हम ज्यादा से ज्यादा अवसर दें। चर्चाओं में भागीदार बनाएं। पिछले दिनों सभी दलों के सांसदों से मेरी मुलाकात हुई है। वे एक बात कहते हैं सदन स्थगित हो जाता है। चर्चा न होने के कारण हम जो सीखना चाहते हैं समझना चाहते हैं, उससे अछूत रह जाते हैं। इसलिए सदन का चलना बहुत जरूरी है। ये सभी युवा सांसदों की मांग है। विपक्ष की भी मांग है कि डिबेट में हमें बोलने का मौका नहीं मिलता है। हमारा बहुत नुकसान होता है।’

    मोदी ने कहा- सभी युवा सांसदों की वेदना समझें

    मोदी ने कहा- ‘सभी नेता हमारे सांसदों की वेदना समझें। देश के विकास में उनका योगदा लोकतंत्र के लिए जरूरी है। मैं सभी दलों के सभी सांसदों से सत्र को प्रोडक्टिव बनाने की अपील करता हूं। आज पहली बार हमारे उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के रूप में पहला सत्र और पहला दिन होगा। राष्ट्रपति ने भारत की आदिवासी परंपरा के गौरव को बढ़ाया है। उसी तरह किसान पुत्र वाइस प्रेसिडेंट देश का गौरव बढ़ाएंगे। उनको भी मेरी तरफ से शुभकामनाएं।’

    उन्होंने कहा, विश्व समुदाय में भारत का स्थान बढ़ा है। G-20 की मेजबानी मिलना भारत के लिए बड़ा अवसर है। यह समिट सिर्फ एक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं है। बल्कि दुनिया के सामने भारत की क्षमता को दिखाने का मौका है। इतना बड़ा देश, लोकतंत्र की जननी, इतनी विविधता, इतनी क्षमता… दुनिया को भारत को जानने में मदद मिलेगी।

    राज्यसभा में पीएम मोदी ने उप राष्ट्रपति का स्वागत किया

    पीएम मोदी ने कहा- आज आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे भी है। झुंझनु वीरों की भूमि है, शायद ही कोई परिवार हो जिसने देश सेवा न की हो। ये सोने पे सुहागा है कि आप सैन्य स्कूल के स्टूडेंट रहे। आप में किसान और जवान दोनों समाहित हैं। सदन ऐसे समय में आपका स्वागत कर रहा है जब देश दो अवसरों का साक्षी बना है। कुछ दिन पहले G-20 की मेजबानी मिली है, साथ ही अमृतकाल की शुरुआत भी है।

    यह सत्र कुल 23 दिनों का होगा, जिसमें 17 बैठकें होंगी। इस मौके पर सरकार कुल 16 बिल पेश करेगी। इधर, विपक्ष सत्र के दौरान हर दिन एक नया मुद्दा लेकर चर्चा करने की रणनीति बना रही है। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान संसद में महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से उठ सकता है। इसके अलावा मोरबी हादसा, महंगाई, बेरोजगारी, चुनाव आयोग अरुण गोयल की नियुक्ति और जजों की नियुक्ति पर कॉलेजियम सिस्टम पर विपक्ष केंद्र को घेर सकता है। सदन की कार्यवाही 29 दिसंबर को समाप्त होगी।