Tag: AAJ KI TAJA NEWS

  • गाजियाबाद के पेट्रोल पंप पर लूटे गए मोबाइल से भेजे थे बदमाशों ने रुपये

    गाजियाबाद के पेट्रोल पंप पर लूटे गए मोबाइल से भेजे थे बदमाशों ने रुपये

    ग्रेटर नोएडा। प्रबंधक को कार में बंधक बनाकर नकदी मोबाइल लूटने वाले तीन और बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए तीनों बदमाश दीपक चौहान, स्याना के तुषार, बुलंदशहर उमरावली के विक्रम सिंह शनिवार रात मुठभेड़ के दौरान भाग गए थे। मुठभेड़ में पुलिस की गोली से बुलंदशहर स्याना के निशांत तेवतिया, बहादुरगढ़ के दीपक चौहान उर्फ चीनू घायल हुए थे। बदमाशों ने गाजियाबाद के क्रासिंग रिपब्लिक स्थित पेट्रोल पंप पर लूटे गए मोबाइल से क्यूआर कोड के जरिए 48,300 रुपये का भुगतान कर रकम वापस लेकर आपस में बांट ली थी।
    डीसीपी अनिल यादव ने बताया कि प्रबंधक अग्नय प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 जुलाई की रात वह नोएडा के मॉल से घर लौट रहे थे। वह सेक्टर-142 मेट्रो स्टेशन के पास रुके। इसी दौरान तीन बदमाशों ने उन्हें घेरकर उनकी कार में ही बंधक बना लिया और रोड पर घुमाते रहे। बदमाशों ने उनका मोबाइल लूट लिया और पेटीएम का पिन नंबर पूछ कर बैंक अकाउंट से भी रुपये निकाल लिए थे। पकड़े बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने बाइक, पिस्टल, तमंचा, चाकू और लूटी गई रकम बरामद की है। आरोपियों ने शौक मौज के लिए वारदात की।

  • नोएडा में पुलिस के ताबड़तोड़ एनकाउंटर, पांच दिन में छह बदमाशों को मारी गोली

    नोएडा में पुलिस के ताबड़तोड़ एनकाउंटर, पांच दिन में छह बदमाशों को मारी गोली

    नोएडा

    पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में कमिश्नरेट पुलिस ने अपराधियों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरु कर दिया है। इसकी ताजा बानगी पिछले एक हफ्ते में देखी गई है। जब महज पांच दिनों में पुलिस ने अलग-अलग थानाक्षेत्रों में अपराधियों पर सख्ती दिखाई है। जिसका नतीजा है कि आधा दर्जन से ज्यादा बदमाश पुलिस की गोली से घायल हुए हैं और जेल भेजे गए हैं।

    बीते 2 अगस्त से कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में ये अभियान शुरु किया गया। जिसमें पहली मुठभेड़ बिसरख थाना क्षेत्र में हुई जिसमें चैन लूटने वाले गिरोह के दो बदमाशों को गोली लगी। अगले दिन 3 अगस्त को बिसरख थानाक्षेत्र में ही एटीएस गोलचक्कर के पास पुलिस से मुठभेड़ में एक बदमाश घायल हुआ। 5 अगस्त को थाना सेक्टर 142 में पुलिस से मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोली लगी तो 6 अगस्त को दादरी पुलिस ने कार में सवारी बैठाकर लूटने वाले दो लुटेरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। 6 अगस्त को ही थाना सेक्टर 58 पुलिस को एक बदमाश को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली तो देर रात सूरजपुर पुलिस की कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया।

  • 20 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी ने रखी आधारशिला

    20 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी ने रखी आधारशिला

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह झारखंड में 20 रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। ये स्टेशन 27 राज्य के उन 508 रेलवे स्टेशन में शामिल हैं, जिनके पुनर्विकास की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से रखी है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत झारखंड में जिन 20 स्टेशन को 886.7 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा उनमें हटिया, पिस्का, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, लातेहार, पारसनाथ, कोडरमा, बोकारो स्टील सिटी, कुमारधुबी, साहिबगंज और घाटशिला शामिल हैं। वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्यिक प्रबंधक (रांची) निशांत कुमार ने बताया कि हटिया स्टेशन को 355 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जाएगा, जबकि पिस्का स्टेशन के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

  • पर्यटकों के लिए लालकिला बंद, 300 बड़ी इमारतों पर सुरक्षाकर्मी तैनात

    पर्यटकों के लिए लालकिला बंद, 300 बड़ी इमारतों पर सुरक्षाकर्मी तैनात

    नई दिल्ली

    स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने लालकिला की आंतरिक सुरक्षा की कमान संभाल ली है। वहीं, कार्यक्रम के मद्देनजर लालकिला को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

    दिल्ली पुलिस के अनुसार, लालकिला पर आयोजित समारोह में इस बार जी-20 सम्मेलन की झलक दिखेगी। लालकिला परिसर और बाहरी इलाके में ऑटोमेटिक फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरसी) कैमरों सहित कई आधुनिक उपकरण लगेंगे। किसी भी संदिग्ध के कैमरे की जद में आने के बाद सिग्नल कंट्रोल रूम को मिल जाएगा। कंट्रोल रूम की निगरानी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ में होगी। लालकिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी एनएसजी, एसपीजी, अर्धसैनिक बल के जवान और दिल्ली पुलिस के हाथ में है। 200 मीटर तक के दायरे में अर्धसैनिक बल की तैनाती होगी।

    वहीं, आंतरिक और बाहरी इलाके में दिल्ली पुलिस भी निगरानी करेगी। ड्रोन से पूरे इलाके पर निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी गड़बड़ी की आशंका को लेकर दी जा रही खुफिया जानकारी के मुताबिक सुरक्षा के इंतजाम करने में जुटे हैं। लालकिला के आसपास पतंग के उड़ाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। करीब 300 बड़ी इमारतों पर दूरबीन से लैस सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। पिछले साल लालकिले के मुख्य गेट पर कंटेनर लगाए गए थे, लेकिन इस बार इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। एसपीजी ही अंतिम निर्णय लेगी।

    होटलों  गेस्ट हाउस की जांच जारी
    दिल्ली पुलिस इलाके के होटलों व गेस्ट हाउस की लगातार जांच कर रही है। यहां आने वाले संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। मालिकों को साफ तौर पर कहा गया है कि आने वालों की पूरी जानकारी लेने के बाद ही उन्हें रहने की इजाजत दें। अगर किसी की भूमिका संदिग्ध लग रही है तो इसकी जानकारी पुलिस को देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा पुलिस आसपास रहने वाले किरायेदारों, दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों, नौकरों, चालकों व अन्य लोगों का सत्यापन भी किया जा रहा है।

  • कन्नौज में भीषण हादसा: नशे में धुत कंटेनर चालक ने तीन को रौंदा

    कन्नौज में भीषण हादसा: नशे में धुत कंटेनर चालक ने तीन को रौंदा

    कन्नौज

    कन्नौज जिले के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ से परचून का सामान लादकर दिल्ली जा रहे कंटेनर के चालक ने शराब के नशे में जीटी रोड पर आम नगला गांव के सामने तीन लोगों को रौंद दिया। हादसे के बाद कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में दो पल्लेदारों की मौत हो गई। वहीं, चौकीदार को गंभीर हालत में 100 शैया अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों पल्लेदारों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।  क्षेत्र के ग्राम महमूदपुर खास निवासी सुनील बाथम (34), ग्राम कुंअरपुर बनवारी निवासी विपिन कुमार जाटव (29) जीटी रोड पर आम का नगला गांव के सामने लता कोल्ड स्टोरेज में पल्लेदार है तथा ग्राम महमूदपुर कीरत निवासी सत्यपाल (30) चौकीदारी करता हैं। रविवार की दोपहर लखनऊ से परचून का सामान लादकर कंटेनर दिल्ली जा रहा था।

    घायल को मेडिकल कॉलेज तिर्वा किया रेफर
    कंटेनर के चालक ने शराब के नशे में धुत होकर तेजी व लापरवाही से चलाते हुए तीनों को रौंद दिया। हादसे के बाद तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को एबुलेंस से 100 शैया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने सुनील व विपिन कुमार को मृत घोषित कर दिया और सत्यपाल को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया।

    शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
    हादसे के बाद मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। पल्लेदारों के शवों पर उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सूचना पाकर पुलिस अस्पताल पहुंच गई और दोनों पल्लेदारों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में कोतवाल अजय कुमार पाठक ने बताया कि दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। मामले में जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

  • जमकर बरसे बदरा, किसानाें के चेहरे खिले

    जमकर बरसे बदरा, किसानाें के चेहरे खिले

    शाहतलाई( बिलासपुर)। जिले में रविवार को जमकर बादल बरसे। काफी दिनों के बाद हुई अच्छी बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। रविवार सुबह मौसम बिल्कुल साफ था। दोपहर तक आसमान में घने बादल छा गए। इसके झमाझम बारिश शुरू हुई जो शाम तक रुक-रुक होती रही। बारिश से किसानों ने राहत महसूस की। जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
    जिले में हुई बारिश से मौसम ठंडा और सुहावना हुआ। पिछले कुछ दिनों से बारिश न होने से लोगों को उमस भरी गर्मी परेशान कर रही थी। बारिश होने के साथ ही लोगों को इससे राहत मिली। वहीं यह बारिश किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। मक्की की पौध पर भूट्टे बनना शुरू हो गए हैं। फसल के लिए बारिश की आवश्यकता थी। किसान पवन देवता से प्रार्थना कर रहे थे कि आंधी से फसल का बचाव हो जाए तो उन की आर्थिकी में सुधार हो जाएगा। पहले ही सुंडी रोग से फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान वीरी सिंह वर्मा, मनसा राम, कर्मचंद, देवराज, पवन, अमरचंद, ज्ञानचंद, प्रकाश चंद, कुलदीप चंद, प्रेमचंद भारद्वाज और जगदीश चंद ने बताया कि जुलाई के पहले सप्ताह में अधिक बारिश और उसके बाद कम बारिश से किसान फसल को लेकर चिंतित हो गए। इस बारिश से थोड़ी राहत मिली है। साथ ही किसानों ने सरकार से किसानों की फसल को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है। उधर कृषि विशेषज्ञ हेमराज ने बताया कि रविवार को हुई बारिश मक्की की फसल के लिए वरदान साबित होगी।

  • चंबा में नाले में बहने से बच्चे की मौत, मंडी में मलबे में दबी कार, बाल-बाल बचे सवार

    चंबा में नाले में बहने से बच्चे की मौत, मंडी में मलबे में दबी कार, बाल-बाल बचे सवार

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के दौर के बीच कहीं भूस्खलन तो कहीं जानमाल की हानि होने का दौर जारी है। चंबा जिला के भटियात में उफनते नाले में आठ साल का एक बच्चा बह गया। करीब आधा किलोमीटर दूरी पर नाले में उसका शव मिला। वह मां के साथ गोशाला तक गया था। वापस आते हुए उसका पैर फिसला और नाले में जा गिरा। उधर, मंडी के रिवालसर में एक गाड़ी मलबे में दब गई। इसमें सवार चार लोग मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे।

    लाहौल-स्पीति में ग्रांफू से काजा सड़क फोर बाई फोर वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। वहीं, चंबा-होली मार्ग चोली के पास भूस्खलन होने से 14 घंटे बंद रहा। शनिवार रात 9:00 बजे बंद हुआ मार्ग रविवार सुबह 11:00 बजे बहाल हुआ। उधर, कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच अभी भी बहाल नहीं हो पाया है। चक्कीमोड़ में ढहे हिस्से से सड़क को निकालने के प्रयास जारी हैं। अब यहां पर निचली ओर मिट्टी को गिराकर मैदान जैसा बनाया जा रहा है।

    जिस पर से अस्थायी सड़क बनाई जाएगी। दावा किया जा रहा है कि सोमवार दोपहर तक यहां से छोटे वाहनों को गुजारा जाएगा। मलाणा पावर प्रोजेक्ट-दो के ओवर फ्लो डैम के दो सप्ताह बाद भी गेट नहीं खुल पाए। मंडी जिला में शनिवार रात को हुई भारी बारिश के चलते बल्ह क्षेत्र के रिवालसर के विकासनगर गांव में एक गाड़ी मलबे में दब गई। हालांकि गाड़ी में सवार चार लोग बाल-बाल बचे। इस क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के चलते भारी नुकसान हुआ है।

    रविवार दोपहर बाद जिला में बारिश के चलते सरकाघाट, नाचन, सराज, सुंदरनगर और धर्मपुर में कुछ स्थानों पर भूस्खलन हुआ। मंडी में भी बारिश के चलते कुछ स्थानों पर मलबा सड़कों पर गिरा है। सरकाघाट के तहत पटड़ीघाट-गोभड़ता सड़क का डंगा डरने से धनेड़ गांव में एक घर की दीवार को क्षति पहुंची। मनाली में दोपहर बाद बारिश हुई, जबकि अन्य क्षेत्रों में बादल छाए रहे।

    नेशनल हाईवे तीन मनाली-लेह मार्ग सभी प्रकार के वाहनों के लिए खुला रहा, जबकि ग्रांफू से काजा सड़क में सिर्फ फोर बाई फोर वाहनों को आवाजाही की अनुमति ही रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सोमवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। हालांकि, किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं, प्रदेश सरकार और प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के करीब न जाने की सलाह दी है।

  • रेणुकाजी बांध रोक सकता है दिल्ली में बाढ़ से होने वाली तबाही, 48 घंटे तक पानी रोकने की क्षमता

    रेणुकाजी बांध रोक सकता है दिल्ली में बाढ़ से होने वाली तबाही, 48 घंटे तक पानी रोकने की क्षमता

    ददाहू (सिरमौर)

    इस बरसात से दिल्ली में जो बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। बाढ़ जैसी भयावह स्थिति पर जिला सिरमौर का रेणुकाजी बांध विराम लगा सकता है। राजधानी दिल्ली की प्यास बुझाने के लिए बनाई जाने वाली रेणुकाजी बांध परियोजना दिल्ली में बाढ़ की स्थिति को रोकने में भी सहायक होगी। रेणुकाजी बांध प्रबंधन ने इसका दावा किया है। बीते दिनों दिल्ली में बाढ़ और जलभराव के चलते स्थिति गंभीर हो गई थी।

    इसके चलते करोड़ों रुपये की संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली की जनता इस त्रासदी से अभी तक उभर नहीं पाई है। यदि रेणुकाजी बांध का निर्माण हुआ होता तो दिल्ली को इस तबाही से बचाया जा सकता था। जिला सिरमौर में स्थित गिरि नदी पर बनने वाले 148 मीटर (नदी के तल) ऊंचे रेणुका बांध से 24 किलोमीटर लंबी झील (परशुराम सागर) के वजूद में आने से 48 घंटे तक बाढ़ को नियंत्रित किया जा सकता है।

    इससे दिल्ली सहित आसपास के राज्यों में बाढ़ की स्थिति से बचा जा सकता है। बीते दिनों भारी बारिश के चलते दिल्ली और अन्य पड़ोसी राज्यों में आई बाढ़ तथा जलभराव की स्थिति से सबक लेते हुए राज्य और केंद्र सरकार रेणुकाजी बांध बनाने की ओर इशारा कर रही हैं। इससे बांध प्रबंधन को केंद्र सरकार से बजट की उम्मीद बंधी है।

    रेणुकाजी बांध परियोजना के महाप्रबंधक आरके चौधरी ने बताया कि रेणुका बांध को राष्ट्रीय महत्व के साथ-साथ बहुआयामी परियोजना में शामिल किया गया है। यदि रेणुका बांध बना होता तो दिल्ली में तबाही से निश्चित तौर पर बचा जा सकता था। प्रस्तावित रेणुकाजी बांध 48 घंटे तक पानी को रोककर रखने की क्षमता रखता है। बांध का निर्माण पानी को रोकने के मकसद से ही किया जाता है, जबकि बैराज में पानी बहुत कम मात्रा मेंं कुछ समय तक ही ठहर सकता है।

  • तबादला होने पर अब अनुबंध कर्मियों को मिलेगा यात्रा भत्ता, अधिसूचना जारी

    तबादला होने पर अब अनुबंध कर्मियों को मिलेगा यात्रा भत्ता, अधिसूचना जारी

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में अब अनुबंध कर्मचारियों को भी तबादले होने पर पदग्रहण करने का समय और यात्रा भत्ता मिलेगा। सरकार ने पुरानी व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। आमतौर पर अनुबंध अवधि में तबादले नहीं किए जाते हैं।

    सरकार अगर जनहित में चाहे तो स्थानांतरित कर सकती है। नई व्यवस्था में 30 किलोमीटर से कम दूरी पर तबादले पर एक दिन और इससे अधिक दूरी पर पद   ग्रहण करने के लिए पांच दिन मिलेंगे। पुराने स्थान से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थानांतरण पर यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। पद ग्रहण करने के लिए निर्धारित दिनों के बीच में अगर सरकारी अवकाश आता है तो उसकी गिनती नहीं होगी।

    पद ग्रहण करने के लिए एक दिन आगे हो जाएगा। 30 किलोमीटर से कम दूरी होने पर अगर स्थानांतरण होता है तो यात्रा भत्ता पथ परिवहन निगम की सामान्य बस के किराये के बराबर मिलेगा। यह प्रस्ताव लंबे समय से सरकार के विचाराधीन था। वित्त विभाग से चर्चा के बाद अब कार्मिक विभाग ने अनुबंध कर्मियों के पक्ष में फैसला लिया है।

  • टाइटलर के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर

    टाइटलर के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर

    दिल्ली

    सीबीआई ने सिख विरोधी दंगा मामले में शनिवार को दिल्ली की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विधि गुप्ता आनंद के समक्ष कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया। सीबीआई ने चार्जशीट में टाइटलर पर लोगों को सिखों की हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। चार्जशीट में कहा गया है कि टाइटलर ने एक नवंबर, 1984 को दिल्ली में गुरुद्वारा पुल बंगश के पास एंबेसडर कार से उतरकर भीड़ से कहा था -सिखों को मार डालो….उन्होंने हमारी मां को मार डाला है।

    तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के एक दिन बाद एक नवंबर, 1984 को नई दिल्ली के पुल बंगश क्षेत्र में तीन लोगों की हत्या और एक गुरुद्वारे में आग लगा दी गई थी।

    आरोपपत्र में दावा किया गया है कि कार से उतरने के बाद टाइटलर ने वहां मौजूद अपने समर्थकों को उकसाते हुए कहा था कि मैं आपको पूरी तरह से आश्वस्त करता हूं कि आपको कुछ नहीं होगा। आप बस सिखों को मार डालो।

    आरोप पत्र के अनुसार, टाइटलर ने यह भी कहा था कि पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली की तुलना में उनके निर्वाचन क्षेत्रों (सदर लोकसभा सीट के तहत आने वाला विधानसभा क्षेत्र) में केवल नाममात्र के सिख मारे गए हैं, इसके चलते उन्हें शर्मसार होना पड़ रहा है। मैंने ज्यादा से ज्यादा सिखों की हत्या करने का वादा किया है और मैं हत्या करने वालों की सुरक्षा की गारंटी लेता हूं, लेकिन तुम लोगों ने मुझे धोखा दिया है, मुझे निराश किया है। उसके बाद वह गुस्से में वहां से चले गए। गवाहों के अनुसार, उनके जाने के बाद वहां मौजूद लोग हिंसक हो गए। उन्होंने सिखों पर हमले शुरू कर दिए और गुरुद्वारा पुल बंगश में आग लगा दी।

    गवाहों ने टाइटलर को कार से उतरते देखा
    मामले में अधिकांश गवाहों ने कहा कि वे ये नहीं सुन पाए कि टाइटलर ने भीड़ से क्या कहा, लेकिन उन्होंने टाइटलर को कार से उतरते और लोगों को उकसाते हुए देखा था, जिससे भीड़ भड़क गई। एक गवाह ने बताया कि वह डर की वजह से पड़ोसी के घर में जाकर छिप गया। एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिले हैं कि हिंसा के दौरान कांग्रेस नेता वहां मौजूद थे।

    चार्जशीट में स्टिंग वीडियो का भी जिक्र
    चार्जशीट में एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा गया कि टाइटलर भीड़ को भरोसा दिला रहे थे कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं आएगी। आरोप पत्र में मंजीत सिंह की ओर से जांच एजेंसी को भेजे गए एक पत्र का भी उल्लेख है, जिसमें स्टिंग वीडियो थे, इसमें जगदीश टाइटलर के सामने एक व्यक्ति ने 100 सिखों की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी।

    टाइटलर का जमानती बांड स्वीकार
    दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान पुल बंगश में हुई हत्याओं से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर का जमानती बांड शनिवार को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही मामले पर अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

    अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विधि गुप्ता आनंद ने कहा कि आरोपी को पहले ही एक सत्र अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को टाइटलर को आरोप पत्र की एक प्रति देने का निर्देश भी दिया। कांग्रेस नेता टाइटलर कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश हुए। उनकी पत्नी जेनिफर टाइटलर उनकी जमानतदार बनीं। अदालत ने जेनिफर की पहचान और वित्तीय स्थिति का सत्यापन किया। साथ ही यह देखने के बाद कि वह आर्थिक रूप से सक्षम थीं, उन्हें जमानतदार के रूप में स्वीकार कर लिया।

    मजिस्ट्रेट ने कहा, जमानत बांड प्रस्तुत किया गया है। जमानत आदेश में लगाई गई शर्तों के अधीन इसे स्वीकार किया जाता है। सत्र अदालत ने शुक्रवार को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत प्रतिभूति पर टाइटलर को राहत दे दी थी। अदालत ने कांग्रेस नेता पर कुछ शर्तें भी लगाई थीं, जिनमें यह भी शामिल है कि वह मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे या बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाएंगे। उल्लेखनीय है, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों की ओर से हत्या किए जाने के एक दिन बाद 1 नवंबर, 1984 को यहां पुल बंगश क्षेत्र में तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी और एक गुरुद्वारे में आग लगा दी गई थी।

    सिख संगत की मांग– टाइटलर को मिले फांसी
    दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर की जमानत के खिलाफ रोज एवेन्यू कोर्ट के सामने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टाइटलर को फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सिख दंगों के एक-एक आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने के लिए वह आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि 1984 के सिख नरसंहार को समुदाय कभी भूल नहीं सकता।

    सिख समुदाय को बड़ी उम्मीद थी कि जगदीश टाइटलर जेल जाएंगे, लेकिन इसके विपरीत उन्हें जमानत दे दी गई, जिसने सिखों के घावों पर नमक छिड़का है। सिखों के लिए यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और सबसे काला दिन है। आरोप लगाया कि सीबीआई द्वारा उचित भूमिका नहीं निभाने के कारण टाइटलर को जमानत मिली है। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ वकील को पेश नहीं किया गया। टाइटलर के खिलाफ गवाह और सबूत हैं। जल्द से जल्द टाइटलर को गिरफ्तार करने और जमानत रद्द करने की मांग की। यहां दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य व बड़ी संख्या में सिख संगत मौजूद रही।