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  • युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर ने दिया इस्तीफा, छह साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश के थे अध्यक्ष

    लखनऊ
    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे लोकसभा चुनाव की तैयारी के वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने पर नाराजगी है, लेकिन अंदरखाने में इसे लेकर हलचल मच गई है। ओमवीर का इस्तीफा युवक कांग्रेस के बीच आंतरिक कलह की ओर इशारा कर रही है।
    युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे लोकसभा चुनाव की तैयारी के वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने पर नाराजगी है, लेकिन अंदरखाने में इसे लेकर हलचल मच गई है। ओमवीर का इस्तीफा युवक कांग्रेस के बीच आंतरिक कलह की ओर इशारा कर रही है। फिलहाल ओमवीर ने भावनात्मक पत्र के साथ अपना इस्तीफा युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं को भेजा है।

     

    प्रदेश में 21 सितंबर से युवक कांग्रेस की आनलाइन चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई है। नवंबर तक सदस्यता अभियान के बाद दिसंबर में चुनाव होना है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिलाध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराया जा रहा है। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) ओमवीर यादव ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजे इस्तीफे में लिखा है कि लोकसभा चुनाव तक संगठनात्मक चुनाव पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है।

    पत्र में बताया है कि वह 13 साल पहले युवक कांग्रेस में सियासी सफर शुरू किए और छह साल से प्रदेश अध्यक्ष हैं। कई राज्यों में विधानसभा चुनाव सिर पर है और लोकसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। ऐसे में संगठनात्मक चुनाव की घोषणा करने से पहले उनसे एक बार भी पूछा नहीं गया। उनके ख्याल से इस वक्त संगठनात्मक चुनाव कराने से पदाधिकारियों के बीच आपसी टकराव होगा, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा। राजनीतिक हालात कांग्रेस के पक्ष में हैं। ऐसे में चुनाव कराने के बजाय युवाओं की पूरी ऊर्जा लोकसभा चुनाव में लगानी चाहिए। ताकि प्रदेश के नेताओं में किसी तरह की गुटबाजी न हो।

    संगठनात्मक चुनाव से बढ़ी उदासी
    ओमवीर ने पत्र में लिखा है कि युवक कांग्रेस के सदस्य हर आंदोलन में आगे रहे हैं। उनमें लड़ने का सपना है, लेकिन जब से लोकसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई है तब से वे उदास हैं। यह उदासी पार्टी के लिए नुकसानदेह है। क्योंकि संगठनात्मक चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही साथियों के सामने प्रतिद्वंदी की भूमिका में होंगे।

  • बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    बीजेपी में कट सकते हैं दिग्गजों के टिकट, वहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी

    लखनऊ
    लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा (एनडीए) ने 80 में 11 (13.75 प्रतिशत) सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था। इनमें 10 भाजपा और एक अपना दल एस की प्रत्याशी थीं।

    लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी चयन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का असर देखने को मिलेगा। पार्टी ने कथनी और करनी को एक साबित करने के लिए 20 से 30 फीसदी तक महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी की है। ऐसे अधिनियम के असर से प्रदेश के कई मौजूदा दिग्गज सांसदों के टिकट कट जाएंगे। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा (एनडीए) ने 80 में 11 (13.75 प्रतिशत) सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया था। इनमें 10 भाजपा और एक अपना दल एस की प्रत्याशी थीं। प्रदेश में एनडीए के 66 लोकसभा सदस्यों में से 57 पुरुष और 9 महिला सांसद हैं। इनमें भाजपा की आठ व अपना दल एस की एक प्रत्याशी ने चुनाव जीता था। इनमें अमेठी से भाजपा सांसद स्मृति ईरानी, फतेहपुर से भाजपा सांसद साध्वी निरंजन ज्योति और मिर्जापुर से अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार में मंत्री भी हैं।

    नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद भाजपा में चर्चा तेज है कि लोकसभा चुनाव में महिला प्रत्याशियों की संख्या 20 से 25 तक हो सकती है। सपा की ओर से 20 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की घोषणा के बाद भाजपा पर महिलाओं को ज्यादा टिकट देने का दबाव बनेगा। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रदेश में महिला प्रत्याशी बढ़ने से दस से पंद्रह मौजूदा दिग्गज सांसदों के टिकट कट सकते हैं।

    कमजोर सीटों पर भी महिला शक्ति का दांव
    सूत्रों के मुताबिक जातीय समीकरण के हिसाब से कमजोर मानी जाने वाली सीटों पर भी भाजपा महिला प्रत्याशी को उतारकर नारी शक्ति का दांव चल सकती है।

    पत्नी, बेटी को टिकट की बढ़ सकती है मांग
    सूत्रों के मुताबिक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के कारण जब पुरुष सांसदों के टिकट काटे जाएंगे तो वे अपनी सीट पर पत्नी या बेटी को टिकट देने का दबाव बनाएंगे। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की कड़ी परीक्षा होगी कि वह परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं या नए चेहरों को मौका देकर महिलाओं के बीच नया नेतृत्व खड़ा करने की कोशिश करते हैं।

    गठबंधन को भी मिल सकती है महिला प्रत्याशी
    भाजपा सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में एनडीए के सहयोगी अपना दल (एस), सुभासपा और निषाद पार्टी को भी सीटें मिलेंगी। ऐसे में भाजपा सहयोगी दलों के कोटे वाली सीटों पर भी महिला प्रत्याशी उतारने का दबाव बना सकती है।

    इन महिलाओं के सिर बंधा था जीत का ताज
    वर्ष 2019 के चुनाव में एनडीए की सहयोगी अपना दल एस की अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से चुनाव जीती थीं। बदायूं से भाजपा की संघमित्रा मौर्या, मथुरा से हेमा मालिनी, फूलपुर से केसरी देवी पटेल, सुल्तानपुर से मेनका गांधी, फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति, धौरहरा से रेखा वर्मा, अमेठी से स्मृति ईरानी, प्रयागराज से डॉ. रीता बहुगुणा जोशी सांसद चुनी गई थी। वहीं रामपुर से भाजपा प्रत्याशी फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा और लालगंज से नीलम सोनकर चुनाव हार गईं थीं।

  • विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    विधानसभा-परिषद की भर्तियों में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच शुरू, चयनित अभ्यर्थियों का लिया जाएगा बयान

    लखनऊ
    हाईकोर्ट में इस संबंध में सुशील कुमार व अन्य की तरफ से दाखिल हुई याचिका पर सुनवाई करने के बाद अदालत ने
    विधानसभा और विधान परिषद सचिवालय में हुई भर्तियों में फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने इसकी प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज कर ली है। जल्द दोनों जगहों पर हुई भर्तियों के दस्तावेज जुटाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को तलब कर पूछताछ करने की तैयारी है।

    बता दें कि हाईकोर्ट में इस संबंध में सुशील कुमार व अन्य की तरफ से दाखिल हुई याचिका पर सुनवाई करने के बाद अदालत ने पूरे प्रकरण का स्वत: संज्ञान लेते हुए भर्तियों में धांधली की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। अदालत ने सीबीआई को आदेश मिलने के छह हफ्ते के बाद अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, जिसके बाद प्रारंभिक जांच दर्ज कर ली गयी है। उल्लेखनीय है कि याचिका में वर्ष 2020 में विधान परिषद में हुई भर्तियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि अदालत ने इसे जनहित से जुड़ा मामला करार देते हुए विधान परिषद के साथ विधान सभा सचिवालय में हुई भर्तियों की जांच भी कराने का आदेश दिया है।

    चयन कंपनी पर कसेगा शिकंजा
    विधान परिषद सचिवालय में भर्तियां करने के लिए नामित की गयी कंपनी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड पर भी सीबीआई शिकंजा कसने जा रही है। उल्लेखनीय है कि कंपनी के एक निदेशक की पत्नी भावना यादव का भी समीक्षा अधिकारी के पद पर चयन हुआ था। कंपनी का संचालक एक पूर्व सभापति का रिश्तेदार बताया जाता है।

     

  • अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    अखिलेश बोले- इस्कॉन पर लगाए गए आरोप वीभत्स, ये किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत, जवाब दें भाजपाई

    लखनऊ
    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस्कॉन को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कहा कि यह किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत है। इस पर भाजपा सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे बड़े मंदिर संगठन कहे जाने वाले इस्कॉन पर लगाए गए आरोपों को वीभत्स करार दिया है और इस पर भाजपाइयों से जवाब मांगा है।

     

    उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स (पहले ट्वटिर) पर कहा कि भाजपाइयों ने पहले भूमाफ़ियों से मिलकर राधास्वामी सत्संग को निशाना बनाया और भाजपा के लोग अब गोपालक भगवान कृष्ण के उपासकों पर ही कसाइयों को गाय बेचने का वीभत्स आरोप लगा रहे हैं।

     

    विश्वभर के इस्कॉन के अनुयायी इस आरोप से व्यथित और दुखी हैं। भाजपा सरकार को स्पष्टीकरण देना ही होगा क्योंकि इसका संबंध सिर्फ़ प्रदेश व देश से ही नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय छवि से भी है क्योंकि कृष्ण चेतना को समर्पित इस्कॉन का विस्तार सम्पूर्ण विश्व में है।

    जनता का सवाल ये है कि भाजपा के लोग किस वजह से समाज में ऐसा वैमनस्य फैलाना चाहते हैं और किसके कहने पर? इस्कॉन पर आरोप किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत है।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का इस्कॉन को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में मेनका को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘भारत में इस समय सबसे बड़ा धोखेबाज इस्कॉन है। उन्होंने गोशालाएं स्थापित कीं, जिन्हें चलाने के लिए उन्हें सरकार की तरफ से अनगिनत फायदे मिलते हैं। उन्हें बड़ी जमीनें मिलती हैं।’ इस पर विवाद खड़ा हो गया है।

  • राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित होंगे 24 लाख दीये, पिछड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार 25 हजार स्वयंसेवक

    लखनऊ
    डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने बताया कि राम की पैड़ी के सभी घाटों व चौधरी चरण सिंह घाट के सभी चिह्नित स्थानों पर 24 लाख दीये 25 हजार स्वयंसेवकों की मदद से प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए 21 समितियां बना दी गई हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने की कवायद की जा रही है।

    कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर संयोजकों, सह-संयोजकों व अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में कुलपति ने तैयारियों का खाका खींचा व जानकारी प्राप्त की। प्रो. प्रतिभा गोयल ने बताया कि राम की पैड़ी पर शासन द्वारा 11 नवंबर को 21 लाख दीये जलाने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

     

    इस संबन्ध में आवासीय परिसर, सम्बद्ध महाविद्यालयों व इंटर कॉलेजों के प्राचार्यों से घाट समन्वयक व स्वयंसेवकों की सूची मांगी जा रही है। कुलपति ने बताया कि राम की पैड़ी के सभी घाटों एवं चौधरी चरण सिंह घाट के सभी चिह्नित स्थानों पर 24 लाख दीये 25 हजार स्वयंसेवकों की मदद से सजेंगे।

    उन्होंने बताया कि दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए 21 समितियां बना दी गई। सभी समिति एक दूसरे से सामंजस्य बनाते हुए पिछला रिकार्ड तोड़कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करेगी। बैठक में वित्त अधिकारी पुणेंदू शुक्ल, कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक उमानाथ, मुख्य नियंता प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्र, डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी, डॉ. रामजी सिंह, डॉ. त्रिलोकी यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

    47 घाटों पर सजाए जाएंगे दीये
    दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने अयोध्या के प्रान्तीयकृत दीपोत्सव पर पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि राम की पैड़ी के स्थलों का जिला प्रशासन के समन्वय में निरीक्षण किया गया है। शीघ्र ही मैपिंग का खाका खींच लिया जायेगा। इस बार 47 घाटों पर दीये सजाने व प्रज्ज्वलित करने का कार्य किया जायेगा। सभी समितियां शीघ्र ही कार्यों को अंतिम रूप देना शुरू कर देंगी।

  • -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात  – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    -UNGA में दुनिया के सामने जयशंकर ने रखी भारत की बात

    – अब कुछ देश एजेंडा नहीं चला सकते: विदेश मंत्री

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में एस जयशंकर ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान और कनाडा को आइना दिखाया। विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने भाषण में जी20 की कामयाबी की बात तो की ही। लेकिन जयशंकर ने खालिस्तानी आतंकियों की पनाहगाह बने कनाडा का भी मुद्दा छेड़ा। यूएन सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत आतंकवाद को पनाह देने वाले देशो के खिलाफ भारत मुखर रहा है। ऐसे देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। लेकिन अब इस लिस्ट में कनाडा भी जुड़ गया है। एस जयशंकर ने हरदीप सिंह निज्जर को लेकर कनाडा विवाद के बीच न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि सियासी सबूलियत के हिसाब से आतंकवाद, चरमपंथ और हिंसा पर एक्शन नहीं लेना चाहिए। अपनी सहूलियत के हिसाब से क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं हो सकता।

    विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि भारत की ओर से नमस्ते। विश्वास के पुनर्निर्माण और वैश्विक एकजुटता को फिर से जगाने के इस यूएनजीए के विषय को हमारा पूरा समर्थन है। यह हमारी आकांक्षाओं और लक्ष्यों को साझा करते हुए हमारी उपलब्धियों और चुनौतियों का जायजा लेने का एक अवसर है। वास्तव में दोनों के संबंध में भारत के पास साझा करने के लिए बहुत कुछ है। एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया अभूतपूर्व तनाव के दौर से गुजर रही है। इसके साथ ही कहा कि भारत अपनी जिम्मेदारी को भलि-भांति समझता है। भारत ने जी20 की अध्यक्षता की। कूटनीति और बातचीत ही तनाव को कम कर सकता है। विकासशील देश तनाव से गुजर रहे हैं। ईस्ट वेस्ट नार्थ साउथ में गैर बराबरी है।

    एस जयशंकर ने कहा कि अब अन्य देशों की बात भी सुननी पड़ेगी और केवल कुछ देशों का एजेंडा नहीं चल सकता है। दिल्ली में जी20 समिट में कई रिफॉर्म किए गए। इससे हमें 125 देशों से सीधे सुनने और उनकी चिंताओं को जी20 एजेंडा पर रखने में सक्षम बनाया गया। परिणामस्वरूप, जो मुद्दे सामने आए वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लायक को निष्पक्ष सुनवाई मिली। इससे भी अधिक, विचार-विमर्श ने ऐसे परिणाम दिए जो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए बहुत महत्व रखते हैं। एस जयशंकर ने कहा कि जी20 में ग्लोबल साउथ की आवाज हमने उठाई। भारत की पहल पर अफ्रीकी संघ जी20 का सदस्य बना। जी20 के घोषणापत्र में सभी देशों की बात सुनी गई। इंडो पैसेफिक में क्वाड का अहम रोल है। विश्व मित्र की तरफ हम सभी बढ़े हैं।

    अपने विचार-विमर्श में हम अक्सर नियम-आधारित आदेश को बढ़ावा देने की वकालत करते हैं। इसमें समय-समय पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान भी शामिल है। लेकिन सारी बातचीत के लिए, अभी भी कुछ राष्ट्र ही एजेंडा को आकार देते हैं और मानदंडों को परिभाषित करना चाहते हैं। यह अनिश्चित काल तक नहीं चल सकता और न ही इसे चुनौती दिए बिना जारी रखा जा सकता है। एक बार जब हम सब इस पर ध्यान देंगे तो एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और लोकतांत्रिक व्यवस्था निश्चित रूप से सामने आएगी।

  • रोप वे के लिए पोमा ग्रुप के साथ 2000 करोड़ रु का समझौता

    रोप वे के लिए पोमा ग्रुप के साथ 2000 करोड़ रु का समझौता

    रोप वे के लिए पोमा ग्रुप के साथ 2000 करोड़ रु का समझौता

    उत्तराखंड सरकार ने प्रसिद्ध पोमा ग्रुप के साथ दो हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए मंगलवार को लंदन में एक समझौता किया। यह समझौता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में हुआ है जो दिसंबर में राज्य में होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के लिए ब्रिटेन की राजधानी लंदन की यात्रा पर गए हुए हैं।

    यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, पोमा समूह उत्तराखंड में रोपवे निर्माण में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। राज्य सरकार की ओर से सचिव, उद्योग विनय शंकर पांडेय ने एमओयू पर दस्तखत किए।

    इससे पहले, मुख्यमंत्री धामी ने सभी निवेशकों को दिसंबर में प्रदेश में होने वाले निवेशक सम्मेलन के लिए उत्तराखंड आने का न्यौता दिया। लंदन के कई प्रमुख उद्योगपतियों के साथ एक बैठक में मुख्यमंत्री ने उनके साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

    धामी ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखंड में ‘इको फ्रेंडली’ पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। रोपवे निर्माण के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी पोमा ग्रुप उत्तराखंड में पहले भी रोपवे के क्षेत्र में काम कर चुका है।

    चमेाली जिले के औली रोपवे में पोमा ग्रुप ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया है जबकि इसके अलावा वर्तमान में भी पोमा देहरादून-मसूरी रोपवे एवं यमुनोत्री रोपवे परियोजनाओं में तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहा है।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पोमा ग्रुप द्वारा हरिद्वार समेत कई अन्य धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों में भी रोपवे के लिए तकनीकी सहयोग के वास्ते निवेश की इच्छा जाहिर की गई है।

    धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार का ध्यान पर्यटन के साथ-साथ पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था पर भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश के लिए ऐसे रास्तों की तलाश कर रही है जिसमें विकास और पर्यावरण का संतुलन बना रहे।

    इस संबंध में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जहां एक ओर रोपवे जैसी परियोजनाएं पर्यटकों को सुगमता प्रदान करेंगी वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के अवसरों का बढ़ाएंगी और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी यह बेहतर सिद्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां की कृषि और जलवायु अन्य राज्यों से भिन्न है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में यूरोप से लेकर विश्व के अन्य स्थानों में जैविक उत्पादों की विशेष मांग हैं और सम्मेलन के जरिए प्रदेश के उत्पादों को विश्व भर में प्रभावी रूप से पंहुचाया जा सकेगा। धामी ने कहा कि राज्य में दो नये शहर बसाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

     

     

  • साइबर क्राइम: कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14.38 लाख रुपये ठगे, मामा-भांजा समेत चार के खिलाफ मुकदमा

    साइबर क्राइम: कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14.38 लाख रुपये ठगे, मामा-भांजा समेत चार के खिलाफ मुकदमा

    साइबर क्राइम: कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14.38 लाख रुपये ठगे, मामा-भांजा समेत चार के खिलाफ मुकदमा
    वाराणसी

    मोहम्मद इकबाल के कहने पर उसके भांजे आमिर मेराज, कंसल्टेंसी कंपनी के एमडी इफ्तेखार अदिल, मैनेजर नकी अली रिजवी, पीआरओ सना आफरीन के विभिन्न बैंक खाते में 14.38 लाख रुपये जमा करा दिए।

    कनाडा में नौकरी दिलाने के बहाने युवक से 14.38 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई है। पीड़ित ने सोमवार को कंसल्टेंसी कंपनी चलाने वाले मामा-भांजे समेत चार आरोपियों के खिलाफ सारनाथ के साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।

    चौक थाना क्षेत्र के गोविंदपुर कला निवासी अदील सिद्दिकी के अनुसार, जनवरी 2022 में मोहम्मद इकबाल से मुलाकात हुई थी, जो कंसल्टेंसी कंपनी चलाता है। उसने झांसा दिया कि कनाडा के क्लेवार काॅन्ट्रेस्टिंग इन कारपोरेशन डडस में लीगल मैनेजर का पद खाली है। एलएलबी डिग्रीधारक की जरूरत है। 20 लाख रुपये का इंतजाम हो जाए तो अच्छे वेतन पैकेज पर नौकरी मिल जाएगी। कंपनी का प्रोफाइल भी दिखाया। झांसे में आ गया।

    मोहम्मद इकबाल के कहने पर उसके भांजे आमिर मेराज, कंसल्टेंसी कंपनी के एमडी इफ्तेखार अदिल, मैनेजर नकी अली रिजवी, पीआरओ सना आफरीन के विभिन्न बैंक खाते में 14.38 लाख रुपये जमा करा दिए। इस बीच आरोपियों ने वर्चुअल साक्षात्कार लिया और प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, पैनकार्ड, आधार कार्ड आदि दस्तावेज की कॉपी ले लिया।

    यह विश्वास दिलाते रहे कि जल्द ही नौकरी मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डेढ़ वर्ष बीत गए। 14 अगस्त 2023 को कन्सलटेंसी फर्म के मैनेजिंग डायरेक्टर इफ्तेखार आदिल को फोन किया तो उसने मेल पर जब ऑफर कागजात, ईएसडीसी, अप्रूवल लेटर व गवर्नमेंट ऑफ कनाडा का एलएमआईए प्रपत्र भेज दिया। उसने आश्वस्त किया कि जॉब नहीं मिलेगी तो पूरा पैसा वापस होगा। बाद में कागजात की जांच हुई तो फर्जी निकला। इस पर इफ्तेखार अदील से 28 अगस्त को संपर्क किया तो वह गाली-गलौज करते हुए धमकी देने लगा। उसने कहा कि अब पैसा वापस नहीं मिलेगा। मेसर्स अल करीमी कन्सल्टेन्सी नाम से जॉब प्लेसमेंट फर्म चलाते हैं, जिसका कार्यालय तेलंगाना के हिमायत में है। जबकि मोहम्मद इकबाल कोलकाता के रफी गार्डेन का निवासी है, जो इस गिरोह का मास्टर माइंड है।

  • रेलवे अफसर घूस कांड: दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने कोरोना काल में हुई खरीद के दस्तावेज खंगाले

    रेलवे अफसर घूस कांड: दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने कोरोना काल में हुई खरीद के दस्तावेज खंगाले

    रेलवे अफसर घूस कांड: दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने कोरोना काल में हुई खरीद के दस्तावेज खंगाले

    गोरखपुर
    शिकायत के आधार पर सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिक जांच पड़ताल कर केस दर्ज कर लिया। 12 सितंबर को प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी को घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। तीन दिन तक रिमांड पर रखने के बाद सीबीआई ने उन्हें जेल भेज दिया।

    रेलवे में एक फर्म को काम देने के बदले तीन लाख रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई के हाथों रंगेहाथ गिरफ्तार प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक के मामले की अब सतर्कता टीम ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को एक बड़े अफसर की अगुवाई में टीम गोरखपुर पहुंची।

    टीम ने गिरफ्तार प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक से जुड़े दस्तावेजों के अलावा शिकायतकर्ता फर्म सूक्ति इंटरप्राइजेज के दस्तावेजों को भी खंगाला। साथ ही पूर्व में एक फर्म को 77 ठेके देने के मामले में भी विजिलेंस टीम ने पूछताछ की है। विजिलेंस की टीम के आने से रेल महकमे में हड़कंप मचा है।

    रेलवे को सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्म सूक्ति एसोसिएट के प्रोपराइटर अलहदादपुर निवासी प्रणव त्रिपाठी ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सीबीआई के एंटी करप्शन ब्रांच व लखनऊ के रेलवे एसपी से की थी। सूक्ति एसोसिएट जेम पोर्टल पर पंजीकृत है और फर्म को एक ठेका मिला है, जिसकी वैधता 15 जनवरी 2024 तक है।

    इसे भी पढ़ें: महराजगंज में झूठी शान के लिए युवक की पीट-पीटकर हत्या, भूसे में छिपाया था शव
    शिकायत के आधार पर सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिक जांच पड़ताल कर केस दर्ज कर लिया। 12 सितंबर को प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी को घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। तीन दिन तक रिमांड पर रखने के बाद सीबीआई ने उन्हें जेल भेज दिया।

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    सोमवार को अचानक दिल्ली से विजिलेंस टीम यहां पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, टीम दोपहर 12 बजे गोरखपुर पहुंची। यहां किसी को भनक नहीं लगी। टीम ने सबसे पहले स्टोर डिपो पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला। यहां से कुछ दस्तावेजों को अपने साथ लेकर टीम प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक (पीसीएमएम) कार्यालय आई और यहां भी दस्तावेजों का निरीक्षण किया।

    यहां के बाद टीम सूक्ति इंटरप्राइजेज फर्म के कार्यालय पहुंची और कर्मचारियों से कुछ भी सवाल पूछे। इसके साथ ही कोविड के समय स्टोर डिपो को आपूर्ति की गई वस्तुओं की जानकारी ली और उससे संबंधित पेपर भी देखे। रात में रेलवे के कुछ अधिकारियों के साथ मीटिंग की भी सूचना है।

  • सावधान! ऐसे भी लूटा जा रहा है: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के चक्कर में महिला ने 30 लाख गंवाए,जांच में जुटी पुलिस

    सावधान! ऐसे भी लूटा जा रहा है: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के चक्कर में महिला ने 30 लाख गंवाए,जांच में जुटी पुलिस

    सावधान! ऐसे भी लूटा जा रहा है: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के चक्कर में महिला ने 30 लाख गंवाए,जांच में जुटी पुलिस

    वाराणसी
    चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसवाही स्थित नसीरपुर की रहने वाली शांताझारा बिस्वाल के अनुसार, उसने पार्ट टाइम जॉब के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। व्हाट्सएप के जरिये एक एजेंट ने संपर्क किया और कुछ घंटों का प्रशिक्षण देकर काम करने के लिए प्रेरित किया।

    क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के बहाने महिला ने 30 लाख रुपये गवां दिए। क्रिप्टोकरेंसी में इतनी बड़ी धनराशि गंवाने का पहला मामला सामने आया है। सारनाथ स्थित साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। जांच में विशेषज्ञ लगाए गए हैं। पीड़ित महिला व उसके पति पढ़ाते हैं।

     

    चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसवाही स्थित नसीरपुर की रहने वाली शांताझारा बिस्वाल के अनुसार, उसने पार्ट टाइम जॉब के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। व्हाट्सएप के जरिये एक एजेंट ने संपर्क किया और कुछ घंटों का प्रशिक्षण देकर काम करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में एजेंट ने पैसे निवेश करने के बारे में नहीं बताया। बाद में एजेंट ने बिनेंस एप के माध्यम से क्रिप्टो खरीदने और निवेश का झांसा दिया। क्रिप्टोकरेंसी के बारे में जानकारी देने के साथ बैंक हस्तांतरण के माध्यम से बिनेंस एप में यूएसडीटी खरीदने के लिए कहा।

    यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर टीथर (यूएसडीटी) खरीदने के बाद उसे www.onbuy.vip प्लेटफॉर्म पर जमा करने के लिए कहा गया। मुझे 40 कार्य सौंपे गए। हर कार्य के लिए दोगुनी धनराशि देनी पड़ी। बाद में बिना किसी लाभ या बोनस के जमा राशि वापस करने का अनुरोध किया तो एजेंट ने क्रेडिट स्कोर कम होने का हवाला दिया। साथ ही कहा कि अभी और निवेश करना होगा।

     

    रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर किया निवेश
    एजेंट ने सारी जमा पूंजी खोने की धमकी दी और कहा कि कार्य पूरा किए बिना धनराशि नहीं निकाल सकती। इसलिए दोस्तों, रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए और 45 कार्य पूरे किए। इसके बाद भारतीय कर (30%) और यूके कर (20%) का भुगतान करने के लिए कहा गया। टैक्स चुकाने के लिए भी पैसे उधार लिए हैं। कुल मिलाकर लगभग 30 लाख रुपये निवेश किया। इसके बाद बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। साथ ही कहा गया कि आरबीआई ने धनराशि रोक ली है। सिक्योरिटी मनी के रूप में 6 लाख रुपये और जमा करने होंगे। एजेंट ने कहा कि भारत से खरीदा गया यूएसडीटी अवैध है। जब टैक्स सर्टिफिकेट मांगा तो उसने इन्कार कर दिया और कहा कि यह यूके के कानून के खिलाफ है।
    क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर साइबर ठगी में बड़ी रकम गंवाने की यह पहली घटना है। इस मामले की जांच की जा रही है। क्रिप्टोकरेंसी के विशेषज्ञों से सलाह लेकर मामले की जांच जा रही है। – प्रेम नारायण मिश्रा, साइबर क्राइम प्रभारी