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  • लखनऊ : गणतंत्र दिवस के मौके पर कैलाश खेर ने अपने गीतों से बांधा समा, जमकर नाचे लखनवी दर्शक।

    लखनऊ : गणतंत्र दिवस के मौके पर कैलाश खेर ने अपने गीतों से बांधा समा, जमकर नाचे लखनवी दर्शक।

    एजेंसी डेस्क : (लखनऊ, ब्यूरो)।गणतंत्र दिवस और वसंत पंचमी की वेला पर उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में गुरुवार की शाम मलंग गायक कैलाश खेर के नाम रही।

    इसके साथ ही अवध शिल्प ग्राम के मंच से देशप्रदेश के कलाकारों द्वारा गीत संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों नेभी देखने सुननेवालों का दिल जीता।बॉलीवुड, सूफी और कैलासा सीरीज के गीतों के संग अपनी सोज भरी आवाज से प्रसंशकों का दिल जीतने वाले गायक कैलाश खेर ने 26 जनवरी की शाम का आगाज, कागा सब तन खाइयों गीत से किया। इसके बाद कैलाश ने मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया हो गया गीत से दर्शकों का दिल जीत लिया। अपने कैलासा ग्रुप के सदस्यों के साथ अगला गीत – आओ जी था जो हर किसी के करीब है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी और उनकी टीम की तारीफ करते हुए तौबा तौबा रे तेरी सूरत माशाअल्लाह रे तेरी सूरत गीत पेश करने से पहले उन्होंने पीछे वाले श्रोताओं से नाचने का आग्रह किया। फिर तो कैसे बताएं., तू जानेजां. जैसे गीतों का एक सिलसिला सा चल पड़ा।

    हालांकि इसमें बिजली गुल होने से रंग दीन्ही गीत शुरू होते ही व्यवधान पड़ा। पिया के रंग रंग दीन्ही… की शुरुआत सूफियाना अंदाज में फिर से हुई। इसके साथ ही कैलाश खेर ने तेरे बिन नई लगदा , और तेरी दीवानी गीत को दर्शकों की डिमांड पर सुनाया। कैलाश खेर से पहले भजन गायिकी के लिए विख्यात अग्निहोत्री बंधु राकेश-देवेश ने शिव की महिमा का बखान किया। भक्ति भाव में पगी अपनी आवाज में उन्होंने – हर बम बम हर बम बम स्तुति प्रस्तुत की।

    मुख्य सचिव ने दिए प्रशस्ति पत्र,,,

    यूपी दिवस में मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने फरवरी के दो बड़े आयोजनों इन्वेस्टर समिट और जी20सम्मेलन केआयोजनों का जिक्र करते हुए कलाकारों और संस्कृतिविभाग कोशुभकाम नाएं दीं। साथ ही बताया कि आयोजन एक माह तक चलेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और यूपी के नर्तकदलों के दलनायकों शीतला प्रसाद वर्मा, मोहिनी, राजेश मरावी, नितिन दवे, जैनी, पी जोय और खजाना सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इससे पहले प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति मुकेश मेश्राम ने बताया कि 24 से 26 तक उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन सभी जिलों में हुए। प्रदेश स्तरीय आयोजन लखनऊ और नोएडा में हुए।

  • RAIPUR : राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2023 की दी शुभकामनाएं

    RAIPUR : राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2023 की दी शुभकामनाएं

    रायपुर।राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने देश एवं प्रदेशवासियों को नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने सभी के मंगलमय और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए कहा है कि- नया वर्ष 2023 सभी के लिए सुख-शांति और समृद्धिदायक हो।

    राज्यपाल ने कहा कि नए साल के शुभारंभ में हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम दूसरों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। दूसरों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का प्रयास करेंगे, तो हम स्वयं में भी खुशी महसूस करेंगे। इसके अलावा वैश्विक जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए पर्यावरण की भी चिंता करना आवश्यक है। इसके लिए छोटे-छोटे कदम उठाने की जरूरत है, जो कि हम आसानी से कर सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि नये साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में जी-20 का सम्मेलन भारत मे आयोजित किया जाएगा। जिससे भारत की दुनिया में साख और बढे़गी। यह सम्मेलन ‘वसुधैव कुटुम्बकम के आदर्श पर आधारित है। 09 और 10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में अगला जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। भारत के विभिन्न राज्यों के कुल 56 स्थानों पर अनेक बैठकें होंगी, जिनमें छत्तीसगढ़ राज्य भी शामिल है।

     

    उन्होंने कहा है कि हमें विगत वर्षों के राष्ट्रव्यापी कोरोना संकट से सीख लेकर नये वर्ष 2023 के लिए तैयार रहना चाहिए। कोरोना का संकट अभी टला नहीं है, इसलिए उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि शासन-प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किये जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन कर आवश्यक सहयोग करेंगे।

  • पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं पालघर जिले के आदिवासी मछुआरे

    पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं पालघर जिले के आदिवासी मछुआरे

    पालघर :  पालघर जिले के मछुआरे मुसीबत में हैं लेकिन केंद्र की सरकार उनकी पुकार नहीं सुन रही है। जिले के कई मछुआरे पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं। उनके बच्चे अपनी मांओं से हमेशा एक ही सवाल पूछते रहते हैं कि ‘मां, पापा कब आएंगे?’ लेकिन उन मांओं के पास कोई जवाब नहीं है। मछुआरों के परिजन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आस लगाए बैठे हैं, जो पूरी नहीं हो पा रही है।

    जिले की नीलम तीन साल की बच्ची को अपनी गोद में लिए बैठी है। जब वो गर्भवती थी, उन्हीं दिनों नीलम के पति रघु दिवा मछली पकड़ते हुए पाकिस्तानी क्षेत्र में चले गए और वहां की नौसेना ने उन्हें साथियों समेत पकड़ लिया। नीलम बताती हैं कि उनकी बच्ची तीन साल की हो गई है लेकिन अपने पिता का चेहरा वो अब तक नहीं देख पाई है। न जाने वो किस हाल में हैं? नीलम जैसी न जाने कितनी महिलाएं हैं, जिनके पति आज भी पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं और उनके इंतजार का अंत नहीं हो रहा है।

    गुजरात राज्य के ओखा से मत्स्यगंधा और एक अन्य नाव सितंबर २०२२ को हमेशा की तरह मछली पकड़ने के लिए समुद्र में गई। नाव समुंदर में छोड़े गए जालों को ले जा रही थी, तभी अचानक पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी की स्पीड बोट ने भारतीय मछली पकड़ने वाली नौकाओं को घेर लिया और उन नावों में सवार नौ लोगों को पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया। इनमें से सात आदिवासी मछुआरे पालघर जिले के डहाणू तालुका के हैं।

    पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों के परिवारों को जब ये जानकारी मिली तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा क्योंकि उनके ऊपर ही परिवारों की जिम्मेदारी थी। एक लंबे इंतजार के बाद भी मछुआरों की घर वापसी न होने पर सभी पीड़ित परिवार सदमे में हैं। घर और बच्चों का खर्च कैसे चलाया जाए जैसे कई सवाल उनके सामने मुंह फैलाए खड़े हैं।

    नवश्या महाद्या भिमरा (३१, निवासी राऊतपाड़ा), सरीत सोन्या उंबरसाड़ा (निवासी, राऊतपाड़ा), कृष्णा रामज बुजड (१८, निवासी, राऊतपाड़ा), विजय मोहन नगवासी (३०, निवासी, गोरातपाड़ा) विनोद लक्ष्मण कोल (५३, निवासी खुनवडे-गोरातपाड़ा) अस्वाली गांव के रहनेवाले हैं। इसी तरह जयराम जान्या सालकर (३५, निवासी भिनारी, रायातपाड़ा), उद्धया रमण पाडवी (२५, निवासी, सोगवे डोंगरीपाड़ा) पाकिस्तानी जेलों में बंद मछुआरों के नाम हैं।

  • लखनऊ : खूंखार डकैत को मार गिराने पर UP STF की टीम को मिला इनाम, डीजीपी ने दिए 3-3 लाख नकद और पिस्टल।

    लखनऊ : खूंखार डकैत को मार गिराने पर UP STF की टीम को मिला इनाम, डीजीपी ने दिए 3-3 लाख नकद और पिस्टल।

    एजेंसी डेस्क : (लखनऊ, ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में पहली बार खूंखार डकैत को मार गिराने वाली टीम को मुख्यमंत्री की तरफ से प्रशंसा पत्र के साथ नकद पुरस्कार और पिस्टल इनाम में दी गई है।

    पुलिस मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी डीएस चौहान ने 8 सदस्यीय एसटीएफ टीम को यह इनाम दिया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले बुंदेलखंड के बीहड़ों में आतंक का आखिरी पर्याय गौरी यादव को ढेर करने वाली यूपीएसटीएफ की टीम को गणतंत्र दिवस के मौके पर सम्मानित किया गया।

    मध्य प्रदेश से 50 हजार और उत्तर प्रदेश से 5 लाख के इनामी गौरी यादव को यूपी एसटीएफ की टीम ने 30 अक्टूबर 2021 को चित्रकूट के बहिलपुरवा के जंगलों में मार गिराया था। गौरी यादव पर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी 50 केस दर्ज थे।

    गणतंत्रदिवस के मौकेपरडीजीपी डीएस चौहान ने बदमाश गौरी यादव को ढेर करने वाली टीम में शामिल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के साथ एसटीएफ में एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश, इंस्पेक्टर जयप्रकाश राय, सब इंस्पेक्टर अमित तिवारी, हेड कॉन्स्टेबल राजकुमार शुक्ला, कॉन्स्टेबल शिवानंद शुक्ला, कमांडो विनोद कुमार सिंह और कमांडो अस्तभान यादव शामिल रहे थे।

    DGP डीएस चौहान ने खुद प्रशस्तिपत्र देकर किया सम्मानित

    डीजीपी डीएस चौहान ने एडीजी प्रशांत कुमार और अमिताभ यश के साथ पूरे ऑपरेशन में शामिल सभी 8 सदस्यों को तीन-तीन लाख का नकद पुरस्कार,और मुख्यमंत्री का प्रशस्ति पत्र और सभी को एक-एक पिस्टल इनाम में दी गई. डीजीपी डीएस चौहान ने खुद प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार के साथ-साथ पुलिस टीम की कमर में पिस्टल लगाकर सम्मानित किया।

    बता दें कि यह पहली बार है जब पुलिस टीम को किसी ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद प्रशस्ति पत्र, नकद इनाम के साथ-साथ पिस्टल देकर सबको सम्मानित किया गया है।

  • मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से ठगे करोडों रूपये, तीन गिरफ्तार

    मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से ठगे करोडों रूपये, तीन गिरफ्तार

    हरिद्वार। मुस्लिम फंड बनाकर लोगों से काला धन सफेद करने, पुराने नोटों को बदलने सहित विभिन्न प्रकार का लालच देकर करोडों रूपये ठगने के मामले में पुलिस ने मुस्लिम फंड के संस्थापक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके 23 बैंक खाते फ्रीज कर दिये है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार वसीम पुत्र समीम रावत निवासी ग्राम इब्राहिमपुर थाना पथरी जिला हरिद्वार द्वारा थाना ज्वालापुर पर कबीर म्युचल बैनिफिट लिमिटेड (मुस्लिम फण्ड) के संस्थापक अब्दुल रज्जाक पुत्र सरफू निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर जिला हरिद्वार के द्वारा बैंक में उसके द्वारा जमा किये गये 2 लाख 81 हजार धनराशि व हजारों अन्य लोगों की जमा राशि लेकर फरार हो जाने के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज कराया। हजारों लोगों के बैंक खातों की प्रभावित धनराशि को देखते हुए एसएसपी अजय सिंह के द्वारा प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए जांच तेज करने के निर्देश दिये गये। जिसके लिए छह टीमें गठित की गयी। उक्त मुस्लिम फण्ड वर्ष 1998 से संचालित किया जा रहा था जिसे वर्ष 2020 में कबीर म्युचल बैनिफिट लि. के रुप में कार्पाेरेट मंत्रालय से मान्यता प्राप्त कराया गया। तथाकथित बैंक में 13382 एक्टिव खाते पाये गये, जिनमें 8716 खातों में 500 रुपये से कम धनराशि होना पाया गया। उक्त खाताधारकों की कुल करीब 7 करोड 5 लाख धनराशि उक्त बैंक में निहित होना पाया गया जिसमें से करीब डेढ करोड रुपये धनराशि अब्दुल रज्जाक के द्वारा लोगों का सोना गिरवी रखकर उन्हें 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर देना पाया गया। जांच के दौरान अब्दुल रज्जाक उसके परिवार व उसके संदिग्ध सहयोगियों के 23 बैंक खाते फ्रीज किये जा चुके हैं इसके अलावा इनके द्वारा अर्जित चल अचल सम्पत्ति का विवरण जुटाया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि मुस्लिम फण्ड में जमा धनराशि जो कि लोग बगैर ब्याज लिये जमा करा रहे थे को अब्दुल रज्जाक व उसके साथी प्रोपर्टी की खरीद फरोख्त कर उससे अपने निजी हित में लाभ अर्जित कर रहे थे। मुकदमा उपरोक्त में फरार अब्दुल रज्जाक को पुलिस टीम द्वारा हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारी के पश्चात रज्जाक द्वारा बताया गया कि वह वर्ष 2013 से मुस्लिम फण्ड में जमा कराये गयी रकम को अपने साथियों नसीम उर्फ मुन्ना पुत्र जिन्दे हसन निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार व मशरूर पुत्र इरसाद अली निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार के सहयोग से ज्वालापुर के आसपास प्रोपर्टी की खरीद फरोख्त कर खासा लाभ अर्जित कर रहा था। इसके साथ ही उसने लोगों को पुराने नोट बदलने व जमीनों की खरीद फरोख्त कर करोडों रूपये ठगने के मामले को भी स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

  • देहरादून में 75% लोग विटामिन डी की कमी के हैं शिकार

    देहरादून में 75% लोग विटामिन डी की कमी के हैं शिकार

    देहरादून-27 जनवरी, 2023: आंकड़ों के अनुसार, देशभर में विटामिन डी की कमी से ग्रस्त लोगों की संख्या लगभग 76% है. यह डाटा टाटा mg1 लैब्स द्वारा भारत के 27 शहरों में 22 लाख लोगों पर किये गये परीक्षण के बाद सामने आया है।

    उल्लेखनीय विटामिन डी की कमरता से जूझ रहे पुरुषों की संख्या 79% है तो वहीं 75% महिलाओं में विटामिन डी की कमी पाई ग‌ई. वडोदरा

    (89%) और सूरत (88%) जैसे‌ शहरों में ऐसे लोगों की संख्या सबसे अधिक पाई गई, तो वहीं देशभर के सभी शहरों में की गई जांच से हासिल डाटा के मुताबिक, तमाम शहरों के मुक़ाबले दिल्ली-एनसीआर (72%) में विटामिन डी की कमरता के सबसे कम मामले देखने को मिले।

    उल्लेखनीय है कि टाटा 1mg के एक विश्लेषणात्मक डाटा में‌ पाया गया है कि राष्ट्रीय औसत के मुक़ाबले अधिकतर युवाओं में विटामिन डी की कमतरता पाई गई. विटामिन डी की कमी से ग्रस्त होनेवालों में 25 साल से कम आयुवर्ग वाले लोगों की संख्या 84% जबकि 25-50% आयुवर्ग के लोगों की संख्या 81% है।

    विटामिन डी के स्तर को जांचने‌ के लिए मार्च से अगस्त के बीच अखिल भारतीय स्तर पर किये गये परीक्षण से प्राप्त डाटा के मुताबिक:

     

    लिंग

    प्रतिशत

    पुरुष

    79%

    महिला

    75%

     

    आयुवर्ग

    प्रतिशत

    25 साल से कम

    84%

    25% – 40%.

    81%

     

    देश के कुल 27 शहरों में विटामिन डी की कमरता के मामलों को लेकर शहर-दर-शहर एक नज़र:

    शहर.

    विटामिन की कमतरता

    वडोदरा

    89%

    सूरत

    88%

    अहमदाबाद

    85%

    नागपुर

    84%

    भुवनेश्वर

    83%

    नाशिक

    82%

    पटना

    82%

    विशाखापत्तनम

    82%

    रांची

    82%

    जयपुर

    81%

    चेन्नई

    81%

    भोपाल

    81%

    इंदौर

    80%

    पुणे

    79%

    कोलकाता

    79%

    बनारस

    79%

    मुम्बई

    78%

    इलाहाबाद

    78%

    लखनऊ

    78%

    कानपुर

    77%

    बंगलुरू

    77%

    आगरा

    76%

    हैदराबाद

    76%

    चंडीगढ़

    76%

    देहरादून

    75%

    मेरठ

    74%

    दिल्ली NCR

    72%

     

    उल्लेखनीय है कि विटामिन डी को ‘सनशाइन’ विटामिन के नाम से भी जाना जाता है जो व्यक्ति के समग्र विकास, मेटाबॉलिज़्म, रोग प्रतिरोधक शक्ति और लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक होता है. शरीर में विटामिन डी की कमी से लोगों के प्रोस्टेट कैंसर, डिप्रेशन, डायबिटीज़,‌ रियूमेटॉयड आर्थराइटिस और रिकेट्स जैसी बिमारियों के शिकार होने का ख़तरा रहता है।

    टाटा 1mg लैब्स के वीपी डॉ. राजीव शर्मा कहते हैं, “खान-पान को लेकर लोगों की बदलती आदतों, घरों में रहने संबंधित जीवनशैली में बदलाव और सूरज की किरणों से कम होते एक्पोजर के चलते विटामिन डी की कमतरता के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखने को मिल रही है।

    किशोर युवक-युवतियों में विटामिन डी की कमरता की मुख्य वजहों में विटामिन डी से लैस खाने का कम सेवन प्रमुख है। इनमें फ़ोर्टिफ़ाइड खाद्य पदार्थों और तैलीय मछलियों का सेवन ना करना अथवा कम मात्रा में सेवन करना शामिल है। ठंड के मौसम में सूरज की किरणों से बचने अथवा धूप में ना निकलने‌ की आदत को भी विटामिन डी की कमी का एक प्रमुख कारण माना जा सकता है। महिलाओं में अनियोजित प्रेग्नेंसी और दो प्रेग्नेंसी में उचित अंतराल ना रखना और खान-पान का अनियमित होना भी महिला और बच्चे दोनों के लिए विटामिन डी की कमी का बड़ा कारण साबित होता है, जिसे बचने की सख्त ज़रूरत है।

    टाटा 1mg लैब्स के क्लिनिकल हेड डॉक्टर प्रशांत नाग कहते हैं, “मोटापे, मैल-एब्सॉरप्शन सिंड्रोम, हड्डियों के पिघलने (ओस्टिओमेलाकिया) अथवा टीबी के इलाज के मामलों में विटामिन डी के लेवल की नियमित रूप से जांच आवश्यक हो जाती है. उल्लेखनीय है कि साल में एक या दो बार किये जानेवाले फ़ुल-बॉडी चेक-अप के साथ-साथ शरीर में विटामिन डी के लेवल संबंधित जांच भी की जानी चाहिए। ग़ौरतलब है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती व शिशुओं को दूध पिलानेवाली महिलाएं, किशोर लड़कियां व युवतियां, 65 साल से ज़्यादा उम्र के लोग और सूरज की किरणों से ज़्यादा संपर्क में नहीं आनेवाले लोग बड़े पैमाने पर विटामिन डी की‌ कमतरता का शिकार होते हैं।

    मानव त्वचा विटामिन डी के लिए कोलेस्ट्रॉल के एक प्रकार के अग्रगामी के रूप में कार्य करती है. यह जब सूरज से निकलनेवाली UV-B रेडिएशन से एक्सपोज़ होती है तो विटामिन डी में तब्दील हो जाती है। सूरज की किरणों से संतुलित एक्सपोज़र और अंडे की जर्दी, तैलीय मछलियों, रेड मीट, फ़ोर्टिफ़ाइड खाद्य पदार्थ आदि के सेवन से विटामिन डी में आनेवाली कमी को कारगर तरीके से रोका जा सकता है।