जशपुर में बिजली बिल को लेकर राजनिति शुरू हो गई है।सोशल मीडिया और खबरों में बिजली बिल को लेकर आ रही शिकायतो के बाद भाजपा ने बिजली बिल में बढ़ोत्तरी के लिए सरकार को जिम्मेदार माना ही है साथ ही ही जिले के तीनो विधायको को भी नहीं छोड़ा।भाजपा का कहना है इस मामले में तीनो विधायको की चुप्पी ने यह बता दिया है कि विधायक5 बिल में बढ़ोत्तरी का समर्थन कर रहे हैं।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नितिन राय ने बयान जारी कर कहा है कि प्रदेश की कॉंग्रेस सरकार लगातार आमजनता के साथ छल कर रही है। इस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बिजली बिल हाफ करने का वादा किया था, लेकिन उसे आज तक पूरा नहीं किया। हद तो यह है कि एक तरफ प्रदेश के सीधे सादे लोगों को गुमराह करने के लिए बिजली बिल में छूट प्रिंट करके दे रही है और दूसरी तरफ पिछले चार सालों में बिजली बिल की दर में भी बढोत्तरी की गई है।
साथ ही नवम्बर माह के बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि, व्हीसीए जैसे शुल्क जोड़ कर लगभग 5 गुना बिजली बिल जारी होने की जानकारी मिल रही है। राय ने आगे यह भी कहा कि प्रदेश की कॉंग्रेस की सरकार ने आमजनता के बिजली बिल हाफ करने के नाम पर जितनी राशि का छूट दिया है, उससे के गुना अधिक राशि तो बिजली की दर बढ़ाकर या अतिरिक्त सुरक्षा निधि, वीसीए जैसे शुल्क के द्वारा उपभोक्ता से ले रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के पास ऊर्जा मंत्रालय होने के बावजूद ऐसा हो रहा है, जिससे आम जनता के सामने कॉंग्रेसियों का दोहरा चरित्र एक बार फिर से उजागर हो गया है।
जशपुर जिले के तीनों कॉंग्रेस के विधायकों ने इस मुद्दे पर मौन व्रत ले लिया है, किसी के मुंह से भी आमजनता के लिए एक शब्द नहीं निकला, इस मुद्दे पर मौन रहना विधायकों का बढ़े बिजली बिल के लिए समर्थन ही माना जायेगा।
श्री राय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अपील करते हुए बिजली बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि, वीसीए जैसे शुल्क माफ करने और अपने घोषणा पत्र के अनुसार वास्तव में, बिजली बिल हाफ करने की मांग की है।
