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  • वाराणसी : खाना बनाते समय गैस सिलेंडर के पाइप में लगी आग, गंभीर रूप से झुलसी महिला, अस्पताल में भर्ती,,,।

    वाराणसी : खाना बनाते समय गैस सिलेंडर के पाइप में लगी आग, गंभीर रूप से झुलसी महिला, अस्पताल में भर्ती,,,।

    भेलूपुर थाना क्षेत्र के खोजवा इलाके में शुक्रवार सुबह गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। घटना आदर्श पुस्तकालय के पास की है। जहां त्रिलोकी नाथ गुप्ता के घर में शुक्रवार सुबह नौ बजे के करीब खाना बनाते हुए सिलेंडर के पाइप लाइन में रिसाव होने से आग लग गई।

    इस दौरान वहां खाना बना रही उषा गुप्ता (50 वर्ष) आग बुझाने के दौरान गंभीर रूप से झुलस गई। उनको बचाने में त्रिलोकी नाथ गुप्ता भी मामूली रूप से झुलस गए। घर में आग लगने की जानकारी होते ही अगल-बगल के लोग आग बुझाने के लिए टूट पड़े। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल आग को बुझाया।

    मौके पर रास्ता थोड़ा साकरा होने के कारण फायर कर्मियों को पहुंचने में भी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर भेलूपुर रमाकांत दुबे ने घायल महिला उषा को कबीर चौरा के बर्न यूनिट में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। घर में आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई थी। त्रिलोकी नाथ गुप्ता ने बताया कि समय रहते पड़ोसी व फायर ब्रिगेड के जवान मौके पर नहीं पहुंचते तो सिलेंडर ब्लास्ट होने के बाद पूरा घर तहस-नहस हो जाता साथ ही जनहानि भी होती।

  • स्मार्टफोन ने छीन ली महिला की आंखों की रोशनी, क्या आपको भी है अंधेरे में फोन चलाने की आदत? जरूर पढ़ें ये खबर

    स्मार्टफोन ने छीन ली महिला की आंखों की रोशनी, क्या आपको भी है अंधेरे में फोन चलाने की आदत? जरूर पढ़ें ये खबर

    हैदराबाद से एक हैरान कर देने वाला केस आया है। यहां एक महिला को फोन की ऐसी लत थी कि उसकी आंखों की रोशनी ही चली गई।

    हम सभी तकनीक के दुष्प्रभावों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और ये भी जानते हैं कि स्मार्ट गैजेट्स की लत क्या कर सकती है। फिर भी, बहुत से लोग सावधानियों को नजरअंदाज करते हैं या उनका पालन नहीं करते हैं। ऐसे लोग अपनी लत को अपने स्वास्थ्य पर भारी पड़ने देते हैं। हैदराबाद की एक महिला को भी रात में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की ऐसी ही लत लग गई थी और रात को सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करने की उसकी आदत ने उसकी आंखों की रोशनी छीन ली।

    हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर ने ट्विटर पर इस बात का खुलासा किया कि कैसे एक 30 वर्षीय महिला ने अंधेरे में फोन इस्तेमाल कर अपनी आंखों को नुकसान पहुंचाया। ट्विटर थ्रेड में डॉक्टर ने बताया कि मंजू नाम की उनकी एक पेशेंट उनके पास आंखों की रोशनी की समस्या के साथ आई थी। जब वह मेडिकल जांच से गुजरी, तो पता चला कि वो स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम से पीड़ित है, जिससे अंधेपन समेत आंखों से संबंधित कई समस्याएं हो सकती हैं।‘अंधेरे में घंटों तक फोन चलाती थी महिला’
    डॉक्टर के अनुसार, आंखों की रोशनी कम होने का कारण अंधेरे में फोन पर बहुत समय बिताने की उसकी आदत थी। लगभग डेढ़ साल से वो एक नियमित आदत का पालन कर रही थी। डॉ. सुधीर ने ट्विटर पर लिखा, ‘वो अपने स्मार्टफोन पर रोजाना कई घंटों तक ब्राउज करती थी और ये उसकी नई आदत बन गई, रात के समय कमरे में अंधेरे में भी वो ऐसे ही घंटों फोन इस्तेमाल करती थी।

    स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह
    दिनचर्या पर ध्यान देने के बाद डॉ. ने महिला को दवा लेने की सलाह दी और उसे अपना स्क्रीन टाइम कम करने के लिए कहा। दवा के बाद और स्क्रीन से बचने के बाद वो अपनी आंखों की रोशन ठीक करने में सक्षम थी। डॉ सुधीर ने आगे बताया, ‘1 महीने की समीक्षा में मंजू बिल्कुल ठीक थी। उसकी 18 महीने की दृष्टि हानि चली गई थी। अब, उसकी दृष्टि सामान्य थी, उसने कोई फ्लोटर्स या प्रकाश की चमक नहीं देखी। इसके अलावा, रात में उसकी दृष्टि की क्षणिक हानि भी बंद हो गई। हमारा संदेह सही साबित हुआ।भारत में लगातार बढ़ रहा स्क्रीन टाइम
    मोबाइल एनालिटिक्स फर्म Data.ai के अनुसार, भारत में स्मार्टफोन का औसत सक्रीन टाइम 2021 में बढ़कर 4.7 घंटे प्रतिदिन हो गया, जो 2020 में 4.5 घंटे और 2019 में 3.7 घंटे था। अंधेरे कमरे में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं। ये बातें न केवल मानसिक रूप से प्रभावित कर रही हैं बल्कि दृष्टि हानि की संभावना बढ़ा रही हैं।

    कैसे रखें आंखों का ध्यान?
    हालांकि, स्मार्टफोन को नजरअंदाज करना संभव नहीं है, लेकिन स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अत्यधिक सलाह दी जाती है। तकनीक की जानकारी रखने वालों के लिए भी तकनीक ही आपके स्क्रीन समय को कम करने में आपकी मदद करेगी। उदाहरण के लिए, जेन मोड चालू करने से आपको अपने स्मार्टफोन से दूर रहने में मदद मिलेगी। ब्लू लाइट फिल्टर चालू करने से आपको अपनी आंखों पर तनाव कम करने में मदद मिलेगी। टाइमर सेट करें और हर 20 से 30 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लें। व्यायाम करना शुरू करें और स्मार्टवॉच को उपयोग में लाएं।क्या है 20-20-20 नियम
    इस बीच, डॉ सुधीर ने लोगों को सलाह देते हैं कि डिजिटल डिवाइस की स्क्रीन को लंबे समय तक देखने से बचें, क्योंकि इससे गंभीर और अक्षम दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसे इस्तेमाल करते समय, 20-सेकंड का ब्रेक लें और हर 20 मिनट में 20 फीट दूर कुछ देखें। (20-20-20) डिजिटल स्क्रीन नियम का पालन करें।

  • ई रिक्शा खरीदने वालों से कर रहे हैं सब धोखा (निर्माता, दिल्ली और भारत सरकार और परिवहन विभाग)

    ई रिक्शा खरीदने वालों से कर रहे हैं सब धोखा (निर्माता, दिल्ली और भारत सरकार और परिवहन विभाग)

    *सब्सिडी की घोषणा के बावजूद ई रिक्शा खरीदने वाले मजबूर महंगा ई रिक्शा खरीदने के लिए*

    आप को जानकर आश्चर्य होगा फेम 2 में रजिस्टर ई रिक्शा बनाने वाले पिछले कई महीनो से अपनें द्वारा बेचने वाले ई रिक्शा को ऑनलाइन पोर्टल पर पर पंजीकृत करने में सफल नहीं हो पा रहे जिससे फेम 2 के अंर्तगत ई रिक्शा निर्माण करने वालों को मिलने वाली सब्सिडी मिलेगी इसमें संशय बना हुआ हैं जिस कारण वह अपने द्वारा निर्मित वाहनों को सब्सिडी की पैसे घटाए बिना बेच रहे हैं और इसका सीधा नुकसान ई रिक्शा खरीदने वालो को हो रहा है।

    दुसरी ओर दिल्ली सरकार द्वारा घोषित सब्सिडी के लिए भी वाहन मालिक परिवहन मुख्यालय में धक्के खाते नजर आए हैं। पहले भी दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग द्वारा हजारों ई रिक्शा खरीदने वालों को सब्सिडी नही दी और नए देने के कारण को जानने पर यह बोल कर सब्सिडी देने से मना कर चुका है की जिस खाते के अंर्तगत सब्सिडी डी जाती थी उसमे पैसे नहीं रहे।

    अब दिल्ली में ई रिक्शा खरीदने पर स्वयं फैसला ले की क्या जिनको सब्सिडी देने से परिवहन विभाग और दिल्ली सरकार मना कर रहे हैं क्या उन्होने पूरे पैसे देकर ई रिक्शा नही खरीदा?

    जनहित में जारी
    *संजय बाटला*

  • राष्ट्रभक्ति का चोला पहन भाजपाई अडानी भक्ति में लीन : अडानी प्रेम के कारण ही मोदी सरकार ने रेलवे, एयरपोर्ट सहित देश की बेशकीमती संपत्तियों को बेचने का काम किया : राजेंद्र

    राष्ट्रभक्ति का चोला पहन भाजपाई अडानी भक्ति में लीन : अडानी प्रेम के कारण ही मोदी सरकार ने रेलवे, एयरपोर्ट सहित देश की बेशकीमती संपत्तियों को बेचने का काम किया : राजेंद्र

    पीएम मोदी सहित केंद्रीय नेताओं की चुप्पी को पूरा देश समझ रहा है

    दुर्ग/निशांत ताम्रकार/अडानी ग्रुप मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल किये हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी का मामला उजागर होने के बाद स्टेट बैंक आफ इंडिया और एलआईसी जैसी संस्थाओं के समक्ष संकट की स्थिति है। इसके विरोध में आज देशव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। राजेंद्र ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि राष्ट्रप्रेम की बातें कहने वाले भाजपा नेताओं की राष्ट्रभक्ति बेनकाब हो चुकी है। सच ये है कि राष्ट्रभक्ति का चोला पहन भाजपाई अडानी भक्ति में लीन हैं।

    राजेंद्र ने कहा कि दो साल पहले मोदी सरकार ने अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए ही तीन काले कृषि कानून लागू किये थे, जिसका देशव्यापी विरोध हुआ। भाजपा सरकार ने किसानों के रास्ते में कील गाड़कर उनके वाहन नहीं चलने दिये। किसानों को जेल में डाला गया। भाजपा नेता के बेटे ने किसानों को कार से कुचल दिया। देश भर के किसानों के तीखे विरोध के बाद केंद्र सरकार को काले कानूनों को वापस लेना पड़ा।

    राजेंद्र ने कहा कि किसानों द्वारा अडानी का विरोध करने के कारण मोदी सरकार ने अनाज का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया। भाजपा के अडानी प्रेम के कारण ही केंद्र सरकार ने घोषणा के बाद भी अनाज का समर्थन मूल्य बढ़ाने कमेटी का गठन तक नहीं किया। इसी अडानी प्रेम के कारण केंद्र सरकार द्वारा देश की बेशकीमती संपत्तियों को बेचने का काम किया जा रहा है। रेलवे, एयरपोर्ट, बंदरगाह, पॉवर प्लांट, सार्वजनिक उपक्रम अडानी के हवाले किये जा रहे हैं। अब तो हालत ये है कि रासायनिक खाद, डीजल, रसोई गैस से संबंधित उपक्रम भी अडानी को दिये जा रहे हैं।

    राजेंद्र ने कहा कि हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट से अडानी समूह की बुनियाद हिल गई है। बड़ा सवाल ये है कि केंद्र की भाजपा सरकार इस रिपोर्ट में किये गए भंडाफोड़ की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कर रही? सवाल ये भी है कि भाजपा की आईटी सेल से लेकर केंद्रीय नेता इतने बड़े मामले में अडानी समूह का बचाव आखिर क्यों कर रहे हैं? राजेंद्र ने कहा कि पूरा देश अच्छी तरह समझ रहा है कि एक व्यक्ति विशेष के प्रति प्रेम भाव और भक्तिभाव की असल वजह क्या है?

  • दुर्ग में वेंडिंग जोन बनाने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ,आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने किए स्थल निरीक्षण:

    दुर्ग में वेंडिंग जोन बनाने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ,आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने किए स्थल निरीक्षण:

    दुर्ग/निशांत ताम्रकार!नगर निगम शहर वेंडिंग जोन तैयार कर रहा है। शहर का पहला वेंडिंग जोन मानस भवन के करीब में बनाया जा रहा है दूसरा पटेल काम्प्लेक्स के सामने में बनाया जाएगा। शहर में अन्य क्षेत्र के 13 खाली जमीन का चयन किया गया है। वेंडिंग जोन के लिए स्थल को स्वच्छ करके प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है।निगम आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने वेंडिंग जोन बनाने के लिए सोमवार को क्षेत्र का निरीक्षण किया। मौके पर उपायुक्त मोहेंद्र साहू, कार्यपालन अभियंता एसडी शर्मा,जितेंद्र समैया,जावेद अली,केवलानी, मुक्तेश कान्हा सहित अन्य मौजूद रहें। आयुक्त ने अधिकारियों की प्लानिंग और व्यवस्था का जायजा लिया। सिविल लाइन उतई चौक गौरव पथ पर सड़क किनारे फूटकर व्यापारी बड़ी संख्या में अव्यवस्थित तरीके से ठेले, दुकान आदि लगाते हैं। इससे सड़क किनारे आने-जाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसे व्यवस्थित तरीके से दुकान लगाने के लिए वेंडिंग जोन यहां पर तैयार करने की प्लानिंग की जा रही है।उन स्थानीय दुकान मालिकों को मौका दिया जाएगा, जो पहले से ही इस स्थान पर व्यवसाय संचालित करते आ रहे हैं। एक स्थल पर समरूपता देते हुए प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इससे ठेले और दुकानें व्यवस्थित होंगे। मानस भवन के पास आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों को साफ सफाई,प्रकाश व्यवस्था सहित जगह को बेहतरीन तरीके से सुंदर व्यवस्थित करने को कहा।-मानस भवन के करीब में बनेगा शहर का पहला वेंडिंग जोन जल्द कार्य शुरू किया जाएगा। आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने बताया कि दुर्ग नगर निगम की सीमा मानस भवन के पास पहला वेंडिंग जो जल्द तैयार हो जाएगा।इसके बाद से पटेल काम्प्लेक्स के अलावा वेंडिंग जोन इन जगहों को चिन्हित किया गया -हास्पिटल के सामने,वाटर ट्रीटमेंन्ट प्लान्ट,मानस भवन के पास,नाना-नानी पार्क,रायपुर नाका,हाट बाजार बोरसी,चौपाटी,अग्रसेन चौक,शनिचरी बाजार,बघेरा,महिला समृद्धि बाजार,बाईपास के पास धमधानाका के अलावा कातुलबोड बाईपास के पास के समीप वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी की जा रही है। वेंडिंग जोन में एक ही गुमटी की दुकाने व्यवस्थित तरीके से स्थापित की जाएगी।