क्या परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश 1 अक्टूबर से 28 फ़रवरी तक दिल्ली में अन्य राज्यो के यूरो 6 मानक वाहनों को ही इजाजत होगी?

उत्तराखंड परिवहन विभाग द्वारा जो बात बताई गई हैं अगर उसको माने तो दिल्ली परिवहन विभाग सच में दिल्ली को वाहनों के द्वारा होने वाले प्रदुषण से दिल्ली को बचाने के लिए चिंतित भी है और समय से पहले तैयारी के लिए अग्रसर भी।

दिल्ली की जनता जहा एक तरफ़ परिवहन विभाग द्वारा जारी इस आदेश से खुश है की इस बार दिल्ली प्रदुषण का चैंबर नही बनेगा वही इस बात पर भी विचार कर रही है की फिर दिल्ली से अन्य राज्यो मे आने जाने वालों का क्या हाल होगा।

दिल्ली में तो दिल्ली के अंतर्गत क्षेत्रों में भी चलाने के लिए पूरी सार्वजानिक सवारी सेवा उपल्ब्ध नही वहा अन्य राज्यो से आने वाले वाहन अगर दिल्ली के बॉर्डर पर ही रोक दिए गए तब उन सवारियों को गंतव्य स्थान पर कोन ओर कैसे पहुंचाएगा।

आप सभी की जानकारी के लिए बता दे दिल्ली में सार्वजानिक सवारी सेवा प्रदान करने वाली अधिकतम सेवाए दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की जनहित प्रणाली के कारण या तो बंद हो गई या बंद होने के कगार पर है।

दिल्ली में डीटीसी के बेड़े में बसे ना के बराबर रह गई है और वह भी कभी भी कहीं भी सड़कों पर खडी होने वाली है,

कलस्टर कम्पनियों के द्वारा चालित बसों में अंदाजा 5 कंपनियों के टैंडर समाप्त हो चुके हैं और उन्ही के द्वारा अधिकतम बसे सड़को पर चालित थी

मेट्रो द्वारा संचालित मिडी बसे पहले ही उन्हें चलाने वाली कंपनियों द्वारा खड़ी कर दी गई है यानी सेवा बंद कर चुकी हैं

आरटीवी मिनी बसें 3200 से घटकर मात्र 600 के करीब बची है और उनमें से परिचालन में शायद ही 200 बसे होंगी

ग्रामीण सेवा में चलने वाले वाहन भी अब सड़कों पर गिने चुने रह गए हैं

फट फट सेवा और ईको फ्रेंडली सेवा के वाहन सड़को पर बहुत कम नज़र आते हैं

हा दिल्ली में मैक्सी कैब जो कानून के अनुसार सिर्फ 12 सवारियों को लेकर आने जाने के लिए चलाई जाती रही है सड़को पर अपनी गिनती जो अंदाजन 110 के आस पास होगी जरूर चलती नज़र आ जाएगी।

कुल मिलाकर दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की नीतियों के कारण आज सार्वजनीक सवारी सेवा में सुरक्षित सेवा जनता को प्रदान करने वाले सभी श्रेणियों के वाहनों को उंगलियों पर गिना जा सकता है, ऐसे में कोन देगा सेवा एक बड़ा सवाल?

क्या दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग जनता को इस चिन्ता से बाहर निकालने के लिए जवाब देगा ?

एक और जानने योग्य बात,, क्या दिल्ली में अभी कुछ दिनों पहले बड़ी धूमधाम से शुरु की गई पंजाब से दिल्ली एअरपोर्ट सेवा इस आदेश से प्रभावित नही होगी ? क्या पंजाब से दिल्ली में आने वाले सभी वाहन यूरो मानक 6 के हैं और नई शुरु की गई सेवा के अंतर्गत चलने वाले सभी वाहन यूरो 6 के हैं।

अब देखना होगा दिल्ली परिवहन विभाग अपना आदेश वापस लेती हैं या किसी राज्य की सभी यूरो मानक के वाहनों को इजाजत और किसी राज्यो की यूरो 6 मानक वाहनों के अलावा अन्य पर पाबंदी की घोषणा करती हैं।

जनहित में जारी

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *