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पांच दिवसीय काशी सांसद संस्कृत महोत्सव कार्यक्रम के द्वितीय दिन भी प्रतिभागियों में दिखा उत्साह
पांच दिवसीय काशी सांसद संस्कृत महोत्सव कार्यक्रम के द्वितीय दिन भी प्रतिभागियों में दिखा उत्साहएस के श्रीवास्तव विकास:पहल टुडेवाराणसी/-रोहनिया में पांच दिवसीय काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव कार्यक्रम के द्वितीय दिन भी प्रतिभागियों ने बढ़कर हिस्सा लिया।इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला।ज्ञात हो कि आराजी लाइन ब्लाक अंतर्गत न्याय पंचायत काशीपुर के तत्वाधान में ग्राम निदिउरा स्थित सुशीला श्रीवास्तव इंटर कॉलेज में सांस्कृतिक महोत्सव चल रहा है।इस सांस्कृतिक महोत्सव में सभी बढ़-चढ़कर बच्चों से लेकर महिला,पुरुष भागीदार होकर अपनी प्रतिभा को दिखा रहे है और जिसमें गायन,वादन,नृत्य और नुक्कड़ नाटक शामिल है।कार्यक्रम प्रभारी रामदुलार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय महोत्सव का आज द्वितीय दिन है।जिसमे प्रथम पाली में दस से अठारह वर्ष तथा द्वितीय पाली में चालीस से ऊपर के लोगों का कार्यक्रम होना है।जिसमे ऑनलाइन पंजीकरण दस से अठारह के प्रतिभागियों का सडसठ और चालीस से ऊपर वालो का चौरानवे रहा।कार्यक्रम में महिलाओं और पुरषों के बीच दो गुटों को जज करने के लिए सुशीला देवी,सत्यप्रकाश पाल,रूबी सेन द्वारा किया गया।उक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से काशीपुर ग्राम प्रधान विजय कुमार श्रीवास्तव,रामदुलार प्रधानाचार्य ढोलापुर,रवि श्रीवास्तव रामपुर बी विद्यालय,मनमोहन यादव जगरदेवपुर,जितेंद्र सिंह,चंदन सिंह,सतीश चन्द्र चौधरी,रविकेश,इंदु देवी के अलावा आदि लोग मौजूद रहे। -

सावन में करोड़ो श्रद्धालुओं ने किया काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक मंदिर के खजाने में भी हुई बढ़ोतरी एस के श्रीवास्तव विकास:पहल टुडे वाराणसी।महादेव की नगरी काशी में श्रावण मास में रिकॉर्ड भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया है।विश्वनाथ धाम में सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही इस बार भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दो माह के सावन और इसमें आठ सोमवार को करीब एक करोड़ तिरसठ लाख भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर जलाभिषेक किया है।वहीं मंदिर में भक्तों की संख्या के साथ ही बाबा विश्वनाथ के खजाने में भी वृद्धि हुई है।बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास में हुए भक्तों के रिकॉर्ड वृद्धि को लेकर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि इस बार अधिक मास होने के कारण सावन दो महीनों का हुआ।सावन के दो माह में आठ सोमवार हुए और प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ का दर्शन के लिए पहुंचे।मंदिर प्रशासन के अनुमान से ज्यादा सावन माह में भक्तों ने दर्शन किया।इसके पीछे मंदिर प्रशासन विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं को मान रही है।मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा का कहना है कि विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर बनने के बाद से ही मंदिर में भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रहा है।विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं के पश्चात इस बार सावन के महीने के प्रत्येक सोमवार को पाँच लाख से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया।वहीं आखिरी सावन के सोमवार को सात लाख से अधिक भक्तों ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया।सुनील वर्मा का कहना है,कि आगे भी भक्तों के लिए ज्यादा सुविधा मुहैया करवाया जाएगा।
सावन में करोड़ो श्रद्धालुओं ने किया काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक मंदिर के खजाने में भी हुई बढ़ोतरीएस के श्रीवास्तव विकास:पहल टुडेवाराणसी।महादेव की नगरी काशी में श्रावण मास में रिकॉर्ड भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया है।विश्वनाथ धाम में सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही इस बार भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दो माह के सावन और इसमें आठ सोमवार को करीब एक करोड़ तिरसठ लाख भक्तों ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर जलाभिषेक किया है।वहीं मंदिर में भक्तों की संख्या के साथ ही बाबा विश्वनाथ के खजाने में भी वृद्धि हुई है।बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास में हुए भक्तों के रिकॉर्ड वृद्धि को लेकर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि इस बार अधिक मास होने के कारण सावन दो महीनों का हुआ।सावन के दो माह में आठ सोमवार हुए और प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ का दर्शन के लिए पहुंचे।मंदिर प्रशासन के अनुमान से ज्यादा सावन माह में भक्तों ने दर्शन किया।इसके पीछे मंदिर प्रशासन विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं को मान रही है।मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा का कहना है कि विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर बनने के बाद से ही मंदिर में भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रहा है।विश्वनाथ धाम में बढ़ी सुविधाओं के पश्चात इस बार सावन के महीने के प्रत्येक सोमवार को पाँच लाख से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया।वहीं आखिरी सावन के सोमवार को सात लाख से अधिक भक्तों ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया।सुनील वर्मा का कहना है,कि आगे भी भक्तों के लिए ज्यादा सुविधा मुहैया करवाया जाएगा। -

रामलला के दर्शन का बना रिकॉर्ड: सावन में 10 लाख भक्तों ने दरबार में लगाई हाजिरी, हर रोज हजारों लोग पहुंचे
रामलला के दर्शन का बना रिकॉर्ड: सावन में 10 लाख भक्तों ने दरबार में लगाई हाजिरी, हर रोज हजारों लोग पहुंचे
सावन के महीने में रामभक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने का रिकॉर्ड ही बना दिया। हर रोज करीब 20 हजार श्रद्घालु अयोध्या पहुंचे। यह दर्शनार्थियों की संख्या का नया कीर्तिमान है।
सावन मास में इस बार रामलला के दर्शन का रिकॉर्ड बना। इस सावन में मलमास के दुर्लभ संयोग के चलते सावन का माह 58 दिनों का रहा तो वहीं, भक्तों को आठ सोमवार मिले। सावन मास के 58 दिनों में करीब 10 लाख भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। दर्शनार्थियों की संख्या का नया कीर्तिमान बना।
सावन मास का शुभारंभ चार जुलाई को हुआ था जबकि समापन 31 अगस्त को हुआ। इस हिसाब से 58 दिनों के दौरान औसतन करीब 20 हजार भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। सावन मास की प्रमुख तिथियों पर अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रही। सावन के सोमवार, तृतीया, एकादशी व पूर्णिमा तिथि पर बड़ी संख्या में भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।
रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक सत्येंद्र दास ने बताया कि वैसे तो रामलला के दरबार में हर रोज बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं लेकिन, सावन मास में भक्तों में अधिक उत्साह रहा। औसतन 20 हजार भक्तों ने रोज दर्शन किया, प्रमुख तिथियों पर यह संख्या दो से तीन गुना तक बढ़ गयी। इस अवसर पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भक्तों के लिए निशुल्क भोजन की भी व्यवस्था श्रीरामजन्मभूमि पथ पर की गयी थी।
सत्येंद्र दास ने बताया कि भक्तों में राममंदिर निर्माण का साक्षी बनने की उत्सुकता भी नजर आ रही थी। बताया कि हर रोज शाम को रामलला के गर्भगृह में सांस्कृतिक आयोजनों ने भी आकर्षण बढ़ाया। सावन मेले में कई विशिष्ट हस्तियों ने भी अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी।
सावन की प्रमुख तिथियों पर भक्तों की संख्या
पहला सोमवार-10 जुलाई-21542
दूसरा सोमवार-17 जुलाई-22544
तीसरा सोमवार- 24 जुलाई-28212
चौथा सोमवार-31 जुलाई-27210
पांचवा सोमवार-07 अगस्त-15400
छठवां सोमवार-14 अगस्त-21230
सातवां सोमवार-21 अगस्त-22540
आठवां सोमवार-28 अगस्त-24575
सावन तृतीया-19 अगस्त-29225
नाग पंचमी-23 अगस्त-24655
सावन एकादशी-26 अगस्त-32000
सावन पूर्णिमा-30 अगस्त-42000 -

सदस्यता महा अभियान का हुआ आगाज , किसानों ने दर्ज कराई अपनी उपस्थिति ।
सदस्यता महा अभियान का हुआ आगाज , किसानों ने दर्ज कराई अपनी उपस्थिति ।कमलेश यादवजखनियां गाजीपुर । भुडकुडा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बारोड़ीह में सहकार से समृद्ध के सपने को साकार करने हेतु आज बी पैक्स सदस्यता महा अभियान आयोजन किया गया । इस अभियान की अध्यक्षता दयाशंकर सिंह ने किया , वहीं मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सत्येंद्र प्रताप उर्फ मसाला सिंह और विशिष्ट अतिथि ए डी सी ओ तहसील जखनिया रहे। वही नई सदस्यता लेने के लिए कई गांव से सदस्यता के लिए लोग इस अभियान में मौजूद रहे । वही ए डी ओ निरंकार मौर्य ने बताया कि इस समय सरकार का ध्यान सरकारी समितियां पर काफी जोरों पर है । इसमें कर्मचारियों की नियुक्ति बढ़ाई गई है , सभी समितियां को कंप्यूटराइज किया गया है किसानों से संबंधित जितना भी प्रोजेक्ट है उसे सरकारी सीमित से उचित मूल्य पर प्राप्त कराया जाएगा । और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को पूर्ण करने में सहकारिता आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है । यह अभियान 1 सितंबर से 30 सितंबर तक महोत्सव के रूप में चलाया जाएगा । इस मौके पर सीमित अध्यक्ष भूलन सिंह और संचालक सदस्य प्रदीप सिंह अवधेश गिरी शीला देवी अवधेश गिरी अनिल सिंह टुनटुन सिंह सच्चिदानंद सिंह संजय यादव विजय जायसवाल ने अपना-अपना विचार प्रकट किया और किसने की उपस्थिति सम्मानजनक रही । -

राजस्थान में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा का जवाबदार कौन ?
राजस्थान में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा का जवाबदार कौन ?
हाल ही में राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के धरियावाद में एक महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पति ने ही गांव वालों के सामने महिला को 1 किमी तक दौड़ाया। घटना 31 अगस्त की है। शुक्रवार को वीडियो वायरल होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, शादी के छह महीने बाद महिला पड़ोस के गांव ऊपला कोटा के एक युवक के साथ चली गई थी। महिला साल भर बाद 30 अगस्त को जब युवक के साथ वापस लौटी, तो उसके ससुराल वाले उसे जबरन अपने गांव पहाड़ा ले आए।
इसके बाद पति ने गांव वालों के सामने ही उसके कपड़े उतारे और निर्वस्त्र कर घुमाया। जो वीडियो वायरल हुआ, उसमें वह जोर-जोर से चीख रही है और छोड़ देने की गुहार लगा रही है। इस दौरान गांव के कई लोग सिर्फ देखते रहे और वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने पति को नहीं रोका। महिला छह महीने की गर्भवती है।अभी तक के समाचारों के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हस्तक्षेप के बाद पुलिसिया कार्यवाही चालू है व नामजद अपराधियों को पकड़ा भी गया है पर सवाल यह उठता है कि वहशी दरिंदों को ऐसी दरिंदगी करने की हिम्मत कहाँ से आती है ।हाल के कुछ दिनों की घटनाओं पर गौर करें तो राजस्थान में दिनों – दिन दिल को दहलाने वाली घटनाए घटती रहती है जिन्हें देख या सुन कर किसी भी सभ्य का दिल दहक सकता है । घटनाए कई है पर कुछ एक का वर्णनन जरुरी है जैसे क्या कोई कल्पना कर सकता है कि एक बच्ची को सामूहिक बलात्कार के बाद कोयला भट्टी में जला दिया जाए और मीडिया में, स्त्री विमर्श में सन्नाटा बना रहे? इस कदर सन्नाटा उन लेखकों के की बोर्ड में सहम कर बैठ जाए कि वह कुछ कह ही न पाएं। उनके पास विरोध के स्वर ही न रहें। इस कदर मौन धारण है कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं। और वास्तव में उन लोगों के लिए तब तक कुछ नहीं होता है, जब तक आरोपी राज्य की सरकार उनके अपने एजेंडे वाली सरकार हो ।दिल को दहला देने वाली यह घटना हुई थी कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में, जहां पर अभी हाल ही में मणिपुर में हुई घटनाओं के आधार पर मणिपुर में महिला सुरक्षा को लेकर केंद्र और मणिपुर राज्य सरकार की आलोचना हुई थी। और जब उन्हीं के मंत्री ने यह याद दिलाया था कि महिला सुरक्षा पर तो दरअसल राजस्थान को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए तो उन्हें ही बर्खास्त कर दिया गया। सत्य की जीत कहने वाले कांग्रेस के नेताओं को सत्य ऐसा चुभा कि राजेन्द्र गुढ़ा मंत्रिमंडल से ही हटा दिया। उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि राजस्थान महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में सबसे ऊपर है। परन्तु राजस्थान की सरकार को यह सत्य बहुत चुभा था। फिर भी उसके बाद कई घटनाएं ऐसी हुईं जिन्होनें राजेन्द्र गुढ़ा की दावे पर अपनी दावे पर अपनी मोहर लगाई।
और जो घटना प्रकाश में आई , वह भयानक है। वह वीभत्स भी है। वह ऐसी है जो हर कल्पना और हर शब्दों से परे है। इस घटना में एक चौदह वर्षीय बच्ची का सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर जब यह लगा कि आरोपियों की पोल खुल जाएगी तो उन्होंने उसे जिंदा ही कोयले की भट्टी में डाल दिया। यह घटना इसलिए और भयावह है कि इसमें आरोपियों की पत्नियों ने ही उस बच्ची को जिंदा भट्टी में डाल दिया।
इस घटना में बताया जा रहा है कि इस बच्ची पर आरोपियों की नजर पिछले 2 महीनों से थी और वह मौक़ा तलाश रहे थे। घटना वाले दिन जब उन्होंने उस बच्ची को अकेले मवेशी चराते हुए देखा तो उसे पकड़ लिया और उसके साथ बलात्कर किया । दोपहर में उसे बेहोश किया और जब उन्हें पता चल गया कि अब वह नहीं बचेंगे तो फिर उसे ठिकाने लगाने के लिए उनकी बीवीयां भी आगे आईं और उन्होंने ही भट्टी का दरवाजा खोलकर उस बच्ची को फेंक दिया। अधजला शव टुकड़े टुकड़े बरामद हुआ। यह घटना दिल को दहलाती है।
राजस्थान में एक और ऐसी घटना हाल ही में हुई है, जो महिलाओं की आजादी और सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा प्रश्न चिह्न लगाती है। परन्तु दुर्भाग्य से यह घटना तो एकदम ही विमर्श से बाहर रह गयी। इस घटना में कहा जा रहा है कि एक मुस्लिम महिला ने अपने घर के बाहर भाजपा का नाम लिखना और उसका चुनाव चिह्न लगाना भारी पड़ गया और भीड़ ने उसके घर पर हमला कर दिया। पहले घर का मुख्य दरवाजा खोला और फिर ऊपरी मंजिल पर बने कमरे का दरवाजा खोला और घसीट कर बाहर ले गयी और फिरकीचड़ में फेंककर लात घूंसों से मारा!
परन्तु मणिपुर की घटना पर भाजपा को घेरने वाले या हमेशा सत्ता के विपक्ष में रहने का दावा करने वाले एक भी कथित रचनाकार ने इस घटना पर मुंह नहीं खोला है, वैसे भी भाजपा समर्थक महिलाओं के साथ की गयी हिंसा इनके लिए हिंसा नहीं होती है। यह याद रखा जाना चाहिए कि जब नुपुर शर्मा के खिलाफ सर तन से जुदा के नारे लग रहे थे, उस समय यह कथित महिला विमर्श करने वाले लोग कुछ भी नहीं बोले थे। उनके लिए बंगाल की वह एक भी महिला पीड़ित नहीं है, जो तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा चुनावी हिंसा का शिकार हुई थीं। उनके लिए किसी भी उस महिला की पीड़ा पीड़ा नहीं है जो उनके एजेंडे में नहीं आती है।
एक बात और राजस्थान की। जहां पर एक पंद्रह वर्ष की बच्ची के साथ बाड़मेर में बलात्कार होता है और बलात्कार के बाद राणा खान उसकी अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कर देता है। जब बच्ची के माता-पिता इसे देखते हैं तो चौंक जाते हैं और फिर बच्ची के द्वारा यह बताया जाता है कि राणा खान ने उसके साथ बलात्कार किया था। यह घटना भी अधिक पुरानी नहींहै, तभी की है, जब पूरे देश में मणिपुर के बहाने महिला सुरक्षा की बात की जा रही है। परन्तु इन घटनाओं पर बात नहीं होती। विमर्श नहीं होता। यहाँ तक कि राजस्थान के रचनाकार भी इन घटनाओं पर चुप रहते हैं। चुप रहने का सिलसिला 18 जुलाई को तो टूट ही नहीं सकता था जब यह समाचार आया था कि जोधपुर के एक स्कूल में एक चपरासी ने 7 साल की बच्ची के साथ लगभग 6 महीने तक बलात्कार किया था।
ये हाल ही के मामले हैं। मगर ये मामले यहां पर थमते नहीं हैं। स्वयं को विमर्श का ठेकदार बताए जाने वालों की सोशल मीडिया पर इन घटनाओं पर चुप्पी साध लेते है । यह बात कहीं न कहीं परेशान करती है कि आखिर क्या बात है कि पीड़ा को दलीय समर्थन के आधार पर आंका जा रहा है? आखिर क्या कारण है कि जिन दलों का कथित निष्पक्ष लोग समर्थन करते हैं, उनके नेताओं के शासन वाले राज्यों में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर सभी बुद्धिजीवी मौन रहते हैं? ऐसा क्यों है?
क्या हिन्दी का कथित प्रगतिशील वर्ग जो स्वयं को मात्र भाजपा विरोध या कहें हिन्दू विरोध की क्रान्ति तक सीमित रखता है , वह बंगाल में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर मौन रहता है, बिहार में उसे दिखता नहीं है और राजस्थान में तो भट्टी वाली घटना पर मौन रहना ही सारी कहानी बयान कर रहा है! राजस्थान की महिलाओं का दर्द राजेन्द्र गुढ़ा को दिख सकता है, जब उनकी ही अपनी सरकार उन पर हमलावर हो गयी है तो कथित निष्पक्षता के ठेकेदारों की देहरी पर दर्द क्यों नहीं पहुंच रहा? या कहा जाए कि उन्होंने अपने दरवाजे बंद कर रखे हैं गैर भाजपा शासित राज्य की महिलाओं के प्रति? काश कि यह दायरे कथित निष्पक्षता में न होते, काश कि वह लोग उन महिलाओं की पीड़ा विमर्श में लाते, जो दिनों दिन दम तोड़ रही हैं! परन्तु यह काश काश ही बन कर रह जाएगा, यही प्रतीत होता है।
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हर शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा,व्यवहारिक शिक्षा व समाजिक शिक्षा जरूरी-महात्मा सारथा नन्द जी हरिद्वार
हर शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा,व्यवहारिक शिक्षा व समाजिक शिक्षा जरूरी-महात्मा सारथा नन्द जी हरिद्वारदुल्लहपुर-गाजीपुर , स्थानिक क्षेत्र दुल्लहपुर में मानव उत्थान सेवा समिति हरिद्वार से आए महात्मा सारथा नन्द जी ने कई जगह पर छोटे-बड़े धर्म प्रचारक बैठक कर लोगों को अध्यात्म से जुड़ी जानकारी दी और नैतिक शिक्षा,नशा उन्मूलन, लिंग भेदभाव ,बालिकाओं की शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन ,सामाजिक ज्ञान, सहित जीवन से जुड़े तमाम बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी और कहा कि आज शिक्षा के अभाव में जो लोग अपने मां-बाप के प्रति दुर्व्यवहार करते हैं उनको उनके ही बने घरों से ठोकर मार कर बाहर निकलते हैं यह कहीं ना कहीं नैतिक शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन, और सामाजिक ज्ञान के अभाव में लोग करते हैं जो नहीं होना चाहिए क्योंकि आज जो वह अपने मां-बाप के साथ कर रहे हैं कल वही शिक्षा लेकर उनके भी बच्चे उनके साथ करेंगे और उनको इस स्थिति से गुजरना पड़ेगा जो वह लोग अपने मां-बाप के प्रति कर रहे हैं साथ ही वहाँ मौजूद लोगों ने महात्मा जी के बातों को सुनकर यह संकल्प लिया कि हमें भी अपने बच्चों को आध्यात्मिक से जुड़ी शिक्षा, सांसारिक शिक्षा ,सामाजिक शिक्षा अपने बच्चों को देना चाहिए ताकि समाज जैसे पहले आपस में मिलजुल कर भाईचारे का व्यवहार कर जीवन यापन करती थी वह आगे भी सफल हो सके और लोग जिस उद्देश्य से धरा पर जन्म लिया है उस जीवन को सफल बना सके जिस बैठक में डॉ०संजय,दुलारे,अवधू,रामविलास, रामजियावन यादव,राजेश,अजय,मार्कण्डेय मौर्य,रंगीला यादव,संतोष यादव आदि लोग शामिल रहे। -

मरदह थानाध्यक्ष हुए लाइन हाजिर –
मरदह थानाध्यक्ष हुए लाइन हाजिर –
गाजीपुर ।कानून व्यवस्था और जनहित को चुस्त रखने के लिए गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने मरदह थानाध्यक्ष को किया लाईन हाजिर। मरदह थानाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य को शुक्रवार की देर रात लाइन हाजिर और अतिरिक्त निरीक्षक कोतवाली से सुरेंद्रनाथ सिंह को मरदह थानाध्यक्ष बनाया गया है। यह कार्यवाही किन कार्यों से हुई है यह स्पष्ट नहीं है जबकि जनपद में मात्र एक थानाध्यक्ष पर यह कार्यवाही हुई है। इस कार्यवाही से जहां विभाग में हड़कंप मच गया है वहीं पूरे थाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। -

समीक्षा बैठक में डीएम ने दिया अधिकारियों को निर्देश
समीक्षा बैठक में डीएम ने दिया अधिकारियों को निर्देश
गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में नगर निकायो मे कराये जा रहे विकास कार्याे की समीक्षा बैठकं शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक नगर पालिका/पंचायतवार विगत 3 वर्षो से 14 वे वित्त आयोग एवं 15वे वित्त आयोग से कराये जा रहे कार्याे, स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति-विशेषकर एन0जी0टी0 के आदेश के क्रम में समयबद्ध अनुपालन हेतु इंगित विन्दुओ पर निकाय की प्रगति, स्वच्छ सर्वेक्षण पर सिटीजन फीडबैक एवं स्वच्छ मंच निकाय की प्रगति, कान्हा गौशाला हेतु आवंटित धनराशि के उपयोबग की अद्यतन स्थिति, कर-करेत्त सग्रह , रैन बसेरा की स्थिति, गढ्ढामुक्त सड़के व प्लास्टिक पॉलिथीन , आडिट आपत्तियों के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से समीक्षा करते हुए जानकारी ली ।उन्होने समस्त सबन्धित अधिकारियेां को निर्देश दिया कि निकायो मे हुए निर्माण कार्याे को गठित समिति द्वारा जॉच के उपरान्त भुगतान की कार्यवाही की जाये। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) मे जिन लाभार्थियों द्वारा धनराशि प्राप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य नही करा रहे उनका निरीक्षण कर निर्माण पूर्ण करवाये। उन्होने समस्त अधिकारियेां को पी एम स्वनिधि योजना मे सक्रियता लाने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0रा0 अरूण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर प्रखर उत्तम, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/पंचायत गाजीपुर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -

विधायक ओमप्रकाश सिंह हुए दोषमुक्त
विधायक ओमप्रकाश सिंह हुए दोषमुक्त
गाजीपुर। मख्य न्यायिक दंडाधिकारी शरद कुमार चौधरी की अदालत ने शुक्रवार को धमकी देने के मामले में जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिंह को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार थाना गहमर गांव गोड़सरा के अरुण बाबू जायसवाल चुनाव के बाबत भाजपा की जमानिया विधानसभा में सोशल मीडिया से प्रचार प्रसार कर रहे थे। उसी से नाराज होकर 24 जनवरी की मध्य रात फोन से ओम प्रकाश सिंह ने प्रचार प्रसार न करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। वादी की सूचना पर मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन की तरफ से कुल तीन गवाहों को पेश किया गया। सभी ने अपना-अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया -

सृष्टि शुक्ला ने सिविल जज बनने का सपना किया पूरा
सृष्टि शुक्ला ने सिविल जज बनने का सपना किया पूरागाज़ीपुर। समता स्नातकोत्तर महाविद्यालय सादात के प्राचार्य प्रो. अजय शुक्ला की सुपुत्री सृष्टि शुक्ला ने प्रथम प्रयास में ही पीसीएस जे की परीक्षा में 83वीं रैंक हासिल कर सिविल जज बनने का सपना पूर्ण कर लिया है। प्रयागराज के मूल निवासी प्रो. अजय शुक्ला का परिवार लखनऊ के इंदिरा नगर में रहता है।सृष्टि ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को देते हुए कहा कि पिता अजय शुक्ला और मां कुसुम शुक्ला के प्रयास और यथोचित मार्गदर्शन से ही उन्हें यह सफलता प्राप्त हुई है।समता पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अजय शुक्ला ने संस्थापक पूर्व शिक्षामंत्री कालीचरण यादव को नमन करते हुए बताया कि दृढ़ इच्छा शक्ति से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। शुभेच्छुओं ने प्राचार्य के साथ ही उनकी यशस्वी पुत्री को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।